IND vs WI: वेस्टइंडीज के खिलाफ खतरनाक है भुवनेश्वर कुमार का रिकॉर्ड! 5वें मुकाबले में हो सकती है वापसी

वेस्टइंडीज के खिलाफ 5वें और आखिरी मुकाबले में भारत के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार का वापसी हुई है। वहीं वेस्टइंडीज के खिलाफ आखिरी और निर्णायक मुकाबले में भुवनेश्वर कुमार को मौका मिल सकता है। अर्शदीप सिंह की जगह भुवनेश्वर कुमार को टीम में शामिल किया गया है। वहीं इस मुकाबले के प्लेइंग 11 में भुवी को मौका मिल सकता है। भुवनेश्वर ने नवंबर 2022 के बाद से भारत की ओर से कोई टी20 इंटरनेशनल मुकाबला नहीं खेले हैं। ऐसे में फैंस को उनकी वापसी का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। आइए जानते हैं कैसा है भुवनेश्वर कुमार का रिकॉर्ड

टीम में कर सकते हैं वापसी

मेरठ के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार लंबे समय बाद भारतीय टी20 टीम में वापसी कर सकते हैं। 36 साल के भुवनेश्वर कुमार 25 दिसंबर 2012 को बेंगलुरु में पाकिस्तान के खिलाफ अपना पहला टी20 इंटरनेशनल मैच खेला था। वहीं नवंबर 2022 के बाद से भारत के लिए इस फॉर्मेट में नहीं खेले हैं। ऐसे में फैंस को उनकी वापसी का इंतजार है।

भुवनेश्वर कुमार का रिकॉर्ड

भुवनेश्वर कुमार को टी20 क्रिकेट में खेलने का लंबा अनुभव है। उन्होंने भारत की ओर से अब तक 87 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं और 90 विकेट अपने नाम किए हैं। वह भारत के लिए इस फॉर्मेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों में सातवें स्थान पर हैं। भुवनेश्वर नई गेंद से गेंदबाजी करते हुए शुरुआती ओवरों में विकेट लेने के लिए जाने जाते हैं, जिससे वह टीम के लिए एक अहम खिलाड़ी साबित होते हैं।

वेस्टइंडीज के खिलाफ कैसा है रिकॉर्ड

भुवनेश्वर कुमार का वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 इंटरनेशनल मैचों में प्रदर्शन अच्छा रहा है। उन्होंने इस टीम के खिलाफ 18 मुकाबले खेले हैं और 13 विकेट हासिल किए हैं। वहीं, भारतीय मैदानों पर भी उनका रिकॉर्ड अच्छा है। भुवनेश्वर ने भारत में 34 टी20 इंटरनेशनल मैच खेलते हुए 34 विकेट लिए हैं। घरेलू मैदान पर उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ आया था, जब उन्होंने 12 जून 2022 को कटक में 13 रन देकर 4 विकेट चटकाए थे। अब फैंस की नजरें एक बार फिर उनके प्रदर्शन पर रहेंगी।

आईपीएल में भी शानदार रिकॉर्ड

भुवनेश्वर कुमार ने आईपीएल में भी अपनी गेंदबाजी से शानदार पहचान बनाई है। वह इस टूर्नामेंट में 200 से ज्यादा मैच खेलने और 200 से अधिक विकेट लेने वाले पहले तेज गेंदबाज हैं। आईपीएल 2026 में उन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की ओर से सभी 16 मैच खेले और 28 विकेट हासिल किए। वह टीम के सबसे सफल गेंदबाज रहे और पूरे टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वालों में दूसरे स्थान पर रहे। उनके बेहतरीन प्रदर्शन ने टीम को खिताब बचाने में अहम मदद दी, जबकि कप्तान रजत पाटीदार की अगुवाई में आरसीबी ने एक बार फिर शानदार खेल दिखाया।

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युवराज सिंह संग चामिंडा वास की एंट्री? IPL 2027 में दिल्ली कैपिटल्स में होने वाला है बड़ा बदलाव!

आईपीएल 2027 से पहले दिल्ली कैपिटल्स (Delhi Capitals) ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। टीम ने दिल्ली के एयरोसिटी में छोटा कैंप और ट्रायल आयोजित किया, जिसमें घरेलू खिलाड़ियों को अलग-अलग मैच परिस्थितियों में परखा गया। इस कैंप की जिम्मेदारी पूर्व भारतीय ऑलराउंडर युवराज सिंह (Yuvraj Singh) और पूर्व लेग स्पिनर अमित मिश्रा (Amit Mishra) ने संभाली। श्रीलंका के दिग्गज तेज गेंदबाज चामिंडा वास (chaminda Vaas) भी कैंप से जुड़े। 

 

गांगुली संभाल सकते हैं मुख्य कोच की जिम्मेदारी

 

दिल्ली कैपिटल्स के कोचिंग सेटअप में सबसे बड़ा बदलाव मुख्य कोच के पद पर देखने को मिल सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली हेमंग बदानी की जगह टीम के हेड कोच बन सकते हैं। गांगुली 2024 से जेएसडब्ल्यू स्पोर्ट्स के डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट हैं और दिल्ली की टीम से पहले भी जुड़े रहे हैं। 

 

गांगुली इससे पहले 2019 आईपीएल सीजन में दिल्ली के मेंटर की भूमिका निभा चुके हैं। इसके अलावा 2025 में उन्होंने साउथ अफ्रीका की एसए20 टीम प्रिटोरिया कैपिटल्स के हेड कोच के रूप में भी काम किया था। अब अगर उनकी नियुक्ति होती है, तो दिल्ली को उनके अनुभव से टीम को नई दिशा देने की उम्मीद होगी।

 

 युवराज सिंह की भी होगी एंट्री

 

गांगुली के साथ पूर्व भारतीय ऑलराउंडर युवराज सिंह का नाम भी दिल्ली कैपिटल्स से जुड़ रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, युवराज बैटिंग कोच (Batting Coach) या असिस्टेंट कोच (Assistant Coach) की भूमिका संभाल सकते हैं। अगर वह औपचारिक रूप से टीम के कोचिंग स्टाफ में शामिल होते हैं, तो यह आईपीएल में उनकी पहली आधिकारिक कोचिंग भूमिका होगी। 

yuvraj Singh

 

युवराज का युवा भारतीय बल्लेबाजों के साथ काम करने का अनुभव भी रहा है। शुभमन गिल, अभिषेक शर्मा और प्रभसिमरन सिंह जैसे खिलाड़ियों ने उनके मार्गदर्शन की तारीफ की है। दिल्ली के लिए खास तौर पर युवा बल्लेबाजों और मिडिल ऑर्डर को तैयार करने में उनका अनुभव अहम हो सकता है।

 

चामिंडा वास संभाल सकते हैं पेस अटैक

 

श्रीलंका के पूर्व तेज गेंदबाज चामिंडा वास भी दिल्ली कैपिटल्स के संभावित नए कोचिंग सेटअप का हिस्सा बन सकते हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, वह टीम के तेज गेंदबाजी कोच की जिम्मेदारी संभाल सकते हैं। हालांकि, फ्रेंचाइजी ने अभी उनकी नियुक्ति की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। वास दिल्ली के तैयारी कैंप और ट्रायल से जुड़ चुके हैं। 

 

वास का अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा है। उन्होंने श्रीलंका के लिए 111 टेस्ट में 355 विकेट और 322 वनडे में 400 विकेट लिए। वह 1996 विश्व कप जीतने वाली श्रीलंकाई टीम का भी हिस्सा रहे। उनके पास श्रीलंका के अलावा न्यूजीलैंड और आयरलैंड के साथ कोचिंग और तेज गेंदबाजों के साथ काम करने का अनुभव भी है। 

 अमित मिश्रा के पास स्पिन की कमान

 

दिल्ली कैपिटल्स के सपोर्ट स्टाफ में पूर्व भारतीय लेग स्पिनर अमित मिश्रा का नाम भी शामिल हो सकता है। मिश्रा आईपीएल में दिल्ली डेयरडेविल्स, डेक्कन चार्जर्स, सनराइजर्स हैदराबाद और लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए खेल चुके हैं। उन्होंने सितंबर 2025 में क्रिकेट से संन्यास लिया था। 

 

मिश्रा ने आईपीएल करियर में 162 मैचों में 174 विकेट लिए और उनकी इकॉनमी रेट 7.37 रही। वह आईपीएल इतिहास में सबसे ज्यादा हैट्रिक लेने वाले गेंदबाज भी हैं, उनके नाम 3 हैट्रिक दर्ज हैं। ऐसे में स्पिन गेंदबाजों को टी20 की परिस्थितियों और बल्लेबाजों को पढ़ने की बारीकियां सिखाने में उनका अनुभव दिल्ली के काम आ सकता है। 

 

दिल्ली ने अभी से शुरू की 2027 की तैयारी

 

दिल्ली कैपिटल्स ने पिछले महीने बेंगलुरु की जस्ट क्रिकेट अकादमी में भी ऑफ-सीजन कैंप और ट्रायल आयोजित किए थे। वहां अच्छा प्रदर्शन करने वाले कुछ खिलाड़ियों को दिल्ली के कैंप में दोबारा मौका दिया गया। फ्रेंचाइजी का फोकस घरेलू प्रतिभाओं की पहचान करने और मिनी ऑक्शन से पहले अपना पूल मजबूत करने पर है। 

 

दिल्ली कैपिटल्स पिछले दो सीजन में प्लेऑफ तक नहीं पहुंच सकी है। 2025 और 2026 में टीम का अभियान निराशाजनक रहा था। अब संभावित नए कोचिंग सेटअप और घरेलू खिलाड़ियों पर फोकस के जरिए फ्रेंचाइजी 2027 में अपनी तस्वीर बदलना चाहती है। 

 

 2027-28 में JSW के हाथों में ऑपरेशन

 

दिल्ली कैपिटल्स के सह-मालिक जेएसडब्ल्यू और जीएमआर के बीच हुए समझौते के तहत टीम का संचालन हर दो साल में बदलता है। आईपीएल 2027 और 2028 के दौरान क्रिकेट ऑपरेशंस की जिम्मेदारी जेएसडब्ल्यू के पास रहेगी। ऐसे में आने वाले सीजन के लिए टीम के ढांचे में बदलाव की चर्चाओं को इसी नए ऑपरेशनल फेज से भी जोड़कर देखा जा रहा है। 

 

गांगुली, युवराज, वास और अमित मिश्रा की बताई गई नई भूमिकाएं अभी रिपोर्ट्स/संभावनाओं पर आधारित हैं; दिल्ली कैपिटल्स की ओर से इन नियुक्तियों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

दिल्ली मेट्रो में खड़े दिखे पूर्व तेज गेंदबाज मैसूर एक्सप्रेस जवागल श्रीनाथ ने दिया सादगी का संदेश

दिल्ली मेट्रो में जब भारत के पूर्व तेज गेंदबाज जवागल श्रीनाथ  खड़े दिखे तो उन्हें मैट्रो में सफर करते देश कई लोग आशचर्यचकित हो गए। 90 के दशक में भारत के प्रमुख गेंदबाज एक सूटकेस लेकर कहीं जा रहे थे। उनका यह फोटो सोशल मीडिया पर खासा वायरल हुआ।

जवागल श्रीनाथ जब 90 के दशक में टीम इंडिया से जुड़े तो भारतीय टीम में तेज तर्रार गेंदबाज की कमी थी।उनकी तेज गेंदो के कारण उनको मैसूर एक्सप्रेस कहा जाने लगा। उनका गेंदबाजी एक्शन एक दम किताबी था। कर्नाटक के गेंदबाज श्रीनाथ ने 4 विश्वकप खेले।

नहीं मिला वह सम्मान जिसके वह हकदार थे

पोलॉक ने वेस्टइंडीज के पूर्व तेज गेंदबाज माइकल होल्डिंग और इंग्लैंड के स्टुअर्ट ब्रॉड के साथ एक कार्यक्रम पर कहा था, ‘मुझे लगता है कि भारत के जवागल श्रीनाथ को वह श्रेय नहीं मिला जिसके वह हकदार थे।’

पोलॉक की बात से कई लोग इत्तेफाक रखते हैं। हालांकि इसका एक कारण प्रतियोगिता भी हो सकता है। श्रीनाथ के दौर में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में तेज गेंदबाजों की शानदार जोड़िया थी। पाकिस्तान के वसीम अकरम और वकार यूनुस, वेस्टइंडीज के लिए कर्टली एम्ब्रोस और कर्टनी वाल्श, ऑस्ट्रेलिया के ग्लेन मैक्ग्रा और ब्रेट ली शामिल थे। न्यूजीलैंड की ओर से डियोन नैश और क्रिस क्रेन्स की जोड़ी थी। दक्षिण अफ्रीका टीम में खुद शॉन पॉलोक और एलेन डॉनाल्ड बहुत घातक थे।

इस कारण जवगल श्रीनाथ भारतीय फैंस के बीच तुलना के शिकार हो गए। उनकी वेंकटेश प्रसाद के साथ जोड़ी थी, इस जोड़ी ने भारत को बीच बीच में सफलता तो दिलाई लेकिन विदेशी गेंदबाजों जितनी प्रभावी यह जोड़ी नहीं थी।

ऐसा रहा करियर

जवागल श्रीनाथ 90 के दशक में भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण के अगुवा रहे। श्रीनाथ ने 1991 से 2003 के बीच 67 टेस्ट और 229 एकदिवसीय खेले है, जिसमें उन्होंने क्रमशः 236 और 315 विकेट लिए हैं।

भुवनेश्वर कुमार को फिर मिले टीम इंडिया में मौका? 2027 वर्ल्ड कप को लेकर अश्विन ने की

साल 2027 का वनडे वर्ल्ड कप साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया तीनों देशों की संयुक्त मेजबानी में खेला जाएगा। इस बड़े टूर्नामेंट के लिए आईसीसी ने हाल ही में मेजबान शहरों की लिस्ट जारी कर दी है। विश्व कप के दौरान कुल 54 मुकाबले खेले जाएंगे, जिनका आयोजन 12 अलग-अलग शहरों में किया जाएगा। 2027 वनडे विश्व कप के लिए संभावित भारतीय टीम को लेकर पूर्व खिलाड़ी रविचंद्रन अश्विन ने अपनी राय रखी है। रविचंद्रन अश्विन ने भारतीय टीम के अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की वनडे टीम में वापसी को लेकर समर्थन किया है।

अश्विन के मुताबिक, भुवनेश्वर का अनुभव भारत के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। खासकर 2027 वनडे विश्व कप में साउथ अफ्रीका की तेज और उछाल वाली पिचों पर भुवनेश्वर जैसे अनुभवी गेंदबाज टीम के लिए अहम भूमिका निभा सकते हैं।

 

 

वनडे वर्ल्ड कप में इनको दी जगह

क्रिकइन्फो पर बातचीत के दौरान वनडे वर्ल्ड के लिए संभावित टीम की चर्चा पर रविचंद्रन अश्विन ने कहा कि, “वह भुवनेश्वर कुमार को 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों का हिस्सा देखना चाहते हैं। भुवनेश्वर को फर्स्ट क्लास क्रिकेट और विजय हजारे ट्रॉफी जैसे घरेलू टूर्नामेंट लगातार खेलने चाहिए, ताकि वह पूरी तरह फिट होकर दक्षिण अफ्रीका की परिस्थितियों के लिए तैयार रहें।” अश्विन के मुताबिक, “वहां भारत को भुवनेश्वर जैसे अनुभवी तेज गेंदबाज की जरूरत पड़ेगी।” इसके अलावा उन्होंने अपनी संभावित टीम में रोहित शर्मा, विराट कोहली, शुभमन गिल, हार्दिक पांड्या, कुलदीप यादव और मोहम्मद सिराज का सपोर्ट किया, जबकि संजू सैमसन और शिवम दुबे को जगह नहीं दी।

कब खेला था आखिरी वनडे

भुवनेश्वर कुमार ने भारत के लिए अपना आखिरी वनडे मैच जनवरी 2022 में दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर खेला था। इसके बाद से वह वनडे टीम से बाहर हैं। उन्होंने साल 2012 में पाकिस्तान के खिलाफ वनडे डेब्यू किया था और अपनी पहली ही गेंद पर विकेट लेकर शानदार शुरुआत की थी। भुवनेश्वर ने अब तक भारत के लिए 121 वनडे मैच खेले हैं, जिनमें 141 विकेट अपने नाम किए हैं। उनके अनुभव और नई गेंद से शानदार गेंदबाजी की वजह से उन्हें भारत के सबसे भरोसेमंद तेज गेंदबाजों में गिना जाता है।

कहां-कहां पर होगा मुकाबला

साल 2027 का वनडे विश्व कप दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की संयुक्त मेजबानी में खेला जाएगा। आईसीसी ने टूर्नामेंट के लिए 12 मेजबान शहरों का ऐलान कर दिया है, जहां कुल 54 मुकाबले होंगे। इनमें जोहान्सबर्ग, सेंचुरियन, डरबन, गेकेबरहा, कुगोम्पो सिटी, केप टाउन, पार्ल, ब्लोमफोंटेन, हरारे, बुलावायो, विक्टोरिया फॉल्स और विंडहोक शामिल हैं। इनमें सबसे ज्यादा मुकाबले साउथ अफ्रीका में खेले जाएंगे, जहां की तेज और उछाल वाली पिचें आमतौर पर तेज गेंदबाजों के लिए मददगार मानी जाती हैं।

आईपीएल और घरेलू टीम में खेलते हैं

भले ही भुवनेश्वर कुमार इस समय भारतीय वनडे टीम की योजनाओं का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन वह घरेलू और आईपीएल क्रिकेट में लगातार सक्रिय हैं। हाल ही में उन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की ओर से खेलते हुए शानदार प्रदर्शन किया और टीम के खिताब बचाने के अभियान में अहम भूमिका निभाई। उनके अनुभव और लगातार अच्छे प्रदर्शन को देखते हुए उनकी वापसी की चर्चा फिर से तेज हो गई है।