अगले महीने शुरु होगा क्रिकेट का चौथा फॉर्मेट, क्या है यह टेस्ट ट्वेंटी?

क्रिकेट के इतिहास में ‘टेस्ट ट्वेंटी’ के 80 ओवर के प्रारूप पर आधारित दुनिया का पहला मिश्रित युगल (लड़के-लड़कियों का मिला-जुला) क्रिकेट टूर्नामेंट 14 नवंबर को कोलंबो के SSC में शुरू होगा। इसमें 160 लड़के और लड़कियां हिस्सा लेंगे, जिनका स्कोरबोर्ड एक ही होगा। इस टूर्नामेंट में पहली बार, एक टॉस से दो चीजें तय होंगी। कौन सी टीम पहले बल्लेबाजी करेगी, और पहले लड़कियां खेलेंगी या लड़के।

लड़कियां लड़कियों के खिलाफ खेलेंगी, और लड़के लड़कों के खिलाफ। जो भी सुबह बल्लेबाजी करेगा, उसके रन रात तक जुड़ते जाएंगे, और अंत में दोनों का कुल स्कोर ही जीत तय करेगा। लड़कियों के रन लड़कों के मैच का नतीजा तय करेंगे, और लड़कों के रन लड़कियों के मैच का। क्रिकेट के इतिहास में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ है।

पिछले लगभग 150 सालों में क्रिकेट के तीन प्रारूप रहे हैं। टेस्ट क्रिकेट, वनडे और टी-20 अब 14 नवंबर को चौथा प्रारूप सामने आएगा। ‘टेस्ट ट्वेंटी’ का पहला सीजन श्रीलंका के कोलंबो स्थित सिंहलीज़ स्पोर्ट्स क्लब एसएससी में 14 से 29 नवंबर तक खेला जाएगा, जिसमें 30 नवंबर को ‘रिजर्व डे’ (अतिरिक्त दिन) के तौर पर रखा गया है। दुनिया भर से चुने गए 13 से 21 साल के 160 युवा क्रिकेटर 4 महाद्वीपीय टीमों में बंटकर कोलंबो पहुंचेंगे। यह पहला ऐसा टूर्नामेंट होगा, जिसमें एक ही टीम के लिए लड़कियों की 11 सदस्यीय टीम और लड़कों की 11 सदस्यीय टीम खेलेंगी, और उनके रन जुड़कर एक साझा परिणाम बनाएंगे।

श्रीलंका ने पिछले 100 सालों में युवा क्रिकेट की एक ऐसी संस्कृति विकसित की है, जिसका कोई और देश मुकाबला नहीं कर सकता। नवंबर से, यह देश दुनिया के इस नए युवा क्रिकेट फॉर्मेट का जन्मस्थान बन जाएगा। 80 ओवर। 2 गेंदें। कुछ भी रीसेट नहीं होता।

एक ही मैच में लाल और सफेद दोनों गेंदों का इस्तेमाल

‘टेस्ट ट्वेंटी का हर मैच एक ही दिन में खेला जाता है। दोनों टीमें दो-दो बार बल्लेबाजी करती हैं। पहले 40 ओवर सफेद कपड़ों में, लाल गेंद से और दिन के उजाले में खेले जाते हैं। बाकी 40 ओवर रंगीन कपड़ों में, सफेद गेंद से और एसएससी की फ्लडलाइट्स के नीचे खेले जाते हैं। यह पहली बार है जब एक ही मैच में लाल और सफेद दोनों गेंदों का इस्तेमाल होगा। पहले हाफ के स्कोर दूसरे हाफ में जुड़ जाते हैं। दिन में बनाए गए रन रात में भी मायने रखते हैं। रात होने तक एक नतीजा सामने आ जाता है।

20 लड़कियां और 20 लड़के

हर महाद्वीपीय टीम में 40 खिलाड़ियों का स्क्वॉड होता है। 20 लड़कियां और 20 लड़के। हर मैच में लड़कियां लड़कियों के खिलाफ और लड़के लड़कों के खिलाफ खेलते हैं। फिर उनके स्कोर एक ही स्कोरबोर्ड पर जुड़ जाते हैं, और कुल स्कोर के आधार पर ही जीत तय होती है।

इससे डगआउट का माहौल भी बदल जाता है। लड़कियां और लड़के पूरे दिन एक साथ, एक ही टीम के बैनर तले बैठते हैं और दूसरी टीम की हर गेंद को देखते हैं, क्योंकि उनके द्वारा बनाया गया हर रन उनकी अपनी टीम के लिए जरूरी होता है।

क्रिकेट के लगभग 150 साल के इतिहास में, लड़कियों के रन कभी लड़कों के मैच में नहीं गिने गए। लेकिन 14 नवंबर से कोलंबो में, वे ही तय करेंगी कि जीत किसकी होगी। हज़ारों से 160 तक एक भी गेंद फेंके जाने से पहले, 5 महाद्वीपों के हज़ारों युवा क्रिकेटरों ने अपना नाम आगे बढ़ाया। पिछले 300 दिनों में, मैदान पर और ऑनलाइन हुए ट्रायल के ज़रिए इनमें से बेहतरीन खिलाड़ियों को चुना गया।

इनमें से, ग्लोबल सिलेक्शन कमिटी ने सबसे अच्छे खिलाड़ियों का चयन किया है। इस कमिटी के अध्यक्ष भारत के जाने-माने कोच राजकुमार शर्मा हैं – वही व्यक्ति जिन्होंने विराट कोहली को बचपन में खोजा था और उन्हें एक चैंपियन के रूप में तैयार किया था। इस महीने के आखिर में, ‘प्लेयर्स ड्राफ्ट’ के ज़रिए अंतिम 160 खिलाड़ियों के नामों की घोषणा होगी। 80 लड़कियाँ और 80 लड़के। यह ‘टेस्ट ट्वेंटी’ का पहला बैच होगा।

श्रीलंका ने इस विकेटकीपर को चुना अपना ऑल फॉर्मेट कप्तान

Kusal Mendis

भारत के खिलाफ 2 टेस्ट मैचों की सीरीज में चोटिल होकर बाहर हो गए विकेटकीपर बल्लेबाज कुसल मेंडिस श्रीलंका टीम के अगले टेस्ट कप्तान होंगे। गौरतलब है कि श्रीलंका के टेस्ट कप्तान धनंजय डिसिल्वा ने गुरुवार को तुरंत प्रभाव से टेस्ट कप्तान का पद छोड़ दिया जिसके बाद कुसल मेंडिस को यह जिम्मेदारी सौंपी गई।

अगले महीने पाकिस्तान के खिलाफ होने वाली दो टेस्ट की श्रृंखला कप्तान के रूप में मेंडिस की पहली श्रृंखला होगी। मेंडिस पहले ही एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय और T20I अंतरराष्ट्रीय टीम की अगुआई कर रहे हैं।

श्रीलंका के लिए 31 वर्षीय मेंडिस ने 75 टेस्ट सहित कुल 343 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले हैं।अब उनको लाग गेंद की क्रिकेट की जिम्मेदारी भी दी गई है। चोट से पहले मेंडिंस का बल्ले से  फॉर्म ठीक नहीं  रहा। टीम ने ना केवल भारत के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज 1-0 से गंवाई बल्कि वेस्टइंडीज से भी एक मैच हारा। ऐसे में श्रीलंका की टीम विश्व टेस्ट चैंपियनशिप अंक तालिका में सातवें स्थान पर है।

डिसिल्वा ने पद छोड़ते हुए कहा था कि अब अगली पीढी को बागडोर सौंपने का समय आ गया है।अपने करियर में 69 टेस्ट खेलकर 13 शतक समेत 4400 से अधिक रन बनाने वाले 35 वर्ष के धनंजय बतौर खिलाड़ी चयन के लिये उपलब्ध रहेंगे।जनवरी 2024 में टेस्ट कप्तान बने डिसिल्वा ने श्रीलंका क्रिकेट चयन समिति को अपने फैसले से अवगत करा दिया है।

उन्होंने चयन समिति को लिखे पत्र में कहा ,‘‘ मेरा मानना है कि अब बागडोर अगली पीढी को सौंपी जानी चाहिये।’’श्रीलंका क्रिकेट के सीईओ एशले डिसिल्वा ने क्रिकेट के पारंपरिक प्रारूप में योगदान के लिये धनंजय को धन्यवाद दिया।उन्होंने कहा ,‘‘ श्रीलंका क्रिकेट उन्हें भविष्य के लिये शुभकामना देता है और बतौर कप्तान योगदान के लिये धन्यवाद भी।’’

भारत से टेस्ट सीरीज हारने वाले श्रीलंकाई ऑलराउंडर ने दिया कप्तानी से इस्तीफा

अगस्त महीने में भारत के खिलाफ 0-1 से टेस्ट सीरीज हारने वाले श्रीलंकाई ऑलराउंडर और मध्यक्रम के बल्लेबाज धन्नजय डीसिल्वा ने टेस्ट कप्तानी से इस्तीफा दे दिया है। गौरतलब है कि धन्नजय डीसिल्वा ना केवल भारत पर वेस्टइंडीज के खिलाफ भी एक टेस्ट गंवा चुके हैं।

भारत के खिलाफ घरेलू धरती पर 2 टेस्ट सीरीज में उनका बल्ला भी खामोश रहा जिसमें एक भी अर्धशतक नहीं आया। ऐसे में टीम के विश्व टेस्ट चैंपियनशिफ फाइनल के अरमानों पर पानी फिर गया।

श्रीलंका के टेस्ट कप्तान धनंजय डिसिल्वा ने तुरंत प्रभाव से कप्तानी से इस्तीफा देते हुए कहा है कि अब अगली पीढी को बागडोर सौंपने का समय आ गया है।अपने कैरियर में 69 टेस्ट खेलकर 13 शतक समेत 4400 से अधिक रन बनाने वाले 35 वर्ष के धनंजय बतौर खिलाड़ी चयन के लिये उपलब्ध रहेंगे।

जनवरी 2024 में टेस्ट कप्तान बने डिसिल्वा ने श्रीलंका क्रिकेट चयन समिति को अपने फैसले से अवगत करा दिया है।उन्होंने चयन समिति को लिखे पत्र में कहा ,‘‘ मेरा मानना है कि अब बागडोर अगली पीढी को सौंपी जानी चाहिये।’’

श्रीलंका क्रिकेट के सीईओ एशले डिसिल्वा ने क्रिकेट के पारंपरिक प्रारूप में योगदान के लिये धनंजय को धन्यवाद दिया।उन्होंने कहा ,‘‘ श्रीलंका क्रिकेट उन्हें भविष्य के लिये शुभकामना देता है और बतौर कप्तान योगदान के लिये धन्यवाद भी।’’

Asian Games सेमीफाइनल में श्रीलंका को 124 रनों से रौंदकर फाइनल में पहुंचा भारत

कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में खेले गए एक बेमेल मुकाबले में भारतीय टीम ने 124 रनों से श्रीलंका को हराकर सेमीफाइनल जीता और शान से एशियाड फाइनल के मुकाबले में प्रवेश किया।

श्रींलका ने गेंदबाजी चुनकर भारत के शुरुआती विकेट तो झटके लेकिन 46 गेंदों में ईशान किशन की 80 रनों की पारी ने भारत को विजयी स्कोर (170 रनों) तक पहुंचा दिया। किशन ने 4 चौके और 5 छक्के लगाए वहीं बिहार के ही सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने 21 गेंदों में 6 चौके और 2 छक्कों की बदौलत 38 रन बनाए।

अभिषेक (तीन गेंद में सात रन) ने श्रीलंका के कप्तान साहन अराछिगे को छक्का लगाया लेकिन उसके बाद ऊंचा शॉट खेलने के प्रयास में शॉर्ट थर्डमैन पर कैच दे बैठे।सैमसन ने नौ गेंद में सात रन बनाये और स्पिनर थारिंडु रत्नायके की गेंद पर अपना विकेट गंवा बैठे।तीन ओवर स्पिनरों से कराने के बाद बायें हाथ के तेज गेंदबाज बिनुरा फर्नांडो को चौथे ओवर में गेंद सौंपी गई। सूर्यवंशी ने उन्हें लगातार चौके जड़कर दबाव में ला दिया।

थारिंडु के तीसरे ओवर में सूर्यवंशी ने उन्हें लांग आन पर छक्का लगाया। पावरप्ले के बाद भारत का स्कोर दो विकेट पर 58 रन था। 15 वर्ष के सूर्यवंशी को अराछिगे ने शॉर्ट थर्डमैन पर लपकवाकर पवेलियन भेजा।कप्तान श्रेयस अय्यर और अक्षर पटेल बीच के ओवरों में आउट हो गए जिससे रनगति धीमी पड़ी। ईशान ने हालांकि चार चौकों और चार छक्कों की अपनी पारी के दम पर भारत को अच्छे स्कोर तक पहुंचाया।

गेंदबाजी करने आए जसप्रीत बुमराह ने बिना खाता खोले ही श्रीलंका के दो विकेट पहले ही ओवर में ले लिए। यहां से श्रीलंका कभी उबर ही नहीं पाया और दबाव में विकेट खोता चला गया। सिर्फ नुवांदु फर्नाडो ही 15 रन बना पाए। जसप्रीत बुमराह समेत अक्षर पटेल और अभिषेक शर्मा ने 2-2 विकेट लिए और श्रीलंका को 9.5 ओवर में ही 45 रनों पर समेट दिया।

Asian Games: सिल्वर को गोल्ड में बदलने उतरेगी हरमनप्रीत की सेना, उधर बदला लेने को बेताब श्रीलंका

IND vs SL: हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारतीय टीम लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स के महिला टी20 फाइनल में पहुंच गई है। भारत ने सेमीफाइनल में बांग्लादेश को 114 रन से हराकर फाइनल में अपनी जगह बनाई है। अब गोल्ड मेडल के लिए भारत का मुकाबला 22 सितंबर को श्रीलंका से होगा। जो भी टीम ये मुकाबला हारेगी उससे सिल्वर मेडल दिया जाएगा। इससे पहले 13 सितंबर को एशिया कप 2026 के फाइनल में दोनों टीमों का आमना-सामना हुआ था। इस मैच में भारत ने श्रीलंका को 72 रनों से मात दी थी। अब श्रीलंका की टीम भारत से इस हार का बदला लेने के इरादे से उतरेगी।

वहीं दूसरी ओर सेमीफाइनल में पाकिस्तान और बांग्लादेश को हार का सामना करना पड़ा है। अब इन दोनों टीमों के बीच ब्रॉन्ज मेडल के लिए मुकाबला खेला जाएगा। आइए जानते हैं कब और कितने बजे से शुरू होगा मुकाबला

कब-कब होंगे मुकाबले

एशियन गेम्स में महिला क्रिकेट के गोल्ड और ब्रॉन्ज मेडल के दोनों मुकाबले एक ही दिन खेले जाएंगे। एशियन गेम्स में महिला क्रिकेट के मेडल मुकाबले 22 सितंबर को खेले जाएंगे। ब्रॉन्ज मेडल के मैच में पाकिस्तान और बांग्लादेश की टीमें सुबह 5:30 बजे आमने-सामने होंगी। इसके बाद गोल्ड मेडल के लिए भारत और श्रीलंका के बीच मुकाबला सुबह 10:30 बजे से खेला जाएगा। भारतीय टीम की नजर अब गोल्ड मेडल जीतने पर होगी।

कैसा था भारत-बांग्लादेश का मुकाबला

शैफाली वर्मा ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 49 गेंदों में नाबाद 100 रन बनाए और अपना पहला टी20 इंटरनेशनल शतक पूरा किया। उनकी इस पारी की बदौलत भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 4 विकेट पर 195 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। लक्ष्य का पीछा करने उतरी बांग्लादेश की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी और लगातार अंतराल पर उसके विकेट गिरते रहे। पूरी टीम 15.4 ओवर में सिर्फ 81 रन पर ऑलआउट हो गई। इस तरह भारत ने बांग्लादेश को 114 रन से हराया, जो रनों के हिसाब से बांग्लादेश के खिलाफ भारत की दूसरी सबसे बड़ी जीत है। वहीं, श्रीलंका ने रविवार को पहले सेमीफाइनल में पाकिस्तान को 8 विकेट से हराकर फाइनल में जगह बनाई।

Asian Games 2026: एशियाई खेलों में भारत को दूसरा मेडल, शूटिंग क्वीन इलावेनिल वलारिवन ने जीता सिल्वर

International Trip: विदेश जाने से पहले सावधान! भारतीयों के लिए बदल गए इन देशों के वीजा और एंट्री के नियम

विदेशों में घूमना हर किसी का सपना होता है। अगर आप भी विदेश घूमने का प्लान बना रहे हैं तो आपके लिए ये काम की खबर है। विदेश घूमने का प्लान करने से पहले उस देश के वीजा और एंट्री नियम को एक बार जरूर चेक कर लें। कई देशों ने भारतीय यात्रियों के लिए वीजा के नियम बदले हैं। कुछ देशों ने ई-वीजा की सुविधा शुरू की है, वहीं कुछ ने एंट्री के नियमों में बदलाव किया है। इसलिए विदेश जाने से पहले नए नियमों की जानकारी जरूर ले लें, ताकि सफर के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो। आइए जानते हैं उन देशों के बारे में

लाओस

लाओस जाने वाले भारतीय पासपोर्ट धारक ई-वीजा के लिए आवेदन कर सकते हैं। लेकिन, यह इलेक्ट्रॉनिक वीजा (ई-वीजा) केवल कुछ तय किए गए एंट्री पॉइंट्स पर ही मान्य है। इसलिए यात्रा से पहले लाओस की आधिकारिक ई-वीजा वेबसाइट पर जाकर यह जरूर जांच लें कि किन बॉर्डर चेकपॉइंट से प्रवेश की अनुमति है। साथ ही, जरूरी डॉक्यूमेंट्स, वीजा की वैलिडिटी और वीजा मिलने में लगने वाले समय की जानकारी भी पहले से ले लें, ताकि यात्रा के दौरान कोई परेशानी न हो।

श्रीलंका

25 मई 2026 से श्रीलंका भारत समेत 40 देशों के नागरिकों को 30 दिनों का मुफ्त टूरिस्ट इलेक्ट्रॉनिक ट्रैवल परमिट यानी ईटीए दे रहा है। ये परमिट मुफ्त है, लेकिन यात्रियों को श्रीलंका जाने से पहले इसे लेना जरूरी होगा। भारतीय यात्री डबल एंट्री परमिट के साथ 30 दिनों तक श्रीलंका में रह सकते हैं। दूसरी बार श्रीलंका जाना पहली यात्रा के समय मिली परमिट की वैधता के दौरान ही होना चाहिए। यात्रा से पहले यात्रियों को श्रीलंका की आधिकारिक ईटीए वेबसाइट पर जाकर नए नियम और जरूरी शर्तें जरूर जांच लेनी चाहिए।

चिली

चिली ने भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए डिजिटल वीजा एप्लिकेशन की सुविधा शुरू की है। अब भारतीय यात्री केवल कागजी प्रक्रिया पर निर्भर रहने के बजाय ऑनलाइन वीजा के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने से पहले यात्रियों को अपनी एलिजिबिलिटी वेरिफाई करनी चाहिए और जरूरी डॉक्यूमेंट्स ऑनलाइन जमा करने होंगे। यात्रा की योजना पक्की करने से पहले चिली के आधिकारिक दूतावास या वाणिज्य दफ्तर की वेबसाइट पर वीजा प्रक्रिया और आवेदन पूरा होने में लगने वाले समय की जानकारी जरूर ले लें।

घाना

घाना अब भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए ई-वीजा की सुविधा देता है, जिससे एलिजिबिल यात्री घाना जाने से पहले ऑनलाइन वीजा के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने से पहले यात्रियों को घाना की आधिकारिक इमिग्रेशन या एम्बेसी की वेबसाइट पर यह जांच लेना चाहिए कि यात्रा के किस उद्देश्य के लिए अनुमति है, कौन-कौन से जरूरी दस्तावेज देने होंगे, कितनी फीस लगेगी और वीजा कितने समय तक मान्य रहेगा। इससे यात्रा के दौरान किसी तरह की परेशानी से बचा जा सकता है।

वेनेजुएला

वेनेजुएला जाने वाले भारतीय यात्री इलेक्ट्रॉनिक वीजा के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। हालांकि, वहां प्रवेश के नियम यात्रा के उद्देश्य और कितने दिनों के लिए जाना है, इसके आधार पर अलग-अलग हो सकते हैं। इसलिए यात्रा की तैयारी शुरू करने से पहले यात्रियों को अपनी पात्रता और जरूरी शर्तों की पूरी जानकारी जरूर जांच लेनी चाहिए, ताकि बाद में किसी तरह की परेशानी न हो।

ईरान

ईरान जाने वाले भारतीय यात्रियों को यात्रा से पहले ई-वीजा के लिए आवेदन करना जरूरी है। यात्रियों को यह नहीं मानना चाहिए कि ईरान पहुंचने के बाद उन्हें अपने आप वीजा मिल जाएगा। यात्रा में आखिरी समय पर परेशानी से बचने के लिए पहले ही वीजा के लिए जरूरी कागजात, आवेदन की प्रक्रिया, वीजा मिलने में लगने वाला समय और किन जगहों से ईरान में प्रवेश की अनुमति है, इसकी जानकारी जरूर जांच लें।

इन बातों का जरूर रखें ध्यान

सबसे ज्यादा ध्यान देने वाली बात ये हैं कि वीजा और विदेश यात्रा के नियम कभी भी बदल सकते हैं। इसलिए टिकट बुक करने से पहले जिस देश में जाना है, उसकी आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर वीजा और एंट्री के नए नियम जरूर चेक कर लें। विदेश यात्रा पर जाने से पहले अपना पासपोर्ट जरूर जांच लें कि वह तय अवधि तक वैलिडिटी है या नहीं। साथ ही ई-वीजा या यात्रा की अनुमति, वापसी या आगे की फ्लाइट का टिकट, होटल की बुकिंग और पर्याप्त पैसे होने का सबूत अपने पास रखें। अगर जरूरी हो तो ट्रैवल इंश्योरेंस भी करा लें।

भारत के खिलाफ 2 टेस्ट में 3 शतक मारने वाले सोनल दिनूशा बने प्लेयर ऑफ द मंथ

Sonal Dinusha

भारत के खिलाफ 2 टेस्ट मैचों की सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बाएं हाथ के श्रीलंकाई बल्लेबाज सोनल दिनूशा मैन ऑफ द सीरीज का अवार्ड तो नहीं जीत पाए क्योंकि उनकी टीम को 0-1 से सीरीज गंवानी पड़ी थी लेकिन अपनी सधी हुई बल्लेबाजी के कारण उन्होंने प्लेयर ऑफ द मंथ का अवार्ड पा लिया।

कोलंबो टेस्ट में भारतीय गेंदबाजो के सामने दोनों पारियों में उन्होंने शतक जमाया पहली पारी में उन्होंने 102 रन बनाए।सोनल दिनूशा ने 2 टेस्ट की सीरीज में न्यूनतम स्कोर 84 रनों का रहा है। यह ही वह पारी थी जब वह शतक नहीं लगा सके। सोनल दिनूशा ने गॉल टेस्ट की पहली पारी में भी शतक लगाकर भारतीय टीम को फॉलोऑन नहीं देने दिया था हालांकि कोलंबो टेस्ट की पहली पारी में उनका यह प्रयास विफल गया।सोनल दिनूशा पहली बार भारत के सामने खेल रहे हैं और वह 3 टेस्ट शतक लगा चुके हैं। ट्रेविस हेड को इतने शतक लगाने के लिए भारत के खिलाफ 4 सीरीज खेलनी पड़ी थी।

सोनल दिनूशा ने कोलंबो टेस्ट मैच के चौथे दिन भी अपना शतक पूरा किया और पांचवे दिन भी, यह बताता है कि उनकी फिटनेस किस स्तर की है। अपने इस प्रदर्शन  के कारण वह भारत बनाम श्रीलंका सीरीज के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज बन कर उभरे हैं। दो पारियों में दो शतक लगाने के कारण वह मैन ऑफ द मैच मैन ऑफ द मैच चुने गए।

युवराज सिंह संग चामिंडा वास की एंट्री? IPL 2027 में दिल्ली कैपिटल्स में होने वाला है बड़ा बदलाव!

आईपीएल 2027 से पहले दिल्ली कैपिटल्स (Delhi Capitals) ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। टीम ने दिल्ली के एयरोसिटी में छोटा कैंप और ट्रायल आयोजित किया, जिसमें घरेलू खिलाड़ियों को अलग-अलग मैच परिस्थितियों में परखा गया। इस कैंप की जिम्मेदारी पूर्व भारतीय ऑलराउंडर युवराज सिंह (Yuvraj Singh) और पूर्व लेग स्पिनर अमित मिश्रा (Amit Mishra) ने संभाली। श्रीलंका के दिग्गज तेज गेंदबाज चामिंडा वास (chaminda Vaas) भी कैंप से जुड़े। 

 

गांगुली संभाल सकते हैं मुख्य कोच की जिम्मेदारी

 

दिल्ली कैपिटल्स के कोचिंग सेटअप में सबसे बड़ा बदलाव मुख्य कोच के पद पर देखने को मिल सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली हेमंग बदानी की जगह टीम के हेड कोच बन सकते हैं। गांगुली 2024 से जेएसडब्ल्यू स्पोर्ट्स के डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट हैं और दिल्ली की टीम से पहले भी जुड़े रहे हैं। 

 

गांगुली इससे पहले 2019 आईपीएल सीजन में दिल्ली के मेंटर की भूमिका निभा चुके हैं। इसके अलावा 2025 में उन्होंने साउथ अफ्रीका की एसए20 टीम प्रिटोरिया कैपिटल्स के हेड कोच के रूप में भी काम किया था। अब अगर उनकी नियुक्ति होती है, तो दिल्ली को उनके अनुभव से टीम को नई दिशा देने की उम्मीद होगी।

 

 युवराज सिंह की भी होगी एंट्री

 

गांगुली के साथ पूर्व भारतीय ऑलराउंडर युवराज सिंह का नाम भी दिल्ली कैपिटल्स से जुड़ रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, युवराज बैटिंग कोच (Batting Coach) या असिस्टेंट कोच (Assistant Coach) की भूमिका संभाल सकते हैं। अगर वह औपचारिक रूप से टीम के कोचिंग स्टाफ में शामिल होते हैं, तो यह आईपीएल में उनकी पहली आधिकारिक कोचिंग भूमिका होगी। 

yuvraj Singh

 

युवराज का युवा भारतीय बल्लेबाजों के साथ काम करने का अनुभव भी रहा है। शुभमन गिल, अभिषेक शर्मा और प्रभसिमरन सिंह जैसे खिलाड़ियों ने उनके मार्गदर्शन की तारीफ की है। दिल्ली के लिए खास तौर पर युवा बल्लेबाजों और मिडिल ऑर्डर को तैयार करने में उनका अनुभव अहम हो सकता है।

 

चामिंडा वास संभाल सकते हैं पेस अटैक

 

श्रीलंका के पूर्व तेज गेंदबाज चामिंडा वास भी दिल्ली कैपिटल्स के संभावित नए कोचिंग सेटअप का हिस्सा बन सकते हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, वह टीम के तेज गेंदबाजी कोच की जिम्मेदारी संभाल सकते हैं। हालांकि, फ्रेंचाइजी ने अभी उनकी नियुक्ति की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। वास दिल्ली के तैयारी कैंप और ट्रायल से जुड़ चुके हैं। 

 

वास का अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा है। उन्होंने श्रीलंका के लिए 111 टेस्ट में 355 विकेट और 322 वनडे में 400 विकेट लिए। वह 1996 विश्व कप जीतने वाली श्रीलंकाई टीम का भी हिस्सा रहे। उनके पास श्रीलंका के अलावा न्यूजीलैंड और आयरलैंड के साथ कोचिंग और तेज गेंदबाजों के साथ काम करने का अनुभव भी है। 

 अमित मिश्रा के पास स्पिन की कमान

 

दिल्ली कैपिटल्स के सपोर्ट स्टाफ में पूर्व भारतीय लेग स्पिनर अमित मिश्रा का नाम भी शामिल हो सकता है। मिश्रा आईपीएल में दिल्ली डेयरडेविल्स, डेक्कन चार्जर्स, सनराइजर्स हैदराबाद और लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए खेल चुके हैं। उन्होंने सितंबर 2025 में क्रिकेट से संन्यास लिया था। 

 

मिश्रा ने आईपीएल करियर में 162 मैचों में 174 विकेट लिए और उनकी इकॉनमी रेट 7.37 रही। वह आईपीएल इतिहास में सबसे ज्यादा हैट्रिक लेने वाले गेंदबाज भी हैं, उनके नाम 3 हैट्रिक दर्ज हैं। ऐसे में स्पिन गेंदबाजों को टी20 की परिस्थितियों और बल्लेबाजों को पढ़ने की बारीकियां सिखाने में उनका अनुभव दिल्ली के काम आ सकता है। 

 

दिल्ली ने अभी से शुरू की 2027 की तैयारी

 

दिल्ली कैपिटल्स ने पिछले महीने बेंगलुरु की जस्ट क्रिकेट अकादमी में भी ऑफ-सीजन कैंप और ट्रायल आयोजित किए थे। वहां अच्छा प्रदर्शन करने वाले कुछ खिलाड़ियों को दिल्ली के कैंप में दोबारा मौका दिया गया। फ्रेंचाइजी का फोकस घरेलू प्रतिभाओं की पहचान करने और मिनी ऑक्शन से पहले अपना पूल मजबूत करने पर है। 

 

दिल्ली कैपिटल्स पिछले दो सीजन में प्लेऑफ तक नहीं पहुंच सकी है। 2025 और 2026 में टीम का अभियान निराशाजनक रहा था। अब संभावित नए कोचिंग सेटअप और घरेलू खिलाड़ियों पर फोकस के जरिए फ्रेंचाइजी 2027 में अपनी तस्वीर बदलना चाहती है। 

 

 2027-28 में JSW के हाथों में ऑपरेशन

 

दिल्ली कैपिटल्स के सह-मालिक जेएसडब्ल्यू और जीएमआर के बीच हुए समझौते के तहत टीम का संचालन हर दो साल में बदलता है। आईपीएल 2027 और 2028 के दौरान क्रिकेट ऑपरेशंस की जिम्मेदारी जेएसडब्ल्यू के पास रहेगी। ऐसे में आने वाले सीजन के लिए टीम के ढांचे में बदलाव की चर्चाओं को इसी नए ऑपरेशनल फेज से भी जोड़कर देखा जा रहा है। 

 

गांगुली, युवराज, वास और अमित मिश्रा की बताई गई नई भूमिकाएं अभी रिपोर्ट्स/संभावनाओं पर आधारित हैं; दिल्ली कैपिटल्स की ओर से इन नियुक्तियों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

Kinetic DX range gets bigger batteries, up to 132km range

Kinetic DX range gets bigger batteries, up to 132km range
Kinetic DX range gets bigger batteries, up to 132km range

Kinetic has expanded its DX electric scooter line-up with larger battery options, giving the DX a new 3kWh variant and the DX+ a 3.1kWh version. The latter gets a claimed 132km IDC range, up from 105km on the existing DX+, while both new versions will be sold alongside the existing 2.6kWh models.

  1. DX 3kWh costs Rs 1.19 lakh; DX+ 3.1kWh is priced at Rs 1.28 lakh
  2. DX+ range rises from 105km to 132km IDC
  3. The new DX+ uses a 3.8kW motor, down from 4.8kW on the existing version

Kinetic DX range gets bigger batteries

DX+ gets more range

The new DX+ 3.1kWh gets a claimed 132km IDC range, with Kinetic estimating 105-110km in real-world use. The new version uses a 3.8kW hub-mounted motor, compared with 4.78kW on the existing DX+ 2.6kWh. It also loses the Turbo riding mode, retaining Range and Power modes.

The DX 3kWh is priced at Rs 1.19 lakh, compared with Rs 1.11 lakh for the existing DX 2.6kWh. Kinetic has not yet disclosed the range or motor output for the new 3kWh DX. The new versions are additions rather than replacements and Kinetic’s current website lists both the 2.6kWh and larger-battery versions of the DX and DX+.

This comes shortly after the brand revealed that it is also evaluating overseas markets for the DX, with Turkey, Nepal, Sri Lanka, Bangladesh, Kenya, Nigeria and Egypt on the company’s list. The export plans give the DX a wider market to target as Kinetic adds more range-focused versions to its electric scooter line-up.

Kinetic Watts & Volts eyes seven overseas markets

Kinetic Watts & Volts eyes seven overseas markets
Kinetic Watts & Volts eyes seven overseas markets

Kinetic Watts & Volts (KWV) is evaluating seven international markets as the Pune-based electric two-wheeler maker looks to expand beyond India. Turkey, Nepal, Sri Lanka, Bangladesh, Kenya, Nigeria and Egypt are currently being assessed, with KWV studying local regulations, customer requirements, electric two-wheeler demand and potential distribution partners.

  1. International expansion to cover markets across Europe, South Asia and Africa
  2. Makarand Joshi appointed to lead KWV’s international business development
  3. Company plans to add 40 more exclusive showrooms in India

Kinetic EV international expansion plans

It has also issued 150 LOIs to prospective dealership partners.

KWV currently sells the Kinetic DX and DX+ electric scooters in India, with the range positioned around accessible urban mobility. The company is now looking to identify markets and distribution partners that can support its next phase of growth overseas.

KWV has appointed Makarand Joshi as head of international business development to lead its overseas plans. Joshi has more than two decades of experience in developing overseas markets for Indian automotive products, with experience across Asia, the Middle East, Europe and Africa. His background includes two-wheelers, commercial vehicles and tractors, as well as international distribution and market-entry strategies.

Ajinkya Firodia, Vice Chairman and Managing Director, Kinetic Watts & Volts, said the company’s products had been designed with a broad range of markets in mind. He added that the momentum of its domestic business had allowed KWV to begin laying the groundwork for international expansion. The company is yet to confirm which of the seven markets it will enter or provide a timeline for its overseas launch.

KWV’s international plans come as it continues to build its presence in the Indian market. The company currently has 45 exclusive showrooms and expects another 40 outlets to become operational within the next two months. It has also issued 150 Letters of Intent (LOI) to prospective dealership partners.

With inputs from ANGITHA SURESH