Crude Oil Price: ब्रेंट क्रूड 92 डॉलर के पार, इन कंपनियों के शेयर फिसले, ONGC और ऑयल इंडिया में उछाल

Crude Oil Price: क्रूट ऑयल की कीमतें फिर से चढ़ने लगी हैं। इसकी वजह मध्यपूर्व में बढ़ता तनाव है। करीब एक महीने बाद अमेरिका के हमले और ईरान के जवाबी हमले की खबर है। ब्रिटिश मेरिटाइम एजेंसी यूनाइटेड किंग्डम मेरिटाइम ट्रेड ऑपरेशंस ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक ट्रैंकर पर हमले की खबर दी है। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर जोरदार हमले की धमकी दी है। इससे ब्रेंट क्रूड का प्राइस 1 सितंबर को 92 डॉलर के पार चला गया।

शेयरों पर दिखा क्रूड में उछाल का असर 

क्रूड में उछाल का असर शेयर बाजारों पर दिखा। क्रूड ऑयल का इस्तेमाल करने वाली कई कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट आई। इनमें पेंट बनाने वाली कंपनियां, एयरलाइंस कंपनियां और टायर कंपनियां शामिल थी। कच्चे तेल की कीमतों के लगातार ऊंचे लेवल पर बने रहने से इन कंपनियों की प्रोडक्शन कॉस्ट बढ़ जाती है। इसका असर उनके मार्जिन पर पड़ता है।

एशियन पेंट्स का शेयर 3.42 फीसदी गिरा

Asian Paints के शेयरों में 1 सितंबर को बड़ी गिरावट दिखी। यह शेयर 3.42 फीसदी गिरकर 2,562 पर बंद हुआ। बर्जर पेंट्स का शेयर भी 1.28 फीसदी गिरकर 491.40 रुपये पर बंद हुआ। JSW Dulux का शेयर 0.46 फीसदी गिरा। Shalimar Paints का शेयर 1.05 फीसदी फिसला।

इंडिगो के शेयर में आई 3.77 फीसदी गिरावट 

इंटरग्लोब एविएशन का शेयर 3.77 फीसदी गिरकर 5,036 रुपये पर बंद हुआ। स्पाइसजेट का शेयर 3.20 फीसदी की कमजोरी के साथ 9.99 रुपये पर क्लोज हुआ। एयरलाइंस कंपनियों की कुल ऑपरेशन कॉस्ट में एटीएफ की बड़ी हिस्सेदारी होती है। क्रूड ऑयल महंगा होने पर एटीएफ की कीमतें भी बढ़ जाती है। इससे एयरलाइंस कंपनियों का कुल खर्च बढ़ता है।

टायर बनाने वाली कंपनियों के शेयरों पर भी दबाव

टायर बनाने वाली कंपनियों में जेके टायर, गुडईयर इंडिया, सीएट के शेयरों में गिरावट आई। गुडईयर का शेयर 0.65 फीसदी गिरकर 738 रुपये पर बंद हुआ। Ceat का शेयर 0.058 फीसदी गिरकर 3,417 पर बंद हुआ। जेके टायर का शेयर 1.41 फीसदी गिरकर 373 रुपये पर बंद हुआ। टायर बनाने में क्रूड ऑयल का इस्तेमाल होता है।

IOCL, HPCL, BPCL के शेयर भी फिसले 

ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के शेयरों में भी 1 सितंबर को बड़ी गिरावट आई। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) का शेयर 1.89 फीसदी गिरकर 136.50 रुपये पर बंद हुआ। बीपीसीएल का शेयर 2.38 फीसदी फिसला। HPCL का शेयर भी 0.93 फीसदी की गिरावट के साथ 362.35 रुपये पर क्लोज हुआ। कच्चा तेल महंगा होने से इन कंपनियों की कॉस्ट बढ़ जाती है।

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ONGC, Oil India के शेयरों में उछाल

तेल का उत्पादन करने वाली ओएनजीसी और ऑयल इंडिया जैसी अपस्ट्रीम कंपनियों के शेयरों में तेजी दिखी। ONGC का शेयर 2.02 फीसदी चढ़कर 236.49 रुपये पर बंद हुआ। Oil India का शेयर 1.31 फीसदी चढ़कर 489.50 रुपये पर पहुंच गया। क्रूड महंगा होने से अपस्ट्रीम कंपनियों को फायदा होता है।

ONGC New Chairman: आधा दर्जन से अधिक अधिकारियों ने किया आवेदन, लिस्ट में Oil India के CMD रंजीत रथ भी

सरकारी तेल एवं गैस कंपनी ऑयल एंड नैचुरल गैस कॉरपोरेशन (ONGC) के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर (सीएमडी) का पद जल्द खाली होने वाला है। ऐसे में इस पद के लिए आधा दर्जन से अधिक अधिकारियों ने आवेदन किया है। इनमें ऑयल इंडिया लिमिटेड के प्रमुख (सीएमडी) रंजीत रथ भी शामिल हैं। न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि 54 साल के रथ लगातार दूसरे वर्ष ONGC में टॉप पोजिशन पाने की दौड़ में शामिल हुए हैं। रथ अगस्त, 2022 से ऑयल इंडिया का नेतृत्व कर रहे हैं।

रथ पिछले साल भी ONGC प्रमुख के पद के लिए चुने गए उम्मीदवारों की सूची में शामिल थे, लेकिन सरकार ने ONGC के मौजूदा चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर अरुण कुमार सिंह का कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ा दिया था। अब सिंह का कार्यकाल 6 दिसंबर 2026 को खत्म हो रहा है। लिहाजा यह पद 7 दिसंबर को खाली हो जाएगा।

बता दें कि सरकार ने ONGC के सीएमडी पद के लिए अधिकतम आयु सीमा समेत पात्रता संबंधी मानदंडों में ढील दी है। इसके तहत अधिकतम उम्र सीमा को बढ़ाकर 59 साल कर दिया गया है। साथ ही अब चुने गए उम्मीदवार को 3 साल का फिक्स्ड टर्म दिया जाएगा, जिसे और 2 साल बढ़ाया जा सकता है। ONGC भारत की सबसे बड़ी तेल और गैस उत्पादक कंपनी है।

आवेदन करने वालों में और कौन

ONGC के सीएमडी पद के लिए आवेदन करने वालों में ONGC विदेश लिमिटेड (OVL) के मैनेजिंग डायरेक्टर राजर्षि गुप्ता भी शामिल हैं। सरकार द्वारा अधिकतम आयु सीमा 59 वर्ष किए जाने के बाद वह इस पद के लिए पात्र हुए हैं। गुप्ता जुलाई, 2027 में रिटायर होने वाले हैं और इस पद के लिए आवेदन करने वाले इंटर्नल कैंडिडेट्स में सबसे वरिष्ठ हैं। पीटीआई के मुताबिक, सूत्रों का कहना है कि ONGC के प्रौद्योगिकी एवं क्षेत्रीय सेवाओं के डायरेक्टर विक्रम सक्सेना, रणनीति एवं कॉरपोरेट मामलों के डायरेक्टर सत्यम कुमार और OVL के ऑपरेशंस के डायरेक्टर दुलाल हलदर ने भी ONGC के सीएमडी पद के लिए आवेदन किया है। इसके अलावा इस दौड़ में MRPL के डायरेक्टर (फाइनेंस) देवेंद्र कुमार और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) के मार्केटिंग डायरेक्टर एस.पी. श्रीवास्तव भी शामिल हैं।

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सर्च-कम-सिलेक्शन कमेटी करेगी कैंडिडेट का चुनाव

ONGC की ओर से दिए गए विज्ञापन के अनुसार, सीएमडी पद के लिए उम्मीदवारों की उम्र पद खाली होने की तारीख यानि 7 दिसंबर, 2026 को 59 साल या उससे ज्यादा नहीं होनी चाहिए। चुने गए उम्मीदवार को शुरू में 3 साल के लिए नियुक्त किया जाएगा और परफॉर्मेंस रिव्यू के बाद उनके कार्यकाल को 2 साल और बढ़ाया जा सकता है। 60 साल की उम्र के बाद कोई भी नौकरी या कार्यकाल का विस्तार कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर होगा। कैंडिडेट का सिलेक्शन सामान्य PESB सिलेक्शन प्रोसेस के बजाय पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से गठित एक सर्च-कम-सिलेक्शन कमेटी द्वारा किया जाएगा।

Ethanol Petrol Row: ‘…तो दिल्ली में पेट्रोल की कीमत ₹125 प्रति लीटर होती’; एथेनॉल विवाद पर सरकार का बड़ा दावा

Ethanol Blending E20 Petrol Row: पेट्रोलियम मंत्रालय ने एथेनॉल प्रोग्राम का बचाव करते हुए दावा किया है जब ग्लोबल क्रूड ऑयल की कीमतें $135 प्रति बैरल तक पहुंच गई थीं, तब अगर तेल कंपनियों ने फ्यूल में एथेनॉल नहीं मिलाया होता, तो दिल्ली में पेट्रोल की कीमत लगभग ₹125 प्रति लीटर होती। मंत्रालय ने कहा कि लेकिन इसके बजाय ग्राहकों को ₹94.77 प्रति लीटर चुकाना पड़ा। दरअसल एथेनॉल पहले से तय कीमतों पर घरेलू स्तर पर खरीदा गया था। इसने क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल के असर से रिटेल कीमतों को बचाए रखने में मदद की, जिससे संकट के चरम पर लगभग ₹30 प्रति लीटर की बचत हुई।

सरकार ने 28 फरवरी को वेस्ट एशिया में संघर्ष शुरू होने के बाद लगभग 75 दिनों तक पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर रखीं। फिर मई में उन्हें 7.5 रुपये प्रति लीटर बढ़ा दिया। दिल्ली में स्टैंडर्ड E20 पेट्रोल (91-ऑक्टेन) की कीमत अब ₹102.12 प्रति लीटर है। जबकि 100-ऑक्टेन पेट्रोल की कीमत ₹169 है। मंत्रालय ने उन आरोपों को भी खारिज कर दिया कि गरीबों के लिए अनाज का इस्तेमाल एथेनॉल बनाने के लिए किया जा रहा था, या इस प्रोग्राम को सपोर्ट करने के लिए सब्सिडी वाले FCI चावल का इस्तेमाल किया जा रहा था।

एफिशिएंसी में 2-6% की कमी!

फ्यूल एफिशिएंसी के सवाल पर सड़क परिवहन मंत्रालय ने लोकसभा में ARAI, SIAM और IOC की एक स्टडी का हवाला देते हुए कहा कि E10 फ्यूल के लिए डिजाइन किए गए BS-III, BS-IV और BS-VI वाहनों में E20 पर चलने पर वाहन की कैटेगरी और उम्र के आधार पर एफिशिएंसी में 2-6% की कमी आ सकती है। मंत्रालय ने पहले 20 जुलाई को राज्यसभा को बताया था कि ऐसे वाहनों में यह कमी लगभग 3-5% तक सीमित है।

दोनों मंत्रालयों ने कहा कि इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल प्रोग्राम को एक चरणबद्ध, वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित प्रक्रिया के माध्यम से शुरू किया गया था, जिसमें प्रोडक्शन कैपेसिटी और इंफ्रास्ट्रक्चर के बढ़ने के साथ-साथ ब्लेंडिंग का स्तर धीरे-धीरे बढ़ाया गया। सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने लोकसभा को बताया कि E20 पर स्विच करने का फैसला फ्यूल सिस्टम, इंजन की मजबूती, गाड़ी चलाने में आसानी, मटीरियल की अनुकूलता और उत्सर्जन पर असर की जांच-परख के बाद लिया गया।

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इस प्रक्रिया में वाहन बनाने वाली कंपनियों, तेल मार्केटिंग कंपनियों और चीनी एवं अनाज उद्योगों से भी सलाह-मशविरा किया गया। सरकार ने यह भी कहा कि लैब स्टडीज और असल दुनिया के डेटा से पता चला है कि E20 फ्यूल से गाड़ियों की परफॉर्मेंस पर कोई बुरा असर नहीं पड़ता है। साथ ही, 20 करोड़ से अधिक दो-पहिया वाहन और 3 करोड़ से ज्यादा पेट्रोल कारें इन ब्लेंड्स पर चल चुकी हैं। इनमें एथेनॉल ब्लेंडिंग की वजह से इंजन खराब होने का कोई पक्का सबूत नहीं मिला है।

LPG Cylinder Price Today: एलपीजी गैस को लेकर आया बड़ा अपडेट! घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर की नई कीमत जारी, जानिए पूरी लिस्ट

LPG Cylinder Price Today: घरेलू रसोई गैस (LPG) उपभोक्ताओं के लिए राहत और कमर्शियल उपभोक्ताओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। 26 जुलाई 2026 को 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। जबकि इस महीने की शुरुआत में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में ₹183.50 तक की कटौती की गई थी। इससे होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और कैटरिंग कारोबार से जुड़े लोगों को सीधा फायदा मिल रहा है।

दिल्ली में घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत ₹942 पर स्थिर बनी हुई है। वहीं, 19 किलो का कमर्शियल सिलेंडर अब ₹2,930 में मिल रहा है। ये पिछले महीने 3,113.50 रुपये में मिल रहा था। पिछले 12 महीनों में घरेलू सिलेंडर की कीमत में कुल ₹89 की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जबकि मार्च 2026 में एक बार में ₹60 की सबसे बड़ी बढ़ोतरी हुई थी। दूसरी ओर, कमर्शियल सिलेंडर में मई 2026 में रिकॉर्ड ₹993 की बढ़ोतरी हुई थी। लेकिन जुलाई में इसमें ₹183.50 की राहत दी गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू LPG की कीमतों को स्थिर रखकर आम उपभोक्ताओं को राहत देने की कोशिश की गई है। जबकि कमर्शियल सिलेंडर के दाम घटने से खाद्य एवं आतिथ्य उद्योग की लागत में कमी आएगी। यदि अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में बड़ी उथल-पुथल नहीं होती है, तो अगले कुछ समय तक घरेलू LPG की कीमतों में बड़े बदलाव की संभावना कम मानी जा रही है।

कीमतों में अब कब होगा बदलाव?

भारत में LPG सिलेंडर की कीमतों में आमतौर पर हर महीने की 1 तारीख को बदलाव किया जाता है। सरकारी तेल कंपनियां (IOC, BPCL और HPCL) अंतरराष्ट्रीय LPG कीमतों, कच्चे तेल के भाव, डॉलर-रुपये की कीमत और अन्य लागतों की समीक्षा के बाद नई दरें जारी करती हैं।

हालांकि, हर महीने कीमत बदलना जरूरी नहीं होता। कई बार लगातार कई महीनों तक घरेलू LPG सिलेंडर के दाम स्थिर रहते हैं। जबकि कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में ज्यादा बार बदलाव देखने को मिलता है। हाल ही में 1 जुलाई 2026 को 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत ₹183.50 घटाई गई थी। जबकि 14.2 किलोग्राम घरेलू सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया।

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भारत में एलपीजी सिलेंडरों की कीमतें राज्य और स्थानीय टैक्स (VAT) के कारण अलग-अलग शहरों में भिन्न होती हैं। तेल कंपनियां (OMCs) अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के दामों और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये के मूल्य के आधार पर हर महीने एलपीजी सिलेंडर की दरें संशोधित करती हैं। प्रमुख शहरों में रसोई गैस (14.2 किग्रा घरेलू सिलेंडर) और कमर्शियल गैस (19 किग्रा सिलेंडर) के आज के नवीनतम रेट इस प्रकार हैं:-

देश के प्रमुख शहरों में LPG के ताजा रेट (14.2 किग्रा/19 किग्रा)

घरेलू LPG सिलेंडर (14.2 किलोग्राम)

नई दिल्ली: ₹942.00

मुंबई: ₹941.50

कोलकाता: ₹968.00

चेन्नई: ₹957.50

लखनऊ: ₹979.50

पटना: ₹1,031.50

कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर (19 किलोग्राम)

नई दिल्ली: ₹2,930.00

मुंबई: ₹2,885.50

कोलकाता: ₹3,081.50

चेन्नई: ₹3,106.00

लखनऊ: ₹3,052.50

पटना: ₹3,227.00

Stocks to Watch: 9 जुलाई को फोकस में रहेंगे ये 16 स्टॉक्स, दिख सकती है बड़ी हलचल

Stocks to Watch: गुरुवार, 9 जुलाई के कारोबार में कई शेयर खबरों के दम पर एक्शन में रह सकते हैं। कहीं बड़ी साझेदारी हुई है, तो कहीं तिमाही नतीजे, बिक्री के आंकड़े, नए ऑर्डर और मैनेजमेंट से जुड़े अपडेट आए हैं। वहीं, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का असर भी कुछ सेक्टरों पर देखने को मिल सकता है। ऐसे में इन 16 शेयरों पर निवेशकों की खास नजर रहेगी।

TVS Motor

ऑटो कंपनी TVS Motor Company Ltd ने सरकारी तेल कंपनी Indian Oil Corporation (IOC) के साथ रणनीतिक साझेदारी की है। दोनों कंपनियां देशभर में LPG सिलेंडर की लास्ट-माइल डिलीवरी को मजबूत करेंगी। इसके लिए टिकाऊ कमर्शियल मोबिलिटी सॉल्यूशंस का इस्तेमाल किया जाएगा।

NALCO

सरकारी एल्युमीनियम कंपनी NALCO ने सरकारी कंपनी NLC India Ltd के साथ जॉइंट वेंचर एग्रीमेंट किया है। दोनों मिलकर ओडिशा के अंगुल में 1,080 मेगावाट (4×270 MW) का कैप्टिव थर्मल पावर प्लांट बनाएंगे।

Oil Marketing Companies

सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) के शेयरों पर नजर रहेगी। इसकी वजह अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान पर फिर हमला कर सकता है। इससे पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल की आशंका है।

Mahindra & Mahindra

ऑटो कंपनी Mahindra & Mahindra ने अपने गाड़ियों की कीमतें बढ़ाने का ऐलान किया है। कंपनी 10 जुलाई 2026 से SUV पोर्टफोलियो की कीमतों में औसतन 2.7% और कमर्शियल व्हीकल रेंज में 2% की बढ़ोतरी करेगी।

Tata Consultancy Services

टाटा ग्रुप की आईटी कंपनी Tata Consultancy Services (TCS) 9 जुलाई को वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे जारी करेगी। निवेशकों की नजर कंपनी की कमाई और मैनेजमेंट की गाइडेंस पर रहेगी।

Phoenix Mills

रियल एस्टेट कंपनी Phoenix Mills ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में मजबूत ऑपरेशनल प्रदर्शन दर्ज किया। कंपनी के मौजूदा मॉल पोर्टफोलियो में रिटेल कंजम्प्शन सालाना आधार पर 32% बढ़कर 4,727 करोड़ रुपये पहुंच गया। बेहतर ग्राहक मांग, प्रीमियम स्टोर्स और टेनेंट मिक्स में सुधार से कंपनी की ज्यादातर प्रॉपर्टीज में डबल डिजिट ग्रोथ दर्ज हुई।

SBI

सरकारी बैंक State Bank of India (SBI) ने अपनी FCNR(B) डिपॉजिट स्कीम के जरिए सिर्फ एक महीने में 1.5 अरब डॉलर (करीब 12,500 करोड़ रुपये) जुटा लिए हैं। बैंक NRI ग्राहकों को 5.25% से 6% तक ब्याज दे रहा है। साथ ही जमा राशि के आधार पर 9 गुना तक लोन की सुविधा भी दे रहा है।

Axis Bank

प्राइवेट बैंक Axis Bank के नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन एन. एस. विश्वनाथन की दोबारा नियुक्ति को RBI ने मंजूरी दे दी है। उनका नया कार्यकाल 27 अक्टूबर 2026 से 26 अक्टूबर 2029 तक रहेगा। अब इस प्रस्ताव पर 31 जुलाई की AGM में शेयरधारकों की मंजूरी ली जाएगी।

Canara Bank

सरकारी बैंक Canara Bank के डिजिटल बैंकिंग विंग के चीफ जनरल मैनेजर महेश एम. पाई ने इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने बैंकिंग सेक्टर में बेहतर अवसर मिलने का हवाला दिया है। उनका इस्तीफा सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बाद प्रभावी होगा।

SML Isuzu

कमर्शियल व्हीकल कंपनी SML Isuzu की जून बिक्री सालाना आधार पर 5% बढ़कर 1,896 यूनिट रही। कंपनी का प्रोडक्शन भी बढ़ा है। हालांकि, एक्सपोर्ट 64 यूनिट से घटकर 34 यूनिट रह गया।

Graphite India

ग्रेफाइट उत्पाद बनाने वाली कंपनी Graphite India ने जर्मनी में अपना कारोबार बंद करने का फैसला किया है। कंपनी ने रूस-यूक्रेन युद्ध से बने मुश्किल हालात का हवाला दिया है। जर्मनी का यह कारोबार करीब 105 करोड़ रुपये के सालाना टर्नओवर का है।

S H Kelkar

फ्लेवर और फ्रेगरेंस कंपनी S H Kelkar का पहली तिमाही में कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 13.7% बढ़कर 660 करोड़ रुपये पहुंच गया। हालांकि, कंपनी का नेट डेट बढ़कर 864 करोड़ रुपये हो गया है। कंपनी का कहना है कि यह बढ़ोतरी विस्तार और क्षमता बढ़ाने के लिए किए गए निवेश की वजह से हुई है।

IRB Infrastructure Developers

इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनी IRB Infrastructure Developers Ltd की टोल कलेक्शन में मजबूत बढ़ोतरी दर्ज हुई है। जून 2026 में कंपनी का ग्रॉस टोल कलेक्शन 28% बढ़कर 808 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल इसी महीने यह 631 करोड़ रुपये था।

Aditya Infotech

वीडियो सिक्योरिटी और सर्विलांस प्रोडक्ट्स बनाने वाली कंपनी Aditya Infotech Ltd के खिलाफ मध्यस्थता (Arbitration) की प्रक्रिया शुरू हुई है। Avathon Inc. और SparkCognition India Pvt. Ltd. ने न्यूयॉर्क स्थित International Chamber of Commerce (ICC) में कंपनी के खिलाफ मामला दायर किया है।

Crompton Greaves Consumer Electricals

इलेक्ट्रिकल कंपनी Crompton Greaves Consumer Electricals Ltd को नया ऑर्डर मिला है। MSEDCL ने मौजूदा रेट कॉन्ट्रैक्ट के तहत अतिरिक्त आवंटन किया है। इससे ऑर्डर की कुल वैल्यू बढ़कर 64.99 करोड़ रुपये (GST छोड़कर) हो गई है।

HFCL

टेलीकॉम और नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी HFCL Ltd ने अपने इंटीग्रेटेड ऑप्टिकल कनेक्टिविटी पोर्टफोलियो के लिए नया ब्रांड लॉन्च किया है। कंपनी ने इसका नाम OptiQ AI रखा है। यह अब उसके पूरे ऑप्टिकल कनेक्टिविटी बिजनेस की यूनिफाइड ब्रांड पहचान होगी।

शेयर बाजारों की 9 जुलाई को कैसी रहेगी चाल? Nifty के लिए ये सबसे अहम लेवल होंगे

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Jet Fuel Price Cut: अब हवाई सफर होगा सस्ता, जेट फ्यूल की कीमतें 5 रुपये हुईं कम

Jet Fuel Price Cut: ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के बीच बुधवार (1 जुलाई) को जेट फ्यूल यानी एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में 5 रुपये प्रति लीटर की कटौती की गई है। इंडस्ट्री के सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली में ATF की अब नई कीमत 115 रुपये प्रति लीटर से घटकर ₹110 प्रति लीटर हो गई है। वेस्ट एशिया में संकट के कारण ATF की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद यह पहली कटौती है। बल्क में कीमत 1.15 लाख रुपये प्रति किलोलीटर से घटाकर 1.10 लाख रुपये प्रति किलोलीटर कर दी गई है। इससे घरेलू एयरलाइंस को फ्यूल की लागत में कुछ राहत मिलेगी।

यह कटौती हाल के हफ्तों में वेस्ट एशिया में जियोपॉलिटिकल तनाव कम होने और सप्लाई बेहतर होने की उम्मीदों के कारण इंटरनेशनल ऑयल की कीमतों में नरमी आने के बाद की गई है। इससे एयरलाइंस को राहत मिली है, क्योंकि उनके लिए फ्यूल का खर्च सबसे बड़ा ऑपरेटिंग खर्च होता है। इस बदलाव से घरेलू एयरलाइंस के ऑपरेटिंग खर्च में कमी आने की उम्मीद है। हालांकि, इसका कितना फायदा होगा, यह एयरलाइंस की फ्यूल खरीदने और हेजिंग की रणनीतियों पर निर्भर करेगा।

ATF की कीमतों में हर महीने की पहली तारीख को इंटरनेशनल बेंचमार्क कीमतों के औसत और मौजूदा रुपये-डॉलर एक्सचेंज रेट के आधार पर बदलाव किया जाता है। इससे पहले बुधवार को ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 1 जुलाई से 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में 183.50 रुपये की कटौती की। यह इस साल कमर्शियल LPG की कीमतों में पहली कटौती थी। घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया। यह बदलाव वेस्ट एशिया में जियोपॉलिटिकल तनाव कम होने के बाद ग्लोबल कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बाद किया गया।

पेट्रोल-डीजल भी हुआ सस्ता

देश की सबसे बड़ी प्राइवेट फ्यूल रिटेलर कंपनी नायरा एनर्जी ने पूरे देश में पेट्रोल की कीमतों में ₹5 प्रति लीटर और डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर की कटौती की है। यह कटौती वेस्ट एशिया में तनाव कम होने की वजह से इंटरनेशनल मार्केट में तेल की कीमतों में आई गिरावट के बाद की गई है। दो साल में यह पहली बार है जब किसी कंपनी ने फ्यूल की रिटेल कीमतों में कमी की है।

वेस्ट एशिया में तनाव कुछ कम होने और एक अहम समुद्री रास्ते के फिर से खुलने के बाद क्रूड ऑयल और LNG की सप्लाई बहाल हो गई है। इससे सप्लाई में रुकावट की चिंताएं कम हुई हैं। इसके बाद ग्लोबल मार्केट में क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट आई है।

इंडस्ट्री के सूत्रों ने बताया कि नई कीमतें देश भर में नायरा के 7,000 से ज्यादा पेट्रोल पंपों पर लागू हो गई हैं। अलग-अलग राज्यों में पेट्रोल पंपों पर कीमतें अलग-अलग होती हैं, क्योंकि हर राज्य में वैट (VAT) जैसे लोकल टैक्स अलग-अलग होते हैं।

हालांकि, सरकारी फ्यूल रिटेलर कंपनियों ने अपनी कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। सरकारी कंपनियों -इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) ने कीमतों में किसी बदलाव का ऐलान नहीं किया है।

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Petrol-Diesel Price Cut: आम आदमी को बड़ी राहत! नायरा एनर्जी का पेट्रोल 5 रुपये और डीजल ₹3 प्रति लीटर हुआ सस्ता

Petrol-Diesel Rates: भारत की सबसे बड़ी प्राइवेट फ्यूल रिटेलर कंपनी नायरा एनर्जी (Nayara Energy) ने पेट्रोल की कीमत में 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत में ₹3 प्रति लीटर की कटौती की है। नई दरें बुधवार (1 जुलाई) से कंपनी के देशभर में मौजूद 7,000 से अधिक पेट्रोल पंपों पर लागू हो गई हैं। यह पिछले दो सालों में किसी भी तेल कंपनी द्वारा की गई पहली बड़ी खुदरा ईंधन की कीमतों में कटौती है। कंपनी ने यह फैसला अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट के बाद लिया है।

यह कीमत कटौती वेस्ट एशिया में तनाव कम होने और एक अहम समुद्री रास्ते के फिर से खुलने के बाद ग्लोबल क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट के बाद हुई है। समुद्री रास्ते के खुलने से क्रूड ऑयल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस की सप्लाई फिर से शुरू हो गई। इससे सप्लाई में रुकावट की चिंता कम हो गई है।

इंडस्ट्री के सूत्रों के मुताबिक, देश भर में नायरा के 7,000 से ज़्यादा फ्यूल स्टेशनों पर नई कीमतें लागू हो गई हैं। राज्यों में लोकल टैक्स, जैसे वैल्यू-एडेड टैक्स (VAT) के आधार पर पंप पर असल कीमतें अलग-अलग हो सकती हैं।

क्यों सस्ते हुए पेट्रोल-डीजल?

पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और एक महत्वपूर्ण समुद्री रूट्स के दोबारा खुलने से कच्चे तेल और एलएनजी की आपूर्ति सामान्य हुई है। इससे वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आई। इसका लाभ Nayara Energy ने अपने ग्राहकों को दिया है।

हालांकि, सरकारी तेल कंपनियां Indian Oil (IOC), Bharat Petroleum (BPCL) और Hindustan Petroleum (HPCL) ने फिलहाल पेट्रोल-डीजल के दामों में कोई बदलाव नहीं किया है। दिल्ली में IOC के पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर पर ही मिल रहा है।

मार्च में बढ़ाए थे दाम

ईरान संघर्ष के बाद अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में तेजी आने पर Nayara Energy ने 26 मार्च को पेट्रोल के दाम ₹5 प्रति लीटर और डीजल के दाम ₹3 प्रति लीटर बढ़ाए थे। अब कंपनी ने वही बढ़ोतरी वापस ले ली है।

उपभोक्ताओं को कितना फायदा होगा?

यदि आप 50 लीटर पेट्रोल भरवाते हैं, तो लगभग ₹250 की बचत होगी।

यदि आप 50 लीटर डीजल भरवाते हैं, तो लगभग ₹150 की बचत होगी।

देशभर में आपूर्ति के लिए तैयार

सूत्रों के अनुसार, रिफाइनरी का रखरखाव कार्य पूरा होने के बाद Nayara Energy की गुजरात के वाडिनार स्थित 20 मिलियन टन प्रति वर्ष क्षमता वाली रिफाइनरी पूरी क्षमता से काम कर रही है। यह कंपनी देशभर में ईंधन की मांग पूरी करने के लिए तैयार है। ईरान-अमेरिका संघर्ष के कारण इंटरनेशनल ऑयल की कीमतों में उछाल आने के बाद फ्यूल की कीमतें बढ़ाने वाली पहली रिटेलर्स में नायरा शामिल थी। 26 मार्च को उसने पेट्रोल की कीमतों में ₹5 प्रति लीटर और डीजल की कीमतों में ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी।

बाद में सरकारी फ्यूल रिटेलर्स ने भी कीमतें बढ़ाईं। मई के दूसरे हिस्से में कई बार कीमतों में बदलाव करते हुए उन्होंने पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में कुल ₹7.50 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की। यह बढ़ोतरी इंटरनेशनल क्रूड की ज़्यादा कीमतों और प्रोडक्ट की ज्यादा लागत को दिखाती है। बुधवार को नायरा द्वारा की गई कटौती असल में मार्च में की गई बढ़ोतरी को वापस लेती है।

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यह हाल के हफ़्तों में ग्लोबल ऑयल मार्केट के स्थिर होने के बाद भारतीय ग्राहकों तक कम फ्यूल कीमतें पहुंचने का पहला संकेत है। सूत्रों के मुताबिक, रिफाइनरी में मेंटेनेंस का काम पूरा होने के बाद नयारा मांग को पूरा करने के लिए पूरी तरह तैयार है। देश की खपत की जरूरतों को पूरा करने के लिए अपने पूरे नेटवर्क का इस्तेमाल कर रही है।

क्रूड की कीमतें 2 फीसदी गिरी, क्या पेट्रोल-डीजल की कीमतें घटाएंगी ऑयल मार्केटिंग कंपनियां?

क्रूड की कीमतें 26 जून को करीब 2 फीसदी क्रैश कर गईं। यह क्रूड में बड़ी गिरावट वाला हफ्ता है। अमेरिका-ईरान में डील के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुल गया है। ऑयल टैंकर की आवाजाही शुरू होने से क्रूड की सप्लाई अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ी है। इसका असर कीमतों पर पड़ा है।

ब्रेट क्रूड फ्यूचर्स 1.47 डॉलर यानी 1.47 फीसदी गिरकर 73.79 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। डब्ल्यूटीआई क्रूड भी 1.44 डॉलर यानी 2 फीसदी गिरकर 70.48 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।अमेरिका और ईरान में एग्रीमेंट से ईरान को अपने ऑयल बेचने की इजाजत मिल गई है। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की सप्लाई बढ़ेगी। ईरान क्रूड का सबसे ज्यादा उत्पादन करने वाले देशों में शामिल है।

क्रूड की कीमतों में लगातार गिरावट भारत के लिए अच्छी खबर है। इस साल 28 फरवरी को अमेरिका-ईरान में लड़ाई शुरू होने के बाद क्रूड की कीमतों में उछाल आया था। 30 अप्रैल को क्रूड का भाव 126 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था। हालांकि, बाद में कीमतें इस लेवल से नीचे आ गई थी, लेकिन ज्यादातर समय यह 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी रही। इससे भारत का इंपोर्ट बिल काफी बढ़ गया था।

क्रूड में उछाल के बाद ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने भारत में कई बार पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतें बढ़ाई थीं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अचानक क्रूड में नरमी के बावजूद छइन कंपनियों के अपनी कीमतें घटाने की उम्मीद नहीं है। इसका मतलब है कि आगे ऑयल मार्केटिंग कंपनियों का मुनाफा बढ़ सकता है। हालांकि, भारत में दूसरे देशों के मुकाबले पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतें कम बढ़ी थीं।

भारत अपनी जरूरत का करीब 90 फीसदी क्रूड इंपोर्ट से पूरा करता है। इस वजह से क्रूड की कीमतों में उछाल आने पर सरकार का इंपोर्ट बिल बढ़ जाता है। डॉलर की मांग बढ़ने से रुपये पर दबाव बन जाता है। इस महीने डॉलर के मुकाबले रुपया गिरकर रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया था। अब रुपये में रिकवरी दिख रही है।