Nana Patekar Death: पंचतत्व में विलीन हुए नाना पाटेकर, नम आंखो से दी गई एक्टर को अंतिम विदाई

Nana Patekar Death: 75 साल की उम्र में नाना पाटेकर का निधन गुरुवार 8 अक्टूबर को गोवा स्थित उनके घर पर कार्डियक अरेस्ट के कारण हो गया। उन्हें सुबह लगभग 5:20 बजे मृत घोषित किया गया। गोवा से उनका पार्थिव शरीर पुणे शाम को पहुंचा था, जहां फैंस और उनके करीबियों ने उनके अंतिम दर्शन किए। नाना पाटेकर पंचतत्व में विलीन हो गए हैं। बेटे ने उन्हें मुखाग्नि दी।

एक्टर के अंतिम दर्शन करने के लिए वहां पहुंचने वालों में एक्टर जैकी श्रॉफ, महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे और महाराष्ट्र सरकार के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी तुकाराम मुंडे शामिल थे। कई अन्य नेता और गणमान्य व्यक्ति भी अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए फार्महाउस पहुँचे। नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल, नगर नियोजन राज्य मंत्री माधुरी मिसल, बीजेपी विधायक गोपीचंद पडलकर और भीमराव तापकीर और एमएलसी सदाभाऊ खोत भी अंतिम संस्कार स्थल पर मौजूद थे।

एकनाथ शिंदे भी नाना पाटेकर के पैतृक गांव (पुणे) पहुंचे ताकि अंतिम संस्कार में शामिल हो सकें और अभिनेता के परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त कर सकें। गुरुवार शाम को गोवा से नाना पाटेकर का पार्थिव शरीर पुणे एयरपोर्ट पहुँचा, जिसके तुरंत बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दिवंगत अभिनेता को श्रद्धांजलि दी।

महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार को पुणे एयरपोर्ट पर दिग्गज एक्टर नाना पाटेकर को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने दिवंगत एक्टर को फूल चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी। वहीं पाटेकर के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री को नाना पाटेकर की पत्नी और बेटे से बात भी की।

जानकारी के मुताबिक नाना पाटेकर डोना पाउला स्थित अपने घर पर थे, तभी उन्हें कार्डियक अरेस्ट हुआ। सीने में तेज दर्द की शिकायत के बाद उनके घर एक मेडिकल टीम भेजी गई, जहां वे बेहोश पाए गए। इसके बाद उन्हें आगे के इलाज के लिए मणिपाल अस्पताल ले जाया गया।

मणिपाल अस्पताल के ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. शेखर सालकर के अनुसार डॉक्टरों ने 45 मिनट तक उनकी धड़कन वापस लाने की कोशिश की, लेकिन रिससिटेशन (resuscitation) के दौरान एक्टर की धड़कन नहीं लौटी। 45 मिनट तक लगातार CPR देने के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। एक मेडिको-लीगल केस (MLC) दर्ज किया गया है और पोस्टमार्टम किया जाएगा।”

सुबह करीब 5:20 बजे एक्टर को मृत घोषित कर दिया गया। MLC की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अधिकारियों द्वारा गुरुवार को पोस्टमार्टम किए जाने की उम्मीद है। पाटेकर हिंदी और मराठी सिनेमा के जाने-माने चेहरों में से एक थे। उनके फिल्मी करियर की शुरुआत 1978 में ‘गमन’ फिल्म से हुई थी। ‘परिंदा’, ‘प्रहार’, ‘अंगार’, ‘क्रांतिवीर’, ‘तिरंगा’, ‘खामोशी’ और ‘अब तक छप्पन’ जैसी फिल्मों में उनकी बेहतरीन एक्टिंग ने उन्हें भारतीय सिनेमा में एक खास पहचान दिलाई।

Nana Patekar News: नाना पाटेकर के निधन दुखी सलमान खान ने पोस्टपोन किया इवेंट, शाहरुख खान शेयर की यादें

Nana Patekar News: बॉलीवुड स्टार शाहरुख खान अपने दोस्त और को-स्टार नाना पाटेकर के निधन पर शोक जताया हैं। गुरुवार को इंस्टाग्राम पर लिखे एक नोट में उन्होंने याद किया कि कैसे नाना ने एक बार उनसे कहा था कि हीरो के तौर पर करियर बनाते समय वे अपने अंदर के एक्टर को न खोएं। नाना का 8 अक्टूबर को गोवा में 75 साल की उम्र में कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया। शाहरुख ने शाम को उनके लिए श्रद्धांजलि दी।

शाहरुख खान को याद आए नाना पाटेकर

शाहरुख ने अपनी 1992 की फिल्म ‘राजू बन गया जेंटलमैन’ से नाना के साथ एक तस्वीर शेयर की। उन्होंने उनके साथ शूटिंग के दिनों को याद करते हुए लिखा, “जब मैं उनसे पहली बार मिला तो घबराहट और झिझक की वजह से मैं अपने बाल ठीक करने लगा। उन्होंने मेरा हाथ झटक दिया और कहा, ‘हीरो की तरह बाल मत बना… तू एक्टर है’!”

एक्टर ने नाना के स्वभाव के बारे में भी लिखा- “वह चापलूसी नहीं करते थे। वह वही नहीं कहते थे जो आप सुनना चाहते थे, बल्कि वही कहते थे जो आपको सुनना चाहिए था। नाना ऐसे ही थे – साफ-सुथरे, थोड़े सख्त, ईमानदार और उनकी मुस्कान बहुत प्यारी थी।” शाहरुख ने आगे कहा- “प्यार जताने का उनका अंदाज हमेशा अनोखा होता था। वह पहले आप पर चिल्लाते थे और फिर तीसरी या चौथी बार डांटने के बीच ही आपको एहसास होता था कि वह आपको गले लगा रहे हैं। वह मुझे बहुत प्यार करते थे और मैं भी उन्हें बहुत मानता था।”

शाहरुख ने नाना के साथ अपने रिश्ते के बारे में आगे लिखा, “वह एक मेंटर, टीचर, आलोचक और दोस्त थे, जो कैरम के खेल में मुझे और अपने आस-पास के सभी लोगों को बार-बार हराते थे और अपनी जीत का मजा लेते थे।” उन्होंने आगे कहा, “नाना, आपका जोश, हंसी, पागलपन और प्यार हमेशा हमारे साथ रहेगा। काश हमारे पास और बातें करने, एक और बहस करने, एक और कप चाय पीने और कैरम खेलने का समय होता।”

शाहरुख ने बताया कि उन्हें अपने दोस्त की कितनी याद आएगी, “आपने न सिर्फ सिनेमा की दुनिया में, बल्कि सभी भारतीयों और दुनिया भर के लोगों के दिलों में एक खालीपन छोड़ दिया है। मैं बस इतना ही कह सकता हूं कि मुझे आपकी बहुत याद आएगी और मैं आपकी कही बातों को हमेशा अपने दिल में संजोकर रखूंगा… ‘हीरो बनने के चक्कर में एक्टर मत खोना’। आपकी आत्मा को शांति मिले नाना और अल्लाह आप पर कृपा बनाए रखे। स्वर्ग भी धन्य हो जाएगा जब आप वहां पहुंचेंगे… एक बेहतरीन एक्टर और एक बेजोड़ कैरम चैंपियन। आपसे बहुत प्यार है और आपकी बहुत याद आती है!! बहुत जल्दी चले गए मेरे हीरो! RIP।”

सलमान खान ने पोस्टपोन किया इवेंट

बॉलीवुड एक्टर सलमान खान का गुरुवार को मुंबई में होने वाला इवेंट टाल दिया गया है। यह फैसला दिग्गज एक्टर नाना पाटेकर के निधन के बाद किया गया, जिनका गोवा में अपने घर पर कार्डियक अरेस्ट के कारण 75 साल की उम्र में निधन हो गया। इन दोनों एक्टर्स ने संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘खामोशी द म्यूजिकल’ (1996) में साथ काम किया था।

गुरुवार को बांद्रा के ताज लैंड्स एंड में GB रियल्टी के एक इवेंट में सलमान के शामिल होने की उम्मीद थी। नाना और सलमान ने ‘खामोशी’ फिल्म में साथ काम किया था, जिसमें नाना ने मनीषा कोइराला के किरदार ‘एनी’ के पिता ‘जोसेफ’ का रोल निभाया था, जबकि सलमान ने ‘राज’ का रोल किया था। इस फिल्म में सीमा बिस्वास भी थीं; यह फिल्म संजय के शुरुआती और यादगार कामों में से एक है।

Nana Patekar News: नाना पाटेकर के पुणे वाले घर के बाहर उमड़ी भीड़, मौत की खबर सुन फूट-फूटकर रो पड़ा फैन

Nana Patekar News: 8 अक्टूबर को नाना पाटेकर के निधन से फिल्म इंडस्ट्री और उनके अनगिनत चाहने वालों को गहरा सदमा लगा है। गोवा में अपने घर पर कार्डियक अरेस्ट (दिल का दौरा पड़ने) के कारण इस दिग्गज अभिनेता का निधन हो गया। वे 75 वर्ष के थे। एक वीडियो में पुणे के डोनाजे इलाके में स्थित नाना पाटेकर के घर ‘नानाची वाडी’ के बाहर एक प्रशंसक को फूट-फूटकर रोते हुए देखा जा सकता है।

रिपोर्ट के मुताबिक घर से अस्पताल लाए जाने के बाद डॉक्टरों ने लगभग 45 मिनट तक उन्हें होश में लाने की कोशिश की, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई। सुबह 5:20 बजे अभिनेता को मृत घोषित कर दिया गया। नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार गुरुवार शाम पुणे के पास डोनाजे स्थित उनके फार्महाउस पर किया जाएगा। थिएटर और सिनेमा में उनके योगदान को देखते हुए इस दिग्गज अभिनेता को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी।

1 जनवरी 1951 को महाराष्ट्र में जन्मे नाना पाटेकर ने अपनी दमदार अदाकारी, डायलॉग बोलने के खास अंदाज और लीक से हटकर किरदारों को निभाने के लिए अपनी अलग पहचान बनाई। तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के विजेता, वे ‘नटसम्राट’, ‘वजूद’, ‘परिंदा’, ‘अब तक छप्पन’ और ‘यशवंत’ जैसी फिल्मों में अपने अभिनय के लिए जाने जाते हैं।

नाना पाटेकर ने 1978 की फिल्म ‘गमन’ से बॉलीवुड में कदम रखा था। 2000 के दशक की शुरुआत में पाटेकर को ‘शक्ति द पावर’ (2002), ‘अब तक छप्पन’ (2004), ‘अपहरण’ (2005) और ‘टैक्सी नंबर 9211’ (2006) में अपने अभिनय के लिए काफी सराहना मिली। उन्हें ‘वेलकम’ (2007) में गैंगस्टर उदय शेट्टी के कॉमिक किरदार के लिए भी खूब तारीफ मिली। उन्होंने इसके सीक्वल ‘वेलकम बैक’ (2015) में भी यही भूमिका निभाई थी। अभिनेता कॉमेडी थ्रिलर ‘हाउसफुल 5’ में भी नजर आए थे।

वे पॉलिटिकल थ्रिलर फिल्म ‘राजनीति’ (2010) का भी हिस्सा थे, जिसके लिए उन्हें ‘बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर’ के तौर पर पांचवीं बार फिल्मफेयर अवॉर्ड के लिए नॉमिनेट किया गया था। 2016 में उन्हें मराठी फिल्म ‘नटसम्राट’ में अपनी एक्टिंग के लिए ‘बेस्ट एक्टर’ का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला।

पाटेकर को पद्म श्री से भी सम्मानित किया गया था। उन्हें यह सम्मान 2013 में सिनेमा और कला के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए दिया गया था। वे ‘यशवंत’ (1997), ‘वजूद’ (1998) और ‘आंच’ (2003) जैसी फिल्मों में प्लेबैक सिंगिंग के लिए भी जाने जाते थे। नाना पाटेकर को आखिरी बार उनकी मौत से चार दिन पहले गोवा के डोना पाउला में देखा गया था, जहां वे ‘सम्राट क्लब इंटरनेशनल’ के इंस्टॉलेशन समारोह में शामिल हुए थे और उन्होंने वहां भाषण भी दिया था।

नाना पाटेकर ने निधन से ठीक पहले रात 2:30 बजे दोस्त को क्या मैसेज किया था? कुछ घंटों बाद हमेशा के लिए हो गए खामोश

Nana Patekar Death News Updates: हिंदी और मराठी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर ने फिल्म जगत को गहरे सदमे में डाल दिया है। जिंदगी भर अपने दमदार अभिनय से दर्शकों के दिलों पर राज करने वाले नाना पाटेकर ने निधन से कुछ घंटे पहले ही अपने एक करीबी दोस्त को मैसेज भेजकर बताया था कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है। इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुवार (8 अक्टूबर) तड़के करीब 2:30 बजे नाना पाटेकर ने अपने दोस्त को मैसेज किया कि वह असहज महसूस कर रहे हैं। उनकी तबीयत ठीक नहीं है। देर रात होने के कारण दोस्त उस मैसेज को समय पर देख नहीं सके।

करीब 4 बजे जब दोस्त उनके घर पहुंचे, तो नाना पाटेकर की हालत बेहद गंभीर थी। वह पसीने से तर थे। उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। इसके बाद उन्हें बचाने की कोशिशें शुरू हुईं। एंबुलेंस और मेडिकल टीम मौके पर पहुंची और उन्हें सीपीआर दिया गया। अस्पताल ले जाते समय भी उन्हें सीपीआर दिया जाता रहा। लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। अस्पताल के मुताबिक, नाना पाटेकर को तड़के अस्पताल लाया गया और करीब 5:20 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। डॉक्टरों ने मौत की वजह कार्डियक अरेस्ट बताई है।

सिनेमा जगत में शोक की लहर

नाना पाटेकर के बेटे मल्हार ने भी उनके निधन की पुष्टि की। पाटेकर के बेटे मल्हार ने ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ से कहा, “हां, यह जानकारी सही है। मैं अभी पुणे में हूं और गोवा पहुंच रहा हूं। मैं जल्द ही इस बारे में विस्तार से जानकारी दूंगा।” उन्होंने बताया कि उनके पिता का अंतिम संस्कार पुणे में किया जाएगा। उनके निधन की खबर सामने आते ही सिनेमा जगत, राजनीति और उनके लाखों प्रशंसकों के बीच शोक की लहर दौड़ गई।

नाना पाटेकर सिर्फ एक अभिनेता नहीं थे, बल्कि अभिनय की अपनी अलग पहचान रखने वाले कलाकार थे। ‘क्रांतिवीर’, ‘परिंदा’, ‘अग्निसाक्षी’, ‘नटसम्राट’, ‘अब तक छप्पन’ और ‘वेलकम’ जैसी फिल्मों में उन्होंने अलग-अलग किरदारों को यादगार बना दिया। करीब पांच दशक लंबे करियर में उन्होंने राष्ट्रीय पुरस्कार से लेकर पद्मश्री तक कई सम्मान हासिल किए। फिल्मों से दूर भी उन्होंने जरूरतमंदों और सूखाग्रस्त किसानों की मदद के लिए काम किया।

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लेकिन अब उनके जाने के बाद सबसे ज्यादा भावुक कर देने वाली बात यही है कि जिस अभिनेता ने पर्दे पर अनगिनत किरदारों में जान फूंकी, उसने जिंदगी के आखिरी घंटों में सिर्फ एक संदेश के जरिए अपनी तबीयत खराब होने की खबर दी… और कुछ ही घंटे बाद उनकी आवाज हमेशा के लिए खामोश हो गई। महाराष्ट्र के सांस्कृतिक मामलों के मंत्री आशीष शेलार ने घोषणा की है कि पाटेकर का अंतिम संस्कार आज राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।

नाना पाटेकर के निधन से बॉलीवुड में शोक की लहर

दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन से बॉलीवुड के साथ मराठी सिनेमा और रंगमंच जगत में शोक की लहर दौड़ गयी। नाना पाटेकर के निधन पर फिल्म जगत की कई प्रमुख हस्तियों ने उन्हें याद करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

सुपरस्टार रजनीकांत ने नाना पाटेकर को अपना प्रिय मित्र बताते हुए कहा कि उन्हें विश्वास नहीं हो रहा कि वह अब उनके बीच नहीं हैं। उन्होंने नाना के परिवार और प्रियजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

फिल्मकार सुभाष घई ने नाना पाटेकर को भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि मराठी और हिंदी सिनेमा के साथ रंगमंच भी उन्हें हमेशा याद रखेगा। उन्होंने नाना पाटेकर को पर्दे का वास्तविक ‘नटसम्राट’ बताते हुए कहा कि वह एक ऐसे महान मित्र थे, जिनके रिश्तों में किसी तरह का स्वार्थ या लेन-देन नहीं था।श्री घई ने उन्हें ईमानदार, दुर्लभ और अनूठे व्यक्तित्व का धनी बताते हुए कहा कि वह अच्छे दार्शनिक और विद्वान भी थे। उन्होंने नाना को याद करते हुए कहा कि वह मां की तरह बेहतरीन खाना बनाने वाले व्यक्ति थे। उन्होंने कहा कि नाना से सभी ने प्रेम किया और यह प्रेम हमेशा कायम रहेगा।

अक्षय कुमार ने नाना पाटेकर को बेमिसाल प्रतिभा का धनी कलाकार बताते हुए कहा कि उनकी आवाज, अभिनय और हर किरदार में सच्चाई उन्हें विशिष्ट बनाती थी। उन्होंने ‘वेलकम’ और ‘हाउसफुल 5’ में नाना के साथ काम की यादों को भी साझा किया।

सनी देओल ने नाना के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें निडर और जिंदगी से भरपूर इंसान बताया। उन्होंने कहा कि दोनों ने साथ काम नहीं किया, लेकिन वर्षों से उनके बीच विशेष संबंध था।

रितेश देशमुख ने कहा कि नाना पाटेकर के निधन की खबर ने उन्हें भीतर तक झकझोर दिया। उन्होंने नाना को बेजोड़ अभिनेता बताते हुए कहा कि वह नायक, खलनायक और हास्य सहित हर भूमिका में अपनी अलग छाप छोड़ते थे। उन्होंने नाना के सामाजिक कार्यों को भी याद किया और उनके साथ मराठी फिल्म करने की अपनी अधूरी इच्छा का उल्लेख किया।

मशहूर कलाकार प्रकाश राज ने नाना के साथ बिताए समय, बातचीत और बहसों को याद किया। उन्होंने नाना के खाना बनाने के हुनर, उनकी समझ और जीवन से जुड़ी सीख को श्रद्धांजलि में याद किया।

अभिनेत्री उर्मिला मातोंडकर ने कहा कि नाना पाटेकर के निधन का दुख शब्दों से परे है। उन्होंने उन्हें मराठी रंगमंच का महान स्तंभ, दिग्गज कलाकार और शानदार इंसान बताया।

अनुपम खेर ने नाना की बेबाकी और गर्मजोशी को याद करते हुए कहा कि काश वह उन्हें एक बार फिर गले लगा पाते।

सुनील शेट्टी ने कहा कि नाना जैसे ईमानदार और अपने हुनर के उस्ताद कलाकार दोबारा मिलना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि सिनेमा में ‘एक ही नाना’ थे और उनके बिना फिल्म जगत पहले जैसा नहीं रहेगा।

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रवीना टंडन ने नाना पाटेकर के निधन पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि उनके साथ उनका रिश्ता आपसी सम्मान, प्रेम और स्नेह पर आधारित था। उन्होंने याद किया कि नाना पाटेकर ने उनके अभिनय में बारीकियां और गहराई लाने में मदद की थी।

जूनियर एनटीआर ने नाना पाटेकर को भारतीय सिनेमा के बेहतरीन कलाकारों में शामिल बताते हुए कहा कि उनके हर किरदार में ईमानदारी और गहराई दिखाई देती थी और उनका योगदान आने वाली पीढ़ियां याद रखेंगी।

प्रभुदेवा ने नाना पाटेकर के निधन पर दुख जताते हुए उनके दमदार अभिनय, प्रतिभा और भारतीय सिनेमा में उनके योगदान को याद किया।

पंकज त्रिपाठी ने नाना के निधन को फिल्म जगत और अपने लिए व्यक्तिगत क्षति बताया। ‘काला’ में उनके साथ काम कर चुके पंकज ने कहा कि नाना उनके लिए सिर्फ सह-कलाकार नहीं, बल्कि गुरु जैसे थे, जिनसे उन्होंने अभिनय, जीवन के फैसलों और अभिनय की बारीकियां सीखीं। उन्होंने कहा कि नाना की कमी हमेशा महसूस होगी, लेकिन उनकी सीख और शानदार काम आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे। पंकज ने कहा कि नाना पाटेकर किसी भी किरदार में पूरी तरह ढलकर भी अपनी अलग छाप छोड़ते थे और उनका निधन ऐसा लगता है जैसे एक युग का अंत हो गया। उनकी विरासत हमेशा कायम रहेगी।

रवि किशन ने नाना को सरल, जमीन से जुड़े और अपनी जड़ों से जुड़े रहने वाला कलाकार बताया। उन्होंने कहा कि नाना पाटेकर के अभिनय, सादगी और जीवन को देखने के नजरिये से उन्होंने बहुत कुछ सीखा और उनका निधन व्यक्तिगत क्षति है।

कंगना रनौत ने नाना के निधन की खबर पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि नाना पाटेकर हाल में बिल्कुल फिट और स्वस्थ नजर आ रहे थे, इसलिए उनके निधन की खबर बेहद दुखद और स्तब्ध करने वाली है।

शेखर सुमन ने बताया कि नाना पाटेकर ने गणेश उत्सव के बाद उनके शो में आने का वादा किया था। हाल में दोनों की इसको लेकर बातचीत भी हुई थी, लेकिन यह वादा पूरा नहीं हो सका। उन्होंने नाना पाटेकर को निडर, ईमानदार और अद्भुत इंसान बताते हुए उनके साथ बिताए समय को याद किया।

नाना पाटेकर ने करीब पांच दशक के अपने फिल्मी सफर में ‘परिंदा’, ‘वजूद’, ‘अब तक छप्पन’, ‘अपहरण’, ‘शक्ति : द पावर’, ‘टैक्सी नंबर 9211’, ‘राजनीति’, ‘नटसम्राट’, ‘वेलकम’, ‘वेलकम बैक’ और ‘हाउसफुल 5’ सहित अनेक फिल्मों में यादगार भूमिकाएं निभायीं। अपनी दमदार आवाज, संवाद अदायगी और विविधतापूर्ण अभिनय के लिए पहचाने जाने वाले नाना पाटेकर ने राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों सहित कई प्रतिष्ठित सम्मान हासिल किये। उनके निधन से भारतीय सिनेमा ने एक ऐसे कलाकार को खो दिया, जिसकी अभिनय शैली और व्यक्तित्व की अलग पहचान थी।

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दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का निधन

जाने-माने अभिनेता और फिल्म निर्माता निर्देशक नाना पाटेकर का गुरुवार तड़के यहां निधन हो गया। वह 75 साल के थे। अस्पताल सूत्रों के अनुसार नाना पाटेकर घर में बेहोश हो गए थे।

डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की भरपूर कोशिश की लेकिन असफल रहे। उन्हें सुबह 5:20 बजे मृत घोषित कर दिया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार सूत्रों ने बताया कि श्री पाटेकर के घरेलू सहायक अस्पताल से एंबुलेस लेकर गए थे और थोडी देर में चिकित्सकों का एक दल भी उनके घर पहुंच गया। 

श्री पाटेकर को सीपीआर दिया गया लेकिन कोई फायदा नहीं मिला। उन्हें अस्पताल लाया गया,लेकिन ऐसा लगता है कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनका निधन हो चुका था। इस वजह से अस्पताल ने इसे मेडिकल कार्डियो का मामला मान कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा दिया है। श्री पाटेकर दिल के मरीज भी थे।

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उनका 1978 में नीलकांति से विवाह हुआ था और उनके एक पुत्र मल्हार पाटेकर हैं। महाराष्ट्र में एक जनवरी 1951 को जन्मे श्री पाटेकर ने लगभग पांच दशकों के अपनी फिल्मी करियर में हर तरह की भूमिकाएं निभाई और भारतीय सिनेमा के सबसे जाने-पहचाने अभिनेताओं में से एक बन गए। 

वे अपनी दमदार संवाद अदायगी के अंदाज़ और मुश्किल किरदारों को बेहतरीन ढंग से निभाने के लिए जाने जाते थे। उन्होंने 1978 में फिल्म ‘गमन’ से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की। तीन बार नेशनल फिल्म अवॉर्ड जीतने वाले पाटेकर को सिनेमा और कला में उनके योगदान के लिए 2013 में पद्म श्री से भी सम्मानित किया गया था।

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Nana Patekar News: ‘लगातार 45 मिनट तक CPR देने के बावजूद हम उन्हें नहीं बचा सके’, नाना पाटेकर की मौत पर आया डॉक्टर का बयान

Nana Patekar News: मशहूर एक्टर नाना पाटेकर का गुरुवार सुबह गोवा में कार्डियक अरेस्ट (दिल का दौरा पड़ने) से निधन हो गया। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की काफी कोशिश की, लेकिन वे सफल नहीं हो सके। एक्टर 75 साल के थे।

जानकारी के मुताबिक नाना पाटेकर डोना पाउला स्थित अपने घर पर थे, तभी उन्हें कार्डियक अरेस्ट हुआ। सीने में तेज दर्द की शिकायत के बाद उनके घर एक मेडिकल टीम भेजी गई, जहां वे बेहोश पाए गए। इसके बाद उन्हें आगे के इलाज के लिए मणिपाल अस्पताल ले जाया गया।

मणिपाल अस्पताल के ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. शेखर सालकर के अनुसार डॉक्टरों ने 45 मिनट तक उनकी धड़कन वापस लाने की कोशिश की, लेकिन रिससिटेशन (resuscitation) के दौरान एक्टर की धड़कन नहीं लौटी। 45 मिनट तक लगातार CPR देने के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। एक मेडिको-लीगल केस (MLC) दर्ज किया गया है और पोस्टमार्टम किया जाएगा।”

सुबह करीब 5:20 बजे एक्टर को मृत घोषित कर दिया गया। MLC की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अधिकारियों द्वारा गुरुवार को पोस्टमार्टम किए जाने की उम्मीद है। पाटेकर हिंदी और मराठी सिनेमा के जाने-माने चेहरों में से एक थे। उनके फिल्मी करियर की शुरुआत 1978 में ‘गमन’ फिल्म से हुई थी। ‘परिंदा’, ‘प्रहार’, ‘अंगार’, ‘क्रांतिवीर’, ‘तिरंगा’, ‘खामोशी’ और ‘अब तक छप्पन’ जैसी फिल्मों में उनकी बेहतरीन एक्टिंग ने उन्हें भारतीय सिनेमा में एक खास पहचान दिलाई।

अपनी उम्र के आखिरी दौर में भी पाटेकर एक्टिंग करते रहे। उनकी हालिया फिल्मों में ‘हाउसफुल 5’ शामिल है, जिसमें अक्षय कुमार, अभिषेक बच्चन और रितेश देशमुख भी हैं। वे विशाल भारद्वाज की फिल्म ‘ओ रोमियो’ में पुलिस ऑफिसर के रोल में भी दिखे थे, जिसमें शाहिद कपूर और तृप्ति डिमरी मुख्य भूमिकाओं में थे। इसके अलावा, उन्होंने अनिल कपूर और राधिका मदान की फिल्म ‘सूबेदार’ में भी एक छोटा सा रोल (कैमियो) किया था।

पाटेकर को भारतीय सिनेमा के सबसे खास और असरदार अभिनेताओं में से एक माना जाता था। उन्होंने हिंदी और मराठी फिल्मों में काम किया। उनके निधन की खबर के बाद नील नितिन मुकेश, खुशबू सुंदर और रितेश देशमुख समेत कई फिल्मी हस्तियों ने उनके गुज़र जाने पर दुख जताया।

Nana Patekar Death: जब बॉलीवुड छोड़ नाना पाटेकर पहुंच गए थे कारगिल बॉर्डर, 60 दिन सेना के साथ रहे; 76 से 56 किलो हो गया था वजन

Nana Patekar Death: नाना पाटेकर को आपने पर्दे पर पुलिस अफसर, गैंगस्टर, सैनिक और आम आदमी जैसे तमाम किरदारों में देखा होगा। लेकिन उनकी जिंदगी का एक ऐसा अध्याय भी है जो किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान नाना पाटेकर करीब 60 दिनों तक भारतीय सेना के जवानों के साथ रहे थे। नाना ने एक इंटरव्यू में बताया था कि कारगिल युद्ध के दौरान वह सेना के साथ जाना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने तत्कालीन रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस से इजाजत मांगी।

शुरुआत में उन्हें बताया गया कि एक आम नागरिक को इस तरह सेना में शामिल नहीं किया जा सकता। लेकिन नाना ने बताया कि उन्होंने कमांडो ट्रेनिंग की है। वह राष्ट्रीय स्तर पर राइफल शूटिंग में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।

फिर सेना के साथ जाने की मिली इजाजत

नाना पाटेकर के मुताबिक, जॉर्ज फर्नांडिस से बातचीत के बाद उन्हें सेना के साथ जाने की अनुमति मिल गई। वह करीब 60 दिन तक सेना के जवानों के साथ रहे और द्रास, लेह, कुपवाड़ा, बारामूला और सोपोर जैसे इलाकों में गए। उन्होंने यह भी बताया कि वह एक Quick Reaction Team (QRT) का हिस्सा बने थे। हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने वहां वास्तव में क्या काम किया, तो नाना ने ऑपरेशनल जानकारी बताने से इनकार कर दिया।

76 किलो से 56 किलो रह गया था वजन

कारगिल में बिताए उन करीब दो महीनों का असर नाना के शरीर पर भी पड़ा। उन्होंने बताया था कि जब वह वहां गए थे, तब उनका वजन करीब 76 किलो था। लेकिन लौटने तक यह घटकर 56 किलो रह गया था। यानी करीब 20 किलो वजन कम हो गया था। नाना के लिए यह सिर्फ रोमांच या प्रचार का हिस्सा नहीं था। उन्होंने कहा था कि उन्हें खुशी थी कि वह देश के लिए कुछ छोटा-सा योगदान कर सके।

फिल्मों में सैनिक का किरदार निभाने से पहले असल ट्रेनिंग

नाना पाटेकर की सेना से यह दिलचस्प जुड़ाव फिल्म ‘प्रहार’ से भी रहा। फिल्म के लिए उन्होंने करीब तीन साल की सैन्य ट्रेनिंग ली थी। उन्हें मानद तौर पर कैप्टन की रैंक भी दी गई थी। यही वजह है कि पर्दे पर सैनिक या पुलिस अधिकारी के किरदार निभाते समय उनकी बॉडी लैंग्वेज और संवाद अदायगी में एक अलग वास्तविकता दिखाई देती थी।

गरीबी में पोस्टर और सड़क की लाइनें भी पेंट कीं

नाना पाटेकर की जिंदगी का एक और पहलू बेहद संघर्षपूर्ण रहा है। फिल्मों में आने से पहले वह फिल्मों के पोस्टर और सड़क की जेब्रा क्रॉसिंग तक पेंट करने का काम कर चुके थे। एक दौर में वह रोजाना करीब 35 रुपये कमाते थे। उसी में गुजारा करते थे। यही संघर्ष आगे चलकर उनके अभिनय में भी दिखाई दिया। उनकी फिल्मों के किरदारों में आम आदमी का गुस्सा, दर्द और संघर्ष बेहद स्वाभाविक नजर आया।

किसानों के लिए भी उठाया बड़ा कदम

नाना पाटेकर की पहचान सिर्फ अभिनेता के तौर पर नहीं रही। 2015 में उन्होंने अभिनेता मकरंद अनासपुरे के साथ मिलकर ‘NAAM Foundation’ की शुरुआत की। इसका फोकस महाराष्ट्र के सूखा प्रभावित गांवों और संकट से जूझ रहे किसानों की मदद करना है। संस्था पानी, गांवों के विकास और किसानों की आजीविका से जुड़े काम करती है। पर्दे पर जिस अभिनेता ने सैनिकों और आम आदमी के किरदारों में जान फूंकी, असल जिंदगी में भी उनकी कहानी संघर्ष, सेना और किसानों से जुड़ी रही।

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Nana Patekar passed away: दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का निधन, कार्डियक अरेस्ट से 75 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

Nana Patekar passed away: बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का गुरुवार (8 अक्तूबर) को तड़के गोवा स्थित उनके घर पर दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। खबरों के मुताबिक, पाटेकर अपने घर पर बेहोश पाए गए थे। इसके बाद उन्हें तुरंत इलाज के लिए पास के अस्पताल ले जाया गया। सुबह 5:20 बजे नाना पाटेकर को मृत घोषित कर दिया गया। शुरुआती जांच के अनुसार, उन्हें दिल का दौरा पड़ा था। अस्पताल लाने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की कोशिश में लगभग 45 मिनट तक प्रयास किया, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।

मणिपाल अस्पताल के ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. शेखर सालकर ने न्यूज एजेंसी ANI को बताया, “नाना पाटेकर का आज सुबह 5:20 बजे उनके घर पर दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। लगातार 45 मिनट तक CPR देने के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। एक मेडिको-लीगल केस (MLC) दर्ज किया गया है और पोस्टमार्टम किया जाएगा।”

उनके निधन से जुड़ी परिस्थितियों पर परिवार के सदस्यों और अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। भारत के सबसे प्रशंसित अभिनेताओं में से एक, पाटेकर हिंदी और मराठी सिनेमा में अपने अभिनय के लिए जाने जाते थे। उनका करियर कई दशकों तक फैला रहा। उन्हें ‘परिंदा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘अब तक छप्पन’ और ‘वेलकम’ जैसी फिल्मों के लिए व्यापक पहचान मिली।