Pragyan Ojha: गंभीर-कोहली के बीच नहीं है सबकुछ ठीक? प्रज्ञान ओझा के सामने सबसे बड़ी चुनौती

BCCI ने भारत के पूर्व क्रिकेटर प्रज्ञान ओझा नया चीफ सिलेक्टर बनाया है। प्रज्ञान अजित अगरकर की जगह लेंगे। इसके साथ ही बोर्ड ने पूर्व भारतीय स्पिनर रमेश पोवार को भी सीनियर पुरुष चयन समिति में शामिल करने की पुष्टि की है। वहीं प्रज्ञान ओझा का बोर्ड और खिलाड़ियों के साथ उनके अच्छे संबंध हैं। हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बीसीसीआई प्रमुख ने प्रज्ञान ओझा से कहा था कि वह परेशानी दूर करने में मदद करें। उन्हें मुख्य कोच गौतम गंभीर और विराट कोहली के बीच बातचीत की कमी को दूर करने की जिम्मेदारी भी दी गई थी।

रिपोर्ट के अनुसार, सिलेक्शन कमिटी में साउथ ज़ोन को रिप्रेजेंट करने वाले ओझा ने अपने कार्यकाल के दौरान कभी-कभी कोहली से इस मुद्दे पर बात की थी। ओझा और कोहली ने भारत के लिए एक-दूसरे के साथ 22 मैच खेले हैं।

ओझा को दी जिम्मेदारी

ऐसी खबरें है कि इंग्लैंड दौरे के बाद जब पूर्व मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने रोहित शर्मा को वनडे टीम से बाहर रखने का फैसला किया था, तो इसकी जानकारी रोहित तक पहुंचाने की जिम्मेदारी प्रज्ञान ओझा को दी गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, उस समय ओझा और रोहित दोनों ब्रिटेन में थे। ओझा ने वहीं रोहित को चयनकर्ताओं के इस फैसले के बारे में बताया था।

24 टेस्ट मैच खेल चुके हैं ओझा

राष्ट्रीय चयनकर्ता के तौर पर प्रज्ञान ओझा अब तक ज्यादा चर्चा में नहीं रहे थे। लेकिन भारतीय क्रिकेट की एक अहम जिम्मेदारी संभालने के बाद उन पर पहले से कहीं ज्यादा दबाव होगा। अजीत अगरकर के मुख्य चयनकर्ता रहते हुए भारतीय टीम ने आईसीसी की दो बड़ी ट्रॉफियां जीती थीं। ऐसे में उनकी जगह लेना प्रज्ञान ओझा के लिए आसान नहीं होगा। प्रज्ञान ओझा ने भारत के लिए 24 टेस्ट मैच खेले हैं। उन्हें उनके अनुभव और वरिष्ठता के आधार पर मुख्य चयनकर्ता के पद पर आगे बढ़ाया गया। ऐसी खबरें हैं कि, ओझा के बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण के साथ भी अच्छे संबंध हैं। चयन से जुड़े मामलों में लक्ष्मण की भूमिका और प्रभाव लगातार बढ़ रहा है।

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विराट के आउट होते ही खाना छोड़ देते थे नाना पाटेकर, क्रिकेट ही नहीं शूटिंग में भी थे माहिर, देखें Video

अपनी दमदार अदाकारी, बेबाक अंदाज और यादगार किरदारों से दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाने वाले दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर अब हमारे बीच नहीं हैं। 75 साल की उम्र में उनके निधन से फिल्म जगत के साथ-साथ उनके चाहने वालों में भी शोक की लहर है। नाना पाटेकर को भले ही फिल्मों में उनके शानदार अभिनय के लिए जाना जाता हो, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि उनका क्रिकेट और शूटिंग जैसे खेलों से भी गहरा रिश्ता था। क्रिकेट के प्रति उनका जुनून इतना ज्यादा था कि पसंदीदा खिलाड़ी विराट कोहली के जल्दी आउट होने पर उनका खाना तक खाने का मन नहीं करता था।

 

2007 में शूटिंग चैंपियनशिप में जीता था ब्रॉन्ज मेडल

 

नाना पाटेकर सिर्फ क्रिकेट के शौकीन ही नहीं थे, बल्कि शूटिंग में भी अपना हुनर दिखा चुके थे। साल 2007 में उन्होंने महाराष्ट्र की टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए इंदौर के पास महू में आयोजित नेशनल 300 मीटर बिग बोर शूटिंग चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया था।

 

इस प्रतियोगिता में उन्होंने 49 प्रतिभागियों के बीच 13वां स्थान हासिल किया था। उनके प्रदर्शन के लिए उन्हें ‘रिनाउंड शॉट’ का खिताब भी मिला था। यानी पर्दे पर किरदारों में जान डालने वाले नाना असल जिंदगी में भी निशानेबाजी के अच्छे खिलाड़ी थे।

नाना पाटेकर 4 दिन पहले ही बोले थे- ‘हम सबको एक दिन जाना है’

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बचपन में करते थे ऑफ स्पिन गेंदबाजी

 

नाना पाटेकर का क्रिकेट प्रेम बचपन से ही था। एक पुराने इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि वह बचपन में क्रिकेट अच्छा खेलते थे और ऑफ स्पिन गेंदबाज* किया करते थे।

 

हालांकि, उस दौर में क्रिकेट की ट्रेनिंग लेने के लिए उनके पास पैसे नहीं थे। ऐसे में वह मुंबई के शिवाजी पार्क पहुंच जाते थे और वहां अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों को गेंदबाजी करके अपना शौक पूरा करते थे। नाना ने यह भी कहा था कि क्रिकेट के प्रति उनका जुनून उम्र बढ़ने के बाद भी कम नहीं हुआ और कुछ दिन अभ्यास करने के बाद वह आज भी अच्छी गेंदबाजी कर सकते हैं।

 

विराट कोहली थे नाना के फेवरेट क्रिकेटर

 

क्रिकेट की बात हो और विराट कोहली का जिक्र नाना पाटेकर के इंटरव्यू में न आए, ऐसा कम ही हुआ। नाना ने खुलकर बताया था कि विराट कोहली उनके पसंदीदा क्रिकेटर हैं।

 

उन्होंने कहा था कि अगर विराट जल्दी आउट हो जाएं तो उनका खाना खाने का मन तक नहीं करता। नाना के इस बयान ने यह साफ कर दिया था कि वह क्रिकेट को सिर्फ देखते नहीं थे, बल्कि खेल से भावनात्मक रूप से भी जुड़े हुए थे।

 

भारत-पाकिस्तान का मुकाबला होने पर तो नाना टीवी से हटते ही नहीं थे। उनके लिए क्रिकेट का रोमांच आज भी वैसा ही था, जैसा बचपन में हुआ करता था।

 

 क्रिकेट और एक्टिंग को लेकर कही थी खास बात

 

नाना पाटेकर ने क्रिकेट और एक्टिंग के बीच एक दिलचस्प समानता भी बताई थी। उनके मुताबिक, क्रिकेटर और अभिनेता दोनों को लगातार परीक्षा से गुजरना पड़ता है। फर्क सिर्फ इतना है कि क्रिकेटर की परीक्षा कुछ दिनों में पूरी हो जाती है, जबकि एक कलाकार की परीक्षा कई साल तक चल सकती है।

 

उन्होंने अपने क्रिकेट प्रेम को लेकर कहा था कि क्रिकेटरों की तरह कलाकारों को भी हर बार जनता के सामने खुद को साबित करना पड़ता है और आखिरकार फैसला दर्शक ही करते हैं।

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विराट के आउट होने पर वायरल होते थे मीम्स

 

नाना का विराट कोहली को लेकर दिया गया बयान सोशल मीडिया पर भी खूब चर्चा में रहा। जब भी विराट जल्दी आउट होते या बड़ी पारी खेलते, सोशल मीडिया पर नाना पाटेकर के उस बयान को याद करते हुए मजेदार मीम्स और पोस्ट वायरल होने लगते थे।

 

यही नाना की खासियत थी उनका अंदाज बिल्कुल सीधा, बेबाक और दिल से निकला हुआ होता था। क्रिकेट को लेकर उनका जुनून उनके प्रशंसकों को उनकी फिल्मों से अलग उनकी एक और दिलचस्प तस्वीर दिखाता था।

 

 नाना के निधन पर विराट कोहली ने दी श्रद्धांजलि

 

नाना पाटेकर के निधन की खबर के बाद क्रिकेट जगत से भी उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। विराट कोहली ने नाना की तस्वीर साझा करते हुए उन्हें भारतीय सिनेमा का सच्चा लीजेंड बताया और उनके काम व विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक याद किए जाने की बात कही।

नाना पाटेकर का जाना सिर्फ सिनेमा के लिए एक बड़ी क्षति नहीं है। उनके निधन से क्रिकेट ने भी अपना एक ऐसा जुनूनी प्रशंसक खो दिया, जिसके लिए मैच महज खेल नहीं बल्कि भावनाओं से जुड़ा अनुभव था।

 

पर्दे पर दमदार किरदार निभाने वाले नाना पाटेकर की यादें अब उनकी फिल्मों, उनके बेबाक किस्सों और क्रिकेट के प्रति उनके जुनून के जरिए हमेशा जिंदा रहेंगी।

 

‘विराट को 5 करोड़ देकर आश्रम लाया गया था’… दावे पर कोहली के प्रवक्ता का आया बयान, कहा- दावा ‘पूरी तरह झूठा’

भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली और अनुष्का शर्मा की प्रेमानंद महाराज से मुलाकातें अक्सर सुर्खियों में रहती हैं। दोनों कई बार वृंदावन पहुंचकर प्रेमानंद महाराज से आशीर्वाद लेते और उनसे बातचीत करते नजर आए हैं। दोनों ही प्रेमानंद महाराज के बड़े भक्त भी माने जाते हैं। लेकिन इस बीच सोशल मीडिया पर फलहारी महाराज के वायरल हो रहे दावे, जिसमें उन्होंने कहा था की विराट और अनुष्का जब पहली बार प्रेमानंद महाराज के आश्रम गए थे तो इसके लिए उन्हें पांच करोड़ रुपये दिए गए थे, पर कोहली के प्रवक्ता ने प्रतिक्रिया दी है।

कोहली के प्रवक्ता ने आरोप को किया खारिज

उन्होंने फलाहारी महाराज दिनेश शर्मा के इस दावे को सख्ती से खारिज करते हुए एक आधिकारिक बयान जारी किया है। प्रवक्ता ने इन दावों को “पूरी तरह से झूठा, बेबुनियाद और तथ्यों के लिहाज से गलत” बताया है।

बयान में यह स्पष्ट किया गया है कि विराट कोहली प्रेमानंद महाराज जी के प्रति अपनी गहरी आस्था और सम्मान के कारण ही उनसे मिलने जाते हैं। साथ ही, मीडिया से यह भी आग्रह किया गया कि वे ऐसी बातों की रिपोर्ट करने या उन्हें आगे बढ़ाने से पहले तथ्यों की जांच-पड़ताल करें और पूरी सावधानी बरतें।

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वहीं, इस बयान के जरिए कोहली की टीम ने संबंधित दावों को लेकर अपना रुख पूरी तरह साफ कर दिया है। यानी इन दावों को विराट कोहली की ओर से स्वीकार किए गए तथ्य के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।

क्या है पूरा मामला?

बता दें कि बीते 25 सितंबर को संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी की रहस्यमयी मौत के बाद हर गुजरते दिन नए-नए दावे सामने आए, जिसमें से संतों द्वारा एक दावा यह भी किया था कि एक बिल्डर लॉबी और भू-माफिया सिंडिकेट ने प्रेमानंद महाराज के आश्रम का नाम इस्तेमाल कर पीआर और वसूली का खेल रचा। जिसके तहत पहली बार विराट कोहली को 5 करोड़ रुपये देकर आश्रम लाया गया था।

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Virat Kohli को Premanand Maharaj के Ashram जाने के मिले 5 करोड़? सामने आया बड़ा सच

Premanand Maharaj ashram controversy

पूर्व भारतीय कप्तान Virat Kohli को लेकर सोशल मीडिया पर एक दावा तेजी से वायरल हो रहा है कि उन्हें Vrindavan स्थित Premanand Maharaj के Ashram जाने के लिए 5 करोड़ रुपए दिए गए थे। अब Kohli की टीम ने इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है।

 

 Team Virat Kohli ने क्या कहा?

 

Virat Kohli के spokesperson ने बयान जारी कर आरोप को “completely false, baseless and factually incorrect” बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि Kohli Premanand Maharaj से मिलने उनके प्रति अपनी व्यक्तिगत आस्था और श्रद्धा के चलते जाते हैं।

 

Spokesperson ने मीडिया से भी अपील की कि किसी भी ऐसे दावे को आगे बढ़ाने या प्रकाशित करने से पहले उसकी पूरी तरह fact-checking की जाए और जिम्मेदारी से रिपोर्ट किया जाए।

 

कहां से आया 5 करोड़ का दावा?

 

यह आरोप Dinesh Sharma उर्फ ‘Falahari Maharaj’ की ओर से सामने आया था। वह Shri Krishna Janmabhoomi Sangharsh Nyas के अध्यक्ष हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने Uttar Pradesh के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath को लिखे एक पत्र में दावा किया था कि Rajasthan की एक private company ने Virat Kohli को Premanand Maharaj के Ashram तक लाने के लिए 5 करोड़ रुपए खर्च किए।

 

हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। Kohli को इस यात्रा के लिए भुगतान किए जाने से जुड़ा कोई verified payment record, contract या अन्य सार्वजनिक प्रमाण सामने नहीं आया है।

 

 Virat Kohli और Anushka Sharma कई बार मिल चुके हैं

 

Virat Kohli और उनकी पत्नी Anushka Sharma की Premanand Maharaj से मुलाकात पहले भी कई बार हो चुकी है। दोनों जनवरी 2023 में अपनी बेटी Vamika के साथ पहली बार Vrindavan Ashram पहुंचे थे। इसके बाद 2025 में भी दोनों ने Premanand Maharaj से मुलाकात की थी।

 

Kohli के Test cricket से retirement के बाद हुई एक मुलाकात में Premanand Maharaj ने उन्हें जीवन और सफलता को लेकर संदेश भी दिया था। उन्होंने Kohli को अपने काम को सेवा की तरह देखने, विनम्र रहने और ईश्वर के प्रति आस्था बनाए रखने की सलाह दी थी।

 

Cricket में भी जारी है Kohli का जलवा

 

Cricket की बात करें तो Virat Kohli ने हाल ही में West Indies के खिलाफ तीन मैचों की ODI series से वापसी की। पहले मैच में उन्होंने नाबाद 139 रन की शानदार पारी खेली और 15,000 ODI runs पूरे करने वाले दुनिया के दूसरे बल्लेबाज बने।

 

यह उपलब्धि हासिल करने वाले वह Sachin Tendulkar के बाद दूसरे बल्लेबाज हैं। पूरी series में Kohli ने 168 रन बनाए। अब उनकी नजर India के अगले ODI assignments और 2027 ODI World Cup पर है।

 

विराट कोहली नहीं ये इंग्लिश बल्लेबाज तोड़ सकता है सचिन का रिकॉर्ड! पूर्व दिग्गज खिलाड़ी ने किया ये बड़ा दावा

क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने क्रिकेट में कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम किए है। वहीं हाल ही में एक पूर्व दिग्गज खिलाड़ी दिनेश कार्तिक ने बताया कि सचिन का रिकॉर्ड कौन सा खिलाड़ी तोड़ सकता है। दिनेश कार्तिक ने कहा, इंग्लैंड के बल्लेबाज जो रूट आने वाले समय में सचिन तेंदुलकर के 15,921 टेस्ट रन के रिकॉर्ड को तोड़ सकते हैं। वहीं कार्तिक ने आगे कहा कि विराट कोहली के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 100 शतक पूरे करना आसान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि कोहली के लिए इस आंकड़े तक पहुंचना काफी मुश्किल नजर आता है।

सचिन के रिकॉर्ड से कितना दूर जो रूट

इंग्लैंड के दिग्गज खिलाड़ी जो रूट टेस्ट क्रिकेट में शानदार बल्लेबाजी कर रहे हैं। जो रूट ने 169 टेस्ट मैचों में 14,278 रन बनाए हैं। वह अब सचिन तेंदुलकर के 15,921 टेस्ट रनों के रिकॉर्ड से 1,643 रन पीछे हैं। अगर रूट आगे भी इसी तरह रन बनाते रहे, तो वह करीब 16 से 20 टेस्ट मैचों में तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं। रूट ने 2021 में भी शानदार बल्लेबाजी की थी। उस साल उन्होंने 15 टेस्ट मैचों में 1,708 रन बनाए थे। जो रूट अभी सिर्फ 35 साल के हैं और इंग्लैंड की टीम हर साल करीब 15 से 20 टेस्ट मैच खेलती है। ऐसे में रूट के पास सचिन का टेस्ट रिकॉर्ड तोड़ने का अच्छा मौका है।

रूट तोड़ सकते हैं सचिन का रिकॉर्ड

क्रिकबज पर जब दिनेश कार्तिक से पूछा गया कि क्या जो रूट सचिन तेंदुलकर का टेस्ट रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं, तो उन्होंने कहा कि “अच्छा चांस है।”। कार्तिक ने कहा कि “वे इंग्लैंड में बहुत सारा टेस्ट क्रिकेट खेलते हैं। वह अभी भी काफी स्ट्रेट दिखते हैं। वह हर बार बैटिंग करने के लिए खुशी-खुशी रन बनाते हैं। मुझे लगता है कि उनके लिए यह बहुत पॉसिबल है।”

क्या विराट तोड़ सकते हैं ये रिकॉर्ड

वहीं विराट कोहली के नाम फिलहाल 86 अंतरराष्ट्रीय शतक हैं। वह टेस्ट और टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं और अब सिर्फ वनडे में खेल रहे हैं। विराट कोहली के 100 अंतरराष्ट्रीय शतक पूरे करने की संभावना पर दिनेश कार्तिक ने कहा कि, वह चाहते हैं कि कोहली यह उपलब्धि हासिल करें, लेकिन ऐसा करना काफी मुश्किल है। कार्तिक ने माना कि कोहली के लिए 100 शतकों के आंकड़े तक पहुंचना आसान नहीं होगा। कोहली वनडे में सचिन तेंदुलकर के सबसे ज्यादा रन के रिकॉर्ड से 3,000 से ज्यादा रन पीछे हैं। वहीं, अगर वह लगातार शानदार बल्लेबाजी करते हुए 1,500 से 1,600 रन और बना लेते हैं, तो इस अंतर को काफी हद तक कम कर सकते हैं।

न्यूजीलैंड सीरीज में खेलेंगे

आंकड़ों के मुताबिक, विराट कोहली को 101 अंतरराष्ट्रीय शतक तक पहुंचने के लिए करीब 110 और पारियां खेलनी पड़ सकती हैं। अब वह सिर्फ वनडे खेल रहे हैं, जहां वह औसतन हर 5.55 पारियों में एक शतक बनाते हैं। इस हिसाब से उनकी अगली 15 सेंचुरी के लिए करीब 83 पारियां लग सकती हैं। 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक भारत को लगभग 25 से 30 वनडे मैच ही और खेलने हैं, इसलिए कोहली के लिए 100 शतक का आंकड़ा हासिल करना काफी चुनौतीपूर्ण नजर आता है। वह अब 4 नवंबर से न्यूजीलैंड के खिलाफ शुरू होने वाली वनडे सीरीज में खेलते दिखाई देंगे।

127.71 का औसत और 119.51 का स्ट्राइक रेट! विराट कोहली से भी ज्यादा घातक साबित हुए शुभमन गिल, रन मशीन वाले आंकड़े देखिए

क्रिकेट में किसी खिलाड़ी के दौर को अक्सर उसके करियर के खत्म होने के बाद याद किया जाता है। लेकिन कुछ खिलाड़ी ऐसे होते हैं, जिनमें बड़ा नाम बनने के संकेत काफी पहले ही दिखने लगते हैं। शुभमन गिल की बुधवार को गुवाहाटी में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेली गई नाबाद 223 रन की पारी भी कुछ ऐसी ही रही।

भारत ने वेस्टइंडीज के सामने 406 रन का बड़ा लक्ष्य रखा था। इस लक्ष्य का पीछा करते हुए गिल ने शानदार दोहरा शतक लगाया और टीम को जीत की ओर पहुंचाया। यह 28 साल की उम्र से पहले गिल का दूसरा दोहरा शतक है। उनकी इस पारी ने उन्हें भारत के खेल जगत के कुछ सबसे बड़े नामों – जैसे विराट कोहली, सचिन तेंदुलकर और रोहित शर्मा – के साथ तुलना करने लायक बना दिया है।

हालांकि, गिल को अभी लंबा सफर तय करना है। लेकिन जिस तरह वह लगातार बड़ी पारियां खेल रहे हैं, उसे देखते हुए उन्हें भारतीय क्रिकेट का अगला बड़ा स्टार कहा जा सकता है। उन्होंने इस दिशा में अपनी जगह बनानी भी शुरू कर दी है।

गिल अभी नंबर 1 ODI बल्लेबाज हैं और उन्होंने सिर्फ 62 पारियों में 3,000 से ज्यादा रन बनाए हैं। यह किसी भी भारतीय के लिए सबसे तेज और कुल मिलाकर दक्षिण अफ्रीका के हाशिम अमला के बाद दूसरा सबसे तेज रिकॉर्ड है।

ऐसा लगता है कि गिल भारतीय क्रिकेट का अगला चेहरा बनने वाले हैं, और इसकी वजहें ये हैं। कोहली की तरह ही वे भी अच्छी शुरुआत को शतक में बदलने के लिए बेताब रहते हैं और उनमें रोहित की तरह शतकों को जबरदस्त, रिकॉर्ड तोड़ने वाली पारियों में बदलने की काबिलियत भी है।

सिर्फ घरेलू मैदान के हीरो नहीं

जो लोग सोचते हैं कि गिल सिर्फ भारत में ही अच्छी बैटिंग कर सकते हैं, वे गलत हैं। भारत के कप्तान के तौर पर उनकी पहली टेस्ट सीरीज इंग्लैंड में थी, जहां उन्हें जबरदस्त टेक्निकल सहनशक्ति की जरूरत थी, और उन्होंने इसे शानदार ढंग से दिखाया।

गुवाहाटी में वेस्टइंडीज के खिलाफ 406 रन के लक्ष्य का पीछा करते समय भी भारत को तेज रन बनाने के लिए लगातार बाउंड्री की जरूरत थी। गिल ने रोहित शर्मा के साथ मिलकर इस बड़े लक्ष्य का पीछा इतना आसान बना दिया कि मुकाबला एकतरफा नजर आने लगा।

2025 में, भारत के टेस्ट कप्तान के तौर पर अपने पहले असाइनमेंट में, गिल ने 10 पारियों में 75.40 की औसत से 754 रन बनाए। उस सीरीज में उन्होंने चार शतक लगाए, जिसमें 269 रनों की पारी भी शामिल थी। गिल एक टेस्ट सीरीज में कप्तान के तौर पर दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी भी बने। उनसे आगे सिर्फ डॉन ब्रैडमैन हैं, जिन्होंने 1936-37 में 810 रन बनाए थे।

2025 से अब तक, गिल ने 21 पारियों में 1,384 वनडे रन बनाए हैं, और उनका औसत 81 से ज्यादा का रहा है।

2026 में जबरदस्त आंकड़े

इस बात का सबसे साफ संकेत कि गिल का आगे बढ़ना सिर्फ एक यादगार दौर नहीं, बल्कि एक नए युग की शुरुआत हो सकती है, उनके 2026 के आंकड़ों में मिलता है। गुवाहाटी पहुंचने से पहले उन्होंने इस साल 9 पारियों में 671 वनडे रन बनाए थे। वहीं, उनकी नाबाद 223 रनों की पारी ने इस आंकड़े को 10 पारियों में 894 रन तक पहुंचा दिया, जिसमें उनका औसत 127.71 और स्ट्राइक-रेट लगभग 120 रहा। बता दें कि गिल इस साल पहले ही तीन शतक और 5 अर्धशतक लगा चुके हैं, जिसका मतलब है कि उन्होंने अपनी 10 में से आठ पारियों में 50 रन का आंकड़ा पार किया है।

विराट कोहली का क्या है रिकॉर्ड?

भारत के स्टार खिलाड़ी विराट कोहली के आंकड़े बताते हैं कि अनुभव का आज भी बहुत महत्व है। 2026 में, उन्होंने 8 वनडे पारियों में 78.86 के औसत और 118.20 के स्ट्राइक-रेट से 552 रन बनाए हैं, जिसमें दो शतक शामिल हैं। उनके आंकड़े यह भी बताते हैं कि इस साल गिल का 127.71 का औसत कितना शानदार रहा है।

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भारत आते हैं, रिकॉर्ड बनाते हैं और सचिन को पीछे छोड़ देते हैं कोहली! तिरुवनंतपुरम में फिर मचा गदर, जानें 10 धांसू रिकॉर्ड [VIDEO]

भारत के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली ने वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले वनडे में बल्ले से ऐसा तूफान मचाया कि रिकॉर्ड्स की पूरी लिस्ट ही बदल गई। तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में कोहली ने महज 88 गेंदों पर नाबाद 139 रन की विस्फोटक पारी खेली। उनकी पारी में 10 चौके और 9 छक्के शामिल रहे। कोहली की इस पारी की बदौलत भारत ने वेस्टइंडीज से मिले 296 रन के लक्ष्य को सिर्फ 41.4 ओवर में हासिल कर लिया। इस जीत के साथ टीम इंडिया ने तीन मैचों की वनडे सीरीज में बढ़त भी बना ली।

 

यह शतक कोहली के वनडे करियर का 55वां और इंटरनेशनल क्रिकेट का 86वां शतक रहा। खास बात यह रही कि कोहली ने पहली बार किसी वनडे पारी में 9 छक्के लगाने का कारनामा किया।

 15 हजार ODI रन: सचिन को पीछे छोड़ कोहली बने सबसे तेज

 

तिरुवनंतपुरम में सेंचुरी पूरी करते ही विराट कोहली ने वनडे क्रिकेट में एक और बड़ा मुकाम हासिल कर लिया। वह सबसे कम पारियों में 15,000 वनडे रन पूरे करने वाले बल्लेबाज बन गए।

 

कोहली ने यह उपलब्धि सिर्फ 303 पारियों में हासिल की, जबकि सचिन तेंदुलकर को 15 हजार ODI रन तक पहुंचने के लिए 377 पारियां लगी थीं। कोहली ने 15 हजार रन पूरे करने के लिए 15,950 गेंदों का सामना किया, जबकि सचिन ने 17,528 गेंदें खेली थीं।

 

वनडे इंटरनेशनल में 15 हजार या उससे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में फिलहाल सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली ही शामिल हैं। सचिन ने 463 मैचों में 18,426 रन बनाए, जबकि कोहली 315 वनडे में 15,080 रन तक पहुंच गए हैं।

 

एक टीम के खिलाफ 10 शतक, घर में सचिन की बराबरी

 

वेस्टइंडीज के खिलाफ शतक लगाते ही कोहली ने एक और खास रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। श्रीलंका के बाद वेस्टइंडीज दूसरी टीम बन गई है, जिसके खिलाफ उन्होंने वनडे में 10 शतक लगाए हैं।

 

किसी एक टीम के खिलाफ सबसे ज्यादा ODI शतक लगाने के मामले में कोहली पहले ही सबसे आगे हैं।

 

किसी टीम के खिलाफ सबसे ज्यादा ODI शतक:

 

  • विराट कोहली बनाम श्रीलंका – 10
  • विराट कोहली बनाम वेस्टइंडीज – 10
  • सचिन तेंदुलकर बनाम ऑस्ट्रेलिया – 9
  • रोहित शर्मा बनाम ऑस्ट्रेलिया – 9
  • विराट कोहली बनाम ऑस्ट्रेलिया – 8
  • सचिन तेंदुलकर बनाम श्रीलंका – 8

कोहली ने घरेलू मैदान पर इंटरनेशनल क्रिकेट में भी अपना 42वां शतक पूरा किया। इसके साथ उन्होंने सचिन तेंदुलकर के घर में 42 इंटरनेशनल सेंचुरी के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। सचिन ने यह आंकड़ा 313 पारियों में हासिल किया था, जबकि कोहली ने 260 पारियों में 42 शतक पूरे किए।

 

 पारी में 9 छक्के, ODI में सबसे तेज शतकों में भी जगह

 

वेस्टइंडीज के खिलाफ कोहली ने 74 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। यह वनडे क्रिकेट में गेंदों के लिहाज से उनका तीसरा सबसे तेज शतक है।

 

कोहली के सबसे तेज ODI शतक:

  • 52 गेंद – ऑस्ट्रेलिया, जयपुर, 2013
  • 61 गेंद – ऑस्ट्रेलिया, नागपुर, 2013
  • 74 गेंद – वेस्टइंडीज, तिरुवनंतपुरम, 2026
  • 76 गेंद – श्रीलंका, होबार्ट, 2012
  • 76 गेंद – श्रीलंका, कोलंबो, 2017
  • 80 गेंद – श्रीलंका, गुवाहाटी, 2023

 

इतना ही नहीं, कोहली ने पहली बार किसी वनडे पारी में 9 छक्के लगाए। इससे पहले उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 8 छक्कों का था, जो उन्होंने 2023 में इसी मैदान पर श्रीलंका के खिलाफ लगाया था।

 

 लिस्ट-A में सचिन की बराबरी, घर में 7000 ODI रन का रिकॉर्ड

 

वेस्टइंडीज के खिलाफ शतक के साथ कोहली ने लिस्ट-A क्रिकेट में भी अपना 60वां शतक पूरा कर लिया। इस मामले में उन्होंने सचिन तेंदुलकर की बराबरी कर ली है।

 

लिस्ट-A क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक:

 

  • 60 – सचिन तेंदुलकर / विराट कोहली
  • 44 – ग्राहम गूच
  • 40 – ग्रीम हिक
  • 39 – कुमार संगकारा

 

कोहली ने भारतीय जमीन पर वनडे क्रिकेट में भी नया रिकॉर्ड बनाया। वह एक देश में 7000 ODI रन पूरे करने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बन गए। भारत में उनके वनडे रनों की संख्या अब 7006 हो गई है।

 

सचिन तेंदुलकर ने भारत में 164 वनडे मैचों में 6976 रन बनाए थे। इस तरह कोहली ने घरेलू मैदान पर सबसे ज्यादा ODI रन के मामले में भी सचिन को पीछे छोड़ दिया।

 

रन चेज में धोनी और सचिन के करीब पहुंचे कोहली

 

विराट कोहली का नाम रन चेज में जीत से भी लंबे समय से जुड़ा रहा है। वेस्टइंडीज के खिलाफ मुकाबले के बाद वह ODI रन चेज में जीत का हिस्सा बनने के मामले में तीसरे स्थान पर पहुंच गए।

 

कोहली अब 112 ऐसी वनडे जीत का हिस्सा रहे हैं, जिनमें भारत ने लक्ष्य का सफल पीछा किया। उन्होंने रिकी पोंटिंग के 111 के आंकड़े को पीछे छोड़ दिया है।

 

ODI रन चेज में सबसे ज्यादा जीत का हिस्सा:

 

  •  सचिन तेंदुलकर – 127
  • एमएस धोनी – 116
  • विराट कोहली – 112
  • रिकी पोंटिंग – 111
  •  जैक्स कैलिस / रोहित शर्मा – 110

 

इस मुकाबले में कोहली ने वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज अल्जारी जोसेफ की भी जमकर खबर ली। उन्होंने जोसेफ के खिलाफ 53 रन बनाए, जो किसी एक ODI मैच में एक गेंदबाज के खिलाफ उनके दूसरे सबसे ज्यादा रन हैं।

 

 कोहली के बल्ले से निकले 10 बड़े रिकॉर्ड

 

तिरुवनंतपुरम वनडे में विराट कोहली ने एक साथ कई रिकॉर्ड अपने नाम किए। उनकी 139 रन की पारी के बाद रिकॉर्ड बुक में ये बड़े बदलाव हुए:

 

1. 303 पारियों में 15,000 ODI रन पूरे करने वाले सबसे तेज बल्लेबाज।
2. भारत में 7006 ODI रन के साथ एक देश में सबसे ज्यादा वनडे रन बनाने वाले बल्लेबाज बने।
3. दो अलग-अलग टीमों के खिलाफ 10-10 ODI शतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज।
4. ODI रन चेज में 30 शतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज बने।
5. लिस्ट-A क्रिकेट में 60 शतकों के साथ सचिन तेंदुलकर की बराबरी।
6. घरेलू मैदान पर 42 इंटरनेशनल शतकों के साथ सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड की बराबरी।
7. वेस्टइंडीज के खिलाफ 13 इंटरनेशनल शतकों के साथ सुनील गावस्कर की बराबरी।
8. मौजूदा दशक में 12 ODI शतकों के साथ सबसे ज्यादा सेंचुरी लगाने वाले बल्लेबाज बने।
9. ODI रन चेज में जीत का हिस्सा बनने के मामले में 112 के साथ तीसरे स्थान पर पहुंचे।
10. वेस्टइंडीज के खिलाफ सबसे ज्यादा ODI खेलने वाले भारतीय बल्लेबाज।

 

 

तिरुवनंतपुरम में विराट कोहली की यह पारी सिर्फ एक और सेंचुरी नहीं रही। 139 रन की इस विस्फोटक पारी के दौरान उन्होंने अपनी रिकॉर्ड बुक में कई नए अध्याय जोड़ दिए। अब नजरें वनडे सीरीज के अगले मुकाबलों पर हैं, जहां कोहली के पास इन आंकड़ों को और आगे ले जाने का मौका होगा।

 

15 हजारी बने विराट कोहली, सचिन तेंदुलकर के 2 रिकॉर्ड किए ध्वस्त

क्रिकेट में रिकॉर्ड्स पुराने स्मारकों की तरह होते हैं। उन पर धूल जमती है, उन्हें सम्मान मिलता है, और कभी-कभी कोई आता है और उस दीवार को पार कर जाता है। वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले एकदिवसीय मैच में विराट कोहली ने रविवार को ठीक यही किया। अल्जारी जोसेफ की गेंद पर मिड-विकेट की तरफ एक शानदार पुल शॉट खेलकर, कोहली सचिन तेंदुलकर के बाद 15,000 वनडे रन पूरे करने वाले दूसरे बल्लेबाज़ बन गए।

ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में मौजूद सभी लोग उस खिलाड़ी के सम्मान में खड़े हो गए, जिसने अपने करियर का ज़्यादातर समय बड़े-बड़े रिकॉर्ड्स को आम बात बनाने में बिताया है।इसके अलावा वह भारत में सचिन से ज्यादा एकदिवसीय रन बनाने वाले बल्लेबाज भी बन गए। उन्होंने 7 हजार रनों का आंकड़ा पार किया।

कोहली ने दोनों हाथ उठाए, लोगों की तालियों का जवाब दिया और फिर अपनी बल्लेबाज़ी जारी रखी। उस शॉट में कुछ खास बात थी। जोसेफ ने उन्हें शॉर्ट बॉल डाली; कोहली न तो झुके, न पीछे हटे और न ही संभलकर खेले। उन्होंने गेंद पर हावी होकर उसे मिड-विकेट के ऊपर से चार रन के लिए भेज दिया। पंद्रह हज़ार रन थोड़े आक्रामक अंदाज़ में पूरे हुए, जैसा कि कोहली के ज़्यादातर क्रिकेट रिकॉर्ड्स के मामले में होता है।

लेकिन ज़्यादा दिलचस्प कहानी आंकड़ों में छिपी है। तेंदुलकर को 15,000 वनडे रन तक पहुँचने के लिए 377 पारियों और 17,528 गेंदों की ज़रूरत पड़ी थी। कोहली ने यह कारनामा 303 पारियों और 15,950 गेंदों में कर दिखाया – यानी 74 पारियां और 1,578 गेंदें कम।
यह एक बहुत बड़ा अंतर है, खासकर ऐसे फ़ॉर्मेट में जहाँ हर गेंद महत्वाकांक्षा और बर्बादी के बीच एक छोटा सा दांव होता है।

बेशक, इस कहानी का एक दूसरा पहलू भी है। जब तेंदुलकर ने यह मुकाम हासिल किया था, तब उनकी उम्र 34 साल और 66 दिन थी। कोहली की उम्र 37 साल और 326 दिन है। अपने-अपने वनडे डेब्यू से इस मुकाम तक पहुँचने में तेंदुलकर को 6,402 दिन लगे थे; कोहली को 6,614 दिन लगे।

आंकड़े अलग-अलग कहानियाँ बयां कर सकते हैं। लेकिन वे जिस चीज़ को छिपा नहीं सकते, वह है इस उपलब्धि का बड़ा पैमाना। सचिन तेंदुलकर 18,426 रनों के साथ अभी भी वनडे क्रिकेट में सबसे ऊपर हैं। अब कोहली 15,000 रनों के क्लब में शामिल होने वाले दूसरे खिलाड़ी बन गए हैं।

सालों तक, तेंदुलकर के रिकॉर्ड्स की चर्चा हिमालय की चोटियों की तरह की जाती रही – जो शानदार  और आम इंसान की पहुँच से बाहर लगती हैं। कोहली ने पिछले दो दशकों का ज़्यादातर समय इन रिकॉर्ड्स तक पहुँचने की कोशिश में बिताया है। रविवार को, वह इनमें से एक सबसे बड़े रिकॉर्ड तक पहुँच गए। और उन्होंने यह कमाल एक ‘पुल शॉट’ खेलकर किया।

विराट और शुभमन के शतक से भारत ने वेस्टइंडीज को 8 विकेट से रौंदा

INDvsWI कप्तान शुभमन गिल और विराट कोहली के नाबाद शतक की बदौलत भारत ने वेस्टइंडीज को 8 विकेट से हरा दिया। पहले एकदिवसीय मैच में भारत अब तीन मैचों की सीरीज में 1-0 से आगे है। वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवरों में 7 विकेट के नुकसान पर 295 रन बनाए। वहीं भारत ने रोहित और शुभमन के विकेट खोकर इस लक्ष्य को 42वें ओवर में पा लिया। भारत ने 2 विकेट के नुकसान पर 41.4 ओवर में 300 रन बनाए। 

विराट कोहली ने 88 गेंदों में  नाबाद 139 रन बनाए। इसमें 10 चौके और 9 छक्के शामिल थे। वहीं शुभमन गिल ने शुरुआती जीवनदान का फायदा उठा कर 108 गेंदों में 110 रन बनाए। उन्होंने 13 चौके और 1 छक्का जड़ा। रोहित शर्मा ने 32 रन बनाए। कोहली के साथ ऋतुराज गायकवाड़ 13 रनों पर नाबाद रहे। इंडीज की ओर से अल्जारी जोसेफ और रॉस्टन चेस ने एक एक विकेट लिए।

दीवाली आने में अभी समय है, लेकिन कोहली ने आज ही धमाका कर दिया। वेस्टइंडीज़ ने पारी की शुरुआत धमाकेदार की थी, लेकिन फिर उनकी पारी लड़खड़ा गई और वे 300 का आंकड़ा भी नहीं छू सके। रोहित और गिल ने ठोस शुरुआत दिलाकर पहले 10 ओवर में ही भारत को मैच में काफी आगे कर दिया था। गिल ने कप्तानी पारी खेलते हुए शानदार शतक जड़ा तो वहीं कोहली ने अपनी क्लास दिखाते हुए नाबाद 139 रन बनाए।

कोहली ने छक्कों की बारिश करते हुए मेहमान टीम को संभलने का मौका ही नहीं दिया। गिल ने 108 गेंदों में 13 चौके और एक छक्का लगाया जबकि विराट ने और भी आक्रामक तेवर दिखाते हुए मात्र 88 गेंदों में 10 चौके और नौ छक्के लगाए। विराट ने लगातार दो छक्के मारकर मैच समाप्त किया।

रोहित और गिल ने तेज शुरुआत की और पहले पावरप्ले में 70 रन बनाए। रोहित अल्जारी का शिकार बने और इसके बाद गिल और कोहली साथ आए। भारतीय कप्तान को 11 रन पर जीवनदान मिला और उन्होंने इसका पूरा फायदा उठाया; उन्होंने इस साल 9 वनडे मैचों में अपना सातवां 50 स्कोर बनाया। उन्होंने क्रैम्प्स (मांसपेशियों में खिंचाव) से जूझते हुए शानदार अर्धशतक जड़ा।

इससे पहले  जस्टिन ग्रीव्स (101) के शानदार अर्धशतक से वेस्ट इंडीज ने भारत के खिलाफ पहले वनडे में रविवार को 50 ओवर में सात विकेट पर 295 रन का मजबूत स्कोर बना लिया।

जब वेस्ट इंडीज़ की टीम बल्लेबाज़ी कर रही थी, तो 300 रन का स्कोर बस एक औपचारिकता लग रहा था, लेकिन आखिर में वे इससे 5 रन पीछे रह गए। गेंदबाज़ी करने का फ़ैसला करने के बाद मेज़बान टीम के लिए पावरप्ले मुश्किल भरा रहा। वे न सिर्फ़ कोई विकेट ले पाए, बल्कि खेल पर पकड़ बनाने के लिए भी संघर्ष करते रहे, क्योंकि वेस्ट इंडीज़ ने पहले 10 ओवरों में ही 85 रन बना लिए थे।

जस्टिन ग्रीव्स ने आक्रामक खेल दिखाया और जॉन कैंपबेल ने उनका अच्छा साथ दिया; दोनों ओपनर्स ने अर्धशतक जड़े और शतकीय साझेदारी की। 20वें ओवर में कैंपबेल (62)के कुलदीप का शिकार बनने के बाद टीम को पहली सफलता मिली। तीसरे नंबर पर आए कार्टी लय पाने के लिए संघर्ष करते दिखे और स्कोरिंग रेट कम हो गया। 20वें और 30वें ओवर के बीच सिर्फ़ दो बाउंड्री लगीं। कार्टी 31 गेंदों में 13 रन बनाकर आउट हो गए।

जहाँ ग्रीव्स ने अपना पहला वनडे शतक लगाया, ग्रीव्स ने 108 गेंदों पर 101 रन में 12 चौके लगाए। वहीं कुलदीप ने छह गेंदों के भीतर तीन विकेट लेकर वेस्ट इंडीज़ का स्कोर 198/5 कर दिया। मेहमान टीम के लिए स्थिति और भी खराब हो सकती थी, लेकिन आमिर जंगू ने उपयोगी पारी खेली – अपना दूसरा वनडे अर्धशतक लगाया – और वेस्ट इंडीज को 300 के करीब पहुँचाया।भारत की तरफ से कुलदीप यादव ने 40 रन पर चार विकेट, प्रसिद्ध कृष्णा ने 60 रन पर दो विकेट और नीतीश कुमार रेड्डी ने 45 रन पर एक विकेट लिया।