यशस्वी जायसवाल को सस्ते में छोड़ने पर संजय मांजरेकर ने ट्वीट कर दिखाई नाराजगी

भारत के पूर्व बल्लेबाज संजय मांजरेकर ने युवा खिलाड़ियों वैभव सूर्यवंशी और यशस्वी जायसवाल से जुड़े अनुशासनहीनता के मामलों से निपटने के तरीके को लेकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) और भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) की आलोचना की है।उन्होंने कहा कि यह दोनों संस्थाएं नरम रवैया अपना रही हैं जिससे खिलाड़ियों को अनुशासनहीनता के लिए प्रोत्साहन मिल रहा है।

मांजरेकर ने एक्स पर लिखा, ‘‘आईसीसी और बीसीसीआई, वैभव ने हाल ही में भारत ​​ए के लिए और अब जायसवाल ने (अनुशासनहीनता दिखाई है)। अगर आप उनका इस तरह के व्यवहार में बचाव करते रहेंगे तो आप उन्हें ऐसा व्यवहार दोहराने के लिए प्रशिक्षित कर रहे हैं। यह खेल के लिए अच्छा नहीं है और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह उनके भविष्य के लिए भी अच्छा नहीं है।’’

कोलंबो में दूसरे टेस्ट के पहले दिन मैदान पर हुई कहासुनी के लिए जायसवाल और श्रीलंका के तेज गेंदबाज असिथा फर्नांडो पर उनकी मैच फीस का 25 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया। दोनों को एक-एक डिमेरिट अंक भी दिया गया।भारत की पहली पारी के 17वें ओवर में फर्नांडो ने जायसवाल को आउट किया जिसके बाद दोनों में कहासुनी हो गई थी।जून में 15 वर्षीय बल्लेबाज सूर्यवंशी भारत ए की तरफ से खेलते हुए श्रीलंका ए के एक खिलाड़ी के साथ तीखी बहस में उलझ गए थे और हाथापाई की नौबत तक आ गई थी।

हालांकि इससे पहले भारत के बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने भी कहा था कि यशस्वी जायसवाल को अशिता फर्नाडो के इतने करीब नहीं जाना चाहिए। सितांशु कोटक ने कहा, “मुझे लगता है कि गेंदबाज़ ने कुछ कहा और यह जोश-जोश में हुआ। ज़ाहिर है, यशस्वी को उनके इतना करीब नहीं जाना चाहिए था, लेकिन जोश-जोश में ऐसा हो जाता है।”

श्रीलंका के तेज़ गेंदबाज़ी कोच रयान वैन नीकेर्क की राय भी कुछ ऐसी ही थी। उन्हें लगा कि यह कड़े मुकाबले वाले दिन का हिस्सा था और उन्होंने इसे “भावनाओं के उबाल” का नतीजा बताया। “देखिए, टेस्ट क्रिकेट मुश्किल होता है, है ना? जब आप भारत जैसी टीम के खिलाफ खेल रहे हों, तो आप बस पीछे हटकर गेंदबाजी नहीं कर सकते। मुझे लगता है कि हमारी तरफ से, हमें हर समय चुनौती पेश करनी होगी और कुछ न कुछ करने की कोशिश करनी होगी।”

उन्होंने आगे कहा,”इसलिए, मेरे नजरिए से, मैंने गेंदबाजों से आगे बढ़कर कुछ करने को कहा है। शायद तीखी बातें भावनाओं के उबाल का नतीजा हैं। मैं इसे मैच रेफरी पर छोड़ता हूं कि वे इसे कैसे देखते हैं।”

IND vs SL: लाइव शो में भिड़े संजय मांजरेकर-मुरली कार्तिक, एक-दूसरे की चेहरे पर जमकर किया कमेंट

भारत और श्रीलंका के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला खेला जा रहा है। दोनों टीमें श्रीलंका के गॉल स्टेडियम में एक-दूसरे के आमने सामने हैं। इस मैच के दौरान कमेंट्री बॉक्स का मौहाल काफी गर्म था। पहले टेस्ट के तीसरे दिन मैच के दौरान कमेंट्री बॉक्स में पूर्व क्रिकेटर संजय मांजरेकर और मुरली कार्तिक के बीच भी तीखी बहस देखने को मिली। दोनों के बीच किसी मुद्दे को लेकर मतभेद थो, जो बाद में बहस बदल गया। सोशल मीडिया पर ये क्लिप काफी वायरल हो रहा है। लोगों ने इस बहस को क्रिकेट मैच के लिहाज से काफी गैर-जरूरी बताया।

लाइव शो में भिडे़ संजय-मुरली

संजय मांजरेकर और मुरली कार्तिक भारत के श्रीलंका दौरे के दौरान ब्रॉडकास्ट टीम का हिस्सा हैं और स्टूडियो व कमेंट्री बॉक्स से मैच को लेकर अपनी राय दे रहे हैं। मैच के दौरान एक मौके पर दोनों के बीच क्रिकेट से जुड़ी चर्चा हो रही थी, लेकिन बात अचानक मांजरेकर के चेहरे के हाव-भाव पर पहुंच गई। इस दौरान बातचीत का विषय खेल से हटकर निजी अंदाज में बदल गया, जिससे यह मामला चर्चा में आ गया। दोनों ने बात को ज्यादा गंभीर नहीं होने दिया और कुछ ही देर में माहौल नॉर्मल हो गया।

 

दोनों के बीच हुई बहस

मैच में ब्रेक के दौरान मुरली कार्तिक स्टूडियो में थे और मांजरेकर गॉल में बनाए गए स्टूडियो में थे। मुरली कार्तिक ने संजय से कहा, “एक छोटी सी रिक्वेस्ट है, और शायद ये रिक्वेस्ट आप सभी की तरफ से भी है। आपका मुंह इस सदी का सबसे अच्छा है, लेकिन आपके चेहरे के हाव-भाव की वजह से हमें समझ नहीं आ रहा कि आप क्या कह रहे हैं। इसलिए प्लीज अपने इन एक्सप्रेशन को थोड़ा कम करें।”

इस पर संजय मांजरेकर ने कहा, “यह तो बुरा है। क्या हम स्प्लिट स्क्रीन कर सकते हैं और कैमरा दूसरे आदमी की तरफ कर सकते हैं? क्योंकि वह बात करने में ज्यादा अच्छा है और उसका चेहरा भी ज्यादा अच्छा है।” संजय मांजरेकर ने आगे कहा, “मैं बस सोच रहा था, “शानदार, शानदार, शानदार”, मुरली कार्तिक की आवाज, खुद को आईने में देखते हुए।”

मुरली कार्तिक ने कहा, “मैं खुद को कभी नहीं देखता। वह आप हैं, सिर्फ आप। अगर कोई आपको जानता है, तो वह सिर्फ आप ही हैं—वे लोग जो आपके साथ खेले हैं और वे लोग जिन्होंने आपके साथ काम किया है।” संजय मांजरेकर, “क्योंकि आईने में देखने का एक वजह होती है। वैसे भी, मैं समझ सकता हूं कि आपके लिए यह ज्यादा मोटिवेटिंग नहीं है। हम दोनों यहां लाइन क्रॉस करने वाले हैं और सोशल मीडिया पर खूब मौज-मस्ती होगी।” सोशल मीडिया पर ये वीडियो काफी वायरल हो रहा है।

Vaibhav Sooryavanshi: संजू की जगह वैभव सूर्यवंशी को चुने जाने पर भड़के संजय मांजरेकर, फैसले पर उठाए सवाल

IND vs ENG: भारत और इंग्लैंड के बीच 5 मैचों की टी20 सीरीज के दूसरे मुकाबले में इंग्लैंड ने भारत ने 4 विकेट से मात दी है। वहीं इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने अपना डेब्यू किया। वह भारत की ओर से सबसे कम उम्र में डेब्यू करने वाले खिलाड़ी बन गए। इससे पहले ये रिकॉर्ड क्रिकेट के दिग्गज खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर के नाम था। वहीं पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मैच में संजू सैमसन की जगह 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को मौका देने के फैसले पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वैभव का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू देखना खुशी की बात है, लेकिन अगर संजू पूरी तरह फिट थे तो उन्हें बाहर बैठाने का फैसला समझ से परे है।

पहले मैच में वैभव ने बनाए 14 रन

संजू सैमसन के बाहर होने की वजह चोट नहीं थी। मैच के बाद जब कप्तान श्रेयस अय्यर से इस फैसले के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने माना कि टीम में जगह के लिए कड़ा मुकाबला है। संजू की जगह 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को मौका मिला, लेकिन अपने पहले अंतरराष्ट्रीय मैच में वह ज्यादा प्रभाव नहीं छोड़ सके और 10 गेंदों में 14 रन बनाकर आउट हो गए। ओल्ड ट्रैफर्ड की उछाल भरी पिच पर उन्हें बल्लेबाजी करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा।

संजय मांजरेकर ने फैसले पर उठाया सवाल

संजय मांजरेकर ने X पर लिखा, “वैभव सूर्यवंशी को भारत की जर्सी में खेलते देखना बेहद खुशी की बात है। लेकिन संजू सैमसन को बाहर क्यों किया गया? अगर ऐसा हुआ है तो यह हैरान करने वाला फैसला है। मुझे उम्मीद है कि वह चोटिल होंगे, क्योंकि अगर ऐसा नहीं है तो ये काफी अजीब चयन है। अगर टीम वैभव को मौका देना चाहती थी, तो उन्हें तीसरे नंबर पर भी बल्लेबाजी कराई जा सकती थी।”

कैसा था भारत-इंग्लैंड का मुकाबला

भारत और इंग्लैंड के बीच 5 मैचों की टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला 4 जुलाई को मैनचेस्टर के ओल्डट्रैफर्ड में खेला गया। मुकाबले में इंग्लैंड ने भारत को 4 विकेट से मात दी है। इस जीत के साथ इंग्लैंड की टीम 5 मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। वहीं सीरीज का पहला मुकाबला बारिश की वजह से रद्द हो गया था। दूसरे टी-20 में पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने 20 ओवर में 7 विकेट पर 190 रन बनाए। टारगेट का पीछा करने आई इंग्लैंड की टीम 19 ओवर में ही टारगेट हासिल कर लिया।

‘हमें Gautam Gambhir को कोच नहीं बना रहे!’ Ireland से हार पर Iceland Cricket का जहरीला तंज

Ireland के खिलाफ दो मैचों की टी20 सीरीज में मिली शर्मनाक हार के बाद Team India की जमकर आलोचना हो रही है। इस हार के बाद सोशल मीडिया पर मीम्स और प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा Iceland Cricket के उस पोस्ट की हो रही है, जिसमें उसने भारत के हेड कोच Gautam Gambhir पर तंज कस उन्हें बुरी तरह ट्रोल किया।

 

Iceland Cricket ने Gambhir पर कसा करारा तंज

 

Ireland के खिलाफ 2-0 से सीरीज गंवाने के कुछ ही घंटों बाद Iceland Cricket ने अपने आधिकारिक X अकाउंट पर एक व्यंग्यात्मक पोस्ट किया।

 

पोस्ट में लिखा गया कि,

 

“हम पुष्टि करते हैं कि हम Gautam Gambhir को अपने कोचिंग स्टाफ में शामिल नहीं करना चाहते। इतनी मजबूत भारतीय टीम के साथ Ireland में ऐसे नतीजे हासिल करना सचमुच एक 'असाधारण प्रतिभा' का काम है।” (We can confirm that we do not wish to add Gautam Gambhir to our coaching staff. He clearly has talent, though. To take those Indian players and deliver those results in Ireland takes truly remarkable gifts,” )

यह पोस्ट कुछ ही देर में वायरल हो गया और हजारों क्रिकेट फैंस ने इस पर मजेदार प्रतिक्रियाएं दीं। Iceland Cricket पहले भी अपने मजाकिया और व्यंग्यात्मक पोस्ट्स के लिए दुनियाभर में चर्चा बटोर चुका है।

 

तीन साल बाद टूटा Team India का विजयी सिलसिला

 

Gautam Gambhir के कोच बनने के बाद Team India ने लगातार कई टी20 सीरीज अपने नाम की थीं। श्रीलंका, बांग्लादेश, दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसी टीमों के खिलाफ भारत ने शानदार प्रदर्शन किया था।

 

लेकिन Ireland दौरा भारतीय टीम के लिए पूरी तरह निराशाजनक साबित हुआ। कप्तान Shreyas Iyer की अगुआई में भारत दोनों मुकाबले हार गया और Ireland ने इतिहास रचते हुए पहली बार Team India के खिलाफ टी20 सीरीज जीत ली।

 

पहले मुकाबले में Ireland ने 34 रन से जीत दर्ज की, जबकि दूसरा मैच बेहद रोमांचक रहा, जहां मेजबान टीम ने एक रन से मुकाबला अपने नाम कर लिया।

बल्लेबाजों का फ्लॉप शो बना हार की सबसे बड़ी वजह

 

इस सीरीज में भारतीय बल्लेबाजी उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी। कप्तान Shreyas Iyer, Sanju Samson, Ishan Kishan और Abhishek Sharma जैसे बड़े नाम लगातार रन बनाने में नाकाम रहे।

 

गेंदबाजों ने दोनों मैचों में संघर्ष जरूर किया, लेकिन बल्लेबाज लक्ष्य का पीछा करने और बड़ी साझेदारियां बनाने में असफल रहे। यही वजह रही कि स्टार खिलाड़ियों से सजी भारतीय टीम सीरीज बचाने में भी नाकाम रही।

 

Sanjay Manjrekar ने भी उठाए टीम चयन पर सवाल

 

पूर्व भारतीय क्रिकेटर Sanjay Manjrekar ने भी टीम कॉम्बिनेशन पर सवाल उठाए। उनका मानना है कि Team India को जरूरत से ज्यादा ऑलराउंडर्स खिलाने के बजाय मिडिल ऑर्डर में एक विशेषज्ञ बल्लेबाज को मौका देना चाहिए।

 

उन्होंने युवा बल्लेबाज Shubman Gill का नाम लेते हुए कहा कि विदेशी परिस्थितियों में उनकी तकनीक भारतीय टीम के काफी काम आ सकती है और भविष्य में उन्हें फिर से टी20 टीम में अहम भूमिका मिल सकती है।

 

अब England दौरे पर होगी अग्निपरीक्षा

 

Ireland में मिली हार के बाद अब Team India की नजर England के खिलाफ होने वाली पांच मैचों की टी20 सीरीज पर होगी। यह सीरीज 1 जुलाई से शुरू होगी और भारतीय टीम के लिए वापसी का बड़ा मौका होगी।

 

साथ ही, 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज Vaibhav Sooryavanshi को भी इंग्लैंड दौरे पर डेब्यू का मौका मिलने की चर्चा तेज हो गई है। Ireland सीरीज में उन्हें मौका नहीं मिला था, लेकिन लगातार हार के बाद टीम प्रबंधन युवा खिलाड़ियों पर दांव लगा सकता है।

 

अब देखना दिलचस्प होगा कि Team India England के खिलाफ वापसी कर पाती है या आलोचनाओं का दौर और लंबा चलता है।

IND-A vs SL-A: वैभव को लेकर बदले इस दिग्गज खिलाड़ी के सुर, पहले की थी एक मैच में बैन की मांग, अब…

इंडिया ए और श्रीलंका ए के बीच ट्राई नेशन का फाइनल मुकाबला खेला जा रहा है। दांबुला में खेले गए ट्राई-सीरीज के फाइनल में 15 वर्षीय वैभव ने बेहद आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए इतिहास रच दिया। उन्होंने केवल 11 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर लिस्ट-ए क्रिकेट का सबसे तेज फिफ्टी जड़ने का नया रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। वैभव सूर्यवंशी ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से सभी को प्रभावित किया, लेकिन वह शतक पूरा करने से बेहद करीब रह गए। कुछ समय पहले वैभव सूर्यवंशी के मैदान पर व्यवहार को लेकर सवाल उठाने वाले पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय मांजरेकर अब उनकी खुलकर तारीफ कर रहे हैं।

वैभव सूर्यवंशी ने सिर्फ 29 गेंदों में 94 रन की शानदार पारी खेली, जिसमें 10 चौके और 8 लंबे छक्के शामिल रहे। शुरुआत से ही उन्होंने श्रीलंका ए के गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा और महज 11 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर लिया।

श्रीलंका ए के खिलाफ वैभव की तूफानी पारी

टूर्नामेंट के शुरुआती मुकाबलों में बड़ी पारी नहीं खेल पाने वाले वैभव सूर्यवंशी ने फाइनल में आते ही अपना आक्रामक अंदाज दिखा दिया। उन्होंने पहली ही गेंदों से श्रीलंका ए के गेंदबाजों पर हमला बोला और शुरुआती पांच गेंदों में ही दो छक्के तथा तीन चौके जड़ दिए। वैभव की बल्लेबाजी इतनी तेज थी कि वह लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज शतक बनाने के रिकॉर्ड के बेहद करीब पहुंच गए थे। हालांकि, शानदार लय में होने के बावजूद वह शतक से कुछ कदम दूर रह गए, लेकिन उनकी तूफानी पारी ने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया।

संजय मांजरेकर ने क्या कहा

वैभव की इस पारी पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय मांजरेकर ने एक पोस्ट में लिखा, “अभी एहसास हुआ कि वैभव 50 ओवर के क्रिकेट को एक ऐसे फॉर्मेट के तौर पर देखता है, जहां वह और भी ज्यादा धमाल मचा सकता है! 10 ओवर तक सर्कल के बाहर सिर्फ 2 फील्डर होते हैं, 6 नहीं।” बता दें, ट्राई-सीरीज के दौरान एक मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी और श्रीलंका ए के खिलाड़ियों के बीच मैदान पर तनाव देखने को मिला था। मैच के दौरान हुई कहासुनी के बाद दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच बहस भी हुई, जिसने काफी चर्चा बटोरी।

पहले किया था ये पोस्ट

इस घटना पर पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने भी नाराजगी जताई थी और युवा खिलाड़ी के व्यवहार पर सवाल उठाते हुए अनुशासन बनाए रखने की सलाह दी थी। उन्होंने उस समय कहा था कि मैदान पर खिलाड़ियों को संयम दिखाना चाहिए और ऐसे मामलों में सख्त रुख अपनाया जाना चाहिए। संजय ने इससे पहले पोस्ट में कहा, “अगर मैं इंडिया ए का कोच या मैनेजर होता, तो मैं अफगानिस्तान के खिलाफ इस मैच के लिए वैभव सूर्यवंशी को टीम से बाहर रखता। सिर्फ उसे यह समझाने के लिए कि मैदान पर इस तरह की झड़प या मारपीट स्वीकार नहीं की जा सकती, चाहे सामने से कितना भी उकसाया गया हो।”

रोहित की जगह जायसवाल को मौका, क्या संजय मांजरेकर की बात मानेंगे कोच (Video)

संजय मांजरेकर ने अपने स्वभाव के विपरीत रोहित शर्मा की फॉर्म और फिटनेस को संदेह के घेरे में खड़ा कर दिया है। उन्होंने एक पॉडकास्ट में कहा कि ना ही रोहित शर्मा के पास फॉर्म है और ना ही फिटनेस ऐसे में वनडे विश्वकप के लिए उनकी जगह 24 वर्षीय यशस्वी जायसवाल  को मौका देना चाहिए।

उन्होंने आगे कहा कि अगर ऐसा नहीं होता है तो चयनकर्ताओं को यशस्वी जायसवाल से फोन लगाकर माफी मांगनी चाहिए। एक पॉडकास्ट में पूर्व क्रिकेटर और कमेंटेटर का बयान तब आया है जब भारत को दूसरा एकदिवसीय मैच अफगानिस्तान के खिलाफ खेलना है और मीडिया सूत्रों के मुताबिक गौतम गंभीर रोहित शर्मा से खुश नहीं है।

एकदिवसीय क्रिकेट की बात करें तो रोहित शर्मा ने 282 मैच खेले हैं। वह अब तक 48 की औसत से 11577 रन बना चुके हैं।इसमें 33 शतक और 51 अर्धशतक शामिल है। इस प्रारुप में उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 264 रन है जो श्रीलंका के खिलाफ आया था। यह रिकॉर्ड अब तक उनके नाम है।

हालांकि फॉर्म उनके पास नहीं है, अफगानिस्तान के खिलाफ पहले एकदिवसीय मैच में भी वह 16 रन बनाकर रन आउट हो गए थे। इससे पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ पहली एकदिवसीय सीरीज में रोहित शर्मा फ्लॉप रहे और टीम को शुरुआत में बड़ा स्कोर नहीं दे सके। रोहित शर्मा 3 मैचों में 20 की औसत से 61 रन बना पाए। पूरी सीरीज में उन्होंने 9 चौके और 2 छक्के लगाए।पहले मैच में उन्होंने 29 गेंदो पर 26 रन, दूसरे मैच में उन्होंने 38 गेंदो में 24 रन और तीसरे मैच में 13 गेंदो में 11 रन बनाए।

भारतीय टीम प्रबंधन अगले साल होने वाले वनडे विश्व कप को ध्यान में रखते हुए विभिन्न संयोजनों को आजमाना चाहता है और इसलिए अफगानिस्तान के खिलाफ बुधवार को  होने वाले दूसरे एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में कुलदीप यादव और यशस्वी जायसवाल को खेलने का मौका मिल सकता है।

विराट कोहली के मांसपेशियों में खिंचाव के कारण श्रृंखला से बाहर होने के बाद तीसरे नंबर का स्थान खाली पड़ा है। पहले मैच में इस नंबर पर ईशान किशन को प्राथमिकता दी गई थी, लेकिन बाएं हाथ के बल्लेबाज जायसवाल ने भी पिछले कुछ महीनों में अच्छा प्रदर्शन किया है और टीम प्रबंधन उन्हें मौका दे सकता है।

पहले मैच में सस्ते में रन आउट होने वाले अनुभवी रोहित शर्मा अगर उनके लिए स्थान खाली करेंगे तो यह घटना सुर्खियों में रहने वाली है।