पहले शतक से मिला पहला मैन ऑफ द मैच, क्या बोले देवदत्त पड्डीकल

Devdutt Padikkal

भारत की पहली पारी में 167 रन बनाने वाले और दूसरी पारी में 44 रनों की पारी खेलने वाले देवदत्त पड्डीकल को गॉल टेस्ट में मैन ऑफ द मैच का पुरुस्कार मिला। बॉर्डर गावस्कर टेस्ट सीरीज 2024 में टेस्ट डेब्यू करने वाले देवदत्त लंबे समय से टीम से बाहर थे और उनको सांई सुदर्शन की चोट के कारण मौका मिला था जो उन्होंने भुना लिया। देवदत्त का यह पहला टेस्ट शतक था जो उन्हें  मैन ऑफ द मैच का पुरुस्कार दे गया।

देवदत्त पडिक्कल ने कहा कि उन्होंने इस ख़ास पल का सपना देखा था।पडिक्कल ने कहा, ” मैंने इस पल का सपना देखा है। पिछले दो सालों से, मैं सच में बहुत मेहनत कर रहा हूँ ताकि जब मुझे वह मौका मिले, तो मैं ऐसा कुछ खास कर सकूँ, और मुझे ऐसा करके बहुत खुशी होती है।”

शुरुआत में स्पिन के खिलाफ उनके आक्रामक इरादे और निर्णायक फुटवर्क के बारे में पूछे जाने पर पडिक्कल ने कहा,”हाँ, मुझे लगता है कि हमने इस पर लंबी चर्चा की है, खासकर जब आप स्पिन खेल रहे हों, तो यह ज़रूरी है कि आपके दिमाग में कुछ प्लान हों। आप वहाँ जाकर हर समय रिएक्ट करने की उम्मीद नहीं कर सकते। यह ज़रूरी है कि आपके दिमाग में कुछ शॉट हों जिन्हें आप मैदान में उतरते ही खेलना चाहते हैं, ताकि आप बॉलर पर भी कुछ प्रेशर डाल सकें। तो, मुझे लगता है कि पिछले एक साल में, हमने अपनी ताकत में ऐसे तरीके खोजने की कोशिश की है जिन्हें आप सच में लागू कर सकें ताकि आप प्रेशर वापस डाल सकें।”

पडिक्कल ने साथ ही कहा, ”हाँ, बिल्कुल। मुझे लगता है कि जब आपको यह क्लैरिटी होती है कि आप क्या करना चाहते हैं, तो मुझे लगता है कि इससे आपके फुटवर्क में भी कॉन्फिडेंस आता है। मुझे लगता है कि मैं बस यह पक्का करना चाहता था कि मैं जो भी करूँ, उसमें 100% कमिटेड रहूँ। भले ही वह डिफेंसिव शॉट हो, मैं यह पक्का करना चाहता हूँ कि मैं उसे खेलने के लिए सच में कमिटेड रहूँ, इसलिए इससे मेरा फुटवर्क बहुत बेहतर हो गया।”

शतक को बड़े में बदलने की काबिलियत पर उन्होंने कहा, ”मुझे सच में लगता है, यह बस और रन बनाने की भूख है। मुझे बस वहाँ बैटिंग करने में मज़ा आता है, और जैसे ही आप 100 रन बनाते हैं, रिलैक्स करना और वह राहत महसूस करना आसान होता है। लेकिन मेरे लिए यह ज़रूरी है कि अगली 20-30 गेंदें सच में बहुत ज़रूरी फेज़ हों, जिसमें मैं यह पक्का करने की कोशिश करता हूँ कि मैं पूरी तरह से फोकस्ड रहूँ, पूरी तरह से वहाँ रहूँ। मुझे लगता है कि जब मैं 100 के बाद पहली 10 गेंदें पार कर लेता हूँ, तो मेरा काम बहुत आसान हो जाता है। और इतने सालों में, मैंने बहुत से क्रिकेटरों को बड़े रन बनाते, बड़े शतक बनाते देखा है, खासकर कर्नाटक में। इसलिए उन्हें बैटिंग करते देखकर मेरा भी मन करता है कि मैं भी वैसा ही करूँ।

462 रन बनाकर भारत ने श्रीलंका पर बनाया गॉल टेस्ट में दबाव

INDvsSL देवदत्त पडिक्कल (167), केएल राहुल (82) और ध्रुव जुरेल (51) रन की शानदार पारियों की बदौलत भारत ने पहले टेस्ट मैच के तीसरे दिन सोमवार को श्रीलंका के खिलाफ  462 रन बनाकर अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। रविवार सांयकाल 460 रनों पर 9 विकेट गंवाकर आज खेलेने उतरी भारतीय टीम का प्रसिद्ध कृष्णा के तौर पर अंतिम विकेट गिरा। उनका विकेट अशिता फर्नेंडो ने लिया।

इससे पहले रविवार को बाएं हाथ के बल्लेबाज पड़िक्कल ने दिन की शुरुआत 131 रन से की थी, आत्मविश्वास के साथ 150 और फिर 160 के स्कोर तक पहुंचे और खराब गेंदों पर लगातार प्रहार करते रहे। उन्होंने 215 गेंदों में 150 रन पूरे किए और उसके बाद भी अपना आक्रामक खेल जारी रखा। केएल राहुल ने भी उतना ही अहम साथ दिया और 175 गेंदों में 10 चौकों और एक छक्के की मदद से 82 रन बनाए। एक समय ऐसा लग रहा था कि वह एक बड़ा शतक बनाएंगे, लेकिन केशरा नुवंता ने एक बेहतरीन गेंद डाली जो टर्न हुई और उछली, जिससे राहुल को अपना शॉट बदलना पड़ा और गेंद सीधे शॉर्ट लेग पर चली गई।

पडिक्कल ने अपनी पारी में 230 गेंदों का सामना किया और इस दौरान 15 चौके और एक छक्का लगाया और अंत में प्रभात जयसूर्या की गेंद पर वह स्टंप आउट हुए। उनके आउट होने के साथ ही वह लंबी पारी समाप्त हुई जिसने श्रीलंकाई गेंदबाज़ों पर लगातार दबाव बनाए रखा था। ऋषभ पंत के आउट होने से भारत की 300 रन के पार जाने की गति थोड़ी धीमी हुई। पंत ने 62 गेंदों में तेज 39 रन बनाए। पंत ने नुवंता पर हमला करने की कोशिश की, लेकिन मिड-ऑफ की तरफ़ शॉट का सही समय नहीं चुन पाए, जहां सोनल दिनुशा ने दौड़ते हुए कैच पूरा किया। यह नुवंता का पहला टेस्ट विकेट था।

चायकाल के बाद भारत के विकेट गिरने का सिलसिला जारी रहा। रवींद्र जडेजा (13) रन के रूप में भारत का छठा विकेट गिरा। उन्होंने नुवंता ने पगबाधा आउट किया। इस दौरान ध्रुव जुरेल ने तेजी के साथ रन बनाते हुए अपना अर्धशतक पूरा किया। 110वें ओवर में उन्हें प्रभात जयसूर्या ने आउट किया। ध्रुव जुरेल ने 68 गेंदों में चार चौके और एक छक्का लगाते हुए (51) रनों की पारी खेली। मोहम्मद सिराज (11) रन को ए फर्नांडो ने आउट किया। मानव सुथार (24) रन नौवें विकेट के रूप में आउट हुये। उन्हें प्रभात जयसूर्या ने आउट किया।

बारिश के कारण केवल दो सत्र का खेल हो पाया। पहले सत्र में कुल 76 रन बने और तीन विकेट गिरे। दूसरे सेशन में 96 रन बने और चार विकेट गिरे। कुल मिला कर आज का खेल दोनों टीमों के नाम रहा। लेकिन भारतीय टीम के लिए अच्छी ख़बर यह है कि पिच स्पिनरों के लिए मददगार बनती जा रही है। ऐसे में 460 रनों का स्कोर अच्छा स्कोर दिख रहा है। स्टंप्स के समय कुलदीप यादव (नाबाद 12) और प्रसिद्ध कृष्णा (नाबाद एक) रन बनाकर क्रीज पर मौजूद हैं।श्रीलंका की ओर से प्रभात जयसूर्या ने चार विकेट लिये। केशरा नुवंता को तीन विकेट मिले। ए फर्नांडो ने एक बल्लेबाज को आउट किया।

देवदत्त पड्डीकल ने श्रीलंका के खिलाफ जमाया करियर का पहला टेस्ट शतक

Devdutt Padikkal

INDvsSL देवदत्त पड़िक्कल (नाबाद 131) और केएल राहुल (नाबाद 77) की अर्धशतकीय पारियों की बदौलत भारत ने पहले टेस्ट मैच के पहले दिन शनिवार को 2 विकेट पर 288 रन बना लिये है। आज गॉल में भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। बल्लेबाजी करने उतरी यशस्वी जायसवाल और केएल राहुल की सलामी जोड़ी ने पहले विकेट के लिए 47 रन जोड़े। इसी दौरान दुभाग्यपूर्ण तरीके से यशस्वी जायसवाल (32) पर रन आउट हो गये। जायसवाल ने अपनी पारी में पांच चौके लगाये।

बाद बल्लेबाजी करने आये देवदत्त पडिक्कल ने केएल राहुल के साथ पारी को संभाला और तेजी के साथ रन बटोरे। भोजनकाल तक भारत ने एक विकेट पर 101 रन बना लिये। भोजनकाल के बाद दोनों बल्लेबाजों ने बिना कोई विकेट गवांये अपने-अपने अर्धशतक पूरे किये। देवदत्त पड़िक्कल ने 36वें ओवर की दूसरी गेंद पर एक रन लेकर अपना अर्धशतक पूरा किया। इसके बाद केएल राहुल 43वें ओवर की दूसरी गेंद पर एक रन लेकर अपना 21वां अर्धशतक पूरा किया। भारत ने चायकाल तक एक विकेट विकेट पर 197 रन बना लिये।केएल राहुल 162 गेंदों में (नाबाद 77) रन बनाकर क्रीज पर मौजूद थे। इस दौरान राहुल ने अपनी पारी में नौ चौके और एक छक्का लगाया। 

लेकिन चायकाल के बाद पीठ में दर्द के कारण वह रिटायर आउट हो गए। लेकिन उनकी जगह आए शुभमन गिल ने बेहतरीन कवर ड्राइव लगाए। इस दौरान देवदत्त पड्डिकल 98 पर बोल्ड होने से बाल बाल बचे जब गेंद गिल्ली को नहीं गिरा सकी। कुछ गेंदों बाद ही उन्होंने अपना पहला शतक पूरा किया। 16 रनों के स्कोर पर शुभमन गिल ने प्रभात जयसूर्या के खिलाफ हवाई शॉट खेलकर विकेट गंवा दिया। उनकी जगह आए ऋषभ पंत ने आक्रामक बल्लेबाजी की और पड्डीकल के साथ दिन के अंत तक डटे रहे।

IND vs SL: गॉल टेस्ट में गरजा देवदत्त पडिक्कल का बल्ला, ठोका करियर का पहला शतक, विराट कोहली के इस एलीट क्लब में हुए शामिल

भारत और श्रीलंका के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जा रहा है। मुकाबले में भारत ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने का फैसला किया है। भारत ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी का फैसला किया था। वहीं पहले बल्लेबाजी करने आई भारतीय टीम पहले दिन 2 विकेट पर 288 रन बनाए। पहले दिन का खेल खत्म होने तक देवदत्‍त पडिक्‍कल 131 और ऋषभ पंत 27 रन पर क्रीज पर हैं। देवदत्त पडिक्कल ने श्रीलंका के खिलाफ गॉल टेस्ट में शानदार बल्लेबाजी करते हुए अपने टेस्ट करियर का पहला शतक जड़ दिया।

कर्नाटक के इस बाएं हाथ के बल्लेबाज ने दो मैचों की सीरीज के पहले मुकाबले में धैर्य के साथ खेलते हुए बड़ी पारी खेली और टीम के लिए अहम योगदान दिया। यह शतक पडिक्कल के टेस्ट करियर की एक खास उपलब्धि बन गया। इस शतक के साथ पडिक्कल विराट कोहली के साथ एक खास क्लब में शामिल हो गए।

पडिक्कल ने बनाया रिकॉर्ड

देवदत्त पडिक्कल ने अपने शतक के साथ एक खास रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। वह स्वतंत्रता दिवस के मौके पर इंटरनेशनल क्रिकेट में शतक लगाने वाले दूसरे भारतीय पुरुष खिलाड़ी बन गए हैं। उनसे पहले यह उपलब्धि विराट कोहली ने हासिल की थी। कोहली ने 2019 में वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे मैच में नाबाद 114 रन की पारी खेलकर यह रिकॉर्ड बनाया था। उन्होंने पोर्ट ऑफ स्पेन में टीम को मुश्किल टारगेट का पीछा करने में अहम मदद की थी।

कैसा था मुकाबला

ये मुकाबला मैच 14 अगस्त को शुरू हुआ था, लेकिन भारतीय समय के मुताबिक कोहली ने अपना शतक 15 अगस्त की रात लगाया। बारिश के कारण मैच 35 ओवर का कर दिया गया और भारत को 255 रन का लक्ष्य मिला। 92 रन पर 3 विकेट गिरने के बाद कोहली ने पारी संभाली और टीम को जीत के करीब पहुंचाया। भारत 32.3 ओवर में लक्ष्य हासिल कर मैच अपने नाम कर लिया। इस मुकाबले में विराट कोहली ने अपना 43वां वनडे शतक लगाया।

गणतंत्र दिवस- स्वतंत्रता दिवस पर लगा चुके हैं शतक

इसके साथ ही विराट कोहली स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस दोनों मौकों पर शतक लगाने वाले इकलौते भारतीय पुरुष क्रिकेटर हैं। गणतंत्र दिवस पर उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एडिलेड ओवल में 116 रन की पारी खेली थी, जो उनके टेस्ट करियर का पहला शतक भी था।

पडिक्कल ने 134 गेंदों में ठोका शतक

देवदत्त पडिक्कल ने 134 गेंदों में अपना पहला टेस्ट शतक पूरा किया। पडिक्कल को चोटिल बी साई सुदर्शन की जगह टीम में शामिल किया गया था और उन्होंने नंबर तीन पर बल्लेबाजी करते हुए शानदार प्रदर्शन किया। पडिक्कल ने पारी के दौरान धैर्य के साथ बल्लेबाजी की और स्पिन गेंदबाजों का भी अच्छी तरह सामना किया।