IT Sector का भारी दबाव, Sensex-Nifty कभी लाल तो कभी हरा, इन 5 वजहों से दोनों तरफ भाग रहा मार्केट

Stock Market moving up and down: कच्चे तेल की नरमी और अमेरिका-ईरान के बीच शांति समझौते पर जियो-पॉलिटिकल टेंशन में कमी के बावजूद घरेलू स्टॉक मार्केट में खास जोश नहीं दिख रहा। घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी शुरुआती कारोबार में ग्रीन और रेड जोन में झूल रहे। ब्रोडर लेवल पर भी मिला-जुला रुझान है और निफ्टी मिडकैप 100 में फिलहाल मामूली बढ़त है तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 में आधे फीसदी से अधिक की बढ़त है। फिलहाल 10:14 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 120.12 प्वाइंट्स यानी 0.16% की बढ़त के साथ 77,275.74 और और निफ्टी (Nifty) भी 43.20 प्वाइंट्स यानी 0.18% के उछाल के साथ 24,128.90 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 111.23 प्वाइंट्स फिसलकर 77,044.39 और 164.70 की बढ़त के साथ 77,320.32 तक पहुंचा तो निफ्टी भी 26.85 प्वाइंट्स गिरकर 24,058.85 और 53.95 प्वाइंट्स चढ़कर 24,085.70 तक पहुंचा।

Stock Market in pressure: ये है वजह

अमेरिका में ब्याज दरें स्थिर लेकिन आगे बढ़ाने के संकेत

अमेरिकी फेड के नए चेयरमैन केविन वार्श ने अपनी अगुवाई में पहली बार तय हुई मौद्रिक नीतियों में दरों को स्थिर रखा है। हालांकि फेडरल रिजर्व ने इस साल दरों में बढ़ोतरी के संकेत भी दिए हैं। इसके चलते ही मार्केट में उठा-पटक दिख रही है।

IT Sector का दबाव

अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने इस साल ब्याज दरों में बढ़ोतरी का संकेत दिया जिससे दुनिया भर में टेक स्टॉक्स को लेकर निवेशकों का रुझान फीका पड़ा। भारतीय मार्केट में भी इसने आईटी शेयरों को तोड़ दिया और निफ्टी आईटी डेढ़ फीसदी से अधिक फिसल गया। अमेरिका में ब्याज दरें ऊंची होने पर आमतौर पर टेक्नोलॉजी स्टॉक्स पर दबाव आता है क्योंकि इससे भविष्य की कमाई का वर्तमान मूल्य घट जाता है और वैश्विक कंपनियों के खर्च में भी कमी आ सकती है और यही वैश्विक कंपनियां भारतीय आईटी सेवा कंपनियों की प्रमुख ग्राहक हैं। वहीं दूसरी तरफ मेटल, पीएसयू बैंक, फार्मा और एफएमसीजी जैसे अहम सेक्टर मार्केट को ऊपर खींचने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। इनके निफ्टी इंडेक्स में करीब आधे फीसदी की बढ़त है।

India VIX में नरमी

मार्केट की घबराहट को मापने वाले वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया वीआईएक्स में गिरावट से मार्केट को सपोर्ट मिला। फिलहाल यह 1.66% की गिरावट के साथ 12.97 पर है। इसके अधिक होने का मतलब मार्केट में वोलैटिलिटी का बढ़ना और नीचे आने का मतलब होता है वोलैटिलिटी का कम होना।

एशियाई बाजारों से मिला-जुला रुझान

घरेलू मार्केट पर आज एशियाई बाजारों के मिले-जुले रुझानों का भी असर दिख रहा है। एक तरफ जापान का निक्केई 225 करीब 2% उछल पड़ा तो दक्षिण कोरिया का कोस्पी तो 2% चढ़कर 9,040.52 के रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया। ताइवान के ताइवान वेटेड में करीब 1% की बढ़त है। वहीं दूसरी तरफ इंडोनेशिया के जकार्ता कंपोजिट में 1% से अधिक और चीन के शंघाई कंपोजिट में आधे फीसदी की गिरावट है।

Sensex की एक्सपायरी

आज सेंसेक्स के डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट की वीकली एक्सपायरी है तो मार्केट में दोनों तरफ मूवमेंट दिख रहा है।

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फॉक्सवैगन ग्रुप की कंपनी के साथ HCLTech की बड़ी डील, कारों के लिए बनाएगी AI सॉफ्टवेयर

आईटी कंपनी HCLTech ने जर्मनी की ऑटोमोटिव सॉफ्टवेयर कंपनी e.solutions के साथ कई साल की रणनीतिक साझेदारी की है। e.solutions, फॉक्सवैगन ग्रुप (Volkswagen Group) का हिस्सा है। इस साझेदारी के तहत दोनों कंपनियां कारों में इस्तेमाल होने वाले एंटरटेनमेंट, नेविगेशन, इंटरनेट और दूसरे डिजिटल फीचर्स के लिए नई सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी डेवलप करेंगी।

AI बेस्ड कार टेक्नोलॉजी पर फोकस

इस समझौते के तहत HCLTech, Android Automotive प्लेटफॉर्म पर आधारित AI-इनेबल्ड सिस्टम डेवलप करने में मदद करेगी।

इन तकनीकों का मकसद कारों में बेहतर डिजिटल अनुभव देना है। ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में तेजी से ऐसी गाड़ियों की मांग बढ़ रही है, जिनमें स्मार्ट कनेक्टिविटी, इंटरनेट आधारित सेवाएं, डिजिटल कंट्रोल और बेहतर एंटरटेनमेंट सिस्टम मौजूद हों।

HCLTech क्या काम करेगी?

HCLTech इस साझेदारी में कारों के डिजिटल स्क्रीन से जुड़े सॉफ्टवेयर डेवलप करेगी। कंपनी इन सॉफ्टवेयर को अलग-अलग सिस्टम के साथ जोड़ने का काम भी करेगी। इसके अलावा उनकी टेस्टिंग और वैलिडेशन की जिम्मेदारी भी HCLTech संभालेगी।

यह तकनीक कई तरह के व्हीकल मॉडल में इस्तेमाल की जाएगी। इसका मकसद अलग-अलग हार्डवेयर प्लेटफॉर्म और वैश्विक बाजारों में एक जैसा डिजिटल अनुभव देना है।

e.solutions क्या करती है?

e.solutions कारों में इस्तेमाल होने वाले एंटरटेनमेंट, नेविगेशन और कनेक्टिविटी सॉफ्टवेयर बनाती है। कंपनी ऐसे सॉफ्टवेयर और एप्लिकेशन तैयार करती है, जिनकी मदद से कारों में म्यूजिक, मैप्स, कॉलिंग, इंटरनेट और दूसरे डिजिटल फीचर्स काम करते हैं।

इसके अलावा कंपनी अपने वैश्विक पार्टनर नेटवर्क की तकनीकों को भी इन सिस्टम्स के साथ जोड़ती है, ताकि ग्राहकों को आधुनिक और बेहतर डिजिटल सुविधाएं मिल सकें।

HCLTech ने क्या कहा?

HCLTech के मुताबिक, AI आधारित इंजीनियरिंग और ऑटोमोबाइल सेक्टर में उसके अनुभव की मदद से e.solutions नई पीढ़ी के डिजिटल कार प्लेटफॉर्म तेजी से डेवलप कर सकेगी।

कंपनी ने कहा कि यह साझेदारी वैश्विक ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में उसकी मजबूत मौजूदगी को और बढ़ाएगी। साथ ही यह भी दिखाती है कि HCLTech अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़े और जटिल इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स को संभालने की क्षमता रखती है।

HCL Technologies के शेयर

HCL Technologies का शेयर BSE पर 7.10 रुपये यानी 0.61% की बढ़त के साथ 1,166.45 रुपये पर बंद हुआ।

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