अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर UNICEF India ने स्मृति मंधाना को यह सम्मान

Unicef India ने  भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान स्मृति मंधाना को संयुक्त राष्ट्र बाल अधिकार एजेंसी की सेलिब्रिटी एडवोकेट के रूप में नियुक्त करने की घोषणा की। इस नई भूमिका में, मंधाना बच्चों और युवाओं के समान अधिकारों और अवसरों की वकालत करने के अपने पूर्व के कार्यों को आगे बढ़ाएंगी।

यह नियुक्ति 11 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर की गई, जो लड़कियों के अधिकारों, सुरक्षा, क्षमता और नेतृत्व पर प्रकाश डालती है, साथ ही उन बाधाओं पर भी जो अभी भी उनके विकल्पों को सीमित करती हैं। भारत की खेल आइकन और युवा महिलाओं व लड़कियों के लिए रोल मॉडल, मंधाना लड़कियों को खेलने और आगे बढ़ने के लिए समान अवसरों की वकालत करेंगी। वह यूनिसेफ इंडिया के प्रयासों को आगे बढ़ाने में सहयोग देंगी ताकि किशोरियों को सशक्त बनाया जा सके, उनके स्वास्थ्य और कल्याण को बढ़ावा दिया जा सके और वे अपनी पूरी क्षमता तक पहुंच सकें।

इस अवसर पर मंधाना ने कहा, “मैं यूनिसेफ इंडिया की सेलिब्रिटी एडवोकेट के रूप में जुड़कर सम्मानित महसूस कर रही हूं। बचपन में क्रिकेट खेलने ने मुझे सिखाया कि हर सपना एक अवसर से शुरू होता है। मेहनत, दृढ़ संकल्प और प्रोत्साहन से वह अवसर कुछ असाधारण बन सकता है। हर बच्चे और युवा को बड़ा सपना देखने और अपनी पूरी क्षमता तक पहुंचने का अवसर मिलना चाहिए।”

यूनिसेफ इंडिया की प्रतिनिधि सिंथिया मैककैफ्री ने इस अवसर पर कहा, “हम अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर स्मृति मंधाना का यूनिसेफ इंडिया की सेलिब्रिटी एडवोकेट के रूप में स्वागत करते हुए प्रसन्न हैं। स्मृति की यात्रा, एक महत्वाकांक्षी युवा एथलीट से वैश्विक क्रिकेट आइकन तक, लड़कियों को दिखाती है कि जब प्रतिभा को अवसर मिलता है तो क्या संभव है। ऐसे समय में जब भारत दुनिया के सबसे बड़े बच्चों और युवाओं की पीढ़ी का घर है, लड़कियों के अधिकारों, नेतृत्व और कल्याण में निवेश करना किसी देश का सबसे समझदार निवेश है। हम स्मृति के साथ साझेदारी करने की आशा करते हैं ताकि हर लड़की को सीखने, खेलने, नेतृत्व करने और अपनी क्षमता पूरी करने का अवसर मिल सके।”

अर्जुन पुरस्कार प्राप्त और भारत की अग्रणी खिलाड़ियों में से एक, मंधाना, भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हैं। वह उस टीम का हिस्सा थीं जिसने 2025 में भारत को पहला आईसीसी महिला क्रिकेट विश्व कप खिताब दिलाया। उसी वर्ष, वह पहली महिला बनीं जिन्होंने एक कैलेंडर वर्ष में 1,000 से अधिक वनडे रन बनाए, और पांच वनडे शतक लगाकर रिकॉर्ड बनाया। 2026 में, वह महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर और महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय में अग्रणी रन-स्कोरर बनीं। वह विश्व की शीर्ष रैंक वाली महिला वनडे बल्लेबाज हैं और दो बार आईसीसी महिला क्रिकेटर ऑफ द ईयर रह चुकी हैं।

मंधाना ने पहले यूनिसेफ-आईसीसी अभियानों का समर्थन किया है जो लैंगिक समानता और जीवन कौशल पर केंद्रित थे। वह यूनिसेफ के प्रॉमिस टू चिल्ड्रन अभियान की भी समर्थक रही हैं।

यूनिसेफ सरकारों, समुदायों, नागरिक समाज और युवाओं के साथ मिलकर किशोरियों के अधिकारों, एजेंसी और अवसरों को आगे बढ़ाने के लिए काम करता है। लड़कियों को ज्ञान, जीवन कौशल, नेतृत्व के अवसर और सुरक्षित स्थान प्रदान करता है ताकि वे शिक्षा, स्वास्थ्य, कल्याण और अपने भविष्य के बारे में सूचित निर्णय ले सकें। साझेदारों के साथ मिलकर, यूनिसेफ परिवारों और समुदायों के साथ भी काम करता है ताकि हानिकारक लैंगिक मानदंडों को चुनौती दी जा सके, सहयोग प्रणालियों को मजबूत किया जा सके, लड़कियों को शिक्षा में बनाए रखा जा सके, सामाजिक सुरक्षा का विस्तार किया जा सके और उन्हें कौशल और आजीविका मार्गों से जोड़ा जा सके — जिससे उनका आत्मविश्वास और विकल्प बढ़े ताकि वे सीख सकें, नेतृत्व कर सकें, आगे बढ़ सकें और विवाह को टाल सकें।

यूनिसेफ हर बच्चे के अधिकारों को बनाए रखने का प्रयास करता है, उन्हें नुकसान और सभी प्रकार के भेदभाव से बचाता है, ताकि वे स्वस्थ और शिक्षित होकर अपनी पूरी क्षमता तक पहुंच सकें। यह कार्य यूनिसेफ के वैश्विक रूप से मान्यता प्राप्त जनादेश और राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के समर्थन के अनुरूप है। यूनिसेफ दुनिया के सबसे कठिन स्थानों में काम करता है, ताकि दुनिया के सबसे वंचित बच्चों तक पहुंचा जा सके। 190 से अधिक देशों और क्षेत्रों में, संस्था हर बच्चे के लिए हर जगह काम करती है ताकि सभी के लिए एक बेहतर दुनिया बनाई जा सके। यूनिसेफ इंडिया व्यवसायों और व्यक्तियों से मिलने वाले समर्थन और दान पर निर्भर करता है ताकि स्वास्थ्य, पोषण, जल और स्वच्छता, शिक्षा, सामाजिक नीति और सामाजिक सुरक्षा तथा बाल संरक्षण कार्यक्रमों को विस्तारित किया जा सके।

महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने भी इस अवसर पर यूनिसेफ और मंधाना की तारीफ में ट्वीट किया। उन्होंने एक्स पर लिखा, ‘‘स्मृति मंधाना यूनिसेफ इंडिया परिवार में आपका स्वागत है। आप मैदान पर लाखों लोगों को प्रेरित करती हैं और मुझे पूरा विश्वास है कि मैदान के बाहर आप बच्चों के अधिकारों के लिए बुलंद आवाज बनोगी।’’

Virat Kohli को Premanand Maharaj के Ashram जाने के मिले 5 करोड़? सामने आया बड़ा सच

Premanand Maharaj ashram controversy

पूर्व भारतीय कप्तान Virat Kohli को लेकर सोशल मीडिया पर एक दावा तेजी से वायरल हो रहा है कि उन्हें Vrindavan स्थित Premanand Maharaj के Ashram जाने के लिए 5 करोड़ रुपए दिए गए थे। अब Kohli की टीम ने इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है।

 

 Team Virat Kohli ने क्या कहा?

 

Virat Kohli के spokesperson ने बयान जारी कर आरोप को “completely false, baseless and factually incorrect” बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि Kohli Premanand Maharaj से मिलने उनके प्रति अपनी व्यक्तिगत आस्था और श्रद्धा के चलते जाते हैं।

 

Spokesperson ने मीडिया से भी अपील की कि किसी भी ऐसे दावे को आगे बढ़ाने या प्रकाशित करने से पहले उसकी पूरी तरह fact-checking की जाए और जिम्मेदारी से रिपोर्ट किया जाए।

 

कहां से आया 5 करोड़ का दावा?

 

यह आरोप Dinesh Sharma उर्फ ‘Falahari Maharaj’ की ओर से सामने आया था। वह Shri Krishna Janmabhoomi Sangharsh Nyas के अध्यक्ष हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने Uttar Pradesh के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath को लिखे एक पत्र में दावा किया था कि Rajasthan की एक private company ने Virat Kohli को Premanand Maharaj के Ashram तक लाने के लिए 5 करोड़ रुपए खर्च किए।

 

हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। Kohli को इस यात्रा के लिए भुगतान किए जाने से जुड़ा कोई verified payment record, contract या अन्य सार्वजनिक प्रमाण सामने नहीं आया है।

 

 Virat Kohli और Anushka Sharma कई बार मिल चुके हैं

 

Virat Kohli और उनकी पत्नी Anushka Sharma की Premanand Maharaj से मुलाकात पहले भी कई बार हो चुकी है। दोनों जनवरी 2023 में अपनी बेटी Vamika के साथ पहली बार Vrindavan Ashram पहुंचे थे। इसके बाद 2025 में भी दोनों ने Premanand Maharaj से मुलाकात की थी।

 

Kohli के Test cricket से retirement के बाद हुई एक मुलाकात में Premanand Maharaj ने उन्हें जीवन और सफलता को लेकर संदेश भी दिया था। उन्होंने Kohli को अपने काम को सेवा की तरह देखने, विनम्र रहने और ईश्वर के प्रति आस्था बनाए रखने की सलाह दी थी।

 

Cricket में भी जारी है Kohli का जलवा

 

Cricket की बात करें तो Virat Kohli ने हाल ही में West Indies के खिलाफ तीन मैचों की ODI series से वापसी की। पहले मैच में उन्होंने नाबाद 139 रन की शानदार पारी खेली और 15,000 ODI runs पूरे करने वाले दुनिया के दूसरे बल्लेबाज बने।

 

यह उपलब्धि हासिल करने वाले वह Sachin Tendulkar के बाद दूसरे बल्लेबाज हैं। पूरी series में Kohli ने 168 रन बनाए। अब उनकी नजर India के अगले ODI assignments और 2027 ODI World Cup पर है।

 

विराट कोहली नहीं ये इंग्लिश बल्लेबाज तोड़ सकता है सचिन का रिकॉर्ड! पूर्व दिग्गज खिलाड़ी ने किया ये बड़ा दावा

क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने क्रिकेट में कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम किए है। वहीं हाल ही में एक पूर्व दिग्गज खिलाड़ी दिनेश कार्तिक ने बताया कि सचिन का रिकॉर्ड कौन सा खिलाड़ी तोड़ सकता है। दिनेश कार्तिक ने कहा, इंग्लैंड के बल्लेबाज जो रूट आने वाले समय में सचिन तेंदुलकर के 15,921 टेस्ट रन के रिकॉर्ड को तोड़ सकते हैं। वहीं कार्तिक ने आगे कहा कि विराट कोहली के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 100 शतक पूरे करना आसान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि कोहली के लिए इस आंकड़े तक पहुंचना काफी मुश्किल नजर आता है।

सचिन के रिकॉर्ड से कितना दूर जो रूट

इंग्लैंड के दिग्गज खिलाड़ी जो रूट टेस्ट क्रिकेट में शानदार बल्लेबाजी कर रहे हैं। जो रूट ने 169 टेस्ट मैचों में 14,278 रन बनाए हैं। वह अब सचिन तेंदुलकर के 15,921 टेस्ट रनों के रिकॉर्ड से 1,643 रन पीछे हैं। अगर रूट आगे भी इसी तरह रन बनाते रहे, तो वह करीब 16 से 20 टेस्ट मैचों में तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं। रूट ने 2021 में भी शानदार बल्लेबाजी की थी। उस साल उन्होंने 15 टेस्ट मैचों में 1,708 रन बनाए थे। जो रूट अभी सिर्फ 35 साल के हैं और इंग्लैंड की टीम हर साल करीब 15 से 20 टेस्ट मैच खेलती है। ऐसे में रूट के पास सचिन का टेस्ट रिकॉर्ड तोड़ने का अच्छा मौका है।

रूट तोड़ सकते हैं सचिन का रिकॉर्ड

क्रिकबज पर जब दिनेश कार्तिक से पूछा गया कि क्या जो रूट सचिन तेंदुलकर का टेस्ट रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं, तो उन्होंने कहा कि “अच्छा चांस है।”। कार्तिक ने कहा कि “वे इंग्लैंड में बहुत सारा टेस्ट क्रिकेट खेलते हैं। वह अभी भी काफी स्ट्रेट दिखते हैं। वह हर बार बैटिंग करने के लिए खुशी-खुशी रन बनाते हैं। मुझे लगता है कि उनके लिए यह बहुत पॉसिबल है।”

क्या विराट तोड़ सकते हैं ये रिकॉर्ड

वहीं विराट कोहली के नाम फिलहाल 86 अंतरराष्ट्रीय शतक हैं। वह टेस्ट और टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं और अब सिर्फ वनडे में खेल रहे हैं। विराट कोहली के 100 अंतरराष्ट्रीय शतक पूरे करने की संभावना पर दिनेश कार्तिक ने कहा कि, वह चाहते हैं कि कोहली यह उपलब्धि हासिल करें, लेकिन ऐसा करना काफी मुश्किल है। कार्तिक ने माना कि कोहली के लिए 100 शतकों के आंकड़े तक पहुंचना आसान नहीं होगा। कोहली वनडे में सचिन तेंदुलकर के सबसे ज्यादा रन के रिकॉर्ड से 3,000 से ज्यादा रन पीछे हैं। वहीं, अगर वह लगातार शानदार बल्लेबाजी करते हुए 1,500 से 1,600 रन और बना लेते हैं, तो इस अंतर को काफी हद तक कम कर सकते हैं।

न्यूजीलैंड सीरीज में खेलेंगे

आंकड़ों के मुताबिक, विराट कोहली को 101 अंतरराष्ट्रीय शतक तक पहुंचने के लिए करीब 110 और पारियां खेलनी पड़ सकती हैं। अब वह सिर्फ वनडे खेल रहे हैं, जहां वह औसतन हर 5.55 पारियों में एक शतक बनाते हैं। इस हिसाब से उनकी अगली 15 सेंचुरी के लिए करीब 83 पारियां लग सकती हैं। 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक भारत को लगभग 25 से 30 वनडे मैच ही और खेलने हैं, इसलिए कोहली के लिए 100 शतक का आंकड़ा हासिल करना काफी चुनौतीपूर्ण नजर आता है। वह अब 4 नवंबर से न्यूजीलैंड के खिलाफ शुरू होने वाली वनडे सीरीज में खेलते दिखाई देंगे।

वैभव सूर्यवंशी को लेकर आपस में ही भिड़े ये दिग्गज खिलाड़ी! टेस्ट क्रिकेट खेलने को लेकर कही ये बात

भारत के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की चर्चा भारत ही नहीं बल्कि दुनियाभर में होती रहती है। 15 साल के वैभव सूर्यवंशी भारत के सबसे कम उम्र में टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले खिलाड़ी बने हैं। वहीं वैभव को सचिन तेंदुलकर के बाद देश के बड़े क्रिकेट टैलेंट में से एक माना जाता है। वैभव अभी भारतीय टीम में टी20 टीम का हिस्सा है। वैभव को अभी वनडे और टेस्ट टीम में जगह नहीं मिली है। इसी बीच इंग्लैंड के पूर्व स्पिनर मोंटी पनेसर ने वैभव के टेस्ट में खेलने को लेकर बड़ा बयान दिया है। पूर्व स्पिनर के मुताबिक, युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के पास टेस्ट क्रिकेट में सफल होने के लिए जरूरी तकनीकी मजबूती अभी नहीं है।

वैभव को लेकर मोंटी ने क्या कहा

इंग्लैंड के पूर्व स्पिनर मोंटी पनेसर ने ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान माइकल क्लार्क के साथ ‘बियॉन्ड23 क्रिकेट पॉडकास्ट’ पर कहा, “मुझे नहीं लगता कि वैभव सूर्यवंशी टेस्ट क्रिकेट खेल पाएंगे। अभी हैरी ब्रूक ही एकमात्र ऐसे खिलाड़ी हैं, जो टेस्ट और टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की टॉप-10 रैंकिंग में हैं। लेकिन मुझे नहीं लगता कि सूर्यवंशी के पास टेस्ट क्रिकेट के लिए जरूरी तकनीक है।”

खेल सकते हैं तीनो फॉर्मेट

वहीं, माइकल क्लार्क ने कहा कि अगर सूर्यवंशी और दूसरे युवा खिलाड़ी मेहनत करने और अपनी तकनीक में सुधार करने के लिए तैयार हैं, तो उनके पास अभी भी तीनों फॉर्मेट में खेलने का मौका है। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि आज भी खिलाड़ी तीनों फॉर्मेट में खेल सकते हैं। विराट कोहली और एबी डिविलियर्स ने यह साबित किया है। दोनों शानदार टेस्ट क्रिकेटर होने के साथ-साथ बेहतरीन टी20 खिलाड़ी भी थे। अगर सूर्यवंशी जैसे इस पीढ़ी के किसी खिलाड़ी को टेस्ट क्रिकेट में खेलते हुए देखना संभव होता है, तो यह वाकई शानदार होगा।”

तीनों फॉर्मेट खेल सकते हैं

क्लार्क ने कहा, “अभी उसकी सबसे बड़ी ताकत उसकी पावर है और उसकी नजर भी शानदार है। वह दुनिया के किसी भी युवा क्रिकेटर की तरह गेंद को बहुत अच्छी तरह से पढ़ता है। जैसे-जैसे वह भारत में ज्यादा खेलेगा और अलग-अलग परिस्थितियों में ट्रेनिंग करेगा, उसकी तकनीक भी बेहतर होती जाएगी। उसमें इतना टैलेंट है कि अगर वह खुद तीनों फॉर्मेट में खेलना चाहता है, तो मुझे कोई वजह नहीं दिखती कि वह तीनों फॉर्मेट का बड़ा स्टार क्यों नहीं बन सकता।”

वैभव का प्रदर्शन

सूर्यवंशी ने लाल गेंद के क्रिकेट में भी अपनी अच्छी बल्लेबाजी की झलक दिखाई है। उन्होंने 38.40 की औसत और 104.92 के शानदार स्ट्राइक रेट से 192 रन बनाए हैं। सूर्यवंशी को टी20 क्रिकेट की नई पीढ़ी का बड़ा स्टार माना जाता है। अब क्रिकेट फैंस और जानकारों की नजर इस बात पर है कि वह टेस्ट क्रिकेट जैसे लंबे फॉर्मेट में कैसा प्रदर्शन करते हैं। सूर्यवंशी खुद भी टेस्ट क्रिकेट खेलना चाहते हैं।

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Joe Root: आग उगल रहा जो रूट का बल्ला! सचिन तेंदुलकर के 13 साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़ा

इंग्लैंड के टेस्ट टीम के कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज जो रूट का बल्ला इन दिनों जमकर आग उगल रहा है। पाकिस्तान के खिलाफ एजबेस्टन में खेलते हुए जो रूट ने अपने नाम एक और बड़ा रिकॉर्ड दर्ज कर लिया। रूट ने टेस्ट क्रिकेट में अपना 69वां अर्धशतक लगाया। फिफ्टी लगाते ही जो रूट ने सचिन तेंदुलकर का 13 साल पुराना वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इसके साथ ही वह टेस्ट इतिहास में सबसे ज्यादा 50 या उससे अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। सचिन तेंदुलकर के नाम 68 बार 50+ स्कोर करने का रिकॉर्ड था। अब इस रिकॉर्ड को रूट ने तोड़ दिया है।

टेस्ट में सबसे ज्यादा फिफ्टी

  • 69* – जो रूट
  • 68 – सचिन तेंदुलकर
  • 66 – एस चंद्रपॉल
  • 63 – एलन बॉर्डर
  • 63 – राहुल द्रविड़

जो रूट का शानदार प्रदर्शन

रूट ने 57 गेंदों में चौका लगाकर अपना अर्धशतक पूरा किया। इसी पारी के दौरान उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 50 या उससे ज्यादा रन बनाने के मामले में सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया। जो रूट ने एजबेस्टन के मैदान पर भी अपनी शानदार बल्लेबाजी का रिकॉर्ड कायम कर लिया है। वह इस मैदान पर टेस्ट क्रिकेट में 1,000 रन पूरे करने वाले पहले बल्लेबाज बन गए हैं। खास बात ये है कि रूट अब चार अलग-अलग टेस्ट मैदानों पर 1,000 या उससे ज्यादा रन बनाने की उपलब्धि हासिल कर चुके हैं। एजबेस्टन के अलावा उन्होंने लॉर्ड्स में 2,203 रन, मैनचेस्टर में 1,128 रन और द ओवल में 1,050 रन बनाए हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि इन मैदानों पर रूट का प्रदर्शन कितना मजबूत और लगातार अच्छा रहा है।

पाकिस्तान को 3-0 से हराया

इंग्लैंड ने तीसरे टेस्ट में पाकिस्तान को 8 विकेट से हराकर तीन मैचों की सीरीज में 3-0 से क्लीन स्वीप कर लिया। 130 रनों के टारगेट का पीछा करते हुए इंग्लैंड की शुरुआत अच्छी नहीं रही। शुरुआती विकेट गिरने के बाद रूट और जॉर्डन कॉक्स ने जिम्मेदारी संभाली और शानदार साझेदारी करते हुए टीम को जीत तक पहुंचाया। रूट 69 गेंदों पर 8 चौकों की मदद से 62 रन बनाकर नाबाद रहे, वहीं कॉक्स ने 76 गेंदों में 8 चौकों के साथ 59 रन की नाबाद पारी खेली। दोनों की बेहतरीन बल्लेबाजी के दम पर इंग्लैंड ने 24.2 ओवर में 2 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया।

Vaibhav Sooryavanshi: ‘बनाएंगे अगला सचिन तेंदुलकर…’, वैभव सूर्यवंशी को लेकर BCCI कर रही बड़ी प्लानिंग

वैभव सूर्यवंशी का नाम, भारत में क्रिकेट को पसंद करने वाला हर कोई जानने लगा है। सिर्फ 15 साल की उम्र में वैभव ने बड़ी कामयाबी हासिल कर ली है। इंटरेनशनल क्रिकेट में कदम रखने के साथ ही उन्होंने सभी को अपना दीवाना बना लिया है। वहीं वैभव को लेकर बीसीसीआई भी अब काफी गंभीर है और वो इस युवा बल्लेबाज को सचिन तेंदुलकर जैसा बड़ा नाम बनते देखना चाहती है। गुरुवार को हुई बीसीसीआई की समीक्षा बैठक में इसकी भी चर्चा हुई। मीटिंग के बाद सचिव देवजीत सैकिया ने इसका खुलासा किया।

बीसीसीआई का बड़ा प्लान

दलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन के उप-कप्तान की जिम्मेदारी संभाल रहे वैभव सूर्यवंशी से उम्मीद की जा रही है कि वह महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर की तरह लंबा और शानदार क्रिकेट करियर बनाएं। बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने कहा कि बोर्ड इस युवा खिलाड़ी के प्रदर्शन और करियर पर लगातार नजर रख रहा है। उन्होंने बताया कि वैभव के भविष्य को लेकर बीसीसीआई की टीम हर जरूरी कदम पर उसका ध्यान रख रही है।

सचिन जैसे नाम बनाने की तैयारी!

सैकिया ने रिपोर्टर्स से कहा कि बीसीसीआई चाहता है कि वैभव सूर्यवंशी जैसे युवा खिलाड़ी देश के लिए उसी तरह शानदार प्रदर्शन करें, जिस तरह सचिन तेंदुलकर और दूसरे महान खिलाड़ियों ने किया है। उन्होंने कहा कि बोर्ड वैभव को लेकर काफी गंभीर है और उसके प्रदर्शन के साथ-साथ इंटरनेशनल करियर में आगे बढ़ने वाले हर कदम पर नजर रख रहा है। बीसीसीआई उसके भविष्य को लेकर बेहद करीब से काम कर रहा है, ताकि वह आगे चलकर देश के लिए लंबे समय तक अच्छा प्रदर्शन कर सके।

वैभव पर है नजर

सैकिया ने रिपोर्टर्स से कहा, “हम चाहते हैं कि वैभव सूर्यवंशी या उनके स्तर का कोई भी खिलाड़ी देश के लिए उसी तरह खेले, जैसे सचिन तेंदुलकर और दूसरे महान खिलाड़ियों ने खेलकर अपनी पहचान बनाई।” उन्होंने आगे कहा, “इसी वजह से हम वैभव को काफी गंभीरता से लेते हैं। उसके खेल के हर पहलू और इंटरनेशनल करियर में आगे बढ़ने वाले हर कदम पर नजर रखी जा रही है। बीसीसीआई उसके भविष्य को लेकर बहुत करीब से नजर रख रहा है।”

वैभव के बल्लेबाजी के सभी फैन

बता दें कि, बिहार के समस्तीपुर के रहने वाले 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने अभी तक इंटरनेशनल क्रिकेट में सिर्फ पांच मैच खेले हैं, लेकिन उनके प्रदर्शन ने बीसीसीआई की उम्मीदें बढ़ा दी हैं। बाएं हाथ के इस युवा ओपनर ने आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स के लिए शानदार बल्लेबाजी की और 776 रन बनाए। उनके इस प्रदर्शन के दम पर उन्हें ऑरेंज कैप समेत कई पुरस्कार मिले और भारतीय टीम में जगह बनाने का मौका मिला।

इंटरनेशनल क्रिकेट में वैभव सूर्यवंशी की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। इंग्लैंड के खिलाफ शुरुआती तीन मैचों में वह बड़ी पारी नहीं खेल सके और पांचवें टी20 मुकाबले में उन्हें प्लेइंग इलेवन में भी जगह नहीं मिली। हालांकि, उन्होंने जल्द ही वापसी करते हुए अपनी बल्लेबाजी का दम दिखाया। जिम्बाब्वे के खिलाफ उन्होंने 200 से ज्यादा रन बनाए और शानदार प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द सीरीज का पुरस्कार अपने नाम किया।