अमेरिकी डोनर्स दे रहे CJP को पैसा! ये दावा करने वाली अमेरिकी सिंगर मैरी मिलबेन कौन हैं?

Mary Millben attacks CJP: अमेरिकी सिंगर मैरी मिलबेन ने अभिजीत दीपके की कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को लेकर एक सनसनीखेज दावा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके और उनके संगठन को अमेरिका में ऐसे डोनर से फंडिंग मिल रही है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके नेतृत्व में भारत के भविष्य के खिलाफ हैं। मैरी मिलबेन ने भारत के युवाओं से अपील की है कि वे कथित तौर पर देश में अशांति फैलाने वाली ताकतों के खिलाफ आवाज उठाएं और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराएं।

मिलबेन का यह बयान ऐसे समय आया है, जब नई दिल्ली में विपक्षी दलों और CJP के समर्थकों की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। प्रदर्शनकारी वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठा रहे हैं।

PM मोदी के समर्थन में क्या बोलीं मैरी मिलबेन?

41 वर्षीय सिंगर मैरी मिलबेन ने सोशल मीडिया पर लिखे अपने मैसेज में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 साल तक भारत की सेवा की है, जिनमें 12 साल PM के रूप में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि PM मोदी लगातार तीन कार्यकाल के लिए चुने गए हैं। उनके अनुसार, वह अमेरिका से आने वाली कथित विघटनकारी ताकतों के सामने नहीं झुकेंगे। मिलबेन ने दावा किया कि कुछ अमेरिकी डोनर दुनियाभर में रूढ़िवादी विचारधारा वाले नेताओं को निशाना बनाने का एक पैटर्न अपनाते हैं।

उनके मुताबिक, पहले संबंधित देश के किसी अमेरिकी शिक्षित व्यक्ति को तलाशा जाता है। फिर उसे कट्टर विचारों की ओर प्रेरित कर वापस भेजा जाता है और उसके बाद कथित तौर पर अशांति फैलाने के लिए फंडिंग की जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की गतिविधियों का असर संबंधित देशों के विकास और शासन व्यवस्था पर पड़ता है। हालांकि, अमेरिकी डोनर से CJP को फंडिंग मिलने के अपने दावे के समर्थन में मिलबेन ने इस बयान में कोई सार्वजनिक सबूत पेश नहीं किया।

युवाओं से की शांतिपूर्ण आंदोलन की अपील

मैरी मिलबेन ने भारत के युवाओं से अपील करते हुए कहा कि उन्हें डरने की जरूरत नहीं है। उन्होंने लोकतंत्र और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए ऐसे आंदोलनों के मुकाबले एक शांतिपूर्ण जनआंदोलन खड़ा करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत में ऐसी नई आवाज उठनी चाहिए, जो देश की मिट्टी में पैदा हुई हो, यहीं पली-बढ़ी हो और यहीं शिक्षित हुई हो। उनके मुताबिक, युवाओं को संगठित होकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखनी चाहिए।

भारत में क्यों लोकप्रिय हैं मैरी मिलबेन?

मैरी मिलबेन अफ्रीकी-अमेरिकी हॉलीवुड अभिनेत्री और मशहूर सिंगर हैं। भारत में वह खास तौर पर भारतीय राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ और भक्ति गीत ‘ओम जय जगदीश हरे’ की अपनी प्रस्तुतियों के लिए लोकप्रिय हैं। वर्ष 2023 में अमेरिका में प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के दौरान आयोजित एक कार्यक्रम में भी उन्होंने भारत का राष्ट्रगान गाया था। इस वजह से भारतीय दर्शकों के बीच उनकी पहचान बनी है। इस बीच, दिल्ली के जंतर-मंतर में जबरन घुसने के आरोप में CJP के दो नेताओं को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने बुधवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री देश में अघोषित आपातकाल लागू कर रहे हैं।

दीपके ने नागपुर में पत्रकारों से कहा कि CJP नेता सौरव दास और आशुतोष रांका ने जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराकर कौन सा अपराध कर दिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, शांति बनाए रखने के मुचलके के उल्लंघन और प्रदर्शन के लिए गैर-अधिसूचित क्षेत्र घोषित किए जा चुके जंतर-मंतर पर जबरन घुसने के आरोप में दास और रांका को बुधवार को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में दिल्ली की तिहाड़ जेल भेज दिया गया।

CJP Protest: ‘आंतरिक मामलों में दखल बर्दाश्त नहीं’; दिल्ली विरोध-प्रदर्शनों पर UN की टिप्पणियों पर भारत का पलटवार

CJP Protest: संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार कार्यालय (OHCHR) ने शनिवार (10 अक्तूबर) को राजधानी दिल्ली में बड़े पैमाने पर हुए प्रदर्शनों के दौरान लोगों को हिरासत में लिए जाने पर चिंता जताई। संयुक्त राष्ट्र ने भारतीय अधिकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से एकत्र होने के अधिकार का सम्मान करने और मनमाने ढंग से हिरासत में लिए गए लोगों को तत्काल रिहा करने का आग्रह किया। इसके बाद जिनेवा में भारत के स्थायी मिशन ने इन चिंताओं को खारिज करते हुए उन्हें गलतफहमी पर आधारित और देश के आंतरिक मामलों में अनुचित हस्तक्षेप बताया।

भारत ने स्पष्ट किया कि देश में शांतिपूर्ण तरीके से एकत्र होने का अधिकार संविधान के तहत प्राप्त है। लेकिन यह अधिकार सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के हित में लगाए गए उचित प्रतिबंधों के अधीन है। जिनेवा स्थित संयुक्त राष्ट्र में भारत के आधिकारिक प्रतिनिधित्व से जुड़े एक्स (X) अकाउंट पर जारी पोस्ट में भारत ने अपना पक्ष रखा।

भारत के स्थायी मिशन ने कहा, “शांतिपूर्ण तरीके से एकत्र होने का अधिकार हमारे संविधान में निहित है और मजबूत संस्थाओं, स्वतंत्र न्यायपालिका तथा स्वतंत्र मीडिया द्वारा इसकी रक्षा की जाती है।” उसने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, “हर लोकतंत्र की तरह, भारत के नागरिक भी सार्वजनिक व्यवस्था के हित में लगाए गए उचित प्रतिबंधों के अधीन इस अधिकार का इस्तेमाल करते हैं।”

सुरक्षा बलों ने ‘जेन-जी’ के नेतृत्व वाली कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शनकारियों को मध्य दिल्ली के जंतर-मंतर तक पहुंचने से रोक दिया, जिसके बाद सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। यह प्रदर्शन मतदाता सूचियों में कथित अनियमितताओं को लेकर चुनावी सुधारों और मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के लिए आयोजित किया गया था। निर्वाचन आयोग और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इन आरोपों से इनकार किया है।

UN ने क्या कहा?

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय के प्रवक्ता थमीम अल-खीथान ने शनिवार को एक बयान में कहा कि कार्यालय दिल्ली में आज बड़े पैमाने पर हुए प्रदर्शनों से पहले और उनके दौरान प्रदर्शनकारियों, आंदोलन के नेताओं, नागरिक समाज संगठनों के सदस्यों, वकीलों और पत्रकारों को हिरासत में लिए जाने की खबरों को लेकर चिंतित है। बयान में कहा गया, “हम अधिकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से एकत्र होने के अधिकार का पूरी तरह सम्मान करने और उसे सुनिश्चित करने का आग्रह करते हैं।”

अल-खीथान ने भारतीय अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया कि कानून लागू करने वाले कर्मी शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों से निपटते समय अत्यंत संयम बरतें। उन्होंने कहा कि ऐसा देश की लोकतांत्रिक परंपराओं और मानवाधिकारों के प्रति उसकी प्रतिबद्धताओं के अनुरूप होना चाहिए। उन्होंने कहा, “मनमाने ढंग से हिरासत में लिए गए सभी लोगों को तत्काल और बिना किसी शर्त के रिहा किया जाना चाहिए।” संयुक्त राष्ट्र ने अधिकारियों से व्यापक स्तर पर व्यक्त की गई चिंताओं का समाधान करने के लिए अर्थपूर्ण संवाद करने का भी आग्रह किया।

क्या है पूरा मामला?

CJP ने मध्य दिल्ली के प्रमुख स्थल जंतर-मंतर पर प्रदर्शन आयोजित करने की योजना बनाई थी। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। भारी सुरक्षा व्यवस्था और सड़क मार्गों पर लगाए गए अवरोधकों के कारण अधिकतर प्रदर्शनकारी इलाके में नहीं पहुंच सके। CJP ने बताया कि उसके संस्थापक अभिजीत दीपके और उनके साथी सौरव दास तथा आशुतोष रांका को मुंबई से दिल्ली पहुंचे उनके विमान के उतरने के तुरंत बाद हिरासत में ले लिया गया। शनिवार के प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों, कार्यकर्ताओं और राजनीतिक नेताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद CJP के राष्ट्रीय संगठन प्रभारी अजिंक्य शिंदे ने कहा कि संगठन इस कार्रवाई के बावजूद पीछे नहीं हटेगा।

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CJP के प्रमुख नेताओं के हिरासत में रहने के बीच प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे शिंदे ने कहा, “आप चाहे जितने लोगों को हिरासत में लें। लेकिन जब तक सबसे बड़े गद्दार और देशद्रोही ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, हम पीछे नहीं हटेंगे। हम कल सुबह 10 बजे फिर जंतर-मंतर जाएंगे।” उन्होंने लोगों से बड़ी संख्या में प्रदर्शन में शामिल होने और पुलिस द्वारा रोके जाने पर भी विरोध जारी रखने की अपील की। शिंदे ने कहा, “बड़ी संख्या में जंतर-मंतर पहुंचें और दिल्ली पुलिस जहां भी आपको रोके, वहीं प्रदर्शन करें।”