
चैंपियन्स ट्रॉफी 2025 से भारतीय एकदिवसीय टीम से बाहर चल रहे मोहम्मद शमी और उनके प्रशंसको के लिए एक अच्छी खबर है। अमरोहा एक्सप्रेस लंबे समय से एक ही स्टेशन पर रुकी है लेकिन जल्द ही चलने के लिए हरी झंडी मिल सकती है।
जसप्रीत बुमराह से पहले भारतीय गेंदबाजी के अगुवा मोहम्मद शमी 36 साल के हो गए।मोहम्मद शमी अपने करियर की संध्यावेला में है और 2013 में डेब्यू करने वाले शमी खुशकिस्मत है कि संन्यास से पहले कम से कम वह खुद को आईसीसी चैंपियन्स ट्रॉफी विजेता टीम का हिस्सा कह सकते हैं। हालांकि उनकी उपस्थिति में टीम कभी विश्वकप नहीं जीती।
लेकिन अब ऐसा माना जा रहा है कि रन लुटाते तेज गेंदबाजी ईकाई उनका काम बना सकती है और इस उम्र में भी उनको न्यूजीलैंड के खिलाफ एकदिवसीय सीरीज में मौका दिला सकती है।अगर इस दौरे पर शमी ने कमाल कर दिया तो हो सकता है उनका चयन विश्वकप 2027 में हो जाए।
साल 2013 में मोहम्मद शमी ने एकदिवसीय क्रिकेट में पदार्पण किया और इस ही साल जून के महीने में चैंपियन्स ट्रॉफी जीत चुकी भारतीय टीम को क्या पता था अगले 10 साल क्या होने वाला है।
MOHAMMED SHAMI IS BACK – Mohammed Shami is set to make his comeback to the Indian team for the ODI series against New Zealand. https://t.co/09cO1ccf17
— lndian Sports Network (@IS_Netwrk29) October 7, 2026
मोहम्मद शमी ने पाकिस्तान के खिलाफ अपने पहले ही एकदिवसीय मैच में अपनी तेजी और लाइन लैंग्थ से इतना प्रभावित किया कि भारतीय टीम ने 167 रनों का छोटा लक्ष्य भी बचा लिया और दिल्ली के मैदान पर चिर प्रतिद्वंदी पाकिस्तान से सूपड़ा साफ होने की शर्मिंदगी से भी बचा लिया।
इस मैच में शमी ने 10 ओवर में 23 रन देकर सिर्फ 1 विकेट लिया था। लेकिन दुर्भाग्यवश चैंपियन्स ट्रॉफी 2013 में उनको शामिल नहीं किया गया। इसके बाद शमी के साथ टीम इंडिया का संघर्ष जारी रहा।
शमी भारत की ओर से वनडे विश्वकप 2015 में ऑस्ट्रेलिया गए जहां टीम सेमीफाइनल में हारी। इसके बाद वह चैंपियन्स ट्रॉफी 2017 में भारत के साथ थे जहां टीम फाइनल में हारी। साल 2019 के वनडे विश्वकप में हैट्रिक लेने वाले शमी को सेमीफाइऩल में नहीं शामिल किया गया। भारत यह मुकाबला 18 रनों से हारा।
साल 2022 के टी-20 विश्वकप सेमीफाइनल में शमी 1 विकेट नहीं ले पाए और लगा कि अब वह शायद ही टीम में वापस आ पाएं लेकिन साल 2023 के वनडे विश्वकप में भारतीय पिच पर उन्होंने ऐसा जलवा दिखाया कि फैंस ने दांतो तले उंगलिया दबा ली।शमी उस विश्वकप के सबसे सफल गेंदबाज रहे और शायद यही बात उनके हक में गई और अब फिर से उनकी चयन की अटकलें तेज हो गई है।




