FD interest calculator: यहां FD पर मिल रहा 8.50% तक ब्याज, 5 लाख की FD 5 साल बाद कितनी होगी? समझिए पूरा हिसाब

FD interest calculator: शेयर बाजारों में गिरावट ने एक बार फिर निवेशकों को बैंक एफडी के बारे में सोचने को मजबूर कर दिया है। बैंक में पैसा रखना सुरक्षित है। रिटर्न की गारंटी है। निवेश करने के वक्त पता चल जाता है कि कुछ साल बाद निकालने पर पैसा कितना बढ़कर मिलेगा। अगर बात बात सीनियर सिटीजंस की हो तो सोने पर सुहागा। इसकी वजह यह है कि ज्यादातर बैंक सीनियर सिटीजंस को सामान्य डिपॉजिटर्स से ज्यादा इंटरेस्ट रेट ऑफर करते है।

सवाल है कि अगर कोई सीनियर सिटीजंस बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट 5 लाख रुपये रखता है तो 5 साल बाद उसे कुल कितने पैसे मिलेंगे? इस सवाल का जवाब इस बात पर निर्भर करता है कि आप पैसा किस बैंक में रखते हैं और उसका सालाना इंटरेस्ट रेट क्या है। स्मॉल फाइनेंस बैंकों का इंटरेस्ट रेट प्राइवेट सेक्टर और सरकारी बैंकों के इंटरेस्ट रेट से ज्यादा है। ऐसे में उनमें पैसा रखना फायदेमंद हैं। स्मॉल फाइनेंस बैंक में पैसा रखना पूरी तरह सुरक्षित है।

पैसाबाजार डॉट कॉम की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, 5 साल की एफडी पर सबसे ज्यादा इंटरेस्ट रेट सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक का है।

नीचे अलग-अलग स्मॉल फाइनेंस बैंकों के पांच साल के इंटरेस्ट रेट्स दिए गए हैं।

Suryoday Small Finance Bank 5 साल के एफडी पर 8.5 फीसदी इंटरेस्ट रेट ऑफर कर रहा है।

Jana Small Finance Bank 5 साल के एफडी पर 7.77 फीसदी इंटरेस्ट रेट ऑफर कर रहा है।

AU Small Finance Bank 5 साल के एफडी पर 7.25 फीसदी इंटरेस्ट रेट ऑफर कर रहा है।

Equitas Small Finance Bank 5 साल के एफडी पर 7.50 फीसदी इंटरेस्ट रेट ऑफर कर रहा है।

ESAF Small Finance Bank 5 साल के एफडी पर 6.25 फीसदी इंटरेस्ट रेट ऑफर कर रहा है।

Ujjivan Small Finance Bank 5 साल के एफडी पर 7.70 फीसदी इंटरेस्ट रेट ऑफर कर रहा है।

सरकारी बैंक भी 5 साल के फिक्स्ड डिपॉजिट पर अट्रैक्टिव इंटरेस्ट रेट ऑफर कर रहे हैं। सरकारी बैंकों के इंटरेस्ट रेट की जानकारी नीचे दी गई है।

Bank of Baroda सीनियर सिटीजंस को पांच साल के एफडी पर 6.90 इंटरेस्ट रेट ऑफर कर रहा है।

Bank of India सीनियर सिटीजंस को पांच साल के एफडी पर 6.75 इंटरेस्ट रेट ऑफर कर रहा है।

Bank of Maharashtra सीनियर सिटीजंस को पांच साल के एफडी पर 5.50 इंटरेस्ट रेट ऑफर कर रहा है।

Canara Bank सीनियर सिटीजंस को पांच साल के एफडी पर 6.75 इंटरेस्ट रेट ऑफर कर रहा है।

Central Bank of India सीनियर सिटीजंस को पांच साल के एफडी पर 6.50 इंटरेस्ट रेट ऑफर कर रहा है।

Indian Bank सीनियर सिटीजंस को पांच साल के एफडी पर 6.50 इंटरेस्ट रेट ऑफर कर रहा है।

State Bank of India सीनियर सिटीजंस को पांच साल के एफडी पर 7.05 इंटरेस्ट रेट ऑफर कर रहा है।

Punjab National Bank सीनियर सिटीजंस को पांच साल के एफडी पर 6.45 इंटरेस्ट रेट ऑफर कर रहा है।

प्राइवेट बैंक 5 साल के एफडी पर सीनियर सिटीजंस को निम्नलिखित इंटरेस्ट रेट्स ऑफर कर रहे हैं:

Axis Bank 5 साल के एफडी पर 7.25 फीसदी इंटरेस्ट रेट ऑफर कर रहा है।

Bandhan Bank 5 साल के एफडी पर 6.60 फीसदी इंटरेस्ट रेट ऑफर कर रहा है।

HDFC Bank 5 साल के एफडी पर 6.90 फीसदी इंटरेस्ट रेट ऑफर कर रहा है।

Federal Bank 5 साल के एफडी पर 6.90 फीसदी इंटरेस्ट रेट ऑफर कर रहा है।

ICICI Bank 5 साल के एफडी पर 6.90 फीसदी इंटरेस्ट रेट ऑफर कर रहा है।

IDBI Bank 5 साल के एफडी पर 7.75 फीसदी इंटरेस्ट रेट ऑफर कर रहा है।

IDFC FIRST Bank 5 साल के एफडी पर 7.00 फीसदी इंटरेस्ट रेट ऑफर कर रहा है।

Kotak Mahindra Bank 5 साल के एफडी पर 7.75 फीसदी इंटरेस्ट रेट ऑफर कर रहा है।

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सीनियर सिटीजंस को 5 लाख के एफडी पर 5 साल बाद कितना मिलेगा?

सीनियर सिटीजंस अपनी सुविधा के हिसाब से बैंक का चुनाव कर सकते हैं। लेकिन, उन्हें सबसे ज्यादा रिटर्न सूर्योंदय स्मॉल फाइनेंस बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट करने पर मिलेगा। अगर वे 5 लाख रुपये 5 साल के लिए इस बैंक में डिपॉजिट करते हैं तो उन्हें एफडी मैच्योर करने पर 7,61,397 रुपये मिलेंगे। इसमें मूलधन का 5 लाख रुपये शामिल है। इसका मतलब है कि सीनियर सिटीजंस को 5 लाख रुपये पर पांच साल में कुल 2,61,397 रुपये इंटरेस्ट के रूप में मिलेंगे।

Sunday Bank Open: अगले संडे 27 सितंबर को खुले रहेंगे ये सारे बैंक, नेशनल से लेकर रीजनल के लिए RBI ने दिया ये अप्रूवल

Sunday Bank Open: बैंकों से जुड़ी बड़ी खबर आ रही है। अगले रविवार यानी 27 सितंबर को बैंकों की सभी शाखाएं खुली रहेंगी। आरबीआई ने सभी सरकारी बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (आरआरबी) को अपनी सभी शाखाएं संडे यानी 27 सितंबर को खुला रखने का निर्देश दिया है। यह ग्राहकों को बड़ी राहत देने वाली खबर है।

बैंकों में 28 सितंबर से 30 सितंबर तक हड़ताल

सरकारी बैंकों ने इस महीने 28 से लेकर 30 तारीख तक हड़ताल का ऐलान किया है। इसका मतलब है कि 28 सितंबर यानी सोमवार से लेकर 30 सितंबर बुधवार तक सरकारी बैंकों की सभी शाखाओं में कामकाज नहीं होगा। यह हड़ताल 3 दिन की है। इस वजह से बड़ी संख्या में लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है।

27 सितंबर यानी अगले रविवार को बैंकों में सामान्य कामकाज होगा

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने इस हड़ताल का ऐलान किया है। चूंकि, 26 सितंबर को शनिवार और 27 सितंबर को रविवार है, जिससे औपचारिक रूप से दोनों दिन बैंक बंद रहेंगे। इसकी वजह यह है कि हर महीने के चौथे शनिवार को बैंकों की सभी शाखाओं में अवकाश होता है। फिर हर रविवार को बैंक बंद रहते हैं। अगर हड़ताल के तीन दिन शामिल कर लिए जाए तो इसका मतलब है कि बैंक लगातार पांच दिन तक बंद रहते।

RBI ने सरकारी बैंकों और RRB को अगले संडे को ब्रांच खुला रखने की दी इजाजत

बैंकों के ग्राहकों को असुविधा से बचाने के लिए RBI ने सभी सरकारी बैंकों (PSU Banks) और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (RRB) को अपनी सभी शाखाएं रविवार को खुला रखने की इजाजत दी है। इसका मतलब है कि अगले रविवार यानी 27 सितंबर को सभी सरकारी और आरआरबी बैंकों की शाखाओं में सामान्य कामकाज होगा।

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सरकार ने बैंक यूनियंस से हड़ताल टालने की अपील की है

इस बीच, सरकार और बैंकों के मैनेजमेंट ने बैंक यूनियंस को इस प्रस्तावित हड़ताल को टालने की अपील की है। साथ ही तीन दिन की हड़ताल से बैंकों के ग्राहकों को होने वाली दिक्कत को कम करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। हड़ताल के दौरान भी बैंकों के एटीएम खुले रहेंगे। साथ ही सभी सरकारी बैंकों की नेट बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। इसके बावजूद भी अगर किसी ग्राहक को बैंक की शाखा में जाकर कोई काम कराना है तो वह अगले संडे यानी 27 सितंबर को अपने बैंक जाकर अपना काम करा सकता है।

100 बच्चों को मुफ्त पढ़ा रहे 23 साल के कृष्णा | Aapka Krishna | Free Education | Rajasthan

100 बच्चों को मुफ्त पढ़ा रहे 23 साल के कृष्णा | Aapka Krishna | Free Education | Rajasthan

कृष्णा ने बचपन से ही एयरफोर्स में जाकर देश की सेवा का सपना देखा था, लेकिन एक्सीडेंट के बाद ऐसा हो ना सका। लेकिन 23 की उम्र में उन्होंने हार मानने के बजाय देश सेवा का एक नया रास्ता चुन लिया।

आज राजस्थान का ये लड़का अपने गाँव के 100 बच्चों को मुफ्त पढ़ा रहा है, ताकि जिन हाथों में कभी मजबूरी ने काम थमाया था, उनमें कल किताबें हों और अपने सपने चुनने की आज़ादी हो।

कृष्णा का सफर याद दिलाता है कि देश सेवा सिर्फ वर्दी पहनकर नहीं होती। कभी-कभी एक बच्चे को पढ़ने का मौका देना भी देश का भविष्य संवारना होता है। :heart:

आप भी कृष्णा से पढ़ने वाले एक बच्चे की मदद करें: ₹130 = 1 Stationery Kit & 1 Meal
Donation Now! UPI ID- 917300369081@cnrb
Bank Details:
Account Holder Name: Kanheya Lal
Account Number: 4331119000551
Bank Name: Canara Bank
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सुभाष चंद्रा के ₹6.5 करोड़ के रिपेमेंट प्लान को मंजूरी देने वाले आदेश पर रोक, NCLT की 5 सदस्यीय बेंच का फैसला

NCLT ने Zee Entertainment के चेयरमैन एमेरिटस सुभाष चंद्रा के ₹6.5 करोड़ के रिपेमेंट प्लान को मंजूरी देने वाले पिछले आदेश पर रोक लगा दी है। CNBC-TV18 की रिपोर्ट के मुताबिक, 1 सितंबर को मामले की सुनवाई के लिए बनी पांच सदस्यीय बेंच ने यह फैसला लिया।

टाई-ब्रेकर जज की राय अंतिम फैसला नहीं

पांच सदस्यीय बेंच ने कहा कि टाई-ब्रेकर जज की राय बहुमत का फैसला नहीं है। इसलिए इसे मामले का अंतिम आदेश नहीं माना जा सकता।

दरअसल, इस मामले की सुनवाई दिल्ली NCLT की तीन सदस्यीय बेंच कर रही थी। सुभाष चंद्रा के रिपेमेंट प्लान को मंजूरी देने पर बेंच के सदस्यों के बीच सहमति नहीं बन सकी। ऐसे में टाई-ब्रेकर जज की राय के आधार पर प्लान को मंजूरी देने की बात सामने आई थी।

₹22,007 करोड़ के दावों के बदले ₹6.5 करोड़ का प्लान

सुभाष चंद्रा ने ₹22,007 करोड़ के मंजूर दावों के मुकाबले सिर्फ ₹6.5 करोड़ का रिपेमेंट प्लान पेश किया था। इस पर कुछ बैंकों और वित्तीय संस्थानों ने कड़ी आपत्ति जताई थी।

Canara Bank, Axis Bank, HDFC Bank और LIC Housing Finance ने इस प्लान के खिलाफ वोट किया था। इन सभी ने NCLT से प्लान को खारिज करने की मांग की।

बैंकों ने क्यों किया विरोध?

बैंकों और वित्तीय संस्थानों का कहना था कि ₹6.5 करोड़ की रकम बेहद कम है। उनके मुताबिक, यह सुभाष चंद्रा की कुल संपत्तियों की वैल्यू का सिर्फ 0.028% है।

इसलिए उनका मानना था कि इतनी कम रकम वाला रिपेमेंट प्लान मंजूर नहीं किया जाना चाहिए।

पांच सदस्यीय बेंच करेगी मामले की सुनवाई

अब मामले की सुनवाई NCLT की पांच सदस्यीय बेंच करेगी। इसमें न्यायिक सदस्य अनुपिंदर सिंह ग्रेवाल, बाचू वेंकट बलराम दास और महेंद्र खंडेलवाल शामिल हैं।

तकनीकी सदस्यों में अतुल चतुर्वेदी और रविंद्र चतुर्वेदी शामिल हैं। अब इस मामले में आगे का फैसला इस बड़ी बेंच की सुनवाई के बाद होगा।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

सुभाष चंद्रा के रिपेमेंट प्लान में नया मोड़, LICHF, केनरा बैंक, यूनियन बैंक NCLT के एप्रूवल को चैलेंज करेंगे

एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस, केनरा बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन सुभाष चंद्रा के रिपेमेंट प्लान का विरोध किया है। वे चंद्रा के पर्सनल इनसॉल्वेंसी मामले को नेशनल कंपनी लॉ ट्राइब्यूनल से मिले एप्रूवल को अपीलीय ट्राइब्यूनल में चैलेंज करेंगे।

तीनों मिलकर NCLAT में रिपेमेंट प्लान को करेंगे चैलेंज

LIC Housing Finance, Canara Bank और Union Bank of India ने कहा है कि चंद्रा की इनसॉल्वेंसी प्रोसिडिंग्स में उनकी (तीनों की मिलाकर) 8.45 फीसदी वोटिंग शेयर है। उन्होंने कहा कि वे इस रिपेमेंट प्लान का विरोध करते हैं। इस बारे में LIF HF ने एक बयान जारी किया है। इसमें कहा गया है, “इस प्लान को आखिर में इसलिए मंजूरी मिली क्योंकि दूसरे फाइनेंशियल क्रेडिटर्स की तरफ से पेश प्लान के पक्ष में कुल 80.81 फीसदी वोट मिले।”

तीनों ने NCLT  में भी रिपेमेंट का विरोध किया था

एलआईसी एचएफ ने कहा कि वह तुरंत नेशनल कंपनी लॉ एपेलेट ट्राइब्यूनल (NCLAT) में अपील फाइल करेगी। इसमें उसके साथ दूसरी सरकारी फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस भी होंगे। Canara Bank ने कहा है कि उसने रिपेमेंट प्लान का विरोध किया था। वह NCLT के ऑर्डर को NCLAT में चैलेंज करेगा।

इन तीनों का कुल वोटिंग शेयर सिर्फ 8.45 फीसदी 

केनरा बैंक ने कहा है, “उसने (1.60 वोटिंग शेयर) दूसरी सरकारी कंपनियों एलआईसी एचएफ (6.09 फीसदी वोटिंग शेयर) और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (0.76 फीसदी वोटिंग शेयर) के साथ इस प्लान का विरोध किया था और चंद्रा की तरफ से पेश 6.25 करोड़ रुपये के रिपेमेंट प्लान के खिलाफ वोटिंग की थी। “

मामले की फॉरेंसिक ऑडिट की भी मांग की गई थी

बैंक ने यह भी कहा है कि उसने फॉरेंसिक ऑडिट की भी मांग की थी, लेकिन उसके पास माइनॉरिटी वोटिंग शेयर होने से उसके प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिली। अब वह NCLT के ऑर्डर को NCLAT में चुनौती देगा। Union Bank of India ने भी कहा है कि उसने भी रिजॉल्यूशन प्लान को खारिज किया है। उसने NCLT के समक्ष भी इस रिपेमेंट प्लान का विरोध किया था।

NCLT ने चंद्रा के रिपेमेंट प्लान को दी है मंजूरी 

उसने कहा है कि कुछ प्राइवेट क्रेडिटर्स (लोन देने वाले) का वोटिंग शेयर ज्यादा होने से NCLT में रिपेमेंट प्लान को मंजूरी मिल गई। बैंक ने कहा है कि वह जल्द NCLAT में इस प्लान को चैलेंज करेगा। इससे पहले NCLT ने सुभाष चंद्रा की तरफ से पेश रिपेमेंट प्लान को मंजूरी दे दी थी। इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस की तरफ से फाइल इनसॉल्वेंसी मामले में चंद्रा ने यह रिपेमेंट प्लान पेश किया था।

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रिपेमेंट प्लान के तहत 22,000 करोड़ पेमेंट के दावे का सेटलमेंट होगा 

NCLT ने इस मामले में जो आदेश दिया है, उसके तहत क्रेडिटर्स (कर्ज देने वालों) की तरफ से पेश 22,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के दावों के सेटलमेंट के लिए सुभाष चंद्र 6.5 करोड़ रुपये चुकाएंगे। दिग्गज प्राइवेट बैंक HDFC Bank भी इस मामले में अपील करने के बारे में सोच रहा है। एचडीएफसी बैंक ने 27 अगस्त को कहा था कि उसने भी इस रिपेमेंट प्लान का विरोध किया था।