Vaibhav Suryavanshi: ‘लोगों को नहीं पता मैं….’, फाइनल में तूफानी पारी खेलने के बाद वैभव सूर्यवंशी ने क्यों कही ये बात

IND-A vs SL-A: ट्राई-सीरीज के फाइनल में इंडिया ए ने शानदार प्रदर्शन करते हुए श्रीलंका ए को 66 रन से हराकर खिताब अपने नाम कर लिया। श्रीलंका ए ने टॉस जीतकर पहले बॉलिंग करने का फैसला किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने वैभव सूर्यवंशी की तूफानी पारी की बदौलत रनों का पहाड़ खड़ा कर दिया। भारत ने 50 ओवर में 377 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया। जवाब में श्रीलंका ए की टीम लक्ष्य का पीछा करते हुए 311 रन पर सिमट गई और भारत ने मुकाबला अपने नाम कर लिया।

मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने केवल 29 गेंदों में 94 रन की विस्फोटक पारी खेली। वहीं, कप्तान तिलक वर्मा ने 67 रन और ऋतुराज गायकवाड़ ने 40 रन का योगदान दिया। मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। वहीं मैच के बाद वैभव ने वनडे खेलने को लेकर बड़ा बयान दिया है।

वैभव ने क्या कहा

वैभव सूर्यवंशी ने फाइनल जीतने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “मैंने ज्यादा कुछ नहीं सोचा था। मेरा लक्ष्य सिर्फ शुरुआती 10 ओवरों का पूरा फायदा उठाना और अपनी योजना को सही तरीके से लागू करना था। मुझ पर किसी तरह का दबाव नहीं था, लेकिन मैं उन चीजों पर काम कर रहा था जो पहले सही नहीं हो रही थीं। मैंने कोच से बात की और प्रैक्टिस के दौरान उन पहलुओं पर मेहनत की। आज मैं अपनी योजना को अच्छी तरह लागू कर पाया और उसका परिणाम भी मिला।”

वनडे मैच को लेकर क्या कहा

टी20 टी उन्होंने आगे कहा, “मैंने इस टूर्नामेंट से काफी कुछ सीखा है। मैंने पहले भी 50 ओवर के काफी मैच खेले हैं, हालांकि शायद बहुत से लोगों को इसकी जानकारी नहीं है। अलग-अलग परिस्थितियों और पिचों पर खेलने का एक्सपीरिएंस मिला। खेलने का तरीका भी थोड़ा अलग था, लेकिन मुझे काफी मजा आया और ये मेरे लिए एक अच्छी सीरीज साबित हुई।”

कैसा था श्रीलंका ए-इंडिया ए का मुकाबला

फाइनल में 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने अपनी धमाकेदार बल्लेबाजी से मैच का रुख बदल दिया। उन्होंने सिर्फ 29 गेंदों में 94 रन की तूफानी पारी खेली, जिसमें 10 चौके और 8 छक्के शामिल रहे। इस दौरान वैभव ने महज 11 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर लिस्ट-ए क्रिकेट का नया रिकॉर्ड भी बना दिया। कप्तान तिलक वर्मा ने भी जिम्मेदारी भरी बल्लेबाजी करते हुए 67 रन बनाए। वहीं, अंत में अनुकूल रॉय ने सिर्फ 15 गेंदों में 39 रन बनाकर टीम के स्कोर को और मजबूत किया।

टारगेट का पीछा करते हुए श्रीलंका ए के लिए सदीरा समरविक्रमा और वानुजा सहान ने अर्धशतक लगाए, लेकिन उनकी टीम 47.1 ओवर में 311 रन पर सिमट गई। भारत की ओर से यश ठाकुर ने 3 विकेट और विप्रज निगम ने भी 3 विकेट लेकर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई।

IND-A vs SL-A: वैभव को लेकर बदले इस दिग्गज खिलाड़ी के सुर, पहले की थी एक मैच में बैन की मांग, अब…

इंडिया ए और श्रीलंका ए के बीच ट्राई नेशन का फाइनल मुकाबला खेला जा रहा है। दांबुला में खेले गए ट्राई-सीरीज के फाइनल में 15 वर्षीय वैभव ने बेहद आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए इतिहास रच दिया। उन्होंने केवल 11 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर लिस्ट-ए क्रिकेट का सबसे तेज फिफ्टी जड़ने का नया रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। वैभव सूर्यवंशी ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से सभी को प्रभावित किया, लेकिन वह शतक पूरा करने से बेहद करीब रह गए। कुछ समय पहले वैभव सूर्यवंशी के मैदान पर व्यवहार को लेकर सवाल उठाने वाले पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय मांजरेकर अब उनकी खुलकर तारीफ कर रहे हैं।

वैभव सूर्यवंशी ने सिर्फ 29 गेंदों में 94 रन की शानदार पारी खेली, जिसमें 10 चौके और 8 लंबे छक्के शामिल रहे। शुरुआत से ही उन्होंने श्रीलंका ए के गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा और महज 11 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर लिया।

श्रीलंका ए के खिलाफ वैभव की तूफानी पारी

टूर्नामेंट के शुरुआती मुकाबलों में बड़ी पारी नहीं खेल पाने वाले वैभव सूर्यवंशी ने फाइनल में आते ही अपना आक्रामक अंदाज दिखा दिया। उन्होंने पहली ही गेंदों से श्रीलंका ए के गेंदबाजों पर हमला बोला और शुरुआती पांच गेंदों में ही दो छक्के तथा तीन चौके जड़ दिए। वैभव की बल्लेबाजी इतनी तेज थी कि वह लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज शतक बनाने के रिकॉर्ड के बेहद करीब पहुंच गए थे। हालांकि, शानदार लय में होने के बावजूद वह शतक से कुछ कदम दूर रह गए, लेकिन उनकी तूफानी पारी ने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया।

संजय मांजरेकर ने क्या कहा

वैभव की इस पारी पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय मांजरेकर ने एक पोस्ट में लिखा, “अभी एहसास हुआ कि वैभव 50 ओवर के क्रिकेट को एक ऐसे फॉर्मेट के तौर पर देखता है, जहां वह और भी ज्यादा धमाल मचा सकता है! 10 ओवर तक सर्कल के बाहर सिर्फ 2 फील्डर होते हैं, 6 नहीं।” बता दें, ट्राई-सीरीज के दौरान एक मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी और श्रीलंका ए के खिलाड़ियों के बीच मैदान पर तनाव देखने को मिला था। मैच के दौरान हुई कहासुनी के बाद दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच बहस भी हुई, जिसने काफी चर्चा बटोरी।

पहले किया था ये पोस्ट

इस घटना पर पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने भी नाराजगी जताई थी और युवा खिलाड़ी के व्यवहार पर सवाल उठाते हुए अनुशासन बनाए रखने की सलाह दी थी। उन्होंने उस समय कहा था कि मैदान पर खिलाड़ियों को संयम दिखाना चाहिए और ऐसे मामलों में सख्त रुख अपनाया जाना चाहिए। संजय ने इससे पहले पोस्ट में कहा, “अगर मैं इंडिया ए का कोच या मैनेजर होता, तो मैं अफगानिस्तान के खिलाफ इस मैच के लिए वैभव सूर्यवंशी को टीम से बाहर रखता। सिर्फ उसे यह समझाने के लिए कि मैदान पर इस तरह की झड़प या मारपीट स्वीकार नहीं की जा सकती, चाहे सामने से कितना भी उकसाया गया हो।”

India A vs Sri Lanka A: दबाव में हैं वैभव सूर्यवंशी? फाइनल से पहले तिलक वर्मा ने दिया बड़ा बयान

ट्राई नेशन सीरीज का फाइनल मुकाबला इंडिया ए और श्रीलंका ए के बीच खेला जाएगा। दोनों टीमों के बीच ये मुकाबला दांबुला में 21 जून को खेला जाएगा। वहीं इस ट्राई नेशन सीरीज में फैंस की नजरें युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी पर होगी। वहीं पिछले कुछ मुकाबलों में वैभव का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है। वैभव सूर्यवंशी के फॉर्म पर इंडिया ए टीम के कप्तान तिलक वर्मा ने बड़ा बयान दिया है। तिलक वर्मा ने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी का समर्थन करते हुए कहा कि उन्हें अपनी क्षमता पर भरोसा बनाए रखना चाहिए।

श्रीलंका ‘A’ और अफगानिस्तान ‘A’ के खिलाफ ट्राई-सीरीज में संघर्ष करने के बावजूद तिलक ने भरोसा जताया कि 15 वर्षीय बल्लेबाज सीनियर स्तर की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम है।

मैच का रुख बदल सकते हैं

तिलक वर्मा ने स्पोर्टस्टार से कहा, “जब वह सीनियर पुरुष टीम में पहुंचेगा तो उसके सामने निश्चित रूप से बड़ी चुनौतियां होंगी। वह अंडर-19 क्रिकेट से आया है, IPL में उसका प्रदर्शन शानदार रहा और अब वह सीनियर टीम का रिप्रेजेंट कर रहा है। लेकिन वह बेहद प्रतिभाशाली खिलाड़ी है। अगर उसका दिन अच्छा हो तो वह अकेले दम पर मैच का रुख बदल सकता है। उसके जैसे युवा खिलाड़ियों के लिए सबसे जरूरी चीज समर्थन है। उन्हें खुलकर खेलने की आजादी मिलनी चाहिए।”

तिलक ने वैभव को दी ये खास सलाह

तिलक वर्मा ने कहा, “मैंने वैभव से कहा है कि वह अपना स्वाभाविक खेल खेलता रहे, मैच का आनंद ले और किसी तरह का दबाव न ले। उसकी उम्र में सीखना और खुद को खुलकर व्यक्त करना सबसे अहम है। उसने अब तक जो भी सफलता हासिल की है, वह पॉजिटिव और बेखौफ क्रिकेट खेलने की वजह से मिली है, इसलिए उसे अपना तरीका बदलने की जरूरत नहीं है।”

उन्होंने आगे कहा, “कप्तान के तौर पर मैंने उससे कहा है कि अगर उसे किसी भी मदद की जरूरत हो तो मैं हमेशा उसके साथ हूं। बस सीखते रहो, खेल का आनंद लेते रहो और अपनी क्षमताओं पर भरोसा रखो। हम सभी उसका समर्थन कर रहे हैं और उम्मीद है कि वह फाइनल में अच्छा प्रदर्शन करेगा। अगर वह अपनी लय में खेला, तो हम सभी जानते हैं कि वह क्या कर सकता है।”

वैभव का प्रदर्शन

वैभव सूर्यवंशी ने IPL 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए सबसे ज्यादा 766 रन बनाए थे। इसी प्रदर्शन के दम पर उन्हें इंडिया ‘A’ टीम में मौका मिला और आयरलैंड व इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए पहली बार राष्ट्रीय टीम में भी चुना गया। वहीं श्रीलंका में चल रही ट्राई-सीरीज में वह अब तक उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। वैभव ने चार मैचों में 29.25 के एवरेज और 153.95 के स्ट्राइक-रेट से सिर्फ 117 रन बनाए हैं। वहीं श्रीलंका ए के खिलाफ सुपर ओवर तक पहुंचे रोमांचक मुकाबले में हार के बाद उन्हें आलोचनाओं और बढ़ती चर्चा का भी सामना करना पड़ रहा है।