Tanushree Dutta: ‘जाते-जाते भी चैन छीन ले गया…’, तनुश्री दत्ता ने नाना पाटेकर की मौत के बाद उनके ऊपर काले जादू किए जाने का बड़ा दावा किया

Tanushree Dutta: तनुश्री दत्ता ने एक अन्य वीडियो में 8 अक्टूबर को नाना पाटेकर के निधन के बाद उनकी आलोचना की। इस नए वीडियो में तनुश्री ने उनकी मौत के बाद भी पाटेकर पर उनके विचारों पर सवाल उठाने के लिए ट्रोल्स की आलोचना की और पूछा कि लोग हर साल रावण का पुतला क्यों जलाते हैं।

दत्ता ने साझा किया- जो लोग मेरी ट्रोलिंग कर रहे हैं वो क्यों कर रहे हैं मुझे समझा नहीं आ राहा, जिस इंसान ने मेरी जिंदगी खराब कर दी, मैंने ईविल डेड बोल दिया तो इतना हंगामा होगा।” नाना पाटेकर ने अपनी मौत के बाद भी उन्हें कैसे मुश्किल स्थिति में छोड़ इस बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, “ये जाते-जाते भी मुझे ट्रोल करके गया मुझे परेशानी देकर गया, कुछ आत्माएं इतनी काली होती हैं।”

उन लोगों से सवाल करते हुए जिन्होंने पाटेकर की मौत के बाद भी उनकी आलोचना की और रावण का उदाहरण लिया, उन्होंने कहा, “मेरे धर्म ने सिखाया है के शैतान जीते जी शैतान है और मरने के बाद भी शैतान है।” उन्होंने आगे कहा, “तेरवी तक रहे प्रेतलोक में फिर नरक में।”

नाना पाटेकर ने उन्हें कैसे परेशान किया तनुश्री ने कहा-“मेरी जिंदगी को नर्क बनाने की कोशिश की नाना पाटेकर ने और उसके गुंडों ने। उन्होंने और भी मजबूत दावे करते हुए कहा, “ये अपने हाथों को मरा है। क्योंकि जैसे सुशांत सिंह राजपूत-दिशा सालियान का केस निकल आया है, तो बहुत सारे लोग एक्सपोज हुए हैं और बहुत ही गहरी जांच चल रही है। तो दूर-दूर से भी किसका कनेक्शन है तो उसका आज नहीं तो कल नाम आने वाला है।”तो मुझे थोड़ा शक है ये सच में मारा गया है या भागने की कोई तरकीब है।”

तनुश्री ने अपने वीडियो में यह भी दावा किया कि नाना पाटेकर और उनके सहयोगियों ने उन पर काला जादू करने की कोशिश की थी और उन्हें धीमा जहर देने के लिए नौकरानी को भी भेजा था।

नाना पाटेकर के निधन के बारे में

जाने-माने अभिनेता नाना पाटेकर (75 वर्ष) का 8 अक्टूबर को कार्डियक अरेस्ट के कारण निधन हो गया। खबरों के अनुसार उन्हें गोवा स्थित अपने घर पर सीने में तेज दर्द हुआ, जिसके बाद एक मेडिकल टीम उनके फ्लैट पर भेजी गई। पहुंचने पर वे बेहोश पाए गए। उन्हें वहीं कार्डियक मसाज दी गई और फिर डोना पाउला के एक प्राइवेट हॉस्पिटल ले जाया गया। काफी कोशिश के बाद भी वह बच नहीं सके।

Nana Patekar News: जानें क्यों सूर्यास्त के बाद नाना पाटेकर को दी गई मुखाग्नि, बेटे मल्हार ने बताई पूरी बात

Nana Patekar News: दिवंगत एक्टर नाना पाटेकर के बेटे मल्हार पाटेकर ने बताया कि एक्टर का अंतिम संस्कार सूर्यास्त के बाद क्यों किया गया। परंपरा के अनुसार सूर्यास्त के बाद अंतिम संस्कार नहीं किया जाता है। अंतिम संस्कार के बाद मल्हार पाटेकर ने मीडिया से बात की और बताया कि परिवार और उनका पार्थिव शरीर गोवा में था। लंबी यात्रा के कारण उन्हें उनके फार्महाउस तक लाने में कुछ समय लग गया।

उन्होंने यह भी बताया कि एक्टर का निधन सुबह जल्दी हो गया था और काफी समय बीत चुका था। इसलिए पार्थिव शरीर को लंबे समय तक रखना ठीक नहीं था। गुरुवार को पुणे जिले के डोंजे स्थित उनके फार्महाउस पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ एक्टर का अंतिम संस्कार किया गया। एक्टर को 3-गन सैल्यूट दिया गया।

उन्होंने दिवंगत एक्टर की समाज सेवा की विरासत को आगे बढ़ाने के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा- “उनके जैसे लोग कहीं नहीं जाते। वे अपने कामों के जरिए हमेशा जीवित रहते हैं और अमर हो जाते हैं। वे हमेशा हमसे एक बात कहते थे कि हमें मानवता के लिए एकजुट होना चाहिए और दुनिया की बेहतरी के लिए काम करना चाहिए। हमारा समाज सेवा का काम महाराष्ट्र और पूरे भारत (जम्मू-कश्मीर सहित) में फैला हुआ है। हम शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में वहां अपना सारा समाज सेवा का काम कर रहे हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “उन्होंने उन सभी लोगों को जिम्मेदारियां सौंप दी थीं, जो इसके हकदार थे। उन्होंने बहुत सारा काम उन लोगों को सौंप दिया था जो उसे बखूबी निभा सकते थे।” वह सब कुछ नए सिरे से शुरू करना चाहते थे और अपनी जिंदगी ऐसी जगह बिताना चाहते थे जहां उनसे समाज सेवा की उम्मीद हो। मैं पक्का करूंगा कि जो भी काम अधूरे रह गए हैं वे पूरे हों। लोगों के लिए काम करना उनके और मेरे दोनों के सपने हैं।

दिवंगत एक्टर के दोस्त और फिल्म इंडस्ट्री के लोग… जिनमें जैकी श्रॉफ, डायरेक्टर अनिल शर्मा, अनीस बज़्मी और प्रोड्यूसर फिरोज नाडियाडवाला नाना पाटेकर के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए डोंजे गांव पहुंचे। दिवंगत आत्मा को विदाई देने के लिए भारी भीड़ भी उमड़ी। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी मुंबई रवाना होने से पहले पुणे एयरपोर्ट पर नाना पाटेकर को श्रद्धांजलि दी। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे श्रद्धांजलि देने के लिए एक्टर के पुणे स्थित फार्महाउस पहुंचे।

नाना पाटेकर का गोवा में 75 साल की उम्र में निधन हो गया। एक्टर को कार्डियक अरेस्ट हुआ था। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने लगभग 45 मिनट तक CPR और रिससिटेशन की कोशिश की। हालांकि अस्पताल पहुंचने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

इंडियन फिल्म इंडस्ट्री के जाने-माने लोगों ने एक्टर के निधन पर शोक व्यक्त किया और सोशल मीडिया के ज़रिए अपनी संवेदनाएं जाहिर कीं। बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरीज़ सेक्शन में लिखा, “नानाaaaa… रेस्ट इन पीस भाऊ”।

सलमान के साथी सुपरस्टार अजय देवगन ने भी इस दिग्गज एक्टर के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने X (पहले ट्विटर) पर अपनी फिल्म ‘अपहरण’ का एक सीन शेयर किया। उन्होंने एक लंबा नोट भी लिखा और दिवंगत एक्टर की दमदार मौजूदगी की तारीफ की। उन्होंने लिखा, “बहुत कम लोग हमें नाना की तरह खुश, दुखी और गुस्से का एहसास करा पाए। उनकी मौजूदगी दमदार थी, उनकी एक्टिंग यादगार थी और अब उनकी कमी बहुत खलेगी। रेस्ट वेल, नाना। ओम शांति”।

Nana Patekar Death: रात 2:30 बजे नाना पाटेकर के घर पर क्या हुआ? दोस्त को किया था आखिरी मैसेज, डॉक्टर ने बताई पूरी कहानी

Nana Patekar Death: दिग्गज एक्टर नाना पाटेकर का 75 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया है। एक्टर की मौत 8 अक्टूबर की सुबह कार्डियक अरेस्ट की वजह से हुई है। उनके निधन की खबर से फिल्म इंडस्ट्री और उनके चाहने वालों में शोक की लहर है। वहीं नाना पाटेकर ने अपने आखिरी घंटों में क्या-क्या किया इसकी जानकारी डॉक्टर ने दी है। डॉक्टर ने बताया कि, मौत से पहले नाना पाटेकर ने अपने एक दोस्त को सीने में तेज दर्ज होने की जानकारी मैसेज से दी थी। मणिपाल हॉस्पिटल के डॉ. शेखर साल्कर ने बताया कि नाना पाटेकर को रात के समय कार्डियक अरेस्ट आया था।

45 मिनट तक दिया गया सीपीआर

डॉक्टर ने ANI को बताया कि नाना पाटेकर को अस्पताल लाए जाने तक उनकी मौत हो चुकी थी। इसके बाद मेडिकल टीम ने करीब 45 मिनट से एक घंटे तक उन्हें बचाने और होश में लाने की कोशिश की, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। डॉक्टर ने बताया, “नाना पाटेकर को करीब 4:30 बजे अस्पताल लाया गया था। उस समय उनकी मौत हो चुकी थी। इसके बाद उन्हें करीब 5:30 बजे मृत घोषित किया गया। मेडिकल टीम ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की। करीब 45 मिनट से एक घंटे तक कार्डियक मसाज दी गई, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।”

दोस्त को किया मैसेज

डॉक्टर ने घटना के बारे में आगे बताया, “हमें जो जानकारी मिली है, उसके मुताबिक करीब 2:30 बजे नाना पाटेकर ने अपने दोस्त को मैसेज कर बताया था कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है। रात का समय होने की वजह से उनके दोस्त ने मैसेज नहीं देखा और उन्हें फोन कर दिया। करीब 4 बजे वह उनके घर पहुंचे। उस समय नाना पाटेकर को काफी पसीना आ रहा था और उनकी हालत बिगड़ रही थी। उन्हें उठाया गया और जरूरी मदद देने की कोशिश की गई, लेकिन वह धीरे-धीरे बेहोश होने लगे। इसके बाद उनके केयरटेकर को अस्पताल भेजा गया और वह हमारी एंबुलेंस से उन्हें लेकर अस्पताल पहुंचा।”

अस्पताल पहुंचने तक हो गई थी मौत

इसके बाद उन्होंने बताया, “उन्हें सुबह करीब 4:20 से 4:30 बजे के बीच हमारे अस्पताल लाया गया था। हमने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन अस्पताल पहुंचने तक उनकी मौत हो चुकी थी। इसके बाद हमें पुलिस केस दर्ज करना पड़ा, क्योंकि यह मेडिको-लीगल केस (MLC) था। शव को अब पोस्टमार्टम के लिए गोवा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया है। उस समय उनके परिवार का कोई सदस्य वहां मौजूद नहीं था। उनके साथ उनके दोस्त और एक केयरटेकर थे।”

नाना पाटेकर के बारे में

नाना पाटेकर, जिनका असली नाम विश्वनाथ पाटेकर था, ने साल 1978 में फिल्म ‘गमन’ से एक्टिंग की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने हिंदी और मराठी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई। ‘अंकुश’, ‘प्रतिघात’, ‘सलाम बॉम्बे!’ और ‘परिंदा’ जैसी फिल्मों ने उन्हें दर्शकों के बीच पहचान दिलाई। आगे चलकर उन्होंने ‘प्रहार: द फाइनल अटैक’, ‘तिरंगा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘अग्नि साक्षी’, ‘खामोशी: द म्यूजिकल’, ‘अब तक छप्पन’, ‘अपहरण’ और ‘राजनीति’ जैसी कई फिल्मों में दमदार अभिनय किया। अपने लंबे करियर में नाना पाटेकर को तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिले और साल 2013 में उन्हें पद्म श्री से सम्मानित किया गया।