3 मैचों में 1 शतक और 2 अर्धशतक बनाने वाला यह कैरिबियाई बल्लेबाज हुआ भारत के खिलाफ टी-20 टीम में शामिल

भारत के खिलाफ 3 एकदिवसीय मैचों की सीरीज से पहले वेस्टइंडीज के खब्बू बल्लेबाज आमिर जांगू का नाम कोई नहीं जानता था। लेकिन उन्होंने 119 की औसत से 1 शतक और 2 अर्धशतक लगाकर इस सीरीज में 239 रन बनाए। यह प्रदर्शन तब आया जब इंडीज की टीम ना केवल नामी खिलाड़ियों के बिना भारत आई बल्कि तब भी आया जब इंडीज मैच में अहम मोड़ पर खड़ी थी।

यही कारण है कि उनको एकदिवसीय मैचों की सीरीज का ईनाम टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों की सीरीज में शामिल कर दिया जा रहा है। वेस्टइंडीज ने भारत के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज के लिए शीर्ष क्रम के बल्लेबाज आमिर जांगू को चोटिल ज्वेल एंड्रयू के विकल्प के रूप में टीम में शामिल किया है।टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज का पहला मैच मंगलवार को लखनऊ में खेला जाएगा।मुल्लांपुर में शनिवार को खेले गए तीसरे वनडे के दौरान नमन धीर का कैच लेने के प्रयास में एंड्रयू की उंगली में चोट लग गई थी। हालांकि जांच में पता चला कि किसी तरह का फ्रैक्चर नहीं है।

यह 19 वर्षीय विकेटकीपर बल्लेबाज वेस्टइंडीज के 352 रन के रिकॉर्ड लक्ष्य का पीछा करने के दौरान बल्लेबाजी करने नहीं उतरा।क्रिकेट वेस्टइंडीज ने सोमवार को बयान में कहा, ‘‘भारत के खिलाफ शनिवार को तीसरे वनडे के दौरान ज्वेल एंड्रयू की उंगली में चोट लगने के बाद उनकी जगह विकल्प के तौर पर आमिर जांगू को टीम में शामिल किया गया है। चिकित्सा दल एंड्रयू की स्थिति पर नजर रख रहा है।’’

गौरतलब है कि पहले एकदिवसीय मैच में जब वेस्टइंडीज के 5 विकेट गिर गए थे तो जांगू ने 43 गेंदों में 7 चौके और 1 छक्के की मदद से नाबाद 58 रन बनाए थे। जिसकी बदौलत इंडीज 295 रनों तक पहुंच पाया था।

दूसरे एकदिवसीय मैच में उनको बल्लेबाजी क्रम में पदोन्नती मिली और वह दूसरे विकेट के पतन के बाद क्रीज पर आए। उन्होंने शानदार शतक जड़ा जिससे इंडीज एकदिवसीय इतिहास में पहली बार 400 पार हो पाई। उन्होंने 77 गेंदों में 13 चौके और 3 छक्के लगाकर 114 रन बनाए।

तीसरे एकदिवसीय मैच में वह पांचवें ओवर में ही क्रीज पर आए और कप्तान के साथ 109 रनों की साझेदारी निभाई जिससे इंडीज लंबे समय बाद भारत में मैच जीतने में सफल रही। इस पारी में रन आउट होने से पहले जांगू 56 गेंदों में 5 चौके और 1 छक्के की मदद से 67 रन बना गए।

वेस्टइंडीज की टी20 स्क्वाड Vs भारत: अकील हुसैन, रोस्टन चेज, शाई होप (कप्तान/विकेटकीपर), गुडाकेश मोती, शिमरोन हेटमायर, कीमो पॉल, शमर स्प्रिंगर, रोवमैन पॉवेल, रोमारियो शेफर्ड, शेरफेन रदरफोर्ड, मैथ्यू फोर्ड, कामिल पूरन, क्वेंटिन सैम्पसन, ज्वेल एंड्रयू (विकेटकीपर), शमर जोसेफ, अमीर जंगू

युजवेंद्र चहल: एक प्रतिभा जो बिना कुछ खास उपलब्धि के क्रिकेट करियर की संघ्यावेला में पहुंचे

लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल 228 प्लस विकेटों के साथ इंडियन प्रीमियर लीग के सबसे सफल गेंदबाज हैं। वहं लंबे समय तक इस प्रारुप में भारत के भी सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज थे। लेकिन भारत का साल 2013 से 2023 तक का 10 साल का आईसीसी ट्रॉफी का सूखा ऐसा रहा कि वह अपने करियर में कुछ खास उपलब्धि लेकर नहीं जा पाए।

कहने को तो युजवेंद्र चहल टी-20 विश्वकप 2024 की विजेता टीम का हिस्सा थे लेकिन उस विश्वकप में उनको एक भी बार अंतिम ग्यारह में मौका नहीं मिला। कुछ ऐसे ही पिछले टी-20 विश्वकप गुजरे। इससे पिछले दो विश्व कप (T20I 2016- 2021) में से चहल एक में टीम का हिस्सा नहीं थे जबकि 2022 टी20 विश्व कप में टीम में होने के बाद भी उन्हें एक भी मैच में खेलने का मौका नहीं मिला।वहीं एकदिवसीय विश्वकप 2019 में जब वह टीम में थे तो टीम सेमीफाइनल में हार गई।

2016 में अपने सफेद गेंद क्रिकेट की शुरुआत करने वाले 33 वर्षीय युजवेंद्र चहल ने 72 वनडे मैच खेले हैं। 27.1 की औसत और 5.26 की इकॉनोमी के साथ उन्होंने 121 विकेट चटकाए। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदरेशन 42 रनों पर 6 विकेट लेना रहा। चहल ने 2022 की शुरुआत के बाद से 50 ओवर के प्रारूप में 16 मैचों में 24 विकेट लिए हैं। जनवरी 2023 में वह आखिरी बार न्यूजीलैंड के खिलाफ इंदौर में इस प्रारुप में देखे गए थे।

टी-20 अंतरराष्ट्रीय में चहल सबसे सफल गेंदबाज

वहीं टी-20 अंतरराष्ट्रीय की बात करें तो युजवेंद्र चहल ने अपना आखिरी टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच वेस्टइंडीज के खिलाफ अगस्त 2023 में खेला था। यह सीरीज भारत 2-3 से हारा था।युजवेंद्र चहल ने 80 मैचों में 25.1 की औसत और 8.19 की इकॉनोमी से 96 विेकेट चटकाए हैं।इस प्रारुप में उनसे ज्यादा विकेट हार्दिक पांड्या, जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह ने ही लिए हैं, वह भी इस कारण क्योंकि वह लगातार यह प्रारुप खेल रहे हैं और युजवेंद्र चहल लंबे समय से इस प्रारुप से बाहर हैं।

हाल ही में उन्होंने अपने फर्स्ट-क्लास करियर को अलविदा कह दिया है। इसके साथ ही भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट खेलने का उनका सपना तो खत्म हो गया है, व्हाइट-बॉल क्रिकेट में राष्ट्रीय टीम में वापसी के रास्ते तो खुले हैं। लेकिन 36 साल के स्पिनर को एशियाई खेलों तक में जगह नहीं मिली।

चहल ने कहा“मैंने अभी हार नहीं मानी है। देश के लिए खेलने की भूख अभी भी मुझमें बहुत ज़्यादा है। मेरा मानना है कि मुझमें अभी भी क्रिकेट बाकी है, और मैं वनडे और टी 20 फ़ॉर्मेट में एक और मौका पाने के लिए अपनी पूरी जान लगा दूँगा।हरियाणा क्रिकेट एसोसिएशन, रणबीर सिंह महिंद्रा सर और अनिरुद्ध सिंह चौधरी सर का मेरे सफ़र के दौरान लगातार समर्थन, भरोसा और विश्वास बनाए रखने के लिए खास तौर पर शुक्रिया। उन्होंने अपनी बात खत्म करते हुए कहा, “10 साल की उम्र में पहली बार रेड बॉल पकड़ने से लेकर अपना आखिरी फर्स्ट-क्लास मैच खेलने तक, यह एक शानदार सफ़र रहा है।”

टेस्ट टीम में जगह बनाने के करीब नहीं पहुँच पाए

युजवेंद्र चहल ने अपने फर्स्ट-क्लास करियर को अलविदा कह दिया है।वे कभी भी टेस्ट टीम में जगह बनाने के करीब नहीं पहुँच पाए, क्योंकि भारत के पास रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा की स्टार जोड़ी हमेशा मौजूद रही।

चहल ने इंस्टाग्राम पोस्ट में कहा, “मेरे लिए रेड-बॉल क्रिकेट कभी भी सिर्फ़ एक और फ़ॉर्मेट नहीं था।” “इसी फ़ॉर्मेट में मैंने धैर्य, चरित्र, मज़बूती और घंटों तक मैदान पर डटे रहकर हर रन और हर विकेट के लिए संघर्ष करने की असली खुशी को समझा।” चहल के फर्स्ट-क्लास करियर की शुरुआत 2009 में हरियाणा के साथ हुई थी और उन्होंने 49 मैचों में 32.27 के औसत से 148 विकेट लिए। उन्होंने 2026 का काउंटी चैंपियनशिप नॉर्थम्प्टनशायर के साथ खेला, जिसमें डिवीज़न टू में 16.14 के औसत से 21 विकेट लिए। उनका आखिरी फर्स्ट-क्लास मैच मिडलसेक्स के खिलाफ़ था, जिसमें मिडलसेक्स ने सात विकेट से जीत हासिल की और नॉर्थम्प्टनशायर के प्रमोशन की उम्मीदों को खत्म कर दिया। “मैंने अपना आखिरी फर्स्ट-क्लास मैच लॉर्ड्स में खेला था। ये शब्द कहना भावुक कर देने वाला है क्योंकि टेस्ट कैप पहनना हमेशा से मेरा सपना रहा है, जिसे मैंने कई सालों तक संजोकर रखा। भले ही वह सपना पूरा नहीं हो पाया, लेकिन मैं अपने अब तक के सफ़र से सचमुच संतुष्ट हूँ और इस फ़ॉर्मेट में मिले हर मौके के लिए बहुत आभारी हूँ।”

ज्वेरेव को हराकर जोकोविच चाइना ओपन के सेमीफाइनल में

Novak Djokovic

सबिवाई टेनिस खिलाड़ी नोवाक जोकोविच ने जर्मनी के अलेक्जेंडर ज्वेरेव को हराकर चाइना ओपन टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में जगह बना ली है। रविवार को खेले गये चाइना ओपन क्वार्टर फाइनल में नोवाक जोकोविच ने टूर्नामेंट के अगले दौर में जगह बनाने के साथ एक रिकॉर्ड भी बनाया। इस एटीपी 500 इवेंट में उन्होंने ज्वेरेव काे हराकर अपना शानदार अजेय रहने का सिलसिला जारी रखा।

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जोकोविच ने टॉप सीड अलेक्जेंडर ज़्वेरेव को 4-6, 6-4, 6-4 से हराकर सेमीफ़ाइनल में जगह बनाई और टूर्नामेंट में अपने बेहतरीन रिकॉर्ड को 32 मैचों तक पहुँचाया। इस जीत के साथ, 39 साल के सर्बियाई खिलाड़ी ने ओपन एरा में किसी एक इवेंट में पुरुषों के सिंगल्स खिलाड़ी के तौर पर सबसे अच्छी शुरुआत के मामले में राफेल नडाल को पीछे छोड़ दिया। नडाल ने रोलैंड गैरोस में अपने शुरुआती 31 मैच जीते थे।

जोकोविच बीजिंग में रिकॉर्ड छह बार के चैंपियन रहे हैं। 2015 में उन्होंने फाइनल में नडाल को हराकर अपना छठा खिताब जीता था और उसके बाद इस साल पहली बार टूर्नामेंट में लौटने से पहले, उन्होंने अपने पिछले सभी 29 मैच जीते थे।

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तीसरे वनडे में धीमी ओवर गति के लिए भारत और वेस्टइंडीज पर लगा जुर्माना

अंतरराष्ट्रीय क्रिकैट परिषद (आईसीसी) ने तीसरे एकदिवसीय मुकाबले में धीमी ओवर गति के लिए भारत के खिलाड़ियों पर मैच फीस का 20 प्रतिशत और वेस्टइंडीज के खिलाड़ियों पर 10 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है।

शनिवार को खेले गये इस मैच में भारत निर्धारित समय से चार ओवर पीछे पाया गया, जबकि वेस्टइंडीज दो ओवर पीछे रहा। इसी आधार पर दोनों टीमों पर जुर्माना लगाया गया। आईसीसी आचार संहिता के अनुच्छेद 2.22 के अनुसार, निर्धारित समय में जितने ओवर कम फेंके जाते हैं, प्रति ओवर पांच प्रतिशत मैच फीस का जुर्माना लगाया जाता है।

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वेस्टइंडीज न्यू चंडीगढ़ वनडे में 0-2 से पीछे रहते हुए उतरा था। उसे तिरुवनंतपुरम में खेले गए पहले वनडे और गुवाहाटी में हुए दूसरे वनडे में आठ-आठ विकेट से हार मिली थी। दूसरे मैच में भारत ने रिकॉर्ड लक्ष्य का सफल पीछा कर सीरीज अपने नाम कर ली थी। तीसरे मैच में कप्तान शाई होप ने 143 गेंदों में नाबाद 162 रन की शानदार पारी खेली। उनकी अगुवाई में वेस्टइंडीज ने 351 रन के लक्ष्य को पार करते हुए वनडे इतिहास का अपना सबसे बड़ा सफल रन चेज कर पांच विकेट से जीत दर्ज की।

व्यक्तिगत प्रदर्शन की बात करें तो भारत के कप्तान शुभमन गिल और होप दोनों ने बल्ले से यादगार सीरीज खेली। गिल ने 110, नाबाद 223 और एक रन की पारियां खेलकर सीरीज में सबसे अधिक 334 रन बनाए, जबकि होप ने 12, 104 और नाबाद 162 रन की पारियों की मदद से 278 रन बनाकर दूसरा स्थान हासिल किया।

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PCB के खजाने पर पड़ा पाकिस्तान की हार का असर! टीवी राइट्स में हुआ करोड़ों का नुकसान

क्रिकेट में पाकिस्तान का खराब फॉर्म जारी है। एशियन गेम्स के फाइनल में पाकिस्तान को भारत से करारी शिकस्त मिली है। इससे पहले टी20 वर्ल्ड कप 2026 और एशिया कप 2025 में भी पाकिस्तान को भारत से हार का सामना करना पड़ा है। वहीं पाकिस्तानी टीम की लगातार खराब प्रदर्शन का असर अब पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) की कमाई पर भी दिखाई दे रहा है। मैदान पर टीम के उतार-चढ़ाव के बीच पीसीबी को टीवी राइट्स से मिलने वाली रकम में बड़ी गिरावट आई है। 2027 से शुरू होने वाले घरेलू इंटरनेशनल मैचों के लिए बोर्ड को पिछली डील के मुकाबले काफी कम रकम मिली है। आइए जानते हैं इसकी बड़ी वजह

करीब 35 करोड़ में खरीदे टीवी राइट्स

सरकारी चैनल पाकिस्तान टेलीविजन कॉर्पोरेशन (पीटीवी) ने 2027 से शुरू होने वाले पीसीबी के घरेलू पुरुष क्रिकेट मैचों के अगले प्रसारण चक्र के लिए करीब 35 करोड़ पाकिस्तानी रुपये (लगभग 12 करोड़ भारतीय रुपये) में टीवी राइट्स खरीदे हैं। इस करार में कुल 25 मैच शामिल हैं, जिनमें 5 टेस्ट, 14 वनडे और 6 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले जाएंगे। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, पीसीबी ने टीवी राइट्स के लिए करीब 20.7 करोड़ रुपये की शुरुआती बोली तय की थी, लेकिन इस प्रक्रिया में केवल एक ही कंपनी ने रुचि दिखाई।

वहीं, तीन बड़े ब्रॉडकास्टर्स ने डील में हिस्सा नहीं लिया और पीसीबी ने कंसोर्टियम को भी बोली लगाने की अनुमति नहीं दी। नई डील के तहत पाकिस्तान बोर्ड को हर इंटरनेशनल मैच से लगभग 82.8 लाख रुपये की कमाई होने की उम्मीद है।

कितने का था पिछला टीवी राइट्स

अगस्त 2024 से दिसंबर 2026 तक के पिछले प्रसारण अधिकार एआरवाई और टावर स्पोर्ट्स के एक समूह ने करीब 60 करोड़ रुपये में हासिल किए थे। इस समझौते में पाकिस्तान के 61 इंटरनेशनल मैच शामिल थे, जिनमें 11 टेस्ट, 26 वनडे और 24 टी20 मुकाबले थे। खास बात ये थी कि यह कीमत पीसीबी की तय शुरुआती 110.8 करोड़ रुपये की रकम से काफी कम थी। इस डील से बोर्ड को हर मैच के लिए औसतन करीब 1.01 करोड़ रुपये मिले थे। नई टीवी राइट्स डील की रकम पिछले समझौते के मुकाबले करीब 18 फीसदी कम रही है।

फाइनल में मिली हार

नई टीवी राइट्स डील में कमी होना पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के लिए चिंता की बात माना जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, प्रसारण अधिकारों की बोली प्रक्रिया में कम कंपनियों के आने की एक बड़ी वजह पाकिस्तान क्रिकेट टीम का हालिया खराब प्रदर्शन है। इसके अलावा आयरलैंड और श्रीलंका के खिलाफ खेले गए मैचों को लेकर दर्शकों में भी ज्यादा उत्साह नहीं दिखा, जिसका असर टीवी राइट्स की कीमत पर पड़ा। एशियन गेम्स 2026 में टीम ने फाइनल तक का सफर तय किया और सेमीफाइनल में बांग्लादेश को आसानी से हराया। वहीं खिताबी मुकाबले में उसे भारत के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। पाकिस्तान को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा।

टेस्ट में भी खराब प्रदर्शन

एशियन गेम्स से पहले पाकिस्तान की टीम टेस्ट क्रिकेट में लगातार संघर्ष करती नजर आई। अगस्त और सितंबर में इंग्लैंड दौरे पर उसे मेजबान टीम के खिलाफ तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में एक भी जीत नहीं मिली और पाकिस्तान को 3-0 से सीरीज गंवानी पड़ी। हालांकि, इससे पहले वेस्टइंडीज दौरे पर टीम का प्रदर्शन कुछ बेहतर रहा था। दोनों देशों के बीच खेली गई दो टेस्ट मैचों की सीरीज 1-1 से बराबर रही। पाकिस्तान ने पहला टेस्ट हारने के बाद वापसी करते हुए दूसरे मुकाबले में वेस्टइंडीज को 8 विकेट से हराया था।

IND vs WI: पहले टी20 से पहले पूर्व खिलाड़ी ने चुनी अपनी पसंदीदा प्लेइंग 11, नहीं दी वैभव सूर्यवंशी को जगह

एशियन गेम्स 2026 के फाइनल में भारत ने पाकिस्तान को 19 रन से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया है। वहीं अब भारतीय टीम वेस्टइंडीज के खिलाफ 5 मैचों की टी20 सीरीज खेलने उतरेगी। सीरीज का पहला मुकाबला 6 अक्टूबर को लखनऊ में खेला जाएगा। वहीं इस मुकाबले से पहले भारत के पूर्व बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने अपनी पसंदीदा भारतीय टीम चुनी है। वहीं अपनी चुनी गई टीम में पुजारा ने युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी को जगह नहीं दी है।

वैभव सूर्यवंशी ने एशियन गेम्स में भारत की ओर से दो मैच खेले थे। उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ 21 गेंदों में 38 रन बनाए, वहीं पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल में 9 गेंदों पर 15 रन की पारी खेली। आइए जानते हैं पुजारा ने किस-किस खिलाड़ी को दी है जगह

वैभव को नहीं किया शामिल

एशियन गेम्स में भारत ने मजबूत टीम के साथ मुकाबले खेले, वहीं कुछ दूसरी टीमों ने अपने दूसरे दर्जे के खिलाड़ियों को मौका दिया। भारत की ओर से वैभव सूर्यवंशी ने पारी की शुरुआत की। उनके बाद संजू सैमसन तीसरे, कप्तान श्रेयस अय्यर चौथे और ईशान किशन पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी करने आए। वहीं, चेतेश्वर पुजारा ने अपनी पसंदीदा टीम में बदलाव किया है। उन्होंने ईशान किशन को तीसरे नंबर पर रखा और वैभव सूर्यवंशी की जगह नीतीश कुमार रेड्डी को टीम में शामिल किया है।

रवि बिश्नोई को भी दी जगह

वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 सीरीज में जसप्रीत बुमराह को आराम दिया गया है। ऐसे में चेतेश्वर पुजारा ने तेज गेंदबाजी की जिम्मेदारी के लिए अर्शदीप सिंह और प्रिंस यादव को अपनी टीम में चुना है। इसके अलावा उन्होंने कुलदीप यादव को भी टीम में शामिल किया है। कुलदीप ने वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज में अच्छा प्रदर्शन किया था। पुजारा ने उन्हें रवि बिश्नोई की जगह टीम में रखा है, जिन्होंने जापान में हुए एशियन गेम्स के दौरान उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं किया था।

चेतेश्वर पुजारा की पसंदीदा भारत प्लेइंग 11: अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, ईशान किशन (WK), श्रेयस अय्यर (C), तिलक वर्मा, शिवम दुबे, नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, प्रिंस यादव, अर्शदीप सिंह

शाई होप ने नाबाद शतक लगाकर वेस्टइंडीज को भारत के खिलाफ करवाया रिकॉर्ड चेस

INDvsWI वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप ने नाबाद 164 रन बनाकर क्रैंप्स से लड़कर भारत द्वारा दिए गए 352 रनों के लक्ष्य को 48.2 ओवर में 5 विकेट खोकर पा लिया। इंडीज का यह रिकॉर्ड चेस है और यह शाई होप का भारत के खिलाफ उच्चतम स्कोर है। वहीं कुल दूसरा सबसे बड़ा स्कोर है। वेस्टइंडीज कुल 9 साल बाद भारत को भारत में हराने में सक्षम हुई है। 

इससे पहले लोकेश राहुल ने नाबाद 129 रन की आक्रामक पारी और रोहित शर्मा (92) तथा ऋतुराज गायकवाड़ (57) की अर्धशतकीय पारियों के बूते भारत ने शुरुआती झटकों से उबरते हुए शनिवार को यहां तीसरे और अंतिम एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच में वेस्टइंडीज के खिलाफ सात विकेट पर 351 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया।

राहुल ने भारतीय पारी को विस्फोटक अंदाज में समाप्त करते हुए 87 गेंद में 10 चौके और छह छक्के जड़े। उन्होंने अपना नौवां वनडे शतक पूरा करने के बाद अंतिम ओवरों में आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए भारत को 350 रन के पार पहुंचाया। पिच पर शुरुआत में तेज गेंदबाजों के लिए काफी मदद मौजूद थी।

भारत के चार रन पर दो विकेट गंवाने के बाद पारी को संभालने वाले रोहित ने अपनी 85 गेंदों में 10 चौके और तीन छक्के लगाए। उन्होंने रुतुराज गायकवाड़ के साथ तीसरे विकेट के लिए 137 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की। गायकवाड़ ने 69 गेंदों की संयमित पारी में एक चौका और चार छक्के जड़े।

भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। पिच पर घास परत से शुरुआत में तेज गेंदबाजों को कुछ स्विंग और सीम मूवमेंट मिला।

सीरीज में शानदार फॉर्म में चल रहे गिल अपने घरेलू मैदान पर प्रभावित नहीं कर सके। वह जेडन सील्स की शॉर्ट गेंद को स्क्वायर लेग की ओर खेलने की कोशिश में विकेट के पीछे वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप को कैच दे बैठे।

सील्स से अगली ही गेंद पर विराट कोहली को खाता खोले बगैर बोल्ड किया जिससे भारत ने तीन ओवर के भीतर चार रन पर दो विकेट गंवा दिए।

सील्स और मैथ्यू फोर्ड ने कसी हुई गेंदबाजी जारी रखते हुए भारत पर दबाव बनाए रखा और पावरप्ले के दौरान रन बनाने पर अंकुश लगाया।

पहले 10 ओवर में भारत केवल 28 रन ही बना सका। इस दौरान वेस्टइंडीज ने रोहित को आउट करने की कोशिश में अपने दोनों रिव्यू भी गंवा दिए।

रोहित और गायकवाड़ ने धीरे-धीरे मैच पर भारत का नियंत्रण वापस कायम किया। दोनों ने 15वें ओवर के बाद रन गति बढ़ाई और भारत को 100 रन के पार पहुंचाया। इसके बाद रोहित ने 18वें ओवर में अपना 63वां वनडे अर्धशतक पूरा किया।

अनुभवी सलामी बल्लेबाज ने फिर अल्जारी जोसेफ को निशाना बनाया। उन्होंने शॉर्ट गेंद को पुल करके चौका लगाया और अगली ही गेंद पर कवर के ऊपर से शानदार शॉट खेलकर और चार रन बटोरे।

रोहित कीमो पॉल की गेंद को पुल करने की कोशिश में ज्वेल एंड्रयू को कौच दे बैठे जिससे वह शतक पूरा करने से आठ रन से चूक गये।

तीसरे विकेट के लिए 137 रन की साझेदारी टूटने के पांच गेंद बाद गायकवाड़ भी पवेलियन लौट गए। उन्होंने अपना दूसरा वनडे अर्धशतक पूरा किया, लेकिन सील्स ने अनुशासित गेंदबाजी करते हुए उन्हें आउट कर अपना तीसरा विकेट हासिल किया।

इसके बाद राहुल और नमन धीर ने भारतीय पारी की रनगति को और तेज किया। दोनों ने 43 गेंदों में 65 रन की साझेदारी की। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पहली बार बल्लेबाज के रूप में उतरे धीर ने 21 गेंदों में तीन चौकों और दो छक्कों की मदद से 30 रन बनाए। वह गुडाकेश मोती की गेंद पर ड्राइव खेलने की कोशिश में आउट हुए।

राहुल ने भी अब आक्रामक तेवर दिखाते हुए फाइन लेग के ऊपर से जोरदार छक्का लगाकर अपना शतक पूरा किया और इसके बाद सील्स की गेंद को साइट स्क्रीन की दिशा में भेजते हुए एक और छक्का जड़ दिया।

राहुल ने अंतिम ओवर में 21 रन बटोरे। उन्होंने लगातार दो छक्के लगाने के बाद चौका जड़ा और भारत को 350 रन के पार पहुंचाते हुए अपनी पारी को शानदार अंदाज में समाप्त किया।

इस दौरान नीतिश कुमार रेड्डी (16 गेंद में नौ रन) तेजी से रन बनाने के लिए संघर्ष करते दिखे तो वहीं और पदार्पण कर रहे अंशुल कंबोज ने 44वें ओवर में मोती की गेंदों पर दो छक्के लगा कर रन आउट होने से पहले नौ गेंद में 17 रन बनाये।

केएल राहुल के नाबाद शतक ने भारत को विंडीज के खिलाफ 350 पार पहुंचाया

INDvsWI लोकेश राहुल ने नाबाद 129 रन की आक्रामक पारी और रोहित शर्मा (92) तथा ऋतुराज गायकवाड़ (57) की अर्धशतकीय पारियों के बूते भारत ने शुरुआती झटकों से उबरते हुए शनिवार को तीसरे और अंतिम एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच में वेस्टइंडीज के खिलाफ सात विकेट पर 351 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया।

राहुल ने भारतीय पारी को विस्फोटक अंदाज में समाप्त करते हुए 87 गेंद में 10 चौके और छह छक्के जड़े। उन्होंने अपना नौवां वनडे शतक पूरा करने के बाद अंतिम ओवरों में आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए भारत को 350 रन के पार पहुंचाया। पिच पर शुरुआत में तेज गेंदबाजों के लिए काफी मदद मौजूद थी।

भारत के चार रन पर दो विकेट गंवाने के बाद पारी को संभालने वाले रोहित ने अपनी 85 गेंदों में 10 चौके और तीन छक्के लगाए। उन्होंने रुतुराज गायकवाड़ के साथ तीसरे विकेट के लिए 137 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की। गायकवाड़ ने 69 गेंदों की संयमित पारी में एक चौका और चार छक्के जड़े।

भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। पिच पर घास परत से शुरुआत में तेज गेंदबाजों को कुछ स्विंग और सीम मूवमेंट मिला।

सीरीज में शानदार फॉर्म में चल रहे गिल अपने घरेलू मैदान पर प्रभावित नहीं कर सके। वह जेडन सील्स की शॉर्ट गेंद को स्क्वायर लेग की ओर खेलने की कोशिश में विकेट के पीछे वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप को कैच दे बैठे।

सील्स से अगली ही गेंद पर विराट कोहली को खाता खोले बगैर बोल्ड किया जिससे भारत ने तीन ओवर के भीतर चार रन पर दो विकेट गंवा दिए।

सील्स और मैथ्यू फोर्ड ने कसी हुई गेंदबाजी जारी रखते हुए भारत पर दबाव बनाए रखा और पावरप्ले के दौरान रन बनाने पर अंकुश लगाया।

पहले 10 ओवर में भारत केवल 28 रन ही बना सका। इस दौरान वेस्टइंडीज ने रोहित को आउट करने की कोशिश में अपने दोनों रिव्यू भी गंवा दिए।

Rohit Sharma

रोहित और गायकवाड़ ने धीरे-धीरे मैच पर भारत का नियंत्रण वापस कायम किया। दोनों ने 15वें ओवर के बाद रन गति बढ़ाई और भारत को 100 रन के पार पहुंचाया। इसके बाद रोहित ने 18वें ओवर में अपना 63वां वनडे अर्धशतक पूरा किया।

अनुभवी सलामी बल्लेबाज ने फिर अल्जारी जोसेफ को निशाना बनाया। उन्होंने शॉर्ट गेंद को पुल करके चौका लगाया और अगली ही गेंद पर कवर के ऊपर से शानदार शॉट खेलकर और चार रन बटोरे।

रोहित कीमो पॉल की गेंद को पुल करने की कोशिश में ज्वेल एंड्रयू को कौच दे बैठे जिससे वह शतक पूरा करने से आठ रन से चूक गये।

तीसरे विकेट के लिए 137 रन की साझेदारी टूटने के पांच गेंद बाद गायकवाड़ भी पवेलियन लौट गए। उन्होंने अपना दूसरा वनडे अर्धशतक पूरा किया, लेकिन सील्स ने अनुशासित गेंदबाजी करते हुए उन्हें आउट कर अपना तीसरा विकेट हासिल किया।

इसके बाद राहुल और नमन धीर ने भारतीय पारी की रनगति को और तेज किया। दोनों ने 43 गेंदों में 65 रन की साझेदारी की। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पहली बार बल्लेबाज के रूप में उतरे धीर ने 21 गेंदों में तीन चौकों और दो छक्कों की मदद से 30 रन बनाए। वह गुडाकेश मोती की गेंद पर ड्राइव खेलने की कोशिश में आउट हुए।

राहुल ने भी अब आक्रामक तेवर दिखाते हुए फाइन लेग के ऊपर से जोरदार छक्का लगाकर अपना शतक पूरा किया और इसके बाद सील्स की गेंद को साइट स्क्रीन की दिशा में भेजते हुए एक और छक्का जड़ दिया।

राहुल ने अंतिम ओवर में 21 रन बटोरे। उन्होंने लगातार दो छक्के लगाने के बाद चौका जड़ा और भारत को 350 रन के पार पहुंचाते हुए अपनी पारी को शानदार अंदाज में समाप्त किया।

इस दौरान नीतिश कुमार रेड्डी (16 गेंद में नौ रन) तेजी से रन बनाने के लिए संघर्ष करते दिखे तो वहीं और पदार्पण कर रहे अंशुल कंबोज ने 44वें ओवर में मोती की गेंदों पर दो छक्के लगा कर रन आउट होने से पहले नौ गेंद में 17 रन बनाये।

रोहित शर्मा ने तोड़ा सचिन तेंदुलकर का ये पुराना रिकॉर्ड, 10 हजार रन बनाने वाले चौथे ओपनर बने

Rohit Sharma: भारत के दिग्गज खिलाड़ी और पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने वनडे क्रिकेट में एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है। रोहित शर्मा ने बतौर ओपनर वनडे में 10 हजार रन पूरे कर लिए। वहीं इस मुकाम तक सबसे कम पारियों में पहुंचने वाले बल्लेबाज बन गए। इस जादूई आंकड़े तक पहुंचने वाले रोहित भारत के दूसरे बल्लेबाज और दुनिया के चौथे खिलाड़ी हैं। इससे पहले ये रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर के नाम था। सचिन ने 214 पारियों में ये आकड़ा पार किया था, वहीं रोहित ने 202 पारियों में ये कारनामा किया है। इस तरह रोहित ने सचिन का ये रिकॉर्ड तोड़ दिया है।

2 रन बनाते ही बनाया ये रिकॉर्ड

वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे वनडे में रोहित शर्मा ने ये खास रिकॉर्ड बनाया। न्यू चंडीगढ़ में खेले गए मैच से पहले रोहित बतौर ओपनर 201 पारियों में 9,998 रन बना चुके थे। उन्हें 10 हजार रन पूरे करने के लिए सिर्फ 2 रन चाहिए थे। 2 रन बनाते ही रोहित ने ये उपलब्धि हासिल कर ली है। वहीं मुकाबले में रोहित शर्मा 85 गेंदों में 92 रन बनाकर आउट हुए। वेस्टइंडीज और भारत के बीच तीसरे मुकाबले में भारत ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने का फैसला किया। पहले बैटिंग करने आई भारतीय टीम खबर लिखे जाने तक 25 ओवर में 3 विकेट पर 141 रन बना ली है।

सचिन के नाम हैं ये रिकॉर्ड

रोहित शर्मा ने वनडे क्रिकेट में बतौर ओपनर 10 हजार रन पूरे करके अपना नाम दुनिया के बड़े बल्लेबाजों की सूची में दर्ज करा लिया है। अब वह सचिन तेंदुलकर, सनथ जयसूर्या और क्रिस गेल जैसे दिग्गज खिलाड़ियों के साथ इस खास क्लब का हिस्सा हैं। वनडे में बतौर ओपनर सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड अभी भी सचिन तेंदुलकर के नाम है। उन्होंने 344 पारियों में 15,310 रन बनाए हैं। इसके बाद श्रीलंका के सनथ जयसूर्या का नंबर आता है, जिन्होंने 383 पारियों में 12,740 रन जोड़े हैं। वेस्टइंडीज के क्रिस गेल ने 274 पारियों में 10,179 रन बनाए। अब रोहित शर्मा के 10 हजार रन पूरे करने के साथ वह भी वनडे के सबसे सफल ओपनर्स में शामिल हो गए हैं।

127.71 का औसत और 119.51 का स्ट्राइक रेट! विराट कोहली से भी ज्यादा घातक साबित हुए शुभमन गिल, रन मशीन वाले आंकड़े देखिए

क्रिकेट में किसी खिलाड़ी के दौर को अक्सर उसके करियर के खत्म होने के बाद याद किया जाता है। लेकिन कुछ खिलाड़ी ऐसे होते हैं, जिनमें बड़ा नाम बनने के संकेत काफी पहले ही दिखने लगते हैं। शुभमन गिल की बुधवार को गुवाहाटी में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेली गई नाबाद 223 रन की पारी भी कुछ ऐसी ही रही।

भारत ने वेस्टइंडीज के सामने 406 रन का बड़ा लक्ष्य रखा था। इस लक्ष्य का पीछा करते हुए गिल ने शानदार दोहरा शतक लगाया और टीम को जीत की ओर पहुंचाया। यह 28 साल की उम्र से पहले गिल का दूसरा दोहरा शतक है। उनकी इस पारी ने उन्हें भारत के खेल जगत के कुछ सबसे बड़े नामों – जैसे विराट कोहली, सचिन तेंदुलकर और रोहित शर्मा – के साथ तुलना करने लायक बना दिया है।

हालांकि, गिल को अभी लंबा सफर तय करना है। लेकिन जिस तरह वह लगातार बड़ी पारियां खेल रहे हैं, उसे देखते हुए उन्हें भारतीय क्रिकेट का अगला बड़ा स्टार कहा जा सकता है। उन्होंने इस दिशा में अपनी जगह बनानी भी शुरू कर दी है।

गिल अभी नंबर 1 ODI बल्लेबाज हैं और उन्होंने सिर्फ 62 पारियों में 3,000 से ज्यादा रन बनाए हैं। यह किसी भी भारतीय के लिए सबसे तेज और कुल मिलाकर दक्षिण अफ्रीका के हाशिम अमला के बाद दूसरा सबसे तेज रिकॉर्ड है।

ऐसा लगता है कि गिल भारतीय क्रिकेट का अगला चेहरा बनने वाले हैं, और इसकी वजहें ये हैं। कोहली की तरह ही वे भी अच्छी शुरुआत को शतक में बदलने के लिए बेताब रहते हैं और उनमें रोहित की तरह शतकों को जबरदस्त, रिकॉर्ड तोड़ने वाली पारियों में बदलने की काबिलियत भी है।

सिर्फ घरेलू मैदान के हीरो नहीं

जो लोग सोचते हैं कि गिल सिर्फ भारत में ही अच्छी बैटिंग कर सकते हैं, वे गलत हैं। भारत के कप्तान के तौर पर उनकी पहली टेस्ट सीरीज इंग्लैंड में थी, जहां उन्हें जबरदस्त टेक्निकल सहनशक्ति की जरूरत थी, और उन्होंने इसे शानदार ढंग से दिखाया।

गुवाहाटी में वेस्टइंडीज के खिलाफ 406 रन के लक्ष्य का पीछा करते समय भी भारत को तेज रन बनाने के लिए लगातार बाउंड्री की जरूरत थी। गिल ने रोहित शर्मा के साथ मिलकर इस बड़े लक्ष्य का पीछा इतना आसान बना दिया कि मुकाबला एकतरफा नजर आने लगा।

2025 में, भारत के टेस्ट कप्तान के तौर पर अपने पहले असाइनमेंट में, गिल ने 10 पारियों में 75.40 की औसत से 754 रन बनाए। उस सीरीज में उन्होंने चार शतक लगाए, जिसमें 269 रनों की पारी भी शामिल थी। गिल एक टेस्ट सीरीज में कप्तान के तौर पर दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी भी बने। उनसे आगे सिर्फ डॉन ब्रैडमैन हैं, जिन्होंने 1936-37 में 810 रन बनाए थे।

2025 से अब तक, गिल ने 21 पारियों में 1,384 वनडे रन बनाए हैं, और उनका औसत 81 से ज्यादा का रहा है।

2026 में जबरदस्त आंकड़े

इस बात का सबसे साफ संकेत कि गिल का आगे बढ़ना सिर्फ एक यादगार दौर नहीं, बल्कि एक नए युग की शुरुआत हो सकती है, उनके 2026 के आंकड़ों में मिलता है। गुवाहाटी पहुंचने से पहले उन्होंने इस साल 9 पारियों में 671 वनडे रन बनाए थे। वहीं, उनकी नाबाद 223 रनों की पारी ने इस आंकड़े को 10 पारियों में 894 रन तक पहुंचा दिया, जिसमें उनका औसत 127.71 और स्ट्राइक-रेट लगभग 120 रहा। बता दें कि गिल इस साल पहले ही तीन शतक और 5 अर्धशतक लगा चुके हैं, जिसका मतलब है कि उन्होंने अपनी 10 में से आठ पारियों में 50 रन का आंकड़ा पार किया है।

विराट कोहली का क्या है रिकॉर्ड?

भारत के स्टार खिलाड़ी विराट कोहली के आंकड़े बताते हैं कि अनुभव का आज भी बहुत महत्व है। 2026 में, उन्होंने 8 वनडे पारियों में 78.86 के औसत और 118.20 के स्ट्राइक-रेट से 552 रन बनाए हैं, जिसमें दो शतक शामिल हैं। उनके आंकड़े यह भी बताते हैं कि इस साल गिल का 127.71 का औसत कितना शानदार रहा है।

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