रणजी मैच में घरेलू पिच पर सर जड़ेजा ने बल्ले और गेंद से जीता मैन ऑफ द मैच

Ravindra Jadeja

सौराष्ट्र की टीम के सबसे अनुभवी खिलाड़ी रविंद्र जड़ेजा ने अपने गृहनगर राजकोट के निरंजन शाह स्टेडियम में पहले शतक लगाकर और फिर 3 विकेट लेकर मैन ऑफ द मैच का अवार्ड पाया। उनके इस प्रदर्शन से सौराष्ट्र छत्तीसगढ़ से मैच ड्रॉ कराने में कामयाब हो पाई।

सौराष्ट्र ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 392 रन बनाए जिसमें रविंद्र जड़ेजा का 209 गेंदों में 7 चौके लगाकर 102 रनों का योगदान था। इसके बाद छत्तीसगढ़ 312 रनों पर सिमट गई। रविंद्र जड़ेजा ने सर्वाधिक 17 ओवरों में सिर्फ 40 रन देकर 3 विकेट लिए। हालांकि यह तीनों विकेट निचले क्रम के थे लेकिन इस प्रदर्शन से छत्तीसगढ़ की टीम सौराष्ट्र पर बढ़त नहीं ले पाई।

भारत के अनुभवी खिलाड़ी रविंद्र जडेजा टेस्ट ऑलराउंडरों की रैंकिंग में शीर्ष पर अपनी मजबूत स्थिति बनाए हुए हैं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अच्छे प्रदर्शन के बाद दक्षिण अफ्रीका के वियान मुल्डर एक स्थान ऊपर चढ़कर चौथे और साइमन हार्मर पांच पायदान की छलांग लगाकर संयुक्त रूप से 23वें स्थान पर हैं।

जडेजा हाल ही में वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत की 2-1 से वनडे सीरीज जीत का हिस्सा थे, जहां उन्होंने दो मैचों में दो विकेट लिए, लेकिन उन्हें बल्लेबाजी का मौका नहीं मिला। रणजी ट्रॉफी इस बाएं हाथ के स्पिन ऑलराउंडर को अगले महीने न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत के दो टेस्ट मैचों के दौरे से पहले अपनी लाल गेंद की क्रिकेट का फॉर्म हासिल करने का मौका देगी। टेस्ट सीरीज वेलिंग्टन में 19-23 नवंबर तक शुरू होगी, जिसके बाद दूसरा मैच क्राइस्टचर्च में 27 नवंबर से 1 दिसंबर तक खेला जाएगा।

ऐसा रहा है करियर

टेस्ट क्रिकेट में रविंद्र जड़ेजा की उपयोगिता को नकारा नहीं जा सकता। साल 2012 से शुरु हुआ रविंद्र जड़ेजा का क्रिकेट करियर अब ढलान पर है। 89 मैचों में उन्होंने 38.3 की औसत से 4095 रन बनाए हैं। जिसमें 6 शतक और 28 अर्धशतक लगाए हैं। गेंदबाजी की बात करें तो उन्होंने 25 की औसत से 348 विकेट चटकाए हैं। इस दौरान उन्होंने 17 बार 4 विकेट और 15 बार 5 विकेट चटकाए हैं।टेस्ट क्रिकेट में उनको कितना मौका मिलता है यह देखने वाली बात होगी।

Ranji Trophy में खेलेंगें रविंद्र जड़ेजा अपनी घरेलू टीम सौराष्ट्र के लिए

Ravindra Jadeja

सौराष्ट्र ने स्टार ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा को छत्तीसगढ़ के खिलाफ रणजी ट्रॉफी 2026-27 के पहले मैच के लिए अपनी 16 सदस्यीय टीम में शामिल किया है। अनुभवी बाएं हाथ के तेज गेंदबाज जयदेव उनादकट टीम की कप्तानी करेंगे।

जडेजा हाल ही में वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत की 2-1 से वनडे सीरीज जीत का हिस्सा थे, जहां उन्होंने दो मैचों में दो विकेट लिए, लेकिन उन्हें बल्लेबाजी का मौका नहीं मिला। रणजी ट्रॉफी इस बाएं हाथ के स्पिन ऑलराउंडर को अगले महीने न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत के दो टेस्ट मैचों के दौरे से पहले अपनी लाल गेंद की क्रिकेट का फॉर्म हासिल करने का मौका देगी। टेस्ट सीरीज वेलिंग्टन में 19-23 नवंबर तक शुरू होगी, जिसके बाद दूसरा मैच क्राइस्टचर्च में 27 नवंबर से 1 दिसंबर तक खेला जाएगा।

सौराष्ट्र अपने अभियान की शुरुआत 11 अक्टूबर को राजकोट के निरंजन शाह स्टेडियम में करेगा। पूर्व चैंपियन टीम को एलीट ग्रुप बी में आंध्र, असम, छत्तीसगढ़, हैदराबाद, कर्नाटक, पंजाब और त्रिपुरा के साथ रखा गया है। सौराष्ट्र ने पिछले सीज़न की टीम से 14 खिलाड़ियों को बरकरार रखा है, जबकि तेज़ गेंदबाज़ नील पांड्या और ऑलराउंडर अर्थ यादव दो नए खिलाड़ी हैं। टीम 2025-26 सीज़न में ग्रुप-स्टेज से बाहर होने के अपने प्रदर्शन में सुधार करना चाहेगी।

Jaydev Unadkat

उनादकट ससेक्स के साथ शानदार प्रदर्शन के बाद तेज गेंदबाजी आक्रमण की कमान संभालेंगे, जहां उन्होंने सात मैचों में 22.21 की औसत से 28 विकेट लिए थे। उनके प्रदर्शन में हैम्पशायर के खिलाफ 5/32 के आंकड़े के साथ एक बार पांच विकेट और दो बार चार विकेट लेना शामिल था।

सौराष्ट्र, जिसने उनादकट की कप्तानी में 2019-20 और 2022-23 में रणजी ट्रॉफी जीती थी, के आक्रमण में बाएं हाथ के तेज़ गेंदबाज़ चेतन सकारिया भी शामिल होंगे। हार्विक देसाई विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी संभालेंगे, जबकि बल्लेबाजी लाइन-अप में अनुभवी खिलाड़ी अर्पित वासवदा, चिराग जानी और जय गोहिल शामिल हैं।इस सीजन में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करने वाले बाएं हाथ के स्पिनर धर्मेंद्रसिंह जडेजा के जाने से पार्थ भुट पर स्पिन विभाग में बड़ी जिम्मेदारी आ गई है।

सौराष्ट्र रणजी टीम: जयदेव उनादकट (कप्तान), रवींद्र जड़ेजा, हार्विक देसाई (विकेटकीपर), अर्पित वासवदा, चिराग जानी, प्रेरक मांकड़, जय गोहिल, चेतन सकारिया, अंकुर पंवार, सम्मर गज्जर, पार्थ भूत, विश्वराजसिंह जाडेजा, हेतविक कोटक, नील पंड्या, और अर्थ यादव, तरंग गोहेल।

वनडे टीम में आने के लिए विकेटकीपर बने यशस्वी जायसवाल (Video)

Yashsvi Yadav

लंबे समय से एकदिवसीय टीम से नजरअंदाज हो रहे यशस्वी जायसवाल विकेटकीपिंग का अभ्यास शुरु कर दिया है। भारतीय टीम के लिए पिछली 3 एकदिवसीय पारियों में 2 शतक लगाने वाले यशस्वी जायसवाल टीम में चयन होने के बाद अंतिम ग्यारह में जगह नहीं बना पाते हैं क्योंकि रोहित शर्मा को टीम से हटाने का दम किसी में नहीं है।

मुंबई के कप्तान ने इस बात की पुष्टि की कि यशस्वी जायसवाल विकेटकीपिंग कर रहे हैं और हो सकता है कि मुंबई रणजी टीम के लिए या फिर भारत के लिए वह कीपिंग करते हुए दिख सकते हैं। एकदिवसीय क्रिकेट की बात करें तो रोहित शर्मा ने 282 मैच खेले हैं। वह अब तक 48 की औसत से 11577 रन बना चुके हैं।इसमें 33 शतक और 51 अर्धशतक शामिल है। इस प्रारुप में उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 264 रन है जो श्रीलंका के खिलाफ आया था। यह रिकॉर्ड अब तक उनके नाम है।

लेकिन एकदिवसीय विश्वकप के दौरान वह 40 वर्ष के हो जाएंगे ऐसे में कई पूर्व क्रिकेटरों का मानना है कि यशस्वी जायसवाल को सलामी बल्लेबाजी के तौर पर आजमाना चाहिए।वह रोहित की तो जगह नहीं ले सकते लेकिन विकेटकीपिंग में केएल राहुल की जगह लेना तो और मुश्किल है क्योंकि ध्रुव जुरेल टीम के बैकअप ओपनर हैं।

यशस्वी जायसवाल के पास अपार प्रतिभा है लेकिन किस्मत उन पर कम ही मेहरबान रही है। वह टी-20 विश्वकप में बतौर सलामी बल्लेबाज टीम में शामिल थे लेकिन विराट कोहली के कारण एक भी मैच नहीं खेल पाए। उन्होंने अब तक 17 टी-20 अंतरराष्ट्रीय  मैचों में 500 से ज्यादा रन बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने 33 का औसत और 161 की स्ट्राइक रेट से रन बनाए है।

IND vs SL: कौन हैं आकिब नबी? श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट मैच में जसप्रीत बुमराह की लेंगे जगह

भारत और श्रीलंका के बीच 2 मैचों की टेस्ट सीरीज की शुरुआत 15 अगस्त से होगी। दोनों टीमों के बीच ये मुकाबला गॉल में खेला जाएगा। वहीं इस मुकाबले से पहले टीम इंडिया को बड़ा झटका लगा है। स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह चोट की वजह से इस सीरीज से बाहर हो गए हैं। जसप्रीत बुमराह की जगह भारतीय टीम में जम्मू-कश्मीर के युवा तेज गेंदबाज आकिब नबी को मौका दिया गया है। तेज गेंदबाज आकिब नबी को पहली बार टीम इंडिया में जगह दी है। सीरीज का दूसरा और अंतिम टेस्ट 23 अगस्त से कोलंबो में खेला जाएगा।

औकिब ने पिछले दो घरेलू सीजनों में लगातार बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए अपनी प्रतिभा साबित की, जिसके दम पर उन्हें राष्ट्रीय टीम में शामिल होने का यह बड़ा अवसर मिला है। आइए जानते हैं कौन है तेज गेंदबाज आकिब नबी

सीरीज से बाहर हुए बुमराह

तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के दौरान उनके बाएं घुटने में चोट लगी थी, जिससे उबरने में अभी और समय लगेगा। बीसीसीआई ने साफ किया है कि बुमराह की रिकवरी पर मेडिकल टीम लगातार नजर रख रही है और पूरी तरह फिट होने के बाद ही उन्हें मैदान पर वापसी का मौका दिया जाएगा। बुमराह को पहले श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट टीम में जगह दी गई थी। लेकिन अभी पूरी तरह फिट नहीं हो पाए हैं, इस वजह से वह सीरीज से बाहर हो गए हैं।

कौन है आकिब नबी

तेज गेंदबाज आकिब नबी जम्मू-कश्मीर की ओर से रणजी मैच खेलते हैं। 29 वर्षीय आकिब नबी ने पिछले दो रणजी ट्रॉफी सीजनों में अपनी शानदार गेंदबाजी से खास पहचान बनाई है। इस दौरान उन्होंने कुल 104 विकेट लेकर घरेलू क्रिकेट में दमदार प्रदर्शन किया। खास तौर पर 2025-26 सीजन उनके लिए यादगार रहा, जब उन्होंने 60 विकेट झटके और जम्मू-कश्मीर को पहली बार रणजी ट्रॉफी चैंपियन बनाने में बड़ी भूमिका निभाई। नई गेंद से लगातार प्रभावी गेंदबाजी और जरूरत के समय विकेट लेने की उनकी क्षमता ने चयनकर्ताओं को काफी प्रभावित किया।

सिराज पर होगी जिम्मेदारी

इंडिया ए के हालिया श्रीलंका दौरे पर भी आकिब नबी ने अपनी गेंदबाजी से अच्छा प्रभाव छोड़ा। उन्होंने दो प्रथम श्रेणी मुकाबलों में कुल छह विकेट लेकर दिखाया कि वह अलग-अलग परिस्थितियों में भी बेहतरीन प्रदर्शन कर सकते हैं। जसप्रीत बुमराह के टीम में नहीं होने से भारत के तेज गेंदबाजी आक्रमण की जिम्मेदारी अब मोहम्मद सिराज के कंधों पर होगी। उनसे तेज गेंदबाजी विभाग की अगुवाई करने की उम्मीद रहेगी।

WTC टेबल के लिए महत्वपूर्ण

भारत और श्रीलंका के बीच होने वाली यह टेस्ट सीरीज विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) 2025-27 का महत्वपूर्ण हिस्सा है। दोनों मुकाबलों के नतीजे अंक तालिका पर सीधा असर डालेंगे। फिलहाल भारतीय टीम पांचवें स्थान पर है, जबकि श्रीलंका छठे नंबर पर मौजूद है। ऐसे में दोनों टीमें जीत हासिल कर WTC की रैंकिंग में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश करेंगी।

श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए भारत की अपडेटेड टीम: शुभमन गिल (कप्तान), केएल राहुल (उप-कप्तान), यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत (विकेट कीपर), साई सुदर्शन*, ध्रुव जुरेल (विकेट कीपर), रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, मानव सुथार, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, देवदत्त पडिक्कल, सारांश जैन, औकिब नबी।

मोहम्मद शमी का टेस्ट करियर हुआ खत्म? युवा पेसरों पर दांव लगा रहे सेलेक्टर्स

भारत के दिग्गज गेंदबाज मोहम्मद शमी पिछले काफी समय से नेशनल टीम से दूर हैं। वहीं श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज में मोहम्मद शमी को जगह नहीं मिली है। वहीं अब ऐसा लग रहा कि चयनकर्ता अब भविष्य की टीम तैयार करने पर जोर दे रहे हैं। लंबे समय से टीम के अहम गेंदबाज रहे शमी ने वापसी के लिए पूरी मेहनत कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें टीम में मौका नहीं मिला। टीम मैनेजमैंट अब युवा तेज गेंदबाजों को अधिक अवसर देकर आने वाले वर्षों के लिए मजबूत गेंदबाजी आक्रमण तैयार करना चाहता है।

टीम से बाहर होने के बाद मोहम्मद शमी ने रणजी ट्रॉफी में 37 विकेट लेकर अपनी फिटनेस और शानदार फॉर्म साबित की। इसके बावजूद चयनकर्ताओं ने उन्हें भारतीय टेस्ट टीम में मौका नहीं दिया।

युवा खिलाड़ियों को दे रहे हैं मौका

स्पोर्ट्सस्टार की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय चयनकर्ताओं ने सभी फॉर्मेट को ध्यान में रखते हुए 15 युवा तेज गेंदबाजों का एक समूह तैयार किया है। माना जा रहा कि आने वाले वर्षों में यही खिलाड़ी भारतीय तेज गेंदबाजी की जिम्मेदारी संभालेंगे। रिपोर्ट में ये भी कहा गया कि मोहम्मद शमी इस लंबे समय की योजना का हिस्सा नहीं हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय चयनकर्ता अगले विश्व टेस्ट चैंपियनशिप चक्र और 2027 वनडे विश्व कप को ध्यान में रखकर अभी से टीम तैयार करने में जुटे हैं। इसके तहत अनुभवी खिलाड़ियों पर ज्यादा निर्भर रहने के बजाय युवा तेज गेंदबाजों को लगातार इंटरनेशनल मैच खिलाने की योजना है।

बुमराह टीम के अहम खिलाड़ी

जसप्रीत बुमराह भारतीय तेज गेंदबाजी के मुख्य खिलाड़ी हैं, लेकिन उनकी फिटनेस को देखते हुए टीम प्रबंधन उन्हें हर मैच में नहीं खिलाना चाहता। इसलिए चयनकर्ता भविष्य के लिए युवा तेज गेंदबाजों को तैयार करने पर जोर दे रहे हैं। मोहम्मद शमी जैसे अनुभवी गेंदबाज की मौजूदगी से भारतीय टीम को नई तेज गेंदबाजी यूनिट तैयार करने में मदद मिल सकती थी। बुमराह की गैरमौजूदगी में वह गेंदबाजी की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ युवा खिलाड़ियों को अपने अनुभव से मार्गदर्शन भी दे सकते थे। स्पोर्ट्सस्टार की रिपोर्ट के अनुसार, चयनकर्ताओं के मुताबिक, अब भविष्य की टीम बनाने पर पूरा ध्यान देना जरूरी है और पुराने विकल्पों पर निर्भर रहने से इस प्रक्रिया में देरी हो सकती है।

सिराज पर होगी नजर

मोहम्मद शमी के टीम से बाहर रहने और जसप्रीत बुमराह के हर टेस्ट मैच में खेलने की संभावना कम होने के कारण अब तेज गेंदबाजी की बड़ी जिम्मेदारी मोहम्मद सिराज पर आ सकती है। इसके साथ ही चयनकर्ता युवा तेज गेंदबाजों को लगातार मौके देकर एक मजबूत गेंदबाजी समूह तैयार करना चाहते हैं, ताकि आने वाले वर्षों में टीम के पास कई भरोसेमंद विकल्प मौजूद रहें।