कोलंबो टेस्ट के लिए श्रीलंका की टीम हुई और कमजोर, इन दो युवाओं पर खेला दांव

श्रीलंका के लिए गॉल टेस्ट विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में 5 मैचों में दूसरी हार थी जिससे श्रीलंका की स्थिति खराब हुई। कोलंबो में यह बद से बदत्तर हो सकती है क्योंकि टीम के 3 अनुभवी बल्लेबाज पथुम निसंका, कुशल मेंडिस और दिनेश चंदीमल चोट के कारण बाहर है। ऐसे में टीम को नए चेहरों पर दांव खेलना पड़ा है।

श्रीलंका ने भारत के खिलाफ रविवार से यहां शुरू होने वाले दूसरे और अंतिम टेस्ट मैच के लिए ऑफ-स्पिन ऑलराउंडर साहन अरच्चिगे और बल्लेबाज कामिल मिशारा को टीम में शामिल किया है।भारत ने गॉल में पहला टेस्ट 165 रन से जीतकर दो मैचों की श्रृंखला में 1-0 की बढ़त बना रखी है।

अरच्चिगे को रमेश मेंडिस की जगह टीम में लिया गया है। उन्होंने अब तक 5 वनडे और 1 T20I मैच खेला है।अरच्चिगे ने पिछले महीने श्रीलंका ए की कप्तानी करते हुए भारत A के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन किया था। उन्होंने कुल 209 रन बनाए थे और वह साई सुदर्शन (332 रन) के बाद दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज थे।

शीर्ष क्रम के बल्लेबाज मिशारा ने टीम में निशान फर्नांडो की जगह ली, जिनका पहले टेस्ट मैच में प्रदर्शन निराशाजनक रहा था।निशान फर्नांडो ने अभ्यास मैच में भारत के खिलाफ दो पारियों में अर्धशतक जड़े थे और कोई भी भारतीय गेंदबाज उनका विकेट नहीं ले पाया था लेकिन पहले टेस्ट में वह उम्मीद पर खरे नहीं उतरे और गैरजिम्मेदाराना शॉट खेलकर दोनों बार मोहम्मद सिराज का शिकार बने।

पासिंदु सूरियाबंदारा चोटिल दिनेश चांदीमल की जगह टीम में बने रहेंगे।चांदीमल दूसरे टेस्ट से अपने आप बाहर हो गए हैं क्योंकि आईसीसी के नियमों के अनुसार, सिर में चोट के कारण सब्स्टीट्यूट किए गए खिलाड़ी सात दिनों तक नहीं खेल सकते। गॉल में चौथे दिन उनके बाहर होने से पसिनदु सूरियाबंदारा के डेब्यू का रास्ता साफ हुआ। सूरियाबंदारा अपनी पहली टेस्ट पारी में बिना खाता खोले आउट हो गए थे, लेकिन फिर भी प्लेइंग इलेवन में अपनी जगह बनाए रख सकते हैं।

वहीं, निसांका जून में हुई अपनी कलाई की सर्जरी से उबरने के लिए अभी भी संघर्ष कर रहे हैं।लंका प्रीमियर लीग (एलपीएल) के शुरुआती दौर में हैमस्ट्रिंग की चोट लगने के बाद से मेंडिस ने कोई भी प्रतिस्पर्धी क्रिकेट नहीं खेला है। टेस्ट टीम में उनकी जगह निरोशन डिकवेला को शामिल किया गया था, और पहली पारी में 80 रन बनाने के बाद, डिकवेला के अपनी जगह बनाए रखने की संभावना है।

दूसरे टेस्ट के लिए श्रीलंका की टीम: लाहिरु उदारा, कामिल मिशारा, पसिंदु सोरियाबंदारा, कामिंदु मेंडिस (उप कप्तान), धनंजय डी सिल्वा (कप्तान), सहान अरच्चिगे, सोनल दिनुशा, निरोशन डिकवेला, केशारा नुवांता, प्रभात जयसूर्या, मिलन रत्नायके, लाहिरू कुमारा, असिथा फर्नांडो, विश्वा फर्नांडो।

इंडियन प्लेयर को लगातार लग रही चोट पर गावस्कर ने किया CoE का बचाव, बोले- ट्रेनिंग में हो सकती है कमी

भारतीय टीम इस समय चोटों की समस्या से जूझ रही है। जसप्रीत बुमराह, साई सुदर्शन और हार्दिक पांड्या जैसे कई बड़े भारतीय खिलाड़ी इस समय चोट की वजह से टीम से बाहर हैं। इन खिलाड़ियों की चोट को लेकर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पर भी सवाल उठ रहे हैं। कुछ एक्सपर्ट और फैंस के मुताबिक, खिलाड़ियों को पूरी तरह फिट होने से पहले ही CoE से रिलीज कर दिया गया, जिससे उनकी चोट दोबारा सामने आई या बढ़ गई। वहीं इस पर पूर्व भारतीय क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने खिलाड़ियों की चोटों को लेकर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पर सवाल उठाने को सही नहीं माना है।

उन्होंने कहा कि कई खिलाड़ियों को हैमस्ट्रिंग की चोट हो रही है, जिसकी वजह उनकी ट्रेनिंग भी हो सकती है। इसलिए इस मामले में केवल CoE के फिजियो पर सवाल उठाना ठीक नहीं होगा।

सुनील गावस्कर ने COE का किया बचाव

सुनील गावस्कर ने मिड-डे के अपने कॉलम में लिखा, “बुमराह को भले ही घुटने की चोट लगी है, लेकिन ज्यादातर भारतीय खिलाड़ियों को हैमस्ट्रिंग की समस्या होती है। इससे साफ लगता है कि उनकी ट्रेनिंग में कुछ कमी है, जिसकी वजह से बार-बार हैमस्ट्रिंग की चोटें सामने आ रही हैं।” गावस्कर ने कहा, “इन खिलाड़ियों को चोटें तब लगती हैं जब वे भारत के लिए मैच खेल रहे होते हैं, लेकिन दुर्भाग्य से इसका जिम्मेदार BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के फिजियो को ठहरा दिया जाता है। उन्होंने तथाकथित बायोमैकेनिक्स पर भी सवाल उठाए, जिसके तहत गेंदबाज को प्रैक्टिस नेट्स में सिर्फ कुछ ही गेंदें डालने की अनुमति होती है। गावस्कर के मुताबिक, ऐसी प्रक्रिया पर सवाल उठना स्वाभाविक है।”

क्यों लग रही चोटें

पूर्व भारतीय क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने कहा कि खिलाड़ियों के लिए लंबे समय तक जिम करने से ज्यादा मैच फिट रहना जरूरी है। उन्होंने बार-बार हो रही चोटों की वजह की गंभीरता से जांच करने की बात कही। गावस्कर ने कहा, “यह समझने की जरूरत है कि खिलाड़ियों को बार-बार चोटें क्यों लग रही हैं और इस पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। सिर्फ जिम में फिट रहना काफी नहीं है, बल्कि मैच के लिए पूरी तरह फिट होना ज्यादा जरूरी है। हालांकि, हो सकता है कि फिटनेस को लेकर मेरी सोच मेरी पीढ़ी के खिलाड़ियों से जुड़ी हो।”

इंग्लैंड के खिलाफ गिल ने जताई थी चिंता

हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में भारत को मिली हार के बाद कप्तान शुभमन गिल ने खिलाड़ियों की बढ़ती चोटों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि लगातार खिलाड़ियों के चोटिल होने से टीम का संतुलन बिगड़ता है और बार-बार प्लेइंग इलेवन में बदलाव करना टीम के लिए अच्छा नहीं है।

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IND vs SL: गॉल टेस्ट में गरजा देवदत्त पडिक्कल का बल्ला, ठोका करियर का पहला शतक, विराट कोहली के इस एलीट क्लब में हुए शामिल

भारत और श्रीलंका के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जा रहा है। मुकाबले में भारत ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने का फैसला किया है। भारत ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी का फैसला किया था। वहीं पहले बल्लेबाजी करने आई भारतीय टीम पहले दिन 2 विकेट पर 288 रन बनाए। पहले दिन का खेल खत्म होने तक देवदत्‍त पडिक्‍कल 131 और ऋषभ पंत 27 रन पर क्रीज पर हैं। देवदत्त पडिक्कल ने श्रीलंका के खिलाफ गॉल टेस्ट में शानदार बल्लेबाजी करते हुए अपने टेस्ट करियर का पहला शतक जड़ दिया।

कर्नाटक के इस बाएं हाथ के बल्लेबाज ने दो मैचों की सीरीज के पहले मुकाबले में धैर्य के साथ खेलते हुए बड़ी पारी खेली और टीम के लिए अहम योगदान दिया। यह शतक पडिक्कल के टेस्ट करियर की एक खास उपलब्धि बन गया। इस शतक के साथ पडिक्कल विराट कोहली के साथ एक खास क्लब में शामिल हो गए।

पडिक्कल ने बनाया रिकॉर्ड

देवदत्त पडिक्कल ने अपने शतक के साथ एक खास रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। वह स्वतंत्रता दिवस के मौके पर इंटरनेशनल क्रिकेट में शतक लगाने वाले दूसरे भारतीय पुरुष खिलाड़ी बन गए हैं। उनसे पहले यह उपलब्धि विराट कोहली ने हासिल की थी। कोहली ने 2019 में वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे मैच में नाबाद 114 रन की पारी खेलकर यह रिकॉर्ड बनाया था। उन्होंने पोर्ट ऑफ स्पेन में टीम को मुश्किल टारगेट का पीछा करने में अहम मदद की थी।

कैसा था मुकाबला

ये मुकाबला मैच 14 अगस्त को शुरू हुआ था, लेकिन भारतीय समय के मुताबिक कोहली ने अपना शतक 15 अगस्त की रात लगाया। बारिश के कारण मैच 35 ओवर का कर दिया गया और भारत को 255 रन का लक्ष्य मिला। 92 रन पर 3 विकेट गिरने के बाद कोहली ने पारी संभाली और टीम को जीत के करीब पहुंचाया। भारत 32.3 ओवर में लक्ष्य हासिल कर मैच अपने नाम कर लिया। इस मुकाबले में विराट कोहली ने अपना 43वां वनडे शतक लगाया।

गणतंत्र दिवस- स्वतंत्रता दिवस पर लगा चुके हैं शतक

इसके साथ ही विराट कोहली स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस दोनों मौकों पर शतक लगाने वाले इकलौते भारतीय पुरुष क्रिकेटर हैं। गणतंत्र दिवस पर उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एडिलेड ओवल में 116 रन की पारी खेली थी, जो उनके टेस्ट करियर का पहला शतक भी था।

पडिक्कल ने 134 गेंदों में ठोका शतक

देवदत्त पडिक्कल ने 134 गेंदों में अपना पहला टेस्ट शतक पूरा किया। पडिक्कल को चोटिल बी साई सुदर्शन की जगह टीम में शामिल किया गया था और उन्होंने नंबर तीन पर बल्लेबाजी करते हुए शानदार प्रदर्शन किया। पडिक्कल ने पारी के दौरान धैर्य के साथ बल्लेबाजी की और स्पिन गेंदबाजों का भी अच्छी तरह सामना किया।

जब गुरु ही बन जाएं विरोधी खेमे की ताकत! कभी टीम इंडिया को बनाया चैंपियन, अब उसी को हराने की तैयारी

भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट सीरीज का मंच तैयार है। पहला मुकाबला 15 अगस्त से गॉल इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाना है। इससे पहले भारतीय टीम ने तीन दिवसीय वार्म-अप मैच में श्रीलंका क्रिकेट XI को 6 विकेट से हराकर अपनी तैयारियों का अच्छा संकेत दिया। हालांकि इस मुकाबले में एक चेहरा ऐसा भी था, जिसने भारतीय फैंस का खास ध्यान खींचागैरी कर्स्टन। कभी टीम इंडिया को वर्ल्ड कप जिताने वाले कर्स्टन अब श्रीलंका के खेमे में हैं और आगामी टेस्ट सीरीज में भारत के खिलाफ रणनीति तैयार करेंगे।

 

बाउंड्री पर खड़े रहे कर्स्टन, भारतीय खिलाड़ियों पर रही पैनी नजर

 

रविवार को कर्स्टन एनसीसी ग्राउंड पहुंचे, जहां भारत अपना वार्म-अप मुकाबला खेल रहा था। वह काफी देर तक बाउंड्री के पास खड़े होकर भारतीय खिलाड़ियों की गतिविधियों पर नजर रखते दिखाई दिए।

 

वह मैदान पर ज्यादा सक्रिय नजर नहीं आए, लेकिन उनकी मौजूदगी अपने आप में चर्चा का विषय बन गई। कर्स्टन ने कुछ भारतीय खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ से बातचीत भी की। इस दौरान वह लगातार मैच और स्कोरबोर्ड पर नजर बनाए हुए थे।

 

भारतीय टीम के स्पिनर मानव सुथार और थ्रोडाउन स्पेशलिस्ट रघु से भी उनकी बातचीत हुई। कर्स्टन का सुथार और साई किशोर जैसे खिलाड़ियों से पुराना परिचय रहा है, खासकर गुजरात टाइटन्स के साथ उनके समय के कारण।

जिस टीम को वर्ल्ड कप जिताया, अब उसी के खिलाफ बनाएंगे रणनीति

 

गैरी कर्स्टन का भारतीय क्रिकेट से रिश्ता बेहद खास रहा है। 2008 से 2011 तक वह टीम इंडिया के हेड कोच रहे और उनके कार्यकाल में भारतीय टीम ने कई बड़ी उपलब्धियां हासिल कीं। सबसे यादगार पल आया 2011 में, जब एमएस धोनी की कप्तानी वाली टीम इंडिया ने श्रीलंका को हराकर 28 साल बाद वनडे वर्ल्ड कप अपने नाम किया। उसी दौर में भारत पहली बार टेस्ट रैंकिंग में नंबर-1 भी बना।

 

अब कहानी पूरी तरह बदल चुकी है। जिस टीम की कमजोरियों और ताकत को समझना कभी कर्स्टन की जिम्मेदारी थी, अब उसी टीम के खिलाफ उन्हें श्रीलंका की रणनीति तैयार करनी है।

 

गैरी के सामने होंगे उनके पुराने खिलाड़ी और नया कोच

 

कर्स्टन के लिए यह मुकाबला इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि भारतीय टीम के मौजूदा हेड कोच गौतम गंभीर भी उनके पुराने खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं।एक समय कर्स्टन की कोचिंग में खेलने वाले गंभीर अब टीम इंडिया के ड्रेसिंग रूम की कमान संभाल रहे हैं। यानी एक तरफ पुराने गुरु कर्स्टन श्रीलंका को तैयार कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ उनका पुराना खिलाड़ी गंभीर भारत की रणनीति बनाएगा।

 

क्रिकेट में ऐसे रिश्ते मुकाबले को और दिलचस्प बना देते हैं।

 

207 रन का टारगेट, आखिरी ओवर में भारत ने मारी बाजी

 

वार्म-अप मैच के तीसरे दिन भारत के सामने 207 रन का लक्ष्य था। भारतीय बल्लेबाजों ने दबाव के बीच लक्ष्य का पीछा किया और दिन के आखिरी ओवर में 6 विकेट से मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस जीत से टीम इंडिया को टेस्ट सीरीज से पहले परिस्थितियों के साथ तालमेल बैठाने का अच्छा मौका मिला। वहीं श्रीलंका को भी भारत के खिलाफ अपनी तैयारियों को परखने का मौका मिला।

 

सरफराज की वापसी, सुदर्शन सीरीज से बाहर

 

टेस्ट सीरीज शुरू होने से पहले भारतीय टीम में बदलाव भी हुआ है। चोट के कारण साई सुदर्शन पूरी सीरीज से बाहर हो गए हैं, उनकी जगह सरफराज खान को टीम में शामिल किया गया है।

 

सरफराज ने नवंबर 2024 के बाद कोई टेस्ट मैच नहीं खेला है। ऐसे में उनके पास खुद को फिर से टेस्ट टीम में स्थापित करने का मौका होगा।

 

वहीं, शुभमन गिल को भी लेकर टीम के लिए राहत की खबर आई। अभ्यास के दौरान चोटिल होने के कारण वह शुरुआती दो दिन वार्म-अप मैच में नहीं उतरे थे, लेकिन तीसरे दिन उन्होंने बल्लेबाजी की।

 

WTC पॉइंट्स टेबल के लिहाज से भी अहम है सीरीज

 

भारत और श्रीलंका के बीच होने वाली यह टेस्ट सीरीज वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 के लिहाज से भी काफी महत्वपूर्ण है। टीम इंडिया फिलहाल टॉप-4 से बाहर है और दोनों टेस्ट जीतकर अपनी स्थिति मजबूत करना चाहेगी।

 

श्रीलंका के लिए भी यह सीरीज बड़ी चुनौती है। खास बात यह है कि भारत के खिलाफ श्रीलंका ने अब तक जो 7 टेस्ट जीते हैं, वे सभी अपनी घरेलू जमीन पर आए हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि गॉल में कर्स्टन की रणनीति भारी पड़ती है या फिर गंभीर की टीम पुराने गुरु को उनके ही घर में मात देने की कहानी लिखती है।

 

2 साल बाद सरफराज खान की ऐसे हुई भारतीय टेस्ट टीम में एंट्री

 

INDvsSL भारत और श्रीलंका के बीच होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज़ के लिए चोटिल बी साई सुदर्शन की जगह सरफ़राज़ ख़ान को टीम में शामिल किया गया है। सुदर्शन फ़िलहाल सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस में हैं और दाहिने अंगूठे में लगी चोट से उबर रहे हैं। बीसीसीआई की मेडिकल टीम उनकी निगरानी कर रही है।

सरफ़राज़ गॉल में 15 अगस्त से शुरू होने वाले पहले टेस्ट से पहले भारतीय दल से जुड़ेंगे। इससे पहले 28 वर्षीय सरफ़राज़ को 2024-25 की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफ़ी के लिए भारतीय टेस्ट टीम में शामिल किया गया था। हालांकि उन्हें उस दौरे पर कोई मैच खेलने का मौक़ा नहीं मिला था। इसके बाद से वह भारतीय टीम से बाहर रहे। उन्होंने अपना आख़िरी टेस्ट मैच नवंबर 2024 में न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ खेला था।

हालांकि इस बात की काफ़ी संभावना है कि उन्हें श्रीलंका के ख़िलाफ़ पहले टेस्ट की प्लेइंग XI में मौक़ा शायद न मिले। तीन दिवसीय अभ्यास मैच से पहले शुभमन गिल की उंगली में हल्की चोट लगी थी, जिसके कारण वह पहली पारी में बल्लेबाज़ी नहीं कर पाए थे, लेकिन दूसरी पारी में उन्होंने बल्लेबाज़ी की। वहीं, चोटिल साई सुदर्शन की अनुपस्थिति में तीसरे नंबर पर बल्लेबाज़ी करते हुए देवदत्त पड़िक्कल ने एसएलसी XI के ख़िलाफ़ नाबाद 142 रनों की धुआंधार पारी खेली। इसके बाद तीसरे नंबर पर उन्हें मौक़ा मिलने की संभावना काफ़ी बढ़ गई है।

सुदर्शन के अलावा भारत इस सीरीज़ में जसप्रीत बुमराह, हर्षित राणा, नीतीश कुमार रेड्डी और आकाश दीप की सेवाओं से भी वंचित रहेगा। वहीं, वॉशिंगटन सुंदर कम से कम पहले टेस्ट के लिए उपलब्ध नहीं हैं।

दो मैचों की यह टेस्ट सीरीज़ 15 अगस्त से गॉल में शुरू होगी, जबकि दूसरा टेस्ट 23 अगस्त से कोलंबो के एसएससी मैदान पर खेला जाएगा। यह सीरीज़ विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) का हिस्सा है, जिसमें भारत नौ मैचों में चार जीत और चार हार के साथ फ़िलहाल पांचवें स्थान पर है।

श्रीलंका टेस्ट सीरीज़ के लिए भारतीय दल : शुभमन गिल (कप्तान), केएल राहुल (उपकप्तान), यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), सरफ़राज़ ख़ान, रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, मानव सुथार, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, देवदत्त पड़िक्कल और सारांश जैन।

IND vs SL: टीम इंडिया में फिर हुई सरफराज खान की वापसी, इस खिलाड़ी की जगह मिला मौका

IND vs SL: भारत और श्रीलंका के बीच 2 मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला 15 अगस्त से खेला जाएगा। वहीं इस मैच से पहले भारत के कई खिलाड़ी चोट की वजह से टीम से बाहर हो गए हैं। चोट की वजह से जसप्रीत बुमराह और साई सुदर्शन सीरीज से बाहर हो गए हैं। वहीं BCCI ने साई सुदर्शन की जगह चोटिल खिलाड़ी के नाम का ऐलान कर दिया है। दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए चोटिल साई सुदर्शन की जगह मुंबई के बल्लेबाज सरफराज खान को टीम में शामिल किया है। BCCI ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर ये जानकारी दी है।

बीसीसीआई ने क्या कहा

BCCI ने एक बयान में कहा, “साई सुदर्शन श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से बाहर हो गए हैं। साई बेंगलुरु में BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) में थे। दाएं पैर के अंगूठे में चोट के कारण वह बेंगलुरु स्थित BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में इलाज और रिकवरी कर रहे थे। उनकी हालत में अब काफी सुधार है और वह तेजी से ठीक हो रहे हैं। BCCI की मेडिकल टीम लगातार उनकी फिटनेस पर नजर बनाए हुए है। पुरुषों की सिलेक्शन कमेटी ने श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए साई सुदर्शन की जगह सरफराज खान को चुना है। वह 15 अगस्त 2026 से शुरू होने वाले पहले टेस्ट मैच के लिए टीम के गॉल रवाना होने से पहले कोलंबो में भारतीय टीम से जुड़ेंगे।”

कब लगी थी साई को चोट

जुलाई में इंडिया A के श्रीलंका दौरे के दौरान साई सुदर्शन के पैर के अंगूठे में चोट लग गई थी। इसके बाद से वह बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में रिहैब कर रहे हैं। शुरुआत में उम्मीद थी कि वह टेस्ट सीरीज शुरू होने तक पूरी तरह फिट हो जाएंगे, लेकिन उनकी रिकवरी में थोड़ा ज्यादा समय लग गया और वह सीरीज से बाहर हो गए।

सरफराज ने कब खेला था आखिरी मैच

सरफराज खान ने भारत के लिए अपना आखिरी टेस्ट मैच 2024 में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला था। तीन मैचों की उस सीरीज में उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया और दूसरे टेस्ट में अपने करियर का पहला शतक लगाया था। लेकिन, इसके बाद उन्हें टीम में खेलने का ज्यादा मौका नहीं मिला। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2024-25 की पांच टेस्ट मैचों की सीरीज में वह टीम में शामिल तो थे, लेकिन उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली और बाद में वह टीम से बाहर हो गए।