Nike Layoff: चीन में 26% गिरी सेल्स तो अब छंटनी की योजना, लेकिन भारत में खोलेगी कैंपस

Nike Layoff: स्पोर्ट्सवियर कंपनी नाइक ने पूरे साल के रेवेन्यू में एकाएक उम्मीद से तेज गिरावट का अनुमान लगाया। इसके बाद कंपनी ने अधिक नौकरियों में कटौती और अपने वैश्विक कारोबारी डिवीजनों में बदलाव की योजना का ऐलान कर दिया। इस प्रकार सीईओ एलियट हिल (Elliott Hill) की अगुवाई में कंपनी अपने कारोबारी ढांचे में बदलाव को और तेज कर रही है। गुरुवार को जारी कमजोर अनुमानों से यह संकेत मिला कि नाइक की दिक्कतें कम से कम अगले कई तिमाहियों तक बनी रह सकती हैं, खासतौर से चीन में जहां कॉन्स्टैंट करेंसी के आधार पर पहली तिमाही में सेल्स 26% गिर गई।

इस वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही जून-अगस्त 2026 में नाइक की बिक्री लगभग 4% घटकर $1121 करोड़ रह गई। हालांकि वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स लागत कम होने से कंपनी का ग्रॉस मार्जिन 60 बेसिस पॉइंट बढ़कर 42.8% हो गया। नतीजे आने पर इसके शेयर एक्सटेंडेड ट्रेडिंग में 8.5% गिर गए। एक अहम बात ये भी है कि ब्लू-चिप कंपनियों के इंडेक्स में लगभग 18 साल तक रहने के बाद एसएंडपी डाऊ जोन्स ने तिमाही रीबैलेंसिंग के दौरान नाइक को सितंबर में एसएंडपी 100 से निकाल दिया।

क्या है Nike की दिक्कतें

एलियट हिल के कार्यकाल के पहले दो वर्षों में नाइक ग्रोथ को फिर से मजबूत करने की कोशिश कर रही है। इसके लिए वह रनिंग जैसे प्रमुख खेलों पर अधिक ध्यान दे रही है और थोक में सामान बेचने वालों के साथ अपने संबंधों को दोबारा मजबूत कर रही है। हालांकि एनालिस्ट्स का कहना है कि नाइक की दिक्कतों का एक बड़ा कारण पर्याप्त संख्या में नए और आकर्षक प्रोडक्ट नहीं लॉन्च कर पाना है। इसके चलते कंपनी को प्रमोशन और डिस्काउंट का सहारा अधिक लेना पड़ा है। कंपनी के सीईओ ने पोस्ट-अर्निंग्स कॉल में कहा कि नाइक परफॉरमेंस बिजनेस अभी इतना बड़ा नहीं है कि नाइक स्पोर्ट्सवियर, जॉर्डन ब्रांड और ग्रेटर चाइना में दिख रहे दबाव की भरपाई कर सके। उन्होंने कहा कि इन्हें मजबूत होने में समय लगेगा।

अब क्या है नाइक का प्लान

नाइक ने अपने ऑपरेटिंग मॉडल में बदलाव का ऐलान किया है। इसके तहत नौकरियों में कटौती की जाएगी। साथ ही अब चार की बजाय बिजनेस को तीन एरिया- अमेरिका, एशिया पैसेफिक और ग्रेटर चाइना, और EMEA (यूरोप, मिडिल ईस्ट एंड अफ्रीका) में बांटा जाएगा। नाइक की योजना भारत में एक नया कैंपस खोलने की भी है।

छंटनी की बात करें तो अभी कंपनी ने यह नहीं तय किया है, कि कितनी नौकरियां कम की जाएंगी। इसके बारे में एंप्लॉयीज को अगले साल 2027 में जानकारी दी जाएगी। इससे पहले भी इस साल की शुरुआत में कंपनी छंटनी का ऐलान कर चुकी है, जिससे कंपनी को वित्त वर्ष 2031 तक करीब $250 करोड़ के बचत की उम्मीद है। इसमें से अधिकतर बचत वित्त वर्ष 2029 और 2030 में हासिल होने की उम्मीद है।

Oracle Layoffs: IT कंपनी ने बढ़ाया छंटनी का बजट, अब और 70 करोड़ डॉलर करेगी खर्च

Samsung ने अमेरिका में मचाया कहर, इस कारण कई एंप्लॉयीज की कर दी छुट्टी

Samsung Lays Off: सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स ने अमेरिका में अपने एंप्लॉयीज को तगड़ा शॉक दिया है। कंपनी ने अमेरिका मपने डिस्प्ले, मोबाइल फोन और अन्य कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स बिजनेस से कुछ एंप्लॉयीज को बाहर किया है और इसकी मार मुख्य रूप से न्यू जर्सी और टेक्सास में पड़ी है। न्यूज एजेंसी रायटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक यह जानकारी कंपनी के डॉक्यूमेंट्स और मामले से परिचित दो सूत्रों के हवाले से सामने आई है। इसमें कितने एंप्लॉयीज की नौकरी गई है, ये तो नहीं पता चल सका लेकिन डॉक्यूमेंट्स के मुताबिक यूनिट ने 30 जून को कुछ एंप्लॉयीज को पूरी कंपनी में छंटनी के बारे में जानकारी दी थी और कहा था कि इससे बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं।

दक्षिण कोरियाई कंपनी ने रविवार को बताया कि सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स अमेरिका (SEA) के हेडक्वार्टर को टेक्सास ले जाने की योजना से न्यू जर्सी के एंगलवुड क्लिफ्स में 739 एंप्लॉयीज की नौकरी पर असर पड़ा है। इसमें से अधिकतर को नई जगह काम करने का ऑफर दिया गया तो कुछ की छुट्टी कर दी गई है। SEA का फोकस कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स पर है और इसमें चिप्स का बिजनेस शामिल नहीं है। न्यूज एजेंसी रायटर्स को सूत्रों ने बताया कि टेक्सास के प्लानो में एसईए के ऑफिस में करीब 100 वर्कर्स की छुट्टी की गई है जिसमें से कुछ मोबाइल डिविजिन के थे।

Samsung के भीतर बिजनेस की अलग-अलग तस्वीरें

सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स में यह जो छंटनी हुई, वह हेडक्वार्टर शिफ्ट होने के चलते हुई है लेकिन यह कंपनी के अलग-अलग बिजनेस की स्थिति को भी दिखाता है। एक तरफ कंपनी का चिप बिजनेस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती मांग के कारण रिकॉर्ड मुनाफा कमा रहा है, वहीं दूसरी तरफ इसके मोबाइल, टीवी और अन्य कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स बिजनेस पर चिप की बढ़ती लागत और कॉम्पटीशन का दबाव बना हुआ है।

सैमसंग पहले ही संकेत दे चुकी है कि एआई से जुड़ी चिप्स की मजबूत मांग के चलते दूसरी तिमाही का मुनाफा 19 गुना तक बढ़ सकता है और पिछले महीने ही कंपनी ने नए चिप प्लांट्स में सैकड़ों अरब डॉलर के निवेश की योजना का भी ऐलान किया था। वहीं दूसरी तरफ कंपनी का मोबाइल बिजनेस पहली बार घाटे में जा सकता है। इसे एपल के साथ-साथ चीन की कंपनियों- टीसीएल और हिसेंसे से टीवी और घरेलू उपकरणों के बाजार में कड़ी चुनौती मिल रही है। इसके अलावा एआई बूम के कारण चिप्स की लागत बढ़ी है जिससे कंपनी के सभी कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्ट्स की प्रॉफिटेबिलिटी पर असर पड़ा है।

चौंकाने वाला है फैसला

हेडक्वार्टर शिफ्ट करने का सैमसंग का फैसला चौंकाने वाला है क्योंकि न्यू जर्सी में इसके एंप्लॉयीज एक साल से भी कम समय पहले नए ऑफिस में शिफ्ट हुए थे। सितंबर में नए ऑफिस के उद्घाटन के मौके पर अमेरिकी सांसद जॉश गॉटहाइमर भी मौजूद थे और उनकी प्रेस रिलीज के मुताबिक एसईए न्यू जर्सी में करीब 1200 एंप्लॉयीज हैं। रायटर्स ने कुछ लिंक्डइन पोस्ट को रिव्यू कर पाया कि टेक्सास और न्यू जर्सी में सीनियर सेल्स और मार्केटिंग ऑफिशियल्स समेत 30 से अधिक वर्कर्स पिछले दो हफ्ते में या तो कंपनी छोड़ चुके हैं या उनकी छंटनी हुई है। साल 2025 के आखिर तक चिप डिविजन मिलाकर अमेरिका में सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स के 11,770 एंप्लॉयीज थे।

अभी और हो सकती है छंटनी?

टेस्ला, ओरेकल और दूसरी टेक कंपनियों की तरह ही सैमसंग भी अपने हेडक्वार्टर या बड़े ऑपरेशन्स को कम टैक्स और आसान नियमों के लिए मशहूर टेक्सास ले जाने वाली कंपनियां में शामिल हो गई है। हालांकि इसके चलते एंप्लॉयीज की नौकरी पर असर पड़ा है। अब सैमसंग के एंप्लॉयीज आगे भी छंटनी को लेकर परेशान हैं। एसईए के एक एंप्लॉयी के मुताबिक कंपनी चिप पर फोकस बढ़ा रहा है तो एंप्लायंस, होम एंटरटेनमेंट और मोबाइल डिवीजनों को एक साथ ला सकती है जिससे छंटनी हो सकती है।

दक्षिण कोरिया का जलवा, अमेरिका से जापान तक ट्रेडर्स की वॉचलिस्ट में, पहली बार देख रहे Kospi का चार्ट

Microsoft Layoff News: पिछले साल 15000 की छंटनी के बाद अब फिर तैयारी, माइक्रोसॉफ्ट के इन एंप्लॉयीज पर तलवार

Microsoft Layoff News: माइक्रोसॉफ्ट बड़े पैमाने पर एक बार फिर छंटनी की तैयारी कर रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक माइक्रोसॉफ्ट अपने वर्कफोर्स से करीब 2.5% एंप्लॉयीज के छुट्टी की तैयारी कर रही है। मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से किए गए दावे के मुताबिक माइक्रोसॉफ्ट इसके बारे में अगले हफ्ते तक ऐलान कर सकती है। बता दें कि पिछले कुछ महीनों में अमेरिकी कंपनियों ने ताबड़तोड़ छंटनी शुरू की है। टेक, मीडिया और फाइनेंस सेक्टर में इसकी एक नई लहर शुरू हुई है क्योंकि ये कंपनियां अपना लागत कम कर रही हैं और साथ ही एआई इंफ्रा में भारी निवेश भी कर रही हैं।

Microsoft Layoff: किन एंप्लॉयीज पर पड़ेगा असर?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक माइक्रोसॉफ्ट में जो छंटनी होनी है, उसमें हजारों एंप्लॉयीज की छुट्टी होगी। इसकी मार सेल्स और कंसल्टिंग के साथ-साथ Xbox गेमिंग डिविजन पर भी पड़ेगी। एसईसी फाइलिंग के मुताबिक पिछले साल 30 जून 2025 तक के आंकड़ों के मुताबिक माइक्रोसॉफ्ट के करीब 2.28 लाख फुल-टाइम एंप्लॉयीज थे।

पिछले साल दो बार में 15000 की छुट्टी

इस महीने की शुरुआत में आई ब्लूमबर्ग न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार Xbox ने वैश्विक स्तर पर पार्ट्स की कमी के चलते दुनिया भर में अपने गेमिंग कंसोल की कीमतें बढ़ा दी। कंपनी ने बड़े पैमाने पर एंप्लॉयीज की छंटनी करने के साथ-साथ मार्केटिंग और अन्य चीजों पर खर्च में भारी कटौती की योजना बनाई। एक और मीडिया रिपोर्ट में सामने आया था कि माइक्रोसॉफ्ट अपने Xbox गेमिंग यूनिट को अलग करने (स्पिन ऑफ) या इसे पूरी तरह अपनी सब्सिडरी कंपनी के तौर पर रीस्ट्रक्चर करने पर विचार कर रही है। पिछले साल जुलाई 2025 में कंपनी ने कहा था कि वह अपने करीब 4% एंप्लॉयीज की छुट्टी करेगी। बता दें कि पिछले साल मई 2025 में कंपनी ने 6 हजार एंप्लॉयीज की छंटनी की थी, जिसके बाद जुलाई में भी करीब 9 हजार एंप्लॉयीज की छंटनी का ऐलान और हुआ। अब एक बार फिर इसमें छंटनी की तैयारी हो रही है।

BlackRock Layoffs: दुनिया की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी में फिर छंटनी, इस बार 200 लोगों की जाएगी नौकरी