सुभाष चंद्रा के ₹6.5 करोड़ के रिपेमेंट प्लान को मंजूरी देने वाले आदेश पर रोक, NCLT की 5 सदस्यीय बेंच का फैसला

NCLT ने Zee Entertainment के चेयरमैन एमेरिटस सुभाष चंद्रा के ₹6.5 करोड़ के रिपेमेंट प्लान को मंजूरी देने वाले पिछले आदेश पर रोक लगा दी है। CNBC-TV18 की रिपोर्ट के मुताबिक, 1 सितंबर को मामले की सुनवाई के लिए बनी पांच सदस्यीय बेंच ने यह फैसला लिया।

टाई-ब्रेकर जज की राय अंतिम फैसला नहीं

पांच सदस्यीय बेंच ने कहा कि टाई-ब्रेकर जज की राय बहुमत का फैसला नहीं है। इसलिए इसे मामले का अंतिम आदेश नहीं माना जा सकता।

दरअसल, इस मामले की सुनवाई दिल्ली NCLT की तीन सदस्यीय बेंच कर रही थी। सुभाष चंद्रा के रिपेमेंट प्लान को मंजूरी देने पर बेंच के सदस्यों के बीच सहमति नहीं बन सकी। ऐसे में टाई-ब्रेकर जज की राय के आधार पर प्लान को मंजूरी देने की बात सामने आई थी।

₹22,007 करोड़ के दावों के बदले ₹6.5 करोड़ का प्लान

सुभाष चंद्रा ने ₹22,007 करोड़ के मंजूर दावों के मुकाबले सिर्फ ₹6.5 करोड़ का रिपेमेंट प्लान पेश किया था। इस पर कुछ बैंकों और वित्तीय संस्थानों ने कड़ी आपत्ति जताई थी।

Canara Bank, Axis Bank, HDFC Bank और LIC Housing Finance ने इस प्लान के खिलाफ वोट किया था। इन सभी ने NCLT से प्लान को खारिज करने की मांग की।

बैंकों ने क्यों किया विरोध?

बैंकों और वित्तीय संस्थानों का कहना था कि ₹6.5 करोड़ की रकम बेहद कम है। उनके मुताबिक, यह सुभाष चंद्रा की कुल संपत्तियों की वैल्यू का सिर्फ 0.028% है।

इसलिए उनका मानना था कि इतनी कम रकम वाला रिपेमेंट प्लान मंजूर नहीं किया जाना चाहिए।

पांच सदस्यीय बेंच करेगी मामले की सुनवाई

अब मामले की सुनवाई NCLT की पांच सदस्यीय बेंच करेगी। इसमें न्यायिक सदस्य अनुपिंदर सिंह ग्रेवाल, बाचू वेंकट बलराम दास और महेंद्र खंडेलवाल शामिल हैं।

तकनीकी सदस्यों में अतुल चतुर्वेदी और रविंद्र चतुर्वेदी शामिल हैं। अब इस मामले में आगे का फैसला इस बड़ी बेंच की सुनवाई के बाद होगा।

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Dhoni: धोनी ने मांगी थी CSK में 25 प्रतिशत हिस्सेदारी? सीईओ ने तोड़ी चुप्पी

MS dhoni: भारत के दिग्गज खिलाड़ी और पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी पिछले कुछ समय से नों काफी चर्चा में हैं। ऐसी खबरे थी धोनी ने चेन्नई सुपर किंग्स में महेंद्र सिंह धोनी की हिस्सेदारी की मांग की थी। दावा किया गया था कि धोनी ने सीएसके में 25 प्रतिशत की हिस्सेदारी (स्टेक) की मांग की थी, लेकिन कंपनी 5.5 प्रतिशत ही स्टेक ऑफर किया था, जिसे धोनी ने मना कर दिया। CSK मैनेजमेंट और धोनी के बीच बात नहीं बन पाई। वहीं अब इन खबरों पर फ्रेंचाइजी के CEO काशी विश्वनाथन ने अपना रिएक्शन दिया है।

CEO ने क्या कहा

CSK के CEO काशी विश्वनाथन ने धोनी के टीम में हिस्सेदारी लेने वाली खबरों को खारिज कर दिया। साथ ही, उन्होंने IPL के अगले सीजन को लेकर भी धोनी के CSK के साथ जुड़े रहने पर जानकारी दी है। बता दें धोनी के CSK में हिस्सेदारी लेने की खबरों के बाद फ्रेंचाइजी और उनके बीच रिश्तों को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। लेकिन, इन खबरों की कोई पक्की पुष्टि नहीं हुई थी। इसके बावजूद सोशल मीडिया और क्रिकेट जगत में धोनी और CSK के बीच मतभेद होने की अटकलें लगाई जाने लगी थीं।

क्या थी अफवाह

क्रिकब्लॉगर की पहले की रिपोर्ट के मुताबिक, धोनी ने शुरुआत में CSK में 25 प्रतिशत हिस्सेदारी की मांग की थी, जिसे बाद में घटाकर 20 प्रतिशत कर दिया गया। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि इसके जवाब में CSK ने उन्हें 5.5 प्रतिशत हिस्सेदारी देने की पेशकश की थी।

विश्वनाथन ने इन दावों को किया खारिज

CSK के CEO काशी विश्वनाथन ने PTI से बातचीत में इन सभी दावों को खारिज कर दिया और खबरों को “पूरी तरह से बेबुनियाद” बताया। उन्होंने IPL 2027 में धोनी के खिलाड़ी के तौर पर भविष्य को लेकर भी बात की। विश्वनाथन ने कहा, “धोनी ने अभी तक यह नहीं कहा है कि वह नहीं खेलेंगे। इसलिए हमें इंतजार करना चाहिए।” उन्होंने हिस्सेदारी से जुड़ी खबरों को भी “प्लांटेड स्टोरी” बताया।

नए कोच की तलाश में सीएसके

सूत्रों के मुताबिक, IPL 2027 से पहले CSK की टीम को लेकर एमएस धोनी की भूमिका अहम हो सकती है। टीम के नए हेड कोच के चयन से लेकर खिलाड़ियों की टीम तैयार करने तक धोनी की राय को महत्व दिया जा सकता है। स्टीफन फ्लेमिंग के जाने के बाद फ्रेंचाइजी अब नए कोच की तलाश में है। फ्लेमिंग ने इंग्लैंड टेस्ट टीम की जिम्मेदारी संभालने के लिए CSK का साथ छोड़ा था।

धोनी 2008 में IPL शुरू होने के बाद से ही सीएसके के साथ जुड़े हैं। CSK ने IPL 2025 से पहले धोनी को 4 करोड़ रुपये में टीम में रिटेन किया था। धोनी ने अपनी कप्तानी में टीम को 5 ट्रॉफी जीता चुके हैं। वहीं चोट के चलते वह IPL 2026 में CSK की ओर से एक भी मैच नहीं खेल पाए थे।

नेपाल में तबाही के बाद यूपी अलर्ट पर! सीमावर्ती जिलों में बढ़ाई गई निगरानी, राकेश टिकैत भी बाढ़ में फंसे

Nepal Flood: बुधवार को उत्तर प्रदेश प्रशासन ने महाराजगंज और कुशीनगर जैसे सीमावर्ती जिलों में निगरानी बढ़ा दी है। साथ ही, नेपाल में आई भयानक अचानक बाढ़ के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारी शुरू कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि नेपाल में आई बाढ़ से इन दोनों जिलों में गंडक और नारायणी नदियों का जलस्तर बढ़ने की संभावना है।

वहीं, राहत आयुक्त कार्यालय ने नेपाल में बाढ़ से प्रभावित उत्तर प्रदेश के निवासियों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है। इसमें कहा गया है कि अगर राज्य का कोई व्यक्ति नेपाल में फंसा है या उसे किसी मदद की जरूरत है, तो उनके रिश्तेदार तुरंत राज्य के हेल्पलाइन नंबर 1070 पर संपर्क करें।

माना जा रहा है कि उत्तर प्रदेश के कई लोग पड़ोसी देश में फंसे हुए हैं। किसान नेता राकेश टिकैत, जो अपने साथियों के साथ सड़क मार्ग से नेपाल गए थे, पोखरा में फंस गए।

बता दें कि बाढ़ ने चितवा, रसुवा, नुवाकोट और धाडिंग जिलों में कई सड़कों और पुलों को बहा दिया है।

भाकियू के नेता जारी किया वीडियो संदेश

भारतीय किसान यूनियन के नेता ने एक वीडियो संदेश में कहा, “हालात को देखते हुए हम कल फ्लाइट से काठमांडू पहुंचेंगे और वहां से फ्लाइट से दिल्ली जाएंगे। हम अपनी गाड़ियां वहीं छोड़ देंगे क्योंकि सड़क मार्ग से यात्रा करना संभव नहीं होगा।”

उन्होंने कहा कि यूपी के किसान संगठनों के सदस्य नेपाल में हैं और उनसे कहा गया है कि वे वहां फंसे भारतीयों और स्थानीय लोगों की मदद करें।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नेपाल में अचानक आई बाढ़ से हुए नुकसान को गंभीर चिंता का विषय बताया और प्रभावित सभी लोगों की सुरक्षा और भलाई के लिए भगवान पशुपतिनाथ से प्रार्थना की। साथ ही स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिया कि वे नदी के जलस्तर पर कड़ी नजर रखें और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क रहें।

महराजगंज में अलर्ट, गंडक नदी की 24 घंटे निगरानी

वहीं, महाराजगंज में जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है और गंडक नदी की चौबीसों घंटे निगरानी के आदेश दिए हैं, क्योंकि पानी का बढ़ा हुआ बहाव भोटेकोशी-त्रिशूली नदी प्रणाली के जरिए निचले इलाकों को प्रभावित कर सकता है।

जिला मजिस्ट्रेट गौरव सिंह सोगरवाल ने राजस्व विभाग, पुलिस, SDRF और अन्य एजेंसियों को अलर्ट पर रहने और जरूरत पड़ने पर निचले और नदी के किनारे बसे जोखिम वाले इलाकों से लोगों को सुरक्षित, ऊंचे स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है।

प्रशासन ने निवासियों से अपील की है कि वे नदियों, नालों और पानी से भरे इलाकों के पास न जाएं और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें, साथ ही बच्चों, बुज़ुर्गों और मवेशियों को जोखिम वाले इलाकों से दूर रखें।

कुशीनगर में गांवों को खाली कराने का आदेश, प्रशासन अलर्ट

कुशीनगर में जिला प्रशासन ने मर्चहवा, शिवपुर समेत कई गांवों को खाली कराने का आदेश दिया है। साथ ही लोगों को सुरक्षित जगहों पर जाने की सलाह देने के लिए लगातार लाउडस्पीकर से ऐलान भी किया जा रहा है।

अधिकारियों के मुताबिक, नारायणी नदी का जलस्तर अगले दो घंटे में और बढ़ सकता है। इसे देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने को कहा है।

जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि नेपाल में हुई भारी बारिश से पैदा हुई स्थिति को देखते हुए सभी संबंधित विभागों को अलर्ट कर दिया गया है।

उन्होंने आगे कहा कि खड्डा तहसील में नारायणी नदी के किनारे बाढ़ की आशंका वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को खास तौर पर सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

गांव वालों से कहा गया है कि वे सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहें, क्योंकि नदी का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में बाढ़ आ सकती है।

खड्डा तहसील के दियारा इलाके में शिवपुर, हरिहरपुर, नारायणपुर, मरचहवा और बसंतपुर गांवों में खास निगरानी रखी जा रही है, क्योंकि नेपाल में बारिश से नारायणी नदी का जलस्तर प्रभावित हो सकता है।

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8000 रुपये की शर्ट का ब्रांड बनाया और खुद ही बेचने निकला ये 16 साल का लड़का बना स्टार! लोग बोले-यही है भारत का असली Gen Z

बिना किसी फैमिली बैकग्राउंड, बिना किसी बड़े सपोर्ट और बिना किसी मार्केटिंग टीम के एक 16 साल के लड़के ने कुछ अपना अलग खड़ा करने का सपना देखा और उसे पूरा कर दिखाया। मध्य प्रदेश के जबलपुर के रहने वाले महेंद्र ने बेलवारो नाम से अपना एक यूनिक शर्ट ब्रांड लॉन्च किया है। सोशल मीडिया पर जब इस युवा एंटरप्रेन्योर का खुद अपनी शर्ट्स बेचने और कॉन्फिडेंस के साथ लोगों से कनेक्ट करने का वीडियो वायरल हुआ तो उसने लाखों लोगों का दिल जीत लिया।

डिजिटल क्रिएटर के पास पहुंचा 16 साल का महेंद्र

हमारी सहयोगी न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, महेंद्र की कहानी तब सामने आई जब वह एक कपड़े के ब्रांड के मालिक और डिजिटल क्रिएटर शुभम शिवहरे के स्टूडियो के बाहर पहुंचा। महेंद्र ने बेझिझक शुभम से संपर्क किया और सीधे अपनी बात रखी। उसने शुभम से कहा कि उसने अपना खुद का शर्ट ब्रांड बनाया है और वह अपनी शर्ट्स बेचना चाहता है। इसके बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई।

8000 रुपये की शर्ट और ब्रांडिंग का अनोखा गणित

बातचीत के दौरान महेंद्र ने शुभम को अपने ब्रांड बेलवारो का प्रमोशन वीडियो दिखाया। खास बात यह है कि इस 16 साल के लड़के ने अपने ब्रांड का लोगो, पैकेजिंग और सोशल मीडिया अकाउंट सब कुछ खुद ही तैयार किया है। जब शुभम ने उससे एक शर्ट की कीमत पूछी तो महेंद्र ने बताया कि वह एक शर्ट 8000 रुपये में बेच रहा है।

शर्ट की इतनी ज्यादा कीमत सुनकर शुभम हैरान रह गए और उन्होंने पूछा कि यह इतनी महंगी क्यों है? इस पर महेंद्र ने बहुत ही आत्मविश्वास से जवाब दिया कि एक शर्ट को बनाने की लागत लगभग 3000 रुपये आती है जबकि बाकी का खर्च ब्रांडिंग का है। महज 16 साल की उम्र में अपने प्रोडक्ट और बिजनेस को खड़ा करने के लिए महेंद्र की लगन और उसका आत्मविश्वास अब चर्चा का विषय बना हुआ है। पर असल कहानी सिर्फ इतनी नहीं है।

पिता का साया नहीं, मां भी नहीं करतीं काम

पहले वीडियो के वायरल होने के बाद शुभम ने दोबारा महेंद्र से मुलाकात की और उसकी निजी जिंदगी की कहानी लोगों के साथ शेयर की। महेंद्र ने बताया कि उसके सिर पर पिता का साया नहीं है। वह अपनी मां, दो छोटे भाइयों और एक बहन के साथ रहता है। उसकी मां फिलहाल कोई काम नहीं करती हैं। बिना किसी आर्थिक मदद और बिना किसी बिजनेस कनेक्शन के वह अकेले ही अपने ब्रांड को प्रमोट करने की कोशिश में जुटा है।

शुभम ने इंस्टाग्राम पर उसकी कहानी शेयर करते हुए लिखा कि 16 साल की उम्र में जब ज्यादातर बच्चे अपने भविष्य के बारे में सोचना शुरू ही करते हैं तब महेंद्र अपना भविष्य खुद बनाने की कोशिश कर रहा है। उसके पास संसाधन भले कम हैं लेकिन सपने बहुत बड़े हैं।

सोशल मीडिया पर मिली तारीफ और लोगों ने बढ़ाए मदद के हाथ

सोशल मीडिया पर महेंद्र के इस जज्बे और हिम्मत की जमकर सराहना हो रही है। इंटरनेट यूज़र्स उसकी कड़ी मेहनत और लगन देखकर काफी प्रभावित है। कई लोग उसके ब्रांड की मदद के लिए भी आगे आए हैं। एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा कि यही असली Gen Z है जिसका भारत को इंतजार है। वहीं एक दूसरे यूजर ने कहा कि ऐसे ही बच्चे बड़े होकर बिड़ला और टाटा जैसे बड़े ब्रांड बनाते हैं।

शर्ट की क्वॉलिटी पर कमेंट करते हुए एक यूजर ने लिखा कि शर्ट देखने में काफी अच्छी लग रही है, इसकी लाइनिंग, मटीरियल और कॉलर काफी प्रीमियम दिख रहे हैं।

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