कौन हैं 58 साल के शुभदीप घोष? टीम इंडिया के बन सकते हैं नए फील्डिंग कोच

भारतीय टीम के फिल्डिंग कोच टी दिलीप का कॉन्ट्रैक्ट इंग्लैंड के व्हाइट-बॉल दौरे के बाद समाप्त हो गया था। बीसीसीआई ने कॉन्ट्रैक्ट को आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया है। वहीं रयान टेन डोएशेट ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। टी दिलीप के जाने के बाद से बीसीसीआई को नए फिल्डिंग कोच की तलाश है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत महिला टीम और इंडिया ए के साथ काम कर चुके शुभदीप घोष इस जिम्मेदारी के सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। अगर शुभदीप घोष टीम इंडिया के कोचिंग स्टॉफ में शामिल होते हैं तो वह श्रीलंका दौरे पर टीम से जुड़ेंगे।

पीटीआई से बातचीत में बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने बताया था कि, फील्डिंग कोच के पद के लिए फिलहाल दो से तीन नामों पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगले एक-दो दिनों में इस प्रक्रिया को अंतिम रूप दे दिया जाएगा और श्रीलंका दौरे से पहले भारतीय टीम को नया फील्डिंग कोच मिल जाएगा।

कौन है शुभदीप घोष

शुभदीप घोष ने घरेलू क्रिकेट में असम और रेलवे की ओर से खेला है। अपने करियर में उन्होंने 17 प्रथम श्रेणी और 17 लिस्ट-ए मुकाबले खेले। उन्होंने 1994-95 सीजन में असम के लिए घरेलू क्रिकेट में डेब्यू किया था और 2004-05 सीजन तक क्रिकेट खेलते रहे। असम के डिगबोई के रहने वाले घोष का घरेलू क्रिकेट में करीब एक दशक का एक्सपीरिएंस रहा है। घोष के पास खिलाड़ी और कोच, दोनों के रूप में अच्छा अनुभव है। पिछले कुछ वर्षों से वह भारतीय क्रिकेट के सपोर्ट स्टाफ का हिस्सा रहे हैं और अलग-अलग राष्ट्रीय टीमों के साथ काम कर चुके हैं।

घोष पिछले छह से सात वर्षों से बीसीसीआई के साथ जुड़े हुए हैं और राहुल द्रविड़ के राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (एनसीए) में कार्यकाल के दौरान भी उन्होंने अहम जिम्मेदारियां निभाई थीं।

भारतीय महिला टीम को दे चुके हैं कोचिंग

साल 2020 में बीसीसीआई से जुड़ने के बाद शुभदीप घोष ने कई भारतीय टीमों के साथ अहम जिम्मेदारियां निभाई हैं। उन्होंने भारतीय महिला टीम को विदेशी दौरों की तैयारी कराई, अंडर-19 महिला टीम के विश्व कप अभियान का हिस्सा रहे और 2023 एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम के फील्डिंग कोच की भूमिका भी निभाई। इसके अलावा हाल ही में जिम्बाब्वे दौरे पर भी वह भारतीय टीम के सहयोगी स्टाफ में शामिल थे।

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भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने भारतीय टीम के सपोर्ट स्टाफ में बदलाव करने का फैसला किया है। बोर्ड सचिव देवजीत सैकिया ने बताया कि, फील्डिंग कोच टी दिलीप का कॉन्ट्रैक्ट आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। दिलीप के साथ असिस्टेंट कोच रयान टेन डोएशेट भी अब टीम के साथ नहीं रहेंगे। बीसीसीआई इन दोनों पदों के लिए नए नामों पर विचार कर रहा है और श्रीलंका के खिलाफ अगले महीने शुरू होने वाली दो टेस्ट मैचों की सीरीज से पहले नए कोचिंग स्टाफ की घोषणा की जा सकती है।

कब खत्म हुआ कॉन्ट्रैक्ट

इंग्लैंड दौरे के बाद रयान टेन डोएशेट और टी दिलीप का कार्यकाल समाप्त हो गया। इस दौरे पर भारतीय टीम को आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ व्हाइट-बॉल सीरीज में निराशाजनक प्रदर्शन का सामना करना पड़ा। न्यूज एजेंसी PTI रिपोर्ट्स के मुताबिक, हेड कोच गौतम गंभीर के करीबी माने जाने वाले टेन डोएशेट को बीसीसीआई ने नया कॉन्ट्रैक्ट देने की पेशकश की थी, लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया। डोएशेट आईपीएल फ्रेंचाइजी केकेआर के साथ दोबारा जुड़ने का फैसला किया।

डोएशेट की गंभीर के साथ कर चुके हैं काम

रयान टेन डोएशेट के टीम इंडिया के सपोर्ट स्टाफ में आने के बाद उनकी भूमिका काफी अहम हो गई थी। वह पहले गौतम गंभीर, अभिषेक नायर और मोर्ने मोर्कल के साथ केकेआर में काम कर चुके थे। लेकिन टीम में पहले से टी दिलीप फील्डिंग कोच थे, फिर भी टेन डोएशेट कई अहम जिम्मेदारियां निभाते नजर आए। मीडिया से बातचीत और टीम की रणनीति से जुड़े कई मुद्दों पर अक्सर वही टीम प्रबंधन का पक्ष रखते थे।

केकेआर में हुई वापसी

रयान टेन डोएशेट के लिए कोलकाता नाइट राइडर्स में वापसी किसी नए सफर की तरह नहीं होगी। वह 2012 और 2014 में खिलाड़ी के रूप में टीम की आईपीएल खिताबी जीत का हिस्सा रह चुके हैं। इसके बाद 2024 के विजेता अभियान में उन्होंने फील्डिंग कोच की भूमिका निभाई थी। अब केकेआर में उनकी फिर से वापसी होने पर वह मुख्य कोच अभिषेक नायर के साथ दोबारा काम करते नजर आ सकते हैं।

कोचिंग में जीता था वर्ल्ड कप

टी दिलीप के अगले कदम को लेकर अभी कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। टेन डोशेट और टी दिलीप के कार्यकाल में भारत ने 2025 एशिया कप और 2026 टी-20 वर्ल्ड कप जीता। वहीं टी दिलीप के कार्यकाल में भारत ने 2024 टी-20 वर्ल्ड कप भी जीता था। वहीं, भारतीय टीम को जल्द ही मजबूत कोचिंग संयोजन तैयार करने की जरूरत होगी, क्योंकि 2027 विश्व कप में अब ज्यादा समय नहीं बचा है। नए कोचिंग स्टाफ के कार्यकाल में टीम का प्रदर्शन आयरलैंड, इंग्लैंड और हाल ही में जिम्बाब्वे के खिलाफ सीमित ओवरों की सीरीज में उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा, जिससे टीम प्रबंधन पर बेहतर नतीजे देने का दबाव बढ़ गया है।