AI में निवेश घटा तो एशियाई शेयर बाजारों में मच सकता है कोहराम, जानिए भारतीय शेयर बाजार पर पड़ेगा कितना असर

अमेरिका में टेक्नोलॉजी स्टॉक्स में आई बड़ी गिरावट ने कई एशियाई शेयर बाजारों के लिए खतरे की घंटी बजा दी है। अमेरिका में सेमीकंडक्टर्स शेयरों में लगातार 8 सत्रों में बिकवाली देखने को मिली। यह 2008 के बाद बिकवाली का सबसे लंबा सिलसिला था। इसका असर नैस्डेक 100 पर भी पड़ा। अप्रैल 2005 के बाद इसमें सबसे बड़ी गिरावट आई।

आईआई शेयरों की बदौलत अमेरिकी शेयर बाजारों में तेजी

पिछले 1.5-2 सालों में अमेरिका में एआई और सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में जबर्दस्त तेजी आई है। इस सेक्टर को चिप और दूसरे हार्डवेयर सप्लाई करने वाली एशियाई कंपनियों के शेयरों में भी खूब तेजी आई है। इनमें दक्षिण कोरिया और ताइवान की कई कंपनियां शामिल हैं। अमेरिका में एआई बूम जारी रखने के लिए नए निवेश की जरूरत है। पहले ही इस सेक्टर में काफी ज्यादा निवेश हो चुका है।

एआई में निवेश घटा तो एशियाई शेयर बाजारों में मच सकता है कोहराम

अगर अमेरिका में एआई में निवेश की रफ्तार सुस्त पड़ती है तो इसका असर इस सेक्टर से जुड़ी एशियाई कंपनियों पर भी पड़ेगा। इसका संकेत दिखने लगा है। नियोक्लाउड ऑफर करने वाली कंपनी CoreWeave के बॉन्ड्स की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। इससे इस सेक्टर पर बढ़ते दबाव का संकेत मिलता है। इनवेस्टर्स सवाल पूछ रहे है कि एआई और सेमीकंडक्टर्स कंपनियों ने जो निवेश किया है, क्या उसका रिटर्न मिलने जा रहा है? क्या AI की डिमांड इतनी है, जिससे इन कंपनियों के रेवेन्यू को सपोर्ट मिलेगा?

इंटरेस्ट रेट बढ़ने से एआई कंपनियों के लिए बढ़ रही इनवेस्टमेंट कॉस्ट

CoreWeave के शेयरों में 16 अक्तूबर को 12 फीसदी गिरावट आई। क्रूड की बढ़ती कीमतों ने एआई और सेमीकंडक्टर्स कंपनियों के लिए चिंता और बढ़ा दी है। क्रूड में उछाल से महंगाई बढ़ रही है, जिससे काबू में करने के लिए केंद्रीय बैंक इंटरेस्ट रेट्स बढ़ा रहे हैं। इससे इससे एआई कंपनियों के लिए नए निवेश की लागत भी बढ़ रही है। पिछले महीने अमेरिकी केंद्रीय बैंक इंटरेस्ट रेट 25 बेसिस प्वाइंट बढ़ा चुका है। अब नजरें इस महीने की फेड की पॉलिसी पर लगी हैं।

ताइवान और दक्षिण कोरिया की चिप कंपनियों को हो सकती है दिक्कत

ताइवान की TSMC, दक्षिण कोरिया की SK Hynix और Samsung Electronics जैसी कंपनियां AI कंप्यूटिंग के लिए जरूरी चिप और मेमोरी की सप्लाई करती हैं। इन कंपनियों की कमाई एआई इंफ्रास्ट्रक्चर में होने वाले इनवेस्टमेंटम पर निर्भर है। अगर एआई इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश घटता है तो इन कंपनियों की कमाई पर सीधा असर पड़ेगा। Gartner ने चेतावनी दी है कि एआई इंफ्रास्ट्रक्चर में 3.5 ट्रिलियन डॉलर के इनवेस्टमेंट को 2030 तक बड़ा खतरा पैदा हो सकता है। इसकी वजह यह है कि इनवेस्टमेंट के अनुपात में रेवेन्यू नहीं दिख रहा।

कंपोनेंट्स बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में 236% तक उछाल

Union Bancaire Privee में मैनेजिंग डायरेक्टर वी-सेर्न लिंग ने कहा, “अगर हायरपरस्केलर्स और नियोक्लाउड्स को निवेश जारी रखने के लिए फंड नहीं मिलता है तो इसका असर टीएसएमसी, सैमसंग और SK Hynix जैसी एशियाई कंपनियों पर पड़ेगा। उन्हें मिलने वाले ऑर्डर्स घट जाएंगे।” इस साल MSCI Asia-Pacific Index की सबसे ज्यादा चढ़ने वाली 10 कंपनियों से 8 कंपोनेंट्स बनाने वाली कंपनियां हैं। इनमें से हर कंपनी का शेयर कम से कम 236 फीसदी चढ़ा है।

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भारतीय बाजार पर इस वजह से नहीं पड़ेगा असर 

जहां तक भारत की बात है तो इसका असर भारतीय शेयर बाजारों पर नहीं पड़ेगा। इसकी वजह यह है कि भारत में एआई और सेमीकंडक्टर्स बनाने वाली कंपनियां नहीं हैं। यहीं वजह है कि पिछले 1-2 सालों में जब अमेरिका, दक्षिण कोरिया और ताइवान के शेयर बाजारों में तेजी आई तब भारतीय शेयर बाजारों में गिरावट देखने को मिली है। यहां तक की एआई बूम का निगेटिव असर भारतीय आईटी कंपनियों पर पड़ा है। अब जब एआई और चिप शेयर गिर रहे हैं तो भारतीय आईटी शेयरों में तेजी दिख रही है।

 

AI Stocks: एआई शेयरों में कमाई की रफ्तार घटने का अनुमान, Jefferies ने निवेशकों को दी बड़ी सलाह

AI Stocks: दुनिया भर के शेयर बाजारों में इस हफ्ते भारी बिकवाली देखने को मिली। AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी कंपनियों के कारोबार पर सवाल उठने और बढ़ते कर्ज की चिंता ने निवेशकों का भरोसा कमजोर किया। इसका असर खास तौर पर चिप बनाने वाली कंपनियों के शेयरों पर पड़ा। अब ब्रोकरेज फर्म Jefferies ने निवेशकों को AI से आगे दूसरे क्षेत्रों में भी अवसर तलाशने की सलाह दी है।

Jefferies की ताजा Greed and Fear रिपोर्ट के मुताबिक, अगले दो साल में AI कंपनियों की कमाई बढ़ने की रफ्तार काफी धीमी हो सकती है। रिपोर्ट का शीर्षक Diversifying Beyond AI है। इसका मतलब है कि पोर्टफोलियो में AI के परे जाकर विविधता लाना।

AI कंपनियों की कमाई में कितनी बढ़ोतरी का अनुमान?

जेफरीज की रिपोर्ट के मुताबिक, MSCI AC World Index में शामिल AI से जुड़ी कंपनियों की कमाई में बढ़ोतरी का अनुमान 2026 में करीब 100% है। हालांकि, 2027 में यह घटकर 30% और 2028 में 22% रह सकता है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या इन कंपनियों की कमाई उनके महंगे शेयरों की कीमत को सही ठहरा पाएगी।

Jefferies के ग्लोबल हेड ऑफ क्वांटिटेटिव स्ट्रैटेजी देश पेरामुनेतिलके (Desh Peramunetilleke) ने कहा कि अब निवेशकों के लिए AI से आगे दूसरे क्षेत्रों में निवेश फैलाने का समय है।

AI शेयरों का वैल्यूएशन दूसरी कंपनियों से ज्यादा

Jefferies के मुताबिक, वैश्विक AI शेयरों का फॉरवर्ड प्राइस-टू-अर्निंग (PE) रेशियो 23 गुना है। वहीं, AI से बाहर की कंपनियों का यह रेशियो करीब 13 गुना है। यानी निवेशक AI कंपनियों के शेयरों के लिए ज्यादा कीमत चुका रहे हैं, जबकि उनकी कमाई बढ़ने की रफ्तार धीमी पड़ने का अनुमान है।

उभरते बाजारों में भी AI शेयरों की तेजी कमजोर हुई है। जून 2026 तक के एक साल में इन शेयरों में 81% की बढ़ोतरी हुई थी, लेकिन साल की दूसरी छमाही में इनसे मिलने वाले रिटर्न की रफ्तार घटी। इस दौरान AI से बाहर के कई क्षेत्रों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया।

सेमीकंडक्टर शेयरों पर नजर

Jefferies के पोर्टफोलियो में TSMC, Samsung Electronics और SK Hynix जैसी कंपनियां शामिल हैं। हालांकि, इनका जॉइंट वेटेज पोर्टफोलियो में 16% है, जबकि MSCI AC Asia ex-Japan Index में यह 32.1% है।

Jefferies का मानना है कि AI पर खर्च जारी रहा तो Samsung Electronics और SK Hynix के शेयर जून के उच्च स्तर को दोबारा छू सकते हैं। फिर भी रिपोर्ट ने चेताया है कि सेमीकंडक्टर शेयरों में आसान कमाई का दौर काफी हद तक पीछे छूट सकता है। इसलिए निवेशकों के लिए AI के अलावा दूसरे क्षेत्रों में भी निवेश के अवसर तलाशना जरूरी हो गया है।

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दक्षिण कोरिया के Kospi में लगा सर्किट, चिप शेयरों की बिकवाली पर टूट गया 8%, इस कारण मचा हाहाकार

चिप शेयरों की ताबड़तोड़ बिकवाली ने आज दक्षिण कोरियाई बाजार में ऐसा हाहाकार मचाया कि सर्किट लग गया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) इंडेक्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेक्टर में निवेश का एक अहम इंडिकेटर है और चिप शेयरों की बिकवाली में यह 8% टूट गया। चिप बनाने वाली दिग्गज कंपनियों सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स (Samsung Electronics) और एसके हीनिक्स (SK Hynix) के शेयरों में 8% से अधिक की गिरावट आई। सिर्फ दक्षिण कोरियाई बाजार ही नहीं बल्कि अधिकतर एशियाई बाजारों में हाहाकार मचा हुआ है। एशियाई बाजारों में यह कमजोरी वॉल स्ट्रीट यानी अमेरिकी बाजार में आई भारी गिरावट के बाद देखने को मिली।

एशियाई मार्केट में कैसी है हालत

दक्षिण कोरिया के बेंचमार्क इंडेक्स कोस्पी में 8% की गिरावट आई है तो जापान के बेंचमार्क इंडेक्स निक्केई 225 (Nikkei 225) में इंट्रा-डे में 4% और टॉपिक्स (TOPIX) में 2% की फिसलन आई। साथ ही MSCI एशिया पैसेफिक इक्विटी इंडेक्स में 2.2% की गिरावट आई, जिससे इसके जुलाई के बाद के सबसे निचले बंद स्तर की ओर बढ़ने की आशंका बन गई। हालांकि भारतीय मार्केट में बात करें तो आईटी सेक्टर में ताबड़तोड़ खरीदारी के दम पर शानदार रौनक दिखी और घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी 50 (Nifty 50) डेढ़-डेढ़ फीसदी से अधिक उछल पड़े।

इस हाहाकार की क्या है वजह

अमेरिका में सितंबर में महंगाई के अनुमान से अधिक आंकड़ों ने बाजार में इस आशंका को मजबूत कर दिया कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में और बढ़ोतरी कर सकता है। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ने से अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड में तेजी आई। अमेरिका में पांच महीने में सबसे तेज रफ्तार से महंगाई बढ़ने से इस बात के आसार बढ़ गए हैं कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक ब्याज दरें बढ़ा सकता है। अमेरिका और ईरान के बीच लड़ाई ने तेल की सप्लाई को लेकर अनिश्चितता के चलते कच्चे तेल के भाव ऊंचे बने हुए हैं। तेल की ऊंची कीमतों के कारण अमेरिका में महंगाई का दबाव बना हुआ है।

भारतीय मार्केट में इस कारण छाई रौनक

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन बाजार के लिए ठीक-ठाक संकेत नजर आ रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी में हल्की बढ़त है। FIIs की कैश और वायदा मिलाकर करीब 1800 करोड़ की बिकवाली हुई है। डाओ फ्यूचर्स में भी हल्की बढ़त है। उधर कल US इंडेक्स मिले-जुले रहे। लेकिन एशिया में कमजोर कारोबार होता दिख रहा है।

यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

अनुमान के आसपास रहे HCL टेक के नतीजे

दूसरी तिमाही में HLC टेक के नतीजे अनुमान के आसपास रहे। रेवेन्यू में तीन तो मुनाफे में 11% की बढ़त दिखी। मार्जिन का आंकड़ा उम्मीद से अच्छा रहा। Advanced AI से रेवेन्यू 29% बढ़कर 219 मिलियन डॉलर पर रही। कंपनी ने पूरे कारोबारी साल के लिए रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस का लोअर रेंज 1%-4% से बढ़ाकर 2.5%-4% कर दिया है।

RBL Bank के Q2 नतीजे अच्छे

दूसरी तिमाही में RBL Bank ने अच्छे नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का मुनाफा करीब तीन गुना हो गया है। ब्याज से होने वाली कमाई में 37 परसेंट का उछाल आया है। एसेट क्वालिटी में भी सुधार दिखा है।

ICICI प्रू लाइफ, टाटा एलेक्सी के नतीजे आज

आज वायदा में शामिल ICICI प्रूडेंशियल लाइफ और Tata elxsi के नतीजे आएंगे। दूसरी तिमाही में ICICI Pru life का annual premium equivalent यानी APE 18% बढ़ सकता है। वहीं VNB मार्जिन में भी सुधार दिख सकता है। वहीं टाटा Tata elxsi के मुनाफे में तीन परसेंट तो रेवेन्यू में दो परसेंट की बढ़त संभव है।

TVS ग्रुप में पारिवारिक विवाद

TVS ग्रुप में उत्तराधिकार प्लान पर विवाद शुरू हो गया है। परिवार ओनरशिप और मैनेजमेंट के अधिकारों पर आमने-सामने है। मां मल्लिका श्रीनिवासन और बेटी लक्ष्मी वेणु ने सेटलमेंट का प्रस्ताव खारिज करते हुए कहा है कि 2024 का फैमिली MOU कोई आर्थिक समझौता नहीं है। परिवार की सभी संपत्तियां कोई एक आदमी नहीं बांट सकता।

23 महीने के ऊपरी स्तर पर रिटेल महंगाई

रिटेल महंगाई 23 महीने के ऊपरी स्तर पर पहुंच गई है। सितंबर में CPI महंगाई 4.83% से बढ़कर 5.54% पर रही है। खाने-पीने की चीजों के साथ ग्रामीण और शहरी महंगाई में भी बढ़ोतरी देखने को मिली है।

कच्चे तेल में उबाल, 106 डॉलर के करीब

जियो पॉलिटिकल संकट गहराने से कच्चे तेल में उबाल आया है। इसके भाव 106 डॉलर पर पहुंच गए हैं। रुस के यूक्रेन के एनर्जी इंफ्रा पर हमले से कीमतों में उछाल आया है। हॉर्मूज संकट और हूती-सऊदी के बीच घमासान ने भी सेंटिमेंट खराब किए हैं।

मार्केट ओवरव्यू

पिछले सेशन में रिकवरी के बाद,12 अक्टूबर को भारतीय इक्विटी बेंचमार्क पर फिर से बिकवाली का दबाव दिखा। IT, FMCG और फाइनेंशियल शेयरों में गिरावट के बीच निफ्टी 22,300 के स्तर की ओर फिसल गया। कारोबार के अंत में, सेंसेक्स 547.65 अंक या 0.76 प्रतिशत गिरकर 71,924.68 पर और निफ्टी 157.10 अंक या 0.70 प्रतिशत गिरकर 22,363.35 पर बंद हुआ।

गिफ्ट निफ्टी

शुरुआती कारोबार में GIFT निफ्टी बढ़त के साथ 22,415.50 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था,जो घरेलू इक्विटी बाजार के लिए सकारात्मक शुरुआत का संकेत है।

एशियाई बाजार

इस साल मार्केट के सबसे चर्चित सेक्टर में से एक,आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े शेयरों पर नतीजों के सीज़न से पहले फिर से दबाव बना है,जिससे एशियाई शेयर बाजारों में गिरावट आई है।

दक्षिण कोरिया और जापान में शेयरों में गिरावट के कारण MSCI एशिया पैसिफिक इंडेक्स 0.9% गिर गया है और अगस्त के मध्य के बाद से अपने सबसे निचले स्तर पर बंद होने की राह पर है।

AI ट्रेड का पैमाना माने जाने वाले कोस्पी इंडेक्स में 4.8% तक की गिरावट आई है और यह जुलाई के बाद अपने सबसे निचले स्तर पर बंद होने की राह पर है,क्योंकि चिप बनाने वाली दिग्गज कंपनियों SK Hynix Inc. और Samsung Electronics Co. के शेयरों में 5% से ज़्यादा की गिरावट आई। टोक्यो में ट्रेडर्स के लंबे वीकेंड के बाद लौटने पर निक्केई 225 इंडेक्स में 2% की गिरावट दर्ज की गई है।

अमेरिकी बाजार

सोमवार को नैस्डैक कंपोजिट गिरावट के साथ बंद हुआ। इसकी वजह सऊदी अरब के एक एयरपोर्ट पर हमले के बाद तेल की कीमतों में लगभग $2 प्रति बैरल की बढ़ोतरी रही।

डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 195.60 अंक या 0.38% बढ़कर 51,850.55 पर बंद हुआ। S&P 500 में 4.30 अंक या 0.06% की गिरावट आई और यह 7,807.24 पर बंद हुआ,जबकि नैस्डैक कंपोजिट 120.27 अंक या 0.44% गिर कर बंद हुआ।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

12 अक्टूबर को विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) नेट सेलर बने रहे और उन्होंने 1,700 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने बाज़ार को सहारा देना जारी रखा और सेशन के दौरान 3,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा के शेयर खरीदे।

 

 

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Asian Market Today: ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीद और AI को लेकर चिंताओं से एशिया बाजार गिरे, तेल की कीमतों में उछाल

Asian Market Today: तेल की कीमतों में नई तेजी, सख़्त मॉनेटरी पॉलिसी की बढ़ती उम्मीदों और AI कंपनियों के ऊंचे वैल्यूएशन को लेकर नई चिंताओं ने निवेशकों के मूड पर असर डाला जिसके चलते सोमवार को एशियाई शेयर बाजार में दबाव देखने को मिला।

सेमीकंडक्टर और AI से जुड़े शेयरों में सबसे ज़्यादा गिरावट देखी गई। दक्षिण कोरिया की SK Hynix में 5% से ज़्यादा और जापान की Kioxia में 9% से ज़्यादा की गिरावट आई। Samsung Electronics में लगभग 4% और Advantest में 4.7% की गिरावट आई, जो AI इन्वेस्टमेंट साइकल से जुड़ी कंपनियों के प्रति सावधानी को दर्शाता है।

चिप शेयरों में यह बिकवाली तब हुई जब AI क्षेत्र के बड़े अधिकारियों ने ज़्यादा शक्तिशाली सिस्टम से जुड़े जोखिमों को देखते हुए मॉडल डेवलपमेंट की रफ़्तार को धीमा करने की बात कही। Anthropic के CEO डारियो अमोदेई ने इंडस्ट्री से डेवलपमेंट धीमा करने और मज़बूत सुरक्षा उपाय अपनाने को कहा, जबकि OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन और xAI के CEO एलन मस्क ने भी इस पहल का समर्थन किया।

निवेशक अब यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या AI से जुड़े बिज़नेस से होने वाली कमाई, ज़्यादा एडवांस्ड मॉडल बनाने और चलाने के लिए ज़रूरी भारी-भरकम इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च को सही ठहरा पाएगी। इससे ज़्यादा वैल्यूएशन वाले टेक्नोलॉजी शेयर, खर्च, रिटर्न या AI को अपनाने की रफ़्तार को लेकर चिंताएं बढ़ने पर तेज़ी से उतार-चढ़ाव के प्रति संवेदनशील हो गए हैं।

साथ ही, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने भी एशियाई बाज़ारों पर दबाव बढ़ाया। सोमवार को ब्रेंट क्रूड में 2% से ज़्यादा की बढ़त हुई और यह $107 प्रति बैरल के आसपास रहा, जबकि पिछले हफ़्ते इसमें लगभग 9% की बढ़त हुई थी।

सऊदी एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर और खाड़ी में शिपिंग पर नए हमलों ने ग्लोबल तेल सप्लाई में रुकावट की चिंताओं को बढ़ा दिया है, जबकि होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने पर ओमान में होने वाली बैठक टाल दी गई।

लंबे समय तक तेल की कीमतें ऊंची रहने की संभावना से महंगाई और ब्याज दरों को लेकर भी चिंताएं बढ़ रही हैं। उम्मीद से ज़्यादा अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों के बाद, बाज़ार अब बुधवार को फेडरल रिज़र्व द्वारा ब्याज दरों में 25-बेसिस-पॉइंट की बढ़ोतरी की ज़्यादा संभावना मानकर चल रहे हैं।

निवेशक इस हफ़्ते के आखिर में बैंक ऑफ़ जापान द्वारा ब्याज दरों में क्वार्टर-पॉइंट (0.25%) की बढ़ोतरी की भी ज़्यादा संभावना देख रहे हैं।

जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 1.7% गिरा, जबकि दक्षिण कोरिया का बेंचमार्क इंडेक्स 3.3% नीचे आया। जापान को छोड़कर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे बड़ा इंडेक्स 0.8% गिरा। US इक्विटी फ्यूचर्स भी बाज़ार के कमज़ोर शुरुआत की ओर इशारा कर रहे हैं, जिसमें Nasdaq 100 फ्यूचर्स में लगभग 1% की गिरावट है।

बॉन्ड यील्ड बढ़ने से इक्विटी वैल्यूएशन पर और दबाव बढ़ रहा है, खासकर टेक्नोलॉजी स्टॉक्स पर, जहां भविष्य की कमाई की उम्मीदें पहले से ही ज़्यादा हैं। 10-साल की US ट्रेजरी यील्ड 5% के करीब बनी हुई है, जबकि पिछले हफ़्ते 2-साल की यील्ड में तेज़ी से बढ़ोतरी हुई।

फिर भी, कुछ निवेशकों का मानना ​​है कि AI डेवलपमेंट और खर्च में कमी आने से आखिरकार इस सेक्टर को फ़ायदा हो सकता है, क्योंकि कंपनियों को पहले से लगाए जा रहे कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर से रिटर्न पाने के लिए ज़्यादा समय मिल जाएगा।

हालांकि, बाज़ार के लिए मुख्य सवाल यह है कि क्या AI इन्वेस्टमेंट की मौजूदा रफ़्तार से इतनी ज़्यादा कमाई हो पाएगी जो ऊँचे वैल्यूएशन को बनाए रख सके।

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GIFT निफ्टी में गिरावट, ब्रेंट क्रूड में उबाल, सेंसेक्स और निफ्टी में हो सकती है सुस्त शुरुआत

बुधवार सुबह GIFT निफ्टी में गिरावट आई है। इससे संकेत मिलता है कि सेंसेक्स और निफ्टी हल्की गिरावट के साथ खुल सकते हैं। एशियाई बाजारों में तेजी रुख के बावजूद,अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में और बढ़ोतरी हुई है,जो बाजार पर दबाव डाल रही है। ब्रेंट क्रूड की कीमत $100 प्रति बैरल के करीब पहुंच गई है,जो भारत के लिए एक बड़ी आर्थिक चुनौती है। इसके अलावा,वॉल स्ट्रीट में कल हुई गिरावट और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाए जाने की संभावना भी बाजार के मूड को सतर्क बनाए रख सकती हैं।

फिलहाल GIFT निफ्टी 23,655 के आसपास ट्रेड कर रहा है। यह पिछले दिन की क्लोजिंग से 0.25 प्रतिशत नीचे दिख रहा है। इससे पहले,मंगलवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में लगातार दूसरे दिन गिरावट देखी गई थी। निफ्टी लगभग तीन महीने के निचले स्तर पर पहुंचने के बाद 144.05 अंक या 0.61 प्रतिशत गिरकर 23,635.10 पर बंद हुआ,जबकि सेंसेक्स 555.23 अंक या 0.73 प्रतिशत गिरकर 75,577.58 पर आ गया।

पिछले सेशन में संस्थागत निवेशकों का रुझान मिला-जुला रहा। 8 सितंबर को विदेशी इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) नेट सेलर बन गए और उन्होंने 123 करोड़ रुपये के भारतीय शेयर बेचे। घरेलू इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (DIIs) ने सपोर्ट जारी रखा और सेशन के दौरान 566 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

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AI और चिप शेयरों में तेज़ी से एशियाई बाजारों में तेजी

आज बुधवार को एशियाई शेयर बाजारो में तेजी दिख रही है। इसकी मुख्य वजह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर लगातार बने उत्साह के कारण टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर शेयरों में हुई बढ़त है।

MSCI का एशिया-पैसिफिक इक्विटी इंडेक्स 0.6 प्रतिशत बढ़ा है। इस बढ़त में सबसे बड़ा योगदान इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी सेक्टर का रहा। चिप बनाने वाली कंपनियों SK Hynix और Samsung Electronics के शेयरों में बढ़त के कारण दक्षिण कोरिया का Kospi इंडेक्स 1.4 प्रतिशत ऊपर चढ़ा है। मंगलवार को वॉल स्ट्रीट पर फिलाडेल्फिया सेमीकंडक्टर इंडेक्स में 1.3 प्रतिशत की बढ़त के बाद एशियन टेक्नोलॉजी शेयरों में तेजी आई है।

जापान का Topix 0.5 प्रतिशत बढ़ा है,जबकि Nikkei 225 फ्यूचर्स में 0.8 प्रतिशत की बढ़त हुई है। Shanghai Composite में 0.2 प्रतिशत की बढ़त हुई है,जबकि हांगकांग के Hang Seng में कोई खास बदलाव नहीं हुआ है। ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 0.1 प्रतिशत गिर गया है। एशियाई कारोबार में S&P 500 फ्यूचर्स में भी कोई खास बदलाव नहीं हुआ है।

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल

भारतीय शेयर बाजार के लिए सबसे बड़ी चिंता कच्चा तेल है। ईरान द्वारा खाड़ी में US की सैन्य ठिकानों पर नए हमले करने के बाद लगातार चौथे सेशन में इसकी कीमतों में तेजी आई है। ब्रेंट क्रूड फ़्यूचर्स $1.57 यानी 1.6% बढ़कर $99.49 प्रति बैरल पर आ गया है। जिससे क्रूड $100 के स्तर के बहुत करीब पहुंच गया है। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड की कीमत $1.60 या 1.72 प्रतिशत बढ़कर $94.63 प्रति बैरल हो गई। अगस्त की शुरुआत से अब तक ब्रेंट की कीमतों में लगभग 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

अमेरिकी बाजार

मंगलवार को S&P 500 गिरावट के साथ बंद हुआ। सेल्सफोर्स और सॉफ्टवेयर बनाने वाली दूसरी कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखी गई। वहीं,मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण तेल की कीमतें बढ़ गईं और निवेशक महंगाई के आंकड़ों पर नजरे बनाए रहे,जिनका असर ब्याज दरें बढ़ने की संभावना पर पड़ सकता है। S&P 500 में 0.58% की गिरावट आई और यह 7,673.52 अंक पर बंद हुआ। नैस्डैक 0.32% गिरकर 26,421.41 अंक पर आ गया, जबकि डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 1.18% गिरकर 52,786.07 अंक पर बंद हुआ।

निफ़्टी का टेक्निकल आउटलुक

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर का कहना है कि निफ़्टी के लिए 23,700-23,800 का स्तर तुरंत रेजिस्टेंस का काम करेगा,जबकि 23,600 का स्तर अहम सपोर्ट बना रहेगा। अगर निफ़्टी 23,600 के नीचे टूटता है तो गिरावट 23,400 तक बढ़ सकती है। वहीं, 23,800 के ऊपर रिकवरी से कुछ समय के लिए स्थिरता आ सकती है।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

लेवरेज्ड ETF के लिए कोर्स करना जरूरी, दक्षिण कोरिया ने इस कारण बनाया नियम

दक्षिण कोरिया का $4.3 ट्रिलियन का स्टॉक मार्केट बहुत ही अधिक वोलेटाइल हो चुका है। सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स (Samsung Electronics) और एसके हीनिक्स (SK Hynix) से जुड़े सिंगल-स्टॉक लेवरेज्ड ईटीएफ में निवेश तेजी से घटा है। अगस्त में इनसे करीब $100 करोड़ की निकासी हो चुकी है। ऐसे कठिन समय में मॉक ट्रेडिंग कोर्स निवेशकों के डर को दूर करने का प्रभावी तरीका बनता जा रहा है। बता दें कि दक्षिण कोरिया ने लेवरेज्ड ईटीएफ में रिस्क वाली ट्रेडिंग को कम करने के लिए नियम काफी सख्त कर दिए हैं। सबसे अहम बात ये है कि लेवरेज्ड ईटीएफ खरीदने के लिए यह कोर्स अनिवार्य है। न्यूज एजेंसी ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक यह अनिवार्य नियम 19 अगस्त से लागू है।

क्या है मॉक ट्रेडिंग कोर्स में

अब निवेशकों को लेवरेज्ड ईटीएफ खरीदने से पहले पांच दिन का मॉक ट्रेडिंग कोर्स करना जरूरी होगा और हर दिन कम से कम 1 घंटे वर्चुअल मनी से ट्रेडिंग करनी होगी। इस कोर्स में विंडोज पीसी पर एक प्रोग्राम डाउनलोड करना जरूरी है, जिससे कई रिटेल इंवेस्टर्स इसे काफी झंझट वाला मान रहे हैं। यह ऐप सिर्फ पीसी पर ही डाउनलोड होगा और कोरियन एक्सचेंज का कहना है कि फिलहाल मोबाइल-बेस्ड प्लेटफॉर्म शुरू करने की कोई योजना नहीं है। सरकार का उद्देश्य खुदरा निवेशकों को हाई-रिस्क लेवरेज्ड प्रोडक्ट्स से दूर रखना है, और फिलहाल इन नियमों का असर साफ दिखाई दे रहा है।

क्या है Leveraged ETF की स्थिति

दक्षिण कोरियाई बाजार में लेवरेज्ड ईटीएफ का कुल AUM (एसेट अंडर मैनेजमेंट) जून के पीक $1140 करोड़ से घटकर 27 अगस्त तक करीब $500 करोड़ तक आ गया। सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और हीनिक्स जैसे टेक स्टॉक्स में गिरावट ने मार्केट में कोहराम मचा दिया। अब सवाल उठता है कि इनमें इतनी तेज गिरावट क्यों आई तो इसका जवाब ये है कि सरकार के सख्त नियमों के साथ-साथ एआई सेक्टर में अधिक खर्च और उससे कमाई की संभावनाओं को लेकर चिंता ने भी टेक स्टॉक्स पर भी दबाव बनाया।

लेवरेज्ड ईटीएफ की स्थिति तो अब ऐसी है कि उनकी ट्रेडिंग वैल्यू जून के रिकॉर्ड हाई लेवल से सिर्फ 4% रह गई है तो इनमें पहली बार किसी महीने में निवेश से अधिक निकासी के आसार दिखने लगे हैं। इन ईटीएफ में ट्रेडिंग कम होने से वोलैटिलिटी कम हुई है। कोस्पी वोलैटिलिटी गॉज जून के 97 से गिरकर चार महीने के निचले स्तर लगभग 50 पर आ गया। दक्षिण कोरिया का इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स इस साल अभी भी 61% ऊपर है, लेकिन अपने दो महीने पुराने रिकॉर्ड हाई से 25% नीचे है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Nvidia के धमाकेदार रिजल्ट, बदला निवेशकों का सवाल, भारतीय आईटी कंपनियों के लिए ये है मतलब

Nvidia Q2 Result and IT Stocks: दुनिया की सबसे बड़ी चिप कंपनियों में शुमार एनविडिया के धमाकेदार तिमाही नतीजों ने ग्लोबल एआई ट्रेड को एक और मजबूती दी है। यह ऐसे समय में आया है जब निवेशक सवाल उठाने लगे थे कि एआई शेयरों की तेज रफ्तार आगे भी जारी रह पाएगी या नहीं। चिप कंपनी एनवीडिया ने रेवेन्यू, कमाई और गाइडेंस को लेकर बाजार के अनुमान को पछाड़ दिया। वहीं कंपनी का डेटा-सेंटर बिजनेस भी शानदार स्पीड से बढ़ता रहा। इससे एशियाई बाजारों में सेंटीमेंट मजबूत हुआ और शुरुआती कारोबार में MSCI का एशिया पैसेफिक इंडेक्स और दक्षिण कोरिया का टेक-हैवी इंडेक्स कोस्पी उछल पड़ा। हालांकि निवेशकों के लिए बड़ा सवाल ये है कि एआई पर खर्च और कमाई में बढ़ोतरी की रफ्तार इतनी मजबूत है या नहीं कि पूरे एआई इकोसिस्टम में मौजूदा ऊंचे वैल्यूएशन को सही ठहरा सके।

Nvidia ने दूर की AI की मांग से जुड़ी चिंता

एनविडिया के लिए इस वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही यानी 26 जुलाई को समाप्त होने वाली तिमाही में इसका रेवेन्यू सालाना आधार पर दोगुने से अधिक बढ़कर $9622 करोड़ पर पहुंच गया जोकि एनालिस्ट्स के $9217 करोड़ के अनुमान से अधिक रहा। कंपनी का EPS भी $2.10 के अनुमान की तुलना में $2.22 पर रहा। सबसे मजबूत परफॉरमेंस तो कंपनी के डेटा-सेंटर बिजनेस का रहा, जिसका रेवेन्यू सालाना आधार पर 117% बढ़कर $8900 करोड़ हो गया, जबकि अनुमान $8633 करोड़ का था।

अब आगे की बात करें तो करीब 2% के कम या ज्यादा के साथ इस तिमाही में कंपनी को करीब $10.8 करोड़ के रेवेन्यू की उम्मीद है। साथ ही कंपनी ने अगले वित्त वर्ष 2028 में लगभग 70% रेवेन्यू ग्रोथ की उम्मीद जताई है। इससे AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगातार मजबूत खर्च की उम्मीद बनी हुई है।

रेमंड जेम्स इंवेस्टमेंट के चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट मैट ओर्टोन (Matt Orton) के मुताबिक इन आंकड़ों से AI ट्रेड के बने रहने के संकेत मिल रहे हैं। उनका कहना है कि इससे चिप की मजबूत कंज्यूमर डिमांड, एआई को तेजी से अपनाने और पूरी सप्लाई चेन में लगातार बढ़ते ऑर्डर बैकलॉग का संकेत मिल रहा है। यह उन चिप कंपनियों के लिए पॉजिटिव है, जिनके शेयरों में हाल में तेज गिरावट आई थी।

लेकिन बनी हुई है वैल्यूएशन की चिंता

धमाकेदार कारोबार नतीजे से एआई की मांग को लेकर कुछ चिंता जरूर कम हुई है लेकिन हाई वैल्यूएशन को लेकर चिंता अभी खत्म नहीं हुई है। मार्केट एक्सपर्ट अजय बग्गा का कहना है कि एनविडिया के ऐसे नतीजे एक-दो साल पहले आते शेयर रॉकेट बन जाते लेकिन इस बार मार्केट का रिस्पांस सीमित रहा। नतीजे के बाद इसके शेयरों में हल्की तेजी आई। हालांकि बाद में कंपनी के सीईओ जेनसेन हुआंग (Jensen Huang) के आउटलुक और एक नए AWS सौदे के बाद शेयर तेजी से ऊपर चढ़े।

अजय का कहना है कि अब निवेशकों का सवाल बदला है और अब वे एआई के डिमांड की बजाय यह पूछ रहे हैं कि AI शेयरों की कीमतों में पहले से कितनी ग्रोथ शामिल हो चुकी है। ट्रे़डिंगडॉटकॉम के सीईओ Peter McGuire का भी कहना है कि कंपनी पिछले दो वर्षों से लगातार कमाई के अनुमान को पीछे छोड़ रही है, लेकिन साल 2024 के आखिरी से शेयर पर इसका असर पहले जैसा मजबूत नहीं दिख रहा। हालांकि पीटर के मुताबिक 2023-24 के AI तेजी की तुलना में वैल्यूएशन अब थोड़े नीचे आए हैं।

AI Stocks और Indian IT Stocks के लिए क्या है मतलब

एनविडिया के नतीजे ऐसे समय आए हैं जब कई वैश्विक चिप कंपनियों के शेयर हाल ही में धड़ाम हो गए थे। अमेरिका में माइक्रोन टेक (Micron Tech) और सैनडिस्क (SanDisk) जैसी चिप कंपनियों के शेयर दो महीनों में करीब 28% तक टूट चुके हैं तो दक्षिण कोरिया की सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स (Samsung Electronics) और एसके हीनिक्स में भी लगभग 25-30% की गिरावट आई। एलारा की एक रिपोर्ट के मुताबिक ताइवान-फोकस्ड फंड से इस साल पहली बार लगातार दो हफ्तों तक पैसा निकला। वहीं दक्षिण कोरिया से $75.8 करोड़ की निकासी हुई, जो तीन महीनों में सबसे अधिक रही। ऐसे में एनविडिया के धमाकेदार नतीजे काफी अहम हैं और संकेत मिल रहा कि चिप स्टॉक्स की कमजोरी एआई की मांग कम होने का संकेत नहीं है।

भारतीय आईटी कंपनियों पर असर की बात करें तो इसका रुझान मिला-जुला है। चिप स्टॉक्स की गिरावट से भारतीय आईटी स्टॉक्स को फायदा मिला क्योंकि वैश्विक निवेशक महंगे हार्डवेयर शेयरों का विकल्प खोज रहे थे। एक तरफ चिप स्टॉक्स में तेज गिरावट आई तो दो महीने में निफ्टी आईटी करीब 20% चढ़ गया। इसे बेहतर वैल्यूएशन और मजबूत घरेलू लिक्विडिटी से भी सपोर्ट मिला। अब आगे की बात करें तो मार्केट एक्सपर्ट सुनील सुब्रमणियन के मुताबिक एनविडिया के धमाकेदार नतीजे से भारतीय आईटी स्टॉक्स को झटका लग सकता है क्योंकि एक बार फिर चिप कंपनियो में निवेश बढ़ सकता है।

Vedanta Resource ने दी सफाई, लाल हो गए वेदांता और वेदांता एलुमिनियम के शेयर

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

सेंसेक्स की मंथली एक्सपायरी के दिन कैसी होगी बाजार की चाल, जानें ग्लोबल बाजार और गिफ्ट निफ्टी से क्या मिल रहे है संकेत

Gift Nifty Indicator: गुरुवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के सुस्त शुरुआत करने की संभावना है, क्योंकि GIFT Nifty फ्लैट या नेगेटिव शुरुआत का संकेत दे रहा है। Nvidia के अच्छे आउटलुक ने पूरे एशिया में टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर शेयरों को बढ़ावा दिया है, जबकि कच्चे तेल की कीमतों में और गिरावट से भारतीय शेयरों को सहारा मिल रहा है। हालांकि, उम्मीद से ज़्यादा US महंगाई के आंकड़ों और जारी जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता के कारण निवेशक सतर्क रह सकते हैं।

सुबह करीब 7:40 बजे GIFT Nifty 30 अंक या 0.12 प्रतिशत गिरकर 24,366 पर ट्रेड कर रहा था। बुधवार को भारतीय शेयर पिछले सेशन की बढ़त को बनाए नहीं रख पाए और Nifty दिन के निचले स्तर के करीब बंद हुआ। Sensex 183.15 अंक या 0.24 प्रतिशत गिरकर 77,472.94 पर आ गया, जबकि Nifty 126.80 अंक या 0.52 प्रतिशत गिरकर 24,207.75 पर बंद हुआ।

Nvidia के आउटलुक से एशियाई टेक्नोलॉजी शेयरों में उछाल

Nvidia द्वारा बिक्री का अच्छा आउटलुक जारी करने के बाद एशियाई शेयरों में बढ़त हुई। इससे उन चिंताओं में कमी आई कि AI से जुड़े कैपिटल खर्च में तेज़ी से हो रही बढ़ोतरी की रफ़्तार धीमी पड़ सकती है। हाल के हफ़्तों में AI पर खर्च के पैमाने और उससे मिलने वाले रिटर्न को लेकर चिंताओं के कारण इस सेक्टर में ज़बरदस्त बिकवाली हुई थी, ऐसे में यह अच्छा आउटलुक वैश्विक स्तर पर टेक्नोलॉजी शेयरों के लिए सकारात्मक संकेत दे सकता है।

MSCI का एशिया-पैसिफिक इक्विटी गेज 0.3 प्रतिशत बढ़ा, जिसमें सेमीकंडक्टर शेयरों ने बढ़त का नेतृत्व किया। दक्षिण कोरिया के Kospi में 1.1 प्रतिशत की बढ़त हुई, जिसे SK Hynix और Samsung Electronics जैसे शेयरों का सहारा मिला, जबकि जापान के Topix में 0.9 प्रतिशत की बढ़त हुई। Nvidia के शेयरों में US में एक्सटेंडेड ट्रेडिंग के दौरान 4.7 प्रतिशत का उछाल आया, क्योंकि इसके आउटलुक ने बिक्री में लगातार मज़बूत बढ़ोतरी का संकेत दिया। इस घोषणा के बाद Nasdaq 100 फ्यूचर्स में 1.3 प्रतिशत तक की बढ़त हुई, हालांकि बाद में इसमें थोड़ी गिरावट आई, जबकि S&P 500 फ्यूचर्स 0.4 प्रतिशत ऊपर थे।

वॉल स्ट्रीट में गिरावट

Nvidia पर सकारात्मक प्रतिक्रिया तब आई जब बुधवार को रेगुलर ट्रेडिंग में अमेरिकी शेयर मामूली गिरावट के साथ बंद हुए थे, क्योंकि उम्मीद से ज़्यादा महंगाई के आंकड़ों ने सेंटीमेंट पर असर डाला था। Dow Jones Industrial Average 0.21 प्रतिशत गिरकर 53,463.88 पर आ गया, जबकि S&P 500 0.02 प्रतिशत गिरकर 7,675.70 पर और Nasdaq Composite 0.08 प्रतिशत गिरकर 26,130.20 पर बंद हुआ।

महंगाई के आंकड़े अमेरिकी ब्याज दरों और ट्रेजरी यील्ड के आउटलुक पर फोकस बनाए रख सकते हैं। हाल के हफ्तों में, लंबे समय तक ऊंची ब्याज दरें और ज़्यादा बॉन्ड यील्ड ग्लोबल इक्विटी मार्केट के लिए, खासकर ज़्यादा वैल्यूएशन वाले टेक्नोलॉजी शेयरों और उभरते बाजारों की एसेट्स के लिए, एक बड़ी चिंता का विषय बन गए हैं।

ब्रेंट में लगातार चौथे दिन गिरावट

कच्चे तेल की गिरती कीमतें भारतीय बाजारों के लिए एक अच्छा संकेत हैं। गुरुवार को ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.7 प्रतिशत गिरकर $87.24 प्रति बैरल पर आ गए, जिससे लगातार चौथे सेशन में इसमें गिरावट जारी रही। US West Texas Intermediate क्रूड 0.7 प्रतिशत गिरकर $81.67 प्रति बैरल पर आ गया, जो लगातार पांचवां सेशन था जब इसमें गिरावट दर्ज की गई।

निफ्टी का टेक्निकल आउटलुक

Bajaj Broking ने कहा कि निफ्टी 24,000-24,350 की रेंज में रह सकता है, जब तक कि यह 24,360 के ऊपर बंद न हो जाए; इस स्तर के ऊपर जाने (ब्रेकआउट) से रिकवरी 24,550-24,700 तक बढ़ सकती है। शॉर्ट-टर्म सपोर्ट 24,000-23,800 पर देखा जा रहा है।

बुधवार को बेंचमार्क इंडेक्स में गिरावट के बावजूद इंस्टीट्यूशनल फ्लो सपोर्टिव रहा। विदेशी इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) लगातार दूसरे सेशन में नेट बायर रहे और उन्होंने 26 अगस्त को 502 करोड़ रुपये के भारतीय शेयर खरीदे। घरेलू इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (DIIs) ने कहीं ज़्यादा खरीदारी की और शेयरों में 6,425 करोड़ रुपये का निवेश किया।

 

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Asian Market Today: एशिया बाजारों में दबाव, वॉल स्ट्रीट में बिकवाली का दिखा असर, निक्केई और कोस्पी में गिरावट

Asian Market Today: शुक्रवार, 21 अगस्त को एशियाई शेयरों में गिरावट आई। वॉल स्ट्रीट के बेंचमार्क इंडेक्स गुरुवार को बॉन्ड यील्ड के निचले स्तर से वापस ऊपर आने के कारण काफी नीचे बंद हुए थे। MSCI का एशिया-पैसिफिक इक्विटी गेज 0.2% गिर गया। कोस्पी (Kospi) ने इस ट्रेंड के उलट 0.87% की बढ़त दर्ज की, जबकि जापान का निक्केई 225 (Nikkei 225) 0.90% और टोपिक्स (Topix) 0.31% नीचे आ गया। हैंग सेंग (Hang Seng) फ्यूचर्स में कोई खास बदलाव नहीं हुआ।

S&P 500 इंडेक्स में रात भर में 0.9% की गिरावट आई, जिसका मुख्य कारण वॉलमार्ट (Walmart) था। कमजोर बिक्री के आंकड़ों के बाद इसमें 2022 के बाद की सबसे बड़ी गिरावट देखी गई। नैस्डैक 100 (Nasdaq 100) में 0.7% की गिरावट आई, जो लगातार पांचवें दिन की गिरावट थी।

US ट्रेजरी में शुरुआती तेजी के बाद एशियाई बॉन्ड गिरे और अमेरिकी डॉलर कमजोर बना रहा। निवेशकों के मन में यह सवाल था कि क्या लंबे समय के कर्ज की अमेरिकी बायबैक (buyback) प्रक्रिया से उधार लेने की लागत में केवल कुछ समय के लिए ही राहत मिलेगी।

ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में बॉन्ड की शुरुआत गिरावट के साथ हुई, क्योंकि गुरुवार को US 30-वर्षीय यील्ड में बढ़ोतरी हुई थी, भले ही US ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने भविष्य में बड़े बायबैक और एक नए फिस्कल प्लान का संकेत दिया था।

30-वर्षीय यील्ड छह बेसिस पॉइंट बढ़कर 5.25% हो गई, जिससे ट्रेजरी के बायबैक बढ़ाने के अचानक फैसले से आई गिरावट का असर काफी हद तक खत्म हो गया।

जापानी येन स्थिर रहा क्योंकि देश का मुख्य महंगाई सूचकांक लगातार दूसरे महीने बढ़ा, जिससे बैंक ऑफ जापान द्वारा जल्द ही ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना बनी रही। बाजार अब सितंबर में संभावित कदम पर नजर रखे हुए हैं। येन 158.96 प्रति डॉलर के आसपास कारोबार कर रहा था, जबकि पिछले सत्र में यह 159 के स्तर को पार कर गया था।

ऑफशोर युआन 6.7238 प्रति डॉलर पर लगभग स्थिर रहा।

टेक्नोलॉजी शेयरों में सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स (Samsung Electronics) पर ध्यान केंद्रित रहा। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी शुक्रवार को 110 ट्रिलियन वॉन ($79 बिलियन) तक का शेयरधारक रिटर्न पैकेज पेश करने वाली थी। इस बीच, ईरान के खिलाफ़ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की “आर्थिक युद्ध” की धमकी के कारण पांच दिनों तक कीमतों में आई तेज़ी के बाद तेल की कीमतें कुछ कम हुईं। ट्रंप ने कहा था कि तेहरान ने एक डील को ठुकरा दिया है।

ब्रेंट क्रूड 0.7% गिरकर $93.10 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि गुरुवार को कारोबार के दौरान यह $94 प्रति बैरल के करीब पहुंच गया था। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 0.7% गिरकर $86.19 प्रति बैरल पर आ गया।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।