शाकिब अल हसन के घर पेट्रोल बम से हमला, फेंके गए पत्थर (Video)

Shakib al hasan

बांग्लादेश क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और दिग्गज ऑलराउंडर शाकिब अल हसन के बांग्लादेश के मगुरा जिले में स्थित उनके घर पर अज्ञात लोगों ने हमला कर दिया। इस हमले में ना केवल पेट्रोल बम बल्कि घरों पर पत्थर फेंके गए। इसके अलावा घर को आग लगाने की भी कोशिश हुई।

शेख हसीना के नेतृत्व वाली सरकार के सत्ता से हटने के बाद से सुरक्षा कारणों और अपने खिलाफ चल रहे कानूनी मामलों की वजह से अवामी लीग के सांसद शाकिब बांग्लादेश नहीं लौटे हैं।हालांकि बांग्लादेश के इस महान खिलाड़ी को उम्मीद है कि क्रिकेट से संन्यास लेने से पहले वह अपने देश के लिए एक आखिरी मैच जरूर खेलेंगे।

शाकिब का रहा भारत समर्थित विमर्श

पूर्व कप्तान शाकिब अल हसन ने इस साल की शुरुआत में भारत में हुए टी20 विश्व कप से बांग्लादेश के बाहर रहने को एक ‘बड़ी गलती’ करार किया और उम्मीद जताई है कि अगर दोनों टीम कुछ श्रृंखला खेलती हैं तो उनके बीच क्रिकेट के रिश्ते बेहतर हो सकते हैं।

बांग्लादेश ने अपने तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल टीम कोलकाता नाइट राइडर्स से बाहर किए जाने के बाद टी20 विश्व कप के लिए भारत का दौरा नहीं किया था जिसकी मेजबानी भारत और श्रीलंका ने मिलकर की थी। जिसके बाद बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को टूर्नामेंट में शामिल किया गया।शाकिब ने कोलकाता नाइट राइडर्स और सनराइजर्स हैदराबाद के लिए आईपीएल के नौ सत्र खेले हैं।


शाकिब  जनवरी 2024  से अगस्त तक अवामी लीग के सांसद थे, उसके बाद छात्रों के नेतृत्व वाली क्रांति में सरकार गिर गई थी। हसीना 5 अगस्त को भारत भाग गईं, जबकि शाकिब तब से अब तक घर नहीं लौटे हैं। उन्होंने  साल 2024 में पाकिस्तान और भारत के ख़िलाफ टेस्ट मैच खेले थे, लेकिन पिछले 24 महीनों में उन्हें राष्ट्रीय टीम में नहीं चुना गया है, जबकि वह अन्य जगहों पर फ्रेंचाइजी लीग में खेलते रहे हैं।

Sheikh Hasina: ‘भारत हमेशा बांग्लादेश के साथ खड़ा रहा…’; शेख हसीना ने की PM मोदी की तारीफ

Sheikh Hasina Hails PM Modi: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने मंगलवार (5 अगस्त) को भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की। 2024 में बांग्लादेश की सत्ता से हटाए जाने के बाद मीडिया से यह उनकी पहली बातचीत थी। दिल्ली से एक वर्चुअली इंटरनेशनल प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए हसीना ने अपने खिलाफ चल रहे कानूनी मामलों के बावजूद बांग्लादेश लौटने के अपने इरादे को दोहराया। भारत को बांग्लादेश का बहुत अच्छा दोस्त बताते हुए हसीना ने कहा कि नई दिल्ली मुश्किल समय में हमेशा ढाका के साथ खड़ा रहा है और आगे भी ऐसा ही करेगा।

हसीना ने घोषणा की है कि वह देश को सही राह पर लाने के वास्ते दिसंबर में स्वदेश लौटने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं। इसके लिए गिरफ्तारी या मौत की सजा के जोखिम का सामना करने को भी तैयार हैं। हसीना ने यह बात भारत आने के बाद पहली बार डिजिटल तरीके से आयोजित प्रेसवार्ता में कही। वह पांच अगस्त, 2024 को ढाका छोड़कर भारत आई थीं। इस ‘डिजिटल’ प्रेसवार्ता में पत्रकारों को केवल उनकी आवाज सुनाई दे रही थी। वह नजर नहीं आ रही थीं।

हसीना ने कहा, “मुझे पता है, वे मुझे जेल में डाल सकते हैं या मेरी जान ले सकते हैं। मैं अपने लोगों के साथ रहने के लिए घर वापस जाऊंगी।” अवामी लीग की नेता हसीना ने भारत की सराहना करते हुए कहा कि वह हमेशा बांग्लादेश के साथ खड़ा रहा है। उन्होंने कहा, “भारत हमेशा से बांग्लादेश का घनिष्ठ मित्र रहा है।”

‘मेरी वापसी सत्ता के लिए नहीं’

उन्होंने अपने संबोधन में अपने देश के राजनीतिक माहौल, उनके लोगों के सामने मौजूद चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा, “मेरी वापसी सत्ता के लिए नहीं है, बल्कि बांग्लादेश को विकास, धर्मनिरपेक्षता और समृद्धि के रास्ते पर वापस लाने के लिए है।”

‘फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब’ में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा, “चाहे मेरी किस्मत में कुछ भी लिखा हो, मैं अपने लोगों के बीच रहने के लिए बांग्लादेश लौटूंगी। जब मेरे प्यारे देशवासी तकलीफ़ में हों, तो मैं उनसे दूर नहीं रह सकती।”

उन्होंने कहा, “मुझे हिरासत में लिया जा सकता है, जेल भेजा जा सकता है, मुझ पर झूठे मामले थोपे जा सकते हैं। लेकिन डर लोगों के प्रति मेरे कर्तव्य को तय नहीं कर सकता। मेरी जिंदगी निजी सुरक्षा के हिसाब-किताब से कहीं ऊपर है।”

‘मुझे अपने भविष्य की चिंता नहीं’

पूर्व प्रधानमंत्री ने अपनी वापसी पर बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) सरकार के साथ किसी भी तरह की पर्दे के पीछे की बातचीत की संभावना को भी खारिज किया। उन्होंने कहा, “मुझे अपने भविष्य की चिंता नहीं है। मुझे बांग्लादेश के भविष्य की चिंता है। मैं लौटना चाहती हूं क्योंकि वहां के लोग सुरक्षा, विकास, समृद्धि और शांति के हकदार हैं।” पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि भले ही उन्हें अपने देश से दूर जाने के लिए मजबूर किया गया। लेकिन वह वहां के लोगों से कभी अलग नहीं हुईं।

78 वर्षीय हसीना ढाका छोड़ने के बाद से भारत में रह रही हैं। पिछले साल नवंबर में ढाका के एक विशेष न्यायाधिकरण ने 2024 के छात्रों के नेतृत्व वाले प्रदर्शनों के दौरान हसीना की सरकार की कार्रवाई को लेकर मानवता के खिलाफ अपराधों के मामले में हसीना को उनकी अनुपस्थिति में मौत की सजा सुनाई थी। इस फैसले के बाद से ढाका नयी दिल्ली से हसीना के प्रत्यर्पण की मांग कर रहा है। हसीना ने कहा कि बांग्लादेश की मौजूदा स्थिति बेहद चिंताजनक है।

शेख हसीना ने आरोप लगाया कि जुलाई और अगस्त 2024 में बांग्लादेश में हुए विरोध प्रदर्शन कोई शांतिपूर्ण छात्र आंदोलन नहीं थे, जिनके बाद उनकी सरकार सत्ता से हट गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि संगठित समूहों ने इस आंदोलन को हिंसक राजनीतिक हथियार में बदलने का काम किया।

हसीना के बेटे सजीब वाजिद जॉय ने आरोप लगाया कि अगस्त 2024 से बांग्लादेश में राजनीतिक हत्याओं को वैध बना दिया गया है। उन्होंने कहा कि आज बांग्लादेश एक विफल राष्ट्र है और देश में कानून-व्यवस्था नहीं है। जॉय ने आरोप लगाया कि नई दिल्ली के लिए सबसे बड़ी चिंता यह होनी चाहिए कि भारत की पूर्वी सीमा पर बांग्लादेश एक और पाकिस्तान बन गया है।

बांग्लादेश की कड़ी प्रतिक्रिया

बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने हसीना की प्रेसवार्ता पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। विदेश मंत्रालय ने कहा कि बांग्लादेश इस बात से नाराज है कि ढाका द्वारा नई दिल्ली को इस कार्यक्रम के द्विपक्षीय संबंधों पर संभावित असर के बारे में चिंता जताए जाने के बावजूद, यह बातचीत करने की इजाजत दी गई। उसने कहा कि भारतीय धरती पर हसीना की बातचीत का कार्यक्रम बांग्लादेश की संप्रभुता का अपमान है।

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बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने कहा, “बांग्लादेश भारत के साथ ऐसे संबंध बनाए रखना चाहता है जो रचनात्मक हों, दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद हों और भविष्य की ओर देखने वाले हों। ये संबंध संप्रभु समानता, आपसी सम्मान, एक-दूसरे के आंतरिक मामलों में दखल न देने और राष्ट्रीय सम्मान पर आधारित हों।”

बांग्लादेशी क्रिकेटर शाकिब अल हसन के घर पर पेट्रोल बम से हमला, शेख हसीना की प्रेस कॉन्फ्रेंस में हुए थे शामिल

Attack on Shakib Al Hasan house: बांग्लादेश के मगुरा जिले में बुधवार (5 जुलाई) रात बांग्लादेश के पूर्व कप्तान और अवामी लीग के पूर्व सांसद शाकिब अल हसन के घर पर पेट्रोल बम से हमला हुआ। हसन के मगुरा स्थित घर पर कुछ लोगों ने कथित तौर पर अचानक से हमला कर दिया। इस दौरान उनके घर में आग लगाने की कोशिश की गई। यह हमला तब हुआ जब उन्होंने दिल्ली में सत्ता से हटाई जा चुकीं पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लिया था। पुलिस ने बताया कि अज्ञात उपद्रवियों ने घर में तोड़फोड़ की और आग लगाने की कोशिश की। स्थानीय खबरों के मुताबिक हमले के दौरान पेट्रोल बम भी फेंके गए।

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यह हमला बुधवार रात करीब 8:45 बजे (स्थानीय समय) शाकिब के घर पर हुई। स्थानीय लोगों ने बताया कि हमले के दौरान उन्हें पटाखे जैसी तेज आवाजें सुनाई दीं। स्थानीय मीडिया ने खबर दी कि घर पर पेट्रोल बम भी फेंके गए। हालांकि, पुलिस ने आधिकारिक तौर पर पेट्रोल बम के इस्तेमाल की पुष्टि नहीं की है। शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में 39 वर्षीय क्रिकेटर के घर के बाहर पटाखे जैसी आवाजें सुनाई दे रही थीं। शाकिब मगुरा-1 निर्वाचन क्षेत्र से अवामी लीग के पूर्व सांसद हैं।

पुलिस के अनुसार, कई अज्ञात लोगों ने घर पर ईंट और पत्थर फेंके। इससे खिड़कियां टूट गईं। फिर उन्होंने घर में आग लगाने की कोशिश की। फिलहाल किसी के घायल होने की खबर नहीं है।मगुरा सदर पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी अब्दुल्ला अल मामून ने ‘द डेली स्टार’ को बताया, “कई उपद्रवियों ने घर पर ईंट के टुकड़े फेंके और खिड़कियां तोड़ दीं। उन्होंने घर में आग लगाने की भी कोशिश की।” घटना के बाद घर के बाहर पुलिस बल तैनात कर दिया गया। हमलावरों की पहचान और हमले के मकसद का अभी तक पता नहीं चल पाया है।

हसीना की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद हुआ हमला

यह हमला तब हुआ जब शाकिब दिल्ली से शेख हसीना की वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल हुए थे। यह कार्यक्रम ‘फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब ऑफ साउथ एशिया’ द्वारा आयोजित किया गया था। बातचीत के दौरान हसीना ने जुलाई-अगस्त 2024 के अशांति के दौरान अपनी सरकार के कामकाज का बचाव किया। पूर्व पीएम ने दावा किया कि छात्रों के नेतृत्व में हुआ विद्रोह कोई अचानक हुआ विरोध नहीं था। बल्कि सत्ता परिवर्तन का एक सोचा-समझा ऑपरेशन था।

राजनीतिक तनाव अभी भी बरकरार

यह घटना बांग्लादेश में हसीना के सत्ता से हटने के बाद जारी राजनीतिक तनाव के बीच हुई है। मीडिया से बातचीत से पहले बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP), जमात-ए-इस्लामी और नेशनल सिटिज़न पार्टी (NCP) के नेताओं ने इस कार्यक्रम की सार्वजनिक रूप से आलोचना की। कथित तौर पर मीडिया संगठनों को हसीना की प्रेस कॉन्फ्रेंस दिखाने के खिलाफ चेतावनी दी।

अवामी लीग के नेताओं और समर्थकों का आरोप है कि शाकिब के घर पर हुआ हमला इस कार्यक्रम में उनकी भागीदारी से जुड़ा था। हालांकि, बांग्लादेशी अधिकारियों ने हमले और मीडिया के साथ बातचीत के बीच कोई संबंध स्थापित नहीं किया है, और पुलिस ने इसके लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान नहीं की है।

शाकिब के राजनीतिक संबंध

बांग्लादेश के सबसे महान ऑलराउंडर क्रिकेटरों में से एक माने जाने वाले शाकिब अवामी लीग के साथ अपने राजनीतिक जुड़ाव के कारण हमेशा चर्चा और विवाद का विषय रहे हैं। उन्हें 2024 के आम चुनाव में मगुरा-1 निर्वाचन क्षेत्र से अवामी लीग के टिकट पर सांसद चुना गया था। विपक्षी दलों ने इस चुनाव की आलोचना करते हुए कहा था कि इसमें वास्तविक प्रतिस्पर्धा का अभाव था।

अगस्त 2024 में हुई राजनीतिक उथल-पुथल के बाद, बांग्लादेश में अवामी लीग की राजनीतिक गतिविधियों पर रोक लगा दी गई थी। बुधवार को अपने संबोधन में, हसीना ने अपनी पार्टी पर लगे प्रतिबंध को हटाने की मांग की और कई कानूनी चुनौतियों का सामना करने के बावजूद बांग्लादेश लौटने के अपने इरादे को दोहराया। इस कार्यक्रम में शाकिब की भागीदारी ने राजनीतिक तनाव के इस दौर में पूर्व सत्ताधारी पार्टी के साथ उनके निरंतर जुड़ाव को उजागर किया।

अभी तक घर नहीं लौटे हैं शाकिब

हसीना सरकार के गिरने के बाद से शाकिब बांग्लादेश नहीं लौटे हैं। राजनीतिक बदलाव के बाद उनके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें हत्या का एक मामला भी शामिल है जिसमें उन्हें कई आरोपियों में से एक के तौर पर नामजद किया गया है। बांग्लादेश के पूर्व कप्तान ने बार-बार कहा है कि अगर उन्हें अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा और उत्पीड़न से बचाव का भरोसा मिले, तो वे लौटने और कानूनी प्रक्रिया का सामना करने के लिए तैयार हैं।

यह अनुभवी ऑलराउंडर संयुक्त राज्य अमेरिका में अपने परिवार के साथ रहते हुए फ्रेंचाइजी क्रिकेट खेलना जारी रखे हुए है। उन्होंने कैरेबियन प्रीमियर लीग और लंका प्रीमियर लीग जैसे टूर्नामेंटों में हिस्सा लिया है। जबकि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने पहले संकेत दिया है कि राष्ट्रीय टीम में उनकी वापसी के लिए दरवाजे खुले हैं। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने बुधवार को ऐलान किया वह देश को सही राह पर लाने के वास्ते दिसंबर में स्वदेश लौटने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं।

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उन्होंने कहा कि इसके लिए गिरफ्तारी या मौत की सजा के जोखिम का सामना करने को भी तैयार हैं। हसीना ने यह बात भारत आने के बाद पहली बार डिजिटल तरीके से आयोजित प्रेसवार्ता में कही। वह 5 अगस्त, 2024 को ढाका छोड़कर भारत आई थीं। तब से वह भारत में ही हैं। इस डिजिटल प्रेसवार्ता में पत्रकारों को केवल उनकी आवाज सुनाई दे रही थी। वह नजर नहीं आ रही थीं।