बिना ड्राइवर के चलेगी आपकी कार! जानिए भारत में आने वाली फ्यूचर कार टेक्नोलॉजी

भारत में कारों की दुनिया तेजी से बदल रही है। पेट्रोल, CNG और इलेक्ट्रिक कारों के बाद अब हाइब्रिड, प्लग-इन हाइब्रिड और रेंज एक्सटेंडर जैसी नई टेक्निक भी बाजार में दस्तक दे रही हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि आने वाले समय में इंडियन के लिए सबसे बेहतर और किफायती फ्यूल टेक्नोलॉजी (fuel technology) कौन-सी होगी:

Strong Hybrid Car (स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड कार)

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स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड कारों में पेट्रोल इंजन (petrol engine) और इलेक्ट्रिक मोटर दोनों साथ काम करते हैं। इसकी बैटरी को अलग से चार्ज नहीं करना पड़ता, बल्कि यह ब्रेक लगाने या इंजन के जरिए खुद चार्ज हो जाती है। शहर में कम स्पीड पर कार कुछ किलोमीटर तक केवल इलेक्ट्रिक मोड में चल सकती है, जिससे पेट्रोल की बचत होती है और माइलेज बढ़ता है। हालांकि इन कारों की कीमत सामान्य पेट्रोल कारों (petrol vehicles) से ज्यादा होती है।

 

 

Mild Hybrid Car (माइल्ड हाइब्रिड कार)

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माइल्ड हाइब्रिड टेक्निक में भी इंजन के साथ छोटी इलेक्ट्रिक मोटर होती है, लेकिन यह कार को अकेले इलेक्ट्रिक मोड (electric-only mode) में नहीं चला सकती। इसका मेन काम इंजन की मदद करना और ईंधन की थोड़ी बचत करना होता है। इस तकनीक से माइलेज में हल्का सुधार मिलता है, लेकिन स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड जितना फायदा नहीं होता।

 

Plug-in Hybrid Car (प्लग-इन हाइब्रिड कार)

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प्लग-इन हाइब्रिड कारों में बड़ी बैटरी (battery) होती है, जिसे घर या चार्जिंग स्टेशन से चार्ज किया जा सकता है। बैटरी चार्ज रहने तक कार लंबी दूरी केवल इलेक्ट्रिक मोड में चलती है। बैटरी खत्म होने पर पेट्रोल इंजन अपने आप काम शुरू कर देता है। इससे रोजाना शहर में बिना पेट्रोल खर्च किए ड्राइव करना आसान हो जाता है, जबकि लंबी यात्रा (long journey) में भी चार्जिंग की चिंता नहीं रहती।

Range Extender EV Car (रेंज एक्सटेंडर ईवी कार)

This may contain: an electric car is parked next to two charging stations

रेंज एक्सटेंडर EV पूरी तरह इलेक्ट्रिक कार होती है। इसमें लगा छोटा पेट्रोल इंजन पहियों को नहीं चलाता, बल्कि केवल बैटरी को चार्ज करने का काम करता है। कार हमेशा इलेक्ट्रिक मोटर (electric motor) से ही चलती है। बैटरी कम होने पर इंजन बिजली बनाकर बैटरी को चार्ज करता रहता है। इससे लंबी दूरी पर भी चार्जिंग स्टेशन (charging station) खोजने की परेशानी काफी कम हो जाती है।

Pure Electric Vehicle (प्योर इलेक्ट्रिक व्हीकल)

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प्योर इलेक्ट्रिक कारें (Pure electric car) केवल बैटरी और इलेक्ट्रिक मोटर से चलती हैं। इनमें पेट्रोल या डीजल इंजन नहीं होता, इसलिए पॉल्यूशन भी नहीं होता। हालांकि लंबी दूरी की जर्नी में चार्जिंग स्टेशन की अवेलेबिलिटी और चार्ज होने में लगने वाला समय अभी भी कई लोगों के लिए चुनौती बना हुआ है।

Future Technology (भविष्य की टेक्निक)

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आने वाले वर्षों में भारत में अलग-अलग जरूरतों के अनुसार कई टेक्निक साथ-साथ देखने को मिल सकती हैं। शहर में रोजाना चलने वालों के लिए इलेक्ट्रिक और प्लग-इन हाइब्रिड (plug-in hybrid) बेहतर ऑप्शन बन सकते हैं, जबकि लंबी दूरी तय करने वाले लोगों के लिए रेंज एक्सटेंडर EV और स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड ज्यादा उपयोगी साबित हो सकते हैं।

फिलहाल माना जा रहा है कि आने वाले समय में कोई एक टेक्निक सभी पर हावी नहीं होगी। लोगों की जरूरत, बजट और इस्तेमाल के हिसाब से पेट्रोल, हाइब्रिड, प्लग-इन हाइब्रिड, रेंज एक्सटेंडर और इलेक्ट्रिक कारें सभी बाजार में साथ-साथ चलती रहेंगी।

Stocks to Watch: 24 जून को फोकस में रहेंगे ये 11 स्टॉक्स, दिख सकती है बड़ी हलचल

Stocks to Watch: बुधवार 24 जून के कारोबार में कई शेयरों पर निवेशकों की नजर रहने वाली है। कुछ कंपनियों ने बड़े अधिग्रहण और साझेदारी की घोषणा की है। वहीं, कुछ पर नियामकीय कार्रवाई, हिस्सेदारी बिक्री, फंड जुटाने और साइबर हमले जैसे अहम अपडेट आए हैं। ऐसे में इन 11 शेयरों में कारोबार के दौरान बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है।

Bajaj Auto

ऑटो सेक्टर की कंपनी Bajaj Auto Ltd ने बताया कि 23 जून की सुबह उस पर रैनसमवेयर साइबर हमला हुआ। इसका असर कंपनी और उसकी सहयोगी कंपनी Bajaj Auto Technology Ltd के कुछ सिस्टम्स पर पड़ा। कंपनी ने कहा कि हमले के बाद साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की मदद से जरूरी सुरक्षा कदम उठाए गए हैं।

Infosys

आईटी कंपनी Infosys ने सेमीकंडक्टर निर्माता GlobalFoundries के साथ अपनी मल्टी-ईयर पार्टनरशिप का विस्तार किया है। इस समझौते के तहत Infosys, GlobalFoundries के लिए AI बेस्ड मैनेज्ड सर्विसेज उपलब्ध कराएगी। कंपनी एप्लिकेशन, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा और सर्विस डेस्क ऑपरेशंस संभालेगी।

Rajesh Exports

गोल्ड ज्वेलरी एक्सपोर्ट करने वाली कंपनी Rajesh Exports Limited पर जांच का दायरा बढ़ गया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कंपनी से जुड़े बेंगलुरु और मुंबई के कई ठिकानों पर छापेमारी की है। सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के तहत की गई है।

NLC India

सरकारी पावर और माइनिंग कंपनी NLC India Ltd ने Indian Oil Corporation (IOCL) के साथ एक MoU साइन किया है। दोनों कंपनियां तमिलनाडु में रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स के लिए जॉइंट वेंचर बनाएंगी। यह सोलर, विंड, एनर्जी स्टोरेज, ग्रीन फ्यूल, ई-मोबिलिटी जैसे क्षेत्रों में काम करेगा।

Delhivery

लॉजिस्टिक्स कंपनी Delhivery में निवेशक Nexus Venture Partners ने अपनी 0.6% हिस्सेदारी बेच दी है। ब्लॉक डील के जरिए 43.2 लाख शेयर करीब ₹208 करोड़ में बेचे गए। यह सौदा ₹481 प्रति शेयर के औसत भाव पर हुआ। मार्च 2026 तक Nexus Ventures के पास कंपनी में 4.5% हिस्सेदारी थी।

IRFC

सरकारी रेलवे कंपनी Indian Railway Finance Corporation (IRFC) में केंद्र सरकार ने OFS लॉन्च किया है। सरकार 1% हिस्सेदारी बेचेगी और 1% अतिरिक्त हिस्सेदारी के लिए ग्रीनशू ऑप्शन भी रखा गया है। नॉन-रिटेल निवेशकों के लिए OFS 24 जून को खुलेगा, जबकि रिटेल निवेशक 25 जून को बोली लगा सकेंगे।

YES Bank

प्राइवेट सेक्टर के बैंक YES Bank का बोर्ड 29 जून को फंड जुटाने के प्रस्तावों पर विचार करेगा। बैंक इक्विटी शेयर और डेट सिक्योरिटीज जारी करके पूंजी जुटाने की संभावनाओं पर फैसला ले सकता है।

Honasa Consumer

Mamaearth और The Derma Co की पैरेंट कंपनी Honasa Consumer ने Fluence Pharma में 58% हिस्सेदारी खरीदने को मंजूरी दी है। यह सौदा करीब ₹135 करोड़ के एंटरप्राइज वैल्यू पर होगा। कंपनी अगले 5 से 7 वर्षों में बाकी 42% हिस्सेदारी भी चरणबद्ध तरीके से खरीदेगी।

Satin Creditcare Network

माइक्रोफाइनेंस कंपनी Satin Creditcare Network ने निजी प्लेसमेंट के जरिए NCD जारी कर ₹5,000 करोड़ तक जुटाने की योजना को मंजूरी दी है। कंपनी अगले एक साल में एक या अधिक चरणों में यह फंड जुटा सकती है। इसके लिए AGM में शेयरधारकों की मंजूरी ली जाएगी।

City Union Bank

प्राइवेट सेक्टर के बैंक City Union Bank ने 14 अगस्त 2026 को AGM बुलाने का फैसला किया है। बैठक में बैंक QIP के जरिए ₹5,500 करोड़ तक जुटाने के प्रस्ताव पर शेयरधारकों की मंजूरी मांगेगा। बैंक ने 14 अगस्त को ही डिविडेंड भुगतान की तारीख भी तय की है।

Rashi Peripherals

आईटी और कम्युनिकेशन प्रोडक्ट्स डिस्ट्रीब्यूशन कारोबार से जुड़ी कंपनी Rashi Peripherals Ltd ने VDA Infosolutions Private Ltd में 67% हिस्सेदारी खरीदने को मंजूरी दे दी है। यह सौदा ₹368.50 करोड़ नकद भुगतान के जरिए किया जाएगा।

Textile Stocks: Motilal Oswal ने Gokaldas समेत 5 स्टॉक्स को दी खरीदने की सलाह, लेकिन 8 में से 3 को न्यूट्रल रेटिंग

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

फॉक्सवैगन ग्रुप की कंपनी के साथ HCLTech की बड़ी डील, कारों के लिए बनाएगी AI सॉफ्टवेयर

आईटी कंपनी HCLTech ने जर्मनी की ऑटोमोटिव सॉफ्टवेयर कंपनी e.solutions के साथ कई साल की रणनीतिक साझेदारी की है। e.solutions, फॉक्सवैगन ग्रुप (Volkswagen Group) का हिस्सा है। इस साझेदारी के तहत दोनों कंपनियां कारों में इस्तेमाल होने वाले एंटरटेनमेंट, नेविगेशन, इंटरनेट और दूसरे डिजिटल फीचर्स के लिए नई सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी डेवलप करेंगी।

AI बेस्ड कार टेक्नोलॉजी पर फोकस

इस समझौते के तहत HCLTech, Android Automotive प्लेटफॉर्म पर आधारित AI-इनेबल्ड सिस्टम डेवलप करने में मदद करेगी।

इन तकनीकों का मकसद कारों में बेहतर डिजिटल अनुभव देना है। ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में तेजी से ऐसी गाड़ियों की मांग बढ़ रही है, जिनमें स्मार्ट कनेक्टिविटी, इंटरनेट आधारित सेवाएं, डिजिटल कंट्रोल और बेहतर एंटरटेनमेंट सिस्टम मौजूद हों।

HCLTech क्या काम करेगी?

HCLTech इस साझेदारी में कारों के डिजिटल स्क्रीन से जुड़े सॉफ्टवेयर डेवलप करेगी। कंपनी इन सॉफ्टवेयर को अलग-अलग सिस्टम के साथ जोड़ने का काम भी करेगी। इसके अलावा उनकी टेस्टिंग और वैलिडेशन की जिम्मेदारी भी HCLTech संभालेगी।

यह तकनीक कई तरह के व्हीकल मॉडल में इस्तेमाल की जाएगी। इसका मकसद अलग-अलग हार्डवेयर प्लेटफॉर्म और वैश्विक बाजारों में एक जैसा डिजिटल अनुभव देना है।

e.solutions क्या करती है?

e.solutions कारों में इस्तेमाल होने वाले एंटरटेनमेंट, नेविगेशन और कनेक्टिविटी सॉफ्टवेयर बनाती है। कंपनी ऐसे सॉफ्टवेयर और एप्लिकेशन तैयार करती है, जिनकी मदद से कारों में म्यूजिक, मैप्स, कॉलिंग, इंटरनेट और दूसरे डिजिटल फीचर्स काम करते हैं।

इसके अलावा कंपनी अपने वैश्विक पार्टनर नेटवर्क की तकनीकों को भी इन सिस्टम्स के साथ जोड़ती है, ताकि ग्राहकों को आधुनिक और बेहतर डिजिटल सुविधाएं मिल सकें।

HCLTech ने क्या कहा?

HCLTech के मुताबिक, AI आधारित इंजीनियरिंग और ऑटोमोबाइल सेक्टर में उसके अनुभव की मदद से e.solutions नई पीढ़ी के डिजिटल कार प्लेटफॉर्म तेजी से डेवलप कर सकेगी।

कंपनी ने कहा कि यह साझेदारी वैश्विक ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में उसकी मजबूत मौजूदगी को और बढ़ाएगी। साथ ही यह भी दिखाती है कि HCLTech अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़े और जटिल इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स को संभालने की क्षमता रखती है।

HCL Technologies के शेयर

HCL Technologies का शेयर BSE पर 7.10 रुपये यानी 0.61% की बढ़त के साथ 1,166.45 रुपये पर बंद हुआ।

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