Pragyan Ojha: गंभीर-कोहली के बीच नहीं है सबकुछ ठीक? प्रज्ञान ओझा के सामने सबसे बड़ी चुनौती

BCCI ने भारत के पूर्व क्रिकेटर प्रज्ञान ओझा नया चीफ सिलेक्टर बनाया है। प्रज्ञान अजित अगरकर की जगह लेंगे। इसके साथ ही बोर्ड ने पूर्व भारतीय स्पिनर रमेश पोवार को भी सीनियर पुरुष चयन समिति में शामिल करने की पुष्टि की है। वहीं प्रज्ञान ओझा का बोर्ड और खिलाड़ियों के साथ उनके अच्छे संबंध हैं। हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बीसीसीआई प्रमुख ने प्रज्ञान ओझा से कहा था कि वह परेशानी दूर करने में मदद करें। उन्हें मुख्य कोच गौतम गंभीर और विराट कोहली के बीच बातचीत की कमी को दूर करने की जिम्मेदारी भी दी गई थी।

रिपोर्ट के अनुसार, सिलेक्शन कमिटी में साउथ ज़ोन को रिप्रेजेंट करने वाले ओझा ने अपने कार्यकाल के दौरान कभी-कभी कोहली से इस मुद्दे पर बात की थी। ओझा और कोहली ने भारत के लिए एक-दूसरे के साथ 22 मैच खेले हैं।

ओझा को दी जिम्मेदारी

ऐसी खबरें है कि इंग्लैंड दौरे के बाद जब पूर्व मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने रोहित शर्मा को वनडे टीम से बाहर रखने का फैसला किया था, तो इसकी जानकारी रोहित तक पहुंचाने की जिम्मेदारी प्रज्ञान ओझा को दी गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, उस समय ओझा और रोहित दोनों ब्रिटेन में थे। ओझा ने वहीं रोहित को चयनकर्ताओं के इस फैसले के बारे में बताया था।

24 टेस्ट मैच खेल चुके हैं ओझा

राष्ट्रीय चयनकर्ता के तौर पर प्रज्ञान ओझा अब तक ज्यादा चर्चा में नहीं रहे थे। लेकिन भारतीय क्रिकेट की एक अहम जिम्मेदारी संभालने के बाद उन पर पहले से कहीं ज्यादा दबाव होगा। अजीत अगरकर के मुख्य चयनकर्ता रहते हुए भारतीय टीम ने आईसीसी की दो बड़ी ट्रॉफियां जीती थीं। ऐसे में उनकी जगह लेना प्रज्ञान ओझा के लिए आसान नहीं होगा। प्रज्ञान ओझा ने भारत के लिए 24 टेस्ट मैच खेले हैं। उन्हें उनके अनुभव और वरिष्ठता के आधार पर मुख्य चयनकर्ता के पद पर आगे बढ़ाया गया। ऐसी खबरें हैं कि, ओझा के बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण के साथ भी अच्छे संबंध हैं। चयन से जुड़े मामलों में लक्ष्मण की भूमिका और प्रभाव लगातार बढ़ रहा है।

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चेन्नई सुपर किंग्स के मुख्य कोच बने पूर्व भारतीय पेसर जहीर खान

चेन्नई सुपर किंग्स ने भारत के पूर्व बांए हाथ के तेज गेंदबाज जहीर खान को आईपीएल 2027 के लिए अपना हेड कोच घोषित कर दिया है। जहीर स्टीफन फ्लेमिंग की जगह लेंगें। फ्लेमिंग ने इंग्लैंड क्रिकेट के साथ जुड़ने से पहले इस टीम के साथ अपना 18 साल का सफर समाप्त किया था। 2017 में आईपीएल से संन्यास लेने के बाद जहीर खान ने अलग अलग भूमिकाओं में काम किया है।

CSK ने ‘एक्स’ पर लिखा, “चेन्नई सुपर किंग्स के मुख्य कोच के रूप में जहीर खान का स्वागत है।”

जहीर ने फ्रेंचाइजी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा, “आईपीएल के इतिहास की सबसे सफल टीमों में से एक का हिस्सा बनना मेरे लिए सम्मान की बात है। एक क्रिकेटर के तौर पर मैंने मैदान पर सीएसके का सामना किया है और इन मुकाबलों का भरपूर आनंद लिया है। चेपॉक में टीम के ‘सुपरफैंस’ जिस तरह का माहौल बनाते हैं, वह इन मुकाबलों को और भी खास बना देता है।’’उन्होंने कहा, “इतिहास और समृद्ध विरासत वाली इस प्रतिष्ठित फ्रेंचाइजी का हिस्सा बनने का मुझे बेसब्री से इंतजार है।”

जहीर ने भारत के लिए 92 टेस्ट, 200 वनडे और 17 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं। 2011 विश्व कप में भारत की ऐतिहासिक खिताबी जीत के दौरान उन्होंने 21 विकेट लिए थे और वह टूर्नामेंट में टीम के सबसे सफल गेंदबाज रहे थे।

जहीर 2024 सत्र में लखनऊ सुपर जायंट्स के मेंटर की भूमिका भी निभा चुके हैं। वहीं, फ्लेमिंग ने पिछले साल जुलाई में पांच बार की चैंपियन सीएसके से अलग होने की घोषणा की थी।

माना जा रहा है कि सीएसके की क्रिकेट प्रबंधन समिति में शामिल एमएस धोनी, कप्तान रुतुराज गायकवाड़ और टीम की मालिक रूपा गुरुनाथ इस बार किसी भारतीय कोच को जिम्मेदारी सौंपना चाहते थे।

आईपीएल में जहीर ने 100 मैच खेले हैं और संन्यास के बाद वह कोचिंग की भूमिका में आ गए।सीएसके टीम प्रबंधन के करीबी सूत्रों की मानें तो धोनी किसी ऐसे व्यक्ति को टीम के साथ जोड़ने के पक्ष में थे, जिससे वह पहले से परिचित हों।

सोशल मीडिया पर चर्चा में आए कुछ अन्य नामों के विपरीत, इंग्लैंड के पूर्व कप्तान इयोन मोर्गन के इस पद को संभालने की संभावना लगभग नहीं थी।वहीं, तमिलनाडु के हेमंग बदानी के मामले में दिल्ली कैपिटल्स के साथ उनका दो साल का कार्यकाल उनके खिलाफ गया।

श्रीलंका के प्रदर्शन से खुश नहीं कोच, दूसरे टेस्ट से पहले दिया यह बयान

श्रीलंका क्रिकेट टीम के नए कोच गैरी कर्स्टन ने पहले टेस्ट की हार के बाद टीम को समझाइश दी है और दूसरे टेस्ट से पहले बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद लगाई है। कोच ने कहा है कि टीम के साथ चोटिल खिलाड़ियों के अलावा कई समस्याएं है लेकिन उनको दरकिनार कर दूसरे टेस्ट में बेहतर प्रदर्शन करने पर टीम का ध्यान होना चाहिए खासतौर पर बल्लेबाजी में।

कर्स्टन ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘‘मैं श्रीलंकाई क्रिकेट से जुड़कर विशेष रूप से उत्साहित हूं। यहां कुछ शानदार खिलाड़ी हैं, लेकिन टीम को अभी विकसित होने की जरूरत है। जब आप ज्यादा टेस्ट क्रिकेट नहीं खेलते हैं तो यह समझना कभी-कभी मुश्किल होता है कि टेस्ट मैच किस तरह खेलना है।’’उन्होंने कहा, ‘‘कुछ महीनों में यह हमारा तीसरा टेस्ट मैच है और मैं पहले से ही टीम को विकसित होते देख रहा हूं तथा हम टीम को एक स्वरूप देने की शुरुआत कर रहे हैं।’’

कोच ने कहा, ‘‘लेकिन किसी समय हमें इसे प्रदर्शन में बदलने में सक्षम होना होगा।’’कर्स्टन इस बात से भी खुश थे कि पहली पारी में 99 रन पर पांच विकेट गंवाने के बावजूद श्रीलंका ने संघर्ष किया और मैच को पांचवें और अंतिम दिन तक खींचा।उन्होंने कहा, ‘‘तीसरे दिन की शुरुआत में 99 रन पर पांच विकेट गंवाने के बाद टेस्ट मैच को पांचवें दिन दोपहर तक ले जाना विशेष रूप से सुखद था। टीम ने संघर्ष किया और टेस्ट मैच में बने रहने की पूरी कोशिश की।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ सुबह तक भी हमें विश्वास था कि हम या तो टेस्ट मैच जीत सकते हैं या कम से कम उसे ड्रॉ करा सकते हैं। इसलिए टीम की ऊर्जा और रवैये से मैं वास्तव में खुश था।’’

हालांकि कर्स्टन ने माना कि बल्लेबाजी, विशेषकर शीर्ष क्रम की विफलता ने श्रीलंका को नुकसान पहुंचाया।उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन अगर आप पूरे टेस्ट मैच को देखें तो हमने बल्ले से संघर्ष किया, खासकर दोनों पारियों में हमारे शीर्ष क्रम ने। शायद यही हमारी हार का कारण बना।’’

कर्स्टन ने युवा बल्लेबाज सोनल दिनुषा की भी तारीफ की गॉल टेस्ट में 100 और 84 रन की पारियां खेलीं।हालांकि चोटिल खिलाड़ियों को लेकर कर्स्टन का अपडेट मेजबान टीम के लिए दूसरे टेस्ट से पहले उत्साहजनक नहीं रहा।

उन्होंने कहा, ‘‘कुसाल मेंडिस को पैर की मांसपेशियों में खिंचाव की गंभीर चोट है। वह कुछ समय तक उपलब्ध नहीं रहेंगे। पाथुम निसांका भी और दिनेश (चांदीमल) भी अगले टेस्ट के लिए उपलब्ध नहीं हैं।’’उन्होंने कहा, ‘‘इस लिहाज से हम कुछ खिलाड़ियों को नहीं खिला पाएंगे, लेकिन इससे युवा खिलाड़ियों के लिए टीम में आने और अपनी दावेदारी पेश करने का शानदार मौका भी बनता है। वास्तव में इनमें ऐसे खिलाड़ी हैं जिनका इस देश में प्रथम श्रेणी क्रिकेट में बहुत अच्छा रिकॉर्ड है। इसलिए यह उनके लिए अच्छा अवसर है।’’

भारत के पूर्व मुख्य कोच कर्स्टन ने भारतीय बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल की भी तारीफ की और कहा कि उनकी पारी ने भारत को बढ़त दिलाने में अहम भूमिका निभाई।उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि भारत ने पहली पारी में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया। देवदत्त पडिक्कल ने मेरी देखी हुई बेहतर टेस्ट पारियों में से एक खेली। उन्होंने जरूरत से ज्यादा आक्रामकता नहीं दिखाई, बल्कि अपनी क्षमता के अनुसार बल्लेबाजी की और लंबे समय तक क्रीज पर टिके रहे। यह किसी भी टेस्ट बल्लेबाज के लिए एक अच्छी सीख थी।’’

जब गुरु ही बन जाएं विरोधी खेमे की ताकत! कभी टीम इंडिया को बनाया चैंपियन, अब उसी को हराने की तैयारी

भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट सीरीज का मंच तैयार है। पहला मुकाबला 15 अगस्त से गॉल इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाना है। इससे पहले भारतीय टीम ने तीन दिवसीय वार्म-अप मैच में श्रीलंका क्रिकेट XI को 6 विकेट से हराकर अपनी तैयारियों का अच्छा संकेत दिया। हालांकि इस मुकाबले में एक चेहरा ऐसा भी था, जिसने भारतीय फैंस का खास ध्यान खींचा—गैरी कर्स्टन। कभी टीम इंडिया को वर्ल्ड कप जिताने वाले कर्स्टन अब श्रीलंका के खेमे में हैं और आगामी टेस्ट सीरीज में भारत के खिलाफ रणनीति तैयार करेंगे।

 

बाउंड्री पर खड़े रहे कर्स्टन, भारतीय खिलाड़ियों पर रही पैनी नजर

 

रविवार को कर्स्टन एनसीसी ग्राउंड पहुंचे, जहां भारत अपना वार्म-अप मुकाबला खेल रहा था। वह काफी देर तक बाउंड्री के पास खड़े होकर भारतीय खिलाड़ियों की गतिविधियों पर नजर रखते दिखाई दिए।

 

वह मैदान पर ज्यादा सक्रिय नजर नहीं आए, लेकिन उनकी मौजूदगी अपने आप में चर्चा का विषय बन गई। कर्स्टन ने कुछ भारतीय खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ से बातचीत भी की। इस दौरान वह लगातार मैच और स्कोरबोर्ड पर नजर बनाए हुए थे।

 

भारतीय टीम के स्पिनर मानव सुथार और थ्रोडाउन स्पेशलिस्ट रघु से भी उनकी बातचीत हुई। कर्स्टन का सुथार और साई किशोर जैसे खिलाड़ियों से पुराना परिचय रहा है, खासकर गुजरात टाइटन्स के साथ उनके समय के कारण।

जिस टीम को वर्ल्ड कप जिताया, अब उसी के खिलाफ बनाएंगे रणनीति

 

गैरी कर्स्टन का भारतीय क्रिकेट से रिश्ता बेहद खास रहा है। 2008 से 2011 तक वह टीम इंडिया के हेड कोच रहे और उनके कार्यकाल में भारतीय टीम ने कई बड़ी उपलब्धियां हासिल कीं। सबसे यादगार पल आया 2011 में, जब एमएस धोनी की कप्तानी वाली टीम इंडिया ने श्रीलंका को हराकर 28 साल बाद वनडे वर्ल्ड कप अपने नाम किया। उसी दौर में भारत पहली बार टेस्ट रैंकिंग में नंबर-1 भी बना।

 

अब कहानी पूरी तरह बदल चुकी है। जिस टीम की कमजोरियों और ताकत को समझना कभी कर्स्टन की जिम्मेदारी थी, अब उसी टीम के खिलाफ उन्हें श्रीलंका की रणनीति तैयार करनी है।

 

गैरी के सामने होंगे उनके पुराने खिलाड़ी और नया कोच

 

कर्स्टन के लिए यह मुकाबला इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि भारतीय टीम के मौजूदा हेड कोच गौतम गंभीर भी उनके पुराने खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं।एक समय कर्स्टन की कोचिंग में खेलने वाले गंभीर अब टीम इंडिया के ड्रेसिंग रूम की कमान संभाल रहे हैं। यानी एक तरफ पुराने गुरु कर्स्टन श्रीलंका को तैयार कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ उनका पुराना खिलाड़ी गंभीर भारत की रणनीति बनाएगा।

 

क्रिकेट में ऐसे रिश्ते मुकाबले को और दिलचस्प बना देते हैं।

 

207 रन का टारगेट, आखिरी ओवर में भारत ने मारी बाजी

 

वार्म-अप मैच के तीसरे दिन भारत के सामने 207 रन का लक्ष्य था। भारतीय बल्लेबाजों ने दबाव के बीच लक्ष्य का पीछा किया और दिन के आखिरी ओवर में 6 विकेट से मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस जीत से टीम इंडिया को टेस्ट सीरीज से पहले परिस्थितियों के साथ तालमेल बैठाने का अच्छा मौका मिला। वहीं श्रीलंका को भी भारत के खिलाफ अपनी तैयारियों को परखने का मौका मिला।

 

सरफराज की वापसी, सुदर्शन सीरीज से बाहर

 

टेस्ट सीरीज शुरू होने से पहले भारतीय टीम में बदलाव भी हुआ है। चोट के कारण साई सुदर्शन पूरी सीरीज से बाहर हो गए हैं, उनकी जगह सरफराज खान को टीम में शामिल किया गया है।

 

सरफराज ने नवंबर 2024 के बाद कोई टेस्ट मैच नहीं खेला है। ऐसे में उनके पास खुद को फिर से टेस्ट टीम में स्थापित करने का मौका होगा।

 

वहीं, शुभमन गिल को भी लेकर टीम के लिए राहत की खबर आई। अभ्यास के दौरान चोटिल होने के कारण वह शुरुआती दो दिन वार्म-अप मैच में नहीं उतरे थे, लेकिन तीसरे दिन उन्होंने बल्लेबाजी की।

 

WTC पॉइंट्स टेबल के लिहाज से भी अहम है सीरीज

 

भारत और श्रीलंका के बीच होने वाली यह टेस्ट सीरीज वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 के लिहाज से भी काफी महत्वपूर्ण है। टीम इंडिया फिलहाल टॉप-4 से बाहर है और दोनों टेस्ट जीतकर अपनी स्थिति मजबूत करना चाहेगी।

 

श्रीलंका के लिए भी यह सीरीज बड़ी चुनौती है। खास बात यह है कि भारत के खिलाफ श्रीलंका ने अब तक जो 7 टेस्ट जीते हैं, वे सभी अपनी घरेलू जमीन पर आए हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि गॉल में कर्स्टन की रणनीति भारी पड़ती है या फिर गंभीर की टीम पुराने गुरु को उनके ही घर में मात देने की कहानी लिखती है।

 

वीवीएस लक्ष्मण बनने वाले थे टीम इंडिया के हेड कोच, इस वजह से ठुकराया था ऑफर

पूर्व भारतीय क्रिकेटर वीवीएस लक्ष्मण ने हाल ही में बताया कि जय शाह ने उन्हें भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम का मुख्य कोच बनने का प्रस्ताव दिया था। लक्ष्मण ने बताया कि, वह इस जिम्मेदारी को संभालना चाहते थे, लेकिन कुछ पर्सनल रीजन की वजह से टीम से जुड़ने से मना कर दिया था। वहीं राहुल द्रविड़ के के बाद गौतम गंभीर टीम के मुख्य कोच बने। गंभीर 2027 तक टीम के हेड कोच बने रहेंगे।

लक्ष्मण ने क्या कहा

लक्ष्मण ने ये नहीं बताया कि उन्हें मुख्य कोच बनने का प्रस्ताव किस समय मिला था। लेकिन ऐसा माना जा रहा कि ये 2023 वनडे वर्ल्ड कप के बाद की बात है, जब राहुल द्रविड़ का कार्यकाल खत्म होने वाला था। उस समय द्रविड़ आगे भी कोच बने रहने को लेकर तैयार नहीं थे। बाद में BCCI ने उनका कार्यकाल 2024 टी20 वर्ल्ड कप तक बढ़ा दिया। भारत ने द्रविड़ की कोचिंग में यह टूर्नामेंट जीतकर लंबे समय बाद ICC ट्रॉफी अपने नाम की।

पर्सनल वजह से नहीं लिया पद

वीवीएस लक्ष्मण ने रविवार को कहा, “2023 में, मुझे हेड कोच बनना था।” उन्होंने आगे कहा, “पर्सनल वजहों से मैं यह काम नहीं कर पाया। मैं दो बार जय शाह से बात करने गया। वह मेरी वजहें समझ गए। जय और BCCI ने मुझे जो आजादी दी है, अपने विजन के साथ काम करने की, वह देवजीत और दूसरे अधिकारियों के साथ भी जारी है।” लक्ष्मण ने कहा कि हेड कोच बनने के बजाय उन्होंने बेंगलुरु में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के चेयरमैन का पद संभालने का फैसला किया, जो पहले राहुल द्रविड़ के पास था। उन्होंने इस जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी से निभाने का फैसला किया।

दो साल का लिया एक्सटेंशन

उन्होंने आगे कहा, “मैंने दो साल के लिए एक्सटेंशन लिया और BCCI से वादा किया कि मैं यहां हेड कोच का पद नहीं ले रहा हूं। लेकिन मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को बेहतर बनाऊं, इसके लिए सही स्ट्रक्चर, प्रोसेस और प्रोटोकॉल तैयार करूं, ताकि आगे बढ़ने से पहले यहां एक मजबूत व्यवस्था बन सके।”

गौतम गंभीर बने भारत के कोच

राहुल द्रविड़ ने 2024 टी20 वर्ल्ड कप के बाद भारतीय टीम के मुख्य कोच का पद छोड़ दिया था। इसके बाद वीवीएस लक्ष्मण का नाम एक बार फिर इस पद के लिए चर्चा में आया। लेकिन, उस समय BCCI ने गौतम गंभीर को मुख्य कोच की जिम्मेदारी सौंपी। गंभीर इससे पहले IPL में कोलकाता नाइट राइडर्स के मेंटर थे और उनकी अगुवाई में टीम ने खिताब जीता था। इसके बाद गंभीर के कार्यकाल में भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी और टी20 वर्ल्ड कप भी जीता।

गौतम गंभीर के कोचिंग स्टाइल से खुश नहीं BCCI! सीनियर प्लेयर्स ने की शिकायत, अहम होगी श्रीलंका सीरीज

भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीसीसीआई से अब गौतम गंभीर को पहले जैसा मजबूत समर्थन नहीं मिल रहा है। पिछले एक साल के मुकाबले उनकी स्थिति बदल गई है और टीम के प्रदर्शन को लेकर उन पर दबाव बढ़ गया है। टीम के हालिया प्रदर्शन के बाद बोर्ड के कुछ अधिकारियों और टीम से जुड़े कुछ लोगों के बीच उनके काम करने के तरीके को लेकर सवाल उठने लगे हैं। रिपोर्ट में ये भी कहा गया कि, बोर्ड और टीम से जुड़े कुछ अहम लोगों का भरोसा भी पहले जैसा नहीं रहा।

गंभीर से खुश नहीं बीसीसीआई

cricblogger.com की रिपोर्ट्स के अनुसार, गंभीर कभी भी हार की जिम्मेदारी खुद लेते हैं, वह हार का ठीकरा किसी और के सिर फोड़ते हैं। बीसीसीआई के कुछ अधिकारियों का मानना है कि टीम की हार के बाद गौतम गंभीर अक्सर खिलाड़ियों, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) या सपोर्ट स्टाफ को जिम्मेदार ठहराते हैं। वहीं टीम प्रबंधन के फैसलों की जिम्मेदारी कम ही लेते हैं। रिपोर्ट में ये भी दावा किया गया कि इस सोच का असर अब भारतीय टीम के ड्रेसिंग रूम में भी देखने को मिल रहा है। वहीं टीम के कुछ सीनियर खिलाड़ियों ने निजी तौर पर पूर्व क्रिकेटरों और बीसीसीआई के कुछ अधिकारियों के सामने गौतम गंभीर के कोचिंग के तरीके पर अपनी नाराजगी जाहिर की है।

श्रीलंका दौरा होगा अहम

रिपोर्ट के अनुसार, बीसीसीआई के भीतर गौतम को लेकर माहौल पहले जैसा नहीं रहा है। ऐसे में श्रीलंका दौरा गौतम गंभीर के लिए काफी अहम माना जा रहा है। अगर इस सीरीज में भी टीम का प्रदर्शन निराशाजनक रहा, तो उनके कामकाज पर सवाल और बढ़ सकते हैं। हाल के टेस्ट मुकाबलों और इंग्लैंड दौरे में खराब प्रदर्शन के बावजूद गंभीर को उनके 2027 तक के कॉन्ट्रैक्ट का सहारा है। माना जा रहा है कि विश्व कप से पहले बीसीसीआई जल्दबाजी में मुख्य कोच को हटाने जैसा बड़ा फैसला नहीं करेगा।

कब उठे थे सवाल

रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हार के बाद गौतम गंभीर पर ज्यादा सवाल नहीं उठे थे, क्योंकि उस समय हार की जिम्मेदारी मुख्य रूप से खिलाड़ियों पर डाली गई थी। बाद में उनकी आलोचना तब बढ़ी जब उन्होंने टीम के खराब प्रदर्शन की वजह बदलाव के दौर (ट्रांजिशन) को बताया। आलोचकों ने इस पर सवाल उठाए, क्योंकि अपने कार्यकाल की शुरुआत में गंभीर खुद कह चुके थे कि टीम में किसी तरह का ट्रांजिशन नहीं चल रहा है।