Gautam Gambhir: गौतम गंभीर के सपोर्ट में उतरे वर्ल्ड कप विनिंग कोच, बोले- ‘वह शानदार कोच हैं’

गौतम गंभीर के लिए भारतीय टीम के कोच के रूप में वनडे और टी20 क्रिकेट में सफर काफी अच्छा रहा है। उनकी कोचिंग में भारत ने एशिया कप, चैंपियंस ट्रॉफी और टी20 वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट जीते हैं। लेकिन टेस्ट क्रिकेट में टीम का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। टेस्ट मैचों में लगातार मिली मुश्किलों के कारण अब गंभीर की कोचिंग को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। घरेलू मैदान पर टीम को न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में हार का सामना करना पड़ा। साउथ अफ्रीका के खिलाफ सीरीज हारने के बाद वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बनाने की राह भी मुश्किल हो गई है।

शुभमन गिल की टीम को फाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए बाकी मैचों में ज्यादा जीत हासिल करनी होगी। भारत की टेस्ट टीम इस समय श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों की सीरीज में खेल रही है। इसी बीच पूर्व भारतीय कोच गैरी कर्स्टन ने गौतम गंभीर का सपोर्ट किया है।

गंभीर की तारीफ की

टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, गैरी कर्स्टन ने गौतम गंभीर की जमकर तारीफ करते हुए उन्हें शानदार कोच बताया। उन्होंने कहा, “गंभीर ने कोच के तौर पर काफी सफलता हासिल की है और उनका रिकॉर्ड इस बात का सबूत है। गंभीर की उपलब्धियों में टी20 वर्ल्ड कप 2026 और आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 की जीत के साथ आईपीएल में भी सफलता शामिल है, जहां वह 2024 में चैंपियन बनी कोलकाता नाइट राइडर्स के मेंटर थे।” कर्स्टन ने ये भी कहा कि, “जब वह खिलाड़ी थे तो मुझे उनके साथ काम करने में बहुत मज़ा आया। वह एक स्मार्ट क्रिकेटर हैं और मुझे पता था कि उन्हें कोच के तौर पर सफलता मिलेगी।”

गौतम गंभीर की तारीफ की है

अब श्रीलंका की टीम के साथ जुड़े गैरी कर्स्टन ने भारतीय टीम के साथ बिताए अपने पुराने दिनों को याद किया। कर्स्टन ने कहा, “भारतीय टीम के साथ बिताए तीन साल उनके लिए बेहद शानदार रहे और खिलाड़ियों के साथ काम करना उनके लिए गर्व की बात थी। उस समय भारतीय ड्रेसिंग रूम में काफी प्रतिभाशाली खिलाड़ी थे और टीम ने उन्हें हमेशा अपने बीच एक अहम सदस्य की तरह स्वीकार किया।” कर्स्टन ने कहा, “वह अब श्रीलंका के साथ भी अपनी जिम्मेदारी को पूरी गंभीरता और समर्पण के साथ निभा रहे हैं।

स्पिन गेंदबाजी से परेशान भारतीय टीम

भारतीय टीम को स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ हाल की टेस्ट सीरीज में परेशानी हुई है। न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका ने इसका फायदा उठाया। अब श्रीलंका भी भारतीय बल्लेबाजों को स्पिन के जरिए दबाव में डालना चाहेगा। हालांकि, श्रीलंका के कोच गैरी कर्स्टन ने भारत की कमजोरी पर बात करने से बचते हुए अपनी टीम की तैयारी पर ध्यान देने की बात कही। उन्होंने कहा, “मैं यहां भारतीय टीम को जज करने नहीं आया हूं।” उन्होंने आगे कहा कि भारतीय टीम एक मजबूत और क्वालिटी टीम है, जिसमें काफी डेप्थ है। हमारी जिम्मेदारी है कि हम स्किल एग्जिक्यूशन और रणनीति, दोनों के मामले में पूरी तरह तैयार रहें। हमारा फोकस अपनी ताकत पर ही बना हुआ है।

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पूर्व तेज गेंदबाज बना कर्नाटक का कोच, दर्ज है यह शर्मनाक रिकॉर्ड

भारत के पूर्व तेज़ गेंदबाज़ विनय कुमार को आगामी घरेलू सीज़न के लिए कर्नाटक का मुख्य कोच नियुक्त किया गया है। 42 वर्षीय विनय यह ज़िम्मेदारी येरे गौड़ से संभालेंगे, जबकि कर्नाटक के पूर्व बल्लेबाज़ दीपक चौगले फ़ील्डिंग कोच के रूप में उनके सपोर्ट स्टाफ़ का हिस्सा होंगे।

हाल ही में महाराजा T20 ट्रॉफ़ी में हुबली टाइगर्स की कमान संभालने के बाद, कर्नाटक के मुख्य कोच के रूप में विनय की यह पहली ज़िम्मेदारी होगी। उनके पास फ्रेंचाइजी T20 कोचिंग का भी उच्च स्तरीय अनुभव है, जहां वह UAE की ILT20 में 'MI एमिरेट्स' के बॉलिंग कोच रह चुके हैं। इसके अलावा 2021 में प्रथम श्रेणी और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद, विनय मुंबई इंडियंस में IPL टैलेंट स्काउट की भूमिका भी निभा चुके हैं।

विनय रणजी ट्रॉफ़ी के इतिहास में 442 शिकारों के साथ तेज़ गेंदबाज़ों में सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज़ हैं और भारत के इस प्रमुख घरेलू टूर्नामेंट में कुल मिलाकर पांचवें स्थान पर हैं। उन्होंने अपने करियर में खेले 139 प्रथम श्रेणी मैचों में 22.44 की शानदार औसत से कुल 504 विकेट चटकाए। भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय डेब्यू करने के बाद, विनय ने 2013 से 2015 के दौरान कर्नाटक की कप्तानी करते हुए टीम को लगातार दो बार ऐतिहासिक 'ट्रेबल' विजय हज़ारे ट्रॉफ़ी, रणजी ट्रॉफ़ी और ईरानी कप जिताया था।

भारत के लिए एक टेस्ट और 31 वनडे खेलने के अलावा, विनय कोलकाता नाइट राइडर्स (2014) और मुंबई इंडियंस (2015 और 2017) की उन टीमों का भी हिस्सा थे जिन्होंने IPL ख़िताब जीता था। पिछले सीज़न की उपविजेता रही कर्नाटक की टीम 11 अक्टूबर को आंध्र के ख़िलाफ़ अपने 2026-27 रणजी ट्रॉफ़ी अभियान की शुरुआत करेगी।

विनय कुमार के नाम दर्ज है सबसे महंगी गेंदबाजी प्रदर्शन का अनचाहा रिकॉर्ड

विनय कुमार ने अपने राज्य की टीम का नेतृत्व करते हुए लगातार रणजी ट्राफी खिताब भी दिलाये हैं। 42 साल के इस खिलाड़ी ने भारत के लिये एक टेस्ट, 31 वनडे और नौ टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले जिसमें उन्होंने कुल 49 विकेट हासिल किये। विनय ने अपना आखिरी एकदिवसीय मैच साल 2013 में खेला था। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इस मैच में वह काफी महंगे साबित हुए थे और अपने 10 ओवर के स्पैल में में 100 से ज्यादा रन दे दिए थे।

प्रथम श्रेणी क्रिकेट में विनय कुमार ने 139 मैचों में 504 विकेट झटके हैं जिसमें उनका एक पारी में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 32 रन देकर आठ विकेट लेना है।उनके अंतरराष्ट्रीय करियर में वनडे प्रारूप में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2011 में रहा जिसमें उन्होंने दिल्ली में इंग्लैंड के खिलाफ 30 रन देकर चार विकेट चटकाये थे।


गुजरात लौटना चाहते थे हार्दिक, लेकिन रख दी ऐसी शर्त कि GT ने कर दिया साफ इनकार!

IPL 2027 से पहले हार्दिक पंड्या के भविष्य को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई इंडियंस (Mumbai Indians) के कप्तान हार्दिक पंड्या ने अपनी पुरानी फ्रेंचाइजी गुजरात टाइटंस (Gujarat Titans) में वापसी की संभावनाएं तलाशीं, लेकिन उनकी एक शर्त ने इस संभावित ट्रेड का रास्ता रोक दिया। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि हार्दिक गुजरात लौटने के लिए तैयार थे, लेकिन वह कप्तानी की भूमिका भी वापस चाहते थे। गुजरात टाइटंस ने इस शर्त को स्वीकार नहीं किया और बातचीत आगे नहीं बढ़ सकी। हालांकि, हार्दिक के प्रवक्ता ने साफ किया है कि उन्होंने किसी फ्रेंचाइजी से सीधे Trade या ट्रांसफर को लेकर बातचीत नहीं की है। 

 

गुजरात को हार्दिक की वापसी से ऐतराज नहीं था, लेकिन कप्तानी पर अटक गई बात

 

रिपोर्ट के अनुसार, गुजरात टाइटंस हार्दिक को दोबारा टीम में शामिल करने के विचार के खिलाफ नहीं थी। यहां तक कि मौजूदा कप्तान शुभमन गिल (Shubman Gill) से भी इस संभावित वापसी को लेकर चर्चा की गई थी और वह भी ट्रेड के रास्ते हार्दिक की वापसी के लिए तैयार बताए गए। लेकिन जैसे ही कप्तानी को हार्दिक की वापसी की शर्त के तौर पर रखा गया, फ्रेंचाइजी ने पीछे हटने का फैसला किया। यानी खिलाड़ी की वापसी पर समस्या नहीं थी, असली पेंच नेतृत्व की जिम्मेदारी को लेकर फंसा। 

 

हार्दिक और गुजरात टाइटंस का रिश्ता वैसे भी IPL की सबसे खास कहानियों में से एक रहा है। 2022 में हार्दिक ने पहली बार गुजरात की कप्तानी संभाली और फ्रेंचाइजी ने अपने डेब्यू सीजन में ही IPL ट्रॉफी जीत ली। इसके बाद 2023 में भी गुजरात फाइनल तक पहुंची। हार्दिक के नेतृत्व में टीम ने लगातार दो सीजन में शानदार प्रदर्शन किया था। ऐसे में गुजरात में उनकी वापसी सिर्फ एक ट्रेड नहीं, बल्कि एक पुराने सफल कप्तान की घर वापसी होती लेकिन कप्तानी का सवाल इस संभावित रीयूनियन के रास्ते में सबसे बड़ा रोड़ा बन गया।

 

2024 में MI लौटे थे हार्दिक, अब फिर बदल सकता है ठिकाना

 

हार्दिक ने 2023 सीजन के बाद गुजरात का साथ छोड़ा और 2024 में मुंबई इंडियंस में वापसी की। उनकी वापसी के साथ ही उन्हें टीम की कप्तानी भी सौंप दी गई और लंबे समय से टीम की कमान संभाल रहे रोहित शर्मा की जगह हार्दिक को कप्तान बनाया गया। इस फैसले पर MI फैंस की तरफ से काफी नाराजगी देखने को मिली और 2024 सीजन में हार्दिक को मैदान पर हूटिंग का भी सामना करना पड़ा। 2025 में टीम के प्रदर्शन में कुछ सुधार से माहौल थोड़ा बेहतर हुआ, लेकिन 2026 सीजन ने फिर उनकी स्थिति को सवालों के घेरे में ला दिया।

 

मुंबई इंडियंस ने IPL 2026 में 14 में से सिर्फ 4 मुकाबले जीते और 9वें स्थान पर रही, जिसके बाद टीम में हार्दिक की भूमिका और कप्तानी को लेकर अटकलें तेज हो गईं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, MI मैनेजमेंट उनकी कप्तानी जारी रखने को लेकर आश्वस्त नहीं था और टीम में उनकी भूमिका का भी मूल्यांकन किया जा रहा था। 

 

IPL 2026 में कैसा रहा Hardik का प्रदर्शन?

 

हार्दिक के लिए 2026 सीजन व्यक्तिगत तौर पर भी बहुत खास नहीं रहा। उपलब्ध MI आंकड़ों के मुताबिक उन्होंने 10 मैचों में 9 पारियों में 64 रन बनाए और गेंदबाजी में 4 विकेट लिए। उनका बल्लेबाजी स्ट्राइक रेट करीब 11.42 रहा, जबकि गेंदबाजी में उनका इकॉनमी रेट 9.18 के आसपास रहा। 

 

पूरे IPL करियर की बात करें तो हार्दिक ने अब तक 162 मैचों में 2,955 रन बनाए हैं, जिसमें 10 अर्धशतक शामिल हैं। गेंद से भी वह टीमों के लिए उपयोगी रहे हैं और उनके नाम IPL में 64 विकेट दर्ज हैं। 

 

यानी हार्दिक का overall IPL रिकॉर्ड उन्हें अभी भी एक बड़े ऑलराउंडर के तौर पर स्थापित करता है, लेकिन 2026 में उनके आंकड़े और MI का प्रदर्शन उस स्तर के नहीं रहे, जिसकी उनसे उम्मीद की जाती है।

 

 हार्दिक ने सीधे किसी फ्रेंचाइजी से बात की? प्रवक्ता ने दिया बड़ा बयान

 

इस पूरी कहानी में एक अहम ट्विस्ट हार्दिक पंड्या के प्रवक्ता का बयान है। उन्होंने इन रिपोर्ट्स को अलग तरीके से पेश करते हुए कहा कि हार्दिक ने किसी भी फ्रेंचाइजी से सीधे ट्रांसफर, ट्रेड या किसी अन्य तरीके से बातचीत नहीं की। उनके मुताबिक, अगर हार्दिक को लेकर किसी फ्रेंचाइजी की तरफ से कोई संपर्क हुआ भी है, तो वह मुंबई इंडियंस के माध्यम से हुआ है। गुजरात टाइटंस के प्रतिनिधि ने भी इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार किया है। 

 

अब आगे क्या? KKR और CSK की भी नजर!

 

हार्दिक के भविष्य को लेकर गुजरात के अलावा दूसरी फ्रेंचाइजियों के नाम भी चर्चा में हैं। रिपोर्ट्स में कोलकाता नाइट राइडर्स और चेन्नई सुपर किंग्स जैसी टीमों की दिलचस्पी का जिक्र आया है, हालांकि फिलहाल किसी ट्रेड को लेकर कोई आधिकारिक डील सामने नहीं आई है। हार्दिक के लिए अगला सवाल सिर्फ यह नहीं है कि वह मुंबई में रहेंगे या नहीं, बल्कि यह भी है कि अगर टीम बदलते हैं तो क्या उन्हें फिर से कप्तानी की जिम्मेदारी मिलेगी। 

 

फिलहाल तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है, लेकिन इतना जरूर है कि हार्दिक पंड्या का IPL 2027 से पहले कप्तानी वाला चैप्टर सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाला है। गुजरात में जिस कप्तान ने टीम को डेब्यू सीजन में चैंपियन बनाया था, उसी कप्तान की वापसी का रास्ता अब नेतृत्व की शर्त पर अटक गया है।

वीवीएस लक्ष्मण बनने वाले थे टीम इंडिया के हेड कोच, इस वजह से ठुकराया था ऑफर

पूर्व भारतीय क्रिकेटर वीवीएस लक्ष्मण ने हाल ही में बताया कि जय शाह ने उन्हें भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम का मुख्य कोच बनने का प्रस्ताव दिया था। लक्ष्मण ने बताया कि, वह इस जिम्मेदारी को संभालना चाहते थे, लेकिन कुछ पर्सनल रीजन की वजह से टीम से जुड़ने से मना कर दिया था। वहीं राहुल द्रविड़ के के बाद गौतम गंभीर टीम के मुख्य कोच बने। गंभीर 2027 तक टीम के हेड कोच बने रहेंगे।

लक्ष्मण ने क्या कहा

लक्ष्मण ने ये नहीं बताया कि उन्हें मुख्य कोच बनने का प्रस्ताव किस समय मिला था। लेकिन ऐसा माना जा रहा कि ये 2023 वनडे वर्ल्ड कप के बाद की बात है, जब राहुल द्रविड़ का कार्यकाल खत्म होने वाला था। उस समय द्रविड़ आगे भी कोच बने रहने को लेकर तैयार नहीं थे। बाद में BCCI ने उनका कार्यकाल 2024 टी20 वर्ल्ड कप तक बढ़ा दिया। भारत ने द्रविड़ की कोचिंग में यह टूर्नामेंट जीतकर लंबे समय बाद ICC ट्रॉफी अपने नाम की।

पर्सनल वजह से नहीं लिया पद

वीवीएस लक्ष्मण ने रविवार को कहा, “2023 में, मुझे हेड कोच बनना था।” उन्होंने आगे कहा, “पर्सनल वजहों से मैं यह काम नहीं कर पाया। मैं दो बार जय शाह से बात करने गया। वह मेरी वजहें समझ गए। जय और BCCI ने मुझे जो आजादी दी है, अपने विजन के साथ काम करने की, वह देवजीत और दूसरे अधिकारियों के साथ भी जारी है।” लक्ष्मण ने कहा कि हेड कोच बनने के बजाय उन्होंने बेंगलुरु में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के चेयरमैन का पद संभालने का फैसला किया, जो पहले राहुल द्रविड़ के पास था। उन्होंने इस जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी से निभाने का फैसला किया।

दो साल का लिया एक्सटेंशन

उन्होंने आगे कहा, “मैंने दो साल के लिए एक्सटेंशन लिया और BCCI से वादा किया कि मैं यहां हेड कोच का पद नहीं ले रहा हूं। लेकिन मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को बेहतर बनाऊं, इसके लिए सही स्ट्रक्चर, प्रोसेस और प्रोटोकॉल तैयार करूं, ताकि आगे बढ़ने से पहले यहां एक मजबूत व्यवस्था बन सके।”

गौतम गंभीर बने भारत के कोच

राहुल द्रविड़ ने 2024 टी20 वर्ल्ड कप के बाद भारतीय टीम के मुख्य कोच का पद छोड़ दिया था। इसके बाद वीवीएस लक्ष्मण का नाम एक बार फिर इस पद के लिए चर्चा में आया। लेकिन, उस समय BCCI ने गौतम गंभीर को मुख्य कोच की जिम्मेदारी सौंपी। गंभीर इससे पहले IPL में कोलकाता नाइट राइडर्स के मेंटर थे और उनकी अगुवाई में टीम ने खिताब जीता था। इसके बाद गंभीर के कार्यकाल में भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी और टी20 वर्ल्ड कप भी जीता।

कड़ा हुआ खिलाड़ियों का फिटनेस टेस्ट, 5 मिनट में दौड़ने होगे 1200 मीटर

Team India

भारतीय खिलाड़ियों का फिटनेस परीक्षण पहले यो यो टेस्ट से होता था लेकिन अब रग्बी के खेल में फिटनेस जांचने का टेस्ट जिसे BRONCO कहते हैं वह अब भारतीय क्रिकेट टीम अपनाने वाली है। यह टेस्ट योयो टेस्ट से भी काफी कठिन होने वाला है।

ब्रोंको टेस्ट एक प्रशिक्षण अभ्यास है जिसमें खिलाड़ी 20 मीटर शटल रन से शुरुआत करता है, जिसके बाद 40 मीटर और 60 मीटर की दौड़ भी होती है। ये तीन रन मिलकर एक सेट बनाते हैं। गौरतलब है कि एक खिलाड़ी को ऐसे पाँच सेट करने होते हैं, जो बिना रुके कुल 1200 मीटर दौड़ के बराबर होंगे। खिलाड़ियों को यह टेस्ट छह मिनट में पूरा करना होता है।

समझा जाता है कि टीम के कुछ खिलाड़ी पहले ही बीसीसीआई (भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड) के बेंगलुरु स्थित उत्कृष्टता केंद्र में ब्रोंको टेस्ट दे चुके हैं। ब्रोंको टेस्ट के अलावा, बीसीसीआई भारतीय टीम के सितारों के लिए फिटनेस टेस्ट के तौर पर यो-यो टेस्ट और 2 किलोमीटर का टाइम ट्रायल भी आयोजित करता है।

गौरतलब है कि ले रॉक्स जून 2025 में भारतीय टीम में स्ट्रेंथ और कंडीशनिंग कोच के रूप में शामिल हुए थे; जनवरी 2022 से मई 2023 तक टीम इंडिया में भी वह इसी पद पर थे और दक्षिण अफ्रीका के कोचिंग स्टाफ का भी हिस्सा रहे। इसके अलावा, उन्होंने कोलकाता नाइट राइडर्स और पंजाब किंग्स जैसी आईपीएल टीमों में भी काम किया।

भारत के कई अनुबंधित खिलाड़ी इस टेस्ट के लिए बेंगलुरु पहुंचे

गौरतलब है कि भारत के कुछ अनुबंधित खिलाड़ी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में शुरू किए गए ब्रोंको टेस्ट के लिए बेंगलुरु पहुँच चुके हैं। यह टेस्ट फिटनेस मानकों को बनाए रखने के लिए शुरू किया गया है और कोच तेज़ गेंदबाज़ों के लिए वेट ट्रेनिंग की बजाय रनिंग ड्रिल को ज़्यादा प्राथमिकता देने पर विचार कर रहे हैं।

एक प्रतिश्ठित अंग्रेजी अखबार के सूत्र के हवाले से बताया, “सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में ब्रोंको टेस्ट शुरू किया गया है। भारत के कुछ अनुबंधित खिलाड़ी बेंगलुरु पहुँच चुके हैं और उन्होंने यह टेस्ट दिया है। ब्रोंको टेस्ट का इस्तेमाल यह सुनिश्चित करने के लिए किया जा रहा है कि फिटनेस मानक स्पष्ट हों।”

शाकिब अल हसन के घर पेट्रोल बम से हमला, फेंके गए पत्थर (Video)

Shakib al hasan

बांग्लादेश क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और दिग्गज ऑलराउंडर शाकिब अल हसन के बांग्लादेश के मगुरा जिले में स्थित उनके घर पर अज्ञात लोगों ने हमला कर दिया। इस हमले में ना केवल पेट्रोल बम बल्कि घरों पर पत्थर फेंके गए। इसके अलावा घर को आग लगाने की भी कोशिश हुई।

शेख हसीना के नेतृत्व वाली सरकार के सत्ता से हटने के बाद से सुरक्षा कारणों और अपने खिलाफ चल रहे कानूनी मामलों की वजह से अवामी लीग के सांसद शाकिब बांग्लादेश नहीं लौटे हैं।हालांकि बांग्लादेश के इस महान खिलाड़ी को उम्मीद है कि क्रिकेट से संन्यास लेने से पहले वह अपने देश के लिए एक आखिरी मैच जरूर खेलेंगे।

शाकिब का रहा भारत समर्थित विमर्श

पूर्व कप्तान शाकिब अल हसन ने इस साल की शुरुआत में भारत में हुए टी20 विश्व कप से बांग्लादेश के बाहर रहने को एक ‘बड़ी गलती’ करार किया और उम्मीद जताई है कि अगर दोनों टीम कुछ श्रृंखला खेलती हैं तो उनके बीच क्रिकेट के रिश्ते बेहतर हो सकते हैं।

बांग्लादेश ने अपने तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल टीम कोलकाता नाइट राइडर्स से बाहर किए जाने के बाद टी20 विश्व कप के लिए भारत का दौरा नहीं किया था जिसकी मेजबानी भारत और श्रीलंका ने मिलकर की थी। जिसके बाद बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को टूर्नामेंट में शामिल किया गया।शाकिब ने कोलकाता नाइट राइडर्स और सनराइजर्स हैदराबाद के लिए आईपीएल के नौ सत्र खेले हैं।


शाकिब  जनवरी 2024  से अगस्त तक अवामी लीग के सांसद थे, उसके बाद छात्रों के नेतृत्व वाली क्रांति में सरकार गिर गई थी। हसीना 5 अगस्त को भारत भाग गईं, जबकि शाकिब तब से अब तक घर नहीं लौटे हैं। उन्होंने  साल 2024 में पाकिस्तान और भारत के ख़िलाफ टेस्ट मैच खेले थे, लेकिन पिछले 24 महीनों में उन्हें राष्ट्रीय टीम में नहीं चुना गया है, जबकि वह अन्य जगहों पर फ्रेंचाइजी लीग में खेलते रहे हैं।

अजिंक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को कहा अलविदा 

आस्ट्रेलिया में 2020-21 दौरे पर सिताराहीन भारतीय टीम को टेस्ट श्रृंखला में अपनी कप्तानी में ऐतिहासिक जीत दिलाने वाले भारत के सीनियर बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने बृहस्पतिवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को यह कहकर अलविदा कह दिया कि आगे बढने का सही समय आ गया है।

भारत के लिये 2013 में पदार्पण करने वाले 38 वर्ष के रहाणे ने 85 टेस्ट, 90 वनडे और 20 टी20 खेले हैं। वह 2023 में वेस्टइंडीज में टेस्ट श्रृंखला के बाद भारत के लिये नहीं खेले हैं। उन्होंने इस साल आईपीएल के दौरान भी हालांकि कहा था कि उन्होंने वापसी की उम्मीद छोड़ी नहीं है।

उन्होंने इंस्टाग्राम पर वीडियो संदेश में कहा जीवन का सत्य यही है कि हर शुरूआत का एक अंक होता है। जब समय आ जाये तो आपको उसका सम्मान करके आगे बढ जाना चाहिये। मैने बल्लेबाजी में हमेशा टाइमिंग पर भरोसा किया है और मुझे इसका महत्व पता है।

उन्होंने कहा ,‘‘मुझे आज लग रहा है कि आगे बढने का सही समय है इसलिये मैं अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और सभी प्रारूपों से विदा ले रहा हूं।

रहाणे ने टेस्ट क्रिकेट में 12 शतक और 26 अर्धशतक के साथ 38 . 46 की औसत से 5077 रन बनाये। इसके अलावा 90 वनडे में 35 . 26 की औसत से तीन शतक और 24 अर्धशतक के साथ 2962 रन जोड़े। टी20 में उन्होंने 375 रन बनाये हैं।

रहाणे के लिये सबसे बड़ी उपलब्धि 2021 का आस्ट्रेलिया दौरा थी जब नियमित कप्तान विराट कोहली की गैर मौजूदगी में उन्होंने सितारों के बिना खेल रही भारतीय टीम की अगुवाई की और तमाम कयासों को धता बताते हुए आस्ट्रेलिया को उसकी धरती पर बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में 2 . 1 से हराया।

एडीलेड में पहला टेस्ट बुरी तरह हारने के बाद कोहली पितृत्व अवकाश पर भारत लौट आये थे। एडीलेड में भारतीय टीम दूसरी पारी में 36 रन पर आउट हो गई थी।

उसके बाद रहाणे ने कप्तानी की और जसप्रीत बुमराह तथा रविंद्र जडेजा जैसे अनुभवी खिलाड़ियों की गैर मौजूदगी में भी श्रृंखला जीती। दूसरे टेस्ट में रहाणे ने आस्ट्रेलियाई तेज आक्रमण का डटकर सामना करते हुए 223 गेंद में 112 रन बनाये। भारत ने ब्रिसबेन में चौथा और आखिरी टेस्ट तीन विकेट से जीता। वहीं मेलबर्न टेस्ट आठ विकेट से जीतकर श्रृंखला में बराबरी की थी।

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रहाणे ने अपने संदेश में कहा शुरूआत में अभ्यास के लिये डोम्बिवली से ट्रेन से सफर करने के दिनों से आज तक मैने खेल को सब कुछ दिया। हर दिन, हर पारी और बल्लेबाजी के हर मौके पर मेरा सपना हमेशा से भारत के लिये खेलने का था।

दुनिया भर में विभिन्न भाषाओं में क्रिकेट कमेंट्री करने वाले रहाणे ने कहा कि वह खेल से जुड़े रहेंगे।

उन्होंने कहा मैने हमेशा से एक ही नियम माना है कि अपने से पहले टीम और देश को रखना है। मैने पूरी ईमानदारी से क्रिकेट खेला है। प्रथम श्रेणी क्रिकेटर के तौर पर मेरे पदार्पण से आज तक भारतीय क्रिकेट ने काफी प्रगति की है। मुझे गर्व है कि मैं पिछले 20 साल से इसका हिस्सा रहा हूं।

रहाणे ने कहा भारतीय क्रिकेट के साथ मेरा अध्याय खत्म हो रहा है लेकिन खेल के साथ नहीं। मैं अगली पीढी की मदद करना चाहता हूं और उन मूल्यों को साझा करना चाहता हूं जो क्रिकेट ने मुझे सिखाये हैं।

रहाणे ने आईपीएल में मुंबई इंडियंस, राजस्थान रॉयल्स, राइजिंग पुणे सुपरजाइंट, दिल्ली कैपिटल्स, चेन्नई सुपर किंग्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के लिये खेला है। केकेआर ने उन्हें कप्तानी से फारिग कर दिया है।

रहाणे ने कहा कि उनके नाम का आशय होता है ‘जिसे हराया नहीं जा सके’ लेकिन क्रिकेट ने उन्हें सिखाया कि हार से बचा नहीं जा सकता। उन्होंने कहा इस सफर में कई बार हारे और कई बार जीते लेकिन क्रिकेट खेलने का आनंद, जीवनभर की यादें मेरे कैरियर का सबसे बड़ा संतोष रहा।

उन्होंने अपने प्रशंसकों से कहा अजिंक्य मतलब जिसे हराया नहीं जा सके लेकिन क्रिकेट ने कई बार हार का अनुभव कराया। क्रिकेटर के तौर पर हम कामयाबी से ज्यादा नाकामी देखते हैं। मेरी टीम मैच हारी। मैने गलतियां की लेकिन एक जगह है जहां मैं कभी नहीं हारा और वह है आपके दिल में।

आपने मुझे अपनों सा समझा। आपके प्यार, भरोसे और सहयोग के लिये धन्यवाद। कैप नंबर 278 अब विदा लेता है। रहाणे ने 2024 . 25 सत्र में मुंबई की कप्तानी की। उनकी कप्तानी में मुंबई ने 2023 . 24 में रणजी ट्रॉफी जीती थी।

Pic Credit : ANI

अजिंक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को कहा अलविदा (Video)

भारतीय मध्यक्रम बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया है। अजिंक्य रहाणे लंबे समय से भारतीय टेस्ट टीम से बाहर थे ऐसे में वह कई बार कमेट्री बॉक्स में दिखते थे। वहीं फ्रैंचाइजी क्रिकेट में वह कोलकाता नाईट राइडर्स के कप्तान थे।38 वर्षीय अजिंक्य रहाणे ने पिछले 3 वर्षों से कोई टेस्ट मैच नहीं खेला है।रहाणे ने आखिरी बार भारत के लिये 2023 में वेस्टइंडीज के खिलाफ पोर्ट आफ स्पेन में खेला था।

टेस्ट टीम से बाहर होने के बाद से, रहाणे ने लगातार दो रणजी ट्रॉफ़ी सीजन में मुंबई का नेतृत्व किया है, जिसमें टीम ने 2023-24 में अपना 42वां खिताब जीता, जबकि 2024-25 में उपविजेता रही। वह सैयद मुश्ताक अली (टी20) खिताब जीतने वाली मुंबई टीम का भी हिस्सा थे।

रहाणे ने 2024-25 के रणजी सीज़न में 14 पारियों में 35.92 की औसत से एक अर्धशतक और एक शतक सहित 467 रन बनाए। वह निराशाजनक आईपीएल 2025 के दौरान कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी थे, जहां उनकी टीम 10 टीमों में से आठवें स्थान पर रही। रहाणे ने 14 पारियों में 147.27 के स्ट्राइक रेट से 390 रन बनाए।

अजिंक्य रहाणे ने अपना टेस्ट पदार्पण साल 2013 में किया था। अभी तक वह कुल 85 टेस्ट खेल चुके हैं। इस दौरान उन्होंने 38.5 की औसत के साथ 5077 रन बनाए हैं, जिसमें 12 शतक और 26 अर्धशतक शामिल है।साल 2011 में अपने सफेद गेंद करियर का आगाज करने वाले अजिंक्य रहाणे अपना आखिरी टी-20 मैच साल 2016 के टी-20 विश्वकप सेमीफाइनल में खेल चुके थे जहां उनकी धीमी पारी ने टीम इंडिया का वेस्टइँडीज के खिलाफ खासा नुकसान किया था।इसके अलावा उन्होंने आखिरी वनडे 2018 में खेला था।

टूट रही है गंभीर की कोचिंग टीम! भारत को चैंपियन बनाने वाले अब इस धुरंधर ने तोड़ा नाता

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने भारतीय टीम के सपोर्ट स्टाफ में बदलाव करने का फैसला किया है। बोर्ड सचिव देवजीत सैकिया ने बताया कि, फील्डिंग कोच टी दिलीप का कॉन्ट्रैक्ट आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। दिलीप के साथ असिस्टेंट कोच रयान टेन डोएशेट भी अब टीम के साथ नहीं रहेंगे। बीसीसीआई इन दोनों पदों के लिए नए नामों पर विचार कर रहा है और श्रीलंका के खिलाफ अगले महीने शुरू होने वाली दो टेस्ट मैचों की सीरीज से पहले नए कोचिंग स्टाफ की घोषणा की जा सकती है।

कब खत्म हुआ कॉन्ट्रैक्ट

इंग्लैंड दौरे के बाद रयान टेन डोएशेट और टी दिलीप का कार्यकाल समाप्त हो गया। इस दौरे पर भारतीय टीम को आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ व्हाइट-बॉल सीरीज में निराशाजनक प्रदर्शन का सामना करना पड़ा। न्यूज एजेंसी PTI रिपोर्ट्स के मुताबिक, हेड कोच गौतम गंभीर के करीबी माने जाने वाले टेन डोएशेट को बीसीसीआई ने नया कॉन्ट्रैक्ट देने की पेशकश की थी, लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया। डोएशेट आईपीएल फ्रेंचाइजी केकेआर के साथ दोबारा जुड़ने का फैसला किया।

डोएशेट की गंभीर के साथ कर चुके हैं काम

रयान टेन डोएशेट के टीम इंडिया के सपोर्ट स्टाफ में आने के बाद उनकी भूमिका काफी अहम हो गई थी। वह पहले गौतम गंभीर, अभिषेक नायर और मोर्ने मोर्कल के साथ केकेआर में काम कर चुके थे। लेकिन टीम में पहले से टी दिलीप फील्डिंग कोच थे, फिर भी टेन डोएशेट कई अहम जिम्मेदारियां निभाते नजर आए। मीडिया से बातचीत और टीम की रणनीति से जुड़े कई मुद्दों पर अक्सर वही टीम प्रबंधन का पक्ष रखते थे।

केकेआर में हुई वापसी

रयान टेन डोएशेट के लिए कोलकाता नाइट राइडर्स में वापसी किसी नए सफर की तरह नहीं होगी। वह 2012 और 2014 में खिलाड़ी के रूप में टीम की आईपीएल खिताबी जीत का हिस्सा रह चुके हैं। इसके बाद 2024 के विजेता अभियान में उन्होंने फील्डिंग कोच की भूमिका निभाई थी। अब केकेआर में उनकी फिर से वापसी होने पर वह मुख्य कोच अभिषेक नायर के साथ दोबारा काम करते नजर आ सकते हैं।

कोचिंग में जीता था वर्ल्ड कप

टी दिलीप के अगले कदम को लेकर अभी कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। टेन डोशेट और टी दिलीप के कार्यकाल में भारत ने 2025 एशिया कप और 2026 टी-20 वर्ल्ड कप जीता। वहीं टी दिलीप के कार्यकाल में भारत ने 2024 टी-20 वर्ल्ड कप भी जीता था। वहीं, भारतीय टीम को जल्द ही मजबूत कोचिंग संयोजन तैयार करने की जरूरत होगी, क्योंकि 2027 विश्व कप में अब ज्यादा समय नहीं बचा है। नए कोचिंग स्टाफ के कार्यकाल में टीम का प्रदर्शन आयरलैंड, इंग्लैंड और हाल ही में जिम्बाब्वे के खिलाफ सीमित ओवरों की सीरीज में उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा, जिससे टीम प्रबंधन पर बेहतर नतीजे देने का दबाव बढ़ गया है।

हार्दिक पांड्या के ट्रेड टॉक पर आया बड़ा अपडेट, चेन्नई ने दिया जवाब

Hardik Pandya

हार्दिक पंड्या का ट्रेड मामला उतना सीधा नहीं है जितना दिखाया जा रहा है। यह मामला काफी पेचीदा और बारीक है, बल्कि इसे पूरी तरह से उलझा हुआ भी कहा जा सकता है।बुधवार को मुंबई इंडियंस और चेन्नई सुपर किंग्स – जिनके बीच पंड्या के ट्रेड को लेकर बातचीत काफी आगे बढ़ने की खबरें थीं – दोनों ने साफ तौर पर इनकार किया कि ऐसा कोई प्रस्ताव उनके पास है।

सीएसके के सीईओ काशी विश्वनाथन ने एक अग्रणी क्रिकेट वेबसाईट  को बताया, “हमने अभी कोई फैसला नहीं लिया है और यह मामला अभी हमारे एजेंडे में नहीं है। हमें पता है कि कौन सा खिलाड़ी ट्रेड के लिए उपलब्ध है, लेकिन हम इस पर तभी चर्चा करेंगे जब हम सीज़न का रिव्यू पूरा कर लेंगे।

यह रिव्यू अभी चल रहे एमएलसी के बाद ही होगा। इसके लिए अभी काफी समय है।” मुंबई इंडियंस का रुख और भी साफ और सीधा था। फ्रेंचाइजी के एक प्रवक्ता ने बयान में कहा, “फिलहाल हम खिलाड़ियों के ट्रेड को लेकर कोई बातचीत नहीं कर रहे हैं; ऐसा तभी संभव होगा जब रिव्यू पूरा हो जाएगा।” जैसा कि क्रिकबज ने कई बार अनुमान लगाया था, फ्रेंचाइजी ने अपनी मूल कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) की एजीएम के तुरंत बाद सीज़न का रिव्यू गंभीरता से शुरू कर दिया।

उम्मीद है कि इस साल का रिव्यू पिछले सीजन की तुलना में ज़्यादा विस्तृत और व्यापक होगा। पंड्या से जुड़े किसी भी संभावित ट्रेड पर फैसला रिव्यू के हर पहलू की जांच के बाद ही लिया जाएगा।एमआई के प्रवक्ता ने आगे कहा, “हमने अभी-अभी सीज़न के बाद का रिव्यू शुरू किया है और हम टीम के सभी पहलुओं पर गौर करेंगे। इस तरह के किसी भी रिव्यू की तरह, खिलाड़ियों के बारे में कोई भी फैसला लेने से पहले कई विकल्पों और विचारों का मूल्यांकन किया जाएगा।”

हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि फ्रेंचाइजी पंड्या को बिल्कुल भी ट्रेड नहीं करेगी – बस इतना है कि वे फैसला लेने में कोई जल्दबाजी नहीं कर रहे हैं। अग्रणी क्रिकेट वेबसाईट को पता चला है कि पंड्या और एमआई मैनेजमेंट के बीच कुछ बातचीत हुई है, लेकिन दोनों में से कोई भी पक्ष इसकी जानकारी नहीं देगा।

हालांकि, यह पता है कि फ्रेंचाइजी इस मामले पर कोचों की राय भी लेगी। मौजूदा सपोर्ट स्टाफ़ के हर सदस्य – मुख्य रूप से कोचों – से हाल ही में खत्म हुए सीज़न पर एक रिपोर्ट देने को कहा गया था। उन रिपोर्टों की अभी समीक्षा की जा रही है और हर कोच के प्रदर्शन का भी आकलन किया जाएगा। तो कुल मिलाकर, पंड्या को ट्रेडिंग ब्लॉक में रखने से पहले कई अहम फ़ैसले लिए जाने बाकी हैं – अगर ऐसा किया भी जाता है तो।

 मामला जितना दिखता है, उससे कहीं ज़्यादा पेचीदा है। मुंबई इंडियंस के पास निश्चित रूप से कई विकल्प हैं। कोलकाता नाइट राइडर्स, राजस्थान रॉयल्स, दिल्ली कैपिटल्स और चेन्नई सुपर किंग्स – ये सभी टीमें दिलचस्पी दिखा सकती हैं। हालांकि, असली सवाल यह है कि क्या मुंबई इंडियंस बदले में मिलने वाले पैकेज से संतुष्ट होगी।