Nana Patekar Death: पंचतत्व में विलीन हुए नाना पाटेकर, नम आंखो से दी गई एक्टर को अंतिम विदाई

Nana Patekar Death: 75 साल की उम्र में नाना पाटेकर का निधन गुरुवार 8 अक्टूबर को गोवा स्थित उनके घर पर कार्डियक अरेस्ट के कारण हो गया। उन्हें सुबह लगभग 5:20 बजे मृत घोषित किया गया। गोवा से उनका पार्थिव शरीर पुणे शाम को पहुंचा था, जहां फैंस और उनके करीबियों ने उनके अंतिम दर्शन किए। नाना पाटेकर पंचतत्व में विलीन हो गए हैं। बेटे ने उन्हें मुखाग्नि दी।

एक्टर के अंतिम दर्शन करने के लिए वहां पहुंचने वालों में एक्टर जैकी श्रॉफ, महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे और महाराष्ट्र सरकार के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी तुकाराम मुंडे शामिल थे। कई अन्य नेता और गणमान्य व्यक्ति भी अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए फार्महाउस पहुँचे। नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल, नगर नियोजन राज्य मंत्री माधुरी मिसल, बीजेपी विधायक गोपीचंद पडलकर और भीमराव तापकीर और एमएलसी सदाभाऊ खोत भी अंतिम संस्कार स्थल पर मौजूद थे।

एकनाथ शिंदे भी नाना पाटेकर के पैतृक गांव (पुणे) पहुंचे ताकि अंतिम संस्कार में शामिल हो सकें और अभिनेता के परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त कर सकें। गुरुवार शाम को गोवा से नाना पाटेकर का पार्थिव शरीर पुणे एयरपोर्ट पहुँचा, जिसके तुरंत बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दिवंगत अभिनेता को श्रद्धांजलि दी।

महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार को पुणे एयरपोर्ट पर दिग्गज एक्टर नाना पाटेकर को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने दिवंगत एक्टर को फूल चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी। वहीं पाटेकर के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री को नाना पाटेकर की पत्नी और बेटे से बात भी की।

जानकारी के मुताबिक नाना पाटेकर डोना पाउला स्थित अपने घर पर थे, तभी उन्हें कार्डियक अरेस्ट हुआ। सीने में तेज दर्द की शिकायत के बाद उनके घर एक मेडिकल टीम भेजी गई, जहां वे बेहोश पाए गए। इसके बाद उन्हें आगे के इलाज के लिए मणिपाल अस्पताल ले जाया गया।

मणिपाल अस्पताल के ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. शेखर सालकर के अनुसार डॉक्टरों ने 45 मिनट तक उनकी धड़कन वापस लाने की कोशिश की, लेकिन रिससिटेशन (resuscitation) के दौरान एक्टर की धड़कन नहीं लौटी। 45 मिनट तक लगातार CPR देने के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। एक मेडिको-लीगल केस (MLC) दर्ज किया गया है और पोस्टमार्टम किया जाएगा।”

सुबह करीब 5:20 बजे एक्टर को मृत घोषित कर दिया गया। MLC की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अधिकारियों द्वारा गुरुवार को पोस्टमार्टम किए जाने की उम्मीद है। पाटेकर हिंदी और मराठी सिनेमा के जाने-माने चेहरों में से एक थे। उनके फिल्मी करियर की शुरुआत 1978 में ‘गमन’ फिल्म से हुई थी। ‘परिंदा’, ‘प्रहार’, ‘अंगार’, ‘क्रांतिवीर’, ‘तिरंगा’, ‘खामोशी’ और ‘अब तक छप्पन’ जैसी फिल्मों में उनकी बेहतरीन एक्टिंग ने उन्हें भारतीय सिनेमा में एक खास पहचान दिलाई।

नाना पाटेकर ने निधन से ठीक पहले रात 2:30 बजे दोस्त को क्या मैसेज किया था? कुछ घंटों बाद हमेशा के लिए हो गए खामोश

Nana Patekar Death News Updates: हिंदी और मराठी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर ने फिल्म जगत को गहरे सदमे में डाल दिया है। जिंदगी भर अपने दमदार अभिनय से दर्शकों के दिलों पर राज करने वाले नाना पाटेकर ने निधन से कुछ घंटे पहले ही अपने एक करीबी दोस्त को मैसेज भेजकर बताया था कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है। इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुवार (8 अक्टूबर) तड़के करीब 2:30 बजे नाना पाटेकर ने अपने दोस्त को मैसेज किया कि वह असहज महसूस कर रहे हैं। उनकी तबीयत ठीक नहीं है। देर रात होने के कारण दोस्त उस मैसेज को समय पर देख नहीं सके।

करीब 4 बजे जब दोस्त उनके घर पहुंचे, तो नाना पाटेकर की हालत बेहद गंभीर थी। वह पसीने से तर थे। उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। इसके बाद उन्हें बचाने की कोशिशें शुरू हुईं। एंबुलेंस और मेडिकल टीम मौके पर पहुंची और उन्हें सीपीआर दिया गया। अस्पताल ले जाते समय भी उन्हें सीपीआर दिया जाता रहा। लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। अस्पताल के मुताबिक, नाना पाटेकर को तड़के अस्पताल लाया गया और करीब 5:20 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। डॉक्टरों ने मौत की वजह कार्डियक अरेस्ट बताई है।

सिनेमा जगत में शोक की लहर

नाना पाटेकर के बेटे मल्हार ने भी उनके निधन की पुष्टि की। पाटेकर के बेटे मल्हार ने ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ से कहा, “हां, यह जानकारी सही है। मैं अभी पुणे में हूं और गोवा पहुंच रहा हूं। मैं जल्द ही इस बारे में विस्तार से जानकारी दूंगा।” उन्होंने बताया कि उनके पिता का अंतिम संस्कार पुणे में किया जाएगा। उनके निधन की खबर सामने आते ही सिनेमा जगत, राजनीति और उनके लाखों प्रशंसकों के बीच शोक की लहर दौड़ गई।

नाना पाटेकर सिर्फ एक अभिनेता नहीं थे, बल्कि अभिनय की अपनी अलग पहचान रखने वाले कलाकार थे। ‘क्रांतिवीर’, ‘परिंदा’, ‘अग्निसाक्षी’, ‘नटसम्राट’, ‘अब तक छप्पन’ और ‘वेलकम’ जैसी फिल्मों में उन्होंने अलग-अलग किरदारों को यादगार बना दिया। करीब पांच दशक लंबे करियर में उन्होंने राष्ट्रीय पुरस्कार से लेकर पद्मश्री तक कई सम्मान हासिल किए। फिल्मों से दूर भी उन्होंने जरूरतमंदों और सूखाग्रस्त किसानों की मदद के लिए काम किया।

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लेकिन अब उनके जाने के बाद सबसे ज्यादा भावुक कर देने वाली बात यही है कि जिस अभिनेता ने पर्दे पर अनगिनत किरदारों में जान फूंकी, उसने जिंदगी के आखिरी घंटों में सिर्फ एक संदेश के जरिए अपनी तबीयत खराब होने की खबर दी… और कुछ ही घंटे बाद उनकी आवाज हमेशा के लिए खामोश हो गई। महाराष्ट्र के सांस्कृतिक मामलों के मंत्री आशीष शेलार ने घोषणा की है कि पाटेकर का अंतिम संस्कार आज राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।

Nana Patekar News: ‘लगातार 45 मिनट तक CPR देने के बावजूद हम उन्हें नहीं बचा सके’, नाना पाटेकर की मौत पर आया डॉक्टर का बयान

Nana Patekar News: मशहूर एक्टर नाना पाटेकर का गुरुवार सुबह गोवा में कार्डियक अरेस्ट (दिल का दौरा पड़ने) से निधन हो गया। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की काफी कोशिश की, लेकिन वे सफल नहीं हो सके। एक्टर 75 साल के थे।

जानकारी के मुताबिक नाना पाटेकर डोना पाउला स्थित अपने घर पर थे, तभी उन्हें कार्डियक अरेस्ट हुआ। सीने में तेज दर्द की शिकायत के बाद उनके घर एक मेडिकल टीम भेजी गई, जहां वे बेहोश पाए गए। इसके बाद उन्हें आगे के इलाज के लिए मणिपाल अस्पताल ले जाया गया।

मणिपाल अस्पताल के ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. शेखर सालकर के अनुसार डॉक्टरों ने 45 मिनट तक उनकी धड़कन वापस लाने की कोशिश की, लेकिन रिससिटेशन (resuscitation) के दौरान एक्टर की धड़कन नहीं लौटी। 45 मिनट तक लगातार CPR देने के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। एक मेडिको-लीगल केस (MLC) दर्ज किया गया है और पोस्टमार्टम किया जाएगा।”

सुबह करीब 5:20 बजे एक्टर को मृत घोषित कर दिया गया। MLC की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अधिकारियों द्वारा गुरुवार को पोस्टमार्टम किए जाने की उम्मीद है। पाटेकर हिंदी और मराठी सिनेमा के जाने-माने चेहरों में से एक थे। उनके फिल्मी करियर की शुरुआत 1978 में ‘गमन’ फिल्म से हुई थी। ‘परिंदा’, ‘प्रहार’, ‘अंगार’, ‘क्रांतिवीर’, ‘तिरंगा’, ‘खामोशी’ और ‘अब तक छप्पन’ जैसी फिल्मों में उनकी बेहतरीन एक्टिंग ने उन्हें भारतीय सिनेमा में एक खास पहचान दिलाई।

अपनी उम्र के आखिरी दौर में भी पाटेकर एक्टिंग करते रहे। उनकी हालिया फिल्मों में ‘हाउसफुल 5’ शामिल है, जिसमें अक्षय कुमार, अभिषेक बच्चन और रितेश देशमुख भी हैं। वे विशाल भारद्वाज की फिल्म ‘ओ रोमियो’ में पुलिस ऑफिसर के रोल में भी दिखे थे, जिसमें शाहिद कपूर और तृप्ति डिमरी मुख्य भूमिकाओं में थे। इसके अलावा, उन्होंने अनिल कपूर और राधिका मदान की फिल्म ‘सूबेदार’ में भी एक छोटा सा रोल (कैमियो) किया था।

पाटेकर को भारतीय सिनेमा के सबसे खास और असरदार अभिनेताओं में से एक माना जाता था। उन्होंने हिंदी और मराठी फिल्मों में काम किया। उनके निधन की खबर के बाद नील नितिन मुकेश, खुशबू सुंदर और रितेश देशमुख समेत कई फिल्मी हस्तियों ने उनके गुज़र जाने पर दुख जताया।

Nana Patekar Death: जब बॉलीवुड छोड़ नाना पाटेकर पहुंच गए थे कारगिल बॉर्डर, 60 दिन सेना के साथ रहे; 76 से 56 किलो हो गया था वजन

Nana Patekar Death: नाना पाटेकर को आपने पर्दे पर पुलिस अफसर, गैंगस्टर, सैनिक और आम आदमी जैसे तमाम किरदारों में देखा होगा। लेकिन उनकी जिंदगी का एक ऐसा अध्याय भी है जो किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान नाना पाटेकर करीब 60 दिनों तक भारतीय सेना के जवानों के साथ रहे थे। नाना ने एक इंटरव्यू में बताया था कि कारगिल युद्ध के दौरान वह सेना के साथ जाना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने तत्कालीन रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस से इजाजत मांगी।

शुरुआत में उन्हें बताया गया कि एक आम नागरिक को इस तरह सेना में शामिल नहीं किया जा सकता। लेकिन नाना ने बताया कि उन्होंने कमांडो ट्रेनिंग की है। वह राष्ट्रीय स्तर पर राइफल शूटिंग में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।

फिर सेना के साथ जाने की मिली इजाजत

नाना पाटेकर के मुताबिक, जॉर्ज फर्नांडिस से बातचीत के बाद उन्हें सेना के साथ जाने की अनुमति मिल गई। वह करीब 60 दिन तक सेना के जवानों के साथ रहे और द्रास, लेह, कुपवाड़ा, बारामूला और सोपोर जैसे इलाकों में गए। उन्होंने यह भी बताया कि वह एक Quick Reaction Team (QRT) का हिस्सा बने थे। हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने वहां वास्तव में क्या काम किया, तो नाना ने ऑपरेशनल जानकारी बताने से इनकार कर दिया।

76 किलो से 56 किलो रह गया था वजन

कारगिल में बिताए उन करीब दो महीनों का असर नाना के शरीर पर भी पड़ा। उन्होंने बताया था कि जब वह वहां गए थे, तब उनका वजन करीब 76 किलो था। लेकिन लौटने तक यह घटकर 56 किलो रह गया था। यानी करीब 20 किलो वजन कम हो गया था। नाना के लिए यह सिर्फ रोमांच या प्रचार का हिस्सा नहीं था। उन्होंने कहा था कि उन्हें खुशी थी कि वह देश के लिए कुछ छोटा-सा योगदान कर सके।

फिल्मों में सैनिक का किरदार निभाने से पहले असल ट्रेनिंग

नाना पाटेकर की सेना से यह दिलचस्प जुड़ाव फिल्म ‘प्रहार’ से भी रहा। फिल्म के लिए उन्होंने करीब तीन साल की सैन्य ट्रेनिंग ली थी। उन्हें मानद तौर पर कैप्टन की रैंक भी दी गई थी। यही वजह है कि पर्दे पर सैनिक या पुलिस अधिकारी के किरदार निभाते समय उनकी बॉडी लैंग्वेज और संवाद अदायगी में एक अलग वास्तविकता दिखाई देती थी।

गरीबी में पोस्टर और सड़क की लाइनें भी पेंट कीं

नाना पाटेकर की जिंदगी का एक और पहलू बेहद संघर्षपूर्ण रहा है। फिल्मों में आने से पहले वह फिल्मों के पोस्टर और सड़क की जेब्रा क्रॉसिंग तक पेंट करने का काम कर चुके थे। एक दौर में वह रोजाना करीब 35 रुपये कमाते थे। उसी में गुजारा करते थे। यही संघर्ष आगे चलकर उनके अभिनय में भी दिखाई दिया। उनकी फिल्मों के किरदारों में आम आदमी का गुस्सा, दर्द और संघर्ष बेहद स्वाभाविक नजर आया।

किसानों के लिए भी उठाया बड़ा कदम

नाना पाटेकर की पहचान सिर्फ अभिनेता के तौर पर नहीं रही। 2015 में उन्होंने अभिनेता मकरंद अनासपुरे के साथ मिलकर ‘NAAM Foundation’ की शुरुआत की। इसका फोकस महाराष्ट्र के सूखा प्रभावित गांवों और संकट से जूझ रहे किसानों की मदद करना है। संस्था पानी, गांवों के विकास और किसानों की आजीविका से जुड़े काम करती है। पर्दे पर जिस अभिनेता ने सैनिकों और आम आदमी के किरदारों में जान फूंकी, असल जिंदगी में भी उनकी कहानी संघर्ष, सेना और किसानों से जुड़ी रही।

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Nana Patekar passed away: दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का निधन, कार्डियक अरेस्ट से 75 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

Nana Patekar passed away: बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का गुरुवार (8 अक्तूबर) को तड़के गोवा स्थित उनके घर पर दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। खबरों के मुताबिक, पाटेकर अपने घर पर बेहोश पाए गए थे। इसके बाद उन्हें तुरंत इलाज के लिए पास के अस्पताल ले जाया गया। सुबह 5:20 बजे नाना पाटेकर को मृत घोषित कर दिया गया। शुरुआती जांच के अनुसार, उन्हें दिल का दौरा पड़ा था। अस्पताल लाने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की कोशिश में लगभग 45 मिनट तक प्रयास किया, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।

मणिपाल अस्पताल के ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. शेखर सालकर ने न्यूज एजेंसी ANI को बताया, “नाना पाटेकर का आज सुबह 5:20 बजे उनके घर पर दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। लगातार 45 मिनट तक CPR देने के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। एक मेडिको-लीगल केस (MLC) दर्ज किया गया है और पोस्टमार्टम किया जाएगा।”

उनके निधन से जुड़ी परिस्थितियों पर परिवार के सदस्यों और अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। भारत के सबसे प्रशंसित अभिनेताओं में से एक, पाटेकर हिंदी और मराठी सिनेमा में अपने अभिनय के लिए जाने जाते थे। उनका करियर कई दशकों तक फैला रहा। उन्हें ‘परिंदा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘अब तक छप्पन’ और ‘वेलकम’ जैसी फिल्मों के लिए व्यापक पहचान मिली।