‘रील के चक्कर में ठुक जाओगे’, वैभव सूर्यवंशी की पैपराजी को मजेदार अंदाज में वार्निंग, वीडियो वायरल

Vaibhav Sooryavanshi Viral Video: भारतीय क्रिकेटरों की देश में जबरदस्त फैन फॉलोइंग है, लेकिन इन दिनों एक नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है। यह नाम है वैभव सूर्यवंशी का। भले ही वैभव को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में आए ज्यादा समय नहीं हुआ है, लेकिन उनकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। भारत ही नहीं, दूसरे देशों में भी उनके चाहने वाले हैं। यही वजह है कि पैपराजी भी 15 साल के इस युवा बल्लेबाज की तस्वीरें खींचने के लिए काफी उत्सुक रहते हैं।

गुरुवार को भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला, जब भारतीय क्रिकेट टीम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने के लिए नई दिल्ली पहुंची। प्रधानमंत्री को राजधानी के मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में एशियन गेम्स के पदक विजेताओं से मुलाकात करनी थी। श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली पुरुष क्रिकेट टीम ने इन खेलों में गोल्ड मेडल जीता था। इस दौरान वैभव सूर्यवंशी को लेकर भी लोगों में खास उत्साह देखने को मिला।

“रील के चक्कर में ठुक जाओगे”: सूर्यवंशी का पैपराजी को मजाकिया अल्टीमेटम

नई दिल्ली पहुंचने पर, कई कैमरामैन ने सूर्यवंशी को अपने कैमरे में कैद करने की कोशिश की, जो कि कोई हैरानी की बात नहीं थी। लेकिन, पैपराजी के प्रति उनकी एक मजेदार टिप्पणी किसी ने नहीं सोची थी। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में, सूर्यवंशी मजाकिया अंदाज में उन्हें सावधान रहने और अपने आस-पास का ध्यान रखने की सलाह देते नजर आते हैं। उन्होंने पैपराजी से कहा, “रील के चक्कर में ठुक जाओगे।” यहां वह वीडियो क्लिप है:

बता दें कि IPL 2026 में शानदार प्रदर्शन करने के बाद, सूर्यवंशी ने इस साल की शुरुआत में इंग्लैंड के खिलाफ अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया। इसके साथ ही, वह भारत के लिए डेब्यू करने वाले सबसे युवा पुरुष क्रिकेटर बन गए और इस मामले में महान सचिन तेंदुलकर को भी पीछे छोड़ दिया। हालांकि, टीम के साथ लगातार यात्रा करने के बावजूद, मैनेजमेंट ने उन्हें बहुत कम मौकों पर ही खेलने का मौका दिया है। इस बात को लेकर कई विशेषज्ञों ने आलोचना भी की है।

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बैंच पर बैठे रहे गए वैभव सूर्यवंशी, दुखी चेहरे का वीडियो हुआ वायरल

जिम्बाब्वे दौरे पर मैन ऑफ द सीरीज का अवार्ड लेकर लौटे वैभव सूर्यवंशी को पता भी नहीं होगा कि वह अफगानिस्तान सीरीज का एक भी मैच खेलने को तरस जाएंगे। अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान डगआउट में उनकी रुआंसी तस्वीर एक वीडियो के माध्यम से वायरल हो रही थी।

यह उनके शुरुआती करियर में दूसरी बार हुआ है। आयरलैंड दौरे पर भी वह बैंच पर ही बैठे रह गए थे और इंग्लैंड जाकर उनको डेब्यू नसीब हुआ था हालांकि अंतिम टी-20 में भी उनको बाहर बैठा दिया गया था।

इस उभरते हुए बल्लेबाज ने इंग्लैंड में तीन टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 14, 13 और 15 रन बनाए। इनमें से दो पारियों में सूर्यवंशी जोफ्रा आर्चर की शॉर्ट गेंद पर आउट हुए। इंग्लैंड दौरे पर भारत के लिए अपने डेब्यू में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन न कर पाने के बाद, सूर्यवंशी ने ज़िम्बाब्वे के ख़िलाफ़ टी20 सीरीज़ में प्रभावित किया। वहाँ उन्होंने कई मैचों में जीत दिलाने वाला प्रदर्शन किया और ‘प्लेयर ऑफ़ द सीरीज़’ चुने गए।

इस युवा बल्लेबाज ने 2026 आईपीएल सत्र में 776 रन बनाकर ऑरेंज कैप अपने नाम किया। इस दौरान उन्होंने एक शतक और पांच अर्धशतक जड़े तथा 237.30 के विस्फोटक स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी कर क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींचा।इसके अलावा सबसे ज्यादा स्ट्राइक रेट (224) के कारण उन्हें सुपर स्ट्राइकर, टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा छक्के लगाने के कारण उभरते हुए खिलाड़ी का अवार्ड भी दिया गया।

युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल सबसे कम गेंदों में 1000 रन पूरे किए। उन्होंने 440 गेंदें खेलीं, जो सबसे तेज हैं।आईपीएल 2026 में सूर्यवंशी ने कुल 135 बाउंड्री लगाईं, जिसमें रिकॉर्ड 72 छक्के शामिल हैं, जो किसी भी टी 20 टूर्नामेंट में किसी भी बल्लेबाज़ द्वारा लगाए गए सबसे ज़्यादा छक्के हैं।

तीसरे T-20I में वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी देख पाएंगे दिल्ली वाले!

AFGvsIND भारत पहले ही 2-0 से सीरीज़ जीत चुका है। अब गुरुवार को अरुण जेटली स्टेडियम में होने वाले तीसरे और आखिरी टी 20 मैच में भारत अपनी बेंच स्ट्रेंथ को आज़माने और टीम में जगह बनाने की कोशिश कर रहे खिलाड़ियों को परखने के मौके के तौर पर इसका इस्तेमाल कर सकता है। भारत ने सीरीज़ के दोनों मैच सात विकेट से जीते हैं और अब वे 3-0 से क्लीन स्वीप करने की कोशिश करेंगे।

सीरीज़ का नतीजा तय हो चुका है, इसलिए आखिरी मैच टीम मैनेजमेंट को स्क्वाड में बदलाव करने और उन खिलाड़ियों को ज़्यादा खेलने का मौका देने का अवसर दे सकता है जो अपनी बारी का इंतज़ार कर रहे हैं।इसमें सबसे पहला नाम वैभव सूर्यवंशी का है जो जिमब्बावे सीरीज के मैन ऑफ द सीरीज थे।

भारत के नियमित खिलाड़ियों ने सीरीज़ में पहले ही ज़बरदस्त छाप छोड़ी है। अभिषेक शर्मा ने पहले टी 20 में 32 गेंदों पर 82 रन बनाए और दूसरे मैच में 19 गेंदों पर 39 रन बनाए, जबकि संजू सैमसन ने दूसरे मैच में 22 गेंदों पर तूफानी 57 रन बनाकर वापसी की। सैमसन और अभिषेक ने दूसरे मैच में ओपनिंग विकेट के लिए 88 रन जोड़े, जिसके बाद ईशान किशन ने नाबाद 38 रन बनाकर मैच जिताया।

भारत ने अफ़गानिस्तान के 8 विकेट पर 159 रन के स्कोर को सिर्फ़ 14.5 ओवर में हासिल कर लिया। गेंदबाज़ी विभाग ने भी लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। नीतीश कुमार रेड्डी ने दूसरे टी 20 में 24 रन देकर तीन विकेट लिए, जबकि अर्शदीप सिंह ने पहले मैच में तीन विकेट लिए। जसप्रीत बुमराह ने भी भारत को शुरुआती सफलताएँ दिलाई हैं।

टॉप-ऑर्डर और मुख्य गेंदबाज़ों के अच्छा प्रदर्शन करने के बाद, आखिरी मैच में भारत अलग-अलग कॉम्बिनेशन आज़मा सकता है और भविष्य के मैचों से पहले नए खिलाड़ियों को ज़रूरी अनुभव दे सकता है। हालाँकि, अफ़गानिस्तान के लिए अभी भी मैच का नतीजा मायने रखता है। वे सीरीज़ में अपनी पहली जीत हासिल करने और भारत को क्लीन स्वीप करने से रोकने की कोशिश करेंगे।

अफ़गानिस्तान की बल्लेबाज़ी भारत के हमले का सामना करने में संघर्ष करती दिखी है, हालाँकि मोहम्मद नबी और राशिद खान ने कुछ हद तक टक्कर दी है। अगर मेहमान टीम आखिरी मैच में मेज़बान टीम को चुनौती देना चाहती है, तो उन्हें बल्ले और गेंद दोनों से ज़्यादा लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा। तीसरा टी 20 मैच 17 सितंबर को अरुण जेटली स्टेडियम में खेला जाएगा।

टॉस शाम 7 बजे होगा और मैच भारतीय समयानुसार शाम 7.30 बजे शुरू होगा। भारत के लिए यह मुकाबला सिर्फ़ सीरीज़ में 3-0 की बढ़त बनाने का मौका ही नहीं है, बल्कि इससे टीम को अपनी मुख्य पसंद वाले खिलाड़ियों के अलावा अन्य खिलाड़ियों को परखने और उनकी क्षमता जानने का भी मौका मिल सकता है। वहीं, अफ़गानिस्तान की टीम जीत के साथ सीरीज़ का समापन करने के लिए पूरी तरह तैयार होगी।

Duleep Trophy Final में शांत रहा वैभव का बल्ला, दोनों पारी मिलाकर बनाए 52 रन

सफेद गेंद की क्रिकेट में कमाल दिखा चुके वैभव सूर्यवंशी का बल्ला लाल गेंद की क्रिकेट में खामोश रहा है। दलीप ट्रॉफी में इस्ट जोन के उपकप्तान और सलामी बल्लेबाज खिताबी मुकाबले की दूसरी पारी में 16 गेंदों में 8 रन बनाकर स्टंप आउट हो गए। उनका विकेट दक्षिण क्षेत्र के गेंदबाज त्रिपुराना विजय ने लिया। पहली पारी में भी वह अपनी अच्छी शुरुआत को नहीं भुना पाए थे और 37 गेंदों में 5 चौके और एक छक्का मारकर 44 रनों पर आउट हो गए थे।

इस्ट जोन बनाम सेंट्रल जोन की दलीप ट्रॉफी सेमीफाइनल मैच में वैभव सूर्यवंशी ने 81 गेंदों में खेली 92 रनों की पारी में 7 चौके और छक्के लगाए थे। हालांकि इस 15 वर्षीय खिलाड़ी ने बिहार के लिए 11 प्रथम श्रेणी मैचों की 17 पारियों 23.3 से अधिक के औसत से रन बनाए हैं जो कि आकर्षक नहीं हैं। उनका सर्वोच्च स्कोर 93 रन है।वहीं इस दलीप ट्रॉफी में भी उन्होंने 5 पारियों में 38 की औसत से 192 रन बनाए हैं।

इस उभरते हुए बल्लेबाज ने इंग्लैंड में तीन टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 14, 13 और 15 रन बनाए। इनमें से दो पारियों में सूर्यवंशी जोफ्रा आर्चर की शॉर्ट गेंद पर आउट हुए। इंग्लैंड दौरे पर भारत के लिए अपने डेब्यू में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन न कर पाने के बाद, सूर्यवंशी ने ज़िम्बाब्वे के ख़िलाफ़ टी20 सीरीज़ में प्रभावित किया। वहाँ उन्होंने कई मैचों में जीत दिलाने वाला प्रदर्शन किया और ‘प्लेयर ऑफ़ द सीरीज़’ चुने गए।

कभी भारत की टीम में जगह बनाने की चाह रखने वाले खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण टूर्नामेंट रहे दलीप ट्रॉफी अब महज बीसीसीआई के कैलेंडर में एक और टूर्नामेंट बनकर रह गया है क्योंकि अधिकतर खिलाड़ी टेस्ट टीम में जगह बनाने की दौड़ में नहीं हैं।

रणजी ट्रॉफी की तरह ही दलीप ट्रॉफी भी भारत ए की टीम में जगह बनाने का जरिया रह गया है। इसमें अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी सितंबर के आखिर और अक्टूबर की शुरुआत में पुडुचेरी में ऑस्ट्रेलिया ए टीम के खिलाफ होने वाले दो चार दिवसीय ‘टेस्ट’ मैचों के लिए दावेदार हो सकते हैं।

Duleep Trophy: इधर गेंदबाजों की कुटाई उधर वैभव सूर्यवंशी से भिड़े कप्तान तिलक वर्मा, फाइनल में दिखा हैरान करने वाला नजारा

दलीप ट्रॉफी 2026 का फाइनल मुकाबला ईस्ट जोन और साउथ जोन के बीच खेला जा रहा है। दोनों टीमों के बीच ये मुकाबला चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेला जाए रहा है। वहीं इस मुकाबले में ईस्ट जोन के उपकप्तान वैभव सूर्यवंशी कुछ खास कमाल नहीं कर पाए। पारी की तेज शुरुआत करने के बाद वैभव सूर्यवंशी 37 गेंदों पर 44 रन बनाकर आउट हुए। अपनी पारी के दौरान वैभव ने कई शानदार शॉट लगाए। वैभव के इस आक्रामक अंदाज को देख कर लग रहा था कि आज वह बड़ी पारी खेल सकते हैं। लेकिन तभी साउथ जोन के कप्तान तिलक वर्मा की रणनीति के आगे वह ज्यादा देर टिक नहीं सके और अपना विकेट गंवा बैठे। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला

सूर्यवंशी ने खेली आक्रामक पारी

ईस्ट जोन के उपकप्तान वैभव सूर्यवंशी ने अपनी पारी की शुरुआत काफी आक्रामक अंदाज में की। उन्होंने साउथ जोन के गेंदबाजों पर लगातार शॉट लगाए और रन बटोरे। सूर्यवंशी ने मोहम्मद सिराज के खिलाफ बेखौफ बल्लेबाजी की और तिलक की रक्षात्मक फील्डिंग का फायदा उठाकर आसानी से रन बनाए। वैभव सूर्यवंशी ने सिराज के एक ओवर में दो चौके और एक छक्का लगाया। वह 44 रन बनाकर चामा मिलिंद की गेंद पर आउट हुए। इससे पहले उन्होंने अभिमन्यु ईश्वरन के साथ पहले विकेट के लिए 100 रन जोड़े। तिलक की रक्षात्मक फील्डिंग का भी सूर्यवंशी ने फायदा उठाया।

वैभव-तिलक के बीच हुई बहस

दलीप ट्रॉफी के फाइनल में वैभव सूर्यवंशी और तिलक वर्मा के बीच मैदान पर हल्की नोकझोंक देखने को मिली। मुकाबले के दौरान साउथ जोन के कप्तान तिलक वर्मा उन्हें स्लेजिंग करते हुए नजर आए। इस दौरान तिलक की बातें स्टंप माइक में भी सुनाई दीं। तिलक को यह कहते हुए सुना गया, “क्या यार, ये वाइस-कैप्टन है?” ईस्ट जोन की पारी के 11वें ओवर में तिलक ने सूर्यवंशी पर कमेंट किया था, जिसके बाद दोनों के बीच बातचीत बढ़ गई। मामला इतना बढ़ा कि दोनों खिलाड़ी एक-दूसरे के आमने-सामने आ गए। इसी दौरान तिलक ने सूर्यवंशी को हल्का धक्का भी दिया, लेकिन युवा बल्लेबाज भी पीछे नहीं हटे। स्थिति बिगड़ने से पहले अंपायरों ने दोनों के बीच पहुंचकर मामला शांत कराया।

 

सेमीफाइनल में वैभव शतक से चूके थे

ईस्ट जोन के दूसरे सलामी बल्लेबाज अभिमन्यु ईश्वरन ने भी वैभव सूर्यवंशी के साथ अच्छी बल्लेबाजी की और उनसे ज्यादा रन बनाए। ईश्वरन ने अपनी पारी के दौरान सूर्यवंशी से पहले अर्धशतक पूरा किया। वहीं, सूर्यवंशी लगातार दूसरी बार शतक से चूक गए। इससे पहले सेंट्रल जोन के खिलाफ सेमीफाइनल में भी वह 92 रन बनाकर आउट हो गए थे। हालांकि, उनकी उस पारी ने ईशान किशन की कप्तानी वाली ईस्ट जोन की टीम को फाइनल में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी।

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IND vs ENG: प्लेइंग 11 से बाहर होने के बाद अकेले मायूस बैठे दिखे वैभव, वायरल हुई युवा बल्लेबाज की तस्वीर

IND vs ENG: इंग्लैंड के खिलाफ लगातार हार के बाद भारतीय टीम ने पांचवें टी20 मुकाबले के लिए अपनी ओपनिंग जोड़ी में बदलाव किया। पांचवें मुकाबले में 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन से बाहर कर दिया गया। वहीं टीम ने अनुभवी बल्लेबाज संजू सैमसन की वापसी हुई है। सीरीज पहले ही गंवा चुकी भारतीय टीम अब साउथैम्प्टन में खेले जा रहे इस मुकाबले को जीतकर सम्मान बचाने की कोशिश कर रही है। भारत और इंग्लैंड के बीच खेले जा रहे 5वें मुकाबले में भारत ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने का फैसला किया है। वहीं पहले बल्लेबाजी करने आई इंग्लैंड ने रनों का पहाड़ खड़ा कर दिया। इंग्लैंड ने 20 ओवर में 3 विकेट खोकर 257 रन बनाई है। इंग्लैंड ने भारत को 258 रन का टारगेट दिया है।

वहीं अब भारत को उम्मीद है कि अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन की जोड़ी टीम को मजबूत शुरुआत दिलाएगी। इसी बीच प्लेइंग 11 से बाहर हुए युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी काफी वायरल हो रहे हैं।

अकेले बैठे दिखे वैभव

पांचवें टी20 मैच के लिए भारतीय टीम में दो बदलाव किए गए। वैभव सूर्यवंशी और वॉशिंगटन सुंदर को प्लेइंग इलेवन से बाहर रखा गया। टीम की घोषणा के बाद कैमरे में वैभव अकेले बैठे नजर आए। उनके चेहरे और हाव-भाव से साफ लग रहा था कि टीम से बाहर होने के कारण वह काफी निराश थे। टीम से वैभव सूर्यवंशी को बाहर किए जाने के फैसले पर सोशल मीडिया पर मिली-जुली रिएक्शन देखने को मिलीं है। कई प्रशंसकों ने इस फैसले पर सवाल उठाए, जबकि कुछ ने इसे सही बताया।

 

पहले तीन मैचों में नहीं चला बल्ला

वैभव सूर्यवंशी ने हाल ही में भारत के लिए टी20 क्रिकेट में सबसे कम उम्र में डेब्यू करने का सचिन तेंदुलकर रिकॉर्ड तोड़ा है। वैभव ने 15 साल की उम्र में टी20 में डेब्यू किया है। वहीं अपने शुरुआती तीन मुकाबलों में वह बल्लेबाजी से खास प्रभाव नहीं छोड़ सके। बाएं हाथ के इस युवा ओपनर को खासकर तेज गेंदबाजों की शॉर्ट गेंदों के सामने मुश्किलों का सामना करना पड़ा और वह लगातार तीन पारियों में बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे। वैभव सूर्यवंशी ने इंग्लैंड के खिलाफ 15, 13 और 14 रन बनाए। शुरुआती तीन मैचों में वह बड़ी पारी नहीं खेल सके और कुल 42 रन ही बना पाए।

 

भारत की प्लेइंग 11: अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, इशान किशन (विकेट कीपर), श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, शिवम दुबे, सूर्यांश शेज, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, प्रिंस यादव, प्रसिद्ध कृष्णा

इंग्लैंड की प्लेइंग 11: फिलिप सॉल्ट, जोस बटलर (विकेट कीपर), हैरी ब्रूक (कप्तान), जैकब बेथेल, टॉम बैंटन, सैम करन, विल जैक्स, लियाम डॉसन, जोफ्रा आर्चर, आदिल राशिद, जोश टंग

IND vs IRE: दूसरे मैच में भी वैभव को नहीं मिला मौका, इन खिलाड़ियों ने किया डेब्यू

IND vs IRE: भारत और आयरलैंड के बीच 2 मैचों की सीरीज का दूसरा और आखिरी मुकाबला आज खेला जा रहा है। मुकाबले में श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले बॉलिंग करने का फैसला किया है। वहीं सीरीज का पहला मुकाबला जीतकर आयरलैंड की टीम 1-0 की बढ़त बनाई है। वहीं इस मुकाबले में सूर्यांश शेडगे और प्रिंस यादव डेब्यू कर रहे हैं। वहीं दूसरे मैच में वैभल सूर्यवंशी को मौका नहीं मिला है।

Vaibhav Suryavanshi: ‘लोगों को नहीं पता मैं….’, फाइनल में तूफानी पारी खेलने के बाद वैभव सूर्यवंशी ने क्यों कही ये बात

IND-A vs SL-A: ट्राई-सीरीज के फाइनल में इंडिया ए ने शानदार प्रदर्शन करते हुए श्रीलंका ए को 66 रन से हराकर खिताब अपने नाम कर लिया। श्रीलंका ए ने टॉस जीतकर पहले बॉलिंग करने का फैसला किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने वैभव सूर्यवंशी की तूफानी पारी की बदौलत रनों का पहाड़ खड़ा कर दिया। भारत ने 50 ओवर में 377 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया। जवाब में श्रीलंका ए की टीम लक्ष्य का पीछा करते हुए 311 रन पर सिमट गई और भारत ने मुकाबला अपने नाम कर लिया।

मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने केवल 29 गेंदों में 94 रन की विस्फोटक पारी खेली। वहीं, कप्तान तिलक वर्मा ने 67 रन और ऋतुराज गायकवाड़ ने 40 रन का योगदान दिया। मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। वहीं मैच के बाद वैभव ने वनडे खेलने को लेकर बड़ा बयान दिया है।

वैभव ने क्या कहा

वैभव सूर्यवंशी ने फाइनल जीतने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “मैंने ज्यादा कुछ नहीं सोचा था। मेरा लक्ष्य सिर्फ शुरुआती 10 ओवरों का पूरा फायदा उठाना और अपनी योजना को सही तरीके से लागू करना था। मुझ पर किसी तरह का दबाव नहीं था, लेकिन मैं उन चीजों पर काम कर रहा था जो पहले सही नहीं हो रही थीं। मैंने कोच से बात की और प्रैक्टिस के दौरान उन पहलुओं पर मेहनत की। आज मैं अपनी योजना को अच्छी तरह लागू कर पाया और उसका परिणाम भी मिला।”

वनडे मैच को लेकर क्या कहा

टी20 टी उन्होंने आगे कहा, “मैंने इस टूर्नामेंट से काफी कुछ सीखा है। मैंने पहले भी 50 ओवर के काफी मैच खेले हैं, हालांकि शायद बहुत से लोगों को इसकी जानकारी नहीं है। अलग-अलग परिस्थितियों और पिचों पर खेलने का एक्सपीरिएंस मिला। खेलने का तरीका भी थोड़ा अलग था, लेकिन मुझे काफी मजा आया और ये मेरे लिए एक अच्छी सीरीज साबित हुई।”

कैसा था श्रीलंका ए-इंडिया ए का मुकाबला

फाइनल में 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने अपनी धमाकेदार बल्लेबाजी से मैच का रुख बदल दिया। उन्होंने सिर्फ 29 गेंदों में 94 रन की तूफानी पारी खेली, जिसमें 10 चौके और 8 छक्के शामिल रहे। इस दौरान वैभव ने महज 11 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर लिस्ट-ए क्रिकेट का नया रिकॉर्ड भी बना दिया। कप्तान तिलक वर्मा ने भी जिम्मेदारी भरी बल्लेबाजी करते हुए 67 रन बनाए। वहीं, अंत में अनुकूल रॉय ने सिर्फ 15 गेंदों में 39 रन बनाकर टीम के स्कोर को और मजबूत किया।

टारगेट का पीछा करते हुए श्रीलंका ए के लिए सदीरा समरविक्रमा और वानुजा सहान ने अर्धशतक लगाए, लेकिन उनकी टीम 47.1 ओवर में 311 रन पर सिमट गई। भारत की ओर से यश ठाकुर ने 3 विकेट और विप्रज निगम ने भी 3 विकेट लेकर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई।

रो पड़ा ‘Boss Baby’, नम हो गईं करोड़ों आंखें, 15 साल के खिलाड़ी ने बदले क्रिकेट के मायने, हिला दी रिकॉर्ड बुक [VIDEO]

कभी-कभी स्कोरबोर्ड हार दिखाता है, लेकिन मैदान पर कोई खिलाड़ी ऐसा प्रभाव छोड़ जाता है कि पूरी दुनिया सिर्फ उसी की बात करती है। IPL 2026 के क्वालिफायर-2 में यही हुआ। राजस्थान रॉयल्स का सफर भले ही गुजरात टाइटंस के खिलाफ हार के साथ खत्म हो गया, लेकिन 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि Age is Just a Number (उम्र सिर्फ एक संख्या है)

मैच खत्म होने के बाद डगआउट में बैठे वैभव की आंखों में आंसू थे। चेहरे पर निराशा साफ दिखाई दे रही थी। शायद उन्हें अपनी टीम के बाहर होने का दुख था, शायद 47 गेंदों में 96 रन पर रुक जाने का अफसोस भी। लेकिन उस पल को देखने वाले लाखों क्रिकेट फैंस के मन में सिर्फ एक ही बात थी जिस उम्र में बच्चे क्रिकेटर बनने का सपना देखते हैं, उस उम्र में यह लड़का दुनिया की सबसे कठिन टी20 लीग में Experienced खिलाड़ियों को पीछे छोड़ रहा है।

आज लोग उन्हें सिर्फ वैभव सूर्यवंशी नहीं, बल्कि “Boss Baby” कहकर बुलाते हैं। और IPL 2026 के बाद यह नाम पूरी तरह उनके Personality पर फिट बैठता है।

776 रन, 72 छक्के और 237 की स्ट्राइक रेट… यह किसी वीडियो गेम का आंकड़ा नहीं है

IPL 2026 में वैभव सूर्यवंशी ने जो किया, वह टी20 क्रिकेट के इतिहास के सबसे यादगार पन्नों में गिना जाएगा। एक ऐसा सीजन जिसने रिकॉर्ड बुक्स हिला दीं

IPL 2026 में वैभव सूर्यवंशी के आंकड़े:

16 पारियां
776 रन
औसत: 48.50
स्ट्राइक रेट: 237.31
72 छक्के
684 रन सिर्फ बाउंड्री से
4 प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड
एलिमिनेटर में 97 (29)
क्वालिफायर-2 में 96 (47)

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि उनके 776 में से 684 रन केवल चौकों और छक्कों से आए। यह दिखाता है कि वह सिर्फ रन नहीं बना रहे थे, बल्कि गेंदबाजों पर लगातार हमला कर रहे थे। ऐसे आंकड़े अक्सर अपने करियर के शिखर पर पहुंच चुके दिग्गज खिलाड़ियों के नाम के आगे दिखाई देते हैं। लेकिन वैभव ने यह सब सिर्फ 15 साल की उम्र में कर दिखाया।

जिस मैच में टीम लड़खड़ाई, वहां अकेले खड़े रहे वैभव

गुजरात टाइटंस के खिलाफ क्वालिफायर-2 में राजस्थान की शुरुआत बेहद खराब रही। मोहम्मद सिराज और कगिसो रबाडा की तेज गेंदबाजी के सामने राजस्थान ने जल्दी विकेट गंवा दिए। ऐसे दबाव भरे मुकाबले में वैभव ने शुरुआत में स्ट्रगल किया। कई बार गेंद बल्ले को छूकर निकल गई। लेकिन यही उनकी सबसे बड़ी खूबी है। वह सिर्फ आक्रामक बल्लेबाज नहीं हैं, बल्कि परिस्थिति के अनुसार खुद को ढालना भी जानते हैं।

56 रन तक पहुंचने के दौरान रबाडा की एक तेज गेंद उनके हेलमेट पर भी लगी। लेकिन उसके बाद जैसे उन्होंने गियर बदल दिया। अगली 14 गेंदों में उन्होंने 39 रन ठोक दिए। जब वह 96 रन पर आउट हुए, तब तक राजस्थान का स्कोर सम्मानजनक स्थिति में पहुंच चुका था। लेकिन दूसरे छोर से लगातार विकेट गिरते रहे।

ध्रुव जुरेल, रियान पराग, दासुन शनाका और जोफ्रा आर्चर बड़ी साझेदारी नहीं बना सके। राजस्थान 214 रन तक पहुंचा, लेकिन गुजरात के बल्लेबाजों ने लक्ष्य हासिल कर लिया। स्कोरकार्ड में यह एक हार थी, लेकिन क्रिकेट देखने वालों के लिए यह वैभव सूर्यवंशी का एक और मास्टरक्लास था।


97 रन, 29 गेंदें और क्रिस गेल का रिकॉर्ड… जिसने दुनिया को चौंका दिया

क्वालिफायर-2 से पहले एलिमिनेटर मुकाबले में वैभव ने ऐसा तूफान खड़ा किया था जिसकी चर्चा पूरे क्रिकेट जगत में हुई। सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ उन्होंने सिर्फ 29 गेंदों में 97 रन ठोक दिए। उस पारी में वह सिर्फ तीन रन से शतक से चूक गए, लेकिन उससे भी बड़ी बात यह रही कि उन्होंने छक्कों की बारिश करते हुए कई रिकॉर्ड्स को खतरे में डाल दिया।

क्रिकेट फैंस को एक समय ऐसा लगने लगा था कि वह क्रिस गेल (Chris Gayle) के 2013 में RCB के लिए बनाए गए सबसे तेज IPL शतक के रिकॉर्ड को भी तोड़ सकते हैं।

हालांकि वह रिकॉर्ड नहीं टूटा, लेकिन उस दिन वैभव ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की। उन्होंने छक्कों के मामले में ऐसे आंकड़े छू लिए जिन तक पहुंचने में बड़े-बड़े बल्लेबाजों को कई सीजन लग जाते हैं। उन्होंने एक सीजन में क्रिस गेल का ही सबसे ज्यादा छक्कों का रिकॉर्ड तोड़ डाला। उनकी उस विस्फोटक पारी के बाद खुद Chris Gayle ने सोशल मीडिया पर उनके लिए Special Message पोस्ट किया और उन्हें क्रिकेट का नया “Six Machine” बताया।

जब टी20 क्रिकेट का सबसे बड़ा सिक्सर किसी युवा खिलाड़ी की तारीफ करे, तो समझा जा सकता है कि उस खिलाड़ी ने कितनी बड़ी छाप छोड़ी है।

रबाडा, आर्चर और संगकारा भी हुए फैन

वैभव की बल्लेबाजी से सिर्फ Fans ही प्रभावित नहीं हुए, बल्कि दुनिया के बड़े क्रिकेट नाम भी उनकी तारीफ करते नहीं थक रहे।

Kagiso Rabada ने कहा कि वैभव की सबसे बड़ी ताकत उनकी तेज हाथों की गति, गेंद की लंबाई को जल्दी पढ़ने की क्षमता और बिल्कुल निडर मानसिकता है। उनके मुताबिक मैदान पर उतरते समय वैभव उम्र के बारे में सोचते ही नहीं।

Kumar Sangakkara (Head Coach and Director of Cricket for the Rajasthan Royals) का मानना है कि वैभव अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की किसी भी चुनौती के लिए तैयार हैं और भारतीय टीम का बुलावा ज्यादा दूर नहीं है।

पूर्व वेस्टइंडीज तेज गेंदबाज Ian Bishop ने तो यहां तक कहा कि गेंदबाजों के पास वैभव को रोकने के लिए अब शायद “Plan Z” तक आना पड़ रहा है।

आंसू हार के थे, लेकिन भविष्य जीत का है

96 रन पर आउट होना दर्द देता है।
प्लेऑफ में शतक से सिर्फ चार रन दूर रह जाना दर्द देता है।
टीम का फाइनल से पहले बाहर हो जाना भी दर्द देता है। लेकिन यह कहानी उन आंसुओं की नहीं है। यह कहानी उस लड़के की है

  • जिसने IPL 2026 को अपने नाम कर दिया।
  • जिसने 16 पारियों में 776 रन बनाए।
  • जिसने 72 छक्के उड़ाए।
  • जिसने गेंदबाजों के मन में डर पैदा कर दिया।
  • जिसने दुनिया को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि भारतीय क्रिकेट का अगला सुपरस्टार शायद आ चुका है।

15 साल की उम्र में 96 और 97 पर रुक जाना कोई असफलता नहीं है। उनके पास आगे पूरा करियर पड़ा है, सैकड़ों मैच हैं, दर्जनों शतक हैं और अनगिनत रिकॉर्ड उनका इंतजार कर रहे हैं।

राजस्थान रॉयल्स भले ही ट्रॉफी तक नहीं पहुंच सकी, लेकिन IPL 2026 की सबसे बड़ी खोज, सबसे बड़ा आकर्षण और सबसे बड़ी कहानी सिर्फ एक नाम रही—
वैभव सूर्यवंशी।

और अगर यह सिर्फ शुरुआत है, तो आने वाले सालों में क्रिकेट की दुनिया “बॉस बेबी” का असली राज देखने वाली है।