6 दिन के मेगा हेल्थ कैंप से गाजीपुर पहुंचीं सुपर स्पेशलिटी सेवाएं, डॉक्टरों की 35000 मरीजों की जांच और 346 सर्जरियां की गईं

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के ग्रामीणों को हाल ही में स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी सुपर स्पेशलिटी सेवाओं का अनुभव प्राप्त हुआ। इससे पहले इन्हें अव्वल दर्जे की स्पेशलिस्ट हेल्थकेयर सेवाएं पाने के लिए वाराणसी या लखनऊ जैसे शहरों का रुख करना पड़ता था। लेकिन छह दिनों तक ऐसी कई सेवाओं का लाभ उन्हें अपने ही जिले में पाने का मौका मिला। यह अवसर उन्हें जिले में सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित एक मेगा हेल्थ कैंप के जरिए मिला।

यह 6 दिनों का था, जिसका उद्घाटन 26 सितंबर को राज्य के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने किया। इस कैंप में 35,200 मरीजों ने चेकअप कराया और 346 सर्जरी की गईं। इसमें ऐसे मुश्किल प्रोसीजर भी शामिल थे जिनके लिए आम तौर पर मरीजों को जिले से बाहर जाना पड़ता है। युवा बीजेपी नेता अभिनव सिन्हा के नेतृत्व में इस कैंप का आयोजन किया गया था। इसमें ओपीडी सेवा 28 सितंबर तक चलीं, जिसके बाद 28 सितंबर से 1 अक्टूबर तक सर्जरी हुईं।

इस पहल की खास बात यह थी कि एक ही जगह पर इतनी बड़ी मात्रा में स्पेशलिस्ट केयर उपलब्ध थी। इसमें 498 डॉक्टरों और हेल्थकेयर वर्कर्स की टीम ने हिस्सा लिया, जिसमें AIIMS दिल्ली, जसलोक हॉस्पिटल मुंबई, अपोलो हॉस्पिटल दिल्ली और हेरिटेज हॉस्पिटल वाराणसी से जुड़े स्पेशलिस्ट शामिल थे। मरीजों को कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी और गैस्ट्रोएंटरोलॉजी से लेकर ऑर्थोपेडिक्स, ऑप्थल्मोलॉजी, गायनेकोलॉजी, पीडियाट्रिक्स, डर्मेटोलॉजी, यूरोलॉजी और प्लास्टिक सर्जरी तक 15 विशेषज्ञ सेवाएं मिलीं। तीन दिन के ओपीडी फेज के दौरान, 35,828 लैब टेस्ट भी किए गए। कैंप में 346 सर्जरी हुईं, जिसमें 140 आंखों की सर्जरी और 206 दूसरे प्रोसीजर शामिल थे। इनमें ऑर्थोपेडिक्स, जनरल सर्जरी और प्लास्टिक सर्जरी से जुड़े 22 बड़े मुश्किल केस थे।

जनरल मेडिसिन, ऑर्थोपेडिक्स, ऑप्थल्मोलॉजी और न्यूरोलॉजी में कुल मिलाकर 21,120 मरीज आए – जो OPD में आने वालों का 60% है। बाकी 11 स्पेशलिटी OPD में और 14,080 मरीजों का इलाज किया गया। इस बड़े मेडिकल ऑपरेशन में 350 से ज्यादा वॉलंटियर्स ने मदद की, जिन्हें “गाजीपुर के स्वस्थ योद्धा” कहा गया, जिन्होंने मरीजों को रजिस्ट्रेशन, नेविगेशन और जगह पर देखभाल में मदद की। मेडिकल टीम में फैकल्टी और कंसल्टेंट, रेजिडेंट, इंटर्न, नर्स, पैरामेडिक्स और फार्मासिस्ट शामिल थे।

आयोजनकर्ता अभिनव सिन्हा ने कहा कि इस कैंप का मकसद अच्छी हेल्थकेयर ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों में लोगों तक, बिना उन्हें लंबी दूरी तय किए पहुंचाना था। इस पहल को 2026 में उत्तर प्रदेश में आयोजित सबसे बड़ा हेल्थ कैंप बताया, और कहा कि इस मॉडल को राज्य में कहीं और भी दोहराया जा सकता है। गाजीपुर से बड़ी बात यह है कि सिर्फ छह दिनों में, एक अस्थायी हेल्थकेयर इकोसिस्टम ने कंसल्टेशन, डायग्नोस्टिक्स, स्पेशलिस्ट ट्रीटमेंट और सर्जरी को एक ही जगह पर ला दिया — जिससे हेल्थकेयर को मरीजों तक पहुंचाने पर ध्यान दिया गया, न कि मरीज़ों को हेल्थकेयर सेंटर जाने पर।

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Gold Price Today: सोने में तेजी बरकरार; दिल्ली, लखनऊ, जयपुर में ₹150460 हुआ 24 कैरेट का भाव

देश में सोने की कीमत में तेजी का दौर जारी है। 3 अक्टूबर की सुबह 24 और 22 कैरेट गोल्ड दोनों के भाव में उछाल है। राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड 150460 रुपये प्रति 10 ग्राम पर है। दूसरे शहरों में भी कीमत चढ़ी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 4,140.06 डॉलर प्रति औंस पर है। इस सप्ताह अब तक इसकी वैश्विक कीमत लगभग 3.4 प्रतिशत नीचे आई है। सोने और चांदी की देश के अंदर कीमतें डोमेस्टिक फैक्टर्स के साथ-साथ ग्लोबल फैक्टर्स से भी प्रभावित होती हैं।

देश के कुछ बड़े शहरों में गोल्ड रेट

दिल्ली में सोने की कीमत: दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 150460 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 137910 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

मुंबई और कोलकाता: मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोने की कीमत 137760 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत 150290 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

चेन्नई में सोने की कीमत: 24 कैरेट सोने की कीमत 150290 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 137760 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

पुणे और बेंगलुरु में कीमत: इन दोनों शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 150290 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 137760 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

शहर22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)
दिल्ली137910150460
मुंबई137760150290
अहमदाबाद137810150360
चेन्नई137760150290
कोलकाता137760150290
हैदराबाद137760150290
जयपुर137910150460
भोपाल137810150360
लखनऊ137910150460
चंडीगढ़137910150460

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रॉयटर्स के मुताबिक, HSBC ने 2026 और 2027 के लिए सोने की औसत कीमत का अनुमान घटाकर क्रमशः 4,490 डॉलर प्रति औंस और 4,825 डॉलर प्रति औंस कर दिया है। बैंक का कहना है कि सोने की कीमत पर निकट भविष्य में और दबाव पड़ सकता है। HSBC को उम्मीद है कि कीमतें गिरने पर, खासकर 4,000 डॉलर के आसपास या उससे नीचे जाने पर, केंद्रीय बैंक फिर से सोना खरीदना शुरू कर देंगे।

चांदी की कीमत

दूसरी कीमती धातु चांदी की कीमत में गिरावट है। 3 अक्टूबर की सुबह चांदी देश में 234900 रुपये प्रति किलोग्राम पर है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत 60.36 डॉलर प्रति औंस है। इस साल जनवरी में देश के अंदर चांदी की कीमत 4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गई थी।

राज्यसभा चुनाव से पहले एनडीए को झटका

लखनऊ। राज्यसभा की 10 सीटों के लिए होने वाले चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश में एनडीए को बड़ा झटका लगा है। भाजपा की सहयोगी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के दो विधायकों के बारे में खुद पार्टी के सुप्रीमो ओमप्रकाश राजभर ने कहा है कि वे समाजवादी पार्टी को वोट करेंगे। गौरतलब है कि भाजपा राज्यसभा की आठ सीटें जीतने का प्रयास कर रही है, जिसके लिए उसे 296 वोट की जरुरत है, जबकि एनडीए के पास अभी 294 विधायक हैं। उनमें से भी दो विधायक कम हो गए हैं।

सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने शुक्रवार को एक टेलीविजन चैनल से कहा, ‘मेरी पार्टी के दो विधायक सपा को वोट करेंगे। एक अब्बास अंसारी तो दूसरे जगदीश नारायण राय हैं’। अब्बास की हाल ही में लखनऊ में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात भी हुई है।

राजभर ने बताया कि 2022 के चुनाव में उनका सपा से गठबंधन था। तब अखिलेश यादव ने अपनी पार्टी के 12 नेता उनको दिए थे। उन नेताओं ने राजभर की पार्टी की टिकट पर चुनाव लड़ा था। उनमें से अब्बास अंसारी और जगदीश नारायण राय जीते थे। राजभर ने कहा, ‘ये दोनों शुरू से उन्हीं के नेता हैं। टोपी-टापा लगाकर घूमते हैं। झंडा उनका लगाकर घूमते हैं। रसीद उनकी पार्टी की काटते हैं। तो वो हमको चिंता नहीं रहती है’।

यूपी रेरा ने 5 जिलों की 11 रियल एस्टेट परियोजनाओं को दी हरी झंडी, नोएडा-गाजियाबाद से लखनऊ तक इतने प्रोजेक्ट

उत्तर प्रदेश में अपना खुद का घर खरीदने और दुकान का सपना देखने वालों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। राज्य में रियल एस्टेट सेक्टर को गति देने और निर्माण कार्यों में तेजी लाने के मकसद से उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (यूपी रेरा) ने प्रदेश के 5 प्रमुख जिलों की 11 नई रियल एस्टेट परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है। इन सभी प्रोजेक्ट्स के जरिए कुल ₹2086.06 करोड़ का भारी-भरकम निवेश होगा। इसके तहत 1873 नए मकान और व्यावसायिक दुकानें बनाई जाएंगी। इन नई परियोजनाओं को हरी झंडी मिलने से न केवल घर खरीदारों का इंतजार खत्म होगा बल्कि निर्माण क्षेत्र से जुड़ी तमाम आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी और स्थानीय स्तर पर हजारों लोगों के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे।

यूपी रेरा की 215वीं बैठक में हुआ बड़ा फैसला

यह बड़ा फैसला लखनऊ स्थित यूपी रेरा मुख्यालय में आयोजित प्राधिकरण की 215वीं अथॉरिटी बैठक में लिया गया। बैठक के दौरान बिल्डरों द्वारा सौंपे गए तमाम प्रोजेक्ट प्रस्तावों की बारीकी से समीक्षा और जांच-पड़ताल की गई। सभी कायदे-कानून और मानकों पर खरे उतरने के बाद ही इन 11 परियोजनाओं के पंजीकरण और निर्माण को अंतिम स्वीकृति दी गई। प्राधिकरण ने साफ कर दिया है कि इन प्रोजेक्ट्स के निर्माण में रेरा कानून के हर एक नियम का सख्ती से पालन कराया जाएगा ताकि काम तय समय पर पूरा हो सके।

नोएडा-ग्रेटर नोएडा में सबसे बड़ा दांव: लगेगा ₹1800 करोड़ से अधिक का फंड

निवेश के आंकड़े के मामले में गौतमबुद्ध नगर (नोएडा और ग्रेटर नोएडा) जिला सबसे आगे रहा। इस जिले में कुल 2 बड़ी आवासीय परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। अकेले गौतमबुद्ध नगर जिले में ही करीब ₹1800.36 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है। इन दोनों प्रोजेक्ट्स के तहत 1398 नए और आधुनिक आवासीय फ्लैट्स बनाए जाएंगे। इससे एनसीआर में घर की तलाश कर रहे लोगों को बड़ा फायदा मिलेगा।

सबसे ज्यादा प्रोजेक्ट्स लखनऊ को मिले, जानें गाजियाबाद और बाकी जिलों का हाल

अगर बात मंजूर की गई परियोजनाओं की कुल संख्या की करें, तो इस सूची में राजधानी लखनऊ सबसे ऊपर है। राजधानी में कुल 5 नई परियोजनाओं पर मुहर लगी है। इनमें 2 आवासीय और 3 कॉमर्शियल प्रोजेक्ट शामिल हैं। लखनऊ के इन प्रोजेक्ट्स में लगभग ₹169.53 करोड़ का खर्च आएगा और 198 नई इकाइयां (घर और दुकानें) बनकर तैयार होंगी। दिल्ली से सटे गाजियाबाद जिले में 2 आवासीय प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिली है। इनमें करीब ₹106.84 करोड़ का निवेश किया जाएगा और 211 नए मकान तैयार किए जाएंगे। लखनऊ के नजदीकी जिले बाराबंकी में 1 आवासीय परियोजना को हरी झंडी दी गई है। ₹5.78 करोड़ के बजट वाली इस परियोजना के तहत 53 नए घर बनाए जाएंगे। पश्चिमी यूपी के मुरादाबाद में 1 व्यावसायिक परियोजना पास की गई है। ₹3.55 करोड़ के अनुमानित निवेश से बनने वाले इस प्रोजेक्ट में 13 दुकानें और व्यावसायिक दुकानें तैयार होंगी।

रोजगार के बढ़ेंगे अवसर, ईंट-सीमेंट से लेकर ट्रांसपोर्ट तक को मिलेगी रफ्तार

इन 11 प्रोजेक्ट्स के शुरू होने का असर सिर्फ रियल एस्टेट और मकानों के निर्माण तक ही सीमित नहीं रहेगा। जब ₹2000 करोड़ से अधिक की राशि बाजार में लगेगी, तो ईंट, सीमेंट, सरिया, ट्रांसपोर्ट, इंजीनियरिंग और मजदूरी से जुड़े तमाम सेक्टरों में काम की रफ्तार अचानक बढ़ जाएगी। इससे न सिर्फ स्थानीय स्तर पर व्यापारियों को फायदा होगा, बल्कि राजमिस्त्री, मजदूर, इंजीनियर और टेक एक्सपर्ट्स के लिए रोजगार के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष अवसर बनेंगे।

तय समय पर मिलेगा घर, खरीदारों के हितों की होगी पूरी सुरक्षा

यूपी रेरा के अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी ने कहा कि प्रदेश में रियल एस्टेट बाजार को पारदर्शी, भरोसेमंद और जिम्मेदार बनाना प्राधिकरण की पहली प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट्स को मंजूरी देने के साथ-साथ अब उन पर लगातार निगरानी रखी जाएगी ताकि बिल्डर समय पर काम पूरा करके दें। उन्होंने घर खरीदारों को भरोसा दिलाया कि रेरा कानून के तहत प्रमोटरों और ग्राहकों दोनों के लिए स्पष्ट व्यवस्था बनाई गई है। किसी भी खरीदार के साथ धोखाधड़ी नहीं होने दी जाएगी और ग्राहकों के हितों की रक्षा करते हुए समय सीमा के भीतर प्रोजेक्ट्स का कब्जा दिलाना सुनिश्चित किया जाएगा।

(नोएडा से पवन गुप्ता की रिपोर्ट)

Anubhav Sinha: अनुभव सिन्हा का मिडिल एज इश्क है लखनऊ…, खाने की खुशबू बार-बार बुला लेती है शहर

Anubhav Sinha: फिल्ममेकर अनुभव सिन्हा का लखनऊ के लिए प्यार इस बात से पता चलता है कि ‘मुल्क’ (2018) की शूटिंग के बाद से उन्होंने इस शहर में तीन और फिल्में शूट की हैं – जिनमें डायरेक्टर के तौर पर ‘आर्टिकल 15’ (2019) और ‘थप्पड़’ (2020) शामिल हैं और दो फिल्में प्रोड्यूसर के तौर पर की हैं।

लखनऊ के अपने हालिया दौरे पर, ‘अस्सी’ (Assi) फिल्म के डायरेक्टर ने कहा कि “लखनऊ में कुछ तो ऐसा है, जो मुझे यहां खींच लाता है। ‘मुल्क’ की शूटिंग से पहले, मैं यहां सिर्फ दो बार आया था – वो भी ‘तुम बिन’ (2021) और उसके सीक्वल के प्रमोशन के लिए और तब से एक फिल्ममेकर के तौर पर छह फिल्में कर चुका हूं, जिसमें मेरी लेटेस्ट प्रोडक्शन फिल्म भी शामिल है।”

‘शहर ने मुझे बहुत प्यार दिया है’

फिल्ममेकर ने कहा कि “लखनऊ मेरा मिडिल एज लव है! अगर मैं इसे बांटकर देखूं तो बनारस वो जगह है जहां मैंने अपना बचपन बिताया, अलीगढ़ कॉलेज वाले दिन प्यार है और मुंबई ने मुझे इतना कुछ दिया है, जो मेरी सोच से भी परे है। अब लखनऊ है, जहां मैं काम के सिलसिले में आया था और इससे प्यार हो गया। फिर शूटिंग, इवेंट्स और प्रमोशन के लिए बार-बार आता रहा। यह शहर मुझे इतना प्यार देता है जिसे मापा नहीं जा सकता। अब मेरे इतने दोस्त और शुभचिंतक हैं कि मुझे अपनी यात्रा को सीक्रेट रखना पड़ता है।

“जब मैं लखनऊ से निकलता हूं, तो मिठाइयों से लेकर मूंगबड़ी, अचार और न जाने क्या-क्या लेकर जाता हूं! ऐसा लगता है जैसे कोई दामाद जा रहा हो… इस बार मैं 10 किलो खाने-पीने का सामान लेकर गया। पुरानी दिल्ली (Old City) की साबिर की फिरनी से लेकर नैमतखाना के खट्टे-मीठे करेले तक।”

‘बेहतरीन खाना’

खाने के शौकीन अनुभव ने कहा कि “शानदार खाने की चाहत और हेल्दी लाइफस्टाइल के बीच बैलेंस बनाना मुश्किल होता है, इसलिए जब मुझे मौका मिलता है तो मैं इसका पूरा मजा लेता हूं और फिर डाइट और वर्कआउट से उसे बैलेंस करता हूं।” लखनऊ में बहुत बढ़िया खाना मिलता है। मुझे लगता है कि वहां के लोगों को भी शायद पता नहीं है कि ऐसी जगहों पर कितना शानदार खाना मिलता ,है जो कोई विज्ञापन नहीं करतीं और जहां पारंपरिक घरों में खाना परोसा जाता है। और ऐसा सिर्फ नॉन-वेज खाने के लिए नहीं है… वहां बहुत बढ़िया वेज खाना भी मिलता है! भारत में अमृतसर, वाराणसी, दिल्ली और लखनऊ जैसे कुछ शहर हैं, जहां जाने के लिए मुझे एक महीने पहले से तैयारी करनी पड़ती है।”

उन्होंने ‘अभी तो पार्टी शुरू हुई है’ फिल्म की शूटिंग भी की है, जो अभी रिलीज नहीं हुई है। इसके अलावा एक एंथोलॉजी फिल्म को प्रोड्यूस किया है, जिसे हंसल मेहता, सुधीर मिश्रा और उन्होंने खुद शूट किया था और वे अपनी मौजूदा फिल्म पर भी काम कर रहे हैं। अपनी जर्नी के दौरान उन्होंने कैंट में गायत्री स्वीट्स के समोसे, अमीनाबाद में नेतराम की कचौड़ी और खानसामों द्वारा खास तौर पर तैयार किए गए लजीज व्यंजनों का मजा लिया।