7 दिन के लिए अमेरिका, 5-स्टार होटल और शानदार Waterfront View! Salesforce कर्मचारी ने दिखाई अपनी ‘ऑफिस लाइफ’

आमतौर पर कॉरपोरेट नौकरी का नाम सुनते ही लंबे काम के घंटे, मीटिंग्स, डेडलाइन और तनाव जैसी तस्वीर सामने आती है। लेकिन Salesforce की एक कर्मचारी ने अपनी नौकरी का ऐसा अनुभव साझा किया है, जिसने कॉरपोरेट लाइफ के दूसरे पहलू पर चर्चा छेड़ दी है। Salesforce में Design Lead के तौर पर काम करने वाली अनुष्का एस ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया। इसमें उन्होंने बताया कि कंपनी के एक सप्ताह लंबे ऑफसाइट के लिए उन्हें हैदराबाद से अमेरिका के Seattle ले जाया गया। इस दौरान उनके ठहरने का इंतजाम एक पांच सितारा होटल में किया गया, जहां से खूबसूरत waterfront का नजारा दिखाई देता था।

हैदराबाद से Seattle तक कंपनी का सफर

अनुष्का पिछले करीब एक साल से हैदराबाद में रह रही हैं। Massachusetts College of Art and Design से पढ़ाई करने वाली अनुष्का ने वीडियो में अपने करियर को मेहनत और शिक्षा से जोड़ते हुए युवाओं को पढ़ाई और अपने करियर पर ध्यान देने की सलाह दी। वीडियो में वह कॉरपोरेट नौकरी को लेकर होने वाली आम टिप्पणियों का जिक्र करती हैं। उनका कहना था कि अगर कोई सोचता है कि कॉरपोरेट में आने के बाद हासिल ही क्या हुआ, तो Salesforce का ये ऑफसाइट इसका एक अलग जवाब है।

7 दिन, 5-स्टार होटल और सामने खूबसूरत नजारा

अनुष्का ने बताया कि वह Seattle में सात दिनों तक एक पांच सितारा होटल में रुकीं। इसके बाद उन्होंने कैमरा घुमाकर होटल से दिखाई देने वाला खूबसूरत waterfront view भी दिखाया। उनके लिए यह यात्रा सिर्फ ऑफिस का काम नहीं थी, बल्कि बड़ी टेक कंपनी में काम करने के साथ मिलने वाले अनुभव और सुविधाओं की एक झलक भी थी। उन्होंने मजाकिया अंदाज में युवा दर्शकों से कहा कि पढ़ाई पर ध्यान दीजिए, क्योंकि टेक कंपनियां अपने कर्मचारियों को अच्छी सुविधाएं देना जानती हैं।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स की प्रतिक्रियाएं बंट गईं। कुछ लोगों ने इसे कॉरपोरेट नौकरी के फायदों की अच्छी मिसाल बताया, जबकि कुछ ने सवाल उठाया कि क्या नौकरी की सुविधाओं को इस तरह पेश करना मेहनत या “mazdoori” को ग्लोरिफाई करना है। एक यूजर ने अपने अनुभव का जिक्र करते हुए बताया कि उनकी कंपनी भी उन्हें दुनियाभर में घूमने का मौका देती है। वहीं, दूसरे यूजर ने Salesforce के वर्क कल्चर और कर्मचारी सुविधाओं की तारीफ की। एक अन्य यूजर ने सवाल किया कि सोशल मीडिया पर मेहनत-मजदूरी को ग्लोरिफाई क्यों किया जा रहा है।

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कॉरपोरेट जिंदगी सिर्फ सैलरी तक सीमित नहीं

अनुष्का का वीडियो इस बात की ओर ध्यान खींचता है कि बड़ी टेक कंपनियों में नौकरी का अनुभव सिर्फ सैलरी और काम के घंटों तक सीमित नहीं होता। कुछ भूमिकाओं में कर्मचारियों को इंटरनेशनल ट्रैवल, ऑफसाइट, बेहतर होटल और दूसरे perks भी मिल सकते हैं। हालांकि, कॉरपोरेट जीवन का अनुभव हर कर्मचारी के लिए एक जैसा नहीं होता। किसी के लिए ऐसी यात्राएं नौकरी का आकर्षक हिस्सा हो सकती हैं, तो किसी के लिए काम का दबाव और जिम्मेदारियां ज्यादा महत्वपूर्ण पहलू हो सकते हैं।

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करियर में आगे बढ़ने के लिए बदली नौकरी, लेकिन 30 दिन बाद ही बेरोजगार हुआ टेक प्रोफेशनल

नौकरी बदलने का फैसला अक्सर बेहतर सैलरी, करियर ग्रोथ और नई संभावनाओं की उम्मीद में लिया जाता है। लेकिन एक डेटा इंजीनियर के लिए यही फैसला कुछ ही हफ्तों में परेशानी का कारण बन गया। करीब पांच साल तक एक कंपनी में काम करने के बाद उसने नई कंपनी का रुख किया था। उसे उम्मीद थी कि नया अवसर उसके करियर को आगे बढ़ाएगा, लेकिन नई नौकरी शुरू करने के महज एक महीने बाद ही हालात बदल गए। कंपनी में प्रोजेक्ट और क्लाइंट से जुड़ी स्थिति बदलने के साथ बजट की समस्या सामने आ गई। इसके चलते उसके पास काम करने के लिए कोई प्रोजेक्ट नहीं बचा और उसे इस्तीफा देने के लिए कहा गया।

खास बात यह है कि उसने पुरानी नौकरी किसी खराब प्रदर्शन या विवाद की वजह से नहीं छोड़ी थी। अब अचानक दोबारा नौकरी तलाशने की स्थिति में पहुंचा यह प्रोफेशनल सोच रहा है कि क्या उसे अपनी पुरानी कंपनी से वापस संपर्क करना चाहिए या फिर नए अवसरों की तलाश जारी रखनी चाहिए।

5 साल बाद लिया था नौकरी बदलने का फैसला

डेटा इंजीनियर ने Reddit पर अपनी कहानी शेयर की। उसने बताया कि वह करीब पांच साल से एक कंपनी में डेटा इंजीनियरिंग के क्षेत्र में काम कर रहा था। नौकरी स्थिर थी और उसका प्रदर्शन भी किसी समस्या की वजह नहीं बना था। बेहतर मौके की उम्मीद में उसने कंपनी बदलने का फैसला किया और नई कंपनी जॉइन कर ली। नई कंपनी में सिर्फ एक महीना हुआ था नई नौकरी शुरू किए अभी एक महीना ही हुआ था कि हालात अचानक बदल गए। उसके मुताबिक, प्रोजेक्ट और क्लाइंट से जुड़ी स्थिति बदल गई और कंपनी को बजट की परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके चलते उसके पास कोई प्रोजेक्ट नहीं बचा। बाद में उसे इस्तीफा देने के लिए कहा गया। इतनी जल्दी नौकरी खत्म होने से वह खुद भी हैरान रह गया।

पुरानी नौकरी छोड़ने का अब हो रहा अफसोस?

सबसे मुश्किल बात यह थी कि उसने अपनी पुरानी नौकरी खुद छोड़ी थी। वह कंपनी में करीब पांच साल से था और वहां उसकी नौकरी स्थिर थी। उसका कहना है कि नई कंपनी में जाने का फैसला किसी खराब प्रदर्शन या विवाद की वजह से नहीं था। अब अचानक फिर से नौकरी तलाशने की स्थिति आने के बाद उसके सामने बड़ा सवाल है क्या उसे अपनी पुरानी कंपनी से दोबारा संपर्क करना चाहिए?

‘क्या पुरानी कंपनी में लौटना करियर के लिए खराब होगा?’

टेक प्रोफेशनल ने Reddit पर लोगों से सलाह मांगी कि क्या उसे अपने पुराने नियोक्ता से वापस नौकरी देने की बात करनी चाहिए या पूरी तरह नई कंपनी तलाशनी चाहिए। उसकी चिंता यह भी है कि इंटरव्यू में सिर्फ एक महीने की नई नौकरी को कैसे समझाएगा। साथ ही, उसे डर है कि पुरानी कंपनी में वापस जाने से उसके करियर पर कोई गलत असर तो नहीं पड़ेगा।

लोगों ने कहा- दोनों रास्ते खुले रखो

Reddit पर कई लोगों ने उसे सलाह दी कि सिर्फ एक विकल्प पर निर्भर रहने के बजाय दोनों रास्ते खुले रखे जाएं। कुछ यूजर्स ने कहा कि उसे नई नौकरियों के लिए आवेदन करते रहना चाहिए और साथ ही पुराने सहकर्मियों से संपर्क करने में भी कोई नुकसान नहीं है। एक यूजर ने अपनी कहानी भी शेयर की। उसने बताया कि कोविड के दौरान नई कंपनी में छह महीने काम करने के बाद उसका प्रोजेक्ट बंद हो गया था और छंटनी हो गई थी। इसके बाद वह अपनी पुरानी कंपनी में वापस चला गया।

उसके मुताबिक, पुरानी कंपनी ने उसके पिछले छह महीनों को स्किलिंग के लिए ‘सैबेटिकल’ की तरह दिखाने में भी मदद की। यानी सही रिश्ते और पुराने काम की अच्छी छवि होने पर पुरानी कंपनी में वापसी संभव हो सकती है।

पुरानी कंपनी में वापसी हमेशा गलत फैसला नहीं

इस कहानी से एक बात साफ है कि नौकरी बदलने के बाद आने वाली हर परेशानी कर्मचारी की गलती नहीं होती। कई बार प्रोजेक्ट, क्लाइंट या बजट में अचानक बदलाव का असर सीधे कर्मचारियों पर पड़ता है। ऐसे में पुरानी कंपनी में वापसी मांगना शर्म की बात नहीं है। अगर वहां अच्छे संबंध और मजबूत प्रदर्शन का रिकॉर्ड रहा हो, तो ‘boomerang employee’ के तौर पर लौटना भी एक व्यावहारिक करियर विकल्प हो सकता है।

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