Qualcomm layoffs: स्नैपड्रैगन चिप बनाने वाली कंपनी में छंटनी की तैयारी, स्मार्टफोन की घटती बिक्री से बढ़ी परेशानी

Qualcomm layoffs: दुनिया की बड़ी चिप निर्माता कंपनियों में शामिल क्वालकॉम (Qualcomm) दुनियाभर में कर्मचारियों की छंटनी करने जा रही है। कंपनी के CEO क्रिस्टियानो एमोन ने सोमवार को कर्मचारियों को भेजे एक मेमो में इसकी जानकारी दी। Reuters के मुताबिक, कर्मचारियों को नवंबर से छंटनी के नोटिस मिलने शुरू हो सकते हैं।

एमोन ने कहा कि कंपनी का मकसद बेहतर परफॉर्मेंस वाली वर्क कल्चर तैयार करना है। इसके तहत उन कर्मचारियों पर भी ध्यान दिया जाएगा, जिनका प्रदर्शन लगातार उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा है। हालांकि, कंपनी ने यह नहीं बताया कि छंटनी से कितने कर्मचारी प्रभावित होंगे। पिछले साल सितंबर तक कंपनी में दुनियाभर में करीब 52,000 कर्मचारी थे। इनमें ज्यादातर फुल-टाइम कर्मचारी थे।

स्मार्टफोन बाजार में सुस्ती से बढ़ी चुनौती

क्वालकॉम को इस साल कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स की कमजोर बिक्री से दबाव का सामना करना पड़ रहा है। मेमोरी चिप की बढ़ती कीमतों ने भी प्रमुख बाजारों में मांग को प्रभावित किया है। क्वालकॉम खासकर स्मार्टफोन में इस्तेमाल होने वाले Snapdragon प्रोसेसर और चिपसेट बनाती है।

ये चिप फोन की प्रोसेसिंग, गेमिंग, कैमरा और AI जैसे काम संभालती हैं। कंपनी 5G और 4G नेटवर्क के लिए मॉडेम, Wi-Fi और ब्लूटूथ चिप भी बनाती है। अब कंपनी ऑटोमोबाइल, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) और AI डेटा सेंटर से जुड़े चिप कारोबार में भी विस्तार कर रही है।

AI डेटा सेंटर कारोबार पर कंपनी की नजर

जुलाई के आखिर में जारी नतीजों के दौरान Qualcomm ने अनुमान जताया था कि उसका तिमाही मुनाफा बाजार की उम्मीदों से कम रह सकता है। कंपनी ने यह भी कहा था कि Apple से जुड़े प्रोडक्ट्स से होने वाला रेवेन्यू उम्मीद से ज्यादा तेजी से घटेगा।

हालांकि, Qualcomm को उम्मीद है कि डेटा सेंटर और स्मार्टफोन से इतर दूसरे कारोबारों में बढ़ोतरी से इस नुकसान की भरपाई हो सकती है। कंपनी वित्त वर्ष 2027 तक AI डेटा सेंटर बाजार में अपनी मौजूदगी बढ़ाना चाहती है। उसका अनुमान है कि उस साल चिप बिक्री का बड़ा हिस्सा स्मार्टफोन के अलावा दूसरे कारोबारों से आएगा। Qualcomm के शेयर पिछले 1 महीने में 11.32% टूटे हैं।

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साल भर में 92 लाख का टैक्स दिया, अब 90 लाख की नौकरी भी नहीं मिल रही – Uber इंजीनियर के पोस्ट ने मचाया बवाल

नई दिल्ली। अच्छी सैलरी वाली नौकरी और लाखों रुपये का इनकम टैक्स देने के बाद भी नौकरी जाने का डर खत्म नहीं होता। ऐसा ही एक मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में है। Uber में सीनियर इंजीनियर होने का दावा करने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि पिछले साल उन्होंने 92 लाख रुपये इनकम टैक्स दिया था। लेकिन अब पैटरनिटी लीव के दौरान नौकरी जाने के बाद वे नई नौकरी खोजने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

उन्होंने रेडिट (Reddit) पर 7 अक्टूबर 2026 को शेयर की गई उनकी पोस्ट के मुताबिक, घर में नवजात बच्चा है और परिवार की जिम्मेदारियों के बीच नई नौकरी ढूंढना आसान नहीं होता है।

नौकरी छूटने का कारण रहा पैटरनिटी लीव

इंजीनियर का कहना है कि वे चार महीने की पैटरनिटी लीव (Paternity leave) पर थे, तभी उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया। घर में नवजात बच्चा है और परिवार की मदद के लिए भी कोई खास सहारा नहीं है। ऐसे में बच्चे की देखभाल के साथ नई नौकरी ढूंढना उनके लिए मुश्किल हो रहा है।

उन्होंने बताया कि परिवार की जिम्मेदारियों के चलते वे नौकरी खोजने और इंटरव्यू की तैयारी पर पूरा समय नहीं दे पा रहे हैं। नौकरी जाने के बाद घर के खर्च और बच्चे की देखभाल की चिंता भी बढ़ गई है। वह कहते है कि नौकरी जाने के बाद उन्हें ऐसी नई नौकरी नहीं मिल पा रही है, जिसमें सालाना कम से कम 90 लाख रुपये मिलें।

सेवरेंस पे पर टैक्स से नाराज, भारत छोड़ने की कही बात

नौकरी जाने के बाद मिलने वाले पैसे यानी सेवरेंस पे (Severance pay) पर टैक्स लगने से भी इंजीनियर नाराज हैं। उनका कहना है कि नई नौकरी मिलने तक परिवार का खर्च चलाने के लिए उन्हें इस पैसे की जरूरत है। ऐसे में टैक्स कटने से उनकी परेशानी बढ़ सकती है। इंजीनियर ने कहा कि वे जल्द ही भारत छोड़ देंगे और वापस नहीं आना चाहते।

इस घटना ने एक बार फिर नौकरी की सुरक्षा, टैक्स और परिवार की जिम्मेदारियों के बीच संतुलन जैसे मुद्दों पर चर्चा शुरू कर दी है।

करियर में आगे बढ़ने के लिए बदली नौकरी, लेकिन 30 दिन बाद ही बेरोजगार हुआ टेक प्रोफेशनल

नौकरी बदलने का फैसला अक्सर बेहतर सैलरी, करियर ग्रोथ और नई संभावनाओं की उम्मीद में लिया जाता है। लेकिन एक डेटा इंजीनियर के लिए यही फैसला कुछ ही हफ्तों में परेशानी का कारण बन गया। करीब पांच साल तक एक कंपनी में काम करने के बाद उसने नई कंपनी का रुख किया था। उसे उम्मीद थी कि नया अवसर उसके करियर को आगे बढ़ाएगा, लेकिन नई नौकरी शुरू करने के महज एक महीने बाद ही हालात बदल गए। कंपनी में प्रोजेक्ट और क्लाइंट से जुड़ी स्थिति बदलने के साथ बजट की समस्या सामने आ गई। इसके चलते उसके पास काम करने के लिए कोई प्रोजेक्ट नहीं बचा और उसे इस्तीफा देने के लिए कहा गया।

खास बात यह है कि उसने पुरानी नौकरी किसी खराब प्रदर्शन या विवाद की वजह से नहीं छोड़ी थी। अब अचानक दोबारा नौकरी तलाशने की स्थिति में पहुंचा यह प्रोफेशनल सोच रहा है कि क्या उसे अपनी पुरानी कंपनी से वापस संपर्क करना चाहिए या फिर नए अवसरों की तलाश जारी रखनी चाहिए।

5 साल बाद लिया था नौकरी बदलने का फैसला

डेटा इंजीनियर ने Reddit पर अपनी कहानी शेयर की। उसने बताया कि वह करीब पांच साल से एक कंपनी में डेटा इंजीनियरिंग के क्षेत्र में काम कर रहा था। नौकरी स्थिर थी और उसका प्रदर्शन भी किसी समस्या की वजह नहीं बना था। बेहतर मौके की उम्मीद में उसने कंपनी बदलने का फैसला किया और नई कंपनी जॉइन कर ली। नई कंपनी में सिर्फ एक महीना हुआ था नई नौकरी शुरू किए अभी एक महीना ही हुआ था कि हालात अचानक बदल गए। उसके मुताबिक, प्रोजेक्ट और क्लाइंट से जुड़ी स्थिति बदल गई और कंपनी को बजट की परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके चलते उसके पास कोई प्रोजेक्ट नहीं बचा। बाद में उसे इस्तीफा देने के लिए कहा गया। इतनी जल्दी नौकरी खत्म होने से वह खुद भी हैरान रह गया।

पुरानी नौकरी छोड़ने का अब हो रहा अफसोस?

सबसे मुश्किल बात यह थी कि उसने अपनी पुरानी नौकरी खुद छोड़ी थी। वह कंपनी में करीब पांच साल से था और वहां उसकी नौकरी स्थिर थी। उसका कहना है कि नई कंपनी में जाने का फैसला किसी खराब प्रदर्शन या विवाद की वजह से नहीं था। अब अचानक फिर से नौकरी तलाशने की स्थिति आने के बाद उसके सामने बड़ा सवाल है क्या उसे अपनी पुरानी कंपनी से दोबारा संपर्क करना चाहिए?

‘क्या पुरानी कंपनी में लौटना करियर के लिए खराब होगा?’

टेक प्रोफेशनल ने Reddit पर लोगों से सलाह मांगी कि क्या उसे अपने पुराने नियोक्ता से वापस नौकरी देने की बात करनी चाहिए या पूरी तरह नई कंपनी तलाशनी चाहिए। उसकी चिंता यह भी है कि इंटरव्यू में सिर्फ एक महीने की नई नौकरी को कैसे समझाएगा। साथ ही, उसे डर है कि पुरानी कंपनी में वापस जाने से उसके करियर पर कोई गलत असर तो नहीं पड़ेगा।

लोगों ने कहा- दोनों रास्ते खुले रखो

Reddit पर कई लोगों ने उसे सलाह दी कि सिर्फ एक विकल्प पर निर्भर रहने के बजाय दोनों रास्ते खुले रखे जाएं। कुछ यूजर्स ने कहा कि उसे नई नौकरियों के लिए आवेदन करते रहना चाहिए और साथ ही पुराने सहकर्मियों से संपर्क करने में भी कोई नुकसान नहीं है। एक यूजर ने अपनी कहानी भी शेयर की। उसने बताया कि कोविड के दौरान नई कंपनी में छह महीने काम करने के बाद उसका प्रोजेक्ट बंद हो गया था और छंटनी हो गई थी। इसके बाद वह अपनी पुरानी कंपनी में वापस चला गया।

उसके मुताबिक, पुरानी कंपनी ने उसके पिछले छह महीनों को स्किलिंग के लिए ‘सैबेटिकल’ की तरह दिखाने में भी मदद की। यानी सही रिश्ते और पुराने काम की अच्छी छवि होने पर पुरानी कंपनी में वापसी संभव हो सकती है।

पुरानी कंपनी में वापसी हमेशा गलत फैसला नहीं

इस कहानी से एक बात साफ है कि नौकरी बदलने के बाद आने वाली हर परेशानी कर्मचारी की गलती नहीं होती। कई बार प्रोजेक्ट, क्लाइंट या बजट में अचानक बदलाव का असर सीधे कर्मचारियों पर पड़ता है। ऐसे में पुरानी कंपनी में वापसी मांगना शर्म की बात नहीं है। अगर वहां अच्छे संबंध और मजबूत प्रदर्शन का रिकॉर्ड रहा हो, तो ‘boomerang employee’ के तौर पर लौटना भी एक व्यावहारिक करियर विकल्प हो सकता है।

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Microsoft Layoff News: पिछले साल 15000 की छंटनी के बाद अब फिर तैयारी, माइक्रोसॉफ्ट के इन एंप्लॉयीज पर तलवार

Microsoft Layoff News: माइक्रोसॉफ्ट बड़े पैमाने पर एक बार फिर छंटनी की तैयारी कर रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक माइक्रोसॉफ्ट अपने वर्कफोर्स से करीब 2.5% एंप्लॉयीज के छुट्टी की तैयारी कर रही है। मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से किए गए दावे के मुताबिक माइक्रोसॉफ्ट इसके बारे में अगले हफ्ते तक ऐलान कर सकती है। बता दें कि पिछले कुछ महीनों में अमेरिकी कंपनियों ने ताबड़तोड़ छंटनी शुरू की है। टेक, मीडिया और फाइनेंस सेक्टर में इसकी एक नई लहर शुरू हुई है क्योंकि ये कंपनियां अपना लागत कम कर रही हैं और साथ ही एआई इंफ्रा में भारी निवेश भी कर रही हैं।

Microsoft Layoff: किन एंप्लॉयीज पर पड़ेगा असर?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक माइक्रोसॉफ्ट में जो छंटनी होनी है, उसमें हजारों एंप्लॉयीज की छुट्टी होगी। इसकी मार सेल्स और कंसल्टिंग के साथ-साथ Xbox गेमिंग डिविजन पर भी पड़ेगी। एसईसी फाइलिंग के मुताबिक पिछले साल 30 जून 2025 तक के आंकड़ों के मुताबिक माइक्रोसॉफ्ट के करीब 2.28 लाख फुल-टाइम एंप्लॉयीज थे।

पिछले साल दो बार में 15000 की छुट्टी

इस महीने की शुरुआत में आई ब्लूमबर्ग न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार Xbox ने वैश्विक स्तर पर पार्ट्स की कमी के चलते दुनिया भर में अपने गेमिंग कंसोल की कीमतें बढ़ा दी। कंपनी ने बड़े पैमाने पर एंप्लॉयीज की छंटनी करने के साथ-साथ मार्केटिंग और अन्य चीजों पर खर्च में भारी कटौती की योजना बनाई। एक और मीडिया रिपोर्ट में सामने आया था कि माइक्रोसॉफ्ट अपने Xbox गेमिंग यूनिट को अलग करने (स्पिन ऑफ) या इसे पूरी तरह अपनी सब्सिडरी कंपनी के तौर पर रीस्ट्रक्चर करने पर विचार कर रही है। पिछले साल जुलाई 2025 में कंपनी ने कहा था कि वह अपने करीब 4% एंप्लॉयीज की छुट्टी करेगी। बता दें कि पिछले साल मई 2025 में कंपनी ने 6 हजार एंप्लॉयीज की छंटनी की थी, जिसके बाद जुलाई में भी करीब 9 हजार एंप्लॉयीज की छंटनी का ऐलान और हुआ। अब एक बार फिर इसमें छंटनी की तैयारी हो रही है।

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