नाना को मेरे नमन पर ओछा हल्ला क्यों?

जब नाना के न रहने की ख़बर आई तो मैं ने सच्चे ग़मगीन भाव से स्मृति-ट्वीट किया। सिर्फ़ इतना लिखा: ‘नाना को नमन!’ 34,170 लोगों ने उसे देखा। कइयों ने लाइक किया। लेकिन कुछ ने मुझे भद्दी-भद्दी गालियां दीं। मुझ से कुसूर यह हो गया कि अमित भाई शाह ने श्रद्धांजलि देते हुए अपने ट्वीट में नाना की तीन तस्वीरें साझा की थीं और मैं ने वही तस्वीरें अपने ट्वीट में पोस्ट कर दीं?… मगर मैं तो यह देख कर हैरत में पड़ गया कि कुछ लोगों के दिमाग़ में कितना कर्कट भरा होता है कि वे देश-काल-वातावरण की परवाह किए बिना हर वक़्त सिर्फ़ अपने दिल का कीचड़ बिखेरते रहते हैं।

मैं विश्वनाथ गजानन पाटेकर के अभिनय का धुंआधार प्रशंसक रहा हूं। वे बचपन से भले ही ‘नाना’ के संबोधन से विभूषित कर दिए गए थे, मगर मैं उन के एकाध ऐसे मित्रों को भी जानता रहा हूं, जो ‘नाना’ को ‘विशू’ के नाम से बुलाते थे। 1979 में जब मैं ‘टाइम्स-प्रशिक्षु’ बतौर बंबई पहुंचा तो मेरे एक मित्र के चाचा या मामा क़िस्म के कोई रिश्तेदार हमें मुजफ़्फर अली द्वारा निर्देशित फ़िल्म ‘गमन’ दिखाने ले गए। बोले कि बहुत अच्छी फ़िल्म है, चलो, चलो।

उन के इस अतिरिक्त आग्रह का रहस्य तब समझ में आया, जब वे उस के एक किरदार ‘वासु’ के बारे में फ़िल्म के दौरान और बाद में भी बार-बार यह ज़िक्र करते रहे कि यह जो अभिनेता है, यह मेरा दोस्त है। यह मेरे साथ पढ़ता था। फ़िल्म के मुख्य किरदारों फ़ारूख शेख और स्मिता पाटिल मे उन की कोई दिलचस्पी नहीं थी। वे हमें वासु का किरदार निभाने वाले नाना पाटेकर के किस्से सुनाते रहे। नाना पाटेकर की भूमिका बहुत ही छोटी-सी थी। ऐसी कि किसी का ध्यान भी न जाए। मगर चाचा जी या मामा जी, जो भी वे थे, उन के लिए सब से महत्वपूर्ण भूमिका उन के जे. के. स्कूल ऑफ़ आर्ट के सहपाठी विशू उर्फ़ नाना की ही थी।

सात-आठ साल बाद जब ‘अंकुश’ और ‘प्रतिघात’ फ़िल्में आईं तो नाना की पहचान बननी शुरू हुई। ‘अंकुश’ के मुख्य अभिनेता नाना थे और उस में क्षोभ और गुस्से से भरे एक बेरोज़गार नौजवान रवींद्र केलकर की उन की भूमिका को अच्छी तारीफ़ मिली। ‘प्रतिघात’ में उन्होंने एक्स-कांस्टेबल करमवीर की सहायक भूमिका निभाई थी, जो गैंगस्टर कालीप्रसाद के अत्याचारों की वज़ह से अपना मानसिक संतुलन खो देता है। नाना के इस किरदार ने भी दर्शकों पर अच्छी छाप छोड़ी।

फिर जब 1989 में ‘परिंदा’ आई तो चारों तरफ़ नाना-नाना होने लगा। मनोरोग से ग्रस्त बेहद क्रूर खलनायक ‘अन्ना’ के किरदार ने नाना को नाना पाटेकर बना दिया। उन्हें इस भूमिका के लिए पहला राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार मिला था। ‘परिंदा’ से ‘क्रांतिवीर’ और ‘तिरंगा’ तक का उन का सफ़र तो किसी को भी भुलाए नहीं भूलेगा। 1993-94 आते-आते तो कोई सोच भी नहीं सकता था कि नाना पाटेकर ने कभी ‘गिद्ध, भालू और शीला’ जैसी फ़िल्म में भी काम किया था।

तो अभी गुज़रे बृहस्पतिवार को जब नाना के न रहने की ख़बर आई तो मैं ने सच्चे ग़मगीन भाव से स्मृति-ट्वीट किया। सिर्फ़ इतना लिखा: ‘नाना को नमन!’ 34,170 लोगों ने उसे देखा। कइयों ने लाइक किया। लेकिन कुछ ने मुझे भद्दी-भद्दी गालियां दीं। मुझ से कुसूर यह हो गया कि अमित भाई शाह ने श्रद्धांजलि देते हुए अपने ट्वीट में नाना की तीन तस्वीरें साझा की थीं और मैं ने वही तस्वीरें यह सोच कर अपने ट्वीट में पोस्ट कर दीं कि भारत के गृहमंत्री के साथ नाना की मौजूदगी अमित भाई और नाना दोनों का ही मान बढ़ाने वाला प्रसंग है।

मगर मैं तो यह देख कर हैरत में पड़ गया कि कुछ लोगों के दिमाग़ में कितना कर्कट भरा होता है कि वे देश-काल-वातावरण की परवाह किए बिना हर वक़्त सिर्फ़ अपने दिल का कीचड़ बिखेरते रहते हैं। एक साहब ने मेरे लिए लिखा: ‘कितना मा… है तू हराम…’। एक और ने लिखा: ‘इस की … जली कि वो हिंदूवादी थे…‘। एक और बोले: ‘ये बताना चाहता है कि नाना फ़ासिज़्म का समर्थन करते थे, इसलिए उन की मौत पर शोक नहीं करना चाहिए…‘।

मैं तो दंग रह गया। मैं कुछ बोला ही नहीं और भाई लोग क्या-क्या कहने लगे? मैं ने सचमुच यह सब सोचा ही नहीं था। मैं ने नाना को पूरे अंतर्मन से नमन किया था। मैं ने कब कहा कि नाना हिंदूवादी थे? मैं ने कब कहा कि वे फ़ासीवाद के समर्थक थे? महज़ इसलिए कि मैं ने अमित भाई की साझा की गई तस्वीरें पोस्ट कर दीं, मुझ पर ऐसी तोहमतें? अमित भाई इन तस्वीरों में बेहद स्नेहपूर्ण मुद्रा में अपने निजी आवास या दफ़्तर में नाना का हाथ थामे और उन्हें गले लगाते दिखाई दे रहे हैं। मैं तो गृह मंत्री जी की सादगी और सदाशयता से सचमुच अभिभूत-सा था।

एक बात बताइए। अगर मैं नाना सरीखे किसी भी महान फ़िल्म अभिनेता को आदरांजलि देते हुए उस की तस्वीर भारत के गृह मंत्री रहे सरदार वल्लभ भाई पटेल, सी. राजगोपालाचारी, गोविंद वल्लभ पंत, लालबहादुर शास्त्री, यशवंत राव चह्वाण, चरण सिंह, पी. वी. नरसिंहराव, लालकृष्ण आडवाणी, पी. चिदंबरम या राजनाथ सिंह के साथ ट्वीट कर देता, तो क्या तब भी ऐसी ही गालियों का हक़दार होता? फिर सिर्फ़ अमित भाई को ले कर मेरे ख़िलाफ़ ऐसा ओछा हल्ला क्यों?

मैं तो खुल कर कहता हूं कि मैं अमित भाई को ऐसा हिंदूवादी कतई नहीं मानता हूं, जिस पर मुझे कोई ऐतराज़ हो। मैं तो ख़ुद हिंदू हूं और जितना हिंदू मैं हूं, उतने ही हिंदू वे हैं। वे क्या मुझ से ज़्यादा हिंदू हैं? मैं क्या उन से कम हिंदू हूं? जितना हिंदुत्व उन में है, उतना ही हिंदुत्व हर हिंदू में है। तो नाना की अमित भाई के साथ उपस्थिति क्या नाना को हिंदू बनाती है? क्या जब तक वे अमित भाई से नहीं मिले थे, हिंदू नहीं थे?

रह गई यह बात कि अमित भाई के साथ उन की तस्वीरें साझा कर के मैं नाना को फ़ासिज़्म का समर्थक बता रहा हूं तो यह भी मैं खुल कर कह रहा हूं कि मैं अमित भाई को फ़ासिस्ट बिल्कुल नहीं मानता हूं। ठीक है कि पिछले बारह साल से चल रही सरकार की कार्यशैली को ले कर मेरे मन में कुछ अनमनापन है। मैं इस बारे में अपनी राय अनवरत ज़ाहिर भी करता रहता हूं। मगर वे असहमतियां अपनी जगह हैं। इस का अर्थ यह नहीं है कि उन के चलते मैं अमित भाई के हर राष्ट्रीय योगदान को सिरे से खारिज़ कर दूं।

हमारे गृह मंत्री हो सकता है कि विकेंद्रीकरण में ज़्यादा विश्वास न रखते हों, हो सकता है कि कई मसलों को ले कर उन का अड़ियलपन सामने आया हो और यह भी हो सकता है कि भारत की सामाजिक-सांस्कृतिक व्यवस्था को ले कर उन के विचार थोड़े कट्टर किस्म के हों। लेकिन इतने भर से मैं उन्हें बेनिटो मुसोलिनी और एडॉल्फ हिटलर की श्रेणी में नहीं रख सकता। बावजूद थोड़ी कसामुसी के भारत का लोकतंत्र पूरी तरह ज़िंदा है। फासीवादी हुकूमतों में तो जनता की समूची जीवनीशक्ति भी जनतंत्र को जीवित नहीं रख पाती है।

सो, आप को यह नहीं लग रहा है क्या कि अमित भाई से असली परेशानी तो उन्हें है, जो मुझे धिक्कार रहे हैं? उन्हें अगर हमारे मौजूदा गृह मंत्री जी में वल्लभ भाई और गोविंद वल्लभ तो ठीक, आडवाणी और राजनाथ भी नज़र नहीं आ रहे हैं तो इस में मेरा क्या दोष है? इसलिए मेरे नहीं, अपने गिरेबां में झांकिए। जाकी रही भावना जैसी, प्रभु मूरत देखी तिन तैसी। अमित भाई शाह को मैं तो देश के गृहमंत्रियों की ऐतिहासिक दीर्घा का ही विस्तार मानता हूं। जिन्हें उन में यह अक़्स दिखाई नहीं देता हो वे अपना जानें। मन में मैल आप के है, मेरे नहीं। अपना मन धोइए। मेरा तो धुला हुआ है।

CJP Protest: ‘आंतरिक मामलों में दखल बर्दाश्त नहीं’; दिल्ली विरोध-प्रदर्शनों पर UN की टिप्पणियों पर भारत का पलटवार

CJP Protest: संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार कार्यालय (OHCHR) ने शनिवार (10 अक्तूबर) को राजधानी दिल्ली में बड़े पैमाने पर हुए प्रदर्शनों के दौरान लोगों को हिरासत में लिए जाने पर चिंता जताई। संयुक्त राष्ट्र ने भारतीय अधिकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से एकत्र होने के अधिकार का सम्मान करने और मनमाने ढंग से हिरासत में लिए गए लोगों को तत्काल रिहा करने का आग्रह किया। इसके बाद जिनेवा में भारत के स्थायी मिशन ने इन चिंताओं को खारिज करते हुए उन्हें गलतफहमी पर आधारित और देश के आंतरिक मामलों में अनुचित हस्तक्षेप बताया।

भारत ने स्पष्ट किया कि देश में शांतिपूर्ण तरीके से एकत्र होने का अधिकार संविधान के तहत प्राप्त है। लेकिन यह अधिकार सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के हित में लगाए गए उचित प्रतिबंधों के अधीन है। जिनेवा स्थित संयुक्त राष्ट्र में भारत के आधिकारिक प्रतिनिधित्व से जुड़े एक्स (X) अकाउंट पर जारी पोस्ट में भारत ने अपना पक्ष रखा।

भारत के स्थायी मिशन ने कहा, “शांतिपूर्ण तरीके से एकत्र होने का अधिकार हमारे संविधान में निहित है और मजबूत संस्थाओं, स्वतंत्र न्यायपालिका तथा स्वतंत्र मीडिया द्वारा इसकी रक्षा की जाती है।” उसने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, “हर लोकतंत्र की तरह, भारत के नागरिक भी सार्वजनिक व्यवस्था के हित में लगाए गए उचित प्रतिबंधों के अधीन इस अधिकार का इस्तेमाल करते हैं।”

सुरक्षा बलों ने ‘जेन-जी’ के नेतृत्व वाली कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शनकारियों को मध्य दिल्ली के जंतर-मंतर तक पहुंचने से रोक दिया, जिसके बाद सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। यह प्रदर्शन मतदाता सूचियों में कथित अनियमितताओं को लेकर चुनावी सुधारों और मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के लिए आयोजित किया गया था। निर्वाचन आयोग और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इन आरोपों से इनकार किया है।

UN ने क्या कहा?

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय के प्रवक्ता थमीम अल-खीथान ने शनिवार को एक बयान में कहा कि कार्यालय दिल्ली में आज बड़े पैमाने पर हुए प्रदर्शनों से पहले और उनके दौरान प्रदर्शनकारियों, आंदोलन के नेताओं, नागरिक समाज संगठनों के सदस्यों, वकीलों और पत्रकारों को हिरासत में लिए जाने की खबरों को लेकर चिंतित है। बयान में कहा गया, “हम अधिकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से एकत्र होने के अधिकार का पूरी तरह सम्मान करने और उसे सुनिश्चित करने का आग्रह करते हैं।”

अल-खीथान ने भारतीय अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया कि कानून लागू करने वाले कर्मी शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों से निपटते समय अत्यंत संयम बरतें। उन्होंने कहा कि ऐसा देश की लोकतांत्रिक परंपराओं और मानवाधिकारों के प्रति उसकी प्रतिबद्धताओं के अनुरूप होना चाहिए। उन्होंने कहा, “मनमाने ढंग से हिरासत में लिए गए सभी लोगों को तत्काल और बिना किसी शर्त के रिहा किया जाना चाहिए।” संयुक्त राष्ट्र ने अधिकारियों से व्यापक स्तर पर व्यक्त की गई चिंताओं का समाधान करने के लिए अर्थपूर्ण संवाद करने का भी आग्रह किया।

क्या है पूरा मामला?

CJP ने मध्य दिल्ली के प्रमुख स्थल जंतर-मंतर पर प्रदर्शन आयोजित करने की योजना बनाई थी। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। भारी सुरक्षा व्यवस्था और सड़क मार्गों पर लगाए गए अवरोधकों के कारण अधिकतर प्रदर्शनकारी इलाके में नहीं पहुंच सके। CJP ने बताया कि उसके संस्थापक अभिजीत दीपके और उनके साथी सौरव दास तथा आशुतोष रांका को मुंबई से दिल्ली पहुंचे उनके विमान के उतरने के तुरंत बाद हिरासत में ले लिया गया। शनिवार के प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों, कार्यकर्ताओं और राजनीतिक नेताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद CJP के राष्ट्रीय संगठन प्रभारी अजिंक्य शिंदे ने कहा कि संगठन इस कार्रवाई के बावजूद पीछे नहीं हटेगा।

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CJP के प्रमुख नेताओं के हिरासत में रहने के बीच प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे शिंदे ने कहा, “आप चाहे जितने लोगों को हिरासत में लें। लेकिन जब तक सबसे बड़े गद्दार और देशद्रोही ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, हम पीछे नहीं हटेंगे। हम कल सुबह 10 बजे फिर जंतर-मंतर जाएंगे।” उन्होंने लोगों से बड़ी संख्या में प्रदर्शन में शामिल होने और पुलिस द्वारा रोके जाने पर भी विरोध जारी रखने की अपील की। शिंदे ने कहा, “बड़ी संख्या में जंतर-मंतर पहुंचें और दिल्ली पुलिस जहां भी आपको रोके, वहीं प्रदर्शन करें।”

Tanushree Dutta: ‘जाते-जाते भी चैन छीन ले गया…’, तनुश्री दत्ता ने नाना पाटेकर की मौत के बाद उनके ऊपर काले जादू किए जाने का बड़ा दावा किया

Tanushree Dutta: तनुश्री दत्ता ने एक अन्य वीडियो में 8 अक्टूबर को नाना पाटेकर के निधन के बाद उनकी आलोचना की। इस नए वीडियो में तनुश्री ने उनकी मौत के बाद भी पाटेकर पर उनके विचारों पर सवाल उठाने के लिए ट्रोल्स की आलोचना की और पूछा कि लोग हर साल रावण का पुतला क्यों जलाते हैं।

दत्ता ने साझा किया- जो लोग मेरी ट्रोलिंग कर रहे हैं वो क्यों कर रहे हैं मुझे समझा नहीं आ राहा, जिस इंसान ने मेरी जिंदगी खराब कर दी, मैंने ईविल डेड बोल दिया तो इतना हंगामा होगा।” नाना पाटेकर ने अपनी मौत के बाद भी उन्हें कैसे मुश्किल स्थिति में छोड़ इस बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, “ये जाते-जाते भी मुझे ट्रोल करके गया मुझे परेशानी देकर गया, कुछ आत्माएं इतनी काली होती हैं।”

उन लोगों से सवाल करते हुए जिन्होंने पाटेकर की मौत के बाद भी उनकी आलोचना की और रावण का उदाहरण लिया, उन्होंने कहा, “मेरे धर्म ने सिखाया है के शैतान जीते जी शैतान है और मरने के बाद भी शैतान है।” उन्होंने आगे कहा, “तेरवी तक रहे प्रेतलोक में फिर नरक में।”

नाना पाटेकर ने उन्हें कैसे परेशान किया तनुश्री ने कहा-“मेरी जिंदगी को नर्क बनाने की कोशिश की नाना पाटेकर ने और उसके गुंडों ने। उन्होंने और भी मजबूत दावे करते हुए कहा, “ये अपने हाथों को मरा है। क्योंकि जैसे सुशांत सिंह राजपूत-दिशा सालियान का केस निकल आया है, तो बहुत सारे लोग एक्सपोज हुए हैं और बहुत ही गहरी जांच चल रही है। तो दूर-दूर से भी किसका कनेक्शन है तो उसका आज नहीं तो कल नाम आने वाला है।”तो मुझे थोड़ा शक है ये सच में मारा गया है या भागने की कोई तरकीब है।”

तनुश्री ने अपने वीडियो में यह भी दावा किया कि नाना पाटेकर और उनके सहयोगियों ने उन पर काला जादू करने की कोशिश की थी और उन्हें धीमा जहर देने के लिए नौकरानी को भी भेजा था।

नाना पाटेकर के निधन के बारे में

जाने-माने अभिनेता नाना पाटेकर (75 वर्ष) का 8 अक्टूबर को कार्डियक अरेस्ट के कारण निधन हो गया। खबरों के अनुसार उन्हें गोवा स्थित अपने घर पर सीने में तेज दर्द हुआ, जिसके बाद एक मेडिकल टीम उनके फ्लैट पर भेजी गई। पहुंचने पर वे बेहोश पाए गए। उन्हें वहीं कार्डियक मसाज दी गई और फिर डोना पाउला के एक प्राइवेट हॉस्पिटल ले जाया गया। काफी कोशिश के बाद भी वह बच नहीं सके।

Nana Patekar News: जानें क्यों सूर्यास्त के बाद नाना पाटेकर को दी गई मुखाग्नि, बेटे मल्हार ने बताई पूरी बात

Nana Patekar News: दिवंगत एक्टर नाना पाटेकर के बेटे मल्हार पाटेकर ने बताया कि एक्टर का अंतिम संस्कार सूर्यास्त के बाद क्यों किया गया। परंपरा के अनुसार सूर्यास्त के बाद अंतिम संस्कार नहीं किया जाता है। अंतिम संस्कार के बाद मल्हार पाटेकर ने मीडिया से बात की और बताया कि परिवार और उनका पार्थिव शरीर गोवा में था। लंबी यात्रा के कारण उन्हें उनके फार्महाउस तक लाने में कुछ समय लग गया।

उन्होंने यह भी बताया कि एक्टर का निधन सुबह जल्दी हो गया था और काफी समय बीत चुका था। इसलिए पार्थिव शरीर को लंबे समय तक रखना ठीक नहीं था। गुरुवार को पुणे जिले के डोंजे स्थित उनके फार्महाउस पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ एक्टर का अंतिम संस्कार किया गया। एक्टर को 3-गन सैल्यूट दिया गया।

उन्होंने दिवंगत एक्टर की समाज सेवा की विरासत को आगे बढ़ाने के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा- “उनके जैसे लोग कहीं नहीं जाते। वे अपने कामों के जरिए हमेशा जीवित रहते हैं और अमर हो जाते हैं। वे हमेशा हमसे एक बात कहते थे कि हमें मानवता के लिए एकजुट होना चाहिए और दुनिया की बेहतरी के लिए काम करना चाहिए। हमारा समाज सेवा का काम महाराष्ट्र और पूरे भारत (जम्मू-कश्मीर सहित) में फैला हुआ है। हम शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में वहां अपना सारा समाज सेवा का काम कर रहे हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “उन्होंने उन सभी लोगों को जिम्मेदारियां सौंप दी थीं, जो इसके हकदार थे। उन्होंने बहुत सारा काम उन लोगों को सौंप दिया था जो उसे बखूबी निभा सकते थे।” वह सब कुछ नए सिरे से शुरू करना चाहते थे और अपनी जिंदगी ऐसी जगह बिताना चाहते थे जहां उनसे समाज सेवा की उम्मीद हो। मैं पक्का करूंगा कि जो भी काम अधूरे रह गए हैं वे पूरे हों। लोगों के लिए काम करना उनके और मेरे दोनों के सपने हैं।

दिवंगत एक्टर के दोस्त और फिल्म इंडस्ट्री के लोग… जिनमें जैकी श्रॉफ, डायरेक्टर अनिल शर्मा, अनीस बज़्मी और प्रोड्यूसर फिरोज नाडियाडवाला नाना पाटेकर के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए डोंजे गांव पहुंचे। दिवंगत आत्मा को विदाई देने के लिए भारी भीड़ भी उमड़ी। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी मुंबई रवाना होने से पहले पुणे एयरपोर्ट पर नाना पाटेकर को श्रद्धांजलि दी। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे श्रद्धांजलि देने के लिए एक्टर के पुणे स्थित फार्महाउस पहुंचे।

नाना पाटेकर का गोवा में 75 साल की उम्र में निधन हो गया। एक्टर को कार्डियक अरेस्ट हुआ था। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने लगभग 45 मिनट तक CPR और रिससिटेशन की कोशिश की। हालांकि अस्पताल पहुंचने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

इंडियन फिल्म इंडस्ट्री के जाने-माने लोगों ने एक्टर के निधन पर शोक व्यक्त किया और सोशल मीडिया के ज़रिए अपनी संवेदनाएं जाहिर कीं। बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरीज़ सेक्शन में लिखा, “नानाaaaa… रेस्ट इन पीस भाऊ”।

सलमान के साथी सुपरस्टार अजय देवगन ने भी इस दिग्गज एक्टर के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने X (पहले ट्विटर) पर अपनी फिल्म ‘अपहरण’ का एक सीन शेयर किया। उन्होंने एक लंबा नोट भी लिखा और दिवंगत एक्टर की दमदार मौजूदगी की तारीफ की। उन्होंने लिखा, “बहुत कम लोग हमें नाना की तरह खुश, दुखी और गुस्से का एहसास करा पाए। उनकी मौजूदगी दमदार थी, उनकी एक्टिंग यादगार थी और अब उनकी कमी बहुत खलेगी। रेस्ट वेल, नाना। ओम शांति”।

Hanuman Ansh Box Office Collection: हनुमान अंश का 9वें गुरुवार को भी जलवा बरकरार, जानिए 63वें दिन कहां तक पहुंची इसकी कमाई

फिल्मों की दुनिया में जहां कई बड़ी रिलीज कुछ ही दिनों में सिनेमाघरों से गायब हो जाती हैं, वहीं ‘हनुमान अंश’ की बॉक्स ऑफिस पर लंबी पारी जारी है। रिलीज के 63 दिन बाद भी फिल्म दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में कामयाब हो रही है। गुरुवार, 8 अक्टूबर को फिल्म की कमाई में कोई गिरावट दर्ज नहीं की गई और इसने एक बार फिर भारत में 75 लाख रुपये का नेट कलेक्शन किया।

Sacnilk के मुताबिक, फिल्म ने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर अब तक 327.98 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन कर लिया है। वहीं, इसका भारत में ग्रॉस कलेक्शन 387.38 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। विदेशों में भी फिल्म की कमाई जारी है, जिससे इसका वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन 427.43 करोड़ रुपये हो गया है।

63वें दिन कितने दर्शकों ने देखी फिल्म?

‘हनुमान अंश’ के लिए आठवां और नौवां हफ्ता पार करना आसान नहीं रहा, लेकिन फिल्म अब भी अपनी मौजूदगी बनाए हुए है। गुरुवार को इसके शो की संख्या बुधवार के 1,578 से बढ़कर 1,579 हो गई। इस दौरान फिल्म ने करीब 47,675 दर्शकों की फुटफॉल दर्ज की।

हिंदी 2D शो की कुल ऑक्यूपेंसी 18.72 फीसदी रही। सुबह के शो में 9.08 फीसदी, दोपहर में 16.08 फीसदी, शाम को 24 फीसदी और रात के शो में 22.46 फीसदी ऑक्यूपेंसी दर्ज की गई। आंकड़ों के मुताबिक, शाम के शो दर्शकों के बीच सबसे ज्यादा लोकप्रिय रहे।

बॉक्स ऑफिस पर ऐसा रहा फिल्म का सफर

फिल्म की कमाई का सफर कई उतार-चढ़ाव से भरा रहा। नौवें शुक्रवार को इसने 2.25 करोड़ रुपये कमाए, जबकि शनिवार को 2.10 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। रविवार को कमाई बढ़कर 3 करोड़ रुपये पहुंच गई। इसके बाद मंगलवार से गुरुवार तक फिल्म की दैनिक कमाई घटकर क्रमशः 1 करोड़, 75 लाख और 75 लाख रुपये रही।

साप्ताहिक प्रदर्शन की बात करें तो पांचवें हफ्ते में फिल्म ने 90.25 करोड़ रुपये की शानदार कमाई की थी। छठे हफ्ते में 80.25 करोड़, सातवें में 44.80 करोड़ और आठवें हफ्ते में 29.20 करोड़ रुपये जुटाए। नौवें हफ्ते का कलेक्शन 10.60 करोड़ रुपये रहा।

क्या है ‘हनुमान अंश‘ की कहानी?

विशाल चतुर्वेदी के निर्देशन में बनी यह फिल्म एक ऐसे दुखी बच्चे की कहानी पेश करती है, जो अपनी मां को खोने के बाद उन्हें दोबारा पाने के लिए ईश्वर की तलाश में निकल पड़ता है। उसकी यही खोज धीरे-धीरे उसे दूसरों की मदद करने और जरूरतमंदों की सेवा करने के रास्ते पर ले जाती है।

फिल्म में लक्ष्मण नारायण शर्मा के जीवन को दर्शाया गया है, जिन्हें आगे चलकर नीम करोली बाबा के नाम से पहचान मिली। कहानी उनके बचपन, 13 साल की उम्र में घर छोड़ने और हनुमान जी के प्रति उनकी भक्ति की यात्रा को दिखाती है। फिल्म में शोभिनव सत्य, विहान शेडगे और चंदन आनंद अहम भूमिकाओं में नजर आते हैं।

Nana Patekar Death: पंचतत्व में विलीन हुए नाना पाटेकर, नम आंखो से दी गई एक्टर को अंतिम विदाई

Nana Patekar Death: पंचतत्व में विलीन हुए नाना पाटेकर, नम आंखो से दी गई एक्टर को अंतिम विदाई

Nana Patekar Death: 75 साल की उम्र में नाना पाटेकर का निधन गुरुवार 8 अक्टूबर को गोवा स्थित उनके घर पर कार्डियक अरेस्ट के कारण हो गया। उन्हें सुबह लगभग 5:20 बजे मृत घोषित किया गया। गोवा से उनका पार्थिव शरीर पुणे शाम को पहुंचा था, जहां फैंस और उनके करीबियों ने उनके अंतिम दर्शन किए। नाना पाटेकर पंचतत्व में विलीन हो गए हैं। बेटे ने उन्हें मुखाग्नि दी।

एक्टर के अंतिम दर्शन करने के लिए वहां पहुंचने वालों में एक्टर जैकी श्रॉफ, महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे और महाराष्ट्र सरकार के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी तुकाराम मुंडे शामिल थे। कई अन्य नेता और गणमान्य व्यक्ति भी अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए फार्महाउस पहुँचे। नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल, नगर नियोजन राज्य मंत्री माधुरी मिसल, बीजेपी विधायक गोपीचंद पडलकर और भीमराव तापकीर और एमएलसी सदाभाऊ खोत भी अंतिम संस्कार स्थल पर मौजूद थे।

एकनाथ शिंदे भी नाना पाटेकर के पैतृक गांव (पुणे) पहुंचे ताकि अंतिम संस्कार में शामिल हो सकें और अभिनेता के परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त कर सकें। गुरुवार शाम को गोवा से नाना पाटेकर का पार्थिव शरीर पुणे एयरपोर्ट पहुँचा, जिसके तुरंत बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दिवंगत अभिनेता को श्रद्धांजलि दी।

महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार को पुणे एयरपोर्ट पर दिग्गज एक्टर नाना पाटेकर को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने दिवंगत एक्टर को फूल चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी। वहीं पाटेकर के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री को नाना पाटेकर की पत्नी और बेटे से बात भी की।

जानकारी के मुताबिक नाना पाटेकर डोना पाउला स्थित अपने घर पर थे, तभी उन्हें कार्डियक अरेस्ट हुआ। सीने में तेज दर्द की शिकायत के बाद उनके घर एक मेडिकल टीम भेजी गई, जहां वे बेहोश पाए गए। इसके बाद उन्हें आगे के इलाज के लिए मणिपाल अस्पताल ले जाया गया।

मणिपाल अस्पताल के ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. शेखर सालकर के अनुसार डॉक्टरों ने 45 मिनट तक उनकी धड़कन वापस लाने की कोशिश की, लेकिन रिससिटेशन (resuscitation) के दौरान एक्टर की धड़कन नहीं लौटी। 45 मिनट तक लगातार CPR देने के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। एक मेडिको-लीगल केस (MLC) दर्ज किया गया है और पोस्टमार्टम किया जाएगा।”

सुबह करीब 5:20 बजे एक्टर को मृत घोषित कर दिया गया। MLC की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अधिकारियों द्वारा गुरुवार को पोस्टमार्टम किए जाने की उम्मीद है। पाटेकर हिंदी और मराठी सिनेमा के जाने-माने चेहरों में से एक थे। उनके फिल्मी करियर की शुरुआत 1978 में ‘गमन’ फिल्म से हुई थी। ‘परिंदा’, ‘प्रहार’, ‘अंगार’, ‘क्रांतिवीर’, ‘तिरंगा’, ‘खामोशी’ और ‘अब तक छप्पन’ जैसी फिल्मों में उनकी बेहतरीन एक्टिंग ने उन्हें भारतीय सिनेमा में एक खास पहचान दिलाई।

Nana Patekar News: नाना पाटेकर के निधन दुखी सलमान खान ने पोस्टपोन किया इवेंट, शाहरुख खान शेयर की यादें

Nana Patekar News: बॉलीवुड स्टार शाहरुख खान अपने दोस्त और को-स्टार नाना पाटेकर के निधन पर शोक जताया हैं। गुरुवार को इंस्टाग्राम पर लिखे एक नोट में उन्होंने याद किया कि कैसे नाना ने एक बार उनसे कहा था कि हीरो के तौर पर करियर बनाते समय वे अपने अंदर के एक्टर को न खोएं। नाना का 8 अक्टूबर को गोवा में 75 साल की उम्र में कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया। शाहरुख ने शाम को उनके लिए श्रद्धांजलि दी।

शाहरुख खान को याद आए नाना पाटेकर

शाहरुख ने अपनी 1992 की फिल्म ‘राजू बन गया जेंटलमैन’ से नाना के साथ एक तस्वीर शेयर की। उन्होंने उनके साथ शूटिंग के दिनों को याद करते हुए लिखा, “जब मैं उनसे पहली बार मिला तो घबराहट और झिझक की वजह से मैं अपने बाल ठीक करने लगा। उन्होंने मेरा हाथ झटक दिया और कहा, ‘हीरो की तरह बाल मत बना… तू एक्टर है’!”

एक्टर ने नाना के स्वभाव के बारे में भी लिखा- “वह चापलूसी नहीं करते थे। वह वही नहीं कहते थे जो आप सुनना चाहते थे, बल्कि वही कहते थे जो आपको सुनना चाहिए था। नाना ऐसे ही थे – साफ-सुथरे, थोड़े सख्त, ईमानदार और उनकी मुस्कान बहुत प्यारी थी।” शाहरुख ने आगे कहा- “प्यार जताने का उनका अंदाज हमेशा अनोखा होता था। वह पहले आप पर चिल्लाते थे और फिर तीसरी या चौथी बार डांटने के बीच ही आपको एहसास होता था कि वह आपको गले लगा रहे हैं। वह मुझे बहुत प्यार करते थे और मैं भी उन्हें बहुत मानता था।”

शाहरुख ने नाना के साथ अपने रिश्ते के बारे में आगे लिखा, “वह एक मेंटर, टीचर, आलोचक और दोस्त थे, जो कैरम के खेल में मुझे और अपने आस-पास के सभी लोगों को बार-बार हराते थे और अपनी जीत का मजा लेते थे।” उन्होंने आगे कहा, “नाना, आपका जोश, हंसी, पागलपन और प्यार हमेशा हमारे साथ रहेगा। काश हमारे पास और बातें करने, एक और बहस करने, एक और कप चाय पीने और कैरम खेलने का समय होता।”

शाहरुख ने बताया कि उन्हें अपने दोस्त की कितनी याद आएगी, “आपने न सिर्फ सिनेमा की दुनिया में, बल्कि सभी भारतीयों और दुनिया भर के लोगों के दिलों में एक खालीपन छोड़ दिया है। मैं बस इतना ही कह सकता हूं कि मुझे आपकी बहुत याद आएगी और मैं आपकी कही बातों को हमेशा अपने दिल में संजोकर रखूंगा… ‘हीरो बनने के चक्कर में एक्टर मत खोना’। आपकी आत्मा को शांति मिले नाना और अल्लाह आप पर कृपा बनाए रखे। स्वर्ग भी धन्य हो जाएगा जब आप वहां पहुंचेंगे… एक बेहतरीन एक्टर और एक बेजोड़ कैरम चैंपियन। आपसे बहुत प्यार है और आपकी बहुत याद आती है!! बहुत जल्दी चले गए मेरे हीरो! RIP।”

सलमान खान ने पोस्टपोन किया इवेंट

बॉलीवुड एक्टर सलमान खान का गुरुवार को मुंबई में होने वाला इवेंट टाल दिया गया है। यह फैसला दिग्गज एक्टर नाना पाटेकर के निधन के बाद किया गया, जिनका गोवा में अपने घर पर कार्डियक अरेस्ट के कारण 75 साल की उम्र में निधन हो गया। इन दोनों एक्टर्स ने संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘खामोशी द म्यूजिकल’ (1996) में साथ काम किया था।

गुरुवार को बांद्रा के ताज लैंड्स एंड में GB रियल्टी के एक इवेंट में सलमान के शामिल होने की उम्मीद थी। नाना और सलमान ने ‘खामोशी’ फिल्म में साथ काम किया था, जिसमें नाना ने मनीषा कोइराला के किरदार ‘एनी’ के पिता ‘जोसेफ’ का रोल निभाया था, जबकि सलमान ने ‘राज’ का रोल किया था। इस फिल्म में सीमा बिस्वास भी थीं; यह फिल्म संजय के शुरुआती और यादगार कामों में से एक है।

Nana Patekar News: हमेशा के लिए छूटा उदय और मजनू का साथ, अनिल कपूर से 19 साल खफा रहने के बाद ‘वेलकम’ में नाना पाटेकर ने साथ किया था काम

Nana Patekar News: नाना पाटेकर का गुस्सा किसी से छुपा नहीं हैं। वह किसी के भी स्टारडम के सामने खुदको कमतर नहीं समझते थे। न ही अपने ऊपर काफी उन्होंने फेम, दौलत और शोहरत का नशा हावी होने दिया। नाना का गुस्सा जग जाहिर था। इसका शिकार अनिल कपूर भी हुए। ये बात फिल्म परिंदा के समय की है।

फिल्म परिंदा में जब नाना की हुई एंट्री

फिल्म परिंदा में जैकी श्रॉफ, अनिल कपूर और नाना पाटेकर ने साथ काम किया था। इस फिल्म के लिए नाना को बेस्ट सपोर्टिंग का नेशनल अवॉर्ड भी मिला था। फिल्म में जैकी और अनिल भाई के रोल में दिखे थे। वहीं नाना ने गैंगस्टर अन्ना का किरदार निभाया था। फिल्म में नाना को उनके रोल के लिए काफी पसंद किया गया था।

सालों बाद नाना पाटेकर ने खोला था राज

कई सालों बाद नाना ने बताया था कि परिंदा फिल्म में पहले वह जैकी श्रॉफ का रोल करने वाले थे। लेकिन अनिल कपूर ने उन्हें फिल्म से निकलवा दिया था। नसीरुद्दीन शाह को अन्ना का रोल ऑफर किया गया था। नसीर बाहर हो गया। मैंने और अनिल ने साथ वर्कशॉप की, लेकिन फिर मैं भी हटा दिया गया। फिर मुझे पता चला की ये सब किया धरा अनिल कपूर का ही था।

अनिल कपूर ने कबूला सच

नाना पाटेकर ने इस किस्से का जिक्र लल्लनटॉप में किया था। उन्होंने कहा जब मुझे पता चला कि अनिल ने विनोद से कहकर ये सब कराया है तो मैंने सीधा उससे बात की। मैंने उससे पूछा तुमने ये क्यों किया। अनिल ने कहा कि नाना मैंने सोचा कि मैं तुमको क्यों स्टार बनाऊं। नाना पाटेकर ने कहा कि क्योंकि ये तय बात थी जो भी जैकी वाला रोल करता वह सुपरस्टार बन जाता। अब हम बराबर है, पर तब वह स्टार था तो उसकी बात मानली गई थी। फिर 4 महीने बात विनोद मेरे पास आया और कहा तू अन्ना का रोल करेगा?

वापस जाने के लिए रखी ये शर्त

नाना ने कहा पहले तो मैं विधु विनोद चोपड़ा को देखकर गुस्से से लाल हो गया था और गुस्साया भी। फिर मैंने कहा मैं फिल्म करूंगा। विनोद बोला कि मार्किट में अभी तुम्हें जितने पैसे मिल रहे है, मैं भी उतने ही दूंगा। मैंने उनसे कहा कि वो तो मैं लूंगा ही कोई मेहरबानी थोड़ी कर रहे हो तुम। पर अब मैं फिल्म का कुछ हिस्सा लिखूंगा भी।

एक्टर ने बताया था कि उनके किरदार का जलकर मरने वाला एंगल उनका लिखा हुआ ही थी। नाना ने जिक्र किया था कि ‘वो आग सच में लगी थी। मैं सच में जल गया था। 60 दिनों तक अस्पताल में था और 1 साल तक काम नहीं कर पाया था। दाढ़ी, मूंछ थी नहीं। पलकें तक जल गई थीं।

बता दें कि इस फिल्म में भले ही नाना पाटेकर ने काम कर लिया हो, लेकिन इसके बाद उन्होंने अनिल कपूर के साथ काम नहीं किया था। 19 साल तक एक्टर उनसे नाराज रहे थे। फिर वेलकम फिल्म में दोनों साथ नजर आए और किरदार को आइकॉनिक बना दिया। उदय भाई और मजनू का किरदार लोगों के मन में बसा हुआ है। दोनों की कॉमिक टाइमिंग बेस्ट मानी जाती थी। 8 अक्टूबर को उदय भाई मजनू और अपने फैंस को हमेशा के लिए छोड़कर चले गए।

IMD Rain Forecast: मानसून की विदाई के बीच दिल्ली-NCR से बिहार तक भारी बारिश की चेतावनी, इन राज्यों में गरज-चमक के आसार

IMD Rain Forecast: दक्षिण-पश्चिम मानसून की देश से वापसी का सिलसिला लगातार आगे बढ़ रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक 8 अक्टूबर को मानसून महाराष्ट्र के शेष हिस्सों के साथ गोवा, कर्नाटक, तेलंगाना और ओडिशा के कुछ और हिस्सों से भी पीछे हट गया है। इसके अलावा झारखंड और छत्तीसगढ़ के कुछ और हिस्सों से भी मानसून की वापसी हो गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 3-4 दिनों के दौरान पूर्वी भारत, उत्तरी प्रायद्वीप और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों से मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। हालांकि, मानसून की विदाई के बीच देश के कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रहेगा।

IMD फोरकास्ट के मुताबिक 8 अक्टूबर को बिहार, गंगीय पश्चिम बंगाल तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी बारिश हो सकती है। वहीं, 9 अक्टूबर को दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, जबकि 8 से 10 अक्टूबर के बीच केरल और तमिलनाडु, पुडुचेरी एवं कराईकल में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

बिहार में सबसे ज्यादा 11 सेंटीमीटर बारिश

पिछले 24 घंटे में भी कई राज्यों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। 8 अक्टूबर की सुबह 8:30 बजे तक बिहार के सहरसा में 11 सेंटीमीटर बारिश हुई, जो सबसे अधिक रही। मौसम विभाग ने एक बार फिर से बिहार के कुछ जिलों में बारिश की चेतावनी जारी की है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के शारदानगर में 9 सेंटीमीटर, उत्तराखंड के बेरीनाग में 8 सेंटीमीटर तथा ओडिशा के कोरापुट, झारखंड के मधुपुर और तमिलनाडु के कोयंबटूर में 7-7 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई।

दिल्ली-NCR समेत उत्तर-पश्चिम में 14 अक्टूबर तक बारिश के आसार

उत्तर-पश्चिम भारत की बात करें तो दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 8 से 14 अक्टूबर के दौरान कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 8 से 11 अक्टूबर और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 8 से 10 अक्टूबर तक बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार 10 और 11 अक्टूबर को हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंकों की गति 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। ऐसे में मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिल सकता है।

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का वेदर फोरकास्ट

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और आसपास के इलाकों में 8 और 10 अक्टूबर को व्यापक बारिश की संभावना है। 8 अक्टूबर को राजधानी में गरज-चमक के साथ 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। उत्तराखंड में 9 अक्टूबर को कहीं-कहीं भारी बारिश की चेतावनी भी जारी की गई है।

पूर्वी भारत में भारी बारिश का अलर्ट

पूर्वी भारत में भी मौसम सक्रिय बना हुआ है। बिहार में 8 से 11 अक्टूबर, ओडिशा में 8 से 14 अक्टूबर और झारखंड में 9-10 अक्टूबर तक अलग-अलग स्थानों पर बारिश हो सकती है। 8 अक्टूबर को गंगीय पश्चिम बंगाल, झारखंड तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में व्यापक बारिश की संभावना है।

इस दौरान बिहार, गंगीय पश्चिम बंगाल तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी बारिश हो सकती है। झारखंड और ओडिशा में 8 अक्टूबर को गरज-चमक के साथ 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। बिहार में 8 और 9 अक्टूबर को भी आंधी-तूफान जैसी स्थिति बन सकती है।

दक्षिण भारत में बारिश का सबसे ज्यादा असर

दक्षिण भारत में अगले कुछ दिनों तक मौसम काफी सक्रिय रहने वाला है। केरल और माहे में 8 से 10 अक्टूबर तक व्यापक बारिश की संभावना है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 8 से 10 अक्टूबर के दौरान भारी बारिश हो सकती है। तमिलनाडु में 8 से 12 अक्टूबर तक गरज-चमक और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं, जिनके झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

केरल और माहे में भी 8 से 10 अक्टूबर के दौरान तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान की स्थिति बन सकती है। जबकि दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 9 अक्टूबर को भारी बारिश की संभावना है। इसके अलावा तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में 8 से 10 अक्टूबर के बीच तेज सतही हवाएं चल सकती हैं।

पूर्वोत्तर में भी बारिश का दौर जारी

पूर्वोत्तर भारत में अरुणाचल प्रदेश में 8 से 10 अक्टूबर, असम और मेघालय में 8 से 11 अक्टूबर तथा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 8 से 14 अक्टूबर तक हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं। कई स्थानों पर गरज-चमक भी देखने को मिल सकती है।

गोवा-कोंकण में उमस भरी गर्मी

मानसून की वापसी के बावजूद कोंकण और गोवा में 8 से 10 अक्टूबर के बीच गर्म और उमस भरा मौसम रहने की संभावना है। यानी यहां बारिश की गतिविधि कम रहने पर भी लोगों को उमस और गर्मी परेशान कर सकती है।

मानसून की विदाई के साथ पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय

मौसम विभाग के अनुसार उत्तर पाकिस्तान और आसपास के क्षेत्र में एक नया पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव हुआ है। इसके अलावा पूर्वी उत्तर प्रदेश और उत्तर-पूर्वी बिहार के आसपास ऊपरी वायुमंडल में चक्रवाती परिसंचरण बने हुए हैं। बिहार से तेलंगाना तक एक ट्रफ रेखा भी सक्रिय है। दक्षिण केरल तट और दक्षिण-पूर्वी अरब सागर के आसपास बने सिस्टम भी दक्षिण भारत में बारिश को बढ़ावा दे रहे हैं।

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जेलर 2 को मिला यू/ए 16 प्रमाणपत्र

दक्षिण भारतीय फिल्मों के सुपरस्टार रजनीकांत एक बार फिर अपने लोकप्रिय किरदार मुथुवेल पांडियन उर्फ टाइगर के रूप में दर्शकों का मनोरंजन करने के लिए तैयार हैं। नेल्सन दिलीपकुमार के निर्देशन में बनी बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘जेलर 2’ को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) से यू/ए 16 प्रमाणपत्र मिल गया है। फिल्म 15 अक्टूबर को दुनियाभर के सिनेमाघरों में प्रदर्शित होगी।

रिपोर्ट के अनुसार, ‘जेलर 2’ की अवधि 165 मिनट यानी करीब पौने तीन घंटे है। फिल्म का बहुप्रतीक्षित ट्रेलर भी जारी कर दिया गया है, जिसमें मुथुवेल पांडियन के नए मिशन और जबरदस्त एक्शन की झलक देखने को मिली है।

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फिल्म में रजनीकांत के साथ राम्या कृष्णन, योगी बाबू और मिर्ना प्रमुख भूमिकाओं में नजर आएंगी। इसके अलावा एस.जे. सूर्या, विद्या बालन, सूरज वेंजारामूडु, मिथुन चक्रवर्ती, अन्ना राजन और जतिन सरना भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में हैं। मोहनलाल और शिवा राजकुमार विशेष भूमिका में दिखाई देंगे, जबकि विजय सेतुपति भी फिल्म में खास अंदाज में नजर आएंगे।

वर्ष 2023 में प्रदर्शित ‘जेलर’ की सफलता के बाद इसके दूसरे भाग को लेकर दर्शकों में खासा उत्साह है। अनिरुद्ध रविचंदर फिल्म का संगीत दे रहे हैं। विजय कार्तिक कन्नन ने छायांकन, जबकि आर. निर्मल ने संपादन का जिम्मा संभाला है।

कलानिधि मारन के निर्माण में सन पिक्चर्स के बैनर तले बनी ‘जेलर 2’ 15 अक्टूबर को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिल्म की रिलीज से पहले ‘जेलर 2 सुपर शो’ नौ अक्टूबर से सन नेक्स्ट पर प्रसारित किया जाएगा।

Pic Credit : UNI