Daily Voice : अमेरिकी मध्यावधि चुनाव बाजार के लिए कर सकते हैं ट्रिगर का काम, चुनिंदा आईटी शेयरों पर रहे नजर

Daily Voice : IT शेयरों में हालिया तेजी भले ही अभी किसी टिकाऊ रिकवरी का संकेत न हो,लेकिन हर उछाल पर आईटी शेयरों में बिकवाली की एकतरफा रणनीति अपनाना भी जल्दबाजी हो सकती है। अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के नतीजे बाजारों के लिए एक ट्रिगर का काम कर सकते हैं,लेकिन इस बात की संभावना कम है कि केवल इसी वजह से बाजार में कोई बड़ी तेजी या कच्चे तेल में भारी गिरावट आएगी। ये बातें अल्फएक्यूरेट एडवाइजर्स के प्रबंध निदेशक और संस्थापक राजेश कोठारी ने मनीकंट्रोल से हुई एक बातचीत में कही हैं।

उन्होंने आगे कहा कि आईटी शेयरों में आई हालिया तेजी पॉजिटिव संकेत है लेकिन निवेशकों को अभी यह नहीं मान लेना चाहिए कि इस सेक्टर में टिकाऊ तेजी की शुरुआत हो गई है। पोर्टफोलियो में कोई बदलाव करने से पहले तेल सप्लाई की स्थिति,डॉलर,बॉन्ड यील्ड और कॉर्पोरेट अर्निंग पर नजर रखने की जरूरत है।

आईटी में तीन बातों पर नजर रखने की जरूरत

राजेश कोठारी के मुताबिक IT शेयरों में हालिया तेजी उत्साहजनक है,लेकिन इसे एक टिकाऊ तेजी मान लेने में सावधानी बरतने की जरूरत है। बड़ा सवाल यह है कि क्या यह तेजी इंडस्ट्री की अर्निंग आउटलुक से मेल खाती है या यह सिर्फ ‘ओवरसोल्ड’लेवल्स से आई खरीदारी है? हमें आईटी में तीन बातों पर नजर रखने की जरूरत है:

मांग की स्थिति: विशेष रूप से अमेरिका और यूरोप में टाले जा सकने वाला टेक्नोलॉजी खर्च (discretionary technology spending)अहम बना हुआ है। बेहतर सौदे हासिल करने का नतीजा रेवेन्यू ग्रोथ के रूप में दिखना चाहिए।

AI से बदलाव और अवसर: AI कमाई के नए स्रोत पैदा कर सकता है, लेकिन यह पारंपरिक बिलिंग मॉडल को भी बदल सकता है और कीमतों पर दबाव डाल सकता है।

वैल्यूएशन और अर्निंग आउटलुक: भारी तेजी के बाद, जिन शेयरों की कीमत उनकी कमाई की संभावनाओं से आगे निकल गई है, उनमें मुनाफावसूली (प्रॉफिट-टेकिंग) देखने को मिल सकती है।

राजेश कोठारी का मानना ​​है कि आईटी सेक्टर में तेजी आने पर हर शेयर बेच देने की रणनीति जल्दबाजी हो सकती है, लेकिन इस तेजी के पीछे भागना भी कोई समझदारी नहीं है। आईटी में उन कंपनियों को ही प्राथमिकता देनी चाहिए जिनकी ग्रोथ की संभावनाएं बेहतर हो रही हैं, जिनके ग्राहकों के साथ मजबूत संबंध हैं और जिनके पास AI से कमाई करने के ठोस मौके हैं। ऐसी कंपनियों से दूर रहने की जरूरत है जो अभी भी कमजोर मांग से जूझ रही हैं।

क्या आप कंजम्पशन सेक्टर को लेकर सतर्क हैं? कंजम्पशन डिमांड और इससे जुड़े शेयरों पर आपकी क्या राय है?

राजेश कोठारी ने कहा कि कंजम्पशन सेक्टर को लेकर पूरी तरह सतर्क रहने के बजाय,चुनिंदा रुख अपनाना पसंद करेंगे। जरूरी चीजों पर होने वाले खर्च और गैर-जरूरी (वैकल्पिक) चीजों पर होने वाले खर्च के बीच का अंतर समझना जरूरी है। कई ‘फास्ट फ्रीक्वेंसी’ डेटा इंडिकेटर कंजम्पशन ट्रेंड में सुधार दिखा रहे हैं (जैसे रिटेल क्रेडिट ग्रोथ, टू-व्हीलर की बिक्री में बढ़ोतरी, आदि)।

इस सेक्टर में ऐसी कंपनियों पर नजर रखनी चाहिए जिनके पास मजबूत ब्रांड, अच्छा डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क, कीमतों को तय करने की ताकत, अच्छी बैलेंस शीट और सही वैल्यूएशन हों। वैकल्पिक उपभोग (discretionary consumption) के सेक्टर में केवल कीमतों में बढ़ोतरी पर निर्भर रहने के बजाय, बिक्री की मात्रा (volume) में बढ़त के संकेतों पर भी नजर रखने की जरूरत है।

क्या आप आने वाले समय में ‘अल नीनो’ (El Niño) को बड़ा जोखिम मानते हैं? इसका महंगाई, ग्रामीण मांग और भारत के विकास पर क्या असर पड़ सकता है?

इसके जवाब उन्होंने कहा कि ‘अल नीनो’ एक जोखिम तो है,लेकिन इसे देखकर यह मान लेना सही नहीं होगा कि भारत के विकास का पूरा आउटलुक ही खराब हो जाएगा। कोई निष्कर्ष निकालने से पहले फसल उत्पादन, जलाशयों के जल-स्तर, खाने-पीने की चीजों की कीमतों के रुझान और ग्रामीण मांग के इंडीकेटरों पर नजर रखने की जरूरत है।

Q2FY27 में बैंकों के नतीजे कैसे रह सकते है? क्या इनके मौजूदा वैल्यूएशन अच्छे लग रहे है या इन स्तरों से आगे बढ़ने की गुंजाइश सीमित है?

इसके जवाब में राजेश कोठारी ने कहा कि बैंक शेयरों का प्रदर्शन उत्साहजनक है। ज़्यादातर बैंकों ने लोन वितरण (डिस्बर्समेंट) में अच्छी बढ़ोतरी और मज़बूत एसेट क्वालिटी की जानकारी दी है। अच्छे बैंकों में मध्यम अवधि के नजरिए निवेश के अच्छे मौके दिख रहे हैं लेकिन वैल्यूएशन के नजरिए से चुनिंदा शेयरों पर ही दांव लगाने की सलाह होगी।

ऐसे बैंकों पर फोकस करने की सलाह होगी जिनकी अर्निंग ग्रोथ को टिकाऊ कोर इनकम,अच्छी एसेट क्वालिटी और मजबूत फंडिंग फ्रेंचाइजी का सपोर्ट हासिल हो। अगले दो से तीन तिमाहियों में मार्जिन में सुधार की स्थिति कैसी रहती है, इस पर भी नजर रहनी चाहिए।

 

दिग्गज निवेशक आशीष कचोलिया ने एक्सप्रो इंडिया में लगभग 1% हिस्सेदारी बेची, ऋषि कजारिया ने स्वराज सूटिंग में बढ़ाई हिस्सेदार

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

JIO Platforms के IPO को लेकर फुल जोश में मार्केट दिग्गज, 4 साल में मार्केट कैप डबल होने की जता रहे उम्मीद

Jio Platforms IPO : जियो प्लेटफार्म्स के IPO का काउंटडाउन शुरू हो गया है। आज यह इश्यू एंकर निवेशकों के लिए खुला। इसमें घरेलू और विदेशी कंपनियां बढ़ चढ़कर बोलियां लगा सकती हैं। बुधवार से यह IPO सभी निवेशकों के लिए खुलेगा। इसका प्राइस बैंड 1065 से 1119 रुपए प्रति शेयर के बीच है। Jio Platforms अपने 30000 करोड़ से ज्यादा के इश्यू साइज से भारतीय बाजार में एक नया इतिहास रचने जा रही है। डिजिटल इंडिया के इस पोस्टर BOY ने महज 10 सालों में देश में डिजिटल क्रांति की इबारत लिखी है। ये सिर्फ एक टेलीकॉम कंपनी नहीं, उससे कहीं बढ़कर है। यह देश का सबसे बड़ा डिजिटल और मोबाइल ब्रॉडबैंड नेटवर्क है।

JIO PLATFORMS के IPO को लेकर बाजार के दिग्गज फुल जोश में हैं। दिग्गज निवेशकों ने इसमें बढ़कर चढ़कर निवेश करने की सलाह दी है। एनाम ग्रुप के को-फाउंडर वल्लभ भंशाली ने कहा है। सिर्फ 10 साल में बेहतरीन कंपनी बनकर तैयार हुई है। रमेश दमानी ने कहा है कि जियो IPO को निवेशक हाथों हाथ लेंगे। उधर देवेन चोकसी ने कहा है कि कंपनी की ग्रोथ बेहतरीन है। इसका मार्केट कैप 4 साल में डबल हो जाएगा।

जियो प्लेटफॉर्म्स IPO पर उदय कोटक ने कहा कि यह दुनिया की अकेली ऐसी कंपनी है जिसके पास प्रोपराइटरी एंड-टू-एंड कनेक्टिविटी (Proprietary End-to-End Connectivity है। समय के साथ लगातार तेज ग्रोथ बनी हुई है।

फिच रेटिंग्स के डायरेक्टर, गिरीश मदान ने कहा है कि जियो प्लेटफॉर्म्स मार्केट लीडर है। आगे ARPU बढ़ाने की काफी गुंजाइश है। कंपनी की बैलेंस शीट दमदार है। कंपनी की नेट डेट टू EBITDA 1x से कम है। यह आगे और नीचे आएगा। कंपनी क्रेडिट प्रोफाइल मजबूत है।

JIO IPO पर मार्केट एक्सपर्ट राकेश बंसल ने कहा कि जियो IPO के लिए नए डीमैट अकाउंट खुल रहे हैं। वहीं, कंप्लीट सर्किल के गुरमीत चड्ढा ने कहा कि अच्छे वैल्युएशन पर, निवेशकों के लिए इसमें कमाई के अच्छे मौके हैं।

JIO IPO पर SMIFS की राय है कि इसमें निवेशक लंबे वक्त के लिए सब्सक्राइब करें। रेलिगेयर की भी इसमें सब्सक्राइब करने की सलाह है। मोतीलाल ओसवाल का भी JIO IPO पर पॉजिटिव व्यू है।

बोनांजा का कहना है का JIO IPO का वैल्युएशन वाजिब है। यह भारती से डिस्काउंट पर मिल रहा है। अर्निंग ग्रोथ और टैरिफ बढ़ने पर आगे ठीक-ठाक ग्रोथ देखने को मिलेगी। वहीं, मंगलदास केशव का कहना है कि JIO IPO उम्मीद से बेहतर वैल्युएशन पर आय है। IPO प्राइसिंग वाजिब नजर आ रही है।

JIO IPO पर वेंचुरा की राय है कि आगे टैरिफ बढ़ोतरी और प्रीमियमाइजेशन अहम फैक्टर का काम करेंगे। यह भारती के इंडिया टेलीकॉम कारोबार के मुकाबले प्रीमियम पर है।

दिग्गज निवेशकों की राय

इसके साथ ही बाजार के दिग्गज निवेशक भी जियो प्लेटफॉर्म जैसे बड़े IPO को भारतीय बाजार की मजबूती की कहानी कह रहे हैं। सभी ने एक लाइन में कहा निवेशक जियो IPO को हाथों हाथ लेंगे। BSE के मेंबर और बाजार के दिग्गज निवेश रमेश दमानी के मुताबिक जियो के IPO को निवेशक हाथों हाथ लेंगे। जियो के 55 करोड़ ग्राहक हैं जो एक तिहाई भारतीयों को सेवा दे रही है। सिर्फ 10 साल में मुकेश अंबानी ने जियो को IPO के लिए तैयार कर दिया। हैरानी होती है कि भारत में जियो जैसी इतनी बड़ी कंपनी है। मुकेश अंबानी हर बड़े प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करते हैं। मुकेश अंबानी ने 10 साल में जियो को IPO के लिए तैयार किया। निवेशक जियो IPO को हाथों हाथ लेंगे।

HDFC AMC के MD नवनीत मुनोत ने कहा कि भारतीय बाजार में बड़े IPO आ रहे हैं। बड़े IPOs बाजार की मजबूती बता रहे हैं। कंपनियां अरबों डालर जुटाने में कामयाब हो रही हैं। भारतीय बाजार में काफी मजबूती है।10 साल पहले जियो ने बड़ी शुरुआत की। जियो प्लेटफॉर्म अब बड़ी रकम जुटा रहा है।

DRChoksey FinServ के MD,देवेन चौकसी ने कहा कि JIO IPO निवेशकों के लिए बेहतर मौका है। कंपनी का मार्केट कैप 10 लाख करोड़ रुपए है। पिछले कुछ साल में EBITDA ग्रोथ 18% रही। अगले कुछ साल में 20% CAGR ग्रोथ की उम्मीद। अगले 4 साल में इसका EBITDA दोगुना हो सकता है। कंपनी का मार्केट कैप 10 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 20 लाख करोड़ रुपए हो सकता है।

Elixir Equities के डायरेक्टर दीपन मेहता के मुताबिक जियो के IPO का वैल्युएशन काफी अच्छा है और लिस्टिंग पर अच्छे रिटर्न मिलने की उम्मीद है। AI और डाटा सेंटर इंडस्ट्री इसके लिए ग्रोथ का अहम ट्रिगर होंगे। डाटा कंजम्प्शन बढ़ने से इंडस्ट्री ग्रोथ को सपोर्ट मिलेगा। जियो IPO को लेकर आउटलुक पॉजिटिव है।

 

 

(डिस्क्लेमर: नेटवर्क 18 मीडिया एंड इनवेस्टमेंट लिमिटेड पर इंडिपेंडेंट मीडिया ट्रस्ट का मालिकाना हक है। इसकी बेनफिशियरी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।)

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stocks Markets: बीएसई और एनएसई 20 अक्तूबर को बंद रहेंगे, जानिए कैसा रहेगा 4 दिन का यह कारोबारी हफ्ता

यह हफ्ता शेयर बाजारों के लिए अच्छा रहा। लंबे समय बाद शेयर बाजार में रौनक लौटी। निफ्टी इस दौरान 2.49 फीसदी चढ़ा, जबकि सेंसेक्स में 3.30 फीसदी का उछाल आया। अब बाजार की नजरें 19 अक्तूबर यानी सोमवार पर टिकी हैं। मंगलवार को शेयर बाजारों में दशहरा की छुट्टी है। इसलिए सोमवार के बाद बीएसई और एनएसई में फिर से बुधवार यानी 21 अक्तूबर को कारोबार शुरू होगा। सवाल है कि क्या बाजार में तेजी का सिलसिला क्या अगले हफ्ते जारी रहेगा?

19 अक्टूबर को खुलेगा जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ

अगले हफ्ते शेयर बाजार पर सितंबर तिमाही के नतीजों, क्रूड ऑयल की कीमतों और Jio Platforms के आईपीओ का असर दिखेगा। लेकिन, सबसे ज्यादा नजरें विदेशी निवेशकों पर होंगी। विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने बाजार पर दबाव बढ़ाया है। जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ एंकर इनवेस्टर्स के लिए 19 अक्तूबर को खुल जाएगा। बाकी इनवेस्टर्स के लिए यह 21 अक्तूबर को खुलेगा। यह देश का सबसे बड़ा आईपीओ है। अब तक किसी कंपनी ने आईपीओ से 30,000 करोड़ रुपये नहीं जुटाए हैं।

30000 करोड़ के इश्यू का असर लिक्विडिटी पर दिख सकता है

जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में निवेश के लिए इनवेस्टर्स को पैसे के इंतजाम करने होंगे। कई इनवेस्टर्स इस आईपीओ में निवेश करने के लिए दूसरे शेयरों से पैसे निकाल सकते हैं। चूंकि यह 30,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का इश्यू है, जिससे पैसे की काफी जरूरत पड़ेगी। इसका असर लिक्विडिटी पर पर पड़ सकता है। सूत्रों ने बताया है कि कई बड़े विदेशी संस्थागत निवेशकों और घरेलू संस्थागत निवेशकों ने इस इश्यू में निवेश में दिलचस्पी दिखाई है। वे इस इश्यू में निवेश के लिए दूसरे शेयरों में बिकवाली कर सकते हैं।

क्रूड ऑयल की कीमतों पर भी होंगी बाजार की नजरें 

क्रूड ऑयल की कीमतों का असर भी बाजार पर पड़ेगा। इस हफ्ते के अंत में क्रूड की कीमतों में बड़ा उछाल दिखा। ब्रेंट क्रूड करीब 110 डॉलर प्रति बैरल तक चला गया। अगर अगले हफ्ते क्रूड की कीमतों में नरमी नहीं आती है तो बाजार पर दबाव दिख सकता है। महंगे क्रूड की वजह से पेंट्स, टायर सहित कई कंपनियों की प्रोडक्शन कॉस्ट बढ़ी है। इसका निगेटिव असर उनके शेयरों पर दिखा है। क्रूड का 110 डॉलर प्रति बैरल पर बने रहना भारत की इकोनॉमी के लिए भी अच्छा नहीं है। इससे महंगाई तेजी से बढ़ सकती है।

आईटी शेयरों में तेजी जारी रही तो बाजार को मिल सकता है सपोर्ट

एनरिच मनी के सीईओ पोममुदी आर ने कहा कि निवेशकों की नजरें इस बात पर होगी कि बाजार में आईटी शेयरों की बदौलत आई तेजी जारी रहती है या नहीं। वे देखना चाहते हैं कि बाजार के प्रमुख सूचकांक अपने रेसिस्टेंस लेवल को तोड़ पाते हैं या नहीं। इस हफ्ते तेजी की वजह से बाजार का मोमेंटम पॉजिटिव बना हुआ है। आईटी शेयरों में अच्छी रिकवरी दिखी है।

इन दिग्गज बैंकिंग शेयरों पर दिखेगा सितंबर तिमाही के नतीजों का असर

इस हफ्ते के अंत में एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, पीएनबी जैसे बड़े बैंकों ने अपने नतीजों के एलान किए। मिलाजुलाकर ये नतीजे अच्छे हैं। इन बैंकों के शेयरों पर 19 अक्तूबर यानी सोमवार को इन नतीजों का असर दिखेगा। पिछले एक-डेढ़ साल में प्राइवेट बैंकों के शेयरों का प्रदर्शन सरकारी बैंकों के शेयरों के मुकाबले कमजोर रहा है। सितंबर तिमाही के नतीजों से प्राइवेट बैंकों के शेयरों में तेजी शुरू हो सकती है।

अमेरिका में एआई और चिप शेयरों पर भी होगी नजरें 

मार्केट पार्टिसिपेंट्स को ग्लोबल फैक्टर्स पर भी नजर रखने की जरूरत है। खासकर अमेरिकी बॉन्ड यील्ड का असर फिलहाल मार्केट्स पर बना रहेगा। जियोपॉलिटिकल डेवलपेमेंट पर भी बाजार की नजरें होंगी। इस हफ्ते में अमेरिका में एआई और चिप शेयरों की पिटाई हुई है। अगर अगले हफ्ते भी इन शेयरों पर दबाव जारी रहता है तो भारतीय आईटी शेयरों में तेजी दिख सकती है।

Stock Market View: अगले 6 महीने तेजी में मुनाफावसूली की रणनीति करेगी काम, पावर और एक्सपोर्ट सेगमेंट में कमाई के मौके

Stock Market View : 13 अक्टूबर के शानदार सेशन के बाद मार्केट पर आज फिर दबाव देखने को मिल रहा है। निफ्टी 22,700 के लेवल से नीचे आ गया है। बुल्स मोमेंटम बनाए रखने के लिए संघर्ष रहे हैं। सेंसेक्स भी थोड़ा नीचे है और 73,000 के लेवल से नीचे फिसल गया है। निफ्टी बैंक इंडेक्स भी मंदडियों की पकड़ से जूझ रहा है और लगभग 100 अंक नीचे है। बाजार जानकारों का कहना है कि निफ्टी के लिए निचले स्तर पर 22,700 का लेवल बचाए रखना अहम होगा। वहीं, फिर से तेजी पकड़ने के लिए 23,000 के लेवल तक पहुंचना भी जरूरी होगा।

ऐसे माहौल में मार्केट आउटलुक पर चर्चा करते हुए डाइमेंशन्स कॉर्पोरेट फाइनेंस सर्विसेज़ ( Dimensions Corporate Finance Services) के मैनेजिंग डायरेक्टर अजय श्रीवास्तव ने कहा कि रुपए में गिरावट और महंगाई बढ़ने के चलते बाजार पर दबाव देखने को मिल रहा है। बाजार की गिरावट से कोई सरप्राइज नहीं है। अगले 6 महीने तक बाजार में मुनाफावूसली की रणनीति काम करती दिखेगी।

मिडकैप में अच्छी तेजी रही है। प्राइमरी मार्केट पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि IPO का सबसे ज्यादा फायदा एंकर निवेशकों ने उठाया है। IPO से रिटेल निवेशकों को खास फायदा नहीं हुआ है। बाजार की तेजी में मुनाफावसूली की रणनीति रखें। मिडकैप में प्रॉफिट बुकिंग की रणनीति बेहतर काम करेगी।

उन्होंने आगे कहा कि इस समय इंजीनियरिंग में पावर और एक्सपोर्ट सेगमेंट में कमाई के मौके हैं। इन सेगमेंट में क्वालिटी शेयरों पर फोकस करें। नॉन-फेरस मेटल की थीम भी बेहतर है। NBFCs में गोल्ड लोन कंपनियां बेहतर लग रही हैं।

फार्मा शेयरों पर बात करते हुए उन्होंने आगे कहा कि CDMO शेयर लंबी अवधि के नजरिए से अच्छे लग रहे हैं। इनमें एंट्री पर ध्यान दें। इसके अलावा इंडिया का होटल सेक्टर अच्छा कर सकता है। न्यू ऐज शेयर भी लंबी अवधि के लिहाज से अच्छे लग रहे हैं। आईटी शेयरों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि IT काफी ओवरसोल्ड है। इस सेक्टर को रुपए की गिरावट से फायदा होगा। फिर भी IT सेक्टर में अभी दम नहीं नजर आ रहा है। उनका यह भी मानना है कि स्टारलिंक से टेलीकॉम की तस्वीर बदलती नजर आएगी।

 

Market Insight : भारत का बाजार खराब नहीं है, सिर्फ टॉप 10 शेयर में हो रही है दिक्कत

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Share Market Rally: 5 वजहों से 700 प्वाइंट्स चढ़ा Sensex, आईटी सेक्टर की रौनक में Nifty पहुंचा 22600 के पास

Share Market Rally: वैल्यू बाइंग और इकनॉमिक ग्रोथ आउटलुक में अपग्रेड ने घरेलू स्टॉक मार्केट में आज शानदार रौनक बिखेरी। इस माहौल में सेंसेक्स 693 प्वाइंट्स उछल पड़ा तो निफ्टी ने फिर से 22500 का लेवल हासिल किया और 22600 के करीब पहुंचा। हालांकि ब्रोडर लेवल पर मार्केट में मिला-जुला रुझान है और स्मॉलकैप स्पेस में बिकवाली का काफी दबाव है। निफ्टी मिडकैप 100 में करीब आधे फीसदी की बढ़त है तो दूसरी तरफ निफ्टी स्मॉलकैप 100 में करीब 1% की गिरावट है।

अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 09:55 AM पर सेंसेक्स 692.86 प्वाइंट्स यानी 0.96% की बढ़त के साथ 72,617.54 और निफ्टी भी 213.10 प्वाइंट्स यानी 0.95% के उछाल के साथ 22,576.45 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 696.23 प्वाइंट्स चढ़कर 72,620.91 और निफ्टी 217.80 प्वाइंट्स उछलकर 22,581.15 तक पहुंच गया था।

Stock Market Rally: ये है वजह

वैल्यू बाइंग

निचले स्तर पर खरीदारी यानी वैल्यू बाइंग से मार्केट को सपोर्ट मिला है।

India VIX में नरमी

मार्केट की घबराहट को मापने वाले वोलैटिलिटी इंडेक्स India VIX में नरमी से मार्केट को सपोर्ट मिला है। फिलहाल यह 4.40% की तेजी के साथ 14.58 पर है। इसके अधिक होने का मतलब शॉर्ट टर्म में वोलैटिलिटी बढ़ने की आशंका और कम होने का मतलब शॉर्ट टर्म में उठा-पटक कम होने की संभावना है।

जीडीपी ग्रोथ के अनुमान में बढ़ोतरी

IMF (इंटरनेशनल मॉनीटरी फंड) ने अपनी अक्टूबर की वर्ल्ड इकनॉमिक आउटलुक में अनुमान लगाया है कि इस वित्त वर्ष 2027 में भारतीय अर्थव्यवस्था 6.4% की बजाय 7% की रफ्तार से बढ़ेगी। आईएमएफ के मुताबिक मजबूत घरेलू मांग और सर्विसेज एक्टिविटी से इसे वैश्विक स्तर पर आर्थिक उथल-पुथल से संभलने में मदद मिली।

IT Stocks का शानदार सपोर्ट

सेक्टरवाइज आज मार्केट को आईटी सेक्टर का शानदार सपोर्ट मिला है, जिसका निफ्टी इंडेक्स 3% से अधिक उछल पड़ा। इसे एफएमसीजी और रियल्टी से भी मजबूत सपोर्ट मिल रहा है, जिनके निफ्टी इंडेक्स 1-1% से अधिक मजबूत हुए हैं। निफ्टी पीएसयू बैंक करीब 1% और निफ्टी प्राइवेट बैंक करीब आधे फीसदी ऊपर चढ़ा है।

टेक्निकल वजह

एनालिस्ट्स के मुताबिक जब निफ्टी 22,300 के ऊपर है, इसमें रिकवरी की पूरी गुंजाइश है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Infosys Share Price: इंट्राडे में छह साल के निचले स्तर पर आया इंफोसिस, अब खरीदें या बेचने में भलाई?

Infosys Share Price: आईटी कंपनी Infosys के शेयर मंगलवार को NSE पर छह साल के निचले स्तर ₹980.40 तक पहुंच गए। हालांकि, बाद में शेयर में रिकवरी आई और यह ₹1,015.40 पर बंद हुआ। दिन में शेयर 1.2% चढ़ा।

Nifty IT के शेयरों में Infosys ही बढ़त के साथ बंद हुआ। दूसरी ओर, Nifty IT इंडेक्स 1.5% गिर गया। LTIMindtree और Mphasis में 4% तक की गिरावट रही।

चार्ट पर डाउनट्रेंड साफ

Share.Market by PhonePe के मार्केट एनालिस्ट मयंक जैन के मुताबिक इंफोसिस के डेली चार्ट पर डाउनट्रेंड साफ दिख रहा है। शेयर लगातार निचले हाई और निचले लो बना रहा है।

20-डे, 50-डे और 200-डे जैसे प्रमुख मूविंग एवरेज भी नीचे जा रहे हैं। इससे शेयर पर दबाव बना हुआ है। शॉर्ट टर्म मूविंग एवरेज फिलहाल रेजिस्टेंस की तरह काम कर रहा है।

₹980-1,000 का सपोर्ट अहम

मयंक जैन का कहना है कि इंफोसिस अभी ₹980-1,000 के अहम सपोर्ट जोन के आसपास है। मौजूदा स्तर से शेयर में कुछ समय के लिए रिकवरी हो सकती है।

अगर सपोर्ट से खरीदारी आती है तो शेयर ₹1,100-1,150 तक जा सकता है। हालांकि, यह सिर्फ शॉर्ट टर्म राहत वाली तेजी हो सकती है।

अगर शेयर भारी वॉल्यूम के साथ ₹980 के नीचे बंद होता है तो बिकवाली और बढ़ सकती है। ऐसे में आगे और कमजोरी देखने को मिल सकती है।

₹1,180-1,200 पर बड़ी चुनौती

जैन के मुताबिक, ऊपर की तरफ ₹1,180-1,200 का जोन अहम रेजिस्टेंस है। यह शेयर के पिछले ब्रेकडाउन का स्तर है। यहां पहुंचने पर बिकवाली का दबाव आ सकता है।

उनका कहना है कि इंफोसिस में मजबूत तेजी का ट्रेंड तभी बन सकता है जब शेयर ₹1,200 के ऊपर टिके। इसके साथ 200-डे मूविंग एवरेज के ऊपर जाना भी जरूरी होगा।

फंडामेंटल पर भी दबाव

129 Wealth & Research के फंड मैनेजर और एनालिस्ट प्रसेनजित पॉल के मुताबिक कंपनी AI, टैलेंट और प्लेटफॉर्म में निवेश बढ़ा रही है। Q1 FY27 में कंपनी का मार्जिन 21.1% था।

हालांकि, इन निवेशों का असर आने वाले समय में ग्रोथ और मार्जिन पर पड़ सकता है। पॉल का कहना है कि फंडामेंटल आउटलुक अभी सकारात्मक नहीं है। टेक्निकल चार्ट भी कमजोरी दिखा रहा है।

Nifty Outlook: सितंबर में 1600 अंक से ज्यादा टूटा निफ्टी, क्या अब 22600 का अहम लेवल बचेगा?

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Share Market Rally: IT Stocks का दबाव फेल, 300 प्वाइंट्स चढ़ा Sensex, इन 4 वजह से Nifty मजबूत

Share Market Rally: वैश्विक मार्केट की रौनक के बीच घरेलू स्टॉक मार्केट में भी खरीदारी का माहौल दिखा। एफएमसीजी और मेटल स्टॉक्स के दम पर सेंसेक्स 300 प्वाइंट्स से अधिक उछल पड़ा और निफ्टी चढ़कर 23400 के पार पहुंच गया। ब्रोडरल लेवल पर भी मार्केट में रौनक अच्छी दिख रही है और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में आधे फीसदी की बढ़त है।

अब घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 12:12 PM पर सेंसेक्स (Sensex) 209.21 प्वाइंट्स यानी 0.28% की गिरावट के साथ 74,649.78 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 53.70 प्वाइंट्स यानी 0.23% की फिसलन के साथ 23,360.60 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 306.19 प्वाइंट्स उछलकर 74,835.27 और निफ्टी 50 भी 95.00 प्वाइंट्स चढ़कर 23,424.0 तक पहुंच गया।

Share Market Rally: ये है वजह

वैश्विक बाजारों से मजबूत संकेत

घरेलू मार्केट को आज वैश्विक बाजारों से मजबूत संकेत पर सपोर्ट मिला। टेक शेयरों के दम पर एशियाई मार्केट में लगातार छठे दिन रौनक रही तो अमेरिकी मार्केट में नैस्डैक मंगलवार को एक और रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद हुआ। इससे घरेलू मार्केट को भी सपोर्ट मिला।

कच्चे तेल में गिरावट

सऊदी अरब ने एक अहम पाइपलाइन से सप्लाई फिर से शुरू की तो कच्चा तेल नरम पड़ा और ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड टूटकर प्रति बैरल $100 के नीचे आ गया। इससे मार्केट को सपोर्ट मिला है।

FMCG-Metal Stocks से मजबूत सपोर्ट

मार्केट को आज एफएमसीजी और मेटल शेयरों से शानदार सपोर्ट मिला है और रियल्टी सेक्टर ने भी इसमें काफी साथ दिया है। इनके निफ्टी इंडेक्स में फिलहाल 1-1% से अधिक की तेजी है। वहीं सरकारी और प्राइवेट बैंकों के निफ्टी इंडेक्स में भी आधे-आधे फीसदी से अधिक बढ़त है। वहीं आईटी सेक्टर मार्केट पर दबाव बनाने की कोशिश में है, जिसका निफ्टी इंडेक्स आधा फीसदी कमजोर हुआ है। आईटी सेक्टर पर यह दबाव सीएलएसए और गोल्डमैन सैक्स की रिपोर्ट से बना है, जिसमें जिक्र है कि डिमांड में सुस्ती से मीडियम-टर्म में आईटी कंपनियों की कमाई के आउटलुक पर असर पड़ सकता है। सीएलएसए का कहना है कि जियो-पॉलिटिक्स, ऊंची ब्याज दरों और महंगाई के चलते मैक्रो फंडामेंटल्स की कमजोरी से आईटी कंपनियों की कमाई फिसल सकती है।

India VIX में गिरावट

मार्केट की घबराहट को मापने वाले वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया विक्स में गिरावट से मार्केट को सपोर्ट मिला है। फिलहाल यह 5.36% की फिसलन के साथ 10.36 पर है। इसके अधिक होने का मतलब शॉर्ट टर्म में वोलैटिलिटी बढ़ने की आशंका और कम होने का मतलब शॉर्ट टर्म में उठा-पटक कम होने की संभावना है।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Trading Plan : कोई भी ट्रेड आज 3:40 बजे तक निपटा कर जाएं, कल का अनुमान अभी लगाना काफी मुश्किल

Trading Plan : आज दरों पर US फेड के फैसले से पहले बाजार में शानदार रिकवरी आई है। निफ्टी निचले स्तरों से करीब 100 अंक सुधरा है और 23200 के ऊपर आ गया है। बैंक निफ्टी भी 56200 के अहम लेवल के ऊपर है। मिड और स्मॉलकैप ने भी यूटर्न मारा है। इधर INDIA VIX 3 फीसदी फिसला है। 2:35 बजे के आसपास सेंसेक्स 311.82 अंक या 0.42 प्रतिशत बढ़कर 74,315.64 पर और निफ्टी 115.90 अंक या 0.50 प्रतिशत बढ़कर 23,234.50 पर दिख रहा था। FMCG सेक्टर में सबसे ज़्यादा,लगभग 2 प्रतिशत की बढ़त देखी गई है। जबकि PSU बैंक, रियल्टी और मीडिया सेक्टर में 1 प्रतिशत से ज़्यादा की तेज़ी दिख रही है।

हालांकि IT शेयरों में गिरावट दिख रही और इसका सेक्टर इंडेक्स 1.59 प्रतिशत गिर गया है । बेंचमार्क में बढ़त के बावजूद मार्केट ब्रेड्थ नेगेटिव है। 1,727 शेयरों में बढ़त के मुकाबले 2,176 शेयरों में गिरावट आई है। मिडकैप शेयरों में हल्की बढ़त दिख रही है। स्मॉलकैप इंडेक्स लगभग सपाट है।

बैंकों और ग्रुप लाइफ कंपनियों के कमीशन पर कैंची चलाने की तैयारी है। इंडिविजुल एजेंट्स को राहत मिल सकी है। इस जल्द IRDAI का कंसल्टेशन पेपर जारी होगा। CNBC-TV की इस एक्सक्लूसिव खबर के बाद PB फिनटेक 5 फीसदी ऊपर भागा है। सिगरेट महंगी होने से ITC में उछाल आया है।चुनिंदा ब्रांड्स के दाम 9-13% बढ़े हैं। यह शेयर 2% चढ़कर निफ्टी के टॉप गेनर्स में शामिल है। गॉडफ्रे फिलिप्स भी 2.5% उछला है।

नए MDR फ्रेमवर्क से PAYTM में जोश है और ये करीब 2.5 फीसदी चढ़कर 52 हफ्तों की ऊंचाई पर पहुंच गया है। उधर यस बैंक में भी खरीदारी कायम है। हालांकि ऊपरी स्तरों से दोनों शेयर हल्के हुए हैं।

बाजार: रिकवरी का दिन

बाजार पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिट अनुज सिंघल ने कहा कि बाजार में निचले स्तरों से अच्छी रिकवरी आई है। बाजार ने एक शॉर्ट और 1 लॉन्ग ट्रेड दी। पहले शॉर्ट ट्रेड ने काम किया और फिर लॉन्ग ट्रेड ने और अब फैसले की घड़ी से पहले का सेशन बाकी है। आज शाम को आएगा US फेड का फैसला। निफ्टी और बैंक निफ्टी दोनों में अच्छी रिकवरी आई है। दोनों में ठीक सपोर्ट लेवल से रिकवरी आई। निफ्टी में 23,100 और बैंक निफ्टी में 55,800 से रिकवरी आई। मिडकैप, स्मॉलकैप में भी निचले स्तरों से शानदार रिकवरी हुई। बड़ा सवाल यह है कि क्या बाजार अब दरों में कटौती को पचा चुका है?

बाजार: अब क्या?

अनुज सिंघल ने कहा कि बाजार में शॉर्ट साइड के सारे टारगेट हिट हुए हैं और इसीलिए हमने शॉर्ट समेटने का नजरिया लिया है। कोई भी ट्रेड आज 3:40 तक निपटा कर जाएं। कल का अभी अनुमान लगाना काफी मुश्किल है। आज फेड चीफ क्या कहेंगे कोई नहीं कह सकता। मगर बाजार बहुत कुछ निगेटिव पचा चुका है। यहां से और गिरने के लिए फेड का एक्ट्रीम हॉकिस होना जरूरी है और अगर ज्यादा हॉकिस नहीं हुए तो रिकवरी भी संभव है। जो भी है अब मंदी 23,100 के नीचे बंद होने पर ही होगी। अभी भी बाजार ने पोजीशनल लॉन्ग का संकेत नहीं दिया है।

निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए 23,100-23,150 पर सपोर्ट और 23,400-23,450 पर रेजिस्टेंस है। निफ्टी बैंक के लिए 55,800-56,000 पर सपोर्ट और 56,500-56,800 पर रेजिस्टेंस है।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Insight : बाजार में आज फैसले का दिन, आज कोई ट्रेड कैरी ना करें, कल नया नजरिया लेंगे

Market Insight : बाजार की आगे की दशा और दिशा पर अपनी राय साझा करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि बाजार में आज फैसले का दिन है। ग्लोबल बाजारों के लिए आज की रात फैसले की घड़ी है। आज रात को US फेड का फैसला आएगा। US में दरों में बढ़ोतरी की संभावना अब 94% पर है। इसका मतलब बाजार में दरों में बढ़ोतरी 94% भाव में शामिल है। अगर दरों में बढ़ोतरी हुई तो शायद कल एक बॉटम भी बने। लेकिन अगर दरों में बढ़ोतरी नहीं आई तो काफी दिलचस्प होगा। निफ्टी हमारे सारे टार्गेट हासिल कर चुका है। जैक्सन होल के बाद हमने CNBC-आवाज़ पर एक शॉर्ट का नजरिया लिया था। 23,100-23,300 के हमारे सारे टार्गेट स्क्रीन पर हासिल हुए। कल सुबह भी खुलते ही 23,650 के SL के साथ शॉर्ट का नजरिया था। कल क्लोजिंग में फिर शॉर्ट में मुनाफावसूली का नजरिया रहा। आज भी वही नजरिया है, इंट्राडे भले शॉर्ट करें, लेकिन निपटा कर जाएं। आज कुछ हिम्मत दिखाने वाले लोग शायद लॉन्ग भी लेकर जाएंगे।

फेड के फैसले से पहले ग्लोबल बाजार में घबराहट

अमेरिका में 10-साल की बॉन्ड यील्ड 5.041% के इंट्राडे हाई पर है। 2007 के बाद 10-साल की यील्ड सबसे ऊंचे स्तर पर है। ब्रेंट क्रूड $108 प्रति बैरल के ऊपर है। आज रात फेड के दरों में बढ़ोतरी की 94% संभावना है।

क्यों उबल रहा है कच्चा तेल?

रॉयटर्स के मुताबिक सऊदी अरब ने सितंबर की कुछ डिलीवरी रद्द की है। यूरोपीय ग्राहकों की सितंबर की डिलीवरी रद्द की गई है। सऊदी ने ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन बंद की है। सऊदी ने एहतियातन पाइपलाइन बंद की है। हूतियों के हमले में पाइपलाइन को नुकसान हुआ है। पाइपलाइन की मरम्मत कबतक होगी ये साफ नहीं है।

ईरान युद्ध की कीमत

अमेरिकी कांग्रेस बजट ऑफिस स्टडी में कहा गया है कि ईरान युद्ध से अमेरिकी टैक्सपेयर्स पर बोझ बढ़ा है। पहले 5 महीनों में टैक्सपेयर्स पर 38 अरब डॉलर का बोझ पड़ा है। अगले साल की शुरुआत तक महंगाई 0.5% बढ़ सकती है। युद्ध का हर अतिरिक्त महीना 2-3 अरब डॉलर महंगा पड़ रहा है। तनाव बढ़ने पर युद्ध की लागत और बढ़ सकती है। कोर महंगाई पुराने अनुमान से 0.3% ज्यादा रह सकती है।

US डिफेंस सिस्टम पर असर

कांग्रेस बजट ऑफिस स्टडी में आगे कहा गया है कि इस युद्ध में US बेस पर सैकड़ों इमारतें और स्ट्रक्चर तबाह हो गए हैं।कुवैत, बहरीन, कतर में US बेस स्ट्रक्चर तबाह हो गए हैं। UAE, सऊदी अरब, इराक, ओमान, जॉर्डन में भी स्ट्रक्चर तबाह हुए हैं।’Operation Epic Fury’ में विमान नष्ट हुए या क्षतिग्रस्त हुए हैं।

इस बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची का बड़ा बयान आया है। इसमें कहा गया है कि ये तो सिर्फ शुरुआत है।

फेड का फैसला: हमारे लिए क्यों अहम?

पुरी दुनिया की नजर इस समय यूएस फेड पर है। बाजार के मुताबिक 25 Bps दरें बढ़ेंगी। एनालिस्ट का कहना है कि होल्ड या dovish hike के लिए बाजार तैयार नहीं है। BoA का कहना है कि इस स्तर पर रेट होल्ड करना “अभूतपूर्व” होगा। केविन वॉर्श की कोई भी टिप्पणी अहम होगी।

फेड की दर बढ़ोतरी का असर?

इससे इमर्जिंग मार्केट्स में आने वाले निवेश फ्लो पर सीधा असर पड़ता है। सोने और चांदी में रेट हाइक से गिरावट आती है। डॉलर की मांग बढ़ने से डॉलर मजबूत होता है। बेस मेटल्स पर भी दबाव आ सकता है। लोग खर्च कम करते हैं, जिससे मंदी का खतरा बढ़ता है। FCNR डिपॉजिट्स जो हमने जुटाए हैं,उनकी देनदारी भी बढ़ेगी। दर बढ़ोतरी किस मैक्रो हालात में होती है,ये सबसे अहम होता है। अगर इकोनॉमी मजबूत हो तो दर बढ़ोतरी हमेशा निगेटिव नहीं होती। पिछले 2-3 साल में भारत में ETF निवेश नहीं हुआ बल्कि पैसा बाहर ही गया है। ऐसे में काफी लोग कहेंगे कि हमें क्या फर्क पड़ता है? लेकिन अगर ग्लोबल बाजार में मंदी का खतरा बढ़े तो फर्क पड़ता है।

बाजार: आज का दांव

ब्रेंट $108/बैरल के ऊपर है। इसमें 4 महीने के शिखर के करीब कारोबार हो रहा है। कच्चे तेल से जुड़े शेयरों में एक्शन जारी रह सकता है। ONGC, OIL इंडिया के लिए पॉजिटिव है। वहीं, OMCs, एशियन पेंट्स और इंडिगो के लिए निगेटिव है। फेड के फैसले से पहले सोने-चांदी की कीमती में कमजोरी है। सोना 6 हफ्तों के और चांदी 5 हफ्तों के निचले स्तर पर है। यह टाइटन और कल्याण के लिए पॉजिटिव है। वहीं, मणप्पुरम, मुथूट फाइनेंस और हिंद जिंक के लिए निगेटिव है। डॉलर इंडेक्स 100 के स्तर के करीब पहुंच रहा है। यह फार्मा और IT के लिए पॉजिटिव है लेकिन बैंकों के लिए निगेटिव है।

मेटल्स पर रखें नजर

डॉलर की मजबूती से मेटल्स में गिरावट आ सकती है। Nickel 10 हफ्तों के निचले स्तर पर है। कॉपर फ्यूचर्स 7 हफ्तों के निचले स्तर पर है। यह मेटल शेयरों के लिए निगेटिव है। खास तौर पर हिंद कॉपर,नाल्को और हिंडाल्को पर खराब असर पड़ सकता है।

रबर पर रखें नजर

रबर की कीमतें 1 हफ्ते के निचले स्तर पर हैं। यह अपोलो टायर्स,सिएट और MRF जैसे टायर शेयरों के लिए पॉजिटिव है।

AI और IT: अब आगे क्या?

एंथ्रोपिक के सीईओ अमोदेई (Amodei) ने कहा है कि AI डेवलपमेंट की रफ्तार धीमा करना जरूरी है। यही इंडस्ट्री को आगे लेकर जाने का सबसे अच्छा तरीका है। वहीं, एनवीडिया के CEO जेन्सेन हुआंग ने कहा है कि बाजार की ताकतें पहले से मौजूद हैं, नए रेगुलेशन की जरूरत नहीं है। जब तक वो ऐसी चीज जारी ना करें जो बाजार पसंद करेगा,कंपनियों को सावधानी से आगे बढ़ना चाहिए।

इस बीच खबर आई है कि OpenAI नई फंडिंग जुटाने की तैयारी में है। कंपनी $1.2 ट्रिलियन वैल्यूएशन पर फंडिंग जुटाने की तैयारी में है। अनुज सिंघल ने कहा कि अभी ये कहना जल्दबाजी होगा कि AI ट्रेड खत्म हो गई है। किसी भी बड़ी बुल मार्केट में बड़े करेक्शन सामान्य होते हैं। पहले भी हमने AI के टॉप की बात की है और हर बार AI शेयरों ने नया हाई लगाया। AI अब यहां रहने और आगे बढ़ने के लिए आया है। हर गिरावट में पावर और डाटा सेंटर शेयर खरीदें। IT में अब आपको सावधान और स्टॉक स्पेसिफिक रहना होगा।

निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए आखिरी सपोर्ट 23,000-23,100 पर है। इसके नीचे बंद हुए तो 200 WMA यानी 22,500 का रास्ता खुलेगा। इसके लिए पहला रजिस्टेंस 23,300-23,350 पर है और बड़ा रजिस्टेंस 23,400-23,500 पर है। आज हम निफ्टी पर न्यूट्रल रहेंगे और कल नया नजरिया लेंगे। कल सारे शॉर्ट्स क्लोजिंग में निपटाने का नजरिया था। आज शायद आपको 1 शॉर्ट और 1 लॉन्ग ट्रेड दोनों मिलेंगे।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

बैंक निफ्टी का मेक ऑर ब्रेक जोन 55,100-55,500 है। अगर 55,100 के नीचे बंद हुए तो 53,500-54,000 का रिस्क है। लेकिन अगर 55,100-55,500 बचा रहा तो शॉर्ट कवरिंग संभव है। इसके लिए पहला रजिस्टेंस 56,000-56,200 पर और बड़ा रजिस्टेंस 56,500-56,700 पर है। आज कोई ट्रेड कैरी ना करें, कल नया नजरिया लेंगे।

 

Trading Ideas :उतार-चढ़ाव भरे सेशन में बेंचमार्क इंडेक्स में तेजी, जानिए आज किन शेयरों में हो सकती है कमाई

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

अगले 1 महीने में बैंक निफ्टी में आ सकती है 5000 अंकों की तेजी, अगले 12 महीने में डबल हो सकता है सीएनएक्स आईटी

बाजार पर अपनी राय साझा करते हुए केडियानॉमिक्स के फाउंडर सुशील केडिया ने कहा कि बाजार में इस समय पैसा बनाने का टाइम आ गया है। स्वर्ग जाने का रास्ता नरक जैसा दिखता है और नर्क में जाने का रास्ता स्वर्ग जैसा दिखता है। लोग जब शेयर बाजार में सबसे ज्यादा खुश होते हैं तो नर्क की शुरुआत वहीं होती है। अभी जो लोगों के मन में नर्क जैसे हालात बने हुए यही मार्केट का बॉटम है। अब यहीं से स्वर्ग जाने का रास्ता खुलेगा। एक बात ध्यान में रखें की रुपया-डॉलर और भारतीय बाजार का संबंध बड़ा विचित्र सा है।

लॉन्ग रन में डॉलर के मुकाबले भारत की करेंसी कमजोर होती रही है और शेयर मार्केट बढ़ता रहा है। इस गिरावट में रुपया जब भी मजबूत होता है। बाजार बढ़ जाता है। जब भी रुपए में 10% की गिरावट आई है। मार्केट में -5% से लेके प्लस 5% तक का रिटर्न मिला है। लेकिन जब रुपया 10% मजबूत होता है तो निफ्टी में 20 से 25% तक की तेजी देखने को मिली है। अब डॉलर टूटने को कगार पर है। ऐसे में आगे हमारे बाजारों को रुपए में मजबूती का फायदा मिलेगा।

ग्लोबल मार्केट पर नजर डालें तो अब बाजार में तेजी का माहौल बन गया है। लेकिन अभी बाजार में अभी टुकड़े-टुकड़े में खेलना होगा। पर अब वो हालात बन गए हैं जिसमें अच्छी कमाई हो सकती है।

उन्होंने आगे कहा कि इस समय बैंक निफ्टी की दिशा ज्यादा साफ दिख रही है। अगले कुछ ही दिनों में निफ्टी की स्थिति भी साफ हो सकती है। लेकिन अभी के लिए कहा जा सकता है कि एक से सवा महीनें में बैंक निफ्टी में 5000 अंकों की तेजी आ सकती है।

अदाणी ग्रुप के शेयरों पर बात करते हुए सुशील केडिया ने कहा कि अदाणी एंटरप्राइज और अदाणी पोर्ट पर उनकी शॉर्ट करने की सलाह होगी। वहीं, अदाणी पावर और एनडीटीवी में लॉन्ग बेट है। इनमें बने रहने की सलाह होगी। बजाज ऑटो में भी अब शॉर्ट करने के मौके बन रहे है। बैंक शेयरों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, एयू बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा आगे धमाका कर सकते हैं। वहीं, एसबीआई और कोटक बैंक नखरे दिखा सकते हैं।

हिंन्दुस्तान यूनीलीवर और टाटा कंज्यूमर यहां से 50-60 फीसदी की तेजी देखने को मिल सकती है। एशियन पेंट्स भी अच्छे करेक्शन के बाद अब भागने को तैयार है। इसमें 30 फीसदी तक की रैली देखने को मिल सकती है।

उन्होंने आगे कहा कि अगर हम पिछले 30 साल का इतिहास देखें तो पता चलता है कि जब भी रूपया-डॉलर मजबूत होता है तो सबसे ज्यादा रिटर्न एफएमसीजी और आईटी ही देते हैं। अगर मार्केट में तेजी आती है तो सबसे पहले इन्ही सेक्टर्स के शेयर भागेंगे। अगर कोई टीसीएस को 3 साल के नजरिए से खरीदे तो इसमें 7000 रुपए का भाव देखने को मिल सकता है। ट्रेंडिंग के नजरिए से भी इसमें 3200-3300 रुपए का भाव मिल सकता है। इस समय सारे ही आईटी शेयर अच्छे लग रहे हैं। अगर कोई सेक्टोरल इंडेक्स है जो अगले 12 महीनों में डबल हो सकता है तो वह है सीएनएक्स आईटी ही है।

 

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।