टी-20 विश्वकप में उलटफेर करने वाली इटली खेलेगी पहला एकदिवसीय मैच

अपनी फुटबॉल टीम के लिए मशहूर इटली अब क्रिकेट में धीरे धीरे आगे बढ़ रहा है। कुछ महीने पहले ही टी-20 विश्वकप में इटली के स्पिनरों ने हालात का पूरा फ़ायदा उठाकर नेपाल के खिलाफ बेन मैनेंटी ने 9 रन देकर 2 विकेट लिए, जबकि कृष्ण कलुगामागे ने 22 रन देकर 3 विकेट लिए। इसके बाद मोस्का भाइयों ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से नेपाल को कोई मौका नहीं दिया। हां, टारगेट ज्यादा नहीं था लेकिन उन्होंने 12.4 ओवर में उसे पूरी तरह से खत्म कर दिया।

अब यह खबर आ रही है कि आगामी एकदिवसीय विश्वकप क्वालिफायर में इटली आधिकारिक तौर पर अपना पहला एकदिवसीय मैच खेलेगा।

जुलाई में ICC द्वारा घोषित किए गए विश्व कप 2027 के नए प्रारुप  के मुताबिक़ क्वालीफ़ायर्स का विजेता सीधे प्रमुख ग्रुप में प्रवेश कर जाएगा। जबकि क्वालीफ़ायर्स में दूसरे, तीसरे और चौथे स्थान की टीम वनडे विश्व कप के पहले राउंड में पहुंचेगी। जिसे सुपर सीरीज़ का नाम दिया गया है, और फिर सुपर सीरीज़ के विजेता को 12 देशों के बीच प्रतिस्पर्धा का मौक़ा मिलेगा।

ICC वनडे विश्व कप 2027 दक्षिण अफ़्रीका, ज़िम्बाब्वे और नामीबिया के 12 शहरों में 4 अक्टूबर से 11 नवंबर 2027 के बीच खेला जाएगा।विश्व कप क्वालीफ़ायर्स में कुल 10 टीमें हिस्सा लेंगी। इनमें 30 सितंबर 2026 तक की वनडे रैंकिंग के आधार पर मेज़बान दक्षिण अफ़्रीका और ज़िम्बाब्वे को छोड़कर दो सबसे निचली रैंकिंग वाली पूर्ण सदस्य टीमें, CWC लीग-2 की शीर्ष चार टीमें और विश्व कप क्वालीफ़ायर्स प्लेऑफ़ से क्वालीफ़ाई करने वाली शीर्ष चार टीमें शामिल होंगी।

विश्वकप क्वालीफ़ायर्स प्लेऑफ़ में CWC लीग-2 की निचली चार टीमें और चैलेंज लीग की चार टीमें आमने-सामने होंगी। चैलेंज लीग को विश्व क्रिकेट का तीसरा स्तर माना जाता है। प्लेऑफ़ का प्रारूप अभी तय नहीं किया गया है, लेकिन इस आठ टीमों के टूर्नामेंट से शीर्ष चार टीमें 2027 वनडे विश्व कप क्वालीफ़ायर्स के लिए क्वालीफ़ाई करेंगी।

चैलेंज लीग में कुल 12 टीमें हिस्सा लेंगी, जिन्हें छह-छह टीमों के दो समूहों में बांटा जाएगा। प्रत्येक टीम इस पूरे चक्र के दौरान तीन राउंड-रॉबिन टूर्नामेंट खेलेगी। दोनों समूहों से शीर्ष दो-दो टीमें विश्व कप क्वालीफ़ायर्स प्लेऑफ़ के लिए क्वालीफ़ाई करेंगी।

57 ODI विश्वकप मैच होंगे 3 देशों के इन खूबसूरत 12 स्टेडियमों में (Video)

दक्षिण अफ्रीका में होने वाले एकदिवसीय विश्वकप 2027 के लिए सभी टीमें अपनी टीमों को अंतिम रूप दे रही हैं। अगले साल यह विश्वकप अक्टूबर और नवंबर के बीच खेला जाएगा। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल ने भी प्रबंधन से जुड़ी सारी व्यवस्थाओं पर सहमति देना शुरु कर दिया है।

ना केवल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल ने  एकदिवसीय विश्वकप के लिए लोगो की घोषणा कर दी है बल्कि 57 कहां कहां खेले जाएंगे इसकी घोषणा भी कर दी है। कुल 3 देश दक्षिण अफ्रीका-जिम्बाब्वे और नामिबिया देशों के 12 स्टेडियम पर मुहर लगाई गई है जिनमे से 8 दक्षिण अफ्रीका के हैं, जिम्बाब्वे के 3 और नामिबिया का एक स्टेडियम है।

दक्षिण अफ्रीका के 8 स्टेडियम और शहर इस प्रकार है। कुगोम्पो सिटी में बफौलो पार्क, केपटाउन में न्यूलैंड मैदान, जोहन्सबर्ग में वॉन्डर्स स्टेडियम, टश्वाने का सेंचुरियन, गेब्रिया का सेंट जोर्ज पार्क, ब्लोमेफोटीन का मैंगाउंग ओवल, डरबन का किंग्समीड पार्क, पार्ल का बोलैंड पार्क चुनिंदा स्टेडियमों में है जिनमें मैच खेले जाने हैं।

वहीं जिम्बाब्वे की राजधानी हरारे के हरारे स्पोर्ट्स क्लब, बुलवायो के क्वीन्स स्पोर्ट्स क्लब और विक्टोरिया फॉल्स के मोसी ओआ टुनिया अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में विश्वकप मैच खेले जाएंगे। नामिबिया का एकमात्र नामिबिया क्रिकेट ग्राउंड जो विंडहोक में स्थित है उसको चुना गया है।गौरतलब है कि यह विश्वकप क्रिकेट में खेला गया सर्वाधिक मैचों का विश्वकप होने जा रहा है।

साल 2003 के बाद यह देश एकदिवसीय विश्वकप का आयोजन कर रहे हैं। इस विश्वकप में मेजबान टीमों को खास सफलता नहीं मिली थी और ग्रुप स्टेज में ही विदाई लेनी पड़ी थी। वहीं इसका फाइनल ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच हुआ था जिसमें ऑस्ट्रेलिया विजयी हुई थी।

पहले हार अब इंजरी से जूझ रही है टीम इंडिया…वर्ल्ड कप 2027 के लिए कितना तैयार भारत?

इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज हारने के बाद भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने कहा कि टीम में खिलाड़ियों का बार-बार चोटिल होना चिंता की बात है। उन्होंने कहा कि 2027 वनडे वर्ल्ड कप को देखते हुए सभी खिलाड़ियों को अपनी फिटनेस पर ज्यादा ध्यान देना होगा। 2027 वनडे वर्ल्ड कप शुरू होने में अब दो साल से भी कम समय बचा है। ऐसे में खिलाड़ियों की लगातार बढ़ रही चोटें टीम की लंबी तैयारी के लिए चिंता का विषय हैं। 2027 वनडे वर्ल्ड कप साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की मेजबानी में खेला जाएगा।

गिल के मुताबिक, इंग्लैंड दौरे पर कई खिलाड़ी चोट की वजह से बाहर हो गए, जिससे टीम का कॉम्बिनेशन बार-बार बदलना पड़ा और इसका असर प्रदर्शन पर भी पड़ा। उन्होंने कहा कि अगर भारत को बड़े टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन करना है तो खिलाड़ियों का पूरी तरह फिट रहना बहुत जरूरी है।

ये खिलाड़ी हुए थे बाहर

भारत की मुश्किलें वनडे सीरीज शुरू होने से पहले ही बढ़ गई थीं। टीम के अहम ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या और नीतीश कुमार रेड्डी चोट की वजह से पूरी सीरीज से बाहर हो गए। इसके बाद टी20 सीरीज के दौरान हर्षित राणा भी हैमस्ट्रिंग की समस्या का शिकार हो गए, जिसके कारण वह वनडे मुकाबलों में नहीं खेल सके। वहीं सीरीज के दौरान भी भारतीय टीम की चोटों की समस्या कम नहीं हुई। दूसरे मुकाबले में वॉशिंगटन सुंदर हैमस्ट्रिंग की परेशानी से जूझते नजर आए, जबकि उसी मैच में जसप्रीत बुमराह भी चोटिल हो गए। इसकी वजह से बुमराह तीसरे और आखिरी वनडे में नहीं खेल सके।

इंग्लैंड सीरीज में चोट की वजह से बाहर हुए कई खिलाड़ी

इंग्लैंड के खिलाफ मैच के बाद जब शुभमन गिल से लगातार बढ़ रही चोटों के बारे में सवाल किया गया, तो उन्होंने माना कि यह टीम के लिए चिंता की बात है और इस पर गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है। शुभमन गिल ने आगे कहा, “अगर आप हमारी पहली घोषित टीम को देखें, तो उसमें शामिल कम से कम पांच खिलाड़ी इस मैच में नहीं खेल पाए। जब एक खिलाड़ी चोटिल होता है, तो आपको टीम का कॉम्बिनेशन बदलना पड़ता है। अगर दो खिलाड़ी बाहर हो जाएं, तो फिर एक अलग संयोजन बनाना पड़ता है। लेकिन मेरा मानना है कि हर मैच के बाद किसी न किसी खिलाड़ी के उपलब्ध नहीं होने से टीम कहीं न कहीं अपनी कुछ अहम ताकत खो देती है।”

दो-तीन मैचों की सीरीज भी नहीं खेला पा रहे

2027 वनडे वर्ल्ड कप शुरू होने में अब ज्यादा समय नहीं बचा है। उन्होंने बताया कि वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में फाइनल तक पहुंचने वाली टीम को 11 मैच तक खेलने पड़ सकते हैं। ऐसे में मजबूत बेंच स्ट्रेंथ के साथ-साथ खिलाड़ियों का पूरी तरह फिट रहना बेहद जरूरी होगा। उन्होंने कहा, “अगर हम वर्ल्ड कप को ध्यान में रखें, तो वहां हमें लगातार 11 मैच खेलने होंगे। लेकिन यहां खिलाड़ी दो-तीन मैचों की सीरीज भी पूरी नहीं खेल पा रहे हैं। कहीं न कहीं यह हमारे लिए चिंता की बात है कि खिलाड़ी लगातार उपलब्ध नहीं रह पा रहे हैं।”

फिटनेस में सुधार काफी जरूरी

गिल ने कहा, “खिलाड़ी एक या दो मैच खेलते हैं और फिर अगर किसी को हल्की-सी भी दिक्कत हो जाती है, तो हमें मजबूरी में टीम का कॉम्बिनेशन बदलना पड़ता है। ऐसे में योजना बनाना आसान नहीं होता। कई बार सुबह पता चलता है कि किसी खिलाड़ी को हल्की चोट या परेशानी है, तब फैसला करना मुश्किल हो जाता है कि उसे खिलाया जाए या नहीं। अगर कोई खिलाड़ी सिर्फ 80 प्रतिशत फिट है और आप पांच गेंदबाजों के साथ उतर रहे हैं, तो जोखिम बढ़ जाता है। मुझे लगता है कि एक टीम के तौर पर हमें अपनी फिटनेस और इस पूरे पहलू में सुधार करने की जरूरत है।”