तिलक का आउट होना मैच का ‘टर्निंग पॉइंट’ रहा: सैमसन

भारतीय सलामी बल्लेबाज संजू सैमसन का मानना है कि चौथे टी-20 मैच में वेस्टइंडीज खिलाफ तिलक वर्मा का आउट होना मैच का टर्निंग पॉइंट था।

नयी तैयार की गई पिच पर 248 रनों का पीछा करते हुए, भारत 12वें ओवर तक 130 रनों पर 5 विकेट गंवा चुका था, लेकिन तिलक और नीतीश कुमार रेड्डी ने टीम को मुकाबले में बनाए रखा। इन दोनों ने मिलकर स्थिति ऐसी ला दी थी कि 19 गेंदों पर 48 रनों की जरूरत थी, तभी रोमारियो शेफर्ड ने तिलक को आउट कर दिया।

वेस्टइंडीज के खिलाफ 24 रनों से हराने के बाद संजू सैमसन ने कहा मैच का टर्निंग पॉइंट तब आया जब तिलक आउट हुए। हम अच्छी तरह से आगे बढ़ रहे थे और प्रति ओवर 10-12 रन आसानी से बना रहे थे। रेड्डी और तिलक दबाव वाली स्थिति में बहुत अच्छी बल्लेबाजी कर रहे थे। मुझे लगता है कि उस पल तक हम लक्ष्य का पीछा करने की स्थिति में थे। पांच विकेट गिरने के बाद इस तरह का कंट्रोल होना वाकई बहुत बड़ी बात है – दो युवा क्रिकेटरों ने दबाव को संभाला और वेस्टइंडीज की गेंदबाजी लाइन-अप का डटकर सामना किया। इससे पहले, सैमसन ने खुद 23 गेंदों में 56 रन बनाकर टीम के लिए एक मजबूत आधार तैयार किया था।

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उन्होंने कहा जब आप हारने वाली टीम की तरफ होते हैं, तो आप जो कुछ भी करते हैं उसका अहसास बिल्कुल अलग होता है, इसलिए इस समय मैं काफी निराश हूँ। मैं निश्चित रूप से जीतना चाहता था। मुझे बल्लेबाजी करने में बहुत मज़ा आया। जब आप इस तरह के स्कोर का पीछा कर रहे होते हैं, तो कोई दूसरा विचार नहीं आता – आपको बस अपनी सूझबूझ और अपनी ताकत पर भरोसा करना होता है, और मैंने बिल्कुल वैसा ही किया। इसलिए मुझे अपनी पारी में मज़ा तो आया, लेकिन काश हम जीत जाते।

जब उनसे पूछा गया कि क्या गेंदबाजी में भारत को जसप्रीत बुमराह की कमी खल रही है, तो सैमसन ने कहा जसप्रीत बुमराह का कोई विकल्प नहीं है। वे अपनी पीढ़ी के एक असाधारण गेंदबाज हैं, और हम बहुत भाग्यशाली हैं कि वे हमारी टीम में हैं। लेकिन हमारे पास कुछ बहुत अच्छी युवा प्रतिभा भी हैं। अर्शदीप सिंह बहुत अच्छा काम कर रहे हैं, और पिछले कुछ मैचों में प्रिंस यादव ने जिस तरह से गेंदबाजी की है, वह भी काफी प्रभावशाली है। मुझे लगता है कि हमारे पास वाकई बहुत अच्छा टैलेंट है। हम उन्हें जितना ज़्यादा खिलाएंगे और उन पर जितना ज़्यादा भरोसा दिखाएंगे, वे उतने ही बेहतर होते जाएंगे।

सीरीज का फैसला करने वाले पांचवें टी-20 मैच से पहले भारत के सामने एक और समस्या आ खड़ी हुई है। लक्ष्य का पीछा करते हुए आखिरी ओवर में, शमार जोसेफ की एक शॉर्ट गेंद अर्शदीप के बाएं कंधे पर लग गई। वे काफी दर्द में दिख रहे थे, लेकिन फिर भी एक और गेंद का सामना करने के बाद वे ‘रिटायर्ड हर्ट’ होकर मैदान से बाहर चले गए। सैमसन ने बताया अर्शदीप अपने कंधे पर बर्फ लगा रहे हैं। उम्मीद है कि वे जल्द ही ठीक हो जाएंगे। सीरीज काआखिरी टी-20 मैच शनिवार को बेंगलुरु में खेला जाएगा।

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मुख्य चयनकर्ता के लिए पार्थिव पटेल ने नहीं किया आवेदन प्रज्ञान ओझा के लिए रास्ता साफ

Pragyan Ojha

सितंबर माह में ऐसी खबरें थी कि पूर्व विकेटकीपर पार्थिव पटेल अगले मुख्य चयनकर्ता बनने की दौड़ में सबसे आगे हैं। ऐसा माना जा रहा था  कि अजीत आगरकर ने अपने कार्यकाल को बढ़ाने की कोई सिफारिश नहीं की है। ऐसे में पूर्व विकेटकीपर पार्थिव पटेल मुख्य चयनकर्ता बनने के करीब थे।

लेकिन उन्होंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड  के मुख्य चयनकर्ता की दौड़ से हटने का फैसला करते हुए आवेदन नहीं दिया। ऐसे में अंतिरम  मुख्य चयनकर्ता को पूर्णकालिक मुख्य चयनकर्ताबनाने का रास्ता साफ हो चुका है। हाल ही में प्रज्ञान ओझा ने न्यूजीलैंड दौरे के लिए भारतीय टी-20 टीम की घोषणा की थी और अब वह बतौर पूर्णकालिक मुख्य चयनकर्ता एकदिवसीय टीम की भी घोषणा जल्द करेंगें। ऐसा माना जा रहा है कि पार्थिव पटेल मुख्य चयनकर्ता बनने से ज्यादा गुजरात टाइटंस के लिए मेंटर करने में ज्यादा दिलचस्पी रखते हैं।

ऐसा रहा है करियर

ओझा ने 2013 में वेस्टइंडीज के खिलाफ मुंबई में सचिन तेंदुलकर के विदाई टेस्ट में आखिरी बार भारत के लिए खेला था।ओझा ने वेस्टइंडीज के खिलाफ इस टेस्ट की पहली पारी में 40 रन पर पांच विकेट और दूसरी पारी में 49 रन पर पांच विकेट लिए थे और वह ‘मैन ऑफ द मैच’ बने।उन्होंने 2009 से 2013 के बीच 24 टेस्ट में 113 विकेट लिए हैं।

उनका एकदिवसीय पदार्पण साल 2008 में हुआ था लेकिन 4 साल के करियर में उन्होंने उन्होंने 18 वनडे में 21 विकेट लिए।टी-20 अंतरराष्ट्रीय में उनको सबसे कम मौका मिला। उन्होंने कुल 6 मैच में 10 विकेट लिए।आईपीएल करियर की बात करें तो उन्होंने 92 मैचों में 89 विकेट लिए।आईपीएल में डेक्कन चार्जर्स और मुंबई इंडियंस के लिए खेल चुके ओझा के गेंदबाजी एक्शन की 2014 में शिकायत हुई थी। बाद में 2015 में उनके गेंदबाजी एक्शन को फिर वैध ठहराया गया।

बाएं हाथ के स्पिनर को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर गावस्कर टेस्ट सीरीज में वीवीएस लक्ष्मण के साथ साझेदारी के लिए जाना जाता है जब भारत को एक विकेट से करीबी जीत हासिल हुई थी।

गौतम गंभीर के बर्थ डे पर जीत का गिफ्ट नहीं दे पाई इंडिया, इंडीज ने 24 रनों से हराया

INDvsWI गौतम गंभीर के जन्मदिन की पार्टी तब फीकी पड़ गई जब भारतीय टीम आज हैदराबाद में वेस्टइंडीज से 24 रनों से चौथा टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच 24 रनों से हार गई।  इंडीज द्वारा दिया गया 245 रनों के लक्ष्य के जवाब में भारत 223 रन बनाकर आउट हो गई। सीरीज अब 2-2 से बराबर हो गई है और फाइनल मैच बैंगलूरू में खेला जाएगा। 

245 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत की विस्फोटक शरुआत हुई और पहले 4 ओवर में भारत ने 60 रन बनाए जिसमें 56 रन संजू सैमसन के थे। लेकिन इसके बाद कीमो पॉल ने एक ओवर में संजू और ईशान को आउट कर दिया। 

श्रेयस अय्यर भी कुछ खास नहीं कर पाए और 16 रन बनाकर आउट हो गए। भारतीय टीम को असली झटका तब लगा जब अभिषेक शर्मा 29 रन बनाकर आउट हो गए। अगली ही गेंद पर गुडाकेश मोती ने नमन धीर को स्टंप कर दिया। ऐसा लग रहा था मैच भारत से दूर चला गया लेकिन तिलक वर्मा और नितीश कुमार ने हिटिंग जारी रखी। 

एक समय पर 4 ओवर में 59 रनों की दरकार थी। लेकिन तब ही तिलक वर्मा  को रोमारियो ने आउट कर दिया। अगले ओवर में एक बार फिर कीमो पॉल ने 2 नहीं 3 विकेट लेकर मैच खत्म कर दिया। उन्होंने 4 ओवर में 40 रन देकर 5 विकेट लिए। 

शमार जोसेफ जो लगातार रन दे रहे हैं उन्होंने अंत में अर्शदीप सिंह के बांह में मारकर उनको रिटायर आउट करवा दिया और गौतम गंभीर को जन्मदिन पर एक और सिरदर्द दे दिया।

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शाई होप ने भारत के खिलाफ जड़ा एक और शतक, इंडीज पहुंची 245 पार

INDvsWI शाई होप (नाबाद 102) ने आखिरी दो गेंदों पर छक्के लगाते हुए अपना शतक पूरा किया जिसकी बदौलत वेस्ट इंडीज ने भारत के खिलाफ चौथे टी 20 में बुधवार को तीन विकेट पर 247 रन का मजबूत स्कोर बना लिया।

होप की शतकीय पारी की बदौलत वेस्टइंडीज़ ने एक बल्लेबाज़ी वाली सतह पर भारत के सामने 248 का लक्ष्य रखा । होप ने इस दौरे का अपना चौथा शतक बनाया। टी 20 में होप का यह तीसरा शतक है और ऐसा करते हुए वह वेस्टइंडीज़ की ओर इस प्रारूप में सर्वाधिक अंतरराष्ट्रीय शतक जड़ने वाले बल्लेबाज़ हो गए हैं और उन्होंने एविन लुईस और क्रिस गेल को पीछे छोड़ दिया है। होप ने 50 गेंदों में नाबाद 102 रन में चार चौके और नौ छक्के लगाए। उन्होंने पारी की आखिरी दो गेंदों में छक्के मारकर अपना रिकॉर्डतोड़ शतक पूरा किया।

टॉस के दौरान दोनों ही कप्तान पूरी तरह से आश्वस्त नहीं थे कि यह पिच कैसा खेलेगी लेकिन पिच अब तक बल्लेबाज़ी के लिए काफ़ी अनुकूल नज़र आई है। होप शुरू से लेकर अंत तक डटे रहे। होप ने पहले ऐंड्रूयू और फिर हेटमायर के साथ अर्धशतकीय साझेदारी की, इसके बाद पॉवेल के साथ उन्होंने 46 रनों की साझेदारी की और अंत में शरफ़ेन रदरफ़ोर्ड के साथ उन्होंने 91 रनों की साझेदारी की।

वेस्टइंडीज़ ने 12वें ओवर में ही 150 के आंकड़े को छू लिया था लेकिन बाद में भारतीय गेंदबाज़ों ने वेस्टइंडीज़ की बल्लेबाज़ी को धीमा किया। हालांकि वे बहुत देर तक वेस्टइंडीज़ के बल्लेबाज़ों को बांधे नहीं रख सके। आखिरी पांच ओवरों में वेस्ट इंडीज ने 70 रन ठोके। रदरफोर्ड ने 26 गेंदों पर नाबाद 49 रन में चार चौके और तीन छक्के लगाए।

भारत: श्रेयस अय्यर (कप्तान), ईशान किशन, संजू सैमसन (विकेटकीपर), नमन धीर, तिलक वर्मा (उपकप्तान), अभिषेक शर्मा, नितीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, प्रिंस यादव, मयंक यादव।

वेस्टइंडीज:शाई होप (कप्तान और विकेटकीपर), शिमरोन हेटमायर, कामिल पूरन, रोवमैन पॉवेल, शेरफेन रदरफोर्ड, क्वेंटिन सैम्पसन, रोस्टन चेज़, कीमो पॉल, शमर स्प्रिंगर, शमर जोसेफ, गुडाकेश मोती

रणजी मैच में घरेलू पिच पर सर जड़ेजा ने बल्ले और गेंद से जीता मैन ऑफ द मैच

Ravindra Jadeja

सौराष्ट्र की टीम के सबसे अनुभवी खिलाड़ी रविंद्र जड़ेजा ने अपने गृहनगर राजकोट के निरंजन शाह स्टेडियम में पहले शतक लगाकर और फिर 3 विकेट लेकर मैन ऑफ द मैच का अवार्ड पाया। उनके इस प्रदर्शन से सौराष्ट्र छत्तीसगढ़ से मैच ड्रॉ कराने में कामयाब हो पाई।

सौराष्ट्र ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 392 रन बनाए जिसमें रविंद्र जड़ेजा का 209 गेंदों में 7 चौके लगाकर 102 रनों का योगदान था। इसके बाद छत्तीसगढ़ 312 रनों पर सिमट गई। रविंद्र जड़ेजा ने सर्वाधिक 17 ओवरों में सिर्फ 40 रन देकर 3 विकेट लिए। हालांकि यह तीनों विकेट निचले क्रम के थे लेकिन इस प्रदर्शन से छत्तीसगढ़ की टीम सौराष्ट्र पर बढ़त नहीं ले पाई।

भारत के अनुभवी खिलाड़ी रविंद्र जडेजा टेस्ट ऑलराउंडरों की रैंकिंग में शीर्ष पर अपनी मजबूत स्थिति बनाए हुए हैं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अच्छे प्रदर्शन के बाद दक्षिण अफ्रीका के वियान मुल्डर एक स्थान ऊपर चढ़कर चौथे और साइमन हार्मर पांच पायदान की छलांग लगाकर संयुक्त रूप से 23वें स्थान पर हैं।

जडेजा हाल ही में वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत की 2-1 से वनडे सीरीज जीत का हिस्सा थे, जहां उन्होंने दो मैचों में दो विकेट लिए, लेकिन उन्हें बल्लेबाजी का मौका नहीं मिला। रणजी ट्रॉफी इस बाएं हाथ के स्पिन ऑलराउंडर को अगले महीने न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत के दो टेस्ट मैचों के दौरे से पहले अपनी लाल गेंद की क्रिकेट का फॉर्म हासिल करने का मौका देगी। टेस्ट सीरीज वेलिंग्टन में 19-23 नवंबर तक शुरू होगी, जिसके बाद दूसरा मैच क्राइस्टचर्च में 27 नवंबर से 1 दिसंबर तक खेला जाएगा।

ऐसा रहा है करियर

टेस्ट क्रिकेट में रविंद्र जड़ेजा की उपयोगिता को नकारा नहीं जा सकता। साल 2012 से शुरु हुआ रविंद्र जड़ेजा का क्रिकेट करियर अब ढलान पर है। 89 मैचों में उन्होंने 38.3 की औसत से 4095 रन बनाए हैं। जिसमें 6 शतक और 28 अर्धशतक लगाए हैं। गेंदबाजी की बात करें तो उन्होंने 25 की औसत से 348 विकेट चटकाए हैं। इस दौरान उन्होंने 17 बार 4 विकेट और 15 बार 5 विकेट चटकाए हैं।टेस्ट क्रिकेट में उनको कितना मौका मिलता है यह देखने वाली बात होगी।

टॉप 10 के बाद टॉप 5 में श्रेयस अय्यर, अगला लक्ष्य पाकिस्तानी कप्तान

 

भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर वेस्टइंडीज के खिलाफइंदौर टी-20 में भले ही 1 रन बनाकर आउट हो गए हों लेकिन रांची टी-20 में 18 गेंदों में (3 छक्के और चौके) बनाए 40 रनों से वह ICC की बल्लेबाजों की नवीनतम टी20 अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में तीन स्थान के फायदे से करियर के सर्वश्रेष्ठ चौथे स्थान पर पहुंच गए हैं। अय्यर ने लखनऊ में शृंखला के पहले मैच में अपना पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय शतक जड़ा था और वह सातवीं रैंक पर पहुंचे थे।

T20I अंतरराष्ट्रीय बल्लेबाजी रैंकिंग में शीर्ष 10 में चार भारतीय शामिल हैं।इशान किशन 904 अंक के साथ शीर्ष पर हैं। उन्होंने साथी भारतीय बल्लेबाज अभिषेक शर्मा पर 13 अंक की बढ़त बना रखी है। पाकिस्तान के साहिबजादा फरहान करियर के सर्वश्रेष्ठ 883 अंक के साथ तीसरे स्थान पर हैं।भारत को अभी इंडीज के खिलाफ बैंगलूरू और हैदराबाद में दो टी-20 मैच खेलने है। वह इन दो मैचों में कोशिश करेंगें कि पाकिस्तानी टी-20 कप्तान साहिबजादा फरहान से आगे निकला जाए।

ICC ने कहा कि श्रीलंका के खिलाफ शानदार प्रदर्शन की बदौलत पाकिस्तान के कप्तान फरहान ने करियर के सर्वश्रेष्ठ रेटिंग अंक हासिल किए।श्रीलंका के कुसल मेंडिस (तीन स्थान के फायदे से 23वें स्थान पर), वेस्टइंडीज के शेरफेन रदरफोर्ड (13 स्थान के फायदे से संयुक्त 24वें) और भारत के संजू सैमसन (चार स्थान के फायदे से संयुक्त 27वें) को भी रैंकिंग में फायदा हुआ है।

वेस्टइंडीज के रोस्टन चेस ने भारत के खिलाफ शानदार प्रदर्शन के बाद ICC T20I अंतरराष्ट्रीय गेंदबाजों की रैंकिंग में 24 स्थान की छलांग लगाकर 23वां स्थान हासिल किया जबकि T20I अंतरराष्ट्रीय ऑलराउंडरों की सूची में दो पायदान ऊपर चढ़कर तीसरे स्थान पर हैं।पाकिस्तान के सलमान मिर्जा (नौ स्थान ऊपर चढ़कर 14वें) और साइम अयूब (आठ स्थान की छलांग लगाकर 54वें) ने भी टी20 अंतरराष्ट्रीय गेंदबाजों की रैंकिंग में सुधार किया।

IPL 2027 में मैदान पर खेलते दिखेंगे MS Dhoni? CSK के CEO ने दिया बड़ा अपडेट

भारत के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी चोट के कारण IPL 2026 में एक भी मैच नहीं खेल पाए थे। अब फैंस के मन में सबसे बड़ा सवाल है कि क्या धोनी IPL 2027 में मैदान पर वापसी करेंगे या नहीं। वहीं चेन्नई सुपर किंग्स के सीईओ कासी विश्वनाथन ने अगले साल धोनी के खेलने को लेकर बड़ा अपडेट दिया है। चेन्नई सुपर किंग्स के सीईओ को भरोसा है कि धोनी में अभी भी क्रिकेट खेलने की ताकत बाकी है।

45 साल के धोनी चोटों की वजह से इस साल आईपीएल का एक भी मैच नहीं खेल सके थे। इसके बावजूद टीम प्रबंधन को उम्मीद है कि धोनी मैदान पर वापसी करने और चेन्नई सुपर किंग्स के लिए एक और सीजन खेलने की पूरी कोशिश करेंगे। फैंस को भी उम्मीद है कि धोनी एक बार फिर पीली जर्सी में मैदान पर नजर आएंगे।

चेन्नई के लिए अहम खिलाड़ी है धोनी

आने वाले IPL ऑक्शन से पहले जब CSK के सीईओ कासी विश्वनाथन से महेंद्र सिंह धोनी के भविष्य को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने बताया कि खेलने या संन्यास लेने का फैसला धोनी पर ही छोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि धोनी जब भी चेन्नई आते हैं, तो अपने भविष्य को लेकर टीम को खुद जानकारी देते हैं।

कासी विश्वनाथन ने कहा कि, “धोनी के आगे खेलने या नहीं खेलने के बारे में उनसे ही सवाल करना चाहिए। उन्होंने बताया कि जब भी धोनी चेन्नई आते हैं, तो वह टीम को अपने फैसले के बारे में बताते हैं। हालांकि, CSK के सीईओ को उम्मीद है कि धोनी आगे भी टीम के लिए खेलते रहेंगे। उन्होंने कहा कि धोनी अभी भी एक खिलाड़ी हैं और उनके पास CSK के लिए खेलने का मौका है।”

साल 2026 में एक भी मैच नहीं खेले धोनी

IPL 2026 में चोट के कारण धोनी एक भी मैच नहीं खेल सके, लेकिन वह पूरे सीजन CSK के साथ रहे और खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाते रहे। पूर्व कोच स्टीफन फ्लेमिंग ने भी उनका समर्थन करते हुए कहा कि टीम में बदलाव के दौर में धोनी का अनुभव युवा खिलाड़ियों के लिए काफी मददगार रहा। भले ही वह मैदान पर नहीं उतरे, लेकिन टीम के साथ उनकी मौजूदगी अहम रही।

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शुभमन गिल और शेफाली वर्मा ने जीता सितंबर माह का प्लेयर ऑफ द मंथ अवार्ड

Shubhman Gill

पिछले महीने भारतीय क्रिकेट टीम के लिए एशिया कप और एशियन गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन के बाद शेफाली वर्मा ने सितंबर के लिए महिला आईसीसी प्लेयर ऑफ द मंथ का पुरस्कार जीता जबकि भारत के कप्तान शुभमन गिल ने वेस्टइंडीज के खिलाफ एकदिवसीय श्रृंखला में शानदार प्रदर्शन के बाद रिकॉर्ड पांचवें आईसीसी प्लेयर ऑफ द मंथ का पुरस्कार जीता है।

शेफाली के साथ श्रीलंका की कप्तान चामरी अथापथु और भारतीय बाएं हाथ की स्पिनर श्री चरणी भी महिला सम्मान की दौड़ में थीं। वर्मा, जिन्होंने पिछले साल नवंबर में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ महिला एकदिवसीय विश्व कप फाइनल में अपनी मैच विजयी पारी के बाद पुरस्कार जीता था, ने बड़े मैचों में अपने प्रदर्शन के लिए सुर्खियों में आने के बाद दूसरी बार यह सम्मान हासिल किया।

आक्रामक सलामी बल्लेबाज अपनी टीम के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ी थी क्योंकि भारत ने महिला एशिया कप जीता था। उन्होंने 184.61 की स्ट्राइक रेट से 360 रन बनाए और इस दौरान छह विकेट भी लिए। एशियाई खेलों में, उन्होंने सेमीफाइनल में बांग्लादेश के खिलाफ नाबाद 100 रन और फाइनल में श्रीलंका के खिलाफ 48 रन बनाये। वर्मा ने कहा, “आईसीसी प्लेयर ऑफ द मंथ का पुरस्कार फिर से जीतना एक अविश्वसनीय सम्मान है। एशिया कप और एशियाई खेलों में हमारी जीत में अपनी भूमिका निभाना बेहद संतोषजनक था और यह पुरस्कार जीतना उन जीतों को और भी खास बनाता है।”

उन्होंने कहा, “मैं आने वाले महीनों को लेकर उत्साहित हूं और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध हूं, अगले साल फरवरी में आईसीसी महिला चैंपियंस ट्रॉफी एक और टूर्नामेंट है। विश्व कप जीतने की यादें अभी भी ताजा और विशेष हैं, और मैं घरेलू धरती पर आईसीसी टूर्नामेंट के लिए मैदान पर वापस आने का इंतजार नहीं कर सकती। यह एक अविस्मरणीय अनुभव होने का वादा करता है।” इस बीच गिल ने वेस्ट इंडीज की कप्तान हेली मैथ्यूज का अनुकरण करते हुए पुरुषों के लिए अपना रिकॉर्ड बढ़ाने के लिए अपना पांचवां पुरस्कार जीता, जो पांच मौकों पर आईसीसी प्लेयर ऑफ द मंथ भी रहे हैं। उनके पिछले पुरस्कार जनवरी और सितंबर 2023 और फरवरी और जुलाई 2025 के महीनों में आए थे।

Shefali Verma

भारत के टेस्ट और एकदिवसीय कप्तान ने तिरुवनंतपुरम में वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले एकदिवसीय मैच में 110 रन बनाए, जिससे मेजबान टीम की आठ विकेट की जीत में योगदान हुआ जिसने उन्हें श्रृंखला में 1-0 से आगे कर दिया।इसके बाद उन्होंने अब तक का सबसे तेज दोहरा शतक जड़ा, 133 गेंदों पर 223 रनों की पारी खेलकर उनकी टीम ने 406 रन के विशाल लक्ष्य को आठ विकेट शेष रहते हासिल कर लिया और 39 गेंदें अभी बाकी थीं।

गिल ने कहा, “मेरा पांचवां आईसीसी प्लेयर ऑफ द मंथ अवॉर्ड जीतना शानदार लग रहा है। उन रनों को स्कोर करना बेहद संतोषजनक था और हमारे घरेलू प्रशंसकों के सामने सफल रन चेज़ का हिस्सा बनना और भी विशेष था, जिनके समर्थन से हमें हमेशा अतिरिक्त बढ़ावा मिलता है। एकदिवसीय क्रिकेट की गति काफी बढ़ गई है, और आपको अपने पैरों पर खड़े होकर सोचना चाहिए, परिस्थितियों का तुरंत आकलन करना चाहिए और पिच और लक्ष्य की मांगों के अनुसार खुद को ढालना चाहिए। अगले साल दक्षिणी अफ्रीका में आईसीसी पुरुष क्रिकेट विश्व कप के साथ, हम अपने मानकों को ऊपर उठाने और एक मजबूत और संतुलित टीम बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं जो आने वाली चुनौतियों का सामना करने में सक्षम हो।”

ऋषभ पंत न्यूजीलैंड के खिलाफ ए मैचों से बाहर, यह कीपर हुआ शामिल

 

न्यूजीलैंड ए के खिलाफ पहले दो चार-दिन के मैचों के लिए ऋषभ पंत की जगह कुमार कुशाग्र इंडिया ए में शामिल किया गया है।ऋषभ पंत को बाईं पसली में खिंचाव से उबरने की प्रक्रिया के कारण न्यूजीलैंड दौरे पर इंडिया ए के पहले दो चार-दिन के मैचों से बाहर कर दिया गया है और उनकी जगह कुमार कुशाग्र को टीम में शामिल किया गया है।

गौरतलब है कि ऋषभ पंत टीम इंडिया के लिए सिर्फ लाल गेंद की क्रिकेट ही खेलते हैं ऐसे में यह उनके करियर के लिए ठीक संकते तो नहीं है। लेकिन विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के लिए फाइनल में जाने के लिए मेहनत करने वाली टीम इंडिया के लिए भी झटका है।

ईरानी कप में शेष भारत की अगुआई करने वाले पंत की मांसपेशियों में खिंचाव आ गया है जिसके कारण वह शुरुआती दो मैच से बाहर हो गए हैं।इस दौरे के लिए पंत की उपलब्धता उनकी फिटनेस पर निर्भर थी। बीसीसीआई ने कहा कि वह बोर्ड की चिकित्सा टीम की निगरानी में हैं और अच्छी तरह उबर रहे हैं।

बीसीसीआई ने बयान में कहा कि तीसरे मैच के लिए उनकी उपलब्धता पर फैसला बाद में लिया जाएगा। पंत की चोट शुरुआती अनुमान से अधिक गंभीर लग रही है।

पुरुष चयन समिति ने पहले दो मैच के लिए पंत की जगह कुशाग्र को टीम में शामिल किया है।भारत ए टीम की कप्तानी ध्रुव जुरेल करेंगे। वह विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी भी संभालेंगे। टीम में यशस्वी जायसवाल, लोकेश राहुल और वाशिंगटन सुंदर जैसे अनुभवी खिलाड़ियों के अलावा देवदत्त पडिक्कल और साई सुदर्शन भी शामिल हैं।

पिछले 4 साल में सिर्फ 1 वनडे मैच खेलने वाले ऋषभ पंत, जो वेस्टइंडीज के खिलाफ एकदिवसीय श्रृंखला के लिए जगह बनाने में असफल रहे थे। ऋषभ पंत चैंपियन्स ट्रॉफी 2025 की विजयी टीम में भी शामिल थे लेकिन पूरे टूर्नामेंट में वह बैंच पर बैठे रहे थे।कुछ ऐसा ही दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारत की घरेलू सीरीज के दौरान हुआ जब चयनित हुए ऋषभ पंत को तीन मैचों की सीरीज में एक बार भी मौका नहीं मिला।

ऋषभ पंत को बीते कुछ सालों में लगभग हर दौरे में चोट लगी है। इंग्लैंड दौरे पर उनको पैर के अंगूठे और कोहनी में चोट लगी। इसके बाद उनको श्रीलंका में दूसरे टेस्ट में भी चोट लगी।

Dhruv Jurel

इंडिया A टीम:यशस्वी जयसवाल, केएल राहुल, देवदत्त पडिक्कल, रविचंद्रन स्मरण, ध्रुव जुरेल (कप्तान, विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, औकिब नबी, आकाश दीप, अंशुल कंबोज, मानव सुथार, मुकेश चौधरी, साई सुदर्शन, यश राठौड़, मुकेश कुमार और कुमार कुशाग्र (विकेटकीपर)।

IND vs WI: ‘तूफान होकर भी वैभव सूर्यवंशी पिला रहा पानी’ खिलाड़ी को बेंच पर बैठाने को लेकर भड़के कोच

Vaibhav Sooryavanshi: भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज जारी है। पांच मैचों की T20I सीरीज में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को भी जगह दी गई है। वहीं उन्हें अभी प्लेइंग 11 में शामिल नहीं किया गया है। फैंस को वैभव को मैदान पर देखने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। 15 साल के वैभव ने जुलाई 2026 में इंग्लैंड दौरे पर भारत के लिए अपना अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया था। लेकिन भारत लौटने के बाद उन्हें लगातार खेलने का मौका नहीं मिल पाया। टीम में ओपनिंग के लिए अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन को प्राथमिकता मिलने के कारण वैभव को फिलहाल बेंच पर रहना पड़ रहा है।

वहीं हाल ही में एक इंटरव्यू में वैभव सूर्यवंशी के बचपन के कोच मनीष ओझा ने गौतम गंभीर की अगुवाई वाली टीम मैनेजमेंट पर युवा खिलाड़ी को संभालने के तरीके को लेकर सवाल उठाए। आइए जानते हैं कोच ने क्या कहा

बेंच पर बैठकर नहीं तैयार होते खिलाड़ी

सूर्यवंशी के बचपन के कोच मनीष ओझा ने स्पोर्ट्स नाउ से कहा, “मेरे हिसाब से, वैभव एक तूफान की तरह है। जो कोई भी उसे रोकने की कोशिश करेगा, वह आखिरकार टूट जाएगा, आज नहीं तो कल।” कोच ने आगे कहा, “मौजूदा भारतीय टीम मैनेजमेंट का मानना है कि खिलाड़ियों को बेंच पर बैठाकर तैयार किया जा सकता है। लेकिन क्रिकेट के कई दिग्गजों से बात करेंगे तो वे भी यही कहेंगे कि अगली पीढ़ी के खिलाड़ियों को तैयार करने के लिए उन्हें मुश्किल परिस्थितियों में उतारना जरूरी है। उन्हें खेलने का मौका देना होगा। बेंच पर बैठकर कोई खिलाड़ी न पहले कभी बना है और न आगे बनेगा। खासकर तब, जब आपके पास वैभव जैसा टैलेंट मौजूद हो।”

मैनेजमेंट के रवैये को “तानाशाही” बताया

ओझा ने टीम मैनेजमेंट के फैसलों पर सवाल उठाते हुए उनके रवैये को “तानाशाही” जैसा बताया। उन्होंने कहा, “ऐसा लगता है कि उन्होंने तय कर लिया है कि इस बच्चे को मौका नहीं देना है। उसे बाहर रखेंगे और परेशान करेंगे। वह अभी बेंच पर बैठकर पानी पिला रहा है। मुझे लगता है कि मौजूदा मैनेजमेंट का रवैया एक तरह की तानाशाही जैसा है, जहां वे वही कर रहे हैं जो उन्हें सही लग रहा है।”

एशियन गेम्स में मिला था मौका

2026 के एशियन गेम्स के दौरान टीम इंडिया के T20I की जिम्मेदारी वीवीएस लक्ष्मण के पास थी। उस समय गौतम गंभीर वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू वनडे सीरीज में व्यस्त थे। इसी दौरान टीम ने संजू सैमसन को बल्लेबाजी क्रम में नीचे भेजा और वैभव सूर्यवंशी को अभिषेक शर्मा के साथ पारी की शुरुआत करने का मौका मिला। इसके बाद वेस्टइंडीज के खिलाफ T20I सीरीज में टीम इंडिया ने बल्लेबाजी क्रम में फिर बदलाव किया। संजू सैमसन को दोबारा ओपनिंग की जिम्मेदारी दी गई और उन्होंने शुरुआती तीन मुकाबलों में पारी की शुरुआत की। वहीं, वैभव सूर्यवंशी को इन मैचों में प्लेइंग XI में जगह नहीं मिली और उन्हें बेंच पर बैठकर ही इंतजार करना पड़ा।

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