Tanushree Dutta: ‘जाते-जाते भी चैन छीन ले गया…’, तनुश्री दत्ता ने नाना पाटेकर की मौत के बाद उनके ऊपर काले जादू किए जाने का बड़ा दावा किया

Tanushree Dutta: तनुश्री दत्ता ने एक अन्य वीडियो में 8 अक्टूबर को नाना पाटेकर के निधन के बाद उनकी आलोचना की। इस नए वीडियो में तनुश्री ने उनकी मौत के बाद भी पाटेकर पर उनके विचारों पर सवाल उठाने के लिए ट्रोल्स की आलोचना की और पूछा कि लोग हर साल रावण का पुतला क्यों जलाते हैं।

दत्ता ने साझा किया- जो लोग मेरी ट्रोलिंग कर रहे हैं वो क्यों कर रहे हैं मुझे समझा नहीं आ राहा, जिस इंसान ने मेरी जिंदगी खराब कर दी, मैंने ईविल डेड बोल दिया तो इतना हंगामा होगा।” नाना पाटेकर ने अपनी मौत के बाद भी उन्हें कैसे मुश्किल स्थिति में छोड़ इस बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, “ये जाते-जाते भी मुझे ट्रोल करके गया मुझे परेशानी देकर गया, कुछ आत्माएं इतनी काली होती हैं।”

उन लोगों से सवाल करते हुए जिन्होंने पाटेकर की मौत के बाद भी उनकी आलोचना की और रावण का उदाहरण लिया, उन्होंने कहा, “मेरे धर्म ने सिखाया है के शैतान जीते जी शैतान है और मरने के बाद भी शैतान है।” उन्होंने आगे कहा, “तेरवी तक रहे प्रेतलोक में फिर नरक में।”

नाना पाटेकर ने उन्हें कैसे परेशान किया तनुश्री ने कहा-“मेरी जिंदगी को नर्क बनाने की कोशिश की नाना पाटेकर ने और उसके गुंडों ने। उन्होंने और भी मजबूत दावे करते हुए कहा, “ये अपने हाथों को मरा है। क्योंकि जैसे सुशांत सिंह राजपूत-दिशा सालियान का केस निकल आया है, तो बहुत सारे लोग एक्सपोज हुए हैं और बहुत ही गहरी जांच चल रही है। तो दूर-दूर से भी किसका कनेक्शन है तो उसका आज नहीं तो कल नाम आने वाला है।”तो मुझे थोड़ा शक है ये सच में मारा गया है या भागने की कोई तरकीब है।”

तनुश्री ने अपने वीडियो में यह भी दावा किया कि नाना पाटेकर और उनके सहयोगियों ने उन पर काला जादू करने की कोशिश की थी और उन्हें धीमा जहर देने के लिए नौकरानी को भी भेजा था।

नाना पाटेकर के निधन के बारे में

जाने-माने अभिनेता नाना पाटेकर (75 वर्ष) का 8 अक्टूबर को कार्डियक अरेस्ट के कारण निधन हो गया। खबरों के अनुसार उन्हें गोवा स्थित अपने घर पर सीने में तेज दर्द हुआ, जिसके बाद एक मेडिकल टीम उनके फ्लैट पर भेजी गई। पहुंचने पर वे बेहोश पाए गए। उन्हें वहीं कार्डियक मसाज दी गई और फिर डोना पाउला के एक प्राइवेट हॉस्पिटल ले जाया गया। काफी कोशिश के बाद भी वह बच नहीं सके।

Nana Patekar News: जानें क्यों सूर्यास्त के बाद नाना पाटेकर को दी गई मुखाग्नि, बेटे मल्हार ने बताई पूरी बात

Nana Patekar News: दिवंगत एक्टर नाना पाटेकर के बेटे मल्हार पाटेकर ने बताया कि एक्टर का अंतिम संस्कार सूर्यास्त के बाद क्यों किया गया। परंपरा के अनुसार सूर्यास्त के बाद अंतिम संस्कार नहीं किया जाता है। अंतिम संस्कार के बाद मल्हार पाटेकर ने मीडिया से बात की और बताया कि परिवार और उनका पार्थिव शरीर गोवा में था। लंबी यात्रा के कारण उन्हें उनके फार्महाउस तक लाने में कुछ समय लग गया।

उन्होंने यह भी बताया कि एक्टर का निधन सुबह जल्दी हो गया था और काफी समय बीत चुका था। इसलिए पार्थिव शरीर को लंबे समय तक रखना ठीक नहीं था। गुरुवार को पुणे जिले के डोंजे स्थित उनके फार्महाउस पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ एक्टर का अंतिम संस्कार किया गया। एक्टर को 3-गन सैल्यूट दिया गया।

उन्होंने दिवंगत एक्टर की समाज सेवा की विरासत को आगे बढ़ाने के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा- “उनके जैसे लोग कहीं नहीं जाते। वे अपने कामों के जरिए हमेशा जीवित रहते हैं और अमर हो जाते हैं। वे हमेशा हमसे एक बात कहते थे कि हमें मानवता के लिए एकजुट होना चाहिए और दुनिया की बेहतरी के लिए काम करना चाहिए। हमारा समाज सेवा का काम महाराष्ट्र और पूरे भारत (जम्मू-कश्मीर सहित) में फैला हुआ है। हम शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में वहां अपना सारा समाज सेवा का काम कर रहे हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “उन्होंने उन सभी लोगों को जिम्मेदारियां सौंप दी थीं, जो इसके हकदार थे। उन्होंने बहुत सारा काम उन लोगों को सौंप दिया था जो उसे बखूबी निभा सकते थे।” वह सब कुछ नए सिरे से शुरू करना चाहते थे और अपनी जिंदगी ऐसी जगह बिताना चाहते थे जहां उनसे समाज सेवा की उम्मीद हो। मैं पक्का करूंगा कि जो भी काम अधूरे रह गए हैं वे पूरे हों। लोगों के लिए काम करना उनके और मेरे दोनों के सपने हैं।

दिवंगत एक्टर के दोस्त और फिल्म इंडस्ट्री के लोग… जिनमें जैकी श्रॉफ, डायरेक्टर अनिल शर्मा, अनीस बज़्मी और प्रोड्यूसर फिरोज नाडियाडवाला नाना पाटेकर के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए डोंजे गांव पहुंचे। दिवंगत आत्मा को विदाई देने के लिए भारी भीड़ भी उमड़ी। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी मुंबई रवाना होने से पहले पुणे एयरपोर्ट पर नाना पाटेकर को श्रद्धांजलि दी। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे श्रद्धांजलि देने के लिए एक्टर के पुणे स्थित फार्महाउस पहुंचे।

नाना पाटेकर का गोवा में 75 साल की उम्र में निधन हो गया। एक्टर को कार्डियक अरेस्ट हुआ था। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने लगभग 45 मिनट तक CPR और रिससिटेशन की कोशिश की। हालांकि अस्पताल पहुंचने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

इंडियन फिल्म इंडस्ट्री के जाने-माने लोगों ने एक्टर के निधन पर शोक व्यक्त किया और सोशल मीडिया के ज़रिए अपनी संवेदनाएं जाहिर कीं। बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरीज़ सेक्शन में लिखा, “नानाaaaa… रेस्ट इन पीस भाऊ”।

सलमान के साथी सुपरस्टार अजय देवगन ने भी इस दिग्गज एक्टर के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने X (पहले ट्विटर) पर अपनी फिल्म ‘अपहरण’ का एक सीन शेयर किया। उन्होंने एक लंबा नोट भी लिखा और दिवंगत एक्टर की दमदार मौजूदगी की तारीफ की। उन्होंने लिखा, “बहुत कम लोग हमें नाना की तरह खुश, दुखी और गुस्से का एहसास करा पाए। उनकी मौजूदगी दमदार थी, उनकी एक्टिंग यादगार थी और अब उनकी कमी बहुत खलेगी। रेस्ट वेल, नाना। ओम शांति”।

Nana Patekar Death: पंचतत्व में विलीन हुए नाना पाटेकर, नम आंखो से दी गई एक्टर को अंतिम विदाई

Nana Patekar Death: 75 साल की उम्र में नाना पाटेकर का निधन गुरुवार 8 अक्टूबर को गोवा स्थित उनके घर पर कार्डियक अरेस्ट के कारण हो गया। उन्हें सुबह लगभग 5:20 बजे मृत घोषित किया गया। गोवा से उनका पार्थिव शरीर पुणे शाम को पहुंचा था, जहां फैंस और उनके करीबियों ने उनके अंतिम दर्शन किए। नाना पाटेकर पंचतत्व में विलीन हो गए हैं। बेटे ने उन्हें मुखाग्नि दी।

एक्टर के अंतिम दर्शन करने के लिए वहां पहुंचने वालों में एक्टर जैकी श्रॉफ, महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे और महाराष्ट्र सरकार के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी तुकाराम मुंडे शामिल थे। कई अन्य नेता और गणमान्य व्यक्ति भी अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए फार्महाउस पहुँचे। नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल, नगर नियोजन राज्य मंत्री माधुरी मिसल, बीजेपी विधायक गोपीचंद पडलकर और भीमराव तापकीर और एमएलसी सदाभाऊ खोत भी अंतिम संस्कार स्थल पर मौजूद थे।

एकनाथ शिंदे भी नाना पाटेकर के पैतृक गांव (पुणे) पहुंचे ताकि अंतिम संस्कार में शामिल हो सकें और अभिनेता के परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त कर सकें। गुरुवार शाम को गोवा से नाना पाटेकर का पार्थिव शरीर पुणे एयरपोर्ट पहुँचा, जिसके तुरंत बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दिवंगत अभिनेता को श्रद्धांजलि दी।

महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार को पुणे एयरपोर्ट पर दिग्गज एक्टर नाना पाटेकर को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने दिवंगत एक्टर को फूल चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी। वहीं पाटेकर के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री को नाना पाटेकर की पत्नी और बेटे से बात भी की।

जानकारी के मुताबिक नाना पाटेकर डोना पाउला स्थित अपने घर पर थे, तभी उन्हें कार्डियक अरेस्ट हुआ। सीने में तेज दर्द की शिकायत के बाद उनके घर एक मेडिकल टीम भेजी गई, जहां वे बेहोश पाए गए। इसके बाद उन्हें आगे के इलाज के लिए मणिपाल अस्पताल ले जाया गया।

मणिपाल अस्पताल के ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. शेखर सालकर के अनुसार डॉक्टरों ने 45 मिनट तक उनकी धड़कन वापस लाने की कोशिश की, लेकिन रिससिटेशन (resuscitation) के दौरान एक्टर की धड़कन नहीं लौटी। 45 मिनट तक लगातार CPR देने के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। एक मेडिको-लीगल केस (MLC) दर्ज किया गया है और पोस्टमार्टम किया जाएगा।”

सुबह करीब 5:20 बजे एक्टर को मृत घोषित कर दिया गया। MLC की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अधिकारियों द्वारा गुरुवार को पोस्टमार्टम किए जाने की उम्मीद है। पाटेकर हिंदी और मराठी सिनेमा के जाने-माने चेहरों में से एक थे। उनके फिल्मी करियर की शुरुआत 1978 में ‘गमन’ फिल्म से हुई थी। ‘परिंदा’, ‘प्रहार’, ‘अंगार’, ‘क्रांतिवीर’, ‘तिरंगा’, ‘खामोशी’ और ‘अब तक छप्पन’ जैसी फिल्मों में उनकी बेहतरीन एक्टिंग ने उन्हें भारतीय सिनेमा में एक खास पहचान दिलाई।

Nana Patekar News: नाना पाटेकर के निधन दुखी सलमान खान ने पोस्टपोन किया इवेंट, शाहरुख खान शेयर की यादें

Nana Patekar News: बॉलीवुड स्टार शाहरुख खान अपने दोस्त और को-स्टार नाना पाटेकर के निधन पर शोक जताया हैं। गुरुवार को इंस्टाग्राम पर लिखे एक नोट में उन्होंने याद किया कि कैसे नाना ने एक बार उनसे कहा था कि हीरो के तौर पर करियर बनाते समय वे अपने अंदर के एक्टर को न खोएं। नाना का 8 अक्टूबर को गोवा में 75 साल की उम्र में कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया। शाहरुख ने शाम को उनके लिए श्रद्धांजलि दी।

शाहरुख खान को याद आए नाना पाटेकर

शाहरुख ने अपनी 1992 की फिल्म ‘राजू बन गया जेंटलमैन’ से नाना के साथ एक तस्वीर शेयर की। उन्होंने उनके साथ शूटिंग के दिनों को याद करते हुए लिखा, “जब मैं उनसे पहली बार मिला तो घबराहट और झिझक की वजह से मैं अपने बाल ठीक करने लगा। उन्होंने मेरा हाथ झटक दिया और कहा, ‘हीरो की तरह बाल मत बना… तू एक्टर है’!”

एक्टर ने नाना के स्वभाव के बारे में भी लिखा- “वह चापलूसी नहीं करते थे। वह वही नहीं कहते थे जो आप सुनना चाहते थे, बल्कि वही कहते थे जो आपको सुनना चाहिए था। नाना ऐसे ही थे – साफ-सुथरे, थोड़े सख्त, ईमानदार और उनकी मुस्कान बहुत प्यारी थी।” शाहरुख ने आगे कहा- “प्यार जताने का उनका अंदाज हमेशा अनोखा होता था। वह पहले आप पर चिल्लाते थे और फिर तीसरी या चौथी बार डांटने के बीच ही आपको एहसास होता था कि वह आपको गले लगा रहे हैं। वह मुझे बहुत प्यार करते थे और मैं भी उन्हें बहुत मानता था।”

शाहरुख ने नाना के साथ अपने रिश्ते के बारे में आगे लिखा, “वह एक मेंटर, टीचर, आलोचक और दोस्त थे, जो कैरम के खेल में मुझे और अपने आस-पास के सभी लोगों को बार-बार हराते थे और अपनी जीत का मजा लेते थे।” उन्होंने आगे कहा, “नाना, आपका जोश, हंसी, पागलपन और प्यार हमेशा हमारे साथ रहेगा। काश हमारे पास और बातें करने, एक और बहस करने, एक और कप चाय पीने और कैरम खेलने का समय होता।”

शाहरुख ने बताया कि उन्हें अपने दोस्त की कितनी याद आएगी, “आपने न सिर्फ सिनेमा की दुनिया में, बल्कि सभी भारतीयों और दुनिया भर के लोगों के दिलों में एक खालीपन छोड़ दिया है। मैं बस इतना ही कह सकता हूं कि मुझे आपकी बहुत याद आएगी और मैं आपकी कही बातों को हमेशा अपने दिल में संजोकर रखूंगा… ‘हीरो बनने के चक्कर में एक्टर मत खोना’। आपकी आत्मा को शांति मिले नाना और अल्लाह आप पर कृपा बनाए रखे। स्वर्ग भी धन्य हो जाएगा जब आप वहां पहुंचेंगे… एक बेहतरीन एक्टर और एक बेजोड़ कैरम चैंपियन। आपसे बहुत प्यार है और आपकी बहुत याद आती है!! बहुत जल्दी चले गए मेरे हीरो! RIP।”

सलमान खान ने पोस्टपोन किया इवेंट

बॉलीवुड एक्टर सलमान खान का गुरुवार को मुंबई में होने वाला इवेंट टाल दिया गया है। यह फैसला दिग्गज एक्टर नाना पाटेकर के निधन के बाद किया गया, जिनका गोवा में अपने घर पर कार्डियक अरेस्ट के कारण 75 साल की उम्र में निधन हो गया। इन दोनों एक्टर्स ने संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘खामोशी द म्यूजिकल’ (1996) में साथ काम किया था।

गुरुवार को बांद्रा के ताज लैंड्स एंड में GB रियल्टी के एक इवेंट में सलमान के शामिल होने की उम्मीद थी। नाना और सलमान ने ‘खामोशी’ फिल्म में साथ काम किया था, जिसमें नाना ने मनीषा कोइराला के किरदार ‘एनी’ के पिता ‘जोसेफ’ का रोल निभाया था, जबकि सलमान ने ‘राज’ का रोल किया था। इस फिल्म में सीमा बिस्वास भी थीं; यह फिल्म संजय के शुरुआती और यादगार कामों में से एक है।

Nana Patekar News: नाना पाटेकर के पुणे वाले घर के बाहर उमड़ी भीड़, मौत की खबर सुन फूट-फूटकर रो पड़ा फैन

Nana Patekar News: 8 अक्टूबर को नाना पाटेकर के निधन से फिल्म इंडस्ट्री और उनके अनगिनत चाहने वालों को गहरा सदमा लगा है। गोवा में अपने घर पर कार्डियक अरेस्ट (दिल का दौरा पड़ने) के कारण इस दिग्गज अभिनेता का निधन हो गया। वे 75 वर्ष के थे। एक वीडियो में पुणे के डोनाजे इलाके में स्थित नाना पाटेकर के घर ‘नानाची वाडी’ के बाहर एक प्रशंसक को फूट-फूटकर रोते हुए देखा जा सकता है।

रिपोर्ट के मुताबिक घर से अस्पताल लाए जाने के बाद डॉक्टरों ने लगभग 45 मिनट तक उन्हें होश में लाने की कोशिश की, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई। सुबह 5:20 बजे अभिनेता को मृत घोषित कर दिया गया। नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार गुरुवार शाम पुणे के पास डोनाजे स्थित उनके फार्महाउस पर किया जाएगा। थिएटर और सिनेमा में उनके योगदान को देखते हुए इस दिग्गज अभिनेता को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी।

1 जनवरी 1951 को महाराष्ट्र में जन्मे नाना पाटेकर ने अपनी दमदार अदाकारी, डायलॉग बोलने के खास अंदाज और लीक से हटकर किरदारों को निभाने के लिए अपनी अलग पहचान बनाई। तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के विजेता, वे ‘नटसम्राट’, ‘वजूद’, ‘परिंदा’, ‘अब तक छप्पन’ और ‘यशवंत’ जैसी फिल्मों में अपने अभिनय के लिए जाने जाते हैं।

नाना पाटेकर ने 1978 की फिल्म ‘गमन’ से बॉलीवुड में कदम रखा था। 2000 के दशक की शुरुआत में पाटेकर को ‘शक्ति द पावर’ (2002), ‘अब तक छप्पन’ (2004), ‘अपहरण’ (2005) और ‘टैक्सी नंबर 9211’ (2006) में अपने अभिनय के लिए काफी सराहना मिली। उन्हें ‘वेलकम’ (2007) में गैंगस्टर उदय शेट्टी के कॉमिक किरदार के लिए भी खूब तारीफ मिली। उन्होंने इसके सीक्वल ‘वेलकम बैक’ (2015) में भी यही भूमिका निभाई थी। अभिनेता कॉमेडी थ्रिलर ‘हाउसफुल 5’ में भी नजर आए थे।

वे पॉलिटिकल थ्रिलर फिल्म ‘राजनीति’ (2010) का भी हिस्सा थे, जिसके लिए उन्हें ‘बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर’ के तौर पर पांचवीं बार फिल्मफेयर अवॉर्ड के लिए नॉमिनेट किया गया था। 2016 में उन्हें मराठी फिल्म ‘नटसम्राट’ में अपनी एक्टिंग के लिए ‘बेस्ट एक्टर’ का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला।

पाटेकर को पद्म श्री से भी सम्मानित किया गया था। उन्हें यह सम्मान 2013 में सिनेमा और कला के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए दिया गया था। वे ‘यशवंत’ (1997), ‘वजूद’ (1998) और ‘आंच’ (2003) जैसी फिल्मों में प्लेबैक सिंगिंग के लिए भी जाने जाते थे। नाना पाटेकर को आखिरी बार उनकी मौत से चार दिन पहले गोवा के डोना पाउला में देखा गया था, जहां वे ‘सम्राट क्लब इंटरनेशनल’ के इंस्टॉलेशन समारोह में शामिल हुए थे और उन्होंने वहां भाषण भी दिया था।

नाना पाटेकर ने निधन से ठीक पहले रात 2:30 बजे दोस्त को क्या मैसेज किया था? कुछ घंटों बाद हमेशा के लिए हो गए खामोश

Nana Patekar Death News Updates: हिंदी और मराठी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर ने फिल्म जगत को गहरे सदमे में डाल दिया है। जिंदगी भर अपने दमदार अभिनय से दर्शकों के दिलों पर राज करने वाले नाना पाटेकर ने निधन से कुछ घंटे पहले ही अपने एक करीबी दोस्त को मैसेज भेजकर बताया था कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है। इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुवार (8 अक्टूबर) तड़के करीब 2:30 बजे नाना पाटेकर ने अपने दोस्त को मैसेज किया कि वह असहज महसूस कर रहे हैं। उनकी तबीयत ठीक नहीं है। देर रात होने के कारण दोस्त उस मैसेज को समय पर देख नहीं सके।

करीब 4 बजे जब दोस्त उनके घर पहुंचे, तो नाना पाटेकर की हालत बेहद गंभीर थी। वह पसीने से तर थे। उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। इसके बाद उन्हें बचाने की कोशिशें शुरू हुईं। एंबुलेंस और मेडिकल टीम मौके पर पहुंची और उन्हें सीपीआर दिया गया। अस्पताल ले जाते समय भी उन्हें सीपीआर दिया जाता रहा। लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। अस्पताल के मुताबिक, नाना पाटेकर को तड़के अस्पताल लाया गया और करीब 5:20 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। डॉक्टरों ने मौत की वजह कार्डियक अरेस्ट बताई है।

सिनेमा जगत में शोक की लहर

नाना पाटेकर के बेटे मल्हार ने भी उनके निधन की पुष्टि की। पाटेकर के बेटे मल्हार ने ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ से कहा, “हां, यह जानकारी सही है। मैं अभी पुणे में हूं और गोवा पहुंच रहा हूं। मैं जल्द ही इस बारे में विस्तार से जानकारी दूंगा।” उन्होंने बताया कि उनके पिता का अंतिम संस्कार पुणे में किया जाएगा। उनके निधन की खबर सामने आते ही सिनेमा जगत, राजनीति और उनके लाखों प्रशंसकों के बीच शोक की लहर दौड़ गई।

नाना पाटेकर सिर्फ एक अभिनेता नहीं थे, बल्कि अभिनय की अपनी अलग पहचान रखने वाले कलाकार थे। ‘क्रांतिवीर’, ‘परिंदा’, ‘अग्निसाक्षी’, ‘नटसम्राट’, ‘अब तक छप्पन’ और ‘वेलकम’ जैसी फिल्मों में उन्होंने अलग-अलग किरदारों को यादगार बना दिया। करीब पांच दशक लंबे करियर में उन्होंने राष्ट्रीय पुरस्कार से लेकर पद्मश्री तक कई सम्मान हासिल किए। फिल्मों से दूर भी उन्होंने जरूरतमंदों और सूखाग्रस्त किसानों की मदद के लिए काम किया।

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लेकिन अब उनके जाने के बाद सबसे ज्यादा भावुक कर देने वाली बात यही है कि जिस अभिनेता ने पर्दे पर अनगिनत किरदारों में जान फूंकी, उसने जिंदगी के आखिरी घंटों में सिर्फ एक संदेश के जरिए अपनी तबीयत खराब होने की खबर दी… और कुछ ही घंटे बाद उनकी आवाज हमेशा के लिए खामोश हो गई। महाराष्ट्र के सांस्कृतिक मामलों के मंत्री आशीष शेलार ने घोषणा की है कि पाटेकर का अंतिम संस्कार आज राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।

Nana Patekar Death: रात 2:30 बजे नाना पाटेकर के घर पर क्या हुआ? दोस्त को किया था आखिरी मैसेज, डॉक्टर ने बताई पूरी कहानी

Nana Patekar Death: दिग्गज एक्टर नाना पाटेकर का 75 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया है। एक्टर की मौत 8 अक्टूबर की सुबह कार्डियक अरेस्ट की वजह से हुई है। उनके निधन की खबर से फिल्म इंडस्ट्री और उनके चाहने वालों में शोक की लहर है। वहीं नाना पाटेकर ने अपने आखिरी घंटों में क्या-क्या किया इसकी जानकारी डॉक्टर ने दी है। डॉक्टर ने बताया कि, मौत से पहले नाना पाटेकर ने अपने एक दोस्त को सीने में तेज दर्ज होने की जानकारी मैसेज से दी थी। मणिपाल हॉस्पिटल के डॉ. शेखर साल्कर ने बताया कि नाना पाटेकर को रात के समय कार्डियक अरेस्ट आया था।

45 मिनट तक दिया गया सीपीआर

डॉक्टर ने ANI को बताया कि नाना पाटेकर को अस्पताल लाए जाने तक उनकी मौत हो चुकी थी। इसके बाद मेडिकल टीम ने करीब 45 मिनट से एक घंटे तक उन्हें बचाने और होश में लाने की कोशिश की, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। डॉक्टर ने बताया, “नाना पाटेकर को करीब 4:30 बजे अस्पताल लाया गया था। उस समय उनकी मौत हो चुकी थी। इसके बाद उन्हें करीब 5:30 बजे मृत घोषित किया गया। मेडिकल टीम ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की। करीब 45 मिनट से एक घंटे तक कार्डियक मसाज दी गई, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।”

दोस्त को किया मैसेज

डॉक्टर ने घटना के बारे में आगे बताया, “हमें जो जानकारी मिली है, उसके मुताबिक करीब 2:30 बजे नाना पाटेकर ने अपने दोस्त को मैसेज कर बताया था कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है। रात का समय होने की वजह से उनके दोस्त ने मैसेज नहीं देखा और उन्हें फोन कर दिया। करीब 4 बजे वह उनके घर पहुंचे। उस समय नाना पाटेकर को काफी पसीना आ रहा था और उनकी हालत बिगड़ रही थी। उन्हें उठाया गया और जरूरी मदद देने की कोशिश की गई, लेकिन वह धीरे-धीरे बेहोश होने लगे। इसके बाद उनके केयरटेकर को अस्पताल भेजा गया और वह हमारी एंबुलेंस से उन्हें लेकर अस्पताल पहुंचा।”

अस्पताल पहुंचने तक हो गई थी मौत

इसके बाद उन्होंने बताया, “उन्हें सुबह करीब 4:20 से 4:30 बजे के बीच हमारे अस्पताल लाया गया था। हमने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन अस्पताल पहुंचने तक उनकी मौत हो चुकी थी। इसके बाद हमें पुलिस केस दर्ज करना पड़ा, क्योंकि यह मेडिको-लीगल केस (MLC) था। शव को अब पोस्टमार्टम के लिए गोवा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया है। उस समय उनके परिवार का कोई सदस्य वहां मौजूद नहीं था। उनके साथ उनके दोस्त और एक केयरटेकर थे।”

नाना पाटेकर के बारे में

नाना पाटेकर, जिनका असली नाम विश्वनाथ पाटेकर था, ने साल 1978 में फिल्म ‘गमन’ से एक्टिंग की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने हिंदी और मराठी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई। ‘अंकुश’, ‘प्रतिघात’, ‘सलाम बॉम्बे!’ और ‘परिंदा’ जैसी फिल्मों ने उन्हें दर्शकों के बीच पहचान दिलाई। आगे चलकर उन्होंने ‘प्रहार: द फाइनल अटैक’, ‘तिरंगा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘अग्नि साक्षी’, ‘खामोशी: द म्यूजिकल’, ‘अब तक छप्पन’, ‘अपहरण’ और ‘राजनीति’ जैसी कई फिल्मों में दमदार अभिनय किया। अपने लंबे करियर में नाना पाटेकर को तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिले और साल 2013 में उन्हें पद्म श्री से सम्मानित किया गया।

Nana Patekar Wife: 750 रुपए में की शादी…, 35 साल पत्नी से रहे अलग पर नाना पाटेकर ने नहीं दिया था तलाक

Nana Patekar Wife: दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 8 अक्टूबर 2026 को 75 साल की उम्र में निधन हो गया। खबरों के मुताबिक गोवा में अपने घर पर उन्हें कार्डियक अरेस्ट हुआ और उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं पाए। एक्टर का असली नाम विश्वनाथ पाटेकर है। बचपन में उनकी एक छोटी बहन उन्हें प्यार से ‘नाना’ बुलाती थी। बाद में यही नाम उनकी पहचान का जरिया बना। उनके पासपोर्ट और आधार कार्ड पर भी ‘नाना पाटेकर’ ही लिखा गया है।

नाना अपनी दमदार एक्टिंग और स्क्रीन पर अपनी खास मौजूदगी के लिए तो मशहूर थे ही, लेकिन उनकी पर्सनल लाइफ भी हमेशा चर्चा का विषय रही। उनके रिश्तों में एक रिश्ता जो अक्सर चर्चा में रहा… वह था नीलकंती पाटेकर के साथ उनकी शादी। कहा जाता है कि वे बिना तलाक लिए ही करीब 35 साल तक उनसे अलग रहे।

नाना पाटेकर की पत्नी नीलकंती पाटेकर कौन हैं?

नाना पाटेकर की पत्नी नीलकंती पाटेकर हैं। दोनों की पहली मुलाकात थिएटर के दिनों में हुई थी। साथ काम करते-करते उनकी दोस्ती धीरे-धीरे एक रिश्ते में बदल गई। नाना और नीलकंती की शादी 1978 में हुई थी। शादी का कुल खर्च 750 रुपए आया था। कपल के दो बेटे हुए – दुर्वासा पाटेकर और मल्हार पाटेकर।

शुरुआत में नीलकंती बैक में अधिकारी हुआ करती थीं। लेकिन फिर पूरी तरह से एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री से जुड़ गईं। उन्होंने छह साल की उम्र में चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर एक्टिंग शुरू की थी और बाद में मराठी सिनेमा में काम किया। उन्होंने एक राइटर के तौर पर भी काम किया है और अपने काम के लिए नेशनल अवॉर्ड भी जीता है। लंबे समय तक फिल्मों से दूर रहने के बाद उन्होंने विक्की कौशल की फिल्म ‘छावा’ से पर्दे पर वापसी की थी।

नाना पाटेकर और नीलकंती के बड़े बेटे का हुआ जब निधन

नाना और नीलकंती की निजी जिंदगी में भी एक बहुत मुश्किल दौर आया था, जब उनके बड़े बेटे दुर्वासा की मौत ढाई साल की उम्र में हो गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक दुर्वासा को जन्म से ही सेहत से जुड़ी परेशानियां थीं। बाद में उनके छोटे बेटे मल्हार पाटेकर ने फिल्म इंडस्ट्री में कैमरे के पीछे काम करना शुरू किया। उन्होंने राम गोपाल वर्मा की फिल्म ‘द अटैक्स ऑफ 26/11’ में असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम किया और नाना साहब प्रोडक्शन हाउस से भी जुड़े रहे हैं। अपने पिता के उलट मल्हार ज्यादातर लाइमलाइट से दूर रहे हैं और अपनी निजी जिदगी को निजी ही रखते हैं।

नाना पाटेकर और उनकी पत्नी 35 साल तक रहे अलग

कानूनी तौर पर कभी तलाक न लेने के बावजूद नाना और नीलकंती लगभग 35 साल तक अलग-अलग रहे। नाना ने ‘द लल्लनटॉप’ के साथ एक इंटरव्यू में अपनी शादी के बारे में बात की थी। उनके अनुसार उनके व्यक्तित्व और सोचने के तरीकों में अंतर के कारण उनके लिए एक साथ रहना मुश्किल हो गया था। आखिरकार दोनों ने आपसी सहमति से अलग-अलग जीवन जीने का फैसला किया।

अलग होने के बावजूद नाना नीलकंती का सम्मान करते रहे और दोनों ने कभी भी तलाक के जरिए अपनी शादी को औपचारिक रूप से खत्म नहीं किया। पारंपरिक मानकों के हिसाब से उनका रिश्ता असामान्य था, लेकिन नाना की बातों से पता चलता है कि अलग रहने का फैसला इस समझ के साथ लिया गया था कि उनके व्यक्तित्व इतने अलग थे कि वे एक ही घर में नहीं रह सकते थे।

भले ही नाना हिंदी और मराठी सिनेमा के सबसे जाने-माने अभिनेताओं में से एक थे, लेकिन उन्होंने अपनी पारिवारिक जिंदगी का ज्यादातर हिस्सा लोगों की नजरों से दूर रखा। उनकी शादी, उनके बड़े बेटे का निधन और नीलकंती से उनकी लंबी दूरी कभी-कभी चर्चा का विषय बनीं, लेकिन नाना और उनके परिवार ने आम तौर पर अपने निजी रिश्तों को लेकर गोपनीयता बनाए रखी।

75 साल की उम्र में उनके निधन के बाद लोगों का ध्यान एक बार फिर सिनेमा से दूर उनके जीवन के कम सामने आए पहलुओं की ओर गया है, जिसमें नीलकंती के साथ उनकी दशकों लंबी शादी और अलग-अलग रहने के बावजूद शादीशुदा बने रहने का उनका फैसला शामिल है।

Nana Patekar News: ‘लगातार 45 मिनट तक CPR देने के बावजूद हम उन्हें नहीं बचा सके’, नाना पाटेकर की मौत पर आया डॉक्टर का बयान

Nana Patekar News: मशहूर एक्टर नाना पाटेकर का गुरुवार सुबह गोवा में कार्डियक अरेस्ट (दिल का दौरा पड़ने) से निधन हो गया। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की काफी कोशिश की, लेकिन वे सफल नहीं हो सके। एक्टर 75 साल के थे।

जानकारी के मुताबिक नाना पाटेकर डोना पाउला स्थित अपने घर पर थे, तभी उन्हें कार्डियक अरेस्ट हुआ। सीने में तेज दर्द की शिकायत के बाद उनके घर एक मेडिकल टीम भेजी गई, जहां वे बेहोश पाए गए। इसके बाद उन्हें आगे के इलाज के लिए मणिपाल अस्पताल ले जाया गया।

मणिपाल अस्पताल के ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. शेखर सालकर के अनुसार डॉक्टरों ने 45 मिनट तक उनकी धड़कन वापस लाने की कोशिश की, लेकिन रिससिटेशन (resuscitation) के दौरान एक्टर की धड़कन नहीं लौटी। 45 मिनट तक लगातार CPR देने के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। एक मेडिको-लीगल केस (MLC) दर्ज किया गया है और पोस्टमार्टम किया जाएगा।”

सुबह करीब 5:20 बजे एक्टर को मृत घोषित कर दिया गया। MLC की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अधिकारियों द्वारा गुरुवार को पोस्टमार्टम किए जाने की उम्मीद है। पाटेकर हिंदी और मराठी सिनेमा के जाने-माने चेहरों में से एक थे। उनके फिल्मी करियर की शुरुआत 1978 में ‘गमन’ फिल्म से हुई थी। ‘परिंदा’, ‘प्रहार’, ‘अंगार’, ‘क्रांतिवीर’, ‘तिरंगा’, ‘खामोशी’ और ‘अब तक छप्पन’ जैसी फिल्मों में उनकी बेहतरीन एक्टिंग ने उन्हें भारतीय सिनेमा में एक खास पहचान दिलाई।

अपनी उम्र के आखिरी दौर में भी पाटेकर एक्टिंग करते रहे। उनकी हालिया फिल्मों में ‘हाउसफुल 5’ शामिल है, जिसमें अक्षय कुमार, अभिषेक बच्चन और रितेश देशमुख भी हैं। वे विशाल भारद्वाज की फिल्म ‘ओ रोमियो’ में पुलिस ऑफिसर के रोल में भी दिखे थे, जिसमें शाहिद कपूर और तृप्ति डिमरी मुख्य भूमिकाओं में थे। इसके अलावा, उन्होंने अनिल कपूर और राधिका मदान की फिल्म ‘सूबेदार’ में भी एक छोटा सा रोल (कैमियो) किया था।

पाटेकर को भारतीय सिनेमा के सबसे खास और असरदार अभिनेताओं में से एक माना जाता था। उन्होंने हिंदी और मराठी फिल्मों में काम किया। उनके निधन की खबर के बाद नील नितिन मुकेश, खुशबू सुंदर और रितेश देशमुख समेत कई फिल्मी हस्तियों ने उनके गुज़र जाने पर दुख जताया।

Nana Patekar Death: जब बॉलीवुड छोड़ नाना पाटेकर पहुंच गए थे कारगिल बॉर्डर, 60 दिन सेना के साथ रहे; 76 से 56 किलो हो गया था वजन

Nana Patekar Death: नाना पाटेकर को आपने पर्दे पर पुलिस अफसर, गैंगस्टर, सैनिक और आम आदमी जैसे तमाम किरदारों में देखा होगा। लेकिन उनकी जिंदगी का एक ऐसा अध्याय भी है जो किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान नाना पाटेकर करीब 60 दिनों तक भारतीय सेना के जवानों के साथ रहे थे। नाना ने एक इंटरव्यू में बताया था कि कारगिल युद्ध के दौरान वह सेना के साथ जाना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने तत्कालीन रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस से इजाजत मांगी।

शुरुआत में उन्हें बताया गया कि एक आम नागरिक को इस तरह सेना में शामिल नहीं किया जा सकता। लेकिन नाना ने बताया कि उन्होंने कमांडो ट्रेनिंग की है। वह राष्ट्रीय स्तर पर राइफल शूटिंग में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।

फिर सेना के साथ जाने की मिली इजाजत

नाना पाटेकर के मुताबिक, जॉर्ज फर्नांडिस से बातचीत के बाद उन्हें सेना के साथ जाने की अनुमति मिल गई। वह करीब 60 दिन तक सेना के जवानों के साथ रहे और द्रास, लेह, कुपवाड़ा, बारामूला और सोपोर जैसे इलाकों में गए। उन्होंने यह भी बताया कि वह एक Quick Reaction Team (QRT) का हिस्सा बने थे। हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने वहां वास्तव में क्या काम किया, तो नाना ने ऑपरेशनल जानकारी बताने से इनकार कर दिया।

76 किलो से 56 किलो रह गया था वजन

कारगिल में बिताए उन करीब दो महीनों का असर नाना के शरीर पर भी पड़ा। उन्होंने बताया था कि जब वह वहां गए थे, तब उनका वजन करीब 76 किलो था। लेकिन लौटने तक यह घटकर 56 किलो रह गया था। यानी करीब 20 किलो वजन कम हो गया था। नाना के लिए यह सिर्फ रोमांच या प्रचार का हिस्सा नहीं था। उन्होंने कहा था कि उन्हें खुशी थी कि वह देश के लिए कुछ छोटा-सा योगदान कर सके।

फिल्मों में सैनिक का किरदार निभाने से पहले असल ट्रेनिंग

नाना पाटेकर की सेना से यह दिलचस्प जुड़ाव फिल्म ‘प्रहार’ से भी रहा। फिल्म के लिए उन्होंने करीब तीन साल की सैन्य ट्रेनिंग ली थी। उन्हें मानद तौर पर कैप्टन की रैंक भी दी गई थी। यही वजह है कि पर्दे पर सैनिक या पुलिस अधिकारी के किरदार निभाते समय उनकी बॉडी लैंग्वेज और संवाद अदायगी में एक अलग वास्तविकता दिखाई देती थी।

गरीबी में पोस्टर और सड़क की लाइनें भी पेंट कीं

नाना पाटेकर की जिंदगी का एक और पहलू बेहद संघर्षपूर्ण रहा है। फिल्मों में आने से पहले वह फिल्मों के पोस्टर और सड़क की जेब्रा क्रॉसिंग तक पेंट करने का काम कर चुके थे। एक दौर में वह रोजाना करीब 35 रुपये कमाते थे। उसी में गुजारा करते थे। यही संघर्ष आगे चलकर उनके अभिनय में भी दिखाई दिया। उनकी फिल्मों के किरदारों में आम आदमी का गुस्सा, दर्द और संघर्ष बेहद स्वाभाविक नजर आया।

किसानों के लिए भी उठाया बड़ा कदम

नाना पाटेकर की पहचान सिर्फ अभिनेता के तौर पर नहीं रही। 2015 में उन्होंने अभिनेता मकरंद अनासपुरे के साथ मिलकर ‘NAAM Foundation’ की शुरुआत की। इसका फोकस महाराष्ट्र के सूखा प्रभावित गांवों और संकट से जूझ रहे किसानों की मदद करना है। संस्था पानी, गांवों के विकास और किसानों की आजीविका से जुड़े काम करती है। पर्दे पर जिस अभिनेता ने सैनिकों और आम आदमी के किरदारों में जान फूंकी, असल जिंदगी में भी उनकी कहानी संघर्ष, सेना और किसानों से जुड़ी रही।

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