Nana Patekar Death: पंचतत्व में विलीन हुए नाना पाटेकर, नम आंखो से दी गई एक्टर को अंतिम विदाई

Nana Patekar Death: 75 साल की उम्र में नाना पाटेकर का निधन गुरुवार 8 अक्टूबर को गोवा स्थित उनके घर पर कार्डियक अरेस्ट के कारण हो गया। उन्हें सुबह लगभग 5:20 बजे मृत घोषित किया गया। गोवा से उनका पार्थिव शरीर पुणे शाम को पहुंचा था, जहां फैंस और उनके करीबियों ने उनके अंतिम दर्शन किए। नाना पाटेकर पंचतत्व में विलीन हो गए हैं। बेटे ने उन्हें मुखाग्नि दी।

एक्टर के अंतिम दर्शन करने के लिए वहां पहुंचने वालों में एक्टर जैकी श्रॉफ, महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे और महाराष्ट्र सरकार के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी तुकाराम मुंडे शामिल थे। कई अन्य नेता और गणमान्य व्यक्ति भी अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए फार्महाउस पहुँचे। नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल, नगर नियोजन राज्य मंत्री माधुरी मिसल, बीजेपी विधायक गोपीचंद पडलकर और भीमराव तापकीर और एमएलसी सदाभाऊ खोत भी अंतिम संस्कार स्थल पर मौजूद थे।

एकनाथ शिंदे भी नाना पाटेकर के पैतृक गांव (पुणे) पहुंचे ताकि अंतिम संस्कार में शामिल हो सकें और अभिनेता के परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त कर सकें। गुरुवार शाम को गोवा से नाना पाटेकर का पार्थिव शरीर पुणे एयरपोर्ट पहुँचा, जिसके तुरंत बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दिवंगत अभिनेता को श्रद्धांजलि दी।

महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार को पुणे एयरपोर्ट पर दिग्गज एक्टर नाना पाटेकर को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने दिवंगत एक्टर को फूल चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी। वहीं पाटेकर के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री को नाना पाटेकर की पत्नी और बेटे से बात भी की।

जानकारी के मुताबिक नाना पाटेकर डोना पाउला स्थित अपने घर पर थे, तभी उन्हें कार्डियक अरेस्ट हुआ। सीने में तेज दर्द की शिकायत के बाद उनके घर एक मेडिकल टीम भेजी गई, जहां वे बेहोश पाए गए। इसके बाद उन्हें आगे के इलाज के लिए मणिपाल अस्पताल ले जाया गया।

मणिपाल अस्पताल के ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. शेखर सालकर के अनुसार डॉक्टरों ने 45 मिनट तक उनकी धड़कन वापस लाने की कोशिश की, लेकिन रिससिटेशन (resuscitation) के दौरान एक्टर की धड़कन नहीं लौटी। 45 मिनट तक लगातार CPR देने के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। एक मेडिको-लीगल केस (MLC) दर्ज किया गया है और पोस्टमार्टम किया जाएगा।”

सुबह करीब 5:20 बजे एक्टर को मृत घोषित कर दिया गया। MLC की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अधिकारियों द्वारा गुरुवार को पोस्टमार्टम किए जाने की उम्मीद है। पाटेकर हिंदी और मराठी सिनेमा के जाने-माने चेहरों में से एक थे। उनके फिल्मी करियर की शुरुआत 1978 में ‘गमन’ फिल्म से हुई थी। ‘परिंदा’, ‘प्रहार’, ‘अंगार’, ‘क्रांतिवीर’, ‘तिरंगा’, ‘खामोशी’ और ‘अब तक छप्पन’ जैसी फिल्मों में उनकी बेहतरीन एक्टिंग ने उन्हें भारतीय सिनेमा में एक खास पहचान दिलाई।

विराट के आउट होते ही खाना छोड़ देते थे नाना पाटेकर, क्रिकेट ही नहीं शूटिंग में भी थे माहिर, देखें Video

अपनी दमदार अदाकारी, बेबाक अंदाज और यादगार किरदारों से दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाने वाले दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर अब हमारे बीच नहीं हैं। 75 साल की उम्र में उनके निधन से फिल्म जगत के साथ-साथ उनके चाहने वालों में भी शोक की लहर है। नाना पाटेकर को भले ही फिल्मों में उनके शानदार अभिनय के लिए जाना जाता हो, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि उनका क्रिकेट और शूटिंग जैसे खेलों से भी गहरा रिश्ता था। क्रिकेट के प्रति उनका जुनून इतना ज्यादा था कि पसंदीदा खिलाड़ी विराट कोहली के जल्दी आउट होने पर उनका खाना तक खाने का मन नहीं करता था।

 

2007 में शूटिंग चैंपियनशिप में जीता था ब्रॉन्ज मेडल

 

नाना पाटेकर सिर्फ क्रिकेट के शौकीन ही नहीं थे, बल्कि शूटिंग में भी अपना हुनर दिखा चुके थे। साल 2007 में उन्होंने महाराष्ट्र की टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए इंदौर के पास महू में आयोजित नेशनल 300 मीटर बिग बोर शूटिंग चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया था।

 

इस प्रतियोगिता में उन्होंने 49 प्रतिभागियों के बीच 13वां स्थान हासिल किया था। उनके प्रदर्शन के लिए उन्हें ‘रिनाउंड शॉट’ का खिताब भी मिला था। यानी पर्दे पर किरदारों में जान डालने वाले नाना असल जिंदगी में भी निशानेबाजी के अच्छे खिलाड़ी थे।

नाना पाटेकर 4 दिन पहले ही बोले थे- ‘हम सबको एक दिन जाना है’

नाना पाटेकर 4 दिन पहले ही बोले थे- ‘हम सबको एक दिन जाना है’

 

बचपन में करते थे ऑफ स्पिन गेंदबाजी

 

नाना पाटेकर का क्रिकेट प्रेम बचपन से ही था। एक पुराने इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि वह बचपन में क्रिकेट अच्छा खेलते थे और ऑफ स्पिन गेंदबाज* किया करते थे।

 

हालांकि, उस दौर में क्रिकेट की ट्रेनिंग लेने के लिए उनके पास पैसे नहीं थे। ऐसे में वह मुंबई के शिवाजी पार्क पहुंच जाते थे और वहां अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों को गेंदबाजी करके अपना शौक पूरा करते थे। नाना ने यह भी कहा था कि क्रिकेट के प्रति उनका जुनून उम्र बढ़ने के बाद भी कम नहीं हुआ और कुछ दिन अभ्यास करने के बाद वह आज भी अच्छी गेंदबाजी कर सकते हैं।

 

विराट कोहली थे नाना के फेवरेट क्रिकेटर

 

क्रिकेट की बात हो और विराट कोहली का जिक्र नाना पाटेकर के इंटरव्यू में न आए, ऐसा कम ही हुआ। नाना ने खुलकर बताया था कि विराट कोहली उनके पसंदीदा क्रिकेटर हैं।

 

उन्होंने कहा था कि अगर विराट जल्दी आउट हो जाएं तो उनका खाना खाने का मन तक नहीं करता। नाना के इस बयान ने यह साफ कर दिया था कि वह क्रिकेट को सिर्फ देखते नहीं थे, बल्कि खेल से भावनात्मक रूप से भी जुड़े हुए थे।

 

भारत-पाकिस्तान का मुकाबला होने पर तो नाना टीवी से हटते ही नहीं थे। उनके लिए क्रिकेट का रोमांच आज भी वैसा ही था, जैसा बचपन में हुआ करता था।

 

 क्रिकेट और एक्टिंग को लेकर कही थी खास बात

 

नाना पाटेकर ने क्रिकेट और एक्टिंग के बीच एक दिलचस्प समानता भी बताई थी। उनके मुताबिक, क्रिकेटर और अभिनेता दोनों को लगातार परीक्षा से गुजरना पड़ता है। फर्क सिर्फ इतना है कि क्रिकेटर की परीक्षा कुछ दिनों में पूरी हो जाती है, जबकि एक कलाकार की परीक्षा कई साल तक चल सकती है।

 

उन्होंने अपने क्रिकेट प्रेम को लेकर कहा था कि क्रिकेटरों की तरह कलाकारों को भी हर बार जनता के सामने खुद को साबित करना पड़ता है और आखिरकार फैसला दर्शक ही करते हैं।

एक्टर नहीं शेफ भी थे नाना पाटेकर! सेट पर खुद बनाते थे मटन, पूरी यूनिट को खिलाने का था शौक

एक्टर नहीं शेफ भी थे नाना पाटेकर! सेट पर खुद बनाते थे मटन, पूरी यूनिट को खिलाने का था शौक

 

विराट के आउट होने पर वायरल होते थे मीम्स

 

नाना का विराट कोहली को लेकर दिया गया बयान सोशल मीडिया पर भी खूब चर्चा में रहा। जब भी विराट जल्दी आउट होते या बड़ी पारी खेलते, सोशल मीडिया पर नाना पाटेकर के उस बयान को याद करते हुए मजेदार मीम्स और पोस्ट वायरल होने लगते थे।

 

यही नाना की खासियत थी उनका अंदाज बिल्कुल सीधा, बेबाक और दिल से निकला हुआ होता था। क्रिकेट को लेकर उनका जुनून उनके प्रशंसकों को उनकी फिल्मों से अलग उनकी एक और दिलचस्प तस्वीर दिखाता था।

 

 नाना के निधन पर विराट कोहली ने दी श्रद्धांजलि

 

नाना पाटेकर के निधन की खबर के बाद क्रिकेट जगत से भी उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। विराट कोहली ने नाना की तस्वीर साझा करते हुए उन्हें भारतीय सिनेमा का सच्चा लीजेंड बताया और उनके काम व विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक याद किए जाने की बात कही।

नाना पाटेकर का जाना सिर्फ सिनेमा के लिए एक बड़ी क्षति नहीं है। उनके निधन से क्रिकेट ने भी अपना एक ऐसा जुनूनी प्रशंसक खो दिया, जिसके लिए मैच महज खेल नहीं बल्कि भावनाओं से जुड़ा अनुभव था।

 

पर्दे पर दमदार किरदार निभाने वाले नाना पाटेकर की यादें अब उनकी फिल्मों, उनके बेबाक किस्सों और क्रिकेट के प्रति उनके जुनून के जरिए हमेशा जिंदा रहेंगी।

 

Mithun Chakraborty अब पश्चिम बंगाल की शुभेंदू सरकार में सलाहकार का रोल निभाएंगे, मिलेगा कैबिनेट मंत्री का दर्जा

पश्चिम बंगाल में बीजेपी के सरकार बनाने के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कई बड़े फैसले लिए हैं। ऐसे ही एक अहम फैसले के बारे में उन्होंने उत्तम कुमार शताब्दि समारोह में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जाने-माने फिल्म अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती को राज्य सरकार का सलाहकार नियुक्त किया गया है। वह पश्चिम बंगाल के सांस्कृतिक मामलों के मंत्रालय में अपनी सेवाएं देंगे। इस पद के तहत उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त होगा। बता दें, सांस्कृतिक मंत्रालय सुवेंदु अधिकारी के पास है।

यह कार्यकारी आदेश तुरंत लागू होगा और अगली सूचना तक वैध रहेगा। पश्चिम बंगाल में इस साल हुए विधान सभा चुनाव के बाद सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में बीजेपी की सरकार ने सत्ता संभाली है। अब राज्य में सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने और फिल्म इंडस्ट्री को नए सिरे से खड़ा करने की कोशिश की जा रही है। सरकार का मकसद बंगाल की समृद्ध फिल्म विरासत को बढ़ावा देना और राज्य को एक बड़े सांस्कृतिक व सिनेमाई केंद्र के तौर पर स्थापित करना है। इसी कड़ी में अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती को सरकार में एक अहम जिम्मेदारी दी गई है।

चक्रवर्ती की नियुक्ति का आदेश हो चुका है जारी

इस रणनीतिक नियुक्ति को कार्मिक और प्रशासनिक सुधार विभाग ने (IAS सेल) ने 6 अक्टूबर, 2026 को औपचारिक तौर पर नोटिफाई किया था। आधिकारिक दस्तावेजों के मुताबिक, यह नोटिफिकेशन पश्चिम बंगाल के राज्यपाल के आदेश से, काबिल अथॉरिटी से साफ अप्रूवल के बाद जारी किया गया था। प्रशासन ने इस बात पर जोर दिया कि यह रणनीतिक फैसला पूरी तरह से “आम जनता के हित में” लागू किया गया था, जो सांस्कृति नीति और क्षेत्रीय मनोरंजन पहल को स्ट्रीमलाइन करने के लिए राज्य की बढ़ी हुई कोशिश को दिखाता है।

फिल्म इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने हाल ही में कोलकाता के न्यू टाउन में उत्तम कुमार फिल्म सेंटर की आधारशिला रखी। इसका उद्देश्य फिल्म निर्माण और उससे जुड़ी गतिविधियों के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। सरकार ने अत्याधुनिक थिएटर कॉम्प्लेक्स बनाने की योजना भी सामने रखी है। मुख्यमंत्री ने बंगाल के सांस्कृतिक माहौल को मजबूत करने और फिल्म उद्योग को ज्यादा सहयोग देने की जरूरत पर जोर दिया है। ऐसे में मिथुन चक्रवर्ती की नियुक्ति को सरकार की व्यापक सांस्कृतिक योजना से जोड़कर देखा जा रहा है।

मृणाल सेन की फिल्म से 1976 में किया था डेब्यू

बड़े पैमाने पर ‘बंगाल के गौरव’ के तौर पर मशहूर, मिथुन चक्रवर्ती भारतीय सिनेमा के एक ऐसे दिग्गज हैं जिन्होंने दशकों तक राष्ट्रीय मंच पर पश्चिम बंगाल की सांस्कृतिक बिरादरी को दिखाया है। उन्होंने मृणाल सेन की मशहूर 1976 की आर्ट-हाउस ड्रामा ‘मृगया’ से एक्टिंग में डेब्यू किया, और अपनी पहली ही सिनेमाई परफॉर्मेंस के लिए बेस्ट एक्टर का प्रतिष्ठित राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीता। इस सफलता के बाद, चक्रवर्ती हिंदी और बंगाली दोनों सिनेमा में स्टार बन गए, और खुद को देश के सबसे मशहूर जन-आंदोलनों में से एक और हमेशा रहने वाले सांस्कृतिक राजदूत के रूप में स्थापित किया।

The Vvaan Box Office Collection Day1: सिद्धार्थ मल्होत्रा-तमन्ना भाटिया की जोड़ी का चला जादू, 8 करोड़ से फिल्म ने की ओपनिंग

The Vvaan Box Office Collection Day1: सिद्धार्थ मल्होत्रा ​​और तमन्ना भाटिया की फिल्म ‘द वन फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ शुक्रवार 25 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हुई और इसे मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली। फिल्म ने भारत में बॉक्स ऑफिस पर 8 करोड़ का नेट कलेक्शन किया है।

इंडस्ट्री ट्रैकर Sacnilk के अनुसार ‘द वन’ ने अपनी रिलीज के दिन 6,746 शो में कमाई की। इसका कुल भारतीय ग्रॉस कलेक्शन अभी ₹9.60 करोड़ है, जबकि भारतीय नेट कलेक्शन ₹8 करोड़ तक पहुंच गया है। यह फिल्म दूसरी रिलीज फिल्मों से मुकाबले के बावजूद अच्छी ओपनिंग करने में कामयाब रही है। पहले दिन के आंकड़े आने के बाद अब ओपनिंग वीकेंड में फिल्म का प्रदर्शन यह तय करने में अहम होगा कि बॉक्स ऑफिस पर इसका सफर कैसा रहेगा।

‘द वन’ की कहानी

‘द वन’ की कहानी ऋषि (सिद्धार्थ मल्होत्रा) के इर्द-गिर्द घूमती है। वह शहर में पला-बढ़ा एक तर्कवादी व्यक्ति है जो अपनी पत्नी ममता (तमन्ना भाटिया) के साथ बिहार में अपने पुश्तैनी गांव लौटता है ताकि विरासत में मिली जमीन बेच सके। हालांकि उसके प्लान में तब अचानक बदलाव आता है जब उसे एक जंगल से जुड़ी पुरानी मान्यता के बारे में पता चलता है। इस जंगल में ग्रामीणों का सूर्यास्त के बाद जाना मना है। हैरान ऋषि इसे महज अंधविश्वास मानकर खारिज कर देता है और गांव की कनेक्टिविटी बेहतर करने के लिए जंगल के एक हिस्से को साफ करने के लिए दीपक (सुनील ग्रोवर) का साथ देता है। यहां से शुरू होती हैं चुनौतियां….

‘Vvaan’ की सबसे बड़ी खूबी इसका अलग सब्जेक्ट और भारतीय लोककथा से जुड़ा संसार है। सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया ने अपने-अपने किरदारों के साथ न्याय किया है, जबकि फिल्म का विजुअल ट्रीटमेंट और रहस्यमयी माहौल इसे सामान्य बॉलीवुड फिल्मों से अलग बनाता है। अगर आपको लोककथाओं, रहस्य, रोमांस, एडवेंचर और सुपरनैचुरल कहानियों में दिलचस्पी है तो वन आपको एक अलग सिनेमाई अनुभव दे सकती है।

Sonali Kulkarni: ‘लड़किया आज भी मर रही हैं शादी करने के लिए’, आमिर खान पर दिया सोनाली कुलकर्णी का बयान वायरल

Sonali Kulkarni: सोनाली कुलकर्णी ने ‘भारत’ फिल्म में सलमान खान की मां का रोल निभाया था, जबकि असल जिंदगी में वह बॉलीवुड के ‘भाईजान’ से उम्र में छोटी हैं। जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें लगता है कि महिलाओं को जल्दी ही उम्रदराज रोल मिलने लगते हैं, जबकि पुरुष लंबे समय तक युवा हीरो का रोल करते रहते हैं तो उन्होंने News18 Showsha को बताया कि अब समय बदल गया है और कई पुरुष एक्टर अपनी ‘बड़े-से-बड़े हीरो’ वाली इमेज से बाहर निकल रहे हैं। उन्होंने आमिर खान और सैफ अली खान का उदाहरण दिया।

उस दौर को याद करते हुए जब शादी के बाद महिलाओं को हीरोइन के रोल मिलना बंद हो जाते थे, कुलकर्णी ने कहा, “एक समय था जब हम इस बात पर चर्चा करते थे कि शादी के बाद महिलाओं को हीरोइन के रोल नहीं मिलते। क्या आजकल आप ऐसा सुनते हैं? नहीं। क्योंकि मुझे लगता है कि दर्शकों ने यह साबित कर दिया है कि जैसे हीरो शादी कर सकते हैं, वैसे ही हीरोइनें भी शादी कर सकती हैं। उनके भी बच्चे हो सकते हैं। उनकी भी अपनी फैमिली हो सकती है।”

उन्होंने आगे कहा कि जिस तरह से दुनिया भर का कंटेंट देश में देखा जा रहा है और टैलेंट दिखाने के लिए अलग-अलग माध्यम मौजूद हैं उसे देखते हुए, “मुझे नहीं लगता कि हमारे पास यह शिकायत करने की कोई वजह है कि लड़कियों को अलग तरह के रोल मिल रहे हैं। मुझे उन लोगों पर तरस आता है जो कहते हैं कि वे सिर्फ हीरो बनना चाहते हैं। मुझे नहीं लगता कि आज कोई भी एक्टर इतनी छोटी सोच रखता है। चाहे मेल एक्टर हो या फीमेल एक्टर वे अपने टैलेंट को आजमाना चाहते हैं।”

इसके बाद उन्होंने ‘दिल चाहता है’ के अपने को-स्टार्स, सैफ अली खान और आमिर खान का जिक्र किया और बताया कि कैसे वे चैलेंजिंग रोल कर रहे हैं। सोनाली ने कहा, “हमारे पास ऐसे वर्सेटाइल एक्टर्स हैं। मुझे नहीं लगता कि कोई भी एक्टर यह कहेगा कि वह जवान दिखना चाहता है। अगर हम सैफ अली खान की बात करें तो वे उम्र के साथ और बेहतर होते जा रहे हैं। उन्हें एक ऐसे जवान पिता का रोल करने में कोई डर नहीं लगता जो प्यार में है।”

एक्ट्रेस ने आगे कहा, “आमिर खान एक्सपेरिमेंट करने की मिसाल हैं। मुझे नहीं लगता कि किसी में भी वह करने की हिम्मत है जो उन्होंने ‘दंगल’ में किया है। आमिर खान, जिनके पोस्टर हर जगह लगते हैं, लड़कियां उनके लिए दीवानी हैं, उनसे शादी करने के लिए बेताब हैं। वे बिना किसी प्रोस्थेटिक के खुद को 3-4 बेटियों के पिता के तौर पर पेश कर रहे हैं तो वे मेरे हीरो हैं। वे निडर होकर खुद को तराश रहे हैं।”

सोनाली ने अपनी बात खत्म करते हुए कहा, “मुझे नहीं लगता कि कोई भी अच्छा एक्टर इस होड़ में फंसा है कि उसे जवान दिखना है। वे अपने टैलेंट का प्रदर्शन कर रहे हैं। वे एक्टिंग पर अपनी पकड़ दिखा रहे हैं। जाहिर है उन्हें अपनी उम्र से कोई डर नहीं है।”

आखिरी गाने से फिर गूंजेगी आशा ताई की आवाज! उनके 93वीं जयंती पर

एवरग्रीन सिंगर आशा भोसले की सुरीली आवाज का जादू आज भी म्यूजिक लवर के बीच कायम है। 8 सितंबर को उनकी 93वीं जयंती पर सभी उन्हें याद कर रहे है। उनके निधन के बाद यह पहली बर्थ एनिवर्सरी है, इसलिए यह दिन उनके चाहने वालों के लिए बेहद भावुक है। इस मौके पर उनका आखिरी रिकॉर्ड किया गया फिल्मी गाना भी रिलीज किया जा रहा है। साथ ही, मुंबई में उनके यादगार गानों के जरिए उन्हें खास अंदाज में श्रद्धांजलि दी जा रही है।

संगीत की दुनिया में आशा ताई का शानदार सफर

आशा भोसले के फैंस के लिए उनकी जयंती का दिन बेहद खास है। इस दिन उनका आखिरी रिकॉर्ड किया गया फिल्मी गाना “ऐ मेरी जिंदगी, तू छुपी है कहां” रिलीज हो रहा है। यह गाना साल 2023 में रिकॉर्ड किया गया था और फिल्म ‘ओम का हरि’ का हिस्सा है। आशा ताई ने यह गाना अपनी तबीयत खराब होने से पहले शंकर महादेवन और निलाद्री कुमार के साथ तैयार किया था। आशा भोसले की जयंती पर मुंबई के विले पार्ले दीनानाथ मंगेशकर नाट्यगृह में ‘दिल में आशा’ नाम से खास म्यूजिकल ट्रिब्यूट कार्यक्रम रखा गया है। इस इवेंट में उनकी म्यूजिकल जर्नी को याद किया जा रहा है। जिसमे 12 घंटे तक आशा जी के 93 सुपरहिट हिंदी गाने पेश किए जा रहे हैं। इस तरह उनके जन्मदिन को उनके ही सदाबहार गानों के साथ यादगार बनाया जा रहा है।

हजारों गानों से बनाई अलग पहचान

आशा भोसले का जन्म 8 सितंबर 1933 को महाराष्ट्र के सांगली में हुआ था। उनका परिवार संगीत से गहराई से जुड़ा हुआ था। उनके पिता दीनानाथ मंगेशकर जाने-माने शास्त्रीय गायक और रंगमंच कलाकार थे। बड़ी बहन लता मंगेशकर भी संगीत की दुनिया की महान गायिका बनीं। ऐसे माहौल में आशा जी ने बचपन से ही संगीत सीखा और धीरे-धीरे अपनी अलग पहचान बनाई। आशा भोसले ने अपने लंबे संगीत करियर में कई भाषाओं में गाने गाए। करीब 8 दशकों तक उन्होंने अपनी आवाज से फिल्मी संगीत को नई पहचान दी। उन्होंने 20 से ज्यादा भाषाओं में 12 हजार से ज्यादा गानों को अपनी आवाज दी। रोमांटिक गीतों से लेकर कैबरे, गजल और भाव भरे गीतों तक उन्होंने अलग-अलग तरह के गाने गाकर अपनी पहचान शाबित की।

संगीत की दुनिया में उनके लंबे और शानदार योगदान को देखते हुए आशा भोसले को कई बड़े सम्मान मिले। उन्हें दादासाहब फाल्के पुरस्कार और पद्म विभूषण जैसे प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा गया। उनकी आवाज और गाने आज भी कई जनरेशन के बीच पॉपुलर हैं। आशा भोसले ने अपनी सुरीली आवाज से संगीत की दुनिया में ऐसी पहचान बनाई, जिसे भुला पाना आसान नहीं है। उनके गाने आज भी लोगों को पुराने खूबसूरत पलों की याद दिलाते हैं। उनकी आवाज में हर तरह के गीत को खास बना देती थी। शायद यही कारण है कि आशा ताई हमारे बीच न होते हुए भी अपने संगीत से हमेशा लोगों के बीच मौजूद रहेंगी।

Bipasha Basu: जब लोगों ने बिपासा बासु को ‘जिस्म’ न करने की दी थी सलाह, एक्ट्रेस बोलीं- ‘सब कह रहे थे मेरा करियर खत्म हो जाएगा’

Bipasha Basu: जब बिपाशा बसु ने ‘जिस्म’ (2003) फिल्म करने का फैसला किया तो उन्हें पता था कि वह एक रिस्क ले रही हैं। हाल ही में एक इंटरव्यू में एक्ट्रेस ने बताया कि उस समय इंडस्ट्री के कई लोगों ने उन्हें यह फिल्म न करने की सलाह दी थी। उन्हें चिंता थी कि फिल्म के बोल्ड सीन और विषय उनके करियर को नुकसान पहुंचा सकते हैं। हालांकि, बिपाशा उनकी बात से सहमत नहीं थीं और उन्होंने फिर भी फिल्म में काम करने का फैसला किया। बता दें कि उन्होंने अमित सक्सेना की डायरेक्ट की गई इरोटिक थ्रिलर फिल्म ‘जिस्म’ में जॉन अब्राहम के साथ काम किया था।

बिपाशा बसु से कहा गया था कि अगर उन्होंने ‘जिस्म’ में काम किया तो उनका करियर ‘खत्म’ हो जाएगा। Elle India के साथ बातचीत में, बिपाशा ने उस समय को याद किया जब फ़िल्म इंडस्ट्री के लोगों ने उन्हें ‘जिस्म’ फ़िल्म न करने की सलाह दी थी। उन्होंने कहा, “इंडस्ट्री में हर किसी ने मुझसे कहा, ‘यह फ़िल्म मत करो।’ उन्होंने कहा कि अगर मैंने ऐसी फ़िल्म की जिसमें थोड़ा भी इरोटिका (कामुकता) है, तो मेरा करियर खत्म हो जाएगा।”

हालांकि, बिपाशा के लिए ‘जिस्म’ बस एक एडल्ट लव स्टोरी थी और उन्हें इसमें कोई दिक्कत नहीं थी। उन्होंने कहा, “और मेरा सोचना था कि मैं एक एडल्ट हूं। यह एक एडल्ट लव स्टोरी है। इसे एक एडल्ट फ़िल्म के तौर पर बनाया गया है। यह बच्चों के लिए नहीं है।” उन्होंने बताया कि उन्हें अच्छी तरह पता था कि वह किस तरह की फ़िल्म साइन कर रही हैं।

उन्हें सोनिया का किरदार और उस रोल के ज़रिए अलग-अलग शेड्स (पहलू) को एक्सप्लोर करने का मौका भी पसंद आया। उन्होंने कहा, “मुझे उस फ़िल्म में सोनिया के शेड्स बहुत पसंद आए और मुझे बस इतना पता था कि मुझे यह फ़िल्म करनी ही है।”

2003 में रिलीज़ हुई यह इरोटिक थ्रिलर बिपाशा के शुरुआती करियर के एक अहम मोड़ पर आई थी। वह ‘अजनबी’ और ‘राज़’ जैसी फ़िल्मों से अपनी पहचान बना चुकी थीं। अमित सक्सेना की डायरेक्ट की हुई और महेश भट्ट की लिखी इस फ़िल्म ‘जिस्म’ में बिपाशा ने सोनिया खन्ना का रोल निभाया था। सोनिया कबीर लाल (जॉन अब्राहम, जिनकी यह पहली फ़िल्म थी) के साथ एक खतरनाक रिश्ते में फंसी होती है। गुलशन ग्रोवर ने उसके अमीर पति रोहित खन्ना का रोल निभाया था। इस फ़िल्म को पूजा भट्ट और सुजीत कुमार सिंह ने प्रोड्यूस किया था।

रिस्क का फ़ायदा मिला

तमाम चिंताओं के बावजूद, ‘जिस्म’ ने बिपाशा का करियर खत्म नहीं किया। बल्कि, इसके उलट हुआ। Box Office India के मुताबिक, यह फ़िल्म हिट साबित हुई। भारत में इसकी नेट कमाई 8.14 करोड़ रुपये और दुनिया भर में ग्रॉस कमाई लगभग 13.41 करोड़ रुपये रही।

Deepika Padukone: रणबीर कपूर की ‘ब्रह्मास्त्र 2’ में दिखेगा दीपिका पादुकोण का दमदार रोल?

Deepika Padukone: रणबीर कपूर और आलिया भट्ट की ‘ब्रह्मास्त्र’ 2022 में रिलीज हुई थी और तब से ही फ़ैन्स अयान मुखर्जी की अगली फ़िल्म के बारे में जानकारी का इंतज़ार कर रहे हैं। ऐसा लगता है कि अब यह इंतज़ार खत्म होने वाला है।

पिंकविला के सूत्रों के अनुसार, रणबीर कपूर नितेश तिवारी की ‘रामायण’ के दूसरे पार्ट की शूटिंग पूरी करने के बाद, जनवरी 2027 तक ‘ब्रह्मास्त्र पार्ट 2’ की शूटिंग शुरू कर देंगे। एक सूत्र ने बताया, “रणबीर इस सफ़र को फिर से शुरू करने के लिए बहुत उत्साहित हैं। एक बड़े दोहरे किरदार (डुअल-रोल) वाले चैलेंज में, RK सीक्वल में देव और शिव, दोनों का किरदार निभाएंगे।”

इससे भी बड़ी खबर यह है कि फ़्रैंचाइज़ी की अगली फ़िल्म के लिए पुरानी कास्ट वापस आ रही है और अयान, दीपिका पादुकोण को भी इसमें शामिल करना चाहते हैं। वह अभी दीपिका से ‘अमृता’ का रोल निभाने के बारे में बातचीत कर रहे हैं। सूत्र ने बताया, “अयान और उनकी टीम को भरोसा है कि वे दीपिका को फ़िल्म में शामिल कर लेंगे, क्योंकि वे जानते हैं कि ‘अमृता’ का रोल निभाने के लिए एक ऐसे एक्टर की ज़रूरत है, जिसमें ज़बरदस्त गंभीरता और प्रभाव हो। बातचीत चल रही है, लेकिन आधिकारिक पुष्टि इस बात पर निर्भर करेगी कि समय और शेड्यूल का तालमेल कैसे बैठता है।”

ब्रह्मास्त्र पार्ट वन के बारे में

‘ब्रह्मास्त्र पार्ट वन: शिवा’ 9 सितंबर, 2022 को सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई थी। इस फ़िल्म में रणबीर कपूर और आलिया भट्ट पहली बार एक साथ नज़र आए थे। अयान मुखर्जी के निर्देशन में बनी इस फ़िल्म में अमिताभ बच्चन, नागार्जुन और मौनी रॉय ने भी अहम भूमिकाएँ निभाई थीं। शाहरुख खान ने भी फ़िल्म में एक खास भूमिका (कैमियो) निभाई थी। फ़िल्म को दर्शकों ने बहुत पसंद किया और इसने बॉक्स ऑफ़िस पर लगभग 400 करोड़ रुपये की कमाई की।

ब्रह्मास्त्र सीक्वल पर अयान मुखर्जी

अप्रैल 2023 में, अयान मुखर्जी ने एक बयान जारी करके ‘ब्रह्मास्त्र पार्ट टू: देव’ और ‘ब्रह्मास्त्र पार्ट थ्री’ की रिलीज़ की तारीखों का ऐलान किया। उन्होंने बताया कि उनकी फ़िल्म का दूसरा पार्ट दिसंबर 2026 में रिलीज़ होगा, जबकि तीसरा और आखिरी पार्ट एक साल बाद, यानी 2027 में सिनेमाघरों में आएगा, लेकिन चीज़ें योजना के मुताबिक नहीं हो पाईं।

फ़िल्ममेकर ने यह भी भरोसा दिलाया कि ‘ब्रह्मास्त्र 2’ और ‘3’ पहले पार्ट से “बड़े” होंगे और कहा कि वह दोनों फ़िल्में एक साथ बनाएंगे। उनके बयान में कहा गया, “पहले पार्ट को मिले प्यार और फ़ीडबैक को समझने के बाद… मैं दूसरे और तीसरे पार्ट के विज़न को तैयार करने पर ध्यान दे रहा हूँ, और अब मुझे पता है कि ये पहले पार्ट से बड़े और ज़्यादा बड़े पैमाने पर बनने वाले होंगे!”

Amitabh Bachchan: अमिताभ बच्चन ने शेयर किया मजेदार किस्सा, बोले- इटली में आधी रात को 2000 लोगों ने देखी थी ‘शोले’

Amitabh Bachchan: मेगास्टार अमिताभ बच्चन ने अपनी मशहूर फिल्म ‘शोले’ की ज़बरदस्त ग्लोबल लोकप्रियता को याद करते हुए इटली में हुई एक हैरान करने वाली घटना का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि बोलोग्ना में एक ओपन-एयर स्क्वेयर पर करीब 2,000 इटैलियन लोग जमा हुए और उन्होंने रात 11 बजे से सुबह 3 बजे तक हिंदी क्लासिक फिल्म ‘शोले’ का रिस्टोर किया हुआ वर्शन देखा।

‘कौन बनेगा करोड़पति’ सीजन 18 के हालिया एपिसोड में हॉट सीट पर बैठे डॉ. गणेश बारैया के साथ बातचीत के दौरान, होस्ट ने अपनी 1975 की मशहूर फ़िल्म के रिस्टोरेशन और इटली में उसे मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बारे में बात की।

हालिया रिलीज एनिवर्सरी के बारे में बोलते हुए, बिग बी ने याद किया कि कैसे इटली के बोलोग्ना में ऐतिहासिक केंद्रीय चौराहे पर शोले का एक नया पुनर्स्थापित प्रिंट प्रदर्शित किया गया था। फिल्म का विश्व प्रीमियर 27 जून, 2025 को बोलोग्ना में अपनी 50वीं वर्षगांठ के जश्न के हिस्से के रूप में किया गया था।

83 वर्षीय सिने आइकन ने कहा, “हाल ही में, उन्हें जब शोले फिर से, उसका निर्धारण हुआ, अच्छे प्रिंट में पता चलेगा, तो वो फिल्म हेरिटेज में शिवेंद्र सिंह जी हैं जो इसका काम कर रहे हैं। ये ले गए इसको इटली में, भाईसाहब बोलोग्ना एक जगह है, शहर का नाम हैं, वाह एक बहुत बड़ा आंगन है। जैसे बड़े-बड़े शहरो में बीच में एक आंगन होता है ना, वाहा पर 2000 इटालियन, रात के 11 बजे से सुबह 3 बजे तक शोले देखा।”

इस कल्ट क्लासिक फ़िल्म की बात करें तो यह 15 अगस्त 1975 को रिलीज़ हुई थी। रमेश सिप्पी के निर्देशन में बनी यह फ़िल्म भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे असरदार और मशहूर फ़िल्मों में से एक बन गई। इसे जी.पी. सिप्पी ने प्रोड्यूस किया था और इसकी कहानी मशहूर लेखक जोड़ी सलीम खान और जावेद अख्तर (जिन्हें सलीम-जावेद के नाम से जाना जाता है) ने लिखी थी।

फ़िल्म की कहानी रिटायर्ड पुलिस अफ़सर ठाकुर बलदेव सिंह (संजीव कुमार) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो बेरहम डाकू गब्बर सिंह (अमजद खान) को पकड़ने के लिए दो छोटे-मोटे अपराधियों, जय और वीरू (अमिताभ बच्चन और धर्मेंद्र) को काम पर रखते हैं। हेमा मालिनी ने बेबाक मिज़ाज वाली बसंती का किरदार निभाया, जबकि जया भादुड़ी ने शांत और गरिमापूर्ण विधवा राधा की भूमिका निभाई।

फ़िल्म में कई यादगार सहायक कलाकार भी थे, जिनमें ए.के. हंगल, सत्येन कप्पू, मैक मोहन, सचिन, जगदीप, असरानी, ​​विजू खोटे, केष्टो मुखर्जी, हेलेन और सचिन पिलगांवकर शामिल थे।

फ़िल्म का संगीत आर.डी. बर्मन ने तैयार किया था और गाने के बोल आनंद बख्शी ने लिखे थे। इसके साउंडट्रैक में हिंदी सिनेमा के कुछ सबसे सदाबहार गाने शामिल थे, जैसे ‘ये दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे’, ‘होली के दिन’, ‘कोई हसीना जब रूठ जाती है’, ‘महबूबा महबूबा’ और ‘जब तक है जान’।

कर्नाटक के रामनगर के पथरीले इलाकों में बड़े पैमाने पर शूट की गई यह फ़िल्म एक महत्वाकांक्षी प्रोडक्शन थी, जिसमें एक्शन, ड्रामा, रोमांस, कॉमेडी और ट्रेजेडी का मिश्रण था। जो लोग नहीं जानते, उन्हें बता दें कि रिलीज़ के समय इस फ़िल्म को देखने के लिए थिएटर में कोई दर्शक नहीं आया और इसे लगभग फ्लॉप घोषित कर दिया गया था। लेकिन जल्द ही लोगों की बातचीत और चर्चाओं के ज़रिए यह सुपर-हिट बन गई और थिएटर में सबसे लंबे समय तक चलने वाली कुछ फ़िल्मों में से एक बन गई, साथ ही इसे ‘कल्ट स्टेटस’ भी मिला। बाद में इस फ़िल्म के डायलॉग, किरदार और संगीत पॉपुलर कल्चर का अहम हिस्सा बन गए।

Toxic Trailer Release: चेहरे पे नकाब डालकर अपने गम को छिपा सकते हो, लेकिन नसीब में लिखी बर्बादी को नहीं….

Toxic Trailer Release: यश स्टारर ‘टॉक्सिक’ फिल्म का ट्रेलर का फैंस को बेसब्री से इंतजार था। फिल्म के टीजर ने खूब चर्चा बटोरी थी। कई लोगों को टीजर काफी बोल्ड लगा था, जबकि कई लोगों को बेहद पसंद आया था। वहीं फिल्म के गानों पर भी विवाद हुआ। अब ट्रेलर रिलीज कर दिया गया। तो चलिए देखते हैं इसमें क्या कुछ है खास…

फिल्म का ट्रेलर रिलीज

यश स्टारर टॉक्सिक का ट्रेलर रिलीज हो गया है। ट्रेलर कि शुरुआत यश और उसके बेटे से होती है। इसके बाद शुरू होता है खूनखराबा। ट्रेलर से आप फिल्म की कहानी का ज्यादा पता नहीं लगा सकते हैं। किरदार काफी हैं। वहीं इतना जरूर पता लगता है कि फिल्म बाप-बेटे के की दुश्मनी पर बेस्ड होने वाली है। एक्शन सीन काफी डार्क हैं। फिल्म में यश डबल रोल में दिखने वाले हैं।

ट्रेलर रिलीज की डेट और टाइम

मेकर्स ने 8 अगस्त को सुबह ही फिल्म का नया पोस्टर रिलीज करते हुए ‘टॉक्सिक’ के ट्रेलर की डेट और समय को बताया था। नए पोस्टर में लिखा था ट्रेलर अगस्त, 2026 को शाम 7:01 बजे रिलीज होगा। दर्शकों की एक्साइटमेंट देखते हुए मेकर्स ने बेंगलुरू में एक बड़े इवेंट में फिल्म का ट्रेलर रिलीज किया है। नए पोस्टर में यश आग और तबाही के बीच दिक रहे हैं। कैप्शन में लिखा है, “डेटोनेटिंग (विस्फोट)।

‘टॉक्सिक ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन अप्स’ में स्टारकास्ट

‘टॉक्सिक ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन अप्स’ में यश के अलावा कियारा आडवाणी (नादिया), नयनतारा (गंगा), हुमा कुरैशी (एलिज़ाबेथ), तारा सुतारिया (रेबेका) और रुक्मिणी वसंत (मेलिसा) के रोल में दिखेंगी। पिछले दिनों में ही टॉक्सिक का ‘लेडीज एंड लेडीज’ टीजर सामने आया था, जिसमें फिल्म की सभी एक्ट्रेसेस दिखी थीं। टीजर में नयनारा दमदार अंदाज में बाइक की सवारी करती दिखीं, जबकि कियारा एक डांसर के तौर पर नजर आईं। वहीं तारा सुतारिया, रुक्मिणी वसंत और हुमा कुरैशी का भी दमदार अंदाज दिखा है। यह कन्नड़ एक्शन थ्रिलर फिल्म KVN प्रोडक्शंस और यश के मॉन्स्टर माइंड क्रिएशन्स के बैनर तले तैयार की गई है। फिल्म 26 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।