बेंगलुरु में कैब चलाकर Uber Black ड्राइवर ने एक हफ्ते में कमाए ₹46000, कमाई देखकर सोशल मीडिया यूजर्स हुए हैरान

बेंगलुरु जैसे व्यस्त शहर में कैब चलाना किसी के लिए सिर्फ रोजगार हो सकता है, लेकिन एक Uber Black ड्राइवर ने अपनी कमाई और रोजमर्रा की जिंदगी की झलक दिखाकर सोशल मीडिया पर लोगों को चौंका दिया। Instagram पर वायरल हुए एक वीडियो में Hamtor Debbarma ने बताया कि वह किस तरह अपने दिन की शुरुआत करते हैं, शहर में यात्रियों को छोड़ते हैं और इसी काम के जरिए एक सप्ताह में ₹46,000 से ज्यादा कमा लेते हैं।

सुबह की शुरुआत से सड़क तक का सफर

वीडियो की शुरुआत Hamtor की सुबह की दिनचर्या से होती है। वह उठकर ब्रश करते हैं, नहाते हैं, नाश्ता तैयार करते हैं और काम पर जाने से पहले अपने कपड़े प्रेस करते हैं। इसके बाद वह घर पर अपने काम की तैयारी करते हैं और Uber ड्राइवर की पहचान वाली सफेद शर्ट और काली पैंट पहनकर निकलते हैं।

काम शुरू करने से पहले वह अपनी कार की सफाई भी करवाते हैं। इसके बाद बेंगलुरु की सड़कों पर उनका सफर शुरू होता है, जहां वीडियो में उनकी कुछ राइड्स की छोटी-छोटी झलकियां दिखाई गई हैं।

कैब ड्राइविंग है साइड हसल

Hamtor ने बताया कि Uber Black के लिए ड्राइविंग करना उनका मुख्य काम नहीं, बल्कि एक साइड हसल है। उनके प्रोफाइल के मुताबिक उन्होंने B.Com की पढ़ाई Yenepoya University से की है और वह क्रिप्टो तथा फॉरेक्स ट्रेडिंग में भी रुचि रखते हैं।

वीडियो में वह दिनभर की व्यस्तता के बीच एक परिचित के साथ लंच करते हुए भी नजर आते हैं। यानी उनका दिन सिर्फ ड्राइविंग तक सीमित नहीं रहता, बल्कि काम और निजी जिंदगी के बीच संतुलन की भी झलक देता है।

एक हफ्ते की कमाई ने चौंकाया

वीडियो का सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाला हिस्सा उनकी साप्ताहिक कमाई थी। उनके फोन की स्क्रीन पर एक सप्ताह की कमाई ₹46,022.30 दिखाई दी। इस आंकड़े को देखकर कई सोशल मीडिया यूजर्स हैरान रह गए। वीडियो के अंत में Hamtor ने अपने फॉलोअर्स के लिए एक संदेश भी साझा किया उन्होंने लोगों को विनम्र और जमीन से जुड़े रहने की सलाह दी और याद दिलाया कि कोई भी पद या स्थिति हमेशा के लिए नहीं रहती।

सोशल मीडिया पर लोगों ने क्या कहा?

वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने अलग-अलग तरह से प्रतिक्रिया दी। कई यूजर्स ने उनकी मेहनत और काम के प्रति रवैये की तारीफ की। कुछ लोगों ने मजाकिया अंदाज में कहा कि उनकी जिंदगी कॉरपोरेट नौकरी करने वालों से ज्यादा शानदार नजर आ रही है। एक यूजर ने लिखा कि उनकी जिंदगी अपनी जिंदगी से ज्यादा फैंसी लग रही है। वहीं एक अन्य ने कहा कि यह कमाई कॉरपोरेट नौकरी से कहीं बेहतर है।

कुछ लोगों ने इसे IT और कॉरपोरेट सेक्टर में काम करने वालों के लिए उम्मीद से जोड़कर देखा। एक कमेंट में कहा गया कि ऐसी कहानी IT प्रोफेशनल्स को भी नई संभावनाओं के बारे में सोचने की प्रेरणा देती है।

‘काम कोई छोटा नहीं होता’

इस पोस्ट पर एक यूजर ने अपने बेटे का उदाहरण देते हुए Hamtor और ऐसे काम करने वाले लोगों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि हर क्षेत्र में पढ़े-लिखे और मेहनती लोगों की जरूरत है और अपने सपनों तक पहुंचने तक अपने काम का आनंद लेना चाहिए।

इस पूरी कहानी ने एक बार फिर यह सवाल सामने रखा है कि सफलता को सिर्फ पारंपरिक 9-5 नौकरी के पैमाने से क्यों देखा जाए। Hamtor की कहानी सोशल मीडिया पर इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि उन्होंने अपने काम को छिपाने के बजाय उसे खुले तौर पर दिखाया और अपनी मेहनत से जुड़ी कमाई भी लोगों के साथ साझा की।

डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।

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Uber ड्राइवर ने गलती से भेजे गए ₹37,000 पैसेंजर को लौटाए, इनाम लेने से भी किया मना

कोलकाता की एक पत्रकार ने बताया कि कैसे एक उबर ड्राइवर ने उन्हें 37,000 रुपये कुछ ही मिनटों में लौटा दिए, जब उन्होंने गलती से Google Pay के जरिए उसे पैसे भेज दिए थे। उन्होंने कहा कि इस घटना ने ऑनलाइन धोखाधड़ी और स्कैम को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच लोगों में उनका भरोसा फिर से जगा दिया है।

संचारी घोष ने लिंक्डइन पोस्ट में इस घटना का जिक्र करते हुए बताया कि 1 सितंबर को Google Pay से पेमेंट करते समय उन्होंने गलती से आनंद दास नाम के गलत व्यक्ति को 37,000 रुपये भेज दिए थे।

मनीकंट्रोल से बात करते हुए घोष ने कहा कि वह एक ऐसे कॉन्टैक्ट को पैसे भेजना चाहती थीं, जिसका पहला नाम और सरनेम उनके फोन में सेव किसी दूसरे व्यक्ति जैसा ही था। उन्हें अपनी गलती का एहसास कई घंटों बाद हुआ, जब जिस व्यक्ति को पैसे मिलने थे, उसने पेंडिंग पेमेंट के बारे में उनसे संपर्क किया।

उन्होंने पैसे पाने वाले शख्स को कैसे ढूंढा?

गलती का पता चलने के बाद, घोष ने HDFC बैंक और कोलकाता पुलिस के साइबर सेल से संपर्क किया। अपनी ट्रांजैक्शन हिस्ट्री देखने और यह शक होने पर कि पैसे पाने वाला व्यक्ति शायद उनकी पिछली किसी राइड से जुड़ा हो सकता है, उन्होंने उबर से भी संपर्क किया।

लेकिन, जब आधिकारिक तरीकों से मामले पर कार्रवाई हो रही थी, तब उन्होंने खुद भी छानबीन करने का फैसला किया।

घोष ने पब्लिकेशन को बताया कि उन्होंने अपने पिछले ट्रांजैक्शन चेक किए और पाया कि उन्होंने 24 अगस्त को आनंद दास नाम के ड्राइवर को उबर का 180 रुपये का किराया दिया था।

इसके बाद उन्होंने अपनी पिछली राइड की जानकारी निकाली और सीधे उस ड्राइवर से संपर्क करने में कामयाब रहीं।

15 मिनट में पैसे वापस मिल गए

घोष ने बताया कि उन्होंने दास को पूरी बात बताई। दास ने तुरंत ट्रांजैक्शन की जांच की और पूरे 37,000 रुपये वापस कर दिए।

उन्होंने ‘मनीकंट्रोल’ को बताया, “पूरी बात सुनने के बाद, उन्होंने तुरंत जांच की और पूरी रकम वापस कर दी।” पत्रकार ने आगे बताया कि बाद में उन्होंने दास से मिलकर उन्हें तारीफ के तौर पर कुछ छोटा-सा तोहफा देने की पेशकश की, लेकिन उन्होंने विनम्रता से मना कर दिया। इसके बजाय, दास ने उनसे कहा: “आपकी तारीफ और भरोसा ही मेरे लिए सबसे बड़ा तोहफा है। 37,000 रुपये से मैं कब तक गुजारा कर पाता? लेकिन यह भरोसा मुझे बहुत आगे ले जाएगा।”

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