कोलंबो टेस्ट ड्रॉ होने से मुश्किल हुआ WTC Final का सपना अब हर सीरीज नॉकआउट

INDvsSL श्रीलंका ने कोलंबो टेस्ट ड्रॉ  करावाकर भारत की स्थित विश्व टेस्ट चैंपियनशिप चक्र 2025-27 में मुश्किल कर दी है। भारत ने भले ही यह सीरीज 1-0 से जीत ली है लेकिन अब उसको आने वाले दोनों सीरीज के लगभग सारे मैच जीतने होंगे। ज्यादा से ज्यादा टीम एक ड्रॉ और खेल सकती है लेकिन हार उसे अंक तालिका में और भी नीचे गिरा देगी। फिलहाल टीम 51.51 की जीत प्रतिशत से पांचवे पायदान पर खड़ी है।

यह इस चक्र में भारत का दूसरा ड्रॉ है। पहला ड्रॉ इंग्लैंड के खिलाफ हुआ था। कुल मिलाकर भारत की 5 जीत 4 हार और 2 ड्रॉ हैं। तालिका में 2 ड्रॉ का असर एक हार जैसा होता है। इस कारण भारत की यह पांचवी हार भी कही जा सकती है।

भारत की स्थिति पर एक नजर:

टेस्ट 11
जीत 5
हार 4
ड्रॉ 2
अंक प्रतिशत 51.51

आगामी सीरीज़:

न्यूज़ीलैंड (विदेशी धरती पर) 2 टेस्ट
ऑस्ट्रेलिया (घरेलू धरती पर) 5 टेस्ट

त्रिकोणीय मुकाबले ने भारत को डाला मुश्किल में

न्यूजीलैंड अगर इंग्लैंड से 2-1 या 3-0 से टेस्ट सीरीज हार जाती तो भारत के फायदे की बात होती लेकिन न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड को 2-1 से सीरीज हराकर भारत की स्थिति थोड़ी और मुश्किल कर दी है। फिलहाल मुकाबला 3 टीमों ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड के बीच लग रहा है। भारत के लिए 7 में से जो 2 सबसे ज्यादा मुश्किल मुकाबले हैं वह न्यूजीलैंड के खिलाफ ही देखने को मिलेंगे।  ऑस्ट्रेलिया भारतीय धरती पर बोर्डर गावस्कर ट्रॉफी खेलेगी।

इसका मतलब है 5 जीत और दो ड्रॉ (80 अंक) या 7 जीत (84 अंक)। इनमें से पांच टेस्ट ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ होंगे, जिसके विरुद्ध भारत ने 2008 से अब तक घरेलू मैदान पर पिछली पांच सीरीज़ में 12-2 का रिकॉर्ड बनाया है।पिछले WTC चक्र में फ़ाइनलिस्ट टीमों का अंक प्रतिशत 69.44 (दक्षिण अफ़्रीका) और 67.54 (ऑस्ट्रेलिया) था।

5 जीत और दो हार भारत को 62.96 प्रतिशत तक ले जाएंगी, जबकि 7 जीत और 1 हार के साथ वह 68.52 प्रतिशत पर पहुंचेगा।यानी भारत के पास अब भी ग़लती की बहुत कम गुंजाइश बची है।

WTC Final की राह हुई आसान, शुभमन ने बोला कैसे भी करके खेलना है फाइनल

गॉल टेस्ट जीतने के बाद विश्व टेस्ट चैंपियनशिप अंक तालिका में पांचवे स्थान पर ठहरी टीम इंडिया के लिए खुश खबरी लाया है। हालांकि टीम को अभी एक लंबा रस्ता तय करना है लेकिन विश्व टेस्ट चैंपियनशिप खेलने की उम्मीद की किरण बाकी है।

भारतीय कप्तान इस जीत से खुश थे क्योंकि इससे कुछ हद तक दबाव कम हुआ, हालांकि भारत विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में 53.33 प्रतिशत अंकों के साथ पांचवें स्थान पर बना हुआ है। भारत जल्द ही चौथे स्थान पर आ सकता है अगर कोलंबो टेस्ट वह जीत जाता है साथ ही ऑस्ट्रेलिया बांग्लादेश को दूसरे टेस्ट में हरा सकती है तो।

इस मैच से पहले भारत का जीत प्रतिशत 48 था और ऑस्ट्रेलिया का जीत प्रतिशत 83 था जो बांग्लादेश से हार के बाद 77 हो गया। हालांकि पिछले साल दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ घरेलू मैदान पर मिली 2-0 की हार ने भारत को मुश्किल स्थिति में डाल दिया है।60 अंक प्रतिशत तक पहुंचने के लिए भारत को बाक़ी 8 टेस्ट में 66 और अंक चाहिए।

इसका मतलब है छह जीत और दो ड्रॉ (80 अंक) या सात जीत (84 अंक)। इनमें से पांच टेस्ट ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ होंगे, जिसके विरुद्ध भारत ने 2008 से अब तक घरेलू मैदान पर पिछली पांच सीरीज़ में 12-2 का रिकॉर्ड बनाया है।पिछले WTC चक्र में फ़ाइनलिस्ट टीमों का अंक प्रतिशत 69.44 (दक्षिण अफ़्रीका) और 67.54 (ऑस्ट्रेलिया) था।

6 जीत और दो हार भारत को 62.96 प्रतिशत तक ले जाएंगी, जबकि 7 जीत और 1 हार के साथ वह 68.52 प्रतिशत पर पहुंचेगा।यानी भारत के पास अब भी ग़लती की बहुत कम गुंजाइश बची है।

भारत की स्थिति पर एक नजर:

टेस्ट 10
जीत 5
हार 4
ड्रॉ 1
अंक प्रतिशत 53.15

आगामी सीरीज़:

श्रीलंका (विदेशी धरती पर) 1 टेस्ट
न्यूज़ीलैंड (विदेशी धरती पर) 2 टेस्ट
ऑस्ट्रेलिया (घरेलू धरती पर) 5 टेस्ट

त्रिकोणीय मुकाबले ने भारत को डाला मुश्किल में

न्यूजीलैंड अगर इंग्लैंड से 2-1 या 3-0 से टेस्ट सीरीज हार जाती तो भारत के फायदे की बात होती लेकिन न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड को 2-1 से सीरीज हराकर भारत की स्थिति थोड़ी और मुश्किल कर दी है। फिलहाल मुकाबला 3 टीमों ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड के बीच लग रहा है। भारत के लिए 8 में से जो 2 सबसे ज्यादा मुश्किल मुकाबले हैं वह न्यूजीलैंड के खिलाफ ही देखने को मिलेंगे। अन्य 6 में शायद भारत को उतनी मुश्किल ना हो क्योंकि श्रीलंका से भारत अभ्यास मैच और गॉल टेस्ट जीता है और ऑस्ट्रेलिया भारतीय धरती पर बोर्डर गावस्कर ट्रॉफी खेलेगी।

इंडियन प्लेयर को लगातार लग रही चोट पर गावस्कर ने किया CoE का बचाव, बोले- ट्रेनिंग में हो सकती है कमी

भारतीय टीम इस समय चोटों की समस्या से जूझ रही है। जसप्रीत बुमराह, साई सुदर्शन और हार्दिक पांड्या जैसे कई बड़े भारतीय खिलाड़ी इस समय चोट की वजह से टीम से बाहर हैं। इन खिलाड़ियों की चोट को लेकर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पर भी सवाल उठ रहे हैं। कुछ एक्सपर्ट और फैंस के मुताबिक, खिलाड़ियों को पूरी तरह फिट होने से पहले ही CoE से रिलीज कर दिया गया, जिससे उनकी चोट दोबारा सामने आई या बढ़ गई। वहीं इस पर पूर्व भारतीय क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने खिलाड़ियों की चोटों को लेकर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पर सवाल उठाने को सही नहीं माना है।

उन्होंने कहा कि कई खिलाड़ियों को हैमस्ट्रिंग की चोट हो रही है, जिसकी वजह उनकी ट्रेनिंग भी हो सकती है। इसलिए इस मामले में केवल CoE के फिजियो पर सवाल उठाना ठीक नहीं होगा।

सुनील गावस्कर ने COE का किया बचाव

सुनील गावस्कर ने मिड-डे के अपने कॉलम में लिखा, “बुमराह को भले ही घुटने की चोट लगी है, लेकिन ज्यादातर भारतीय खिलाड़ियों को हैमस्ट्रिंग की समस्या होती है। इससे साफ लगता है कि उनकी ट्रेनिंग में कुछ कमी है, जिसकी वजह से बार-बार हैमस्ट्रिंग की चोटें सामने आ रही हैं।” गावस्कर ने कहा, “इन खिलाड़ियों को चोटें तब लगती हैं जब वे भारत के लिए मैच खेल रहे होते हैं, लेकिन दुर्भाग्य से इसका जिम्मेदार BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के फिजियो को ठहरा दिया जाता है। उन्होंने तथाकथित बायोमैकेनिक्स पर भी सवाल उठाए, जिसके तहत गेंदबाज को प्रैक्टिस नेट्स में सिर्फ कुछ ही गेंदें डालने की अनुमति होती है। गावस्कर के मुताबिक, ऐसी प्रक्रिया पर सवाल उठना स्वाभाविक है।”

क्यों लग रही चोटें

पूर्व भारतीय क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने कहा कि खिलाड़ियों के लिए लंबे समय तक जिम करने से ज्यादा मैच फिट रहना जरूरी है। उन्होंने बार-बार हो रही चोटों की वजह की गंभीरता से जांच करने की बात कही। गावस्कर ने कहा, “यह समझने की जरूरत है कि खिलाड़ियों को बार-बार चोटें क्यों लग रही हैं और इस पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। सिर्फ जिम में फिट रहना काफी नहीं है, बल्कि मैच के लिए पूरी तरह फिट होना ज्यादा जरूरी है। हालांकि, हो सकता है कि फिटनेस को लेकर मेरी सोच मेरी पीढ़ी के खिलाड़ियों से जुड़ी हो।”

इंग्लैंड के खिलाफ गिल ने जताई थी चिंता

हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में भारत को मिली हार के बाद कप्तान शुभमन गिल ने खिलाड़ियों की बढ़ती चोटों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि लगातार खिलाड़ियों के चोटिल होने से टीम का संतुलन बिगड़ता है और बार-बार प्लेइंग इलेवन में बदलाव करना टीम के लिए अच्छा नहीं है।

WTC Points Table: ऑस्ट्रेलिया की हार के बाद बदली WTC की तस्वीर, बांग्लादेश को हुआ बड़ा फायदा, जानें भारत का कैसा हाल

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WTC 2025-27: डार्विन के मरारा क्रिकेट ग्राउंड में बांग्लादेश ने इतिहास रच दिया। बांग्लादेश पहले टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया को 9 विकेट से हरा दिया। ये ऑस्ट्रेलिया की धरती पर बांग्लादेश की पहली टेस्ट जीत है। वहीं टेस्ट क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ यह बांग्लादेश की दूसरी जीत है। बांग्लादेश ने पूरे मैच में शानदार खेल दिखाया और ऑस्ट्रेलिया को उसके ही घर में हराकर क्रिकेट जगत को चौंका दिया। डार्विन टेस्ट के बाद वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के प्वाइंट्स टेबल में भी काफी बदलाव हुआ है। आइए जानते हैं ऑस्ट्रेलिया की हार के बाद भारत कौन से नंबर पर है।

बांग्लादेश चौथे स्थान पर

डार्विन टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शानदार जीत का फायदा बांग्लादेश को वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 की अंक तालिका में भी मिला है। इस जीत के बाद बांग्लादेश के कुल अंक 60 हो गए हैं, जबकि उसका पॉइंट्स परसेंटेज बढ़कर 66.67 हो गया है। पहले यह 58.33 प्रतिशत था। लेकिन, बेहतर प्रदर्शन के बावजूद बांग्लादेश की टीम WTC की मौजूदा अंक तालिका में चौथे पायदान पर ही बनी हुई है। डार्विन टेस्ट से पहले बांग्लादेश ने अपने घर में पाकिस्तान के खिलाफ दो टेस्ट मैचों में जीत हासिल की थी और अब ऑस्ट्रेलिया को उसी की धरती पर हराकर अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है।

पहले स्थान पर काबिज ऑस्ट्रेलिया

ऑस्ट्रेलिया को बांग्लादेश के खिलाफ हार का नुकसान WTC की अंक तालिका में तो नहीं हुआ और टीम अभी भी पहले नंबर पर बनी हुई है। इस हार के बाद भी ऑस्ट्रेलिया WTC 2025-27 की अंक तालिका में पहले स्थान पर बना हुआ है, लेकिन उसका पॉइंट्स परसेंटेज 87.50 से घटकर 77.77 हो गया है। मौजूदा WTC चक्र में ऑस्ट्रेलिया अब तक 9 में से 2 टेस्ट हार चुका है और खास बात यह है कि दोनों मुकाबलों में उसे अपने ही घर में हार का सामना करना पड़ा है।

5वें नंबर पर भारत

वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 में भारत फिलहाल 48.15 प्रतिशत पॉइंट्स के साथ पांचवें नंबर पर है। अगर श्रीलंका के खिलाफ गॉल में खेले जा रहे पहले टेस्ट को भारतीय टीम जीत जाती है तो भी टीम की रैंकिंग में कोई बदलाव नहीं होगा। इस जीत से भारत का पॉइंट्स परसेंटेज बढ़कर 53.33 हो जाएगा, जिससे WTC अभियान में टीम की स्थिति पहले के मुकाबले बेहतर जरूर हो जाएगी।

श्रीलंका सीरीज होगी अहम

श्रीलंका के लिए भारत के खिलाफ गॉल टेस्ट काफी अहम है, क्योंकि जीत मिलते ही टीम WTC की अंक तालिका में भारत को पीछे छोड़ सकती है। अगर श्रीलंका मुकाबला जीतता है तो उसका पॉइंट्स परसेंटेज 53.33 हो जाएगा और वह पांचवें स्थान पर पहुंच जाएगा, जबकि भारत 43.33 प्रतिशत के साथ छठे नंबर पर खिसक जाएगा। वहीं, मैच के ड्रॉ होने पर श्रीलंका का PCT 40.00 और भारत का 46.66 प्रतिशत रह जाएगा। हालांकि ड्रॉ की स्थिति में दोनों टीमों की रैंकिंग में कोई बदलाव नहीं होगा।