यशस्वी जायसवाल को सस्ते में छोड़ने पर संजय मांजरेकर ने ट्वीट कर दिखाई नाराजगी

भारत के पूर्व बल्लेबाज संजय मांजरेकर ने युवा खिलाड़ियों वैभव सूर्यवंशी और यशस्वी जायसवाल से जुड़े अनुशासनहीनता के मामलों से निपटने के तरीके को लेकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) और भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) की आलोचना की है।उन्होंने कहा कि यह दोनों संस्थाएं नरम रवैया अपना रही हैं जिससे खिलाड़ियों को अनुशासनहीनता के लिए प्रोत्साहन मिल रहा है।

मांजरेकर ने एक्स पर लिखा, ‘‘आईसीसी और बीसीसीआई, वैभव ने हाल ही में भारत ​​ए के लिए और अब जायसवाल ने (अनुशासनहीनता दिखाई है)। अगर आप उनका इस तरह के व्यवहार में बचाव करते रहेंगे तो आप उन्हें ऐसा व्यवहार दोहराने के लिए प्रशिक्षित कर रहे हैं। यह खेल के लिए अच्छा नहीं है और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह उनके भविष्य के लिए भी अच्छा नहीं है।’’

कोलंबो में दूसरे टेस्ट के पहले दिन मैदान पर हुई कहासुनी के लिए जायसवाल और श्रीलंका के तेज गेंदबाज असिथा फर्नांडो पर उनकी मैच फीस का 25 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया। दोनों को एक-एक डिमेरिट अंक भी दिया गया।भारत की पहली पारी के 17वें ओवर में फर्नांडो ने जायसवाल को आउट किया जिसके बाद दोनों में कहासुनी हो गई थी।जून में 15 वर्षीय बल्लेबाज सूर्यवंशी भारत ए की तरफ से खेलते हुए श्रीलंका ए के एक खिलाड़ी के साथ तीखी बहस में उलझ गए थे और हाथापाई की नौबत तक आ गई थी।

हालांकि इससे पहले भारत के बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने भी कहा था कि यशस्वी जायसवाल को अशिता फर्नाडो के इतने करीब नहीं जाना चाहिए। सितांशु कोटक ने कहा, “मुझे लगता है कि गेंदबाज़ ने कुछ कहा और यह जोश-जोश में हुआ। ज़ाहिर है, यशस्वी को उनके इतना करीब नहीं जाना चाहिए था, लेकिन जोश-जोश में ऐसा हो जाता है।”

श्रीलंका के तेज़ गेंदबाज़ी कोच रयान वैन नीकेर्क की राय भी कुछ ऐसी ही थी। उन्हें लगा कि यह कड़े मुकाबले वाले दिन का हिस्सा था और उन्होंने इसे “भावनाओं के उबाल” का नतीजा बताया। “देखिए, टेस्ट क्रिकेट मुश्किल होता है, है ना? जब आप भारत जैसी टीम के खिलाफ खेल रहे हों, तो आप बस पीछे हटकर गेंदबाजी नहीं कर सकते। मुझे लगता है कि हमारी तरफ से, हमें हर समय चुनौती पेश करनी होगी और कुछ न कुछ करने की कोशिश करनी होगी।”

उन्होंने आगे कहा,”इसलिए, मेरे नजरिए से, मैंने गेंदबाजों से आगे बढ़कर कुछ करने को कहा है। शायद तीखी बातें भावनाओं के उबाल का नतीजा हैं। मैं इसे मैच रेफरी पर छोड़ता हूं कि वे इसे कैसे देखते हैं।”

पहले वैभव फिर यशस्वी…मैदान पर बढ़ते विवादों पर भड़के मांजरेकर, पूर्व दिग्गज ने की सख्त सजा की मांग!

भारत और श्रीलंका के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज का दूसरा मुकाबला खेला जा रहा है। वहीं इस मुकाबले के दौरान मैच के पहले दिन यशस्वी जायसवाल और श्रीलंका के तेज गेंदबाज असिथा फर्नांडो के बीच मैदान पर बहस हो गई थी। इसके बाद आईसीसी ने दोनों खिलाड़ियों पर 25% मैच फीस का जुर्माना और 1 डिमेरिट पॉइंट लगाया है। इससे पहले श्रीलंका ए के खिलाफ मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी की भी गेंदबाज विशेन हलम्बागे से झड़प हुई थी। हाल ही में भारत के पूर्व क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने दोनों खिलाड़ियों के मैदान पर किए गए व्यवहार पर नाराजगी जताई है। मांजरेकर का मानना है कि खिलाड़ियों को मैदान पर अपने व्यवहार को लेकर ज्यादा संयम रखना चाहिए।

आईसीसी-बीसीसीआई को लेकर कही ये बात

क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद कमेंटेटर और एक्सपर्ट के तौर पर काम कर रहे संजय मांजरेकर ने X पर अपनी चिंता जाहिर की। उन्होंने ICC और BCCI से मैदान पर खिलाड़ियों के अनुशासनहीन व्यवहार के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की। मांजरेकर ने X पर लिखा कि, “वैभव सूर्यवंशी के बाद अब यशस्वी जायसवाल भी मैदान पर ऐसे व्यवहार के लिए चर्चा में हैं। उन्होंने ICC और BCCI से कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि अगर खिलाड़ियों को ऐसी हरकतों के लिए लगातार बचाया जाएगा, तो वे आगे भी ऐसा व्यवहार दोहरा सकते हैं। यह न तो क्रिकेट के लिए अच्छा है और न ही खिलाड़ियों के भविष्य के लिए।”

क्यों भिड़े जायसवाल

यशस्वी जायसवाल और असिथा फर्नांडो के बीच भिड़ंत 17वें ओवर की आखिरी गेंद के बाद हुआ। इससे पहले यशस्वी जायसवाल ने असिथा फर्नांडो की गेंदों पर तीन चौके लगाए थे, लेकिन ओवर की आखिरी गेंद पर वह बोल्ड हो गए। आउट होने के बाद जायसवाल वापस लौटे और फर्नांडो के जश्न पर नाराजगी जताई। दोनों खिलाड़ियों के बीच कुछ देर बहस हुई और मामला इतना बढ़ गया कि जायसवाल फर्नांडो के बेहद करीब आ गए और उन्हें सिर से टक्कर मारते हुए नजर आए। दोनों के बीच मामला बढ़ता देख श्रीलंका के कप्तान धनंजय डी सिल्वा ने बीच में आकर दोनों को शांत कराया। माना जा रहा है कि जायसवाल ने गेंदबाज की किसी टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी थी।

जून में श्रीलंका A के खिलाफ ट्राई सीरीज के दौरान सुपर ओवर में हार के बाद वैभव सूर्यवंशी एक खिलाड़ी से बहस में उलझ गए थे। इस दौरान उन्होंने श्रीलंका A के विशेन हलम्बागे को धक्का भी दिया था। 15 साल की उम्र में इस तरह के व्यवहार को लेकर संजय मांजरेकर ने चिंता जताई है।

IND vs SL: आशिता फर्नांडो से विवाद के बाद घिरे यशस्वी जायसवाल! दिग्गज खिलाड़ियों ने भारतीय ओपनर को जमकर सुनाया

IND vs SL: भारत और श्रीलंका के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज का दूसरा टेस्ट मैच खेला जा रहा है। कोलंबो टेस्ट के पहले दिन यशस्वी जायसवाल और श्रीलंका के तेज गेंदबाज असिथा फर्नांडो के बीच मैदान पर बहस हो गई। मैदान पर जायसवाल के इस रवैये पर भारत के कुछ पूर्व क्रिकेटरों ने नाराजगी जताई है। उनके मुताबिक बल्लेबाज ने बातचीत के दौरान अपनी सीमा पार कर दी और मामला केवल बहस तक सीमित नहीं रहा। दोनों खिलाड़ियों के बीच बात धक्का-मुक्की तक आ गई थी। वहीं इस पर अजय जडेजा और वेंकटेश प्रसाद जैसे कई दिग्गजों ने अपना रिएक्शन दिया है।

क्रिकेट एक्सपर्ट के मुताबिक, मैदान पर खिलाड़ियों के बीच बहस या तीखी बातें होना आम बात है, लेकिन मामला फिजिकल कॉन्टैक्ट तक पहुंचना खेल भावना के लिहाज से सही नहीं माना जाता।

मैदान पर भिड़े जायसवाल-असिथा

ये मामला 17वें ओवर की आखिरी गेंद के बाद हुआ। इससे पहले यशस्वी जायसवाल ने असिथा फर्नांडो की गेंदों पर तीन चौके लगाए थे, लेकिन ओवर की आखिरी गेंद पर वह बोल्ड हो गए। आउट होने के बाद जायसवाल वापस लौटे और फर्नांडो के जश्न पर नाराजगी जताई। दोनों खिलाड़ियों के बीच कुछ देर बहस हुई और मामला इतना बढ़ गया कि जायसवाल फर्नांडो के बेहद करीब आ गए और उन्हें सिर से टक्कर मारते हुए नजर आए। दोनों के बीच मामला बढ़ता देख श्रीलंका के कप्तान धनंजय डी सिल्वा ने बीच में आकर दोनों को शांत कराया। माना जा रहा है कि जायसवाल ने गेंदबाज की किसी टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी थी।

अजय जडेजा ने क्या कहा

दूसरे टेस्ट के लिए सोनी स्पोर्ट्स के ब्रॉडकास्टिंग पैनल में शामिल पूर्व भारतीय क्रिकेटर अजय जडेजा ने कहा कि, ‘जायसवाल ने अपनी सीमा पार कर दी।’ उन्होंने कहा कि, ‘यह मामला गंभीर है और मैदान पर किसी खिलाड़ी से फिजिकल कॉन्टैक्ट करना बिल्कुल अलग बात है। उन्होंने इसे खतरनाक स्थिति बताया।’ जडेजा ने पिछले मैच की एक घटना का भी जिक्र किया, जब श्रीलंका की आखिरी पारी के दौरान यशस्वी जायसवाल ने निरोशन डिकवेला के साथ मजाक किया था। उन्होंने कहा कि अगर कोई खिलाड़ी मैदान पर दूसरों के साथ मजाक करता है, तो उसे सामने से होने वाले मजाक या जवाब को भी स्वीकार करने के लिए तैयार रहना चाहिए।

जडेजा ने आगे कहा कि, “अगर कोई व्यक्ति खुद पर की गई बात या मजाक को बर्दाश्त नहीं कर सकता, तो उसे दूसरों पर भी ऐसा नहीं करना चाहिए। अगर आप अपनी कही बात वापस नहीं ले सकते, तो मैदान पर दूसरों को भी ऐसी बातें नहीं कहनी चाहिए।”

जायसवाल ने बात को बढ़ाया

वेंकटेश प्रसाद ने भी जायसवाल के रवैये पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि, ‘मामला बढ़ाने के बजाय जायसवाल को वहां से चले जाना चाहिए था। प्रसाद के मुताबिक, रेफरी इस घटना पर जरूर ध्यान देंगे और उन्हें लगता है कि जायसवाल ने बात को जरूरत से ज्यादा आगे बढ़ा दिया।’ प्रसाद ने कहा कि, “कई बार ऐसा होता है कि खिलाड़ी अच्छी बल्लेबाजी कर रहा होता है, लेकिन अच्छी गेंद पर आउट हो जाता है। जायसवाल को एक बड़ी पारी की जरूरत थी। लेकिन बोल्ड होने के बाद जायसवाल ने शायद कुछ बातें की होंगी, लेकिन जैसा कि जडेजा ने कहा, उन्हें इसे फिजिकल नहीं बनाना चाहिए था, और ऐसा लगता है कि जायसवाल ने उस घटना को बहुत आगे बढ़ा दिया।”

हेलमेट से कॉन्टैक्ट हुआ

इसी पैनल में संजय मांजरेकर ने भी इस घटना के लिए पूरी तरह जायसवाल को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि जायसवाल ने ही फर्नांडो के साथ यह हरकत की थी। मांजरेकर ने कहा कि, “वह आदमी पवेलियन जा रहा था, तभी वह कुछ कदम पीछे हटा और एक फील्डर के पास आ गया। और आखिर में, मुझे लगता है कि हेलमेट से कॉन्टैक्ट हुआ। क्या मैं सही कह रहा हूं? मुझे लगता है कि कॉन्टैक्ट हुआ था।” उन्होंने आगे कहा, “अगर मैं मैच रेफरी होता, तो मैं इस पर सीरियसली ध्यान देता।” “क्योंकि, वह कॉन्टैक्ट देखो। जायसवाल ही वह है जो बॉलर की तरफ बढ़ा।”

ICC के कोड ऑफ कंडक्ट के मुताबिक मैदान पर किसी भी तरह की मारपीट या शारीरिक विवाद की इजाजत नहीं है। हालांकि, मैच रेफरी ने अभी तक इस घटना की समीक्षा नहीं की है।

IND vs SL: लाइव शो में भिड़े संजय मांजरेकर-मुरली कार्तिक, एक-दूसरे की चेहरे पर जमकर किया कमेंट

भारत और श्रीलंका के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला खेला जा रहा है। दोनों टीमें श्रीलंका के गॉल स्टेडियम में एक-दूसरे के आमने सामने हैं। इस मैच के दौरान कमेंट्री बॉक्स का मौहाल काफी गर्म था। पहले टेस्ट के तीसरे दिन मैच के दौरान कमेंट्री बॉक्स में पूर्व क्रिकेटर संजय मांजरेकर और मुरली कार्तिक के बीच भी तीखी बहस देखने को मिली। दोनों के बीच किसी मुद्दे को लेकर मतभेद थो, जो बाद में बहस बदल गया। सोशल मीडिया पर ये क्लिप काफी वायरल हो रहा है। लोगों ने इस बहस को क्रिकेट मैच के लिहाज से काफी गैर-जरूरी बताया।

लाइव शो में भिडे़ संजय-मुरली

संजय मांजरेकर और मुरली कार्तिक भारत के श्रीलंका दौरे के दौरान ब्रॉडकास्ट टीम का हिस्सा हैं और स्टूडियो व कमेंट्री बॉक्स से मैच को लेकर अपनी राय दे रहे हैं। मैच के दौरान एक मौके पर दोनों के बीच क्रिकेट से जुड़ी चर्चा हो रही थी, लेकिन बात अचानक मांजरेकर के चेहरे के हाव-भाव पर पहुंच गई। इस दौरान बातचीत का विषय खेल से हटकर निजी अंदाज में बदल गया, जिससे यह मामला चर्चा में आ गया। दोनों ने बात को ज्यादा गंभीर नहीं होने दिया और कुछ ही देर में माहौल नॉर्मल हो गया।

 

दोनों के बीच हुई बहस

मैच में ब्रेक के दौरान मुरली कार्तिक स्टूडियो में थे और मांजरेकर गॉल में बनाए गए स्टूडियो में थे। मुरली कार्तिक ने संजय से कहा, “एक छोटी सी रिक्वेस्ट है, और शायद ये रिक्वेस्ट आप सभी की तरफ से भी है। आपका मुंह इस सदी का सबसे अच्छा है, लेकिन आपके चेहरे के हाव-भाव की वजह से हमें समझ नहीं आ रहा कि आप क्या कह रहे हैं। इसलिए प्लीज अपने इन एक्सप्रेशन को थोड़ा कम करें।”

इस पर संजय मांजरेकर ने कहा, “यह तो बुरा है। क्या हम स्प्लिट स्क्रीन कर सकते हैं और कैमरा दूसरे आदमी की तरफ कर सकते हैं? क्योंकि वह बात करने में ज्यादा अच्छा है और उसका चेहरा भी ज्यादा अच्छा है।” संजय मांजरेकर ने आगे कहा, “मैं बस सोच रहा था, “शानदार, शानदार, शानदार”, मुरली कार्तिक की आवाज, खुद को आईने में देखते हुए।”

मुरली कार्तिक ने कहा, “मैं खुद को कभी नहीं देखता। वह आप हैं, सिर्फ आप। अगर कोई आपको जानता है, तो वह सिर्फ आप ही हैं—वे लोग जो आपके साथ खेले हैं और वे लोग जिन्होंने आपके साथ काम किया है।” संजय मांजरेकर, “क्योंकि आईने में देखने का एक वजह होती है। वैसे भी, मैं समझ सकता हूं कि आपके लिए यह ज्यादा मोटिवेटिंग नहीं है। हम दोनों यहां लाइन क्रॉस करने वाले हैं और सोशल मीडिया पर खूब मौज-मस्ती होगी।” सोशल मीडिया पर ये वीडियो काफी वायरल हो रहा है।

Vaibhav Sooryavanshi: संजू की जगह वैभव सूर्यवंशी को चुने जाने पर भड़के संजय मांजरेकर, फैसले पर उठाए सवाल

IND vs ENG: भारत और इंग्लैंड के बीच 5 मैचों की टी20 सीरीज के दूसरे मुकाबले में इंग्लैंड ने भारत ने 4 विकेट से मात दी है। वहीं इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने अपना डेब्यू किया। वह भारत की ओर से सबसे कम उम्र में डेब्यू करने वाले खिलाड़ी बन गए। इससे पहले ये रिकॉर्ड क्रिकेट के दिग्गज खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर के नाम था। वहीं पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मैच में संजू सैमसन की जगह 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को मौका देने के फैसले पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वैभव का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू देखना खुशी की बात है, लेकिन अगर संजू पूरी तरह फिट थे तो उन्हें बाहर बैठाने का फैसला समझ से परे है।

पहले मैच में वैभव ने बनाए 14 रन

संजू सैमसन के बाहर होने की वजह चोट नहीं थी। मैच के बाद जब कप्तान श्रेयस अय्यर से इस फैसले के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने माना कि टीम में जगह के लिए कड़ा मुकाबला है। संजू की जगह 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को मौका मिला, लेकिन अपने पहले अंतरराष्ट्रीय मैच में वह ज्यादा प्रभाव नहीं छोड़ सके और 10 गेंदों में 14 रन बनाकर आउट हो गए। ओल्ड ट्रैफर्ड की उछाल भरी पिच पर उन्हें बल्लेबाजी करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा।

संजय मांजरेकर ने फैसले पर उठाया सवाल

संजय मांजरेकर ने X पर लिखा, “वैभव सूर्यवंशी को भारत की जर्सी में खेलते देखना बेहद खुशी की बात है। लेकिन संजू सैमसन को बाहर क्यों किया गया? अगर ऐसा हुआ है तो यह हैरान करने वाला फैसला है। मुझे उम्मीद है कि वह चोटिल होंगे, क्योंकि अगर ऐसा नहीं है तो ये काफी अजीब चयन है। अगर टीम वैभव को मौका देना चाहती थी, तो उन्हें तीसरे नंबर पर भी बल्लेबाजी कराई जा सकती थी।”

कैसा था भारत-इंग्लैंड का मुकाबला

भारत और इंग्लैंड के बीच 5 मैचों की टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला 4 जुलाई को मैनचेस्टर के ओल्डट्रैफर्ड में खेला गया। मुकाबले में इंग्लैंड ने भारत को 4 विकेट से मात दी है। इस जीत के साथ इंग्लैंड की टीम 5 मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। वहीं सीरीज का पहला मुकाबला बारिश की वजह से रद्द हो गया था। दूसरे टी-20 में पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने 20 ओवर में 7 विकेट पर 190 रन बनाए। टारगेट का पीछा करने आई इंग्लैंड की टीम 19 ओवर में ही टारगेट हासिल कर लिया।

Rohit Sharma: रोहित शर्मा को 2027 वर्ल्ड कप खेलना चाहिए? वेंगसरकर और मांजरेकर की राय अलग-अलग

भारतीय टीम के अनुभवी बल्लेबाज रोहित शर्मा अभी भी वनडे टीम की योजनाओं का अहम हिस्सा हैं। इसी वजह से उन्हें जुलाई में इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए टीम में शामिल किए जाने की उम्मीद है। वनडे क्रिकेट में उनके लंबे भविष्य को लेकर चर्चा लगातार जारी है। ऐसे में इंग्लैड के खिलाफ होने वाला मुकाबले उनके लिए भी काफी अहम माना जा रहे हैं। रोहित शर्मा के वनडे भविष्य को लेकर क्रिकेट जगत में अलग-अलग राय सामने आ रही है।

कई लोगों के मुताबिक, उनके अनुभव और शानदार बल्लेबाजी को देखते हुए उन्हें अगले साल होने वाले वनडे विश्व कप की टीम में होना चाहिए। वहीं, कुछ युवा खिलाड़ियों को मौका देने का समय आ गया है। रोहित की बढ़ती उम्र और फिटनेस को लेकर भी लगातार चर्चा हो रही है।

वेंगसरकर ने क्या कहा

भारत के पूर्व कप्तान दिलीप वेंगसरकर ने न्यूज एजेंसी PTI से कहा, रोहित शर्मा ने अपने करियर में कई बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं, इसलिए उनके भविष्य का फैसला भी वही करें। वेंगसरकर ने कहा, “उन्होंने (रोहित) भारत और अपने लिए बहुत अच्छा किया है। ये उन पर निर्भर करता है। वह पिछले (लगभग) 20 सालों से इंटरनेशनल क्रिकेट खेल रहे हैं और मुझे यकीन है कि उन्हें सबसे अच्छी तरह पता है कि चीजों को कैसे करना है।”

वर्ल्ड खेलने को लेकर क्या कहा

जहां दिलीप वेंगसरकर के मुताबिक, रोहित शर्मा को अपने भविष्य का फैसला खुद करना चाहिए, वहीं पूर्व भारतीय बल्लेबाज संजय मांजरेकर की राय इससे अलग है। उनके अनुसार, रोहित को 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए भारतीय टीम का हिस्सा नहीं होना चाहिए। सोनी स्पोर्ट्स से बात करते हुए मांजरेकर ने कहा, “50 ओवर में ओपनिंग करना मजेदार है। ये एक रिहैबिलिटेशन प्रोग्राम है। मुझे लगता है कि ये आपको ऐसे खिलाड़ी को देना चाहिए जो अपने प्राइम में हो और जिसके पास और 5-10 साल हों। अगर आप सिर्फ रोहित शर्मा के बारे में सोच रहे हैं, तो ये सही नहीं है। आपको भारतीय क्रिकेट, भारतीय क्रिकेट के भविष्य के बारे में सोचना होगा। उस हिसाब से, मुझे नहीं लगता कि रोहित शर्मा (वन-डे) टीम में मेरी पसंद होंगे।”

अफगानिस्तान के खिलाफ रोहित की पारी

रोहित शर्मा ने अब तक 285 वनडे मैचों में 11,720 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से 33 शतक और 62 अर्धशतक भी निकले हैं। रोहित शर्मा ने अपना पिछला वनडे मुकाबला अफगानिस्तान के खिलाफ घरेलू सीरीज में खेला था। उस तीन मैचों की सीरीज में उन्होंने शानदार बल्लेबाजी करते हुए तीन पारियों में कुल 143 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 69 गेंदों में 79 रन की तेज पारी भी खेली, जिससे उन्होंने एक बार फिर अपनी शानदार फॉर्म का परिचय दिया।

IND vs IRE: वैभव सूर्यवंशी लेंगे संजू सैमसन की जगह? भारत की हार के बाद दिग्गज खिलाड़ी ने दिया बड़ा बयान

IND vs IRE: भारत की टी20 टीम को नए कप्तान श्रेयस अय्यर की कप्तानी में पहले ही मैच में आयरलैंड के खिलाफ 34 रन से हार झेलनी पड़ी। इस जीत के साथ आयरलैंड ने सीरीज में 1-0 की लीड बना ली है। इस हार के बाद टीम में बदलाव की मांग तेज हो गई है। इस हार के बाद टीम में बदलाव की चर्चा तेज हो गई है। अब कई लोग युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को 28 जून को होने वाले दूसरे टी20 मैच की प्लेइंग इलेवन में शामिल करने की मांग कर रहे हैं। वहीं इस हार के बाद पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय मांजरेकर का कहना है कि भारतीय टी20 टीम में संजू सैमसन की जगह अब पूरी तरह सुरक्षित नहीं है।

मांजरेकर ने कहा कि युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं और टीम में जगह बनाने की मजबूत दावेदारी पेश कर रहे हैं। ऐसे में अगर संजू सैमसन का प्रदर्शन कमजोर रहता है, तो सेलक्टर्स उन्हें बाहर कर वैभव को मौका दे सकते हैं।

सेफ नहीं अभिषेक-संजू की जगह

सोनी स्पोर्ट्स पर बातचीत के दौरान संजय मांजरेकर ने कहा, “संजू सैमसन को अब सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि वैभव सूर्यवंशी उनकी और अभिषेक शर्मा की जगह के लिए मजबूत चुनौती बनकर सामने आ रहे हैं।” संजय मांजरेकर ने कहा कि सिर्फ वैभव सूर्यवंशी को टीम में शामिल कर देने से मैच का नतीजा नहीं बदल जाएगा। उन्होंने कहा कि इस समय भारतीय टी20 टीम में ओपनिंग की जिम्मेदारी अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन के पास है और दोनों ही पहली पसंद हैं।

मांजरेकर ने कहा, “मुझे लगता है कि वैभव सूर्यवंशी भी अभिषेक शर्मा की तरह ही खेलते, शायद उनसे थोड़ा बेहतर। जब लक्ष्य का पीछा करना होता है, तो पहले छह ओवरों में ही तेज शुरुआत करनी पड़ती है और उसी लय को आगे के ओवरों में भी बनाए रखना जरूरी होता है।”

दूसरे मुकाबले में कर सकते हैं डेब्यू

पहले टी20 मुकाबले में टीम प्रबंधन ने सलामी बल्लेबाज के रूप में अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन की जोड़ी पर भरोसा जताया। इस मुकाबले में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को अपना इंटरनेशनल डेब्यू करने का मौका नहीं मिल सका। अब सभी की नजरें दूसरे टी20 मैच पर हैं कि क्या वैभव सूर्यवंशी को भारत के लिए डेब्यू का मौका मिलेगा। 2026 टी20 वर्ल्ड कप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे संजू सैमसन पहले मैच में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके और चार गेंदों में सिर्फ पांच रन बनाकर आउट हो गए।

IND-A vs SL-A: वैभव को लेकर बदले इस दिग्गज खिलाड़ी के सुर, पहले की थी एक मैच में बैन की मांग, अब…

इंडिया ए और श्रीलंका ए के बीच ट्राई नेशन का फाइनल मुकाबला खेला जा रहा है। दांबुला में खेले गए ट्राई-सीरीज के फाइनल में 15 वर्षीय वैभव ने बेहद आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए इतिहास रच दिया। उन्होंने केवल 11 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर लिस्ट-ए क्रिकेट का सबसे तेज फिफ्टी जड़ने का नया रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। वैभव सूर्यवंशी ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से सभी को प्रभावित किया, लेकिन वह शतक पूरा करने से बेहद करीब रह गए। कुछ समय पहले वैभव सूर्यवंशी के मैदान पर व्यवहार को लेकर सवाल उठाने वाले पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय मांजरेकर अब उनकी खुलकर तारीफ कर रहे हैं।

वैभव सूर्यवंशी ने सिर्फ 29 गेंदों में 94 रन की शानदार पारी खेली, जिसमें 10 चौके और 8 लंबे छक्के शामिल रहे। शुरुआत से ही उन्होंने श्रीलंका ए के गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा और महज 11 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर लिया।

श्रीलंका ए के खिलाफ वैभव की तूफानी पारी

टूर्नामेंट के शुरुआती मुकाबलों में बड़ी पारी नहीं खेल पाने वाले वैभव सूर्यवंशी ने फाइनल में आते ही अपना आक्रामक अंदाज दिखा दिया। उन्होंने पहली ही गेंदों से श्रीलंका ए के गेंदबाजों पर हमला बोला और शुरुआती पांच गेंदों में ही दो छक्के तथा तीन चौके जड़ दिए। वैभव की बल्लेबाजी इतनी तेज थी कि वह लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज शतक बनाने के रिकॉर्ड के बेहद करीब पहुंच गए थे। हालांकि, शानदार लय में होने के बावजूद वह शतक से कुछ कदम दूर रह गए, लेकिन उनकी तूफानी पारी ने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया।

संजय मांजरेकर ने क्या कहा

वैभव की इस पारी पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय मांजरेकर ने एक पोस्ट में लिखा, “अभी एहसास हुआ कि वैभव 50 ओवर के क्रिकेट को एक ऐसे फॉर्मेट के तौर पर देखता है, जहां वह और भी ज्यादा धमाल मचा सकता है! 10 ओवर तक सर्कल के बाहर सिर्फ 2 फील्डर होते हैं, 6 नहीं।” बता दें, ट्राई-सीरीज के दौरान एक मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी और श्रीलंका ए के खिलाड़ियों के बीच मैदान पर तनाव देखने को मिला था। मैच के दौरान हुई कहासुनी के बाद दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच बहस भी हुई, जिसने काफी चर्चा बटोरी।

पहले किया था ये पोस्ट

इस घटना पर पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने भी नाराजगी जताई थी और युवा खिलाड़ी के व्यवहार पर सवाल उठाते हुए अनुशासन बनाए रखने की सलाह दी थी। उन्होंने उस समय कहा था कि मैदान पर खिलाड़ियों को संयम दिखाना चाहिए और ऐसे मामलों में सख्त रुख अपनाया जाना चाहिए। संजय ने इससे पहले पोस्ट में कहा, “अगर मैं इंडिया ए का कोच या मैनेजर होता, तो मैं अफगानिस्तान के खिलाफ इस मैच के लिए वैभव सूर्यवंशी को टीम से बाहर रखता। सिर्फ उसे यह समझाने के लिए कि मैदान पर इस तरह की झड़प या मारपीट स्वीकार नहीं की जा सकती, चाहे सामने से कितना भी उकसाया गया हो।”

रोहित की जगह जायसवाल को मौका, क्या संजय मांजरेकर की बात मानेंगे कोच (Video)

संजय मांजरेकर ने अपने स्वभाव के विपरीत रोहित शर्मा की फॉर्म और फिटनेस को संदेह के घेरे में खड़ा कर दिया है। उन्होंने एक पॉडकास्ट में कहा कि ना ही रोहित शर्मा के पास फॉर्म है और ना ही फिटनेस ऐसे में वनडे विश्वकप के लिए उनकी जगह 24 वर्षीय यशस्वी जायसवाल  को मौका देना चाहिए।

उन्होंने आगे कहा कि अगर ऐसा नहीं होता है तो चयनकर्ताओं को यशस्वी जायसवाल से फोन लगाकर माफी मांगनी चाहिए। एक पॉडकास्ट में पूर्व क्रिकेटर और कमेंटेटर का बयान तब आया है जब भारत को दूसरा एकदिवसीय मैच अफगानिस्तान के खिलाफ खेलना है और मीडिया सूत्रों के मुताबिक गौतम गंभीर रोहित शर्मा से खुश नहीं है।

एकदिवसीय क्रिकेट की बात करें तो रोहित शर्मा ने 282 मैच खेले हैं। वह अब तक 48 की औसत से 11577 रन बना चुके हैं।इसमें 33 शतक और 51 अर्धशतक शामिल है। इस प्रारुप में उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 264 रन है जो श्रीलंका के खिलाफ आया था। यह रिकॉर्ड अब तक उनके नाम है।

हालांकि फॉर्म उनके पास नहीं है, अफगानिस्तान के खिलाफ पहले एकदिवसीय मैच में भी वह 16 रन बनाकर रन आउट हो गए थे। इससे पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ पहली एकदिवसीय सीरीज में रोहित शर्मा फ्लॉप रहे और टीम को शुरुआत में बड़ा स्कोर नहीं दे सके। रोहित शर्मा 3 मैचों में 20 की औसत से 61 रन बना पाए। पूरी सीरीज में उन्होंने 9 चौके और 2 छक्के लगाए।पहले मैच में उन्होंने 29 गेंदो पर 26 रन, दूसरे मैच में उन्होंने 38 गेंदो में 24 रन और तीसरे मैच में 13 गेंदो में 11 रन बनाए।

भारतीय टीम प्रबंधन अगले साल होने वाले वनडे विश्व कप को ध्यान में रखते हुए विभिन्न संयोजनों को आजमाना चाहता है और इसलिए अफगानिस्तान के खिलाफ बुधवार को  होने वाले दूसरे एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में कुलदीप यादव और यशस्वी जायसवाल को खेलने का मौका मिल सकता है।

विराट कोहली के मांसपेशियों में खिंचाव के कारण श्रृंखला से बाहर होने के बाद तीसरे नंबर का स्थान खाली पड़ा है। पहले मैच में इस नंबर पर ईशान किशन को प्राथमिकता दी गई थी, लेकिन बाएं हाथ के बल्लेबाज जायसवाल ने भी पिछले कुछ महीनों में अच्छा प्रदर्शन किया है और टीम प्रबंधन उन्हें मौका दे सकता है।

पहले मैच में सस्ते में रन आउट होने वाले अनुभवी रोहित शर्मा अगर उनके लिए स्थान खाली करेंगे तो यह घटना सुर्खियों में रहने वाली है।