दलीप ट्रॉफी फाइनल खेलो, इन 3 खिलाड़ियों को मिली कोच गंभीर की हिदायत

सलामी बल्लेबाज केएल राहुल, श्रीलंका सीरीज के नायक देवदत्त पडिक्कल और अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज को चेन्नई में छह सितंबर से शुरू होने वाले दलीप ट्रॉफी फाइनल में पूर्वी क्षेत्र के खिलाफ दक्षिण क्षेत्र की ओर से खेलने के लिए कहा गया है।माना जा रहा है कि दक्षिण क्षेत्र के कप्तान तिलक वर्मा, उभरते हुए स्टार वैभव सूर्यवंशी और विकेटकीपर ईशान किशन (सभी भारत की टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम का हिस्सा हैं) का खेलना भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर की मंजूरी पर निर्भर करेगा।

इस घटनाक्रम की जानकारी रखने वाले बीसीसीआई के सूत्र ने गोपनीयता की शर्त पर कहा, ‘‘राहुल, पडिक्कल और सिराज अभी कोई प्रतिस्पर्धी क्रिकेट नहीं खेल रहे हैं। राष्ट्रीय चयनकर्ता चाहते हैं कि जो भी भारतीय खिलाड़ी उपलब्ध हो, वह दलीप ट्रॉफी फाइनल खेले। इन तीनों ने आखिरी बार 27 अगस्त को मैच खेला था। अब वे 27 सितंबर को वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे मैच खेलेंगे। ’’उन्होंने कहा, ‘‘अब पडिक्कल वनडे टीम का हिस्सा नहीं हैं इसलिए हो सकता है कि वह भारत ए सीरीज खेलें। लेकिन अगर उन्हें दलीप ट्रॉफी के फाइनल में खेलने का मौका मिलता है, तो उन्हें खेलना चाहिए। ’’

पर सूर्यवंशी, किशन और तिलक के मामले में फैसला कोच गंभीर का होगा।सूत्र ने कहा, ‘‘भारतीय टीम नौ या 10 सितंबर को दिल्ली में जुटेगी। अगर मुख्य कोच चाहते हैं कि तीनों टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम के कार्यक्रम के हिसाब से रिपोर्ट करें तो वे नहीं खेल पाएंगे। लेकिन अगर मुख्य कोच चाहते हैं कि वे फाइनल खेलें और 10 सितंबर की देर शाम दिल्ली में रिपोर्ट करें तो वे ऐसा भी कर सकते हैं। 

 बीसीसीआई मयंक यादव, कार्तिक त्यागी और बाएं हाथ के गेंदबाज मोहसिन खान को जापान में होने वाले एशियाई खेलों में नेट गेंदबाज के तौर पर भारतीय टीम की ट्रेनिंग में मदद करने के लिए भेजने की योजना बना रहा है।बीसीसीआई नेट गेंदबाजों को साथ ले जाता रहा है और ये तीनों टी20 में अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी हैं।सूत्र ने कहा, ‘‘वे आधिकारिक भारतीय दल का हिस्सा नहीं होंगे और सिर्फ तब तक वहां रहेंगे जब तक भारतीय पुरुष टीम 26 सितंबर को अपना पहला मैच नहीं खेल लेती, बशर्ते बीसीसीआई 20 सितंबर को टीम के दिल्ली से रवाना होने से पहले उनके जापानी वीजा का इंतजाम कर ले। ’’

दिल्ली मेट्रो में खड़े दिखे पूर्व तेज गेंदबाज मैसूर एक्सप्रेस जवागल श्रीनाथ ने दिया सादगी का संदेश

दिल्ली मेट्रो में जब भारत के पूर्व तेज गेंदबाज जवागल श्रीनाथ  खड़े दिखे तो उन्हें मैट्रो में सफर करते देश कई लोग आशचर्यचकित हो गए। 90 के दशक में भारत के प्रमुख गेंदबाज एक सूटकेस लेकर कहीं जा रहे थे। उनका यह फोटो सोशल मीडिया पर खासा वायरल हुआ।

जवागल श्रीनाथ जब 90 के दशक में टीम इंडिया से जुड़े तो भारतीय टीम में तेज तर्रार गेंदबाज की कमी थी।उनकी तेज गेंदो के कारण उनको मैसूर एक्सप्रेस कहा जाने लगा। उनका गेंदबाजी एक्शन एक दम किताबी था। कर्नाटक के गेंदबाज श्रीनाथ ने 4 विश्वकप खेले।

नहीं मिला वह सम्मान जिसके वह हकदार थे

पोलॉक ने वेस्टइंडीज के पूर्व तेज गेंदबाज माइकल होल्डिंग और इंग्लैंड के स्टुअर्ट ब्रॉड के साथ एक कार्यक्रम पर कहा था, ‘मुझे लगता है कि भारत के जवागल श्रीनाथ को वह श्रेय नहीं मिला जिसके वह हकदार थे।’

पोलॉक की बात से कई लोग इत्तेफाक रखते हैं। हालांकि इसका एक कारण प्रतियोगिता भी हो सकता है। श्रीनाथ के दौर में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में तेज गेंदबाजों की शानदार जोड़िया थी। पाकिस्तान के वसीम अकरम और वकार यूनुस, वेस्टइंडीज के लिए कर्टली एम्ब्रोस और कर्टनी वाल्श, ऑस्ट्रेलिया के ग्लेन मैक्ग्रा और ब्रेट ली शामिल थे। न्यूजीलैंड की ओर से डियोन नैश और क्रिस क्रेन्स की जोड़ी थी। दक्षिण अफ्रीका टीम में खुद शॉन पॉलोक और एलेन डॉनाल्ड बहुत घातक थे।

इस कारण जवगल श्रीनाथ भारतीय फैंस के बीच तुलना के शिकार हो गए। उनकी वेंकटेश प्रसाद के साथ जोड़ी थी, इस जोड़ी ने भारत को बीच बीच में सफलता तो दिलाई लेकिन विदेशी गेंदबाजों जितनी प्रभावी यह जोड़ी नहीं थी।

ऐसा रहा करियर

जवागल श्रीनाथ 90 के दशक में भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण के अगुवा रहे। श्रीनाथ ने 1991 से 2003 के बीच 67 टेस्ट और 229 एकदिवसीय खेले है, जिसमें उन्होंने क्रमशः 236 और 315 विकेट लिए हैं।

इमरान के लिए 21 पूर्व क्रिकेट कप्तानों की चिट्ठी:पाकिस्तान सरकार को लिखा- उन्हें सही इलाज दिया जाए; गावस्कर-कपिल के भी दस्तखत

पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को सही इलाज दिलाने के लिए दुनियाभर के क्रिकेटर आगे आए हैं। सुनील गावस्कर, कपिल देव समेत 21 पूर्व कप्तानों ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ सरकार को पत्र लिखकर वर्ल्ड कप विजेता कप्तान इमरान खान को सही मेडिकल इलाज देने की मांग रखी है। 23 अगस्त को लिखे गए लेटर में मांग की गई कि इमरान खान के साथ मानवीय व्यवहार किया जाए। साथ ही सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक इमरान की मेडिकल जांच की जाए। लेटर लिखने वालों में भारत के 3, ऑस्ट्रेलिया के 8, इंग्लैंड के 6, वेस्टइंडीज-श्रीलंका के 1-1 और न्यूजीलैंड के 2 पूर्व कप्तान शामिल हैं। क्रिकेटर्स ने ईमेल से लेटर भेजा पूर्व कप्तानों का छह महीने बाद दूसरा लेटर इस पत्र में कहा गया है- ‘छह महीने पहले 14 पूर्व इंटरनेशनल क्रिकेट कप्तानों ने आपको और पाकिस्तान सरकार को इमरान खान के साथ मानवीय व्यवहार और सही मेडिकल इलाज की अपील की थी। हमने तब राजनेताओं के तौर पर नहीं, बल्कि पूर्व साथियों के तौर पर लिखा था। उन्होंने कहा- क्रिकेट मैदान पर बना यह रिश्ता उन सीमाओं और मतभेदों से ऊपर है, जो अक्सर देशों को बांटते हैं। अब हम फिर लिख रहे हैं और इस बार 7 अन्य पूर्व कप्तान भी हमारे साथ हैं। 6 देशों के 21 पूर्व कप्तान, इनमें पाकिस्तान-बांग्लादेश का एक भी नहीं निजी डॉक्टरों को जांंच में शामिल करने को कहा पूर्व कप्तानों ने लिखा- सुप्रीम कोर्ट ने इमरान खान की जांच के लिए गठित मेडिकल बोर्ड में उनके पर्सनल डॉक्टरों और बहन डॉ. उजमा खान को शामिल करने और परिवार से हर हफ्ते मुलाकात का आदेश दिया था। हालांकि, कोर्ट के आदेश के विपरीत राज्य द्वारा नियुक्त टीम ने महज कुछ ही घंटे में उन्हें फिट बताकर प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही अदियाला जेल वापस भेज दिया।’ इमरान के परिवार और कानूनी टीम ने इसे अदालत के निर्देशों का सीधा उल्लंघन बताया है। वहीं, मामले पर नजर रख रहे पूर्व अंतरराष्ट्रीय कप्तानों ने स्पष्ट किया कि वे पाकिस्तान की कानूनी प्रक्रिया पर फैसला नहीं दे रहे, बल्कि निष्पक्षता के लिए गठित मेडिकल बोर्ड को पूरी और स्वतंत्र जांच करने देने की अपील कर रहे हैं। जैक गोल्डस्मिथ ने ब्रिटेन के विदेश मंत्री को पत्र लिखा ब्रिटेन की कंजरवेटिव पार्टी के सदस्य और इमरान के पूर्व बहनोई जैक गोल्डस्मिथ ने 21 अगस्त को ब्रिटेन के विदेश मंत्री एड मिलिबैंड को पत्र लिखा। उन्होंने ब्रिटेन के विदेश मंत्री से इमरान के इलाज को लेकर पाकिस्तान सरकार से हस्तक्षेप करने की अपील की। गोल्डस्मिथ ने आरोप लगाया- ‘अगर सार्थक हस्तक्षेप नहीं किया गया, तो पाकिस्तानी सरकार इमरान खान को सिर्फ इसलिए खत्म कर देगी, क्योंकि जब तक वह जिंदा हैं, वे उनकी सत्ता और भ्रष्टाचार के लिए खतरा हैं।’ गोल्डस्मिथ पहले भी ब्रिटेन की संसद में इमरान की जेल का मुद्दा उठा चुके हैं। उन्होंने इस्लामाबाद पर ज्यादा कूटनीतिक दबाव बनाने की मांग की थी। ब्रिटेन के मंत्रियों ने कहा है कि पाकिस्तान को बुनियादी आजादी, जेल में मानवीय व्यवहार और उचित मेडिकल इलाज तक पहुंच का सम्मान करना चाहिए। इमरान के इलाज को लेकर पाकिस्तान में राजनीतिक विवाद जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) और सरकार के बीच उनके स्वास्थ्य और इलाज को लेकर विवाद चल रहा है। यह मामला अब मानवीय चिंता का विषय बन गया है। हालिया तनाव तब बढ़ा, जब इमरान को कोर्ट के आदेश के बावजूद निजी शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल ले जाने के बजाय इस्लामाबाद के सरकारी पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) ले जाया गया। PTI और पाकिस्तान सरकार ने एक-दूसरे पर कोर्ट के आदेश का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। दाहिनी आंख की 85% रोशनी जाने का दावा इमरान के स्वास्थ्य में गिरावट के दावों के बीच उनके वकीलों ने फरवरी में सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि उनकी दाहिनी आंख की 85% रोशनी जा चुकी है। इमरान ने अक्टूबर 2025 से आंख की समस्या की शिकायत की थी, लेकिन वकीलों के मुताबिक जेल अधिकारियों ने कोई कदम नहीं उठाया। पाकिस्तान सरकार ने उनकी हालत की गंभीरता पर सवाल उठाया है। इमरान के परिवार और वकीलों ने उनके निजी डॉक्टर डॉ. फैसल सुल्तान से मिलने और इलाज में उन्हें शामिल करने की मांग की है। इमरान के इलाज के लिए मेडिकल बोर्ड बनेगा सुप्रीम कोर्ट ने इमरान खान की सेहत की जांच के लिए मेडिकल बोर्ड बनाने का आदेश दिया है। कोर्ट ने इमरान की बहन डॉ. उजमा खान और उनके निजी डॉक्टर को भी मेडिकल बोर्ड में शामिल करने को कहा है। मेडिकल बोर्ड में कई विशेषज्ञ डॉक्टर होंगे। वे मिलकर इमरान की पूरी जांच करेंगे और पुरानी मेडिकल रिपोर्ट भी देखेंगे। इसके बाद डॉक्टर पता लगाएंगे कि उन्हें क्या परेशानी है, ब्लड क्लॉट क्यों बन रहा है और आगे कोई खतरा तो नहीं है। जांच के बाद बोर्ड बताएगा कि इमरान को किस इलाज की जरूरत है और उनका इलाज जेल में हो सकता है या अस्पताल में भर्ती कराना जरूरी है। अगस्त 2023 से जेल में हैं इमरान 73 साल के इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं। उन्हें सबसे पहले तोशाखाना मामले में 3 साल की सजा मिलने के बाद गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उन पर सिफर, अल-कादिर ट्रस्ट और इद्दत निकाह समेत कई मामले दर्ज हुए। बाद में सिफर और इद्दत निकाह मामलों में उन्हें अदालत से राहत मिल गई। तोशाखाना मामले में भी उनकी एक सजा रोक दी गई। इसके बावजूद दूसरे मामलों के चलते वह अभी जेल में हैं। इमरान खान और उनकी पार्टी पीटीआई का कहना है कि 2022 में प्रधानमंत्री पद से हटने के बाद उनके खिलाफ मामले राजनीतिक वजहों से दर्ज किए गए। उनका आरोप है कि उन्हें राजनीति और चुनाव से दूर रखने के लिए ऐसा किया गया। वहीं, पाकिस्तान सरकार और जांच एजेंसियां इन आरोपों को खारिज करती हैं और कहती हैं कि ये मामले कानूनी प्रक्रिया के तहत चल रहे हैं। तोशाखाना क्या है और इमरान खान का मामला क्या है? तोशाखाना पाकिस्तान सरकार का सरकारी भंडार है। यहां प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, मंत्री और दूसरे सरकारी अधिकारियों को विदेशों से मिले कीमती तोहफे जमा किए जाते हैं। इनमें घड़ियां, गहने, पेंटिंग जैसी चीजें शामिल होती हैं। इमरान खान से जुड़े विवाद इमरान खान 2018 से 2022 तक पाकिस्तान के प्रधानमंत्री रहे। इस दौरान उन्हें कई महंगे विदेशी तोहफे मिले। आरोप है कि कुछ तोहफों की जानकारी और उनकी बिक्री से मिली रकम की पूरी जानकारी नहीं दी गई। इससे जुड़े तीन मामले… 1. तोहफों की जानकारी छिपाने का आरोप 2022 में पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने इमरान को तोहफों की जानकारी गलत तरीके से घोषित करने का दोषी माना और उन्हें अयोग्य ठहराया। 2. तोशाखाना का पहला मामला इमरान पर आरोप था कि उन्होंने कुछ महंगे तोहफे तय कीमत देकर अपने पास रखे और बाद में बेच दिए। अगस्त 2023 में उन्हें 3 साल की सजा सुनाई गई। बाद में सजा निलंबित हो गई। 3. तोशाखाना-2 मामला इसमें 2021 में सऊदी क्राउन प्रिंस से मिले बुल्गारी ज्वेलरी सेट का मामला है। अभियोजन के मुताबिक इसकी कीमत करीब 8 करोड़ पाकिस्तानी रुपए थी, जबकि इसे करीब 29 लाख रुपए में रखने का आरोप है। इमरान खान के प्रमुख केस की स्थिति 1. तोशाखाना केस 2023 में इमरान खान को तोशाखाना मामले में 3 साल की सजा हुई थी। बाद में यह सजा निलंबित हुई। हालांकि, बाद में तोशाखाना से जुड़े एक अन्य मामले में दिसंबर 2025 में इमरान खान और बुशरा बीबी को 17-17 साल की सजा सुनाई गई। यह सजा महंगे सरकारी तोहफों की कथित कम कीमत पर खरीद से जुड़े मामले में है। 2. साइफर केस इमरान खान को साइफर/स्टेट सीक्रेट्स केस में मिली 10 साल की सजा हाईकोर्ट ने पलट दी थी। जून 2024 में उन्हें इस मामले में बरी कर दिया गया। 3. इद्दत निकाह केस फरवरी 2024 में इमरान खान और बुशरा बीबी को 7-7 साल की सजा मिली थी। जुलाई 2024 में दोनों को इस मामले में बरी कर दिया गया। 4. अल-कादिर ट्रस्ट/£190 मिलियन केस यह मामला इमरान खान के प्रधानमंत्री रहते हुए ब्रिटेन से पाकिस्तान लौटाए गए करीब £190 मिलियन और उससे जुड़े कथित भ्रष्टाचार से संबंधित है।17 जनवरी 2025 को इमरान खान को 14 साल और बुशरा बीबी को 7 साल की सजा सुनाई गई। मई 2026 में इस सजा को निलंबित करने की उनकी याचिका इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने खारिज कर दी। उनकी मुख्य अपील पर सुनवाई जारी है। पाकिस्तान की ‘तिहाड़’ है अडियाला जेल अडियाला जेल रावलपिंडी की हाई-सिक्योरिटी जेल है। यहां 176 हाई-प्रोफाइल कैदियों के लिए अलग हाई-सिक्योरिटी बैरक है। 2013 में यहां 67 हाई-प्रोफाइल आतंकवादी समेत करीब 5,000 कैदी बंद थे। सुरक्षा के लिए यहां पुलिस, रेंजर्स और दूसरी एजेंसियां तैनात की जाती हैं। 2024 में यहां आतंकी हमले जैसी स्थिति से निपटने के लिए पुलिस, रेंजर्स, बम डिस्पोजल स्क्वॉड और रेस्क्यू टीम ने जॉइंट मॉक ड्रिल भी की थी। इमरान खान के यहां बंद होने के बाद जेल के आसपास अतिरिक्त सुरक्षा पिकेट और एलीट कमांडो भी तैनात किए गए थे। यानी इसकी तुलना भारत की हाई-सिक्योरिटी तिहाड़ जेल से की जा सकती है। ———————– स्पोर्ट्स की यह खबर भी लिखें… कर्ण शर्मा ने क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास लिया:भारत के लिए 4 मुकाबले खेले; 25 अगस्त को यूपी लीग में आखिरी मैच खेलेंगे 38 साल के लेग स्पिनर कर्ण शर्मा ने इंटरनेशनल और घरेलू क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास का ऐलान कर दिया। उन्होंने भारत के लिए 1 टेस्ट, 2 वनडे और 1 टी-20 मैच खेला। पूरी खबर पढ़ें…

दूसरे टेस्ट के पहले दिन गिरे 18 विकेट, स्टार्क के बाद शोरिफुल का जलवा

AUSvsBAN मैके में एक रोमांचक पहले दिन 18 विकेट गिरे। क्वींसलैंड के इस तटीय मैदान पर पहले टेस्ट के शुरुआती दिन बाएं हाथ के तेज़ गेंदबाज़ों ने छह-छह विकेट लेकर इसे पुराने ज़माने के गेंदबाज़ों का खेल बना दिया। डार्विन में मिली करारी हार के कुछ ही दिनों बाद, ऑस्ट्रेलिया ने ज़बरदस्त वापसी की। मिशेल स्टार्क के शानदार प्रदर्शन की बदौलत उन्होंने बंगलादेश को 64 रन पर ऑल-आउट कर दिया – जो उनका चौथा सबसे कम टेस्ट स्कोर है। हालांकि, बाद में ऑस्ट्रेलिया की पारी भी लड़खड़ाई, लेकिन दिन का खेल खत्म होने तक उन्होंने 101 रनों की अहम बढ़त बना ली।

पैट कमिंस ने टॉस जीता और बिना किसी हिचकिचाहट के बंगलादेश को पहले बल्लेबाज़ी के लिए बुलाया। इसके बाद स्टार्क ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने मैच की पहली ही गेंद पर शादमान इस्लाम को गली में कैच आउट करा दिया। विकेटों के गिरने का सिलसिला तेज़ी से चला; टॉप-6 बल्लेबाज़ों में से चार बिना खाता खोले आउट हो गए और बंगलादेश का स्कोर सात ओवर के अंदर 5 विकेट पर 12 रन हो गया।

नई गेंद के साथ स्टार्क की गति और स्विंग का बल्लेबाज़ों के पास कोई जवाब नहीं था। उन्होंने 22 गेंदों के अंदर पांच बल्लेबाज़ों को पवेलियन भेज दिया, लेकिन मुशफिकुर रहीम के डटकर खेलने की वजह से उन्हें हैट्रिक का मौका नहीं मिला। पारी के बीच में थोड़ी देर के लिए बंगलादेश की स्थिति संभली। मेहदी हसन मिराज और हसन महमूद ने पहला सेशन निकाला और ब्रेक तक बांग्लादेश का स्कोर 6 विकेट पर 35 रन तक पहुंचा, लेकिन यह राहत ज़्यादा देर नहीं रही। लंच के बाद कमिंस ने दो और विकेट लिए, जबकि जोश हेज़लवुड ने भी एक विकेट चटकाया।

इसके बाद स्टार्क ने वापसी की और बाकी बचे विकेट लेकर 10 ओवर में 12 रन देकर 6 विकेट का शानदार कारनामा पूरा किया। इस प्रदर्शन के साथ ही उन्होंने डेल स्टेन के 439 टेस्ट विकेटों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। बंगलादेश की टीम सिर्फ़ 34 ओवर में ऑल-आउट हो गई। दूसरे सेशन के एक घंटे से भी कम समय में उनकी पारी खत्म हो गई। निचले क्रम के बल्लेबाजों की हिम्मत भरी बल्लेबाजी की वजह से ही वे इस फ़ॉर्मेट में अपने अब तक के सबसे कम स्कोर (वेस्टइंडीज के खिलाफ़ 43 रन) से आगे निकल पाए।

वापसी कर रहे मैट रेनशॉ, ट्रैविस हेड और मार्नस लाबुशेन के नाकाम रहने के बावजूद, ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत अच्छी रही। कुछ समय के लिए ऐसा लगा कि वे दिन का खेल पूरी तरह से दबदबे के साथ खत्म करेंगे। स्टीवन स्मिथ और कैमरन ग्रीन ने ऐसी पिच पर बल्लेबाजी को आसान बना दिया, जिसने सुबह से ही बल्लेबाजों को परेशान किया था। उन्होंने हल्के हाथों से गैप में शॉट खेले और छोटी या सीधी गेंदों का फायदा उठाकर स्कोरिंग रेट को पांच रन प्रति ओवर से ऊपर पहुंचाया। इस जोड़ी ने चौथे विकेट के लिए सिर्फ़ 108 गेंदों में 77 रन जोड़े।

फिर शोरिफुल इस्लाम की धीमी गेंद का कमाल दिखा। बांग्लादेश की पारी में सबसे ज़्यादा 14 रन बनाने और हेड व लाबुशेन का विकेट लेने के बाद, इस बाएं हाथ के गेंदबाज ने वही अनुशासन और लाइन-लेंथ दिखाई जिससे स्टार्क को दिन की शुरुआत में सफलता मिली थी। उन्होंने सबसे अहम विकेट लिया और आखिरी सेशन में ड्रिंक्स ब्रेक के ठीक समय पर स्मिथ को 42 रन पर पगबाधा आउट कर दिया।

यहीं से पारी का रुख बदल गया। ऑस्ट्रेलिया के लिए जो दिन अब तक आसान लग रहा था, वह अचानक मुश्किलों में घिर गया। एलेक्स कैरी आगे बढ़कर खेलने की कोशिश में लेंथ बॉल को ठीक से नहीं खेल पाए और मिड-ऑन पर कैच दे बैठे, जिससे ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 5 विकेट पर 145 रन हो गया। इसके बाद उन्होंने 3 रन के अंदर 3 विकेट गंवा दिए; शोरिफुल ने ब्यू वेबस्टर और पैट कमिंस को शून्य पर आउट किया और फिर स्टार्क को भी बोल्ड कर दिया।

इन सबके बीच, एक खिलाड़ी अडिग रहा। कैमरन ग्रीन ने उसी स्पष्टता और शांति के साथ बल्लेबाजी की, जो उन्हें डार्विन में फॉर्म में वापसी वाली सेंचुरी के दौरान मिली थी। उनकी नाबाद 51 रनों की पारी वाकई शानदार थी, खासकर ऐसी पिच पर जिसने लगभग हर दूसरे बल्लेबाज को मुश्किल में डाला था। उनके डटे रहने की वजह से ऑस्ट्रेलिया दिन का खेल खत्म होने तक 101 रन आगे रहा। पहले दिन की उथल-पुथल को देखते हुए यह बढ़त काफी अहम साबित हो सकती है।

संक्षिप्त स्कोर: बांग्लादेश 64 (शोरिफुल इस्लाम 14; मिशेल स्टार्क 6-12, पैट कमिंस 3-25), ऑस्ट्रेलिया 165/8 (कैमरन ग्रीन 51*, स्टीव स्मिथ 42; शोरिफुल इस्लाम 6-35) से 101 रन पीछे।

चाइनामैन स्पिनर कुलदीप यादव हो सकते हैं कोलंबो टेस्ट से बाहर

पिछले साल कुलदीप यादव इंग्लैंड के दौरे पर पांचो मैच में बैंच पर बैठे थे इसके बाद उनको वेस्टइंडीज के खिलाफ मौका मिना जो उन्होंने भुनाया। घरेलू जमीन पर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भी उनका प्रदर्शन औसत से ऊपर ही था। लेकिन करीब एक साल बाद लाल गेंद की क्रिकेट में उनकी वापसी वैसी नहीं हुई है जैसे कि होनी चाहिए थी। इस कारण उनका 23 अगस्त से शुरु हो रहे कोलंबो टेस्ट से ड्रॉप होना लगभग तय है।

गॉल स्टेडियम में पांचवें दिन की पिच स्पिन गेंदबाजी के लिए अच्छी थी और कुलदीप यादव इसका फायदा उठा सकते थे। लेकिन उन्होंने 11 ओवर में 38 रन देकर एक भी विकेट नहीं लिया।इससे साफ दिखा कि भारतीय कप्तान शुभमन गिल की नजर में कुलदीप तीसरे स्पिन गेंदबाज थे। उनसे पहले रविंद्र जडेजा और मानव सुथार ने गेंदबाजी की। दोनों ने मिलकर 46.4 ओवर किए और 14 विकेट लिए।

कुलदीप के खराब प्रदर्शन के लिए कप्तान या टीम प्रबंधन को दोष देना आसान है कि उन्होंने इस गेंदबाज पर पर्याप्त भरोसा नहीं दिखाया। कुलदीप को मिले 11 ओवरों में भी वह ऐसा प्रदर्शन नहीं कर पाए जिससे उन्हें ज्यादा गेंदबाजी दी जाती।पहली पारी में भी कुलदीप को अपना एकमात्र विकेट कमिंदु मेंडिस का मिला जिसमें शुभमन गिल के शानदार कैच का बड़ा योगदान था।

श्रीलंका के खिलाफ खेले गए अभ्यास मैच में भी वह बेअसर ही थे। उन्होंने पहली पारी में श्रीलंका एकादश के खिलाफ 18 ओवर में 76 रन देकर सिर्फ 2 विकेट ही लिए थे। उनके इस प्रदर्शन से कप्तान केएल राहुल ने उनको दूसरी पारी के लिए गेंद ही नहीं थमाई। हालांकि इसकी आलोचना हुई लेकिन राहुल अपनी जगह पर सही भी थे।

क्यों नहीं मिल रहे कुलदीप को विकेट

एक विचार यह भी है कि कुलदीप को हवा में गेंद की गति थोड़ी तेज रखनी चाहिए, ताकि पिच से उन्हें अधिक मदद मिल सके। वह आम तौर पर 82-85 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी करते हैं और कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर प्रदेश के इस गेंदबाज को ‘स्पीडोमीटर’ पर कुछ पायदान ऊपर जाते हुए 90 किमी प्रति घंटे के आसपास पहुंचना चाहिए।

9 साल में कुलदीप ने खेले हैं सिर्फ 19 टेस्ट मैच

कुलदीप के लिए यह चिंता की बात इस कारण भी है क्योंकि बीते 9 सालों में वह सिर्फ 19 टेस्ट खेल पाए हैं। कुलदीप ने 2017 में धर्मशाला पर पदार्पण किया था। उन्होंने यही पर 2024 में इंग्लैंड के खिलाफ पांचवें और अंतिम टेस्ट के पहले दिन कुलदीप ने शीर्ष क्रम के पांच खिलाड़ियों को आउट किया और मैन ऑफ द मैच का पुरुस्कार पाया। कुलदीप ने इस श्रृंखला में 19 विकेट झटके।यह ही एकमात्र ऐसी सीरीज रही जिसमें उन्होंने 4 मैच लगातार खेले। बीते कुछ वर्षों में टेस्ट में मौके कम मिले थे, फिर उनकी फॉर्म में गिरावट आयी और घुटने की सर्जरी भी हुई। इसके बाद कुलदीप ने फॉर्म में आने के लिए कुछ तकनीकी बदलाव भी किया।

वेस्टइंडीज के खाते में गए पुरुष और महिला प्लेयर ऑफ द मंथ अवार्ड

वेस्टइंडीज क्रिकेट अपने पतन की ओर है लेकिन कभी कभार किसी बड़ी टीम को हरा लेती है। ऐसे में टीम ने जुलाई के महीने में दोनों पुरुष और महिला टीम के प्लेयर ऑफ द मंथ अवार्ड जीते हैं। वेस्टइंडीज पुरुष टीम की ओर से जस्टिन ग्रीव्स और महिला टीम की ओर से हैली मैथ्यू को यह अवार्ड दिया गया।

जस्टीन ग्रीव्स पाकिस्तान के खिलाफ दूसरे टेस्ट में सुर्खियों में आए थे। उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ खेले गए पहले टेस्ट में लगातार 5 मेडन ओवर डालकर 5 विकेट निकाले। टेस्ट क्रिकेट में ऐसा करने वाले वह पहले गेंदबाज बन गए। उनके इस स्पेल से वेस्टइंडीज को दूसरे दिन पाकिस्तान पर पहली पारी के आधार पर 29 रनों की बढ़त मिल गई।कुल 11 ओवर में उन्होंने 6 मेडन ओवर डालकर सिर्फ 27 रन दिए और 5 पाकिस्तानी बल्लेबाज को चलता किया।

ग्रीव्स ने यह अवार्ड जीतने के बाद कहा , “घर पर खेलते हुए मेरा महीना यादगार रहा, और श्रीलंका और पाकिस्तान के खिलाफ बैट और बॉल दोनों से योगदान देना मेरे लिए खास रहा।” “टेस्ट क्रिकेट में असरदार परफॉर्मेंस देना हमेशा मेरे लिए यादगार रहेगा, खासकर जब वे हमारे घरेलू फैंस के सामने हों।”

“मुझे टीम के लिए कुछ ज़रूरी परफॉर्मेंस में अपनी भूमिका निभाकर खुशी हो रही है, और मुझे उम्मीद है कि मैं आगे भी अच्छा योगदान दे पाऊंगा। मैं अपने टीम के साथियों और टीम स्टाफ को उनके सपोर्ट के लिए धन्यवाद देता हूं और आने वाले महीनों में इस मोमेंटम को और बढ़ाने के लिए उत्सुक हूं।”

वहीं हैली मैथ्यू वेस्टइंडीज महिला क्रिकेट टीम की ही नहीं विश्वस्तरीय ऑलराउंडर है। हाल ही में हुई आयरलैंड सीरीज में उन्होंने 3 एकदिवसीय मैच में 2 शतक जड़े इसके अलावा गेंद से उन्होंने पहले एकदिवसीय मैच में 3 विकेट लिए और अंतिम वनडे में 2 विकेट चटकाए।

अवार्ड जीतने के बाद मैथ्यूज ने कहा , “मैं एक बार फिर ICC प्लेयर ऑफ़ द मंथ अवॉर्ड जीतकर बहुत खुश हूँ। यह पिछले अवॉर्ड्स जितना ही खास है, और मुझे उम्मीद है कि यह मुझे अपने स्टैंडर्ड्स को बेहतर बनाने, वेस्ट इंडीज़ में योगदान देने और भविष्य में ऐसे और अवॉर्ड्स जीतने के लिए प्रेरित करेगा।”

“यह महिला क्रिकेट के लिए एक रोमांचक समय है, जिसमें पहले से कहीं ज़्यादा ध्यान और दिलचस्पी है। मुझे अपने प्रदर्शन से इसकी ग्रोथ में योगदान देने पर गर्व है और मैं महिलाओं के खेल को लगातार सपोर्ट देने के लिए ICC को धन्यवाद देती हूँ।”

स्पिन के सहारे पाकिस्तान का मेजबान इंग्लैंड को पहले टेस्ट में हराने का प्लान

ENGvsPAK पाकिस्तान के बल्लेबाज़ सऊद शकील का मानना है कि इंग्लैंड के हालात उनकी टीम के लिए अच्छे हो सकते हैं, जब बुधवार को लीड्स में पहला आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप मैच शुरू होगा। पाकिस्तान ने महीने की शुरुआत में पोर्ट ऑफ स्पेन में वेस्टइंडीज पर आठ विकेट से जीत के बाद पूरे आत्मविश्वास के साथ इंग्लैंड का दौरा किया और इंग्लैंड के साथ पहले टेस्ट से पहले बेकनहम में प्रोफेशनल काउंटी क्लब की चुनिंदा XI टीम पर सात विकेट से जीत के साथ अपनी जीत का सिलसिला जारी रखा।

प्रोफेशनल काउंटी क्लब की चुनिंदा XI टीम के खिलाफ उस जीत में शकील स्टार रहे, क्योंकि उन्होंने शानदार नाबाद शतक लगाया, जबकि बाएं हाथ के स्पिनर अली उस्मान ने पांच विकेट लिए और वेस्टइंडीज के खिलाफ दिखाए गए अच्छे फॉर्म को जारी रखा। हालांकि शकील को पक्का नहीं पता कि हेडिंग्ले में पहला टेस्ट शुरू होने पर हालात कैसे होंगे, लेकिन बाएं हाथ के इस बल्लेबाज़ को लगता है कि इंग्लैंड में हालिया गर्मी मैच के आगे बढ़ने के साथ पाकिस्तान के स्पिनरों के लिए फायदेमंद हो सकती है।

शकील ने कहा, “मुझे लगता है कि इंग्लैंड में गर्मी जिस तरह की है, उससे पिचें काफी सूखी हो सकती हैं और स्पिन को मदद मिल सकती है। यहां (हालिया) न्यूजीलैंड सीरीज़ में, आखिरी टेस्ट में गेंद काफी स्पिन हो रही थी।”

लीड्स में होने वाला टेस्ट शकील का इंग्लैंड में पहला टेस्ट होगा, हालांकि 30 वर्षीय खिलाड़ी को मशहूर हेडिंग्ले मैदान की कुछ जानकारी है क्योंकि उन्होंने 2023 में काउंटी चैंपियनशिप के दौरान यॉर्कशायर के लिए तीन मैच खेले थे। इंग्लैंड एक नई टीम के साथ मैच में उतरेगा, जिसमें अनुभवी बल्लेबाज़ जो रूट टीम की कप्तानी करेंगे, क्योंकि लंबे समय तक कप्तान रहे बेन स्टोक्स ने हाल ही में संन्यास ले लिया है और कोच ब्रेंडन मैकुलम चले गए हैं।

यह देखना बाकी है कि क्या इंग्लैंड मैकुलम की देखरेख में हाल के दिनों में अपनाई गई ‘बैज़बॉल’ रणनीति को जारी रखेगा या नहीं; शकील का कहना है कि पाकिस्तान को विरोधी टीम की किसी भी चाल का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए।

शकील ने कहा, “हर टेस्ट चुनौतीपूर्ण होता है। टेस्ट क्रिकेट हर दिन एक नई चुनौती लेकर आता है। यह भी अलग नहीं है, और हम यह पक्का करने की कोशिश कर रहे हैं कि हम यहां अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें।” “हम इस सीरीज़ को ‘बैज़बॉल’ के नज़रिए से नहीं देख रहे हैं। आपको हालात और ज़रूरत के हिसाब से खेलना चाहिए। इस मैदान पर आउटफ़ील्ड बहुत तेज़ है, जिससे आक्रामक शॉट खेलने में मदद मिल सकती है। लेकिन हम सिर्फ़ इसलिए अपना खेलने का तरीका नहीं बदलेंगे कि विरोधी टीम कैसे खेल रही है। हमारा मकसद उसी तरह से खेलना है जो हमें सबसे सही लगता है।”

इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट के लिए फिटनेस की राह पर पाक पूर्व कप्तान

Shan Masood

ENGvsPAK इंग्लैंड में वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप अभियान से पहले पाकिस्तान के लिए अच्छी खबर है कि उंगली की चोट से उबरने के बाद पाकिस्तान के पूर्व कप्तान शान मसूद ने बल्लेबाजी अभ्यास शुरू कर दिया है।मसूद बेकनहम में केंट काउंटी क्रिकेट क्लब में पाकिस्तान टीम के साथ जुड़े और मेडिकल स्टाफ की देखरेख में टीम के अभ्यास सत्र में हिस्सा लिया। इंग्लैंड के खिलाफ तीन टेस्ट मैचों की सीरीज़ शुरू होने से एक हफ़्ते से भी कम समय पहले उनकी नेट्स में वापसी हुई है, जिसका पहला टेस्ट 19 अगस्त से लीड्स में खेला जाना है।

कैरेबियन दौरे के पहले मैच के दौरान उंगली में चोट लगने के कारण यह बाएं हाथ का बल्लेबाज़ वेस्टइंडीज के खिलाफ पाकिस्तान के दूसरे टेस्ट में नहीं खेल पाया था। पाकिस्तान ने दूसरा टेस्ट जीता और सीरीज़ 1-1 से बराबर की, जिससे उन्हें 2023 के बाद से घर से बाहर अपनी पहली टेस्ट जीत मिली।

पाकिस्तान ने कहा,” चिकित्सा दल की देखरेख में राष्ट्रीय टीम ने बेकनहम में केंट काउंटी क्रिकेट क्लब में प्रैक्टिस सेशन में हिस्सा लिया। खिलाड़ियों ने सेशन के दौरान बल्लेबाजी और गेंदबाजी नेट प्रैक्टिस की। चोटिल बल्लेबाज़ शान मसूद ने भी प्रैक्टिस सेशन में हिस्सा लिया।”

पाकिस्तान टीम आने वाले दिनों में मसूद की फ़िटनेस पर नज़र रखेगी और उसके बाद ही पहले टेस्ट के लिए उनकी उपलब्धता पर फ़ैसला करेगी। यह सीरीज़ इंग्लैंड में 2025-27 वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप चरण में पाकिस्तान का पहला असाइनमेंट होगा। पाकिस्तान अभी डब्ल्यूटीसी स्टैंडिंग में आठवें स्थान पर है और कैरेबियन में अपने बेहतर प्रदर्शन से मिले आत्मविश्वास को इंग्लैंड दौरे पर भी बनाए रखने की कोशिश करेगा।

ऑस्ट्रेलियाई दिग्गजों ने बांग्लादेश से मिली टेस्ट हार को बताया पतन, की बदलाव की मांग

डॉर्विन में बांग्लादेश से मिली 9 विकेटों की हार को ऑस्ट्रेलियाई पूर्व क्रिकेटर्स ने पतन करार दिया है। रिकी पोंटिंग, मैथ्यू हेडन और मार्क वॉ ने ऑस्ट्रेलिया की हार पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। दिग्गजों ने माना है कि टीम में फिजूल की जगह बनाए रखने वाले खिलाड़ियों की जगह नहीं है और कहा टीम में आमूलचूल परिवर्तन होने चाहिए।

दिग्गजों का इशारा ओपनर वेदरहल्ड, मार्नस लाबुशेन और ब्यू वेबस्टर की तरफ था। इस कड़ी में कैमरन ग्रीन का भी नाम जुड़ जाता लेकिन उन्होंने दूसरी पारी में शतक जमाया।

रिकी पोंटिंग ने कहा, मैंने पिछली गर्मियों में ही कह दिया था कि बदलाव नहीं होंगे तो कहीं शर्मनाक हार का मुंह ना देखना पड़ जाए। ऑस्ट्रेलिया भाग्यशाली साबित हो रही थी। कुछ खिलाड़ियों का प्रदर्शन औसत से कम रहा है। हालांकि जब तक हालात बद से बदत्तर ना हो जाए खिलाड़ी बाहर नहीं होना चाहिए लेकिन विकल्प तैयार होना चाहिए। नंबर 3 के लिए टीम को जल्द कोई खिलाड़ी खोजना होगा।

पूर्व तेज गेंदबाज ट्रैंट कोपलैंड ने कहा है कि बांग्लादेश ऑस्ट्रेलिया को डॉर्विन में टेस्ट मैच हरा दे यह स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा, हम जितने निराश है खिलाड़ी भी उतने ही निराश होंगे लेकिन यह बात माननी पड़ेगी कि ऑस्ट्रेलिया अपने घरेलू हालात में ऐसी टीम से नहीं हार सकता जो पिछले महीने जिम्बाब्वे से हारकर यहां आई हो।

पूर्व सलामी बल्लेबाज मार्क वॉ ने कहा कि मेजबान टीम अपने घर पर सबसे बड़े उलटफेर का शिकार हुई है। वेस्टइंडीज ने 2 साल पहले ऑस्ट्रेलिया को गाबा में हराया था। ऑस्ट्रेलिया ने बहुत खराब खेल दिखाया और इसकी कीमत उनको हार से चुकानी पड़ी।  बांग्लादेश नाहिद राणा के बिना खेल रही थी और उसने ऑस्ट्रेलिया को धूल चटा दी।

IND vs SL: गॉल टेस्ट में गरजा देवदत्त पडिक्कल का बल्ला, ठोका करियर का पहला शतक, विराट कोहली के इस एलीट क्लब में हुए शामिल

भारत और श्रीलंका के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जा रहा है। मुकाबले में भारत ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने का फैसला किया है। भारत ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी का फैसला किया था। वहीं पहले बल्लेबाजी करने आई भारतीय टीम पहले दिन 2 विकेट पर 288 रन बनाए। पहले दिन का खेल खत्म होने तक देवदत्‍त पडिक्‍कल 131 और ऋषभ पंत 27 रन पर क्रीज पर हैं। देवदत्त पडिक्कल ने श्रीलंका के खिलाफ गॉल टेस्ट में शानदार बल्लेबाजी करते हुए अपने टेस्ट करियर का पहला शतक जड़ दिया।

कर्नाटक के इस बाएं हाथ के बल्लेबाज ने दो मैचों की सीरीज के पहले मुकाबले में धैर्य के साथ खेलते हुए बड़ी पारी खेली और टीम के लिए अहम योगदान दिया। यह शतक पडिक्कल के टेस्ट करियर की एक खास उपलब्धि बन गया। इस शतक के साथ पडिक्कल विराट कोहली के साथ एक खास क्लब में शामिल हो गए।

पडिक्कल ने बनाया रिकॉर्ड

देवदत्त पडिक्कल ने अपने शतक के साथ एक खास रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। वह स्वतंत्रता दिवस के मौके पर इंटरनेशनल क्रिकेट में शतक लगाने वाले दूसरे भारतीय पुरुष खिलाड़ी बन गए हैं। उनसे पहले यह उपलब्धि विराट कोहली ने हासिल की थी। कोहली ने 2019 में वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे मैच में नाबाद 114 रन की पारी खेलकर यह रिकॉर्ड बनाया था। उन्होंने पोर्ट ऑफ स्पेन में टीम को मुश्किल टारगेट का पीछा करने में अहम मदद की थी।

कैसा था मुकाबला

ये मुकाबला मैच 14 अगस्त को शुरू हुआ था, लेकिन भारतीय समय के मुताबिक कोहली ने अपना शतक 15 अगस्त की रात लगाया। बारिश के कारण मैच 35 ओवर का कर दिया गया और भारत को 255 रन का लक्ष्य मिला। 92 रन पर 3 विकेट गिरने के बाद कोहली ने पारी संभाली और टीम को जीत के करीब पहुंचाया। भारत 32.3 ओवर में लक्ष्य हासिल कर मैच अपने नाम कर लिया। इस मुकाबले में विराट कोहली ने अपना 43वां वनडे शतक लगाया।

गणतंत्र दिवस- स्वतंत्रता दिवस पर लगा चुके हैं शतक

इसके साथ ही विराट कोहली स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस दोनों मौकों पर शतक लगाने वाले इकलौते भारतीय पुरुष क्रिकेटर हैं। गणतंत्र दिवस पर उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एडिलेड ओवल में 116 रन की पारी खेली थी, जो उनके टेस्ट करियर का पहला शतक भी था।

पडिक्कल ने 134 गेंदों में ठोका शतक

देवदत्त पडिक्कल ने 134 गेंदों में अपना पहला टेस्ट शतक पूरा किया। पडिक्कल को चोटिल बी साई सुदर्शन की जगह टीम में शामिल किया गया था और उन्होंने नंबर तीन पर बल्लेबाजी करते हुए शानदार प्रदर्शन किया। पडिक्कल ने पारी के दौरान धैर्य के साथ बल्लेबाजी की और स्पिन गेंदबाजों का भी अच्छी तरह सामना किया।