जिस काम के लिए देने थे ₹4,000, AI ने 3 घंटे में कर दिया पूरा! अब फ्रेशर्स की नौकरी पर उठे सवाल

जिस काम को पूरा करने के लिए किसी कॉलेज स्टूडेंट को 7 से 10 दिन लग सकते थे, उसे AI ने महज 3 घंटे में कर दिखाया। इतना ही नहीं, इस काम के लिए मिलने वाले 4,000 रुपये भी बच गए। Anthropic के Claude AI से जुड़ा यह अनुभव रेडिट पर चर्चा का विषय बन गया है। एक यूजर की इस कहानी ने सवाल खड़ा कर दिया है कि अगर AI कम समय और कम खर्च में काम करने लगे, तो करियर की शुरुआत करने वाले युवाओं के लिए नौकरियों के अवसर कितने बचेंगे?

स्टूडेंट को देना चाहते थे ₹4,000, AI ने कर दिया काम

रेडिट के r/TwentiesIndia फोरम पर एक यूजर ने बताया कि वह स्टॉक एनालिसिस से जुड़ा एक काम करवाना चाहता था। इसके लिए उसने एक खास तरीका तैयार किया था, जिसके आधार पर Screener पर मौजूद कंपनियों के शेयरों की जांच करनी थी। यूजर के मुताबिक, इस काम में काफी समय लग सकता था। इसलिए उसने किसी कॉलेज स्टूडेंट को यह जिम्मेदारी सौंपने और बदले में 4,000 रुपये देने का विचार किया। यह ऐसा काम था, जिसे कोई शुरुआती स्तर का व्यक्ति भी निर्देशों के आधार पर पूरा कर सकता था।

दोस्त की सलाह पर आजमाया Claude AI

यूजर ने बताया कि उसने पहले भी इस काम को ऑटोमेट करने की कोशिश की थी, लेकिन उसकी प्रक्रिया में मानवीय समझ और निर्णय की जरूरत पड़ती थी। इस वजह से वह अपने आइडिया को सही तरीके से कोड में नहीं बदल पा रहा था। बाद में एक दोस्त की सलाह पर उसने दोबारा कोशिश की। रविवार को उसने Claude AI के साथ करीब तीन घंटे बिताए। इस दौरान उसने निर्देशों और लॉजिक में सुधार किया और सामने आई समस्याओं को ठीक किया। आखिरकार AI उसकी जरूरत के मुताबिक काम पूरा करने में सफल रहा। इस तरह यूजर के 4,000 रुपये बच गए। उसका कहना था कि सामान्य API कीमतों पर भी यह काम कुछ सौ रुपये में हो सकता था।

क्या फ्रेशर्स के काम AI की भेंट चढ़ जाएंगे?

इस अनुभव के बाद यूजर ने सवाल उठाया कि अगर AI छोटे और शुरुआती स्तर के काम आसानी से कर सकता है, तो एंट्री-लेवल नौकरियों का भविष्य क्या होगा? दरअसल, ऐसे काम ही अक्सर फ्रेशर्स को अनुभव हासिल करने और काम सीखने का मौका देते हैं।

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रेडिट पर लोगों ने जताई चिंता

पोस्ट पर कई यूजर्स ने कहा कि AI की मदद लेना उपयोगी है, लेकिन जहां पूरी सटीकता जरूरी हो, वहां उसके नतीजों की जांच करना भी जरूरी है। कुछ लोगों ने चिंता जताई कि कंपनियां जूनियर कर्मचारियों को जो सामान्य काम देकर ट्रेनिंग देती थीं, अब उन्हीं कामों को AI से करवा सकती हैं। हालांकि, एक उदाहरण के आधार पर सभी शुरुआती नौकरियों के खत्म होने का दावा नहीं किया जा सकता। फिर भी यह घटना बताती है कि बदलती तकनीक के दौर में युवाओं के लिए AI को समझना, नई स्किल सीखना और अपनी क्षमताओं को लगातार बेहतर बनाना पहले से ज्यादा जरूरी होता जा रहा है।

डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।

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HCL Tech Q2 results: आईटी कंपनी का मुनाफा 11% उछला, रेवेन्यू गाइडेंस बढ़ाया; ₹12 के डिविडेंड का ऐलान

HCL Tech Q2 results: आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी HCL टेक्नोलॉजीज ने 12 अक्टूबर को सितंबर तिमाही के नतीजे जारी किए। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट तिमाही आधार पर 11% बढ़कर 5,132 करोड़ रुपये हो गया।

इससे पिछली तिमाही यानी अप्रैल-जून में कंपनी ने 4,626 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया था। सालाना आधार पर नेट प्रॉफिट में 21.2% की बढ़ोतरी हुई। प्रॉफिट का आंकड़ा CNBC-TV18 पोल के ₹4,963 करोड़ के अनुमान से ज्यादा है।

कंपनी का ऑपरेशन से रेवेन्यू वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में 3% बढ़कर 35,620 करोड़ रुपये रहा। पहली तिमाही में यह 34,579 करोड़ रुपये था। वहीं, सालाना आधार पर रेवेन्यू में 11.5% की बढ़ोतरी हुई।

ऑपरेटिंग मार्जिन में सुधार

HCL टेक्नोलॉजीज का ऑपरेटिंग मार्जिन दूसरी तिमाही में बढ़कर 18.2% हो गया। इसमें पिछली तिमाही के मुकाबले 131 बेसिस पॉइंट और सालाना आधार पर 71 बेसिस पॉइंट का सुधार हुआ।

नोएडा मुख्यालय वाली इस कंपनी का एडवांस्ड AI से रेवेन्यू 219 मिलियन डॉलर रहा। इसमें तिमाही आधार पर 28.4% और सालाना आधार पर 78% की बढ़ोतरी हुई।

FY27 के लिए रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस बढ़ाया

HCLTech ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान बढ़ाया है। कंपनी ने इसे पहले के 1-4% से बढ़ाकर 2.5-4% कर दिया है। यानी कंपनी ने अनुमान की निचली सीमा बढ़ाई है। हालांकि, पूरे वित्त वर्ष के लिए ऑपरेटिंग मार्जिन का अनुमान 17.5-18.5% पर बरकरार रखा गया है।

दूसरी तिमाही में कंपनी को नए सौदों से 3.24 अरब डॉलर का कारोबार मिला। इसमें मर्सिडीज-बेंज से मिला 1.14 अरब डॉलर का बड़ा AI सौदा भी शामिल है।

CEO ने क्या कहा?

HCLTech के CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर सी विजयकुमार ने कहा कि कंपनी ने दूसरी तिमाही में अच्छा प्रदर्शन किया है। नई बुकिंग सालाना आधार पर 27% बढ़कर 3.3 अरब डॉलर रही। इसके साथ ही पहली छमाही की बुकिंग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई।

उन्होंने बताया कि कंपनी का EBIT मार्जिन पिछली तिमाही के मुकाबले 131 बेसिस पॉइंट बढ़कर 18.2% हो गया। सर्विसेज बिजनेस में तिमाही आधार पर 3% की बढ़ोतरी हुई। इस दौरान अलग-अलग सेक्टर और भौगोलिक क्षेत्रों में कारोबार बढ़ा। कंपनी का कुल रेवेन्यू तिमाही आधार पर 2.3% बढ़ा।

विजयकुमार के मुताबिक, कॉन्स्टेंट करेंसी के आधार पर एडवांस्ड AI से रेवेन्यू तिमाही आधार पर 28.4% और सालाना आधार पर 78% बढ़ा। उन्होंने कहा कि कंपनी के AI प्रोडक्ट और सेवाओं को ग्राहकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। इससे कंपनी को भविष्य में ग्रोथ की उम्मीद है।

Anthropic के साथ AI पार्टनरशिप

HCLTech ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी Anthropic के साथ ग्लोबल प्रीमियर पार्टनरशिप का भी ऐलान किया है। इसका मकसद दुनिया भर की कंपनियों में एजेंटिक AI को अपनाने की रफ्तार बढ़ाना है। इस साझेदारी में सुरक्षा, साइबर सिक्योरिटी और गवर्नेंस पर खास ध्यान दिया जाएगा।

HCLTech की चेयरपर्सन रोशनी नादर मल्होत्रा ने कहा कि एडवांस्ड AI से रेवेन्यू में तेजी कंपनी की रणनीति को सही साबित करती है। उनके मुताबिक, रणनीतिक साझेदारियों और AI टेक्नोलॉजी में निवेश के दम पर कंपनी दुनिया भर की कंपनियों और सरकारों के लिए भरोसेमंद टेक्नोलॉजी पार्टनर बनने की स्थिति में है।

कर्मचारियों की संख्या बढ़ी

30 सितंबर 2026 तक HCLTech में कुल 2,30,339 कर्मचारी थे। सितंबर तिमाही के दौरान कंपनी ने 6,450 नए कर्मचारियों को जोड़ा। इनमें 6,136 फ्रेशर्स शामिल थे। वहीं, पिछले 12 महीनों के दौरान कर्मचारियों के कंपनी छोड़ने की दर (एट्रिशन रेट) 12.8% रही। इससे पिछली तिमाही में यह दर 12.7% थी।

हर शेयर पर 12 रुपये का अंतरिम डिविडेंड

HCLTech ने 2 रुपये फेस वैल्यू वाले हर इक्विटी शेयर पर 12 रुपये का अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है।

12 अक्टूबर को HCL टेक्नोलॉजीज के शेयर 0.5% की बढ़त के साथ 1,223 रुपये पर बंद हुए। कंपनी ने बाजार बंद होने के बाद तिमाही नतीजों का ऐलान किया।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: 9 अक्टूबर को TCS, Wipro, Infosys, JSW Steel, NCC समेत इन शेयरों पर रहेगी नजर, दिख सकती है बड़ी उठापटक

शुक्रवार, 9 अक्टूबर को कई शेयर फोकस में रहने वाले हैं। लिस्ट में TCS, JSW स्टील, P N गाडगिल ज्वेलर्स, NCC, पेस डिजिटेक, ITC जैसे कई नाम शामिल हैं। इन शेयरों में बड़ी उठापटक दिख सकती है। वजह हैं- तिमाही नतीजे, तिमाही बिजनेस अपडेट, कारोबार से जुड़े डेवलपमेंट्स, नई डील या कॉन्ट्रैक्ट, आदि। इसके अलावा शुक्रवार को SME सेगमेंट में 3 कंपनियों की लिस्टिंग होने वाली है। साथ ही कुछ शेयर एक्स-डिविडेंड और एक्स-बोनस ट्रेड करने वाले हैं। आइए डिटेल में जानते हैं किन प्रमुख शेयरों पर रहेगी नजर…

आज इन कंपनियों के नतीजे

पूनावाला फिनकॉर्प, केनरा HSBC लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, केनरा रोबेको एसेट मैनेजमेंट कंपनी, आनंद राठी वेल्थ, कैन फिन होम्स, वॉटरवेज लीजर टूरिज्म, हैथवे भवानी केबलटेल एंड डेटाकॉम

10 अक्टूबर को इन कंपनियों के आएंगे नतीजे

एवेन्यू सुपरमार्ट्स, LCC इन्फोटेक, प्रीमियर पॉलीफिल्म

शुक्रवार को इन शेयरों पर रहेगी नजर

IT कंपनियों के शेयर: अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने माइक्रोसॉफ्ट, TCS, HCL Technologies और इंफोसिस समेत कई टेक कंपनियों के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है। अमेरिका ने इन कंपनियों को ग्रीन कार्ड प्रोग्राम से सस्पेंड कर दिया है। प्रशासन का आरोप है कि इन कंपनियों ने H-1B वर्कर वीजा सिस्टम का बड़े पैमाने पर गलत इस्तेमाल किया।

TCS: जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही (Q2) में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 15% बढ़कर 13,884 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 11.2% बढ़कर 73,188 करोड़ रुपये रहा। EBIT 6% बढ़कर 17,553 करोड़ रुपये और EBIT मार्जिन घटकर 23.98% रहा। कंपनी ने प्रति शेयर 12 रुपये के दूसरे अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया है।

P N Gadgil Jewellers: Q2 में रेवेन्यू सालाना आधार पर 22.4% बढ़ा। रिटेल सेगमेंट में 31.1% की बढ़ोतरी हुई, जिसमें सेम-स्टोर सेल्स में 25.5% की अच्छी बढ़ोतरी शामिल है। फ्रैंचाइजी बिजनेस में 34.7% की बढ़ोतरी दर्ज की गई, वहीं ई-कॉमर्स सेगमेंट में 83.6% की गिरावट आई।

JSW Steel: Q2 में कंसोलिडेटेड क्रूड स्टील प्रोडक्शन सालाना आधार पर 5% बढ़कर 7.27 मिलियन टन हो गया। भारत में क्रूड स्टील प्रोडक्शन 5% बढ़कर 7.07 मिलियन टन रहा।

IRB Infrastructure Developers: सितंबर महीने में टोल से होने वाली कमाई सालाना आधार पर 24.1% बढ़कर ₹772.5 करोड़ हो गई।

SML Mahindra: सितंबर महीने में कमर्शियल वाहनों का प्रोडक्शन सालाना आधार पर 19.83% बढ़कर 1,257 यूनिट रहा। कमर्शियल वाहनों की बिक्री 31.90% बढ़कर 1,071 यूनिट पर पहुंच गई। कमर्शियल वाहनों का एक्सपोर्ट 61.59% घटकर 53 यूनिट रह गया।

Waaree Renewable Technologies: कंपनी को एक पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग (PSU) से 5 MWp ग्रिड-कनेक्टेड सोलर फोटोवोल्टिक (PV) प्रोजेक्ट के लिए टर्नकी इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) काम का लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस (LoA) मिला है। इसमें 10 साल के लिए ऑपरेशन और मेंटेनेंस सर्विस भी शामिल है।

NCC: कंपनी को हैदराबाद ग्रोथ कॉरिडोर से ₹1,286.03 करोड़ के कॉन्ट्रैक्ट के लिए लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस (LoA) मिला है। यह कॉन्ट्रैक्ट तेलंगाना में NH-167N पर बडवेल के पास आउटर रिंग रोड (ORR) से नचाराम तक रेडियल रोड-2 के निर्माण के लिए है (पैकेज 1: बडवेल से शबाद)।

Hexaware Technologies: कंपनी ने एंथ्रोपिक (Anthropic) के साथ कई सालों की पार्टनरशिप की घोषणा की है और एंथ्रोपिक के ‘Claude पार्टनर नेटवर्क’ में एक पसंदीदा पार्टनर बन गई है। इस पार्टनरशिप के तहत Claude को हेक्सावेयर के दो प्लेटफॉर्म्स में शामिल किया जाएगा: AI-नेटिव इंजीनियरिंग प्लेटफॉर्म- Zerovity और एजेंट-बिल्डिंग और गवर्नेंस प्लेटफॉर्म- AgentVerse।

KEC International: कंपनी को अपने ट्रांसमिशन व डिस्ट्रीब्यूशन, रिन्यूएबल्स, और केबल्स व कंडक्टर्स बिजनेस में ₹1,030 करोड़ के ऑर्डर मिले हैं। इन ऑर्डर्स के साथ, इस साल अब तक मिले ऑर्डर्स की कुल वैल्यू ₹8,600 करोड़ से ज्यादा हो गई है।

Pace Digitek: कंपनी को BSES राजधानी पावर (BSES) से दिल्ली में 57.5 MW/115 MWh स्टैंडअलोन बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) के डेवलपमेंट के लिए लेटर ऑफ इंटेंट (LoI) मिला है। यह प्रोजेक्ट 12 साल के ‘बिल्ड, ओन, ऑपरेट एंड ट्रांसफर’ (BOOT) मॉडल के तहत डेवलप किया जाएगा, जिसमें लगभग ₹179.4 करोड़ का खर्च आएगा।

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बल्क और ब्लॉक डील्स

One Mobikwik Systems: बैंक ऑफ इंडिया स्मॉल कैप फंड ने 10.78 करोड़ रुपये में 4.48 लाख इक्विटी शेयर खरीदे हैं।

Eimco Elecon: एनिग्मा स्मॉल अपॉर्चुनिटीज फंड ने 10.47 करोड़ रुपये में 47,141 शेयर खरीदे हैं।

ITC: GQG पार्टनर्स इमर्जिंग मार्केट्स इक्विटी फंड ने 36.5 करोड़ इक्विटी शेयर 9,395.44 करोड़ रुपये में बेचे हैं। इसके अलावा, एलायंस विटन PLC ने कंपनी में 16.11 लाख शेयर 41.46 करोड़ रुपये में बेचे हैं। खबरों के मुताबिक, GQG पार्टनर्स और एलायंस विटन ने कुल 2.92 प्रतिशत हिस्सेदारी 14 ग्लोबल और घरेलू इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स को बेची।

AAA Technologies: संस्थागत निवेशक नॉटिलस प्राइवेट कैपिटल ने 4.19 करोड़ रुपये में 4.05 लाख शेयर बेचे हैं।

SME लिस्टिंग

पैरामाउंट सिंटेक्स

एक्मे इंडिया इंडस्ट्रीज

TNA सॉल्यूशंस

ये शेयर करेंगे एक्स-डिविडेंड ट्रेड

एक्सेलिया सॉल्यूशंस इंडिया

स्काईवेज एयर सर्विसेज

कैस्पियन कॉर्पोरेट सर्विसेज

अमेरिका ने माइक्रोसॉफ्ट, TCS, विप्रो, इंफोसिस को ग्रीन कार्ड प्रोग्राम से सस्पेंड किया, H-1B के दुरुपयोग का आरोप

बोनस के लिए ये स्टॉक्स करेंगे एक्स-ट्रेड

मोल्ड-टेक टेक्नोलॉजीज

मोल्ड-टेक पैकेजिंग

बाय-बैक के लिए ये शेयर करेंगे एक्स-ट्रेड

ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Jensen Huang: ट्रंप ने लाइव पैनल में Nvidia CEO को लगाया फोन, बोले- ‘अगले 25 साल का तेल हैं डेटा सेंटर’

Jensen Huang News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार (14 सितंबर) को उस वक्त सबको चौंका दिया, जब उन्होंने एक लाइव पैनल चर्चा के दौरान अमेरिका की दिग्गज सेमीकंडक्टर कंपनी Nvidia के CEO जेन्सेन हुआंग को फोन कर दिया। लॉस एंजिल्स में आयोजित All-In समिट में हुआ यह फोन कॉल चर्चा का प्रमुख आकर्षण बन गया। बातचीत के दौरान ट्रंप ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर बढ़ती चिंताओं को खारिज करते हुए इसे एक तरह का ‘होक्स’ यानी झूठा डर बताया।

पैनल चर्चा के दौरान हुआ यह फोन कॉल ऐसे समय में आया है, जब AI के तेजी से विकास और इससे जुड़े संभावित खतरों को लेकर टेक इंडस्ट्री में बहस तेज है। कुछ एक्सपर्ट और AI कंपनियों के कर्मचारी विकास की रफ्तार धीमी करने की मांग कर रहे हैं।

AI की रफ्तार धीमी करने की मांग पर ट्रंप ने उठाए सवाल

फोन पर ट्रंप ने AI के विकास की रफ्तार कम करने की कोशिशों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि AI को धीमा करने की कोशिश के पीछे राजनीतिक हित हो सकते हैं या फिर यह चीन के हित में जा सकता है। ट्रंप ने इस बहस को लेकर कहा कि AI के विकास को रोकने की कोशिश उन लोगों के हाथ मजबूत कर रही है, जो इसे आगे बढ़ते हुए नहीं देखना चाहते। Nvidia CEO ने भी ट्रंप की बात से सहमति जताई। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने इस जटिल मुद्दे को सही तरीके से समझा है।

AI सुरक्षा को लेकर चिंता जताने वाले रिसर्चर की भी तारीफ

दिलचस्प बात यह रही कि AI के खतरों को लेकर चिंता जताने वाले लोगों की आलोचना के बावजूद Huang ने Anthropic के उस रिसर्चर की तारीफ की, जिसने इन चिंताओं के कारण कंपनी से इस्तीफा दिया। Anthropic के रिसर्चर जेकब कॉक्सन ने AI के संभावित खतरों को लेकर चिंता जताते हुए कंपनी छोड़ दी थी। Huang ने उन्हें अपनी चिंताओं को सामने रखने के लिए साहसी बताया। उन्होंने कहा कि कंपनियों के भीतर व्हिसलब्लोअर्स यानी गंभीर मुद्दों की जानकारी सामने लाने वाले कर्मचारियों की बात को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

हालांकि Huang ने यह भी कहा कि मौजूदा बहस ने AI को लेकर एक गलत विकल्प खड़ा कर दिया है। जैसे या तो तेजी से AI का विकास किया जाए या फिर AI की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। उनके मुताबिक दोनों के बीच संतुलन बनाया जा सकता है।

AI को लेकर टेक इंडस्ट्री में बढ़ी बहस

AI के मानवता के लिए संभावित खतरे को लेकर हाल के दिनों में चर्चा काफी तेज हुई है। जेकब कॉक्सन के इस्तीफे के बाद यह बहस और बढ़ गई। Coxon ने आरोप लगाया था कि Anthropic और OpenAI AI को लेकर ऐसे प्रयोग कर रहे हैं, जिनके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

इसके बाद Anthropic के CEO डारियो अमोदेई ने शनिवार को करीब 3,800 शब्दों का एक लेख प्रकाशित किया, जिसमें AI के विकास की गति को नियंत्रित करने का प्रस्ताव रखा गया। इस विचार का समर्थन OpenAI CEO सैम ऑल्टमैन और SpaceX CEO एलॉन मस्क ने भी किया।

AI खर्च धीमा होने की आशंका से टेक शेयरों में गिरावट

AI को लेकर बढ़ती चिंताओं का असर अमेरिकी शेयर बाजार पर भी देखने को मिला। सोमवार को टेक कंपनियों के शेयरों में गिरावट आई, क्योंकि निवेशकों को आशंका है कि AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर होने वाला खर्च भविष्य में धीमा पड़ सकता है। दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनियों में शामिल Nvidia के शेयरों में सोमवार को 3.4 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Nvidia के चिप्स का इस्तेमाल AI मॉडल को चलाने के लिए बड़े पैमाने पर किया जाता है। AI इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार से कंपनी को जबरदस्त फायदा मिला है।

डेटा सेंटर निर्माण के बड़े समर्थक हैं ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार अमेरिका में नए डेटा सेंटर बनाने की वकालत करते रहे हैं। हालांकि कई अमेरिकी राज्यों में डेटा सेंटर परियोजनाओं को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध और परमिट से जुड़ी समस्याएं सामने आ रही हैं। ट्रंप ने उन अमेरिकी राज्यों की आलोचना की, जो नए डेटा सेंटर बनाने के लिए परमिट देने से इनकार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि डेटा सेंटर लोगों और राज्यों के लिए बड़ी संपत्ति और कमाई का जरिया बन सकते हैं।

‘अगले 20-25 साल का तेल हैं डेटा सेंटर’

ट्रंप ने डेटा सेंटर की अहमियत बताते हुए कहा कि ये आने वाले दशकों में अमेरिका की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण होंगे। उन्होंने डेटा सेंटर को अगले 20 से 25 वर्षों का तेल करारा देते हुए कहा कि इसका महत्व इंटरनेट से भी बड़ा हो सकता है। AI के बढ़ते इस्तेमाल के साथ डेटा सेंटर की मांग तेजी से बढ़ रही है। AI मॉडल को चलाने के लिए बड़ी मात्रा में कंप्यूटिंग पावर की जरूरत होती है, जिसके लिए बड़े और अत्याधुनिक डेटा सेंटर जरूरी हैं।

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Stocks to Watch: 15 सितंबर को फोकस में रहेंगे ये 10 शेयर, टाटा ग्रुप और आईटी स्टॉक्स पर भी रहेगी नजर

Stocks to Watch: भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार, 15 सितंबर को कई शेयर खबरों के चलते फोकस में रहेंगे। HDFC Bank में MD और CEO की नियुक्ति को लेकर हलचल है। वहीं Tata Group, IT, फार्मा और ब्रोकिंग स्टॉक्स से जुड़े अहम अपडेट भी हैं। इन खबरों का असर मंगलवार को शेयरों की चाल पर दिख सकता है।

HDFC Bank

प्राइवेट सेक्टर बैंक HDFC Bank ने अगले MD और CEO की नियुक्ति को लेकर दो नाम शॉर्टलिस्ट किए हैं। इनमें एक इंटरनल और एक एक्सटर्नल उम्मीदवार है। बैंक के डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर Kaizad M Bharucha इंटरनल उम्मीदवारों में शामिल हैं, जबकि दूसरा नाम एक अन्य प्राइवेट बैंक के टॉप एग्जीक्यूटिव का है। HDFC Bank का ADR शुक्रवार को वॉल स्ट्रीट पर 6.5% चढ़ा।

Info Edge

इंटरनेट सर्विसेज कंपनी Info Edge ने लीडरशिप में बदलाव किया है। Adobe Systems India के पूर्व MD नरेश चंद गुप्ता को स्वतंत्र निदेशक नियुक्त किया गया है। हिमांशु अग्रवाल नए CFO होंगे। गुप्ता 1 अक्टूबर से पांच साल के लिए बोर्ड में शामिल होंगे, जिसके लिए शेयरधारकों की मंजूरी जरूरी है।

Aurobindo Pharma

फार्मा कंपनी Aurobindo Pharma ने बताया कि आंध्र प्रदेश स्थित उसके API मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का US FDA इंस्पेक्शन पूरा हो गया है। इसमें कोई ऑब्जर्वेशन नहीं मिला। यह इंस्पेक्शन 7 से 11 सितंबर 2026 के बीच हुआ था।

Indiabulls

एनबीएफसी कंपनी Indiabulls ने Fintech Cloud Private Limited में 70% हिस्सेदारी खरीदने के लिए ₹1,050 करोड़ की डील की है। इस सौदे से कंपनी फिनटेक टेक्नोलॉजी स्पेस में एंट्री करेगी।

Raymond

टेक्सटाइल और इंजीनियरिंग कंपनी Raymond ने बताया कि उसकी एयरोस्पेस सब्सिडियरी को एक डिफेंस कंपनी से नया कारोबार मिला है। इसकी सालाना संभावित वैल्यू करीब ₹33 करोड़ है। ऑर्डर में 300 से ज्यादा पार्ट नंबर और हर साल 37,000 से ज्यादा कंपोनेंट शामिल हैं।

HDFC Life Insurance

बीमा कंपनी HDFC Life Insurance पर जुलाई 2017 से मार्च 2022 की अवधि के लिए ₹942.18 करोड़ का GST डिमांड कन्फर्म हुआ है। इसके अलावा ₹2,422.97 करोड़ की पेनल्टी भी लगाई गई है। इस पर लागू ब्याज भी देना होगा।

Granules India

फार्मा कंपनी Granules India के प्रमोटर डॉ. कृष्ण प्रसाद चिगुरुपति ने 11 सितंबर को 1.72 करोड़ शेयर बेचे। यह बिक्री ब्लॉक और ओपन मार्केट ट्रांजैक्शन के जरिए हुई। इससे मिले फंड का इस्तेमाल प्रेफरेंशियल इश्यू की दूसरी किस्त और ग्रोथ प्लान के लिए किया जाएगा।

Jubilant Pharmova

फार्मा कंपनी Jubilant Pharmova ने बताया कि US FDA ने वॉशिंगटन के Spokane स्थित उसके CMO फैसिलिटी को “Voluntary Action Indicated” यानी VAI कैटेगरी में रखा है। यह फैसला 8 से 17 जून 2026 के बीच हुए इंस्पेक्शन के बाद आया है।

Sun Pharma

फार्मा कंपनी Sun Pharma ने बताया कि उसकी सब्सिडियरीज ने अमेरिका में जेनेरिक दवा कीमतों से जुड़े एंटीट्रस्ट मामले में वादी के साथ समझौता किया है। इसमें Sun Pharmaceutical Industries Inc., Taro Pharmaceutical Industries और Taro Pharmaceuticals USA शामिल हैं। समझौते की रकम सार्वजनिक नहीं की गई है।

Coforge

आईटी सर्विसेज कंपनी Coforge में बोर्ड स्तर पर बदलाव हुआ है। डीके सिंह ने तत्काल प्रभाव से इंडिपेंडेंट डायरेक्टर और Nomination and Remuneration Committee के चेयरपर्सन पद से इस्तीफा दिया है। Beth Boucher को NRC का नया चेयरपर्सन बनाया गया है।

Tata Group Stocks

केमिकल कंपनी Tata Chemicals समेत अन्य Tata Group Stocks पर फोकस रहेगा। सूत्रों के मुताबिक RBI ने Tata Sons की एप्लीकेशन खारिज कर दी है। इसका मतलब है कि Tata Sons को RBI के नियमों के मुताबिक लिस्टिंग करनी होगी।

IT Stocks

आईटी सेक्टर की कंपनियां मंगलवार को फोकस में रहेंगी। OpenAI, Anthropic और चीन के सिक्योरिटी चीफ ने AI डेवलपमेंट की रफ्तार धीमी करने की बात कही है। इस घटनाक्रम के बाद ग्लोबल मार्केट में ज्यादातर AI से जुड़े शेयरों में कमजोरी देखी गई।

Broking Stocks

स्टॉक एक्सचेंज BSE और ब्रोकिंग कंपनियां Angel One समेत अन्य ब्रोकिंग स्टॉक्स मंगलवार को फोकस में रह सकते हैं। SEBI के CAS से जुड़े कंसल्टेशन पेपर में पांच सुझाव दिए गए हैं। इनमें VWAP सिस्टम, CAS स्टॉक्स की नॉर्मल कैश ट्रेडिंग, लाइव इंडिकेटिव इंडेक्स वैल्यू पर रोक और स्पूफिंग पर सख्ती जैसे प्रस्ताव शामिल हैं। Jefferies के मुताबिक इन प्रस्तावों से अनिश्चितता कम होगी और ब्रोकर्स व एक्सचेंजों के लिए यह सकारात्मक है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

AI की सुस्त रफ्तार पर तेज गिरावट, 13% टूट गया SoftBank का शेयर, ये है कनेक्शन

सॉफ्टबैंक ग्रुप के शेयरों में बिकवाली की ऐसी आंधी आई कि यह करीब तीन महीने में सबसे तेज स्पीड से नीचे फिसल गया। यह दबाव ऐसे समय में आया है, जब एंथ्रॉपिक पीबीसी (Anthropic PBC) और चैटजीपीटी (ChatGPT बनाने वाली कंपनी ओपनएआई (OpenAI) ने डेवलपर्स से सुरक्षा कारणों से एआई डेवलपमेंट की स्पीड सुस्त करने को कहा है। इसके चलते जापान के टेक इंवेस्टर सॉफ्टबैंक (SoftBank) को लेकर मार्केट की चिंता बढ़ गई और धड़ाधड़ इसके शेयरों की बिक्री बढ़ गई। जापान के मार्केट में इसके शेयर आज सोमवार 14 सितंबर को 13% से अधिक टूट गए जोकि जून के आखिरी दिनों के बाद से इसके लिए सबसे बड़ी गिरावट है।

SoftBank को क्यों लगा झटका

एआई की रफ्तार सुस्त करने की अपील ने सॉफ्टबैंक के शेयरों को तगड़ा झटका दिया है। इसकी वजह ये है कि एआई इंडस्ट्री में निवेश के लिए सॉफ्टबैंक लगातार ताबड़तोड़ कर्ज ले रहा है और यह ओपनएआई के सबसे बड़े निवेशकों में शुमार है। इसमें सॉफ्टबैंक का कुल निवेश अक्टूबर तक करीब $6.5 हजार करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद है। हालांकि सॉफ्टबैंक के फाउंडर मासायोशी सोन (Masayoshi Son) के एआई की संभावनाओं पर अत्यधिक भरोसे को लेकर अब निवेशक चिंता जता रहे हैं। मासायोशी ने अरबों डॉलर के कई प्रोजेक्ट्स शुरू किए हैं, लेकिन रेवेन्यू कितना मिलेगा, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। उन्होंने ‘एआई बबल’ की आशंकाओं को खारिज कर दिया है लेकिन इस आक्रामक रणनीति के चलते सॉफ्टबैंक भारी-भरकम वोलैटिलिटी के रिस्क में आ गई है।

क्या है सॉफ्टबैंक की योजना?

सॉफ्टबैंक की योजना ¥1 ट्रिलियन ($6.5 बिलियन) यानी ₹62 हजार करोड़ से अधिक के रिटेल बॉन्ड जारी करने की है। इसके अलावा ओपनएआई के शेयरों से जुड़े करीब $1000 करोड़ के लोन हासिल करने की है। यह एबीबी रोबोटिक्स और डिजिटलब्रिज जैसी कंपनियों के अधिग्रहण के लिए फंड जुटा रही है। सॉफ्टबैंक की योजना दुनिया भर में डेटा सेंटर बनाने की भी है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Asian Market Today: ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीद और AI को लेकर चिंताओं से एशिया बाजार गिरे, तेल की कीमतों में उछाल

Asian Market Today: तेल की कीमतों में नई तेजी, सख़्त मॉनेटरी पॉलिसी की बढ़ती उम्मीदों और AI कंपनियों के ऊंचे वैल्यूएशन को लेकर नई चिंताओं ने निवेशकों के मूड पर असर डाला जिसके चलते सोमवार को एशियाई शेयर बाजार में दबाव देखने को मिला।

सेमीकंडक्टर और AI से जुड़े शेयरों में सबसे ज़्यादा गिरावट देखी गई। दक्षिण कोरिया की SK Hynix में 5% से ज़्यादा और जापान की Kioxia में 9% से ज़्यादा की गिरावट आई। Samsung Electronics में लगभग 4% और Advantest में 4.7% की गिरावट आई, जो AI इन्वेस्टमेंट साइकल से जुड़ी कंपनियों के प्रति सावधानी को दर्शाता है।

चिप शेयरों में यह बिकवाली तब हुई जब AI क्षेत्र के बड़े अधिकारियों ने ज़्यादा शक्तिशाली सिस्टम से जुड़े जोखिमों को देखते हुए मॉडल डेवलपमेंट की रफ़्तार को धीमा करने की बात कही। Anthropic के CEO डारियो अमोदेई ने इंडस्ट्री से डेवलपमेंट धीमा करने और मज़बूत सुरक्षा उपाय अपनाने को कहा, जबकि OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन और xAI के CEO एलन मस्क ने भी इस पहल का समर्थन किया।

निवेशक अब यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या AI से जुड़े बिज़नेस से होने वाली कमाई, ज़्यादा एडवांस्ड मॉडल बनाने और चलाने के लिए ज़रूरी भारी-भरकम इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च को सही ठहरा पाएगी। इससे ज़्यादा वैल्यूएशन वाले टेक्नोलॉजी शेयर, खर्च, रिटर्न या AI को अपनाने की रफ़्तार को लेकर चिंताएं बढ़ने पर तेज़ी से उतार-चढ़ाव के प्रति संवेदनशील हो गए हैं।

साथ ही, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने भी एशियाई बाज़ारों पर दबाव बढ़ाया। सोमवार को ब्रेंट क्रूड में 2% से ज़्यादा की बढ़त हुई और यह $107 प्रति बैरल के आसपास रहा, जबकि पिछले हफ़्ते इसमें लगभग 9% की बढ़त हुई थी।

सऊदी एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर और खाड़ी में शिपिंग पर नए हमलों ने ग्लोबल तेल सप्लाई में रुकावट की चिंताओं को बढ़ा दिया है, जबकि होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने पर ओमान में होने वाली बैठक टाल दी गई।

लंबे समय तक तेल की कीमतें ऊंची रहने की संभावना से महंगाई और ब्याज दरों को लेकर भी चिंताएं बढ़ रही हैं। उम्मीद से ज़्यादा अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों के बाद, बाज़ार अब बुधवार को फेडरल रिज़र्व द्वारा ब्याज दरों में 25-बेसिस-पॉइंट की बढ़ोतरी की ज़्यादा संभावना मानकर चल रहे हैं।

निवेशक इस हफ़्ते के आखिर में बैंक ऑफ़ जापान द्वारा ब्याज दरों में क्वार्टर-पॉइंट (0.25%) की बढ़ोतरी की भी ज़्यादा संभावना देख रहे हैं।

जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 1.7% गिरा, जबकि दक्षिण कोरिया का बेंचमार्क इंडेक्स 3.3% नीचे आया। जापान को छोड़कर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे बड़ा इंडेक्स 0.8% गिरा। US इक्विटी फ्यूचर्स भी बाज़ार के कमज़ोर शुरुआत की ओर इशारा कर रहे हैं, जिसमें Nasdaq 100 फ्यूचर्स में लगभग 1% की गिरावट है।

बॉन्ड यील्ड बढ़ने से इक्विटी वैल्यूएशन पर और दबाव बढ़ रहा है, खासकर टेक्नोलॉजी स्टॉक्स पर, जहां भविष्य की कमाई की उम्मीदें पहले से ही ज़्यादा हैं। 10-साल की US ट्रेजरी यील्ड 5% के करीब बनी हुई है, जबकि पिछले हफ़्ते 2-साल की यील्ड में तेज़ी से बढ़ोतरी हुई।

फिर भी, कुछ निवेशकों का मानना ​​है कि AI डेवलपमेंट और खर्च में कमी आने से आखिरकार इस सेक्टर को फ़ायदा हो सकता है, क्योंकि कंपनियों को पहले से लगाए जा रहे कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर से रिटर्न पाने के लिए ज़्यादा समय मिल जाएगा।

हालांकि, बाज़ार के लिए मुख्य सवाल यह है कि क्या AI इन्वेस्टमेंट की मौजूदा रफ़्तार से इतनी ज़्यादा कमाई हो पाएगी जो ऊँचे वैल्यूएशन को बनाए रख सके।

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‘AI में जीतने वाला ही होगा असली विजेता’, ट्रंप बोले- हम चीन को आगे निकलने नहीं दे सकते

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने AI को लेकर बढ़ती चिंताओं को ज्यादा तवज्जो नहीं दी है। यह बात ऐसे समय आई है, जब AI इंडस्ट्री के बड़े नाम ही इसकी रफ्तार धीमी करने की बात कर रहे हैं।

ट्रंप ने रविवार को आयरिश ओपन के दौरान पत्रकारों से बात की। उन्होंने कहा कि अमेरिका AI में चीन से आगे है। वह दुनिया का सबसे एडवांस्ड देश है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका को यह बढ़त बनाए रखनी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘जो AI में जीतेगा, वही विजेता होगा।’

ट्रंप के मुताबिक AI के लिए सुरक्षा नियम बनाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए गार्डरेल्स लगाए जा सकते हैं। लेकिन कुछ लोग ऐसी चिंताएं उठा रहे हैं, जिन्हें उठाने की जरूरत नहीं है।

AI की रफ्तार धीमी करने की मांग क्यों उठी?

Anthropic के CEO डारियो अमोडेई ने शनिवार को एक लंबा ब्लॉग लिखा। इसमें उन्होंने AI इंडस्ट्री से विकास की रफ्तार धीमी करने की अपील की। अमोडेई ने कहा कि AI के सबसे एडवांस्ड मॉडल तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। ऐसे में सुरक्षा पर ज्यादा ध्यान देना जरूरी है।

उन्होंने इसके लिए इंडस्ट्री और दुनिया के अलग-अलग देशों के बीच तालमेल की जरूरत बताई। अमोडेई ने अपनी कंपनी के लिए नए सुरक्षा कदमों का भी ऐलान किया। इनमें स्वतंत्र थर्ड पार्टी से AI मॉडल की जांच कराना शामिल है।

OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन ने भी इस विचार का समर्थन किया। xAI के प्रमुख एलन मस्क ने भी अमोडेई की बात का समर्थन किया। हालांकि, बड़ा सवाल यह है कि AI कंपनियां वास्तव में अपनी रफ्तार कितनी कम करेंगी। खासकर तब, जब उनके सबसे एडवांस्ड AI मॉडल ही कमाई का बड़ा जरिया बन रहे हैं।

ट्रंप प्रशासन भी सुरक्षा पर कर रहा काम

अमेरिकी नेशनल इकोनॉमिक काउंसिल के डायरेक्टर केविन हैसेट ने भी AI सुरक्षा पर बात की। उन्होंने कहा कि अमोडेई का प्रस्ताव प्राइवेट कंपनियों के लिए एक मॉडल बन सकता है। इसमें स्वतंत्र लोगों को AI मॉडल की जांच का मौका देना शामिल है।

हैसेट ने AI सिक्योरिटी को ऐसी समस्या बताया, जिसका सॉल्यूळशंस निकाला जा सकता है। हालांकि उन्होंने एक बड़ी चिंता भी जताई। उनके मुताबिक AI इतनी तेजी से आगे बढ़ रहा है कि वह मौजूदा साइबर सिक्योरिटी सिस्टम को भी पीछे छोड़ सकता है। दूसरी तरफ, AI कंपनियां भी नए सुरक्षा उपाय तैयार कर रही हैं।

अमेरिका में AI के खिलाफ बढ़ रहा गुस्सा

AI को लेकर अमेरिका में सिर्फ टेक इंडस्ट्री के भीतर ही बहस नहीं हो रही। आम लोगों की चिंताएं भी बढ़ रही हैं। नए AI डेटा सेंटर बड़ी मात्रा में बिजली और दूसरे संसाधनों का इस्तेमाल करते हैं। इससे स्थानीय स्तर पर दबाव बढ़ने की बात कही जा रही है।

लोगों को यह भी डर है कि AI उनकी नौकरियां छीन सकता है। बिजली के बिल बढ़ने की चिंता भी सामने आ रही है। यही वजह है कि नवंबर में होने वाले अमेरिकी मिडटर्म चुनावों में AI एक बड़ा मुद्दा बन गया है।

AI में पैसा लग रहा है, तो कमाई कितनी होगी?

निवेशकों की चिंता सिर्फ AI की सुरक्षा को लेकर नहीं है। बाजार में एक और सवाल चल रहा है। AI और उससे जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर पर कंपनियां अरबों डॉलर खर्च कर रही हैं। लेकिन क्या इस खर्च से उतनी कमाई होगी? यही असली सवाल है।

अगर खर्च बढ़ता गया और रिटर्न उम्मीद के मुताबिक नहीं आया, तो टेक शेयरों पर दबाव बढ़ सकता है। खासकर उन कंपनियों पर, जिनकी वैल्यूएशन पहले ही काफी ज्यादा है। फिलहाल ट्रंप का रुख साफ है। वह AI की रफ्तार कम करने के बजाय अमेरिका की बढ़त बनाए रखने पर जोर दे रहे हैं। उनका कहना है कि सुरक्षा के उपाय किए जा सकते हैं। लेकिन AI की दौड़ में अमेरिका पीछे नहीं रह सकता।

चिप स्टॉक्स क्रैश होंगे? अल्टमैन और मस्क की बात से निवेशकों की चिंता बढ़ी

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AI की रफ्तार थोड़ी धीमी करने की बात ने टेक कंपनियों के निवेशकों को चिंता में डाल दिया है। इसका असर खासकर चिप कंपनियों और AI से जुड़े शेयरों पर दिख सकता है। हालांकि, बाजार के जानकारों को नहीं लगता कि यह दबाव बहुत लंबा चलेगा।

चिप, बिजली और कंप्यूटिंग पावर की मांग अभी भी काफी मजबूत है। कई जगह मांग सप्लाई से ज्यादा है। ऐसे में शेयरों में कमजोरी आती भी है तो वह थोड़े समय की हो सकती है।

AI कंपनियां क्यों मांग रही सावधानी?

ब्लूमबर्ग के मुताबिक, Anthropic के CEO Dario Amodei ने शनिवार को AI डेवलपमेंट की रफ्तार थोड़ी धीमी करने की अपील की। उन्होंने ज्यादा सुरक्षा उपायों की जरूरत बताई। कंपनी स्वतंत्र थर्ड पार्टी से अपने AI मॉडल की जांच भी कराएगी। OpenAI के CEO सैम अल्टमैन ने भी इस प्रस्ताव का समर्थन किया। xAI के एलन मस्क ने भी कहा कि Dario सही कह रहे हैं।

इस खबर के बाद निवेशकों की नजर अब AI कंपनियों के खर्च और कमाई पर है। सवाल है कि अगर नए AI मॉडल धीरे बनेंगे तो चिप कंपनियों की कमाई पर असर पड़ेगा या नहीं।

टेक शेयर पहले से दबाव में

AI पर कंपनियां अरबों डॉलर खर्च कर रही हैं। निवेशकों को अब चिंता है कि क्या इतनी बड़ी रकम से उतनी कमाई होगी। ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के मुताबिक, जून के रिकॉर्ड स्तर से Nasdaq 100 करीब 4% नीचे आ चुका है। अमेरिकी चिप शेयरों का इंडेक्स करीब 14% गिरा है। एशियाई टेक शेयर भी करीब 8% नीचे हैं। यानी AI से जुड़े शेयरों पर दबाव पहले से बना हुआ है।

AI की रफ्तार धीमी हुई तो फायदा भी

कुछ निवेशक इसे बुरी खबर नहीं मान रहे। उनका कहना है कि AI मॉडल धीरे विकसित होंगे तो कंपनियों को पहले से बनाए इंफ्रास्ट्रक्चर से कमाई करने का ज्यादा समय मिलेगा। Global X Management के Billy Leung के मुताबिक, AI की रफ्तार कम होने का मतलब यह नहीं है कि चिप और पावर पर खर्च रुक जाएगा। बल्कि कंपनियां पहले से तैयार इंफ्रास्ट्रक्चर का ज्यादा इस्तेमाल कर सकती हैं।

चिप कंपनियों को क्यों राहत मिल सकती है?

ब्लूमबर्ग के मुताबिक, AI का इस्तेमाल कम नहीं हो रहा है। कंप्यूटिंग पावर की जरूरत भी बनी हुई है। इसके अलावा AI की सुरक्षा के लिए साइबर सिक्योरिटी और मॉनिटरिंग पर खर्च बढ़ सकता है। Saxo Markets की Charu Chanana के मुताबिक, मेमोरी, नेटवर्किंग, कूलिंग और पावर इक्विपमेंट कंपनियों को पहले से चल रहे प्रोजेक्ट से सहारा मिल सकता है।

इसलिए AI डेवलपमेंट की रफ्तार पर बहस जरूर बढ़ी है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि AI इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग खत्म होने वाली है। उल्टा, ज्यादा सुरक्षित और जिम्मेदार AI के लिए नया खर्च भी शुरू हो सकता है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

AI बेकाबू! Dario Amodei, Sam Altman और Elon Musk आए साथ; ग्रोथ की रफ्तार सुस्त करने पर राजी

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की दुनिया तेजी से बढ़ रही है लेकिन इसी इंडस्ट्री की एक दिग्गज कंपनी एंथ्रॉपिक (Anthropic) के सीईओ डेरियो एमोडेई (Dario Amodei) इसकी रफ्तार कम करने की वकालत कर रहे हैं। इस मामले में उन्हें ओपनएआई (OpenAI) के सीईओ सैम आल्टमैन (Sam Altman) और टेस्ला (Tesla) के मालिक एलॉन मस्क (Elon Musk) से सपोर्ट मिला है। डेरियो का कहना है कि एआई डेवलपमेंट की रफ्तार सुस्त करनी होगी ताकि भविष्य में इंसानों का एडवांस्ड एआई सिस्टम्स पर नियंत्रण न खो जाए। एमोडेई ने ये बातें ऐसे समय में कही है जब कई टेक एक्सपर्ट्स एआई के अनियंत्रित विकास और इस्तेमाल को लेकर चिंता जता चुके हैं।

क्या कहना है Anthropic के Dario Amodei का

एमोडेई ने एआई के खतरों को लेकर एक निबंध लिखा है। इसमें उन्होंने लिखा है कि एआई जिंदगी की क्वालिटी में काफी सुधार कर सकता है, लेकिन इसमें बड़े खतरे भी हैं। उनका कहना है कि एआई की रफ्तार सुस्त करनी ही होगी और अगर इसकी ग्रोथ बिना कंट्रोल के जारी रही तो एक ऐसा समय भी आ सकता है कि जब इंसानों की इस पर नियंत्रण की क्षमता पीछे रह जाए।

एमोडेई ने X (पूर्व नाम Twitter) पर लिखा है कि एआई इंडस्ट्री की रफ्तार सुस्त क्यों होनी चाहिए और ऐसा करने के लिए तीन चरण की योजना भी पेश की है, जिसमें से पहले चरण को एंथ्रॉपिक ने एकतरफा तौर पर अपनाने की प्रतिबद्धता जताई है। एमोडेई का कहना है कि एंथ्रॉपिक थर्ड पार्टी एवैल्युएटर्स को अपने सिस्टम तक स्थायी एंप्लॉयी के लेवल का एक्सेस देगी, ताकि वे सेफ्टी की जांच कर सकें, घटनाओं की जानकारी दे सकें और ट्रेनिंग के दौरान एआई मॉडल के अलाइनमेंट का आकलन कर सकें।

किस कारण जता रहे खतरा

एमोडेई का कहना है कि उन्होंने 12 साल से एआई पर इसलिए काम किया क्योंकि उनका मानना है कि यह इंसानों की जिंदगी बेहतर कर सकता है और अगले पांच साल में यह बड़ी अधिकतर बीमारियों का इलाज कर सकता है, आर्थिक विकास तेज कर सकता है तो लोकतंत्र और सशक्तिकरण के नए दौर की शुरुआत कर सकता है। हालांकि अब उन्होंने चेतावनी दी है कि बाकी शक्तिशाली तकनीकों की तरह एआई के साथ भी गंभीर खतरे जुड़े हैं हुए हैं जैसे कि एआई सिस्टम पर नियंत्रण खत्म हो जाए या साइबर हमले और आतंकी हरकतों के लिए इसका गलत इस्तेमाल और आर्थिक अस्थिरता। एमोडेई का मानना है कि कमर्शियल तौर पर कॉम्पटीशन से ये रिस्क बढ़ सकते हैं।

उन्होंने इससे जुड़े खतरे को लेकर ओपनएआई और हगिंग फेस से जुड़े एक घटना का भी जिक्र किया, जिसमें एआई एजेंट्स के एक ग्रुप ने उन टारगेट पर अटैक किया, जिसके लिए निर्देश ही नहीं दिया गया था। एमोडेई का कहना है कि से ऐसे ग्रुप पूरे इंटरनेट पर कब्जा भी कर सकते हैं।

क्या कहना है Tesla के Elon Musk और OpenAI के Sam Altman का

सैम आल्टमैन ने एमोडेई का सपोर्ट करते हुए कहा कि ओपनएआई में भी पिछले कुछ हफ्ते फ्रंटियर एआई के डेवलपमेंट की रफ्तार सुस्त करने पर चर्चा हुई। उन्होंने एमोडेई के थर्ड पार्टी एवैल्युएटर्स को एंप्लॉयी जैसा एक्सेस देने के आइडिया का सपोर्ट किया और कहा कि ओपनएआई में भी ऐसा होगा। एलॉन मस्क ने भी एमोडेई का सपोर्ट करते हुआ कहा कि डेरियो सही हैं।