ODI वर्ल्ड कप 2027 पर बड़ा अपडेट, गांधी जयंती पर शुरू होगा टूर्नामेंट!

ODI World Cup 2027: आईसीसी मेंस वनडे वर्ल्ड 2027 को लेकर बड़ी खबर आ रही हैं। वहीं मेंस वनडे वर्ल्ड 2027 इस बार एक खास तारीख से शुरू होने की संभावना है। रिपोर्टों के मुताबिक, टूर्नामेंट की शुरुआत 2 अक्टूबर यानी गांधी जयंती के दिन हो सकती है। गांधीजी का भारत के साथ-साथ दक्षिण अफ्रीका के इतिहास से भी गहरा जुड़ाव रहा है। वहीं 2027 का वर्ल्ड कप साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की संयुक्त मेजबानी में खेला जाएगा। बता दें अभी आईसीसी ने इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं की है।

कहां-कहां पर होगा मुकाबला

ICC ने 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए मेजबानी से जुड़े शहरों का ऐलान कर दिया है। जोहान्सबर्ग में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया के कुल 12 शहरों को मैचों की मेजबानी के लिए चुना गया। इनमें दक्षिण अफ्रीका के आठ, जिम्बाब्वे के तीन और नामीबिया की राजधानी विंडहोक शामिल है। इन शहरों में टूर्नामेंट के मुकाबले खेले जाएंगे और क्रिकेट फैंस को अलग-अलग जगहों पर वर्ल्ड कप के रोमांच का अनुभव मिलेगा।

खतरे में चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर की कुर्सी? ये वर्ल्ड कप विनिंग खिलाड़ी ले सकता है जगह

भारतीय टीम के मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर का कार्यकाल सितंबर में खत्म हो रहा है। वहीं बीसीसीआई अभी तक कार्यकाल आगे नहीं बढ़ाने को लेकर कोई जानकारी नहीं दी है। ऐसा कहा जा रहा है कि 2027 वनडे वर्ल्ड कप को देखते हुए बीसीसीआई कार्यकाल को बढ़ा सकती है। फिलहाल उनके भविष्य को लेकर स्थिति साफ नहीं है और चयन के फैसलों को लेकर उन पर दबाव भी है। इसी बीच भारत के 2011 वर्ल्ड कप विजेता टीम के सदस्य और पूर्व तेज गेंदबाज जहीर खान को मुख्य चयनकर्ता बनाए जाने की चर्चा तेज हो गई है। माना जा रहा कि, वह मौजूदा मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर की जगह ले सकते हैं। फिलहाल इस बदलाव को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।

बीसीसीआई में हुई थी चर्चा

चयन समिति के कुछ फैसलों को लेकर बीसीसीआई में चर्चा हुई है। इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के दौरान रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर भी सवाल उठे थे। खबरें थीं कि 2027 वर्ल्ड कप के लिए टीम रोहित से आगे की सोच रही है और लॉर्ड्स वनडे उनका आखिरी मैच हो सकता है। लेकिन बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने इन खबरों को गलत बताया था। उन्होंने कहा था कि रोहित को लेकर ऐसा कोई फैसला नहीं हुआ है और वह टीम की योजना का हिस्सा बने रहेंगे।

श्रीलंका टेस्ट सीरीज के बाद होगा फैसला

द टेलीग्राफ के मुताबिक, अजीत अगरकर का आगे का सफर श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में भारतीय टीम के प्रदर्शन से जुड़ा हो सकता है। दो मैचों की ये सीरीज शनिवार से शुरू हो चुकी है। टेस्ट क्रिकेट में भारत के हालिया खराब प्रदर्शन को लेकर चयन समिति पर भी सवाल उठे हैं। न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में मिली हार ने टीम की मुश्किलें बढ़ाई हैं और इसका असर अगरकर के भविष्य पर भी पड़ सकता है।

जहीर खान बन सकते हैं सेलेक्टर्स

रिपोर्ट के अनुसार, बीसीसीआई में चयन समिति के नेतृत्व में बदलाव को लेकर चर्चा चल रही है। अगर अजीत अगरकर की जगह नया मुख्य चयनकर्ता नियुक्त किया जाता है, तो पूर्व तेज गेंदबाज जहीर खान भी दावेदारों में शामिल हो सकते हैं। जहीर को क्रिकेटरों को तैयार करने का अच्छा अनुभव है। वह आईपीएल में मुंबई इंडियंस और लखनऊ सुपर जायंट्स के साथ काम कर चुके हैं और बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से भी जुड़े रहे हैं।

पहले मुख्य सेलेक्टर्स के पद के लिए बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण का नाम भी चर्चा में था। लेकिन, रिपोर्ट के मुताबिक लक्ष्मण इस बड़ी जिम्मेदारी को लेने के इच्छुक नहीं हैं। इसके बजाय उन्हें बोर्ड में ‘क्रिकेट डायरेक्टर’ की भूमिका देने पर विचार किया जा सकता है।

तीसरी बार वेस्टइंडीज को क्यों खेलना पड़ेगा वर्ल्ड कप क्वालिफायर? 2 बार की वर्ल्ड चैंपियन की बढ़ी मुश्किलें

दो बार की वर्ल्ड चैंपियन वेस्टइंडीज अगले साल होने वाले वनडे वर्ल्ड कप में डायरेक्ट क्‍वालिफाई नहीं कर पाई है। अब टीम को विश्व कप में पहुंचने के लिए क्वालिफायर मुकाबला खेलना होगा। सोमवार को अफगानिस्तान ने आयरलैंड को वनडे मैच में हरा दिया, जिसके बाद वेस्टइंडीज के 30 सितंबर तक सीधे क्वालिफाई करने की उम्मीद खत्म हो गई। अब वेस्टइंडीज को टूर्नामेंट में जगह बनाने के लिए क्वालिफाइंग मुकाबलों में अपना दम दिखाना होगा। आईसीसी मेंस वनडे वर्ल्ड कप 2027 का आयोजन अगले साल 4 अक्टूबर से 21 नवंबर 2027 के बीच साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की संयुक्त मेजबानी में खेला जाएगा।

इन टीमों को मिलेगा डायरेक्ट एंट्री

30 सितंबर तक आईसीसी की वनडे रैंकिंग में शीर्ष आठ स्थान पर रहने वाली टीमों को विश्व कप में सीधे प्रवेश मिल जाएगा। लेकिन, इस लिस्ट में दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे को शामिल नहीं किया जाएगा, क्योंकि दोनों टीमें अगले साल होने वाले वनडे विश्व कप की मेजबानी करेंगी। अफगानिस्तान ने वनडे विश्व कप में अपनी जगह पक्की कर ली है। उसके अलावा ऑस्ट्रेलिया, भारत, न्यूजीलैंड, पाकिस्तान, श्रीलंका, इंग्लैंड और बांग्लादेश भी टूर्नामेंट में खेलते नजर आएंगे। मेजबान दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे की जगह भी तय है।

वेस्टइंडीज तीसरी बार खेलेगा क्वालिफायर मुकाबला

आईसीसी वनडे रैंकिंग में 10वें स्थान पर मौजूद वेस्टइंडीज की मुश्किलें बढ़ गई हैं। टीम को विश्व कप में पहुंचने के लिए एक बार फिर क्वालिफाइंग टूर्नामेंट का सामना करना पड़ेगा। खास बात यह है कि वेस्टइंडीज लगातार तीसरी बार विश्व कप में जगह बनाने के लिए क्वालिफायर खेलने की स्थिति में पहुंची है। 2027 वनडे विश्व कप के लिए क्वालिफाइंग टूर्नामेंट अगले साल फरवरी में खेला जाएगा, लेकिन अभी यह तय नहीं हुआ है कि इसकी मेजबानी कौन सा देश करेगा। क्वालिफायर जीतने वाली टीम को विश्व कप के दूसरे राउंड में सीधे जगह मिलेगी। वहीं, दूसरे से चौथे स्थान पर रहने वाली टीमों को पहले राउंड से शुरुआत करनी होगी। इस राउंड को सुपर सीरीज कहा जाता है। जहां टीमों के पास आगे बढ़कर विश्व कप में अपनी जगह बनाने का मौका रहेगा।

ये टीमें लेंगी हिस्सा

इस क्वालिफाइंग टूर्नामेंट में आयरलैंड और वेस्टइंडीज़ के अलावा वर्ल्ड कप लीग 2 में सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाली चार टीमें भी हिस्सा लेंगी। आयरलैंड और वेस्टइंडीज को 30 सितंबर 2026 की वनडे रैंकिंग के आधार पर जगह मिलेगी, क्योंकि वे मेजबान देशों को छोड़कर सबसे नीचे रैंक वाली पूर्ण सदस्य टीमें हैं। वहीं, बदले हुए क्वालिफिकेशन फॉर्मेट को लेकर कुछ एसोसिएट देशों ने अपनी नाराजगी भी जाहिर की है। नए सिस्टम में टीमों को विश्व कप तक पहुंचने के लिए पहले से ज्यादा मुकाबलों और अलग-अलग चरणों से गुजरना पड़ सकता है।

कैसे होगा क्वालिफायर मुकाबला

विश्व कप क्वालिफायर में बची चार जगहों के लिए टीमों को पहले प्लेऑफ खेलना होगा। इस प्लेऑफ में कुल आठ टीमें होंगी। इनमें वर्ल्ड कप लीग 2 की निचली चार टीमें और चैलेंज लीग की चार टीमें शामिल होंगी। चैलेंज लीग को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का तीसरा स्तर माना जाता है। चैलेंज लीग में कुल 12 टीमें हैं, जिन्हें छह-छह टीमों के दो ग्रुप में बांटा गया है। हर ग्रुप में तीन चरणों में मुकाबले होंगे और सभी टीमें एक-दूसरे से खेलेंगी। ग्रुप में सबसे ऊपर रहने वाली दो-दो टीमें प्लेऑफ में पहुंचेंगी। इसके बाद प्लेऑफ में टॉप चार टीमें विश्व कप क्वालिफायर में जगह बनाएंगी।

वेस्टइंडीज से फिर छूटी वनडे विश्वकप की सीधी एंट्री, खेलना पड़ेगा क्वालिफायर

दो बार के वनडे वर्ल्ड कप चैंपियन वेस्टइंडीज़ को 2027 में होने वाले क्रिकेट वर्ल्ड कप में जगह बनाने के लिए एक बार फिर क्वालिफ़ाइंग टूर्नामेंट का रास्ता अपनाना होगा। 30 सितंबर 2026 को जारी आईसीसी वनडे रैंकिंग में शीर्ष आठ स्थान पर रहने वाली टीमें सीधे 2027 वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफ़ाई करेंगी। हालांकि, मेजबान देशों में शामिल दक्षिण अफ़्रीका और ज़िम्बाब्वे के लिए रैंकिंग ज़रूरी नहीं।

आयरलैंड के ख़िलाफ़ बेलफ़ास्ट में रोमांचक जीत दर्ज करने के बाद अफ़ग़ानिस्तान ने भी टॉप आठ में अपनी जगह पक्की कर ली है। उसके साथ मौजूदा चैंपियन ऑस्ट्रेलिया, भारत, न्यूज़ीलैंड, पाकिस्तान, श्रीलंका, इंग्लैंड, बांग्लादेश, दक्षिण अफ़्रीका और ज़िम्बाब्वे भी 2027 वर्ल्ड कप में जगह बना चुके हैं।

वहीं, आईसीसी वनडे रैंकिंग में 10वें स्थान पर मौजूद वेस्टइंडीज़ के पास कटऑफ तारीख़ से पहले भारत के ख़िलाफ़ दो वनडे मैच खेलने हैं। लेकिन इन दोनों मैचों में जीत हासिल करने के बावजूद वेस्टइंडीज़ शीर्ष आठ में वापसी नहीं कर पाएगा।

इसका मतलब साफ़ है कि वेस्टइंडीज़ को एक बार फिर क्वालिफ़ायर टूर्नामेंट की कठिन राह से गुज़रना होगा। यह क्वालिफ़ायर अगले साल फ़रवरी में आयोजित किया जाना है और यहीं से वेस्टइंडीज़ के पास 2027 वर्ल्ड कप का टिकट हासिल करने का एक और मौक़ा होगा। वेस्टइंडीज़ के लिए यह स्थिति नई नहीं है।

2023 वनडे वर्ल्ड कप में भी वे सीधे क्वालिफ़ाई नहीं कर पाए थे और उन्हें क्वालिफ़ायर टूर्नामेंट में हिस्सा लेना पड़ा था। हालांकि, क्वालिफ़ायर के सुपर सिक्स चरण में वेस्टइंडीज़ पांचवें स्थान पर रहा और वर्ल्ड कप में जगह बनाने में नाकाम रहा। यह क्रिकेट इतिहास में पहली बार था जब वेस्टइंडीज़ वनडे वर्ल्ड कप का हिस्सा नहीं बना।

वर्ल्ड कप से बाहर होने का असर आगे भी देखने को मिला और इसी वजह से वेस्टइंडीज़ 2025 चैंपियंस ट्रॉफी के लिए भी क्वालिफ़ाई नहीं कर सका। वह 2013 के बाद पहली बार इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट से बाहर रहा। 2027 वर्ल्ड कप के क्वालिफ़ायर में कुल आठ टीमें हिस्सा लेंगी। इनमें 30 सितंबर 2026 की वनडे रैंकिंग के आधार पर दो सबसे निचली रैंक वाली गैर-मेज़बान फ़ुल मेंबर टीमें, आयरलैंड और वेस्टइंडीज़ शामिल होंगी।

इसके अलावा क्रिकेट वर्ल्ड कप लीग 2 की शीर्ष चार टीमें और वर्ल्ड कप क्वालिफ़ायर प्लेऑफ़ की शीर्ष चार टीमें भी क्वालिफ़ायर में जगह बनाएंगी। क्वालिफ़ायर का विजेता सीधे वर्ल्ड कप के दूसरे दौर में प्रवेश करेगा। वहीं दूसरे, तीसरे और चौथे स्थान पर रहने वाली टीमों को सुपर सीरीज़ से गुज़रना होगा। इस त्रिकोणीय सीरीज़ की विजेता टीम दूसरे दौर में पहुंचेगी।वेस्टइंडीज़ के लिए 2027 वर्ल्ड कप का सफ़र एक बार फिर आसान नहीं होने वाला है। दो बार की विश्व चैंपियन टीम को पहले क्वालिफ़ायर की परीक्षा पास करनी होगी और तभी वह क्रिकेट के सबसे बड़े मंच पर वापसी कर सकेगी।

इन दो असोसिएट देशों ने विश्वकप फॉर्मेट को लेकर खोला ICC के खिलाफ मोर्चा

क्रिकेट स्कॉटलैंड और रॉयल डच क्रिकेट एसोसिएशन ने पुरुषों के वनडे वर्ल्ड कप के फ़ॉर्मेट में आईसीसी के हालिया बदलावों पर गहरी निराशा जताते हुए एक कड़ा संयुक्त बयान जारी किया है।बयान के अनुसार, दोनों बोर्डों ने अन्य एसोसिएट सदस्यों के साथ मिलकर आईसीसी से दो बार मुलाक़ात की और बदलावों के बारे में आधिकारिक लिखित जानकारी और इस प्रक्रिया के बारे में ज़्यादा स्पष्टता की मांग की।

हालाँकि, उन्होंने दावा किया कि दूसरी बैठक के दो हफ़्ते से ज़्यादा समय बीत जाने के बाद भी आईसीसी की ओर से कोई जवाब नहीं मिला है, जिसे उन्होंने “निराशाजनक” और “अनादरपूर्ण” बताया। इन बदलावों को एसोसिएट सदस्यों के लिए एक झटका मानते हुए, बयान में कहा गया है कि नया फ़ॉर्मेट “हाल के वर्षों में वैश्विक स्तर पर खेल को आगे बढ़ाने में हुई प्रगति को कमज़ोर करने का जोखिम पैदा करेगा”।

बयान में कहा गया, “ऐसे समय में जब क्रिकेट अपनी पहुँच बढ़ाना चाहता है, नए दर्शकों को आकर्षित करना चाहता है और अंतरराष्ट्रीय खेल जगत में अपनी स्थिति मज़बूत करना चाहता है, उभरते देशों के लिए सार्थक मौकों को कम करना पूरी तरह से गलत संदेश देता है।”

बोर्डों ने यह भी कहा कि महत्वपूर्ण फ़ैसले, खासकर वे जो सीधे एसोसिएट सदस्यों को प्रभावित करते हैं, उनसे सलाह लेने और “पर्याप्त सूचना” देने के बाद ही लिए जाने चाहिए ताकि उनके असर को अच्छी तरह समझा जा सके। “इन बदलावों से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की अखंडता और विश्वसनीयता कमज़ोर होने का जोखिम है, और यह मज़बूत गवर्नेंस, पारदर्शी फ़ैसला लेने की प्रक्रिया और सदस्यों के साथ प्रभावी जुड़ाव के महत्व को उजागर करता है। सदस्य और उनके खिलाड़ी वर्ल्ड कप की तैयारी में सालों लगाते हैं, और उन रास्तों पर भरोसा इस बात पर निर्भर करता है कि बिना सलाह-मशविरे के क्वालिफ़िकेशन साइकल के बीच में उन्हें बदला न जाए।”

बयान में कहा गया, “कम समय में उन ढांचों को बदलने से काफी अनिश्चितता पैदा होती है, प्लानिंग में रुकावट आती है और उन संगठनों पर अतिरिक्त ऑपरेशनल और फाइनेंशियल दबाव पड़ता है जो पहले से ही सीमित संसाधनों के साथ काम कर रहे हैं।”

पिछले महीने शुरू किए गए वनडे वर्ल्ड कप के नए फॉर्मेट में टीमों की संख्या 10 से बढ़ाकर 14 कर दी गई है, लेकिन इसमें चार राउंड भी शामिल हैं, जिसमें ग्रुप स्टेज से पहले राउंड-रॉबिन “सुपर सीरीज़” होगी। 12, 13 और 14 नंबर की टीमों में से दो टीमें राउंड 2 में आगे बढ़ेंगी और एक टीम तुरंत बाहर हो जाएगी।

नीदरलैंड और स्कॉटलैंड दोनों ही वर्ल्ड कप क्वालीफायर में पहुंच गए हैं, जो फरवरी 2027 में खेला जाएगा। इसके लिए जगह अभी तय नहीं हुई है। वनडे वर्ल्ड कप के फॉर्मेट में बदलाव से तुरंत चिंताएं पैदा हो गई हैं, खासकर इसलिए क्योंकि अगला एडिशन अगले साल अक्टूबर में शुरू होने वाला है।

बयान में आगे कहा गया, “टूर्नामेंट में अठारह महीने से भी कम समय बचा है, ऐसे में इन बदलावों के समय ने प्रभावित सदस्यों को इस प्रक्रिया में योगदान देने या उसके अनुसार ढलने का बहुत कम मौका दिया है। हमारा मानना है कि एसोसिएट सदस्यों के साथ बेहतर जुड़ाव से एक अधिक प्रभावी और सहयोगी दृष्टिकोण को बढ़ावा मिलता और क्वालिफिकेशन प्रक्रिया में भरोसा बनाए रखने में मदद मिलती।”

वर्ल्ड कप 2027 के फॉर्मेट से नाराज स्कॉटलैंड और नीदरलैंड बोर्ड, आईसीसी के फैसले उठाए सवाल

इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने 2027 वनडे वर्ल्ड कप के क्वालिफिकेशन के फॉर्मेट अचानक बदलाव कर दिया है। क्रिकेट स्कॉटलैंड और रॉयल डच क्रिकेट एसोसिएशन (KNCB) ने 2027 वनडे वर्ल्ड कप के नए फॉर्मेट को लेकर नाराजगी जताई है। दोनों बोर्ड ने कहा कि टूर्नामेंट शुरू होने में अब 18 महीने से भी कम समय बचे हैं, ऐसे में फॉर्मेट में बदलाव करना उचित नहीं है। वनडे वर्ल्ड कप 2027 टूर्नामेंट 4 अक्टूबर से 21 नवंबर 2027 तक दक्षिण अफ्रीका , जिम्बाब्वे और नामीबिया में खेला जाएगा।

वनडे वर्ल्ड कप 2027 में कुल 14 टीमें हिस्सा लेंगी, वहीं 12वें, 13वें और 14वें नंबर की टीमों को पहले क्वालिफाइंग मुकाबले खेलने होंगे। इन तीन टीमों में से सिर्फ एक टीम मुख्य टूर्नामेंट में पहुंच पाएगी। इसके बाद 12 टीमों को दो ग्रुप में बांटा जाएगा, जिसमें हर ग्रुप में 6-6 टीमें होंगी। ये टूर्नामेंट 4 अक्टूबर से 21 नवंबर 2027 तक दक्षिण अफ्रीका , जिम्बाब्वे और नामीबिया में खेला जाएगा। क्रिकेट स्कॉटलैंड और रॉयल डच क्रिकेट एसोसिएशन ने सोमवार को साझा बयान जारी कर वर्ल्ड कप के फॉर्मेट में किए गए बदलाव पर आपत्ति जताई।

फॉर्मेट को लेकर जताई नाराजगी

दोनों बोर्ड ने संयुक्त बयान में कहा, “क्रिकेट स्कॉटलैंड और रॉयल डच क्रिकेट एसोसिएशन इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल के हाल के फैसले से बहुत निराश हैं। ICC ने 50 ओवर वर्ल्ड कप के क्वालिफिकेशन सिस्टम और टूर्नामेंट के फॉर्मेट में बड़े बदलाव किए हैं, जबकि टूर्नामेंट शुरू होने में 18 महीने से भी कम समय बचा है।” बोर्ड ने आगे कहा, “ये बदलाव एसोसिएट मेंबर क्रिकेट के लिए बड़ा झटका हैं और पिछले कुछ सालों में दुनिया भर में क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए हुई प्रगति को नुकसान पहुंचा सकते हैं।”

किस प्रक्रिया के तहत हुआ बदलाव

बयान में आगे कहा गया, “जब क्रिकेट अपनी पहुंच बढ़ाने, नए दर्शकों को जोड़ने और अंतरराष्ट्रीय खेलों में अपनी जगह मजबूत करने की कोशिश कर रहा है, तब उभरती हुई टीमों के लिए मौके कम करना बिल्कुल सही संदेश नहीं देता।” CS और KNCB ने यह भी कहा कि उन्हें इस बात पर चिंता है कि वर्ल्ड कप के फॉर्मेट में बदलाव किस प्रक्रिया के तहत किए गए हैं। उन्होंने कहा, “क्रिकेट स्कॉटलैंड और KNCB क्रिकेट को दुनिया भर में मजबूत बनाने के लिए ICC और दूसरे सदस्य देशों के साथ मिलकर काम करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। हालांकि, हमें इन बदलावों के असर के साथ-साथ इन्हें लागू करने के तरीके को लेकर भी गंभीर चिंता है।”

मिलना चाहिए पर्याप्त समय

CS और KNCB ने कहा कि एसोसिएट मेंबर्स को इन बदलावों को समझने और उनकी तैयारी करने के लिए पर्याप्त समय मिलना चाहिए था। दोनों बोर्ड ने पूरी प्रक्रिया को लेकर ज्यादा स्पष्टता की मांग की है। उन्होंने कहा, “बदलावों की घोषणा के बाद क्रिकेट स्कॉटलैंड, KNCB और दूसरे एसोसिएट मेंबर्स ने ICC से दो बार मुलाकात की। इन बैठकों में बदलावों को लेकर लिखित जानकारी और पूरी प्रक्रिया के बारे में ज्यादा स्पष्टता मांगी गई।”

ICC को देना होगा जवाब

बयान में आगे कहा गया, “हमने भविष्य में फैसले लेने की प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए पॉजिटिव कदम उठाने और फुल मेंबर्स के साथ अलग-अलग प्लानिंग मीटिंग करने का भी अनुरोध किया। दो हफ्ते से ज्यादा समय पहले हुई दूसरी बैठक के बाद से ICC की ओर से कोई और जवाब नहीं मिला है। उठाए गए मुद्दों की गंभीरता को देखते हुए यह स्थिति निराशाजनक है।”

ICC से की अपील

बोर्ड ने कहा कि ICC को एसोसिएट देशों के साथ फिर से बातचीत करनी चाहिए और उनकी चिंताओं और मांगों को गंभीरता से समझना चाहिए। बयान में आगे कहा गया, “हम ICC से अपील करते हैं कि वह एसोसिएट मेंबर्स और उनकी मांगों पर फिर से ध्यान दे। साथ ही, सभी सदस्य देशों के साथ खुलकर चर्चा करे, ताकि यह तय किया जा सके कि लंबे समय में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के हितों को सबसे बेहतर तरीके से कैसे आगे बढ़ाया जा सकता है।”

जब गुरु ही बन जाएं विरोधी खेमे की ताकत! कभी टीम इंडिया को बनाया चैंपियन, अब उसी को हराने की तैयारी

भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट सीरीज का मंच तैयार है। पहला मुकाबला 15 अगस्त से गॉल इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाना है। इससे पहले भारतीय टीम ने तीन दिवसीय वार्म-अप मैच में श्रीलंका क्रिकेट XI को 6 विकेट से हराकर अपनी तैयारियों का अच्छा संकेत दिया। हालांकि इस मुकाबले में एक चेहरा ऐसा भी था, जिसने भारतीय फैंस का खास ध्यान खींचागैरी कर्स्टन। कभी टीम इंडिया को वर्ल्ड कप जिताने वाले कर्स्टन अब श्रीलंका के खेमे में हैं और आगामी टेस्ट सीरीज में भारत के खिलाफ रणनीति तैयार करेंगे।

 

बाउंड्री पर खड़े रहे कर्स्टन, भारतीय खिलाड़ियों पर रही पैनी नजर

 

रविवार को कर्स्टन एनसीसी ग्राउंड पहुंचे, जहां भारत अपना वार्म-अप मुकाबला खेल रहा था। वह काफी देर तक बाउंड्री के पास खड़े होकर भारतीय खिलाड़ियों की गतिविधियों पर नजर रखते दिखाई दिए।

 

वह मैदान पर ज्यादा सक्रिय नजर नहीं आए, लेकिन उनकी मौजूदगी अपने आप में चर्चा का विषय बन गई। कर्स्टन ने कुछ भारतीय खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ से बातचीत भी की। इस दौरान वह लगातार मैच और स्कोरबोर्ड पर नजर बनाए हुए थे।

 

भारतीय टीम के स्पिनर मानव सुथार और थ्रोडाउन स्पेशलिस्ट रघु से भी उनकी बातचीत हुई। कर्स्टन का सुथार और साई किशोर जैसे खिलाड़ियों से पुराना परिचय रहा है, खासकर गुजरात टाइटन्स के साथ उनके समय के कारण।

जिस टीम को वर्ल्ड कप जिताया, अब उसी के खिलाफ बनाएंगे रणनीति

 

गैरी कर्स्टन का भारतीय क्रिकेट से रिश्ता बेहद खास रहा है। 2008 से 2011 तक वह टीम इंडिया के हेड कोच रहे और उनके कार्यकाल में भारतीय टीम ने कई बड़ी उपलब्धियां हासिल कीं। सबसे यादगार पल आया 2011 में, जब एमएस धोनी की कप्तानी वाली टीम इंडिया ने श्रीलंका को हराकर 28 साल बाद वनडे वर्ल्ड कप अपने नाम किया। उसी दौर में भारत पहली बार टेस्ट रैंकिंग में नंबर-1 भी बना।

 

अब कहानी पूरी तरह बदल चुकी है। जिस टीम की कमजोरियों और ताकत को समझना कभी कर्स्टन की जिम्मेदारी थी, अब उसी टीम के खिलाफ उन्हें श्रीलंका की रणनीति तैयार करनी है।

 

गैरी के सामने होंगे उनके पुराने खिलाड़ी और नया कोच

 

कर्स्टन के लिए यह मुकाबला इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि भारतीय टीम के मौजूदा हेड कोच गौतम गंभीर भी उनके पुराने खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं।एक समय कर्स्टन की कोचिंग में खेलने वाले गंभीर अब टीम इंडिया के ड्रेसिंग रूम की कमान संभाल रहे हैं। यानी एक तरफ पुराने गुरु कर्स्टन श्रीलंका को तैयार कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ उनका पुराना खिलाड़ी गंभीर भारत की रणनीति बनाएगा।

 

क्रिकेट में ऐसे रिश्ते मुकाबले को और दिलचस्प बना देते हैं।

 

207 रन का टारगेट, आखिरी ओवर में भारत ने मारी बाजी

 

वार्म-अप मैच के तीसरे दिन भारत के सामने 207 रन का लक्ष्य था। भारतीय बल्लेबाजों ने दबाव के बीच लक्ष्य का पीछा किया और दिन के आखिरी ओवर में 6 विकेट से मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस जीत से टीम इंडिया को टेस्ट सीरीज से पहले परिस्थितियों के साथ तालमेल बैठाने का अच्छा मौका मिला। वहीं श्रीलंका को भी भारत के खिलाफ अपनी तैयारियों को परखने का मौका मिला।

 

सरफराज की वापसी, सुदर्शन सीरीज से बाहर

 

टेस्ट सीरीज शुरू होने से पहले भारतीय टीम में बदलाव भी हुआ है। चोट के कारण साई सुदर्शन पूरी सीरीज से बाहर हो गए हैं, उनकी जगह सरफराज खान को टीम में शामिल किया गया है।

 

सरफराज ने नवंबर 2024 के बाद कोई टेस्ट मैच नहीं खेला है। ऐसे में उनके पास खुद को फिर से टेस्ट टीम में स्थापित करने का मौका होगा।

 

वहीं, शुभमन गिल को भी लेकर टीम के लिए राहत की खबर आई। अभ्यास के दौरान चोटिल होने के कारण वह शुरुआती दो दिन वार्म-अप मैच में नहीं उतरे थे, लेकिन तीसरे दिन उन्होंने बल्लेबाजी की।

 

WTC पॉइंट्स टेबल के लिहाज से भी अहम है सीरीज

 

भारत और श्रीलंका के बीच होने वाली यह टेस्ट सीरीज वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 के लिहाज से भी काफी महत्वपूर्ण है। टीम इंडिया फिलहाल टॉप-4 से बाहर है और दोनों टेस्ट जीतकर अपनी स्थिति मजबूत करना चाहेगी।

 

श्रीलंका के लिए भी यह सीरीज बड़ी चुनौती है। खास बात यह है कि भारत के खिलाफ श्रीलंका ने अब तक जो 7 टेस्ट जीते हैं, वे सभी अपनी घरेलू जमीन पर आए हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि गॉल में कर्स्टन की रणनीति भारी पड़ती है या फिर गंभीर की टीम पुराने गुरु को उनके ही घर में मात देने की कहानी लिखती है।

 

वीवीएस लक्ष्मण बनने वाले थे टीम इंडिया के हेड कोच, इस वजह से ठुकराया था ऑफर

पूर्व भारतीय क्रिकेटर वीवीएस लक्ष्मण ने हाल ही में बताया कि जय शाह ने उन्हें भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम का मुख्य कोच बनने का प्रस्ताव दिया था। लक्ष्मण ने बताया कि, वह इस जिम्मेदारी को संभालना चाहते थे, लेकिन कुछ पर्सनल रीजन की वजह से टीम से जुड़ने से मना कर दिया था। वहीं राहुल द्रविड़ के के बाद गौतम गंभीर टीम के मुख्य कोच बने। गंभीर 2027 तक टीम के हेड कोच बने रहेंगे।

लक्ष्मण ने क्या कहा

लक्ष्मण ने ये नहीं बताया कि उन्हें मुख्य कोच बनने का प्रस्ताव किस समय मिला था। लेकिन ऐसा माना जा रहा कि ये 2023 वनडे वर्ल्ड कप के बाद की बात है, जब राहुल द्रविड़ का कार्यकाल खत्म होने वाला था। उस समय द्रविड़ आगे भी कोच बने रहने को लेकर तैयार नहीं थे। बाद में BCCI ने उनका कार्यकाल 2024 टी20 वर्ल्ड कप तक बढ़ा दिया। भारत ने द्रविड़ की कोचिंग में यह टूर्नामेंट जीतकर लंबे समय बाद ICC ट्रॉफी अपने नाम की।

पर्सनल वजह से नहीं लिया पद

वीवीएस लक्ष्मण ने रविवार को कहा, “2023 में, मुझे हेड कोच बनना था।” उन्होंने आगे कहा, “पर्सनल वजहों से मैं यह काम नहीं कर पाया। मैं दो बार जय शाह से बात करने गया। वह मेरी वजहें समझ गए। जय और BCCI ने मुझे जो आजादी दी है, अपने विजन के साथ काम करने की, वह देवजीत और दूसरे अधिकारियों के साथ भी जारी है।” लक्ष्मण ने कहा कि हेड कोच बनने के बजाय उन्होंने बेंगलुरु में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के चेयरमैन का पद संभालने का फैसला किया, जो पहले राहुल द्रविड़ के पास था। उन्होंने इस जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी से निभाने का फैसला किया।

दो साल का लिया एक्सटेंशन

उन्होंने आगे कहा, “मैंने दो साल के लिए एक्सटेंशन लिया और BCCI से वादा किया कि मैं यहां हेड कोच का पद नहीं ले रहा हूं। लेकिन मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को बेहतर बनाऊं, इसके लिए सही स्ट्रक्चर, प्रोसेस और प्रोटोकॉल तैयार करूं, ताकि आगे बढ़ने से पहले यहां एक मजबूत व्यवस्था बन सके।”

गौतम गंभीर बने भारत के कोच

राहुल द्रविड़ ने 2024 टी20 वर्ल्ड कप के बाद भारतीय टीम के मुख्य कोच का पद छोड़ दिया था। इसके बाद वीवीएस लक्ष्मण का नाम एक बार फिर इस पद के लिए चर्चा में आया। लेकिन, उस समय BCCI ने गौतम गंभीर को मुख्य कोच की जिम्मेदारी सौंपी। गंभीर इससे पहले IPL में कोलकाता नाइट राइडर्स के मेंटर थे और उनकी अगुवाई में टीम ने खिताब जीता था। इसके बाद गंभीर के कार्यकाल में भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी और टी20 वर्ल्ड कप भी जीता।

क्या लक्ष्मण लेंगे अजीत अगरकर की जगह? अफवाहों पर खुद तोड़ी चुप्पी

भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर का कार्यकाल सितंबर 2026 में खत्म हो रहा है। वहीं अजीत अगरकर का कार्यकाल आगे नहीं बढ़ाया जाएगा या नहीं इस पर अभी स्थिति साफ नहीं है। अगरकर के लिए 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए टीम तैयार करना बड़ी जिम्मेदारी है। ऐसे में उनके कार्यकाल को लेकर BCCI का फैसला काफी अहम माना जा रहा है। वहीं कुछ समय पहले ऐसी खबरें थी कि, BCCI उनकी जगह पूर्व भारतीय बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण को मुख्य चयनकर्ता बनाने पर विचार कर रहा है। लक्ष्मण फिलहाल बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रमुख हैं। वहीं हाल ही में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, लक्ष्मण ने इस पद को संभालने में फिलहाल रुचि नहीं दिखाई है।

कई खिलाड़ी कर सकते हैं दावेदारी

भारतीय क्रिकेट में चीजें कभी भी बदल सकती हैं। राहुल द्रविड़ पहले भारतीय टीम के मुख्य कोच नहीं बनना चाहते थे, लेकिन बाद में उन्होंने ये जिम्मेदारी संभाली। 2023 वर्ल्ड कप के बाद भी वह कोच पद छोड़ना चाहते थे, लेकिन रोहित शर्मा के कहने पर उन्होंने अपना कार्यकाल आगे बढ़ाया। इसी तरह मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर के पद को लेकर भी अभी स्थिति साफ नहीं है। अगर अजीत अगरकर का कार्यकाल आगे नहीं बढ़ता है, तो कई पूर्व भारतीय क्रिकेटर इस पद के लिए दावेदारी कर सकते हैं।

लक्ष्मण अभी COE की जिम्मेदारी संभाल रहे

वीवीएस लक्ष्मण 2024 में भारतीय टीम के मुख्य कोच बनने की दौड़ में शामिल थे, लेकिन उन्होंने ये जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया था। इसके बाद उन्होंने दो साल के लिए बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की जिम्मेदारी संभाली। रविवार को BCCI सचिव देवजीत सैकिया सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पहुंचे और लक्ष्मण से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने भारतीय पुरुष टीम में बढ़ रही चोटों की स्थिति और उससे जुड़े मामलों की जानकारी ली।

2027 वर्ल्ड कप में 2 बार की चैंपियन टीम को नहीं मिली डायरेक्ट एंट्री, अब खेलना होगा क्वालिफायर मुकाबला

2027 वर्ल्ड कप में 2 बार की चैंपियन टीम को नहीं मिली डायरेक्ट एंट्री, अब खेलना होगा क्वालिफायर मुकाबला

आईसीसी मेंस वनडे वर्ल्ड कप 2027 का आयोजन अगले साल साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की संयुक्त मेजबानी में खेला जाएगा। वनडे वर्ल्ड कप का टूर्नामेंट 4 अक्टूबर से 21 नवंबर 2027 के बीच खेला जाएगा। वहीं टूर्नामेंट में 2 बार की चैंपियन वेस्‍टइंडीज टीम सीधे क्‍वालिफाई नहीं कर पाई है। अब टीम को मुख्य टूर्नामेंट में पहुंचने के लिए क्वालिफायर मुकाबले खेलने होंगे। वहीं 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए मेजबान देशों साउथ अफ्रीका और जिम्बाब्वे को सीधे जगह मिलेगी। इसके अलावा सात टीमों का चयन आईसीसी की वनडे रैंकिंग के आधार पर होगा। इन टीमों के लिए 30 सितंबर 2026 की रैंकिंग को आधार बनाया जाएगा। बाकी टीमों को वर्ल्ड कप में पहुंचने के लिए क्वालिफायर मुकाबले खेलने होंगे।

सीधे जगह बनाना मुश्किल

वेस्टइंडीज के लिए वनडे वर्ल्ड कप में सीधे जगह बनाना लगातार मुश्किल होता जा रहा है। आईसीसी की मौजूदा वनडे रैंकिंग में वेस्टइंडीज 10वें नंबर पर है। वहीं अफगानिस्तान आठवें और बांग्लादेश नौवें स्थान पर है। जिम्बाब्वे 11वें स्थान पर होने के बावजूद मेजबान होने के कारण उसे सीधे वर्ल्ड कप में जगह मिलेगी। ऐसे में वेस्टइंडीज को सीधे क्वालिफाई करने के लिए 30 सितंबर 2026 तक रैंकिंग में टॉप-9 में पहुंचना होगा, वरना उसे क्वालिफायर खेलना पड़ेगा।

तीसरी बार नहीं कर पाई सीधे क्वालिफाई

7 अगस्त को ब्रेडी क्रिकेट क्लब में खेले गए दूसरे वनडे मैच में अफगानिस्तान ने आयरलैंड को 92 रन से हरा दिया। बारिश के कारण प्रभावित इस मुकाबले में अफगानिस्तान की जीत काफी अहम रही। इस जीत के साथ अफगानिस्तान ने 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए सीधे क्वालिफाई कर लिया। वहीं वेस्टइंडीज की सीधी जगह बनाने की उम्मीद खत्म हो गई। टीम 2019 और 2023 के वर्ल्ड कप में भी सीधे क्वालिफाई नहीं कर पाई थी। 2019 में उसने क्वालिफायर मुकाबले जीतकर मुख्य टूर्नामेंट में जगह बना ली थी, लेकिन 2023 के क्वालिफायर में खराब प्रदर्शन के कारण टीम वर्ल्ड कप में नहीं पहुंच सकी थी।

भारत से हैं वेस्टइंडीज का सीरीज

वेस्टइंडीज को सितंबर-अक्टूबर में भारत के खिलाफ तीन वनडे मैचों की सीरीज खेलनी है। सीरीज के पहले दो मुकाबले 27 सितंबर को तिरुवनंतपुरम और 30 सितंबर को गुवाहाटी में होंगे। हालांकि, इन मैचों में भारत के खिलाफ जीत दर्ज करने के बावजूद वेस्टइंडीज के लिए सीधे वर्ल्ड कप में जगह बनाना मुश्किल रहेगा। टीम को रैंकिंग में टॉप-9 में पहुंचने के लिए अन्य टीमों के नतीजों पर भी निर्भर रहना होगा।

वेस्टइंडीज के साथ आयरलैंड की टीम को भी 2027 वनडे वर्ल्ड कप में जगह बनाने के लिए क्वालिफायर खेलना पड़ सकता है। आयरलैंड को सीधे क्वालिफाई करने की उम्मीद बनाए रखने के लिए अफगानिस्तान के खिलाफ घरेलू सीरीज में 5-0 से जीत जरूरी थी। लेकिन 5 अगस्त को ब्रेडी में खेला गया पहला मैच बारिश के कारण रद्द हो गया, जिससे आयरलैंड की सीधे क्वालिफाई करने की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा।

Vaibhav Sooryavanshi: ‘अगर वह 17 या 18 साल का है, तो…’ वैभव सूर्यवंशी की उम्र पर ब्रेट ली ने दिया अजीब बयान