ओलंपिक मेजबानी पाने के लिए भारत को लड़ना होगा आधा दर्जन देशों से, नवंबर में होगा Presentation

 

भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) ने इस सप्ताह की शुरुआत में अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) की ओर से 2036 ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों की मेजबानी की दौड़ में शामिल शहरों और देशों के नामों की घोषणा का स्वागत किया है। हालांकि भारत को अगर मेजबानी पानी है तो जर्मनी, कतर  तुर्किए, हंगरी, दक्षिण कोरिया और दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों से अपना प्रेजेंटेशन बेहतर बनाना होगा।

गुजरात के अहमदाबाद को केंद्र में रखते हुए भारत की ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों की मेजबानी की योजना पिछले 18 महीनों में आईओसी के साथ हुई सकारात्मक और रचनात्मक बातचीत के माध्यम से तैयार की गई है।

भारत का विजन ‘Rising Together’ इस विचार को उजागर करता है कि 2036 आपसी तरक्की का एक बड़ा मौका हो सकता है। इस दौरान, खेलों के माध्यम से भारत में हो रहा बदलाव और ओलंपिक का भविष्य, खेलों की मेजबानी के जरिए एक साथ आगे बढ़ सकते हैं। भारत के लिए ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों की मेजबानी खेलों को देश की रोजमर्रा की जिंदगी का अहम् हिस्सा बनाने का बड़ा मौका होगी। यह प्रोजेक्ट देश में खेलों से जुड़े बड़े बदलाव को आगे बढ़ाने में मदद कर सकता है।

इसका उद्देश्य लाखों युवाओं को सिर्फ खेल देखने के बजाय खुद खेलों में हिस्सा लेने के लिए प्रेरित करना, लोगों को ज्यादा स्वस्थ और एक्टिव जीवन जीने के लिए प्रोत्साहित करना और खेलों को शिक्षा व करियर के अवसरों से जोड़ना है। भारत में खेलों की मेजबानी का उद्देश्य सिर्फ एकवैश्विक प्रतियोगिता आयोजित करना नहीं है। इसके माध्यम से खेलों को लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का और गहरा हिस्सा बनाने के साथ ही भारत की ऊर्जा, युवा शक्ति और समाज को बदलने में खेलों की ताकत पर उसके भरोसे को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।

ओलंपिक के लिए वर्ष 2036 में भारत में खेलों की मेजबानी एक नए दौर में जाने का मौका होगी। इससे ओलंपिक और पैरालंपिक अभियान का जुड़ाव दुनिया की सबसे युवा, तेजी से आगे बढ़ रही और डिजिटल रूप से जुड़ी आबादी वाले देशों में से एक से होगा। इससे खेलों से जुड़ी कई नई संभावनाएँ सामने आएँगी। एक अरब से ज्यादा लोगों तक खेलों की पहुँच होगी और ओलंपिक परिवार से नए खिलाड़ी, नए दर्शक और नए पार्टनर जुड़ सकेंगे।

भारत और ओलंपिक अभियान जब एक साथ, एक साझा उद्देश्य के साथ आगे बढ़ेंगे, तो यह उनके इतिहास का एक खास मौका होगा। यह भारत के रंगों, संस्कृति और जीवन का उत्सव होगा और देश की अनोखी सांस्कृतिक विविधता को दुनिया के सामने लाएगा।

भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पी. टी. उषा ने कहा, “वर्ष 2036 ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों को लेकर भारत के विजन और उम्मीदों को आईओसी से मिली पहचान हमारे लिए बहुत सम्मान की बात है। हमें इस बात पर भी गर्व है कि हम भविष्य में होने वाले खेलों के संभावित मेजबानों के एक खास समूह का हिस्सा हैं।

हमारे लिए ‘Rising Together’ सिर्फ एक स्लोगन नहीं है। यह भारत की ऊर्जा, महत्वाकांक्षा और विविधता को एक साझा ओलंपिक सपने से जोड़ने की हमारी प्रतिबद्धता है। वर्ष 2036 के लिए अपना विजन तैयार करते हुए हम ऐसे खेलों की मेजबानी करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जो एक युवा, गतिशील और तेजी से आगे बढ़ रहे भारत की झलक पेश करें। साथ ही, इससे ओलंपिक और पैरालंपिक मूवमेंट को दुनिया भर में नई पीढ़ियों, नए समुदायों और नई जगहों तक पहुँचने में भी मदद मिले।”

उन्होंने कहा, “यदि हम अपने खिलाड़ियों, लोगों, शहरों और ओलंपिक व पैरालंपिक मूवमेंट के साथ मिलकर आगे बढ़ें, तो संभावनाएं बहुत बड़ी हैं। और जब भारत आगे बढ़े, तो हम चाहते हैं कि दुनिया भी हमारे साथ आगे बढ़े। हम IOC के साथ अपनी बातचीत जारी रखने और नवंबर के अंत में पहली बार फ्यूचर होस्ट कमीशन के सामने अपनी योजना रखने को लेकर उत्साहित हैं।”

भारत सरकार में केंद्रीय श्रम एवं रोजगार और युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा, “वर्ष 2036 के लिए भारत की सोच एक सरल विचार पर आधारित है कि खेल हमारे देश के भविष्य को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं। ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों की मेजबानी लाखों युवा भारतीयों को खेलों में हिस्सा लेने के लिए प्रेरित करेगी। इससे स्वस्थ और ज्यादा सक्रीय समुदाय बनाने में मदद मिलेगी और युवाओं के लिए शिक्षा, रोजगार और सामाजिक विकास के नए अवसर भी बढ़ेंगे। भारत में खेलों की मेजबानी से देश के हर हिस्से में खेलों को लेकर बदलाव को और गति दी जा सकती है। इसके साथ ही, दुनिया के सबसे तेजी से आगे बढ़ रहे देशों में से एक में ओलंपिक मूवमेंट के लिए एक नया अध्याय शुरू कर सकते हैं।”

Asian Games में मोहसिन नकवी के हाथ से मेडल लेगी टीम इंडिया? BCCI ने तोड़ी चुप्पी, जानें क्या है नियम

एशिया कप से शुरू हुआ ट्रॉफी विवाद एशियन गेम्स तक पहुंचने वाला है। ऐसी खबरें है कि एशियन गेम्स में भी मोहसिन नकवी की मौजूदगी देखने को मिल सकती है। पिछले साल एशिया कप में भारतीय मेंस क्रिकेट टीम ने मोहसिन नकवी के हाथ से ट्रॉफी नहीं लिया था। वहीं अभी हाल ही में हुए महिला एशिया कप जीतने के बाद भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था। बता दें मोहसिन नकवी इस समय पाकिस्तान के गृहमंत्री हैं और साथ ही पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड और एशियन क्रिकेट काउंसिल के प्रमुख भी हैं।

मेडल सेरेमनी में शामिल हो सकते हैं नकवी

रिपोर्ट के मुताबिक, ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया मोहसीन नकवी को मेडल सेरेमनी के लिए आमंत्रित कर सकता है। अगर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन मोहसिन नकवी को जापान के आइची-नागोया में होने वाले 2026 एशियन गेम्स में मेडल देने की जिम्मेदारी मिलती है, तो भारतीय पुरुष और महिला क्रिकेट टीमें उनसे मेडल लेना होगा। आइए जानते हैं क्या है ओसीए के नियम

भारतीय टीम ले सकती है मेडल

TOI की एक रिपोर्ट के मुताबिक, “OCA के नियमों और भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) के शीर्ष सूत्रों के अनुसार, अगर कतर के OCA प्रेसिडेंट शेख जोआन बिन हमद अल थानी आधिकारिक तौर पर नकवी को यह जिम्मेदारी देते हैं, तो भारतीय खिलाड़ियों से अपने मेडल लेने की उम्मीद की जाएगी। रिपोर्ट के अनुसार, ऐसा करने से इनकार करना एशियन गेम्स, ओसीए और उसके अधिकृत प्रतिनिधि का अपमान माना जा सकता है और खिलाड़ियों पर डिसिप्लिनरी एक्शन भी हो सकती है।”

क्या है OCA के नियम

ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (OCA) के संविधान और नियमों के आर्टिकल 66 में मेडल सेरेमनी को लेकर नियम दिए गए हैं। इसमें कहा गया कि विजेताओं को मेडल ओसीए के अध्यक्ष देते हैं। वहीं, अध्यक्ष यह जिम्मेदारी ओसीए के किसी दूसरे सदस्य को भी सौंप सकते हैं। इसी नियम में यह भी कहा गया है कि गेम्स की मेडल सेरेमनी के दौरान किसी तरह का प्रदर्शन या व्यावसायिक, राजनीतिक, धार्मिक या नस्लीय प्रचार करने की अनुमति नहीं है।

बीसीसीआई ने क्या कहा

इस मामले पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के रुख के बारे में पूछे जाने पर बोर्ड के सचिव देवजीत सैकिया ने कहा, “हम अभी सिर्फ मैचों पर ध्यान दे रहे हैं। सबसे पहले टीमों को पोडियम तक पहुंचना है। उस समय जो भी परिस्थितियां होंगी, उन्हें ध्यान में रखते हुए फैसला लिया जाएगा। जब समय आएगा, तब इस बारे में फैसला करेंगे। बोर्ड और खिलाड़ियों का पूरा ध्यान सिर्फ मैच जीतने पर है। जो चीज अभी हुई ही नहीं है, उस पर हम कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते।”

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Asian Games 2026: 14 घंटे इंतजार, न कमरे मिले और न ही खाना…; एशियन गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों के साथ ये कैसा व्यवहार?

Asian Games 2026: जापान के नागोया में होने वाले एशियन गेम्स 2026 से पहले भारतीय खिलाड़ियों को ठहरने की व्यवस्था को लेकर भारी अव्यवस्था का सामना करना पड़ा। ‘The New Indian Express’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कई भारतीय एथलीट वैध एक्रिडिटेशन होने के बावजूद 12 से 14 घंटे से अधिक समय तक अपने कमरों के लिए इंतजार करते रहे। इस दौरान उन्हें पर्याप्त भोजन और जरूरी सुविधाएं भी नहीं मिल सकीं। रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय खिलाड़ी जिस क्रूज शिप में ठहरने वाले थे, वहां पहुंचने के बाद उन्हें लंबे समय तक कमरों का इंतजार करना पड़ा।

स्थानीय अधिकारियों की ओर से भी उन्हें अपेक्षित मदद नहीं मिल सकी। कई खिलाड़ी घंटों तक बिना भोजन और सीमित सुविधाओं के इंतजार करते रहे। सात एथलीटों और दो कोचों वाली भारतीय वुशू टीम बुधवार दोपहर नागोया पहुंची। खबर है कि रजिस्ट्रेशन के समय अलॉट किए गए कमरों की लिस्ट में एक एथलीट और दो कोच के नाम नहीं थे।

वेन्यू पर पहुंचने के लगभग दो घंटे बाद टीम के एक सदस्य ने PTI को बताया, “छह वुशू एथलीटों को नागोया पोर्ट पर खड़े क्रूज शिप में कमरे मिले। हालांकि, एक एथलीट और दो कोच के नाम लिस्ट में नहीं थे।” इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (IOA) के एक अधिकारी ने बताया कि अब सभी एथलीटों को इटैलियन क्रूज़ शिप में कमरे मिल गए हैं। गेम्स के दौरान क्रूज़ शिप में रहने वाले भारतीय एथलीटों में वुशू और टेबल टेनिस खिलाड़ी शामिल हैं।

खिलाड़ियों को शेयर करने पड़े कमरे!

बताया जा रहा है कि जिन खिलाड़ियों को कमरे मिल भी गए, उनमें से कुछ को दूसरे एथलीटों के साथ कमरा शेयर करने के लिए कहा गया। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि आयोजन समिति ने उपलब्ध कमरों का कुछ हिस्सा दूसरे देशों की टीमों को आवंटित कर दिया। माना जा रहा है कि खिलाड़ियों की संख्या का अनुमान लगाने में गंभीर चूक के कारण यह स्थिति पैदा हुई। एमएमए एथलीट वरुण सान्याल ने भी इस स्थिति की पुष्टि की। अर्थशास्त्री संजीव सान्याल के बेटे वरुण ने गुरुवार दोपहर सोशल मीडिया पर लिखा, “मैं पुष्टि कर सकता हूं कि यह सच है। मैं अभी 7 घंटे से इंतजार कर रहा हूं और गिनती जारी है।”

दिल्ली से दो बैच में रवाना हुए थे भारतीय रोवर

भारतीय रोइंग टीम के खिलाड़ी मंगलवार को दिल्ली एयरपोर्ट से दो बैच में जापान के लिए रवाना हुए थे। दोनों बैच कुछ घंटों के अंतर से रवाना हुए। बैंकॉक में रुकने के बाद पहला दल बुधवार सुबह करीब 8 बजे जापान के स्थानीय समय के अनुसार नागोया पहुंचा। रिपोर्ट के मुताबिक, खिलाड़ी करीब एक घंटे बाद क्रूज शिप पर पहुंचे। लेकिन वहां उन्हें वादा किए गए आवास के लिए इंतजार करना पड़ा।

एक भारतीय रोवर ने ‘इंडियन एक्सप्रेस’ को बताया, “हम सुबह 9 बजे JST के आसपास यहां पहुंचे थे। अब रात के 8:30 बज चुके हैं। लेकिन हममें से केवल कुछ लोगों को ही कमरे मिले हैं। जिन्हें कमरे मिले हैं, उनसे भी दूसरे खिलाड़ियों को साथ रखने के लिए कहा गया।”

संख्या के मुताबिक कम मिले कमरे

ऐसी खबरें भी हैं कि क्रूज शिप पर भारतीय एथलीटों के लिए उपलब्ध कमरों की संख्या मूल रूप से अलॉट किए गए कमरों से कम थी। हालांकि, इसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी। होटल के कमरों की कमी के कारण फिलीपींस के कुछ अधिकारियों को Airbnb आवास में भेजा गया है। भारतीय टीम के डिप्टी शेफ डी मिशन अचंता शरथ कमल ने कहा, “भारतीय एथलीटों ने चेक-इन करना शुरू कर दिया है। अभी कोई बड़ी समस्या नहीं है।” शनिवार (19 सितंबर) से शुरू होने वाले आइची-नागोया गेम्स में भारत के कुल 501 एथलीट और 265 अधिकारी भाग लेंगे।

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भारतीय टीम के लिए रहने की व्यवस्था में कंटेनर-स्टाइल के कमरे, पोर्ट पर खड़ा क्रूज शिप और होटल शामिल हैं। लगभग 17,000 अन्य प्रतिभागियों के लिए भी रहने की ऐसी ही व्यवस्था की गई है। दक्षिण कोरियाई टीम ने कंटेनर-स्टाइल के कमरों के छोटे आकार पर आपत्ति जताई है। एशियन क्रिकेट काउंसिल के कुछ सदस्यों ने भी उपलब्ध कराए जा रहे आवास की क्वालिटी पर चिंता व्यक्त की है।

शूटरों समेत अन्य टीमों को भी परेशानी

आवास की समस्या का सामना केवल भारतीय रोवरों को ही नहीं करना पड़ा। रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय निशानेबाजों और दो अन्य टीमों के भी प्रभावित होने की बात सामने आई है। जिस जगह निशानेबाजों के ठहरने की व्यवस्था की गई थी, वह दूसरे देशों की टीमों को आवंटित कर दी गई। इसके बाद उन्हें एक अलग होटल में चेक-इन करना पड़ा।

भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) के कुछ सदस्यों को भी पास के एक होटल में शिफ्ट किया गया। एशियन गेम्स जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन से पहले सामने आई यह अव्यवस्था भारतीय दल के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। आपको बता दें कि जापान में 20वें एशियाई खेल (Asian Games 2026) 19 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होंगे।

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Duleep Trophy: इधर गेंदबाजों की कुटाई उधर वैभव सूर्यवंशी से भिड़े कप्तान तिलक वर्मा, फाइनल में दिखा हैरान करने वाला नजारा

दलीप ट्रॉफी 2026 का फाइनल मुकाबला ईस्ट जोन और साउथ जोन के बीच खेला जा रहा है। दोनों टीमों के बीच ये मुकाबला चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेला जाए रहा है। वहीं इस मुकाबले में ईस्ट जोन के उपकप्तान वैभव सूर्यवंशी कुछ खास कमाल नहीं कर पाए। पारी की तेज शुरुआत करने के बाद वैभव सूर्यवंशी 37 गेंदों पर 44 रन बनाकर आउट हुए। अपनी पारी के दौरान वैभव ने कई शानदार शॉट लगाए। वैभव के इस आक्रामक अंदाज को देख कर लग रहा था कि आज वह बड़ी पारी खेल सकते हैं। लेकिन तभी साउथ जोन के कप्तान तिलक वर्मा की रणनीति के आगे वह ज्यादा देर टिक नहीं सके और अपना विकेट गंवा बैठे। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला

सूर्यवंशी ने खेली आक्रामक पारी

ईस्ट जोन के उपकप्तान वैभव सूर्यवंशी ने अपनी पारी की शुरुआत काफी आक्रामक अंदाज में की। उन्होंने साउथ जोन के गेंदबाजों पर लगातार शॉट लगाए और रन बटोरे। सूर्यवंशी ने मोहम्मद सिराज के खिलाफ बेखौफ बल्लेबाजी की और तिलक की रक्षात्मक फील्डिंग का फायदा उठाकर आसानी से रन बनाए। वैभव सूर्यवंशी ने सिराज के एक ओवर में दो चौके और एक छक्का लगाया। वह 44 रन बनाकर चामा मिलिंद की गेंद पर आउट हुए। इससे पहले उन्होंने अभिमन्यु ईश्वरन के साथ पहले विकेट के लिए 100 रन जोड़े। तिलक की रक्षात्मक फील्डिंग का भी सूर्यवंशी ने फायदा उठाया।

वैभव-तिलक के बीच हुई बहस

दलीप ट्रॉफी के फाइनल में वैभव सूर्यवंशी और तिलक वर्मा के बीच मैदान पर हल्की नोकझोंक देखने को मिली। मुकाबले के दौरान साउथ जोन के कप्तान तिलक वर्मा उन्हें स्लेजिंग करते हुए नजर आए। इस दौरान तिलक की बातें स्टंप माइक में भी सुनाई दीं। तिलक को यह कहते हुए सुना गया, “क्या यार, ये वाइस-कैप्टन है?” ईस्ट जोन की पारी के 11वें ओवर में तिलक ने सूर्यवंशी पर कमेंट किया था, जिसके बाद दोनों के बीच बातचीत बढ़ गई। मामला इतना बढ़ा कि दोनों खिलाड़ी एक-दूसरे के आमने-सामने आ गए। इसी दौरान तिलक ने सूर्यवंशी को हल्का धक्का भी दिया, लेकिन युवा बल्लेबाज भी पीछे नहीं हटे। स्थिति बिगड़ने से पहले अंपायरों ने दोनों के बीच पहुंचकर मामला शांत कराया।

 

सेमीफाइनल में वैभव शतक से चूके थे

ईस्ट जोन के दूसरे सलामी बल्लेबाज अभिमन्यु ईश्वरन ने भी वैभव सूर्यवंशी के साथ अच्छी बल्लेबाजी की और उनसे ज्यादा रन बनाए। ईश्वरन ने अपनी पारी के दौरान सूर्यवंशी से पहले अर्धशतक पूरा किया। वहीं, सूर्यवंशी लगातार दूसरी बार शतक से चूक गए। इससे पहले सेंट्रल जोन के खिलाफ सेमीफाइनल में भी वह 92 रन बनाकर आउट हो गए थे। हालांकि, उनकी उस पारी ने ईशान किशन की कप्तानी वाली ईस्ट जोन की टीम को फाइनल में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी।

Asian Games 2026: एशियन गेम्स में भारतीय क्रिकेटरों को मिलेंगे अलग होटल? IOA ने BCCI के सामने रखी ये शर्त

Asian Games 2026: एशियन गेम्स में भारतीय क्रिकेटरों को मिलेंगे अलग होटल? IOA ने BCCI के सामने रखी ये शर्त

जापान के आइची-नागोया में होने वाले एशियन गेम्स 2026 से पहले भारतीय क्रिकेट टीमों के ठहरने और सुविधाओं को लेकर मामला चर्चा में है। आयोजकों ने दोनों टीमों के लिए होटल तय कर दिए हैं, लेकिन BCCI अभी इन व्यवस्थाओं को लेकर अंतिम फैसला नहीं किया है। वहीं इसी बीच भारतीय ओलिंपिक संघ (IOA) ने साफ किया कि भारतीय क्रिकेट टीम के लिए अलग से होटल की व्यवस्था नहीं किया जाएगा।

अगर BCCI अपने खिलाड़ियों के लिए अलग जगह चाहता है, तो खिलाड़ियों की पूरी व्यवस्था बोर्ड को खुद संभालनी होगी। इसमें होटल का खर्च, खाने-पीने, आने-जाने और मैच स्थल तक खिलाड़ियों को पहुंचाने जैसी जिम्मेदारियां शामिल होंगी। ये व्यवस्था जापान के आइची-नागोया में होने वाले एशियन गेम्स के दौरान लागू हो सकती है।

BCCI को लेनी होगा जिम्मेदारी

रिपोर्ट के अनुसार, IOA ने साफ किया कि वह एशियन गेम्स के दौरान क्रिकेट टीम के लिए अलग होटल की व्यवस्था नहीं करेगा। अगर BCCI को आयोजन समिति की ओर से दिया गया होटल सुविधाजनक नहीं लगता है, तो वह खिलाड़ियों के लिए अपनी पसंद की जगह बुक कर सकता है। लेकिन, होटल चुनने से लेकर खिलाड़ियों के खाने और आने-जाने जैसी सभी व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी BCCI को ही संभालनी होगी।

CEO रघुराम अय्यर ने क्या कहा

TOI से बात करते हुए IOA के CEO रघुराम अय्यर ने कहा, “BCCI के CEO हेमांग अमीन ने हमसे संपर्क किया और हमारी अच्छी बातचीत हुई। वे सुविधाओं का आकलन करने के लिए जापान में एक एडवांस टीम भेजने पर विचार कर रहे हैं। IOA को इससे कोई दिक्कत नहीं है। अपने आकलन के आधार पर, वे तय कर सकते हैं कि वे आयोजक की सुविधाओं का इस्तेमाल करना चाहते हैं या अपना इंतजाम खुद करना चाहते हैं।”

एक कमरे में होंगे दो खिलाड़ी

फिलहाल एशियन गेम्स के आयोजकों ने भारतीय पुरुष और महिला क्रिकेट टीमों के लिए होटल तय कर दिए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, पुरुष टीम को तीन स्टार APA होटल नागोया एकिमाए और महिला टीम को चार स्टार मेइतेत्सु ग्रैंड होटल में ठहराया जाएगा। दोनों होटलों में जरूरी सुविधाएं मौजूद हैं, लेकिन भारतीय क्रिकेटरों को आमतौर पर मिलने वाली पांच स्टार सुविधा के मुकाबले ये एक स्तर नीचे हैं। इसके अलावा खिलाड़ियों के लिए दो लोगों के एक कमरे में रहने की व्यवस्था की गई है, जिस पर भी सवाल उठ रहे हैं।

BCCI एक टीम भेजेगी नेपाल

हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली भारतीय महिला टीम के लिए एशियन गेम्स से पहले यात्रा और ठहरने से जुड़ी कुछ चुनौतियां सामने आ सकती हैं। टीम 13 सितंबर को दुबई में एशिया कप खत्म करने के बाद 14 सितंबर को जापान के नागोया के लिए रवाना होगी, जहां उसका अभियान 17 सितंबर से शुरू होना है। इससे पहले BCCI एक टीम को जापान भेजेगा, जो होटल, क्रिकेट मैदान और खिलाड़ियों के लिए उपलब्ध दूसरी सुविधाओं की जांच करेगी। इसके बाद ही खिलाड़ियों के ठहरने की व्यवस्था को लेकर अंतिम फैसला लिया जाएगा।