‘रील के चक्कर में ठुक जाओगे’, वैभव सूर्यवंशी की पैपराजी को मजेदार अंदाज में वार्निंग, वीडियो वायरल

Vaibhav Sooryavanshi Viral Video: भारतीय क्रिकेटरों की देश में जबरदस्त फैन फॉलोइंग है, लेकिन इन दिनों एक नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है। यह नाम है वैभव सूर्यवंशी का। भले ही वैभव को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में आए ज्यादा समय नहीं हुआ है, लेकिन उनकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। भारत ही नहीं, दूसरे देशों में भी उनके चाहने वाले हैं। यही वजह है कि पैपराजी भी 15 साल के इस युवा बल्लेबाज की तस्वीरें खींचने के लिए काफी उत्सुक रहते हैं।

गुरुवार को भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला, जब भारतीय क्रिकेट टीम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने के लिए नई दिल्ली पहुंची। प्रधानमंत्री को राजधानी के मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में एशियन गेम्स के पदक विजेताओं से मुलाकात करनी थी। श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली पुरुष क्रिकेट टीम ने इन खेलों में गोल्ड मेडल जीता था। इस दौरान वैभव सूर्यवंशी को लेकर भी लोगों में खास उत्साह देखने को मिला।

“रील के चक्कर में ठुक जाओगे”: सूर्यवंशी का पैपराजी को मजाकिया अल्टीमेटम

नई दिल्ली पहुंचने पर, कई कैमरामैन ने सूर्यवंशी को अपने कैमरे में कैद करने की कोशिश की, जो कि कोई हैरानी की बात नहीं थी। लेकिन, पैपराजी के प्रति उनकी एक मजेदार टिप्पणी किसी ने नहीं सोची थी। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में, सूर्यवंशी मजाकिया अंदाज में उन्हें सावधान रहने और अपने आस-पास का ध्यान रखने की सलाह देते नजर आते हैं। उन्होंने पैपराजी से कहा, “रील के चक्कर में ठुक जाओगे।” यहां वह वीडियो क्लिप है:

बता दें कि IPL 2026 में शानदार प्रदर्शन करने के बाद, सूर्यवंशी ने इस साल की शुरुआत में इंग्लैंड के खिलाफ अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया। इसके साथ ही, वह भारत के लिए डेब्यू करने वाले सबसे युवा पुरुष क्रिकेटर बन गए और इस मामले में महान सचिन तेंदुलकर को भी पीछे छोड़ दिया। हालांकि, टीम के साथ लगातार यात्रा करने के बावजूद, मैनेजमेंट ने उन्हें बहुत कम मौकों पर ही खेलने का मौका दिया है। इस बात को लेकर कई विशेषज्ञों ने आलोचना भी की है।

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मुख्य चयनकर्ता के लिए पार्थिव पटेल ने नहीं किया आवेदन प्रज्ञान ओझा के लिए रास्ता साफ

Pragyan Ojha

सितंबर माह में ऐसी खबरें थी कि पूर्व विकेटकीपर पार्थिव पटेल अगले मुख्य चयनकर्ता बनने की दौड़ में सबसे आगे हैं। ऐसा माना जा रहा था  कि अजीत आगरकर ने अपने कार्यकाल को बढ़ाने की कोई सिफारिश नहीं की है। ऐसे में पूर्व विकेटकीपर पार्थिव पटेल मुख्य चयनकर्ता बनने के करीब थे।

लेकिन उन्होंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड  के मुख्य चयनकर्ता की दौड़ से हटने का फैसला करते हुए आवेदन नहीं दिया। ऐसे में अंतिरम  मुख्य चयनकर्ता को पूर्णकालिक मुख्य चयनकर्ताबनाने का रास्ता साफ हो चुका है। हाल ही में प्रज्ञान ओझा ने न्यूजीलैंड दौरे के लिए भारतीय टी-20 टीम की घोषणा की थी और अब वह बतौर पूर्णकालिक मुख्य चयनकर्ता एकदिवसीय टीम की भी घोषणा जल्द करेंगें। ऐसा माना जा रहा है कि पार्थिव पटेल मुख्य चयनकर्ता बनने से ज्यादा गुजरात टाइटंस के लिए मेंटर करने में ज्यादा दिलचस्पी रखते हैं।

ऐसा रहा है करियर

ओझा ने 2013 में वेस्टइंडीज के खिलाफ मुंबई में सचिन तेंदुलकर के विदाई टेस्ट में आखिरी बार भारत के लिए खेला था।ओझा ने वेस्टइंडीज के खिलाफ इस टेस्ट की पहली पारी में 40 रन पर पांच विकेट और दूसरी पारी में 49 रन पर पांच विकेट लिए थे और वह ‘मैन ऑफ द मैच’ बने।उन्होंने 2009 से 2013 के बीच 24 टेस्ट में 113 विकेट लिए हैं।

उनका एकदिवसीय पदार्पण साल 2008 में हुआ था लेकिन 4 साल के करियर में उन्होंने उन्होंने 18 वनडे में 21 विकेट लिए।टी-20 अंतरराष्ट्रीय में उनको सबसे कम मौका मिला। उन्होंने कुल 6 मैच में 10 विकेट लिए।आईपीएल करियर की बात करें तो उन्होंने 92 मैचों में 89 विकेट लिए।आईपीएल में डेक्कन चार्जर्स और मुंबई इंडियंस के लिए खेल चुके ओझा के गेंदबाजी एक्शन की 2014 में शिकायत हुई थी। बाद में 2015 में उनके गेंदबाजी एक्शन को फिर वैध ठहराया गया।

बाएं हाथ के स्पिनर को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर गावस्कर टेस्ट सीरीज में वीवीएस लक्ष्मण के साथ साझेदारी के लिए जाना जाता है जब भारत को एक विकेट से करीबी जीत हासिल हुई थी।

अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर UNICEF India ने स्मृति मंधाना को यह सम्मान

Unicef India ने  भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान स्मृति मंधाना को संयुक्त राष्ट्र बाल अधिकार एजेंसी की सेलिब्रिटी एडवोकेट के रूप में नियुक्त करने की घोषणा की। इस नई भूमिका में, मंधाना बच्चों और युवाओं के समान अधिकारों और अवसरों की वकालत करने के अपने पूर्व के कार्यों को आगे बढ़ाएंगी।

यह नियुक्ति 11 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर की गई, जो लड़कियों के अधिकारों, सुरक्षा, क्षमता और नेतृत्व पर प्रकाश डालती है, साथ ही उन बाधाओं पर भी जो अभी भी उनके विकल्पों को सीमित करती हैं। भारत की खेल आइकन और युवा महिलाओं व लड़कियों के लिए रोल मॉडल, मंधाना लड़कियों को खेलने और आगे बढ़ने के लिए समान अवसरों की वकालत करेंगी। वह यूनिसेफ इंडिया के प्रयासों को आगे बढ़ाने में सहयोग देंगी ताकि किशोरियों को सशक्त बनाया जा सके, उनके स्वास्थ्य और कल्याण को बढ़ावा दिया जा सके और वे अपनी पूरी क्षमता तक पहुंच सकें।

इस अवसर पर मंधाना ने कहा, “मैं यूनिसेफ इंडिया की सेलिब्रिटी एडवोकेट के रूप में जुड़कर सम्मानित महसूस कर रही हूं। बचपन में क्रिकेट खेलने ने मुझे सिखाया कि हर सपना एक अवसर से शुरू होता है। मेहनत, दृढ़ संकल्प और प्रोत्साहन से वह अवसर कुछ असाधारण बन सकता है। हर बच्चे और युवा को बड़ा सपना देखने और अपनी पूरी क्षमता तक पहुंचने का अवसर मिलना चाहिए।”

यूनिसेफ इंडिया की प्रतिनिधि सिंथिया मैककैफ्री ने इस अवसर पर कहा, “हम अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर स्मृति मंधाना का यूनिसेफ इंडिया की सेलिब्रिटी एडवोकेट के रूप में स्वागत करते हुए प्रसन्न हैं। स्मृति की यात्रा, एक महत्वाकांक्षी युवा एथलीट से वैश्विक क्रिकेट आइकन तक, लड़कियों को दिखाती है कि जब प्रतिभा को अवसर मिलता है तो क्या संभव है। ऐसे समय में जब भारत दुनिया के सबसे बड़े बच्चों और युवाओं की पीढ़ी का घर है, लड़कियों के अधिकारों, नेतृत्व और कल्याण में निवेश करना किसी देश का सबसे समझदार निवेश है। हम स्मृति के साथ साझेदारी करने की आशा करते हैं ताकि हर लड़की को सीखने, खेलने, नेतृत्व करने और अपनी क्षमता पूरी करने का अवसर मिल सके।”

अर्जुन पुरस्कार प्राप्त और भारत की अग्रणी खिलाड़ियों में से एक, मंधाना, भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हैं। वह उस टीम का हिस्सा थीं जिसने 2025 में भारत को पहला आईसीसी महिला क्रिकेट विश्व कप खिताब दिलाया। उसी वर्ष, वह पहली महिला बनीं जिन्होंने एक कैलेंडर वर्ष में 1,000 से अधिक वनडे रन बनाए, और पांच वनडे शतक लगाकर रिकॉर्ड बनाया। 2026 में, वह महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर और महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय में अग्रणी रन-स्कोरर बनीं। वह विश्व की शीर्ष रैंक वाली महिला वनडे बल्लेबाज हैं और दो बार आईसीसी महिला क्रिकेटर ऑफ द ईयर रह चुकी हैं।

मंधाना ने पहले यूनिसेफ-आईसीसी अभियानों का समर्थन किया है जो लैंगिक समानता और जीवन कौशल पर केंद्रित थे। वह यूनिसेफ के प्रॉमिस टू चिल्ड्रन अभियान की भी समर्थक रही हैं।

यूनिसेफ सरकारों, समुदायों, नागरिक समाज और युवाओं के साथ मिलकर किशोरियों के अधिकारों, एजेंसी और अवसरों को आगे बढ़ाने के लिए काम करता है। लड़कियों को ज्ञान, जीवन कौशल, नेतृत्व के अवसर और सुरक्षित स्थान प्रदान करता है ताकि वे शिक्षा, स्वास्थ्य, कल्याण और अपने भविष्य के बारे में सूचित निर्णय ले सकें। साझेदारों के साथ मिलकर, यूनिसेफ परिवारों और समुदायों के साथ भी काम करता है ताकि हानिकारक लैंगिक मानदंडों को चुनौती दी जा सके, सहयोग प्रणालियों को मजबूत किया जा सके, लड़कियों को शिक्षा में बनाए रखा जा सके, सामाजिक सुरक्षा का विस्तार किया जा सके और उन्हें कौशल और आजीविका मार्गों से जोड़ा जा सके — जिससे उनका आत्मविश्वास और विकल्प बढ़े ताकि वे सीख सकें, नेतृत्व कर सकें, आगे बढ़ सकें और विवाह को टाल सकें।

यूनिसेफ हर बच्चे के अधिकारों को बनाए रखने का प्रयास करता है, उन्हें नुकसान और सभी प्रकार के भेदभाव से बचाता है, ताकि वे स्वस्थ और शिक्षित होकर अपनी पूरी क्षमता तक पहुंच सकें। यह कार्य यूनिसेफ के वैश्विक रूप से मान्यता प्राप्त जनादेश और राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के समर्थन के अनुरूप है। यूनिसेफ दुनिया के सबसे कठिन स्थानों में काम करता है, ताकि दुनिया के सबसे वंचित बच्चों तक पहुंचा जा सके। 190 से अधिक देशों और क्षेत्रों में, संस्था हर बच्चे के लिए हर जगह काम करती है ताकि सभी के लिए एक बेहतर दुनिया बनाई जा सके। यूनिसेफ इंडिया व्यवसायों और व्यक्तियों से मिलने वाले समर्थन और दान पर निर्भर करता है ताकि स्वास्थ्य, पोषण, जल और स्वच्छता, शिक्षा, सामाजिक नीति और सामाजिक सुरक्षा तथा बाल संरक्षण कार्यक्रमों को विस्तारित किया जा सके।

महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने भी इस अवसर पर यूनिसेफ और मंधाना की तारीफ में ट्वीट किया। उन्होंने एक्स पर लिखा, ‘‘स्मृति मंधाना यूनिसेफ इंडिया परिवार में आपका स्वागत है। आप मैदान पर लाखों लोगों को प्रेरित करती हैं और मुझे पूरा विश्वास है कि मैदान के बाहर आप बच्चों के अधिकारों के लिए बुलंद आवाज बनोगी।’’

विदाई मैच में भी छाया मेस्सी का जादू, किया 1 गोल और 2 असिस्ट (Video)

करीब 20 साल तक अर्जेंटीना की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम के लिए अपने पैर से दौड़-दौड़कर और खिलाड़ियों को छका कर गोल करने वाले लियोनेल मेस्सी ने अपने विदाई मैच को भी यादगार बनाया और बेनिन के खिलाफ 2 असिस्ट और 1 गोल किया। ब्यूनस आयर्स में बेनिन के खिलाफ होने वाले इस मैत्री मुकाबले को “The Night that no one wants to end” यानी ‘वह रात जिसे कोई खत्म नहीं करना चाहता’ नाम दिया गया था।

दुनिया के सबसे महान फुटबॉल खिलाड़ियों में शामिल 39 वर्षीय मेस्सी ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास का ऐलान करते हुए कहा था कि “अब समय आ गया है।” इस कारण यह मैच सिर्फ और सिर्फ लियोनेल मेस्सी के बारे में होने वाला था। जैसे साल 2012 में सचिन तेंदुलकर की विदाई सीरीज वेस्टइंडीज के खिलाफ हुई थी, और ऐसा हुआ भी।

मैस्सी का अंतिम 126वां गोल

ब्यूनस आयर्स के मोन्यूमेंटल स्टेडियम में खेले गए मैच में हजारों प्रशंसकों ने इस महान खिलाड़ी को जोरदार तालियों और नारों के साथ अंतिम विदाई दी।अर्जेंटीना के इस सुपरस्टार ने 85,000 प्रशंसकों के सामने अपने 21 साल लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर का समापन किया जिसमें उन्होंने 126 गोल, 2022 विश्व कप खिताब और दो कोपा अमेरिका खिताब शामिल रहे।

मेस्सी द्वारा लिए गए कॉर्नर किक के बाद, डिफेंडर निकोलस ओटामेंडी ने हेडर से 48वें मिनट में गोल कर टीम के लिए गोल कर दिया। इसके बाद मेस्सी ने युवा प्रतिभा निकोलस पाज को पास दिया जिन्होंने 61वें मिनट में बाएं पैर से शानदार फिनिश के साथ गोल किया।दस मिनट बाद पेनल्टी पर मेस्सी ने बाएं पैर से गोल दाग दिय जिससे सर्वकालिक शीर्ष गोल स्कोरर के रूप में उनके गोलों की संख्या और बढ़ गई।दर्शकों ने उनके सम्मान में गाना शुरू किया, ‘‘Ole, Ole, Messi। ’’

GOAT जर्सी पहनकर मेस्सी ने खेला विदाई मैच

मेस्सी ने अपना अंतिम मैच (अर्जेंटीना के लिए उनका 208वां मैच) शानदार आतिशबाजी के प्रदर्शन के बीच खेला। उन्होंने विशेष संस्करण की जर्सी पहनी थी जिसमें मानक डिजाइन की तुलना में चौड़ी लंबी धारियां, एक विशाल सूरज और पीठ पर सुनहरे रंग का नंबर 10 था। पीठ के विवरण में प्रिंट में बकरे के सींग थे ‘गोट’ (GOAT) का संकेत जो जानवर और ‘Greatest of all time’ दोनों को संदर्भित करता है।

मेस्सी ने मैदान से दिया संदेश

अंतरराष्ट्रीय मैत्री मैच शुरू होने के दस मिनट बाद, रेफरी ने अर्जेंटीना के कप्तान को सम्मानित करने के लिए मैच रोक दिया। प्रतिद्वंद्वी और साथी खिलाड़ी उनका अभिवादन करने के लिए आगे आए जबकि प्रशंसक खड़े होकर तालियां बजाने लगे। मेस्सी ने हाथ उठाकर आभार जताया।मैच समाप्त होने के बाद, उन्होंने अपने साथियों को उन खिताबों के लिए धन्यवाद दिया जो उन्होंने जीते थे और उन्हें एक निर्देश दिया, ‘‘हमें एक मजबूत, एकजुट ग्रुप बनाना होगा क्योंकि कुछ लोग चाहते हैं कि राष्ट्रीय टीम असफल हो, और हमें उन्हें यह संतुष्टि नहीं देनी चाहिए। ’’

विराट कोहली नहीं ये इंग्लिश बल्लेबाज तोड़ सकता है सचिन का रिकॉर्ड! पूर्व दिग्गज खिलाड़ी ने किया ये बड़ा दावा

क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने क्रिकेट में कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम किए है। वहीं हाल ही में एक पूर्व दिग्गज खिलाड़ी दिनेश कार्तिक ने बताया कि सचिन का रिकॉर्ड कौन सा खिलाड़ी तोड़ सकता है। दिनेश कार्तिक ने कहा, इंग्लैंड के बल्लेबाज जो रूट आने वाले समय में सचिन तेंदुलकर के 15,921 टेस्ट रन के रिकॉर्ड को तोड़ सकते हैं। वहीं कार्तिक ने आगे कहा कि विराट कोहली के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 100 शतक पूरे करना आसान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि कोहली के लिए इस आंकड़े तक पहुंचना काफी मुश्किल नजर आता है।

सचिन के रिकॉर्ड से कितना दूर जो रूट

इंग्लैंड के दिग्गज खिलाड़ी जो रूट टेस्ट क्रिकेट में शानदार बल्लेबाजी कर रहे हैं। जो रूट ने 169 टेस्ट मैचों में 14,278 रन बनाए हैं। वह अब सचिन तेंदुलकर के 15,921 टेस्ट रनों के रिकॉर्ड से 1,643 रन पीछे हैं। अगर रूट आगे भी इसी तरह रन बनाते रहे, तो वह करीब 16 से 20 टेस्ट मैचों में तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं। रूट ने 2021 में भी शानदार बल्लेबाजी की थी। उस साल उन्होंने 15 टेस्ट मैचों में 1,708 रन बनाए थे। जो रूट अभी सिर्फ 35 साल के हैं और इंग्लैंड की टीम हर साल करीब 15 से 20 टेस्ट मैच खेलती है। ऐसे में रूट के पास सचिन का टेस्ट रिकॉर्ड तोड़ने का अच्छा मौका है।

रूट तोड़ सकते हैं सचिन का रिकॉर्ड

क्रिकबज पर जब दिनेश कार्तिक से पूछा गया कि क्या जो रूट सचिन तेंदुलकर का टेस्ट रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं, तो उन्होंने कहा कि “अच्छा चांस है।”। कार्तिक ने कहा कि “वे इंग्लैंड में बहुत सारा टेस्ट क्रिकेट खेलते हैं। वह अभी भी काफी स्ट्रेट दिखते हैं। वह हर बार बैटिंग करने के लिए खुशी-खुशी रन बनाते हैं। मुझे लगता है कि उनके लिए यह बहुत पॉसिबल है।”

क्या विराट तोड़ सकते हैं ये रिकॉर्ड

वहीं विराट कोहली के नाम फिलहाल 86 अंतरराष्ट्रीय शतक हैं। वह टेस्ट और टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं और अब सिर्फ वनडे में खेल रहे हैं। विराट कोहली के 100 अंतरराष्ट्रीय शतक पूरे करने की संभावना पर दिनेश कार्तिक ने कहा कि, वह चाहते हैं कि कोहली यह उपलब्धि हासिल करें, लेकिन ऐसा करना काफी मुश्किल है। कार्तिक ने माना कि कोहली के लिए 100 शतकों के आंकड़े तक पहुंचना आसान नहीं होगा। कोहली वनडे में सचिन तेंदुलकर के सबसे ज्यादा रन के रिकॉर्ड से 3,000 से ज्यादा रन पीछे हैं। वहीं, अगर वह लगातार शानदार बल्लेबाजी करते हुए 1,500 से 1,600 रन और बना लेते हैं, तो इस अंतर को काफी हद तक कम कर सकते हैं।

न्यूजीलैंड सीरीज में खेलेंगे

आंकड़ों के मुताबिक, विराट कोहली को 101 अंतरराष्ट्रीय शतक तक पहुंचने के लिए करीब 110 और पारियां खेलनी पड़ सकती हैं। अब वह सिर्फ वनडे खेल रहे हैं, जहां वह औसतन हर 5.55 पारियों में एक शतक बनाते हैं। इस हिसाब से उनकी अगली 15 सेंचुरी के लिए करीब 83 पारियां लग सकती हैं। 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक भारत को लगभग 25 से 30 वनडे मैच ही और खेलने हैं, इसलिए कोहली के लिए 100 शतक का आंकड़ा हासिल करना काफी चुनौतीपूर्ण नजर आता है। वह अब 4 नवंबर से न्यूजीलैंड के खिलाफ शुरू होने वाली वनडे सीरीज में खेलते दिखाई देंगे।

रोहित शर्मा ने तोड़ा सचिन तेंदुलकर का ये पुराना रिकॉर्ड, 10 हजार रन बनाने वाले चौथे ओपनर बने

Rohit Sharma: भारत के दिग्गज खिलाड़ी और पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने वनडे क्रिकेट में एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है। रोहित शर्मा ने बतौर ओपनर वनडे में 10 हजार रन पूरे कर लिए। वहीं इस मुकाम तक सबसे कम पारियों में पहुंचने वाले बल्लेबाज बन गए। इस जादूई आंकड़े तक पहुंचने वाले रोहित भारत के दूसरे बल्लेबाज और दुनिया के चौथे खिलाड़ी हैं। इससे पहले ये रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर के नाम था। सचिन ने 214 पारियों में ये आकड़ा पार किया था, वहीं रोहित ने 202 पारियों में ये कारनामा किया है। इस तरह रोहित ने सचिन का ये रिकॉर्ड तोड़ दिया है।

2 रन बनाते ही बनाया ये रिकॉर्ड

वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे वनडे में रोहित शर्मा ने ये खास रिकॉर्ड बनाया। न्यू चंडीगढ़ में खेले गए मैच से पहले रोहित बतौर ओपनर 201 पारियों में 9,998 रन बना चुके थे। उन्हें 10 हजार रन पूरे करने के लिए सिर्फ 2 रन चाहिए थे। 2 रन बनाते ही रोहित ने ये उपलब्धि हासिल कर ली है। वहीं मुकाबले में रोहित शर्मा 85 गेंदों में 92 रन बनाकर आउट हुए। वेस्टइंडीज और भारत के बीच तीसरे मुकाबले में भारत ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने का फैसला किया। पहले बैटिंग करने आई भारतीय टीम खबर लिखे जाने तक 25 ओवर में 3 विकेट पर 141 रन बना ली है।

सचिन के नाम हैं ये रिकॉर्ड

रोहित शर्मा ने वनडे क्रिकेट में बतौर ओपनर 10 हजार रन पूरे करके अपना नाम दुनिया के बड़े बल्लेबाजों की सूची में दर्ज करा लिया है। अब वह सचिन तेंदुलकर, सनथ जयसूर्या और क्रिस गेल जैसे दिग्गज खिलाड़ियों के साथ इस खास क्लब का हिस्सा हैं। वनडे में बतौर ओपनर सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड अभी भी सचिन तेंदुलकर के नाम है। उन्होंने 344 पारियों में 15,310 रन बनाए हैं। इसके बाद श्रीलंका के सनथ जयसूर्या का नंबर आता है, जिन्होंने 383 पारियों में 12,740 रन जोड़े हैं। वेस्टइंडीज के क्रिस गेल ने 274 पारियों में 10,179 रन बनाए। अब रोहित शर्मा के 10 हजार रन पूरे करने के साथ वह भी वनडे के सबसे सफल ओपनर्स में शामिल हो गए हैं।

127.71 का औसत और 119.51 का स्ट्राइक रेट! विराट कोहली से भी ज्यादा घातक साबित हुए शुभमन गिल, रन मशीन वाले आंकड़े देखिए

क्रिकेट में किसी खिलाड़ी के दौर को अक्सर उसके करियर के खत्म होने के बाद याद किया जाता है। लेकिन कुछ खिलाड़ी ऐसे होते हैं, जिनमें बड़ा नाम बनने के संकेत काफी पहले ही दिखने लगते हैं। शुभमन गिल की बुधवार को गुवाहाटी में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेली गई नाबाद 223 रन की पारी भी कुछ ऐसी ही रही।

भारत ने वेस्टइंडीज के सामने 406 रन का बड़ा लक्ष्य रखा था। इस लक्ष्य का पीछा करते हुए गिल ने शानदार दोहरा शतक लगाया और टीम को जीत की ओर पहुंचाया। यह 28 साल की उम्र से पहले गिल का दूसरा दोहरा शतक है। उनकी इस पारी ने उन्हें भारत के खेल जगत के कुछ सबसे बड़े नामों – जैसे विराट कोहली, सचिन तेंदुलकर और रोहित शर्मा – के साथ तुलना करने लायक बना दिया है।

हालांकि, गिल को अभी लंबा सफर तय करना है। लेकिन जिस तरह वह लगातार बड़ी पारियां खेल रहे हैं, उसे देखते हुए उन्हें भारतीय क्रिकेट का अगला बड़ा स्टार कहा जा सकता है। उन्होंने इस दिशा में अपनी जगह बनानी भी शुरू कर दी है।

गिल अभी नंबर 1 ODI बल्लेबाज हैं और उन्होंने सिर्फ 62 पारियों में 3,000 से ज्यादा रन बनाए हैं। यह किसी भी भारतीय के लिए सबसे तेज और कुल मिलाकर दक्षिण अफ्रीका के हाशिम अमला के बाद दूसरा सबसे तेज रिकॉर्ड है।

ऐसा लगता है कि गिल भारतीय क्रिकेट का अगला चेहरा बनने वाले हैं, और इसकी वजहें ये हैं। कोहली की तरह ही वे भी अच्छी शुरुआत को शतक में बदलने के लिए बेताब रहते हैं और उनमें रोहित की तरह शतकों को जबरदस्त, रिकॉर्ड तोड़ने वाली पारियों में बदलने की काबिलियत भी है।

सिर्फ घरेलू मैदान के हीरो नहीं

जो लोग सोचते हैं कि गिल सिर्फ भारत में ही अच्छी बैटिंग कर सकते हैं, वे गलत हैं। भारत के कप्तान के तौर पर उनकी पहली टेस्ट सीरीज इंग्लैंड में थी, जहां उन्हें जबरदस्त टेक्निकल सहनशक्ति की जरूरत थी, और उन्होंने इसे शानदार ढंग से दिखाया।

गुवाहाटी में वेस्टइंडीज के खिलाफ 406 रन के लक्ष्य का पीछा करते समय भी भारत को तेज रन बनाने के लिए लगातार बाउंड्री की जरूरत थी। गिल ने रोहित शर्मा के साथ मिलकर इस बड़े लक्ष्य का पीछा इतना आसान बना दिया कि मुकाबला एकतरफा नजर आने लगा।

2025 में, भारत के टेस्ट कप्तान के तौर पर अपने पहले असाइनमेंट में, गिल ने 10 पारियों में 75.40 की औसत से 754 रन बनाए। उस सीरीज में उन्होंने चार शतक लगाए, जिसमें 269 रनों की पारी भी शामिल थी। गिल एक टेस्ट सीरीज में कप्तान के तौर पर दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी भी बने। उनसे आगे सिर्फ डॉन ब्रैडमैन हैं, जिन्होंने 1936-37 में 810 रन बनाए थे।

2025 से अब तक, गिल ने 21 पारियों में 1,384 वनडे रन बनाए हैं, और उनका औसत 81 से ज्यादा का रहा है।

2026 में जबरदस्त आंकड़े

इस बात का सबसे साफ संकेत कि गिल का आगे बढ़ना सिर्फ एक यादगार दौर नहीं, बल्कि एक नए युग की शुरुआत हो सकती है, उनके 2026 के आंकड़ों में मिलता है। गुवाहाटी पहुंचने से पहले उन्होंने इस साल 9 पारियों में 671 वनडे रन बनाए थे। वहीं, उनकी नाबाद 223 रनों की पारी ने इस आंकड़े को 10 पारियों में 894 रन तक पहुंचा दिया, जिसमें उनका औसत 127.71 और स्ट्राइक-रेट लगभग 120 रहा। बता दें कि गिल इस साल पहले ही तीन शतक और 5 अर्धशतक लगा चुके हैं, जिसका मतलब है कि उन्होंने अपनी 10 में से आठ पारियों में 50 रन का आंकड़ा पार किया है।

विराट कोहली का क्या है रिकॉर्ड?

भारत के स्टार खिलाड़ी विराट कोहली के आंकड़े बताते हैं कि अनुभव का आज भी बहुत महत्व है। 2026 में, उन्होंने 8 वनडे पारियों में 78.86 के औसत और 118.20 के स्ट्राइक-रेट से 552 रन बनाए हैं, जिसमें दो शतक शामिल हैं। उनके आंकड़े यह भी बताते हैं कि इस साल गिल का 127.71 का औसत कितना शानदार रहा है।

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भारत आते हैं, रिकॉर्ड बनाते हैं और सचिन को पीछे छोड़ देते हैं कोहली! तिरुवनंतपुरम में फिर मचा गदर, जानें 10 धांसू रिकॉर्ड [VIDEO]

भारत के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली ने वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले वनडे में बल्ले से ऐसा तूफान मचाया कि रिकॉर्ड्स की पूरी लिस्ट ही बदल गई। तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में कोहली ने महज 88 गेंदों पर नाबाद 139 रन की विस्फोटक पारी खेली। उनकी पारी में 10 चौके और 9 छक्के शामिल रहे। कोहली की इस पारी की बदौलत भारत ने वेस्टइंडीज से मिले 296 रन के लक्ष्य को सिर्फ 41.4 ओवर में हासिल कर लिया। इस जीत के साथ टीम इंडिया ने तीन मैचों की वनडे सीरीज में बढ़त भी बना ली।

 

यह शतक कोहली के वनडे करियर का 55वां और इंटरनेशनल क्रिकेट का 86वां शतक रहा। खास बात यह रही कि कोहली ने पहली बार किसी वनडे पारी में 9 छक्के लगाने का कारनामा किया।

 15 हजार ODI रन: सचिन को पीछे छोड़ कोहली बने सबसे तेज

 

तिरुवनंतपुरम में सेंचुरी पूरी करते ही विराट कोहली ने वनडे क्रिकेट में एक और बड़ा मुकाम हासिल कर लिया। वह सबसे कम पारियों में 15,000 वनडे रन पूरे करने वाले बल्लेबाज बन गए।

 

कोहली ने यह उपलब्धि सिर्फ 303 पारियों में हासिल की, जबकि सचिन तेंदुलकर को 15 हजार ODI रन तक पहुंचने के लिए 377 पारियां लगी थीं। कोहली ने 15 हजार रन पूरे करने के लिए 15,950 गेंदों का सामना किया, जबकि सचिन ने 17,528 गेंदें खेली थीं।

 

वनडे इंटरनेशनल में 15 हजार या उससे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में फिलहाल सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली ही शामिल हैं। सचिन ने 463 मैचों में 18,426 रन बनाए, जबकि कोहली 315 वनडे में 15,080 रन तक पहुंच गए हैं।

 

एक टीम के खिलाफ 10 शतक, घर में सचिन की बराबरी

 

वेस्टइंडीज के खिलाफ शतक लगाते ही कोहली ने एक और खास रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। श्रीलंका के बाद वेस्टइंडीज दूसरी टीम बन गई है, जिसके खिलाफ उन्होंने वनडे में 10 शतक लगाए हैं।

 

किसी एक टीम के खिलाफ सबसे ज्यादा ODI शतक लगाने के मामले में कोहली पहले ही सबसे आगे हैं।

 

किसी टीम के खिलाफ सबसे ज्यादा ODI शतक:

 

  • विराट कोहली बनाम श्रीलंका – 10
  • विराट कोहली बनाम वेस्टइंडीज – 10
  • सचिन तेंदुलकर बनाम ऑस्ट्रेलिया – 9
  • रोहित शर्मा बनाम ऑस्ट्रेलिया – 9
  • विराट कोहली बनाम ऑस्ट्रेलिया – 8
  • सचिन तेंदुलकर बनाम श्रीलंका – 8

कोहली ने घरेलू मैदान पर इंटरनेशनल क्रिकेट में भी अपना 42वां शतक पूरा किया। इसके साथ उन्होंने सचिन तेंदुलकर के घर में 42 इंटरनेशनल सेंचुरी के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। सचिन ने यह आंकड़ा 313 पारियों में हासिल किया था, जबकि कोहली ने 260 पारियों में 42 शतक पूरे किए।

 

 पारी में 9 छक्के, ODI में सबसे तेज शतकों में भी जगह

 

वेस्टइंडीज के खिलाफ कोहली ने 74 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। यह वनडे क्रिकेट में गेंदों के लिहाज से उनका तीसरा सबसे तेज शतक है।

 

कोहली के सबसे तेज ODI शतक:

  • 52 गेंद – ऑस्ट्रेलिया, जयपुर, 2013
  • 61 गेंद – ऑस्ट्रेलिया, नागपुर, 2013
  • 74 गेंद – वेस्टइंडीज, तिरुवनंतपुरम, 2026
  • 76 गेंद – श्रीलंका, होबार्ट, 2012
  • 76 गेंद – श्रीलंका, कोलंबो, 2017
  • 80 गेंद – श्रीलंका, गुवाहाटी, 2023

 

इतना ही नहीं, कोहली ने पहली बार किसी वनडे पारी में 9 छक्के लगाए। इससे पहले उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 8 छक्कों का था, जो उन्होंने 2023 में इसी मैदान पर श्रीलंका के खिलाफ लगाया था।

 

 लिस्ट-A में सचिन की बराबरी, घर में 7000 ODI रन का रिकॉर्ड

 

वेस्टइंडीज के खिलाफ शतक के साथ कोहली ने लिस्ट-A क्रिकेट में भी अपना 60वां शतक पूरा कर लिया। इस मामले में उन्होंने सचिन तेंदुलकर की बराबरी कर ली है।

 

लिस्ट-A क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक:

 

  • 60 – सचिन तेंदुलकर / विराट कोहली
  • 44 – ग्राहम गूच
  • 40 – ग्रीम हिक
  • 39 – कुमार संगकारा

 

कोहली ने भारतीय जमीन पर वनडे क्रिकेट में भी नया रिकॉर्ड बनाया। वह एक देश में 7000 ODI रन पूरे करने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बन गए। भारत में उनके वनडे रनों की संख्या अब 7006 हो गई है।

 

सचिन तेंदुलकर ने भारत में 164 वनडे मैचों में 6976 रन बनाए थे। इस तरह कोहली ने घरेलू मैदान पर सबसे ज्यादा ODI रन के मामले में भी सचिन को पीछे छोड़ दिया।

 

रन चेज में धोनी और सचिन के करीब पहुंचे कोहली

 

विराट कोहली का नाम रन चेज में जीत से भी लंबे समय से जुड़ा रहा है। वेस्टइंडीज के खिलाफ मुकाबले के बाद वह ODI रन चेज में जीत का हिस्सा बनने के मामले में तीसरे स्थान पर पहुंच गए।

 

कोहली अब 112 ऐसी वनडे जीत का हिस्सा रहे हैं, जिनमें भारत ने लक्ष्य का सफल पीछा किया। उन्होंने रिकी पोंटिंग के 111 के आंकड़े को पीछे छोड़ दिया है।

 

ODI रन चेज में सबसे ज्यादा जीत का हिस्सा:

 

  •  सचिन तेंदुलकर – 127
  • एमएस धोनी – 116
  • विराट कोहली – 112
  • रिकी पोंटिंग – 111
  •  जैक्स कैलिस / रोहित शर्मा – 110

 

इस मुकाबले में कोहली ने वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज अल्जारी जोसेफ की भी जमकर खबर ली। उन्होंने जोसेफ के खिलाफ 53 रन बनाए, जो किसी एक ODI मैच में एक गेंदबाज के खिलाफ उनके दूसरे सबसे ज्यादा रन हैं।

 

 कोहली के बल्ले से निकले 10 बड़े रिकॉर्ड

 

तिरुवनंतपुरम वनडे में विराट कोहली ने एक साथ कई रिकॉर्ड अपने नाम किए। उनकी 139 रन की पारी के बाद रिकॉर्ड बुक में ये बड़े बदलाव हुए:

 

1. 303 पारियों में 15,000 ODI रन पूरे करने वाले सबसे तेज बल्लेबाज।
2. भारत में 7006 ODI रन के साथ एक देश में सबसे ज्यादा वनडे रन बनाने वाले बल्लेबाज बने।
3. दो अलग-अलग टीमों के खिलाफ 10-10 ODI शतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज।
4. ODI रन चेज में 30 शतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज बने।
5. लिस्ट-A क्रिकेट में 60 शतकों के साथ सचिन तेंदुलकर की बराबरी।
6. घरेलू मैदान पर 42 इंटरनेशनल शतकों के साथ सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड की बराबरी।
7. वेस्टइंडीज के खिलाफ 13 इंटरनेशनल शतकों के साथ सुनील गावस्कर की बराबरी।
8. मौजूदा दशक में 12 ODI शतकों के साथ सबसे ज्यादा सेंचुरी लगाने वाले बल्लेबाज बने।
9. ODI रन चेज में जीत का हिस्सा बनने के मामले में 112 के साथ तीसरे स्थान पर पहुंचे।
10. वेस्टइंडीज के खिलाफ सबसे ज्यादा ODI खेलने वाले भारतीय बल्लेबाज।

 

 

तिरुवनंतपुरम में विराट कोहली की यह पारी सिर्फ एक और सेंचुरी नहीं रही। 139 रन की इस विस्फोटक पारी के दौरान उन्होंने अपनी रिकॉर्ड बुक में कई नए अध्याय जोड़ दिए। अब नजरें वनडे सीरीज के अगले मुकाबलों पर हैं, जहां कोहली के पास इन आंकड़ों को और आगे ले जाने का मौका होगा।

 

15 हजारी बने विराट कोहली, सचिन तेंदुलकर के 2 रिकॉर्ड किए ध्वस्त

क्रिकेट में रिकॉर्ड्स पुराने स्मारकों की तरह होते हैं। उन पर धूल जमती है, उन्हें सम्मान मिलता है, और कभी-कभी कोई आता है और उस दीवार को पार कर जाता है। वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले एकदिवसीय मैच में विराट कोहली ने रविवार को ठीक यही किया। अल्जारी जोसेफ की गेंद पर मिड-विकेट की तरफ एक शानदार पुल शॉट खेलकर, कोहली सचिन तेंदुलकर के बाद 15,000 वनडे रन पूरे करने वाले दूसरे बल्लेबाज़ बन गए।

ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में मौजूद सभी लोग उस खिलाड़ी के सम्मान में खड़े हो गए, जिसने अपने करियर का ज़्यादातर समय बड़े-बड़े रिकॉर्ड्स को आम बात बनाने में बिताया है।इसके अलावा वह भारत में सचिन से ज्यादा एकदिवसीय रन बनाने वाले बल्लेबाज भी बन गए। उन्होंने 7 हजार रनों का आंकड़ा पार किया।

कोहली ने दोनों हाथ उठाए, लोगों की तालियों का जवाब दिया और फिर अपनी बल्लेबाज़ी जारी रखी। उस शॉट में कुछ खास बात थी। जोसेफ ने उन्हें शॉर्ट बॉल डाली; कोहली न तो झुके, न पीछे हटे और न ही संभलकर खेले। उन्होंने गेंद पर हावी होकर उसे मिड-विकेट के ऊपर से चार रन के लिए भेज दिया। पंद्रह हज़ार रन थोड़े आक्रामक अंदाज़ में पूरे हुए, जैसा कि कोहली के ज़्यादातर क्रिकेट रिकॉर्ड्स के मामले में होता है।

लेकिन ज़्यादा दिलचस्प कहानी आंकड़ों में छिपी है। तेंदुलकर को 15,000 वनडे रन तक पहुँचने के लिए 377 पारियों और 17,528 गेंदों की ज़रूरत पड़ी थी। कोहली ने यह कारनामा 303 पारियों और 15,950 गेंदों में कर दिखाया – यानी 74 पारियां और 1,578 गेंदें कम।
यह एक बहुत बड़ा अंतर है, खासकर ऐसे फ़ॉर्मेट में जहाँ हर गेंद महत्वाकांक्षा और बर्बादी के बीच एक छोटा सा दांव होता है।

बेशक, इस कहानी का एक दूसरा पहलू भी है। जब तेंदुलकर ने यह मुकाम हासिल किया था, तब उनकी उम्र 34 साल और 66 दिन थी। कोहली की उम्र 37 साल और 326 दिन है। अपने-अपने वनडे डेब्यू से इस मुकाम तक पहुँचने में तेंदुलकर को 6,402 दिन लगे थे; कोहली को 6,614 दिन लगे।

आंकड़े अलग-अलग कहानियाँ बयां कर सकते हैं। लेकिन वे जिस चीज़ को छिपा नहीं सकते, वह है इस उपलब्धि का बड़ा पैमाना। सचिन तेंदुलकर 18,426 रनों के साथ अभी भी वनडे क्रिकेट में सबसे ऊपर हैं। अब कोहली 15,000 रनों के क्लब में शामिल होने वाले दूसरे खिलाड़ी बन गए हैं।

सालों तक, तेंदुलकर के रिकॉर्ड्स की चर्चा हिमालय की चोटियों की तरह की जाती रही – जो शानदार  और आम इंसान की पहुँच से बाहर लगती हैं। कोहली ने पिछले दो दशकों का ज़्यादातर समय इन रिकॉर्ड्स तक पहुँचने की कोशिश में बिताया है। रविवार को, वह इनमें से एक सबसे बड़े रिकॉर्ड तक पहुँच गए। और उन्होंने यह कमाल एक ‘पुल शॉट’ खेलकर किया।