Bristy Mukherjee Death : ममता बनर्जी की भतीजी बृष्टि मुखर्जी की मौत, घर में फंदे से लटका मिला शव, शिक्षक भर्ती मामले में गई थी नौकरी, जांच शुरू

Bristy Mukherjee Death : ममता बनर्जी की भतीजी बृष्टि मुखर्जी की मौत, घर में फंदे से लटका मिला शव, शिक्षक भर्ती मामले में गई थी नौकरी, जांच शुरू

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की 28 वर्षीय भतीजी बृष्टि मुखर्जी (Bristy Mukherjee) की मंगलवार को बीरभूम जिले के रामपुरहाट में मौत हो गई।   बृष्टि का शव उनके गांव स्थित आवास में फंदे से लटका मिला। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, बृष्टि मुखर्जी का शव रामपुरहाट इलाके के कुसुम्बा स्थित उनके घर की दूसरी मंजिल के एक कमरे से बरामद किया गया। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की जांच जारी है।

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शिक्षक भर्ती मामले में गई थी नौकरी

 

रिपोर्टों के मुताबिक, बृष्टि मुखर्जी उन करीब 26,000 शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों में शामिल थीं, जिनकी नियुक्तियों को लेकर पश्चिम बंगाल शिक्षक भर्ती मामले में जांच हुई थी। बृष्टि बोलपुर के एक अपर प्राइमरी स्कूल में गैर-शिक्षण कर्मचारी के तौर पर कार्यरत थीं। हाईकोर्ट के आदेश के बाद नौकरी गंवाने वाले उम्मीदवारों की सूची में उनका नाम कथित तौर पर 608वें स्थान पर था। हाईकोर्ट के फैसले को बाद में सुप्रीम कोर्ट ने भी बरकरार रखा था।

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कोर्ट के फैसले के बाद तनाव में होने की बात

 

रिपोर्टों के अनुसार, शिक्षक भर्ती मामले में अदालत के फैसले के बाद बृष्टि मानसिक तनाव में थीं। परिवार की ओर से बताया गया कि उनका इलाज भी चल रहा था। हालांकि, उनकी मौत के वास्तविक कारण और परिस्थितियों को लेकर पुलिस जांच कर रही है। अधिकारी के मुताबिक, पोस्टमॉर्टम और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं के बाद मौत से जुड़ी परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।

क्या है West Bengal SSC भर्ती मामला?

यह मामला 2016 West Bengal State Level Selection Test (SLST) के जरिए स्कूलों में हुई शिक्षक और गैर-शिक्षक कर्मचारियों की भर्ती से जुड़ा है। आरोप था कि बड़ी संख्या में उम्मीदवारों को कथित तौर पर अनियमित तरीके से नौकरी दी गई। मामले की जांच के दौरान भर्ती प्रक्रिया में कथित भ्रष्टाचार और पैसों के लेनदेन के आरोप सामने आए थे।

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इसी मामले के चलते करीब 26,000 शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की नियुक्तियां रद्द करने का मामला अदालत तक पहुंचा। यह प्रकरण पश्चिम बंगाल में तत्कालीन ममता बनर्जी सरकार के कार्यकाल के दौरान सामने आए प्रमुख भर्ती विवादों में शामिल रहा है। पुलिस फिलहाल बृष्टि मुखर्जी की मौत की परिस्थितियों की जांच कर रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।

भारत के रईस पेट्रोल-डीजल गाड़ियों को छोड़ खरीद रहे ये महंगी EV, समझिए अमीरों में तेजी से क्यों बढ़ा लग्जरी EVs का क्रेज

भारत में महंगी कार खरीदने वाले अमीर ग्राहकों के बीच इलेक्ट्रिक कारों का चलन बाकी कार बाजार के मुकाबले काफी तेजी से बढ़ रहा है। 2026 के पहले छह महीनों में भारत में बिकने वाली हर चार BMW कारों में से एक इलेक्ट्रिक कार थी। इससे BMW की इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री करीब 25% रही, जो पूरे पैसेंजर व्हीकल बाजार के मुकाबले लगभग तीन गुना है। इस दौरान देश में कुल कार बिक्री में इलेक्ट्रिक कारों की हिस्सेदारी करीब 8-9% रही।

यह बदलाव Mercedes-Benz में भी साफ तौर पर दिख रहा है, खासकर इसके सबसे अमीर ग्राहकों के बीच। इन्हीं छह महीनों के दौरान, कंपनी ने अपने ‘टॉप-एंड’ सेगमेंट – जिसमें 1.4 करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत वाले मॉडल शामिल हैं – से लगभग हर तीन घंटे में एक बैटरी इलेक्ट्रिक गाड़ी (BEV) बेची। इसकी CLA BEV, जिसकी शुरुआती कीमत 57 लाख रुपये है, का 2026 का कोटा पहले ही खत्म हो चुका है, जिससे नए खरीदारों को डिलीवरी के लिए अगले साल तक इंतजार करना पड़ेगा

आम भारतीय कार खरीदारों को इलेक्ट्रिक कार खरीदने से जो दिक्कतें होती हैं, जैसे चार्जिंग की सुविधा, कार की रेंज को लेकर चिंता और ज्यादा कीमत, अमीर परिवारों के लिए ये समस्याएं काफी कम हो जाती हैं।

LVP फोरकास्टिंग मोबिलिटी ग्लोबल के एसोसिएट डायरेक्टर गौरव वंगाल ने कहा, “लग्जरी सेगमेंट में EV को अपनाने की दर ज्यादा है क्योंकि इसके रास्ते में कोई रुकावट नहीं है। इन खरीदारों के पास घर पर चार्जर के साथ कवर्ड पार्किंग होती है, इसलिए चार्जिंग कभी कोई समस्या नहीं बनती।”

उन्होंने आगे कहा, “EV शायद ही कभी उनकी एकमात्र कार होती है, इसलिए रेंज की चिंता कभी नहीं होती। और पेट्रोल या डीजल वाली लग्जरी कार की तुलना में इलेक्ट्रिक कार पर टैक्स बहुत कम लगता है, इसलिए कीमत का वह अंतर जो ज्यादातर खरीदारों को रोकता है, यहां मौजूद ही नहीं है।”

मालिक होने की स्थितियों में यह अंतर बिक्री के आंकड़ों में साफ तौर पर दिख रहा है। जहां पारंपरिक लग्जरी कारों की बिक्री में बढ़ोतरी धीमी हुई है, वहीं EV से BMW और मर्सिडीज-बेंज को तेजी से बढ़ते ग्राहक मिल रहे हैं।

2026 के पहले छह महीनों में, BEV को छोड़कर Mercedes-Benz की बिक्री में सिर्फ 2.3% की बढ़ोतरी हुई, जबकि BMW की नॉन-BEV बिक्री में 5% की बढ़ोतरी हुई। जब इलेक्ट्रिक कारों को भी शामिल किया जाता है, तो Mercedes की कुल बढ़ोतरी 9% और BMW की 17% हो जाती है।

इसलिए, इलेक्ट्रिक गाड़ियां अब लग्जरी मार्केट में सिर्फ एक अतिरिक्त पावरट्रेन नहीं रह गई हैं। वे अतिरिक्त बढ़ोतरी का एक अहम जरिया बन रही हैं।

BMW ग्रुप इंडिया के प्रेसिडेंट और CEO, हरदीप सिंह बरार ने कहा कि इसकी अपील सिर्फ पर्यावरण से जुड़ी बातों से कहीं ज्यादा है।

बरार ने कहा, “EVs न सिर्फ जीरो-एमिशन वाली गाड़ियां हैं, बल्कि ये परफॉर्मेंस से कोई समझौता किए बिना सस्टेनेबल मोबिलिटी भी देती हैं, और साथ ही इनकी रनिंग, मेंटेनेंस और टैक्स की लागत भी काफी कम होती है।”

यह बात उन कीमतों पर भी असरदार साबित हो रही है जहां ईंधन की बचत शायद ही यह तय करती हो कि कोई ग्राहक कार खरीदेगा या नहीं।

मर्सिडीज़-बेंज़ के टॉप-एंड इलेक्ट्रिक पोर्टफ़ोलियो – जिसमें लगभग 1.4 करोड़ रुपये की EQS SUV, 2.4 करोड़ रुपये की EQS मेबैक SUV और 3.1 करोड़ रुपये की G580 शामिल हैं – ने जून 2026 को खत्म हुए छह महीनों में साल-दर-साल 27 प्रतिशत की ग्रोथ दर्ज की।

लक्ज़री मार्केट के ज़्यादा किफायती सेगमेंट में, मर्सिडीज़ ने CLA BEV का अपना 2026 का पूरा कोटा पहले ही बेच दिया है।

Mercedes-Benz इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO, संतोष अय्यर ने कहा, “CLA BEV का पूरी तरह बिक जाना, खासकर 61 लाख रुपये वाले टॉप-एंड 250+ वेरिएंट्स का, लक्जरी EV ग्राहकों की बढ़ती समझ को दिखाता है। ये ग्राहक अब सिर्फ कीमत नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी और वैल्यू-बेस्ड लक्जरी मोबिलिटी को ज्यादा पसंद कर रहे हैं।”

रुकावटें दूर हो रही हैं

लग्जरी कार खरीदने वालों की प्रोफाइल से यह समझने में मदद मिलती है कि EV को अपनाने की रफ्तार आम बाजार के मुकाबले इतनी तेज क्यों है।

जो परिवार अपनी इकलौती कार खरीद रहा है, उसके लिए इलेक्ट्रिक कार अपनाने में कई समझौते करने पड़ सकते हैं। अपार्टमेंट में रहने वाले खरीदार के पास शायद अपना पर्सनल चार्जर न हो, और लंबी यात्राओं के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को ध्यान में रखकर योजना बनानी पड़ती है। EV की शुरुआती ज्यादा कीमत की तुलना कई सालों में होने वाली ईंधन की बचत से भी करनी पड़ती है।

कई अमीर परिवारों के लिए, ये हिसाब-किताब काफी अलग होते हैं।

इन परिवारों के पास आमतौर पर अपनी पार्किंग की जगह होती है, इसलिए घर पर चार्जर लगाना आसान होता है। वे रातभर अपनी कार चार्ज कर सकते हैं और उन्हें पब्लिक चार्जिंग स्टेशन पर ज्यादा निर्भर नहीं रहना पड़ता।

सबसे बड़ी बात यह है कि अमीर परिवारों में EV अक्सर इकलौती कार नहीं होती। उनके पास एक से ज्यादा गाड़ियां होती हैं।

इसका मतलब है कि EV को परिवार की हर तरह की यात्रा की जरूरत पूरी करने की जरूरत नहीं होती। इलेक्ट्रिक कार रोजाना शहर में आने-जाने के काम आ सकती है, जबकि लंबी दूरी की यात्रा के लिए परिवार के पास पेट्रोल या डीजल कार का विकल्प मौजूद रहता है।

भारत का टैक्स सिस्टम इस बात को और मज़बूत करता है।

इलेक्ट्रिक कारों पर 5% GST लगता है, जबकि बड़ी पेट्रोल और डीजल कारों पर 28% GST और साथ में कंपनसेशन सेस भी लगता है। लग्जरी कारों की कीमतों के मामले में, यह अंतर बैटरी टेक्नोलॉजी की ज्यादा लागत को काफी हद तक कम कर सकता है और इलेक्ट्रिक व इंटरनल-कंबशन मॉडल के बीच कीमत के अंतर को घटा सकता है।

EVs में अब ऐसी खूबियां भी तेज़ी से आ रही हैं जो लग्ज़री ड्राइविंग के लिए एकदम सही हैं। इलेक्ट्रिक मोटर तुरंत टॉर्क देती है, जिससे कार तेजी से पिकअप लेती है। वहीं, पेट्रोल या डीजल इंजन नहीं होने के कारण EV काफी शांत और स्मूद ड्राइविंग अनुभव देती है। प्रीमियम कार कंपनियां भी अपनी लग्जरी कारों में इसी तरह की शांति और आराम देने के लिए काफी पैसा खर्च करती हैं।

इसलिए, हाई-एंड मार्केट के खरीदारों के लिए, इलेक्ट्रिक गाड़ियां कम टैक्स और कम रनिंग कॉस्ट के साथ-साथ परफॉर्मेंस, टेक्नोलॉजी और नई खूबियों का बेहतरीन कॉम्बिनेशन हो सकती हैं।

विकल्प तेजी से बढ़ रहे हैं

एक और बड़ा बदलाव यह है कि अमीर भारतीय अब कई तरह की इलेक्ट्रिक कारें खरीद सकते हैं।

FY25 से, भारत के लग्जरी सेगमेंट में 13 नई BEV लॉन्च हुई हैं, जिनमें Porsche, Volvo, Rolls-Royce, Ferrari और Lexus के मॉडल शामिल हैं। इनकी सबसे ज्यादा कीमत लगभग 5 करोड़ रुपये तक है।

इस विस्तार से EV अपनाने में आने वाली एक और रुकावट धीरे-धीरे दूर हो रही है: विकल्पों की कमी।

शुरुआत में लग्जरी EV खरीदने वालों के पास इलेक्ट्रिक मॉडल्स के कुछ ही विकल्प होते थे, जबकि पेट्रोल और डीजल मार्केट में कई तरह की सेडान, SUV और परफॉर्मेंस कारें उपलब्ध थीं। अब ग्राहक अपनी पसंद की बॉडी स्टाइल, परफॉर्मेंस कैटेगरी या लग्जरी ब्रांड को छोड़े बिना आसानी से पावरट्रेन बदल सकते हैं।

इसका असर इंडस्ट्री के आंकड़ों में साफ दिखता है।

FY26 में भारत में बिकने वाली कुल पैसेंजर व्हीकल्स में लग्जरी कारों की हिस्सेदारी सिर्फ 1.1-1.2% रही। लेकिन देश में बिकने वाली कुल इलेक्ट्रिक कारों (BEV) में लग्जरी कारों की हिस्सेदारी करीब 2.5-2.7% रही। यानी पूरे पैसेंजर व्हीकल बाजार में लग्जरी कारों की हिस्सेदारी के मुकाबले इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री में इनकी हिस्सेदारी दोगुने से भी ज्यादा है।

इस बदलाव का सबसे साफ उदाहरण BMW है। कंपनी ने जून 2026 को खत्म हुए छह महीनों में 2,359 EV बेचीं, जिससे भारत में उसकी कुल बिक्री में इलेक्ट्रिक गाड़ियों का हिस्सा लगभग एक-चौथाई हो गया। इसी दौरान Mercedes-Benz ने 859 BEV बेचीं।

फिर भी, Tesla का अनुभव बताता है कि इस तेजी का फायदा हर प्रीमियम EV बनाने वाली कंपनी को बिक्री के तौर पर नहीं मिलता।

इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में ग्लोबल पहचान होने के बावजूद, भारत में अपने पहले साल (जो जून 2026 में खत्म हुआ) में Tesla ने सिर्फ 450 के आस-पास कारें बेचीं।

इसकी सीमित प्रोडक्ट रेंज एक रुकावट है। टेस्ला अभी भारत में सिर्फ ‘मॉडल Y’ बेचती है, जिससे यह कई ऐसे सेगमेंट में मौजूद नहीं है जहां पहले से मौजूद लग्जरी कार बनाने वाली कंपनियां ग्राहकों को सेडान, SUV और परफॉर्मेंस-ओरिएंटेड मॉडल ऑफर कर सकती हैं।

इसकी एक और चुनौती कीमत भी रही है। टेस्ला ने बेस ‘मॉडल Y’ को 59.89 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) में लॉन्च किया था, और बाद में मई 2026 में इसकी कीमत घटाकर 50.89 लाख रुपये कर दी। कीमत कम करने के बाद भी, पूरी तरह से इम्पोर्ट किया गया यह मॉडल उन कंपनियों से मुकाबला करता है जिनके पास ज्यादा बड़े पोर्टफोलियो और पहले से स्थापित सेल्स और सर्विस नेटवर्क हैं। यह अंतर दिखाता है कि भारत का लग्जरी EV मार्केट किस तरह बदल रहा है।

आम कार खरीदारों के लिए EV खरीदने पर अभी भी चार्जिंग, ड्राइविंग रेंज, ज्यादा शुरुआती कीमत और सिर्फ एक कार पर निर्भर रहने जैसी कई परेशानियां हो सकती हैं। लेकिन अमीर परिवारों के लिए इनमें से कई दिक्कतों को आसानी से दूर किया जा सकता है। वे घर पर चार्जर लगवा सकते हैं, लंबी दूरी की यात्रा के लिए दूसरी कार का इस्तेमाल कर सकते हैं और EV पर कम टैक्स लगने से इलेक्ट्रिक कार खरीदना उनके लिए अपेक्षाकृत सस्ता पड़ता है।

इन वजहों से अमीर भारतीय परिवारों में इलेक्ट्रिक लग्जरी कार अब सिर्फ महंगा प्रयोग नहीं रह गई है। यह धीरे-धीरे उनकी गैराज में एक आम और पसंदीदा विकल्प बनती जा रही है।

BMW और Mercedes-Benz के लिए यह बदलाव एक कदम और आगे बढ़ चुका है। भारत में EV अब सिर्फ उनके भविष्य के प्रोडक्ट प्लान का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि आज ही उनकी बिक्री और ग्रोथ को बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रही हैं।

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2030 तक EV सेक्टर में आएंगी 5 करोड़ नौकरियां, 20 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचेगा मार्केट! नितिन गडकरी का बड़ा दावा

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को कहा कि भारत का इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) बाजार 2030 तक 20 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। इसके साथ ही इस सेक्टर में 5 करोड़ नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है।

PTI की रिपोर्ट के अनुसार, CII-ITC सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट की ओर से आयोजित एक समिट को संबोधित करते हुए गडकरी ने कहा कि भारत में अभी 57 लाख इलेक्ट्रिक वाहन रजिस्टर्ड हैं और ऑटोमोबाइल बाजार में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी करीब 7 प्रतिशत है।

उन्होंने कहा, “2030 तक भारत का इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) मार्केट 20 लाख करोड़ रुपये का हो जाएगा। इससे 2030 तक पांच करोड़ नौकरियां भी पैदा होंगी।”

इस दौरान गडकरी ने भारत की दो सबसे बड़ी टू-व्हीलर बनाने वाली कंपनियों, बजाज ऑटो और हीरो मोटोकॉर्प की एक्सपोर्ट क्षमता का भी जिक्र किया और कहा कि वे अपने बनाए गए वाहनों में से 50 प्रतिशत से ज्यादा का एक्सपोर्ट करती हैं।

भारत को और ज्यादा इलेक्ट्रिक बसों की जरूरत

गडकरी ने कहा कि भारत में हर साल एक लाख इलेक्ट्रिक बसों की मांग है, लेकिन देश के मैन्युफैक्चरर अभी साल में सिर्फ 50,000-60,000 EV बसें ही बनाते हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य अगले पांच सालों में भारत के ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री को दुनिया में सबसे बड़ा बनाना है। उन्होंने यह भी कहा कि देश के पास ट्रेंड मैनपावर और कॉम्पिटिटिव व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग क्षमताएं हैं।

गडकरी ने आगे कहा, “अगले पांच सालों में हमारा लक्ष्य भारत के ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री को दुनिया में नंबर 1 बनाना है… यह मुश्किल है, लेकिन नामुमकिन नहीं।”

उन्होंने कहा कि भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर का आकार काफी बढ़ गया है। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर का पद संभाला था, तब इस सेक्टर की वैल्यू 14 लाख करोड़ रुपये थी, जो अब बढ़कर 22 लाख करोड़ रुपये हो गई है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अभी US के ऑटोमोबाइल सेक्टर की वैल्यू 78 लाख करोड़ रुपये है, इसके बाद चीन 47 लाख करोड़ रुपये के साथ दूसरे और भारत 23 लाख करोड़ रुपये के साथ तीसरे स्थान पर है।

फॉसिल फ्यूल के इंपोर्ट और लॉजिस्टिक्स लागत को कम करने पर जोर

गडकरी ने कहा कि भारत फॉसिल फ्यूल के इंपोर्ट पर 22 लाख करोड़ रुपये खर्च करता है, जिससे प्रदूषण भी बढ़ता है।

उन्होंने कहा, “हम अच्छे हाईवे बना रहे हैं… अच्छे रास्ते और उनके विकल्प तैयार कर रहे हैं, और बायो-फ्यूल ही भविष्य है।”

लॉजिस्टिक्स लागत के बारे में गडकरी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य इसे घटाकर 8% तक लाना है। उनका तर्क है कि लॉजिस्टिक्स लागत कम होने से ग्लोबल मार्केट में भारत की कॉम्पिटिटिवनेस (प्रतिस्पर्धा क्षमता) बेहतर होगी।

गडकरी ने कहा कि IIT चेन्नई, IIT कानपुर और IIM बैंगलोर की हालिया रिपोर्ट से पता चला है कि एक्सप्रेसवे और इकोनॉमिक कॉरिडोर बनने से भारत की लॉजिस्टिक्स लागत 16% से घटकर 10% हो गई है।

उन्होंने कहा, “सरकार का लक्ष्य लॉजिस्टिक्स लागत को घटाकर 8% करना है, जिससे भारत को ज्यादा प्रतिस्पर्धी बनने में मदद मिलेगी।”

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Red Sea Attack: यमन के पास भारतीय झंडे वाले जहाज पर हमला, 13 भारतीयों समेत सभी 14 क्रू सदस्य सुरक्षित

विदेश मंत्रालय (MEA) ने मंगलवार को यमन के तट के पास लाल सागर (Red Sea) में भारतीय झंडे वाले वाणिज्यिक जहाज MSV Faize Noore Oliya पर हुए हमले की कड़ी निंदा की। हमले के बाद जहाज पलट गया और डूब गया। जहाज पर सवार 13 भारतीय नागरिकों समेत सभी 14 क्रू सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया है। विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि 4 अगस्त 2026 को यमन के तट के पास लाल सागर में भारतीय ध्वज वाले वाणिज्यिक जहाज पर हमला हुआ, जिसके बाद जहाज डूब गया। मंत्रालय ने कहा कि सभी 13 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया है।

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यमनी कोस्ट गार्ड ने सभी 14 लोगों को बचाया

 

केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि यमनी कोस्ट गार्ड ने सभी 14 नाविकों को सुरक्षित बचा लिया और उन्हें मोखा बंदरगाह (Port of Mokha) पहुंचाया। सोनोवाल के मुताबिक, भारतीय जहाज MSV Faize Noore Oliya को यमनी जलक्षेत्र के पास एक प्रोजेक्टाइल से निशाना बनाया गया। इसके बाद जहाज पलट गया और समुद्र में डूब गया। उन्होंने इस हमले को निहत्थे और असुरक्षित मशीनीकृत नौकायन जहाज पर किया गया हमला बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि भारतीय नाविकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

भारतीय नाविकों की सुरक्षा के लिए दिए निर्देश

 

सोनोवाल ने बताया कि उन्होंने Director General Maritime Administration (DGMA) को क्षेत्र में मौजूद भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित एजेंसियों के साथ तत्काल समन्वय करने के निर्देश दिए हैं।साथ ही, बचाए गए क्रू सदस्यों को हर जरूरी सहायता उपलब्ध कराने के लिए भी कहा गया है।

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रियाद स्थित भारतीय दूतावास कर रहा निगरानी

 

विदेश मंत्रालय ने बताया कि रियाद स्थित भारतीय दूतावास पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर रख रहा है और क्रू सदस्यों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यमनी अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहा है। MEA ने बचाव अभियान में सहायता के लिए यमनी अधिकारियों का भी आभार जताया।

 

लाल सागर में लगातार हो रहे हमलों पर भारत की चिंता

 

विदेश मंत्रालय ने क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों पर लगातार हो रहे हमलों को लेकर गंभीर चिंता जताई है। मंत्रालय ने कहा कि इस तरह के हमले बंद होने चाहिए और अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों के जरिए बिना किसी बाधा के नौवहन और व्यापार को जल्द से जल्द बहाल किया जाना चाहिए। भारत ने इस बात पर भी जोर दिया कि क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप समुद्री आवाजाही और व्यापार निर्बाध रूप से जारी रहना चाहिए।

अल हुदायदाह के पास हुआ हमला

 

अनादोलु न्यूज एजेंसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यमन सरकार समर्थित नेशनल रेजिस्टेंस फोर्सेज (NRF) के हवाले से बताया गया कि जहाज पर हमला अल हुदायदाह से करीब 13 नॉटिकल मील दक्षिण में हुआ था। हमले के बाद जहाज समुद्र में डूब गया।

 

रिपोर्ट के मुताबिक, यमनी नौसेना और कोस्ट गार्ड ने तत्काल बचाव अभियान चलाया और जहाज पर मौजूद सभी 14 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया। बचाए गए नाविकों को चिकित्सा सहायता भी उपलब्ध कराई गई।

 

Red Sea और Bab al-Mandab को लेकर बढ़ी चिंता

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यह घटना ऐसे समय हुई है जब लाल सागर और बाब-अल-मंदब जलडमरूमध्य में समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। बाब-अल-मंदब एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग है, जो लाल सागर को अदन की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर पहले भी कई घटनाएं सामने आती रही हैं। ऐसे में भारतीय जहाज पर हमले ने अंतरराष्ट्रीय शिपिंग रूट की सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है।

 

Houthis और क्षेत्रीय तनाव का भी असर

 

रिपोर्ट के मुताबिक, यमन के पश्चिमी तट और बाब-अल-मंदब के आसपास सक्रिय नेशनल रेजिस्टेंस फोर्सेज (NRF) का नेतृत्व तारेक सालेह करते हैं, जो यमन की प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल के सदस्य हैं। यह घटना क्षेत्र में जारी अन्य तनावों के बीच हुई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि ईरान समर्थित यमनी हूती समूह ने 20 जुलाई को सऊदी अरब के खिलाफ कथित 'नौसैनिक नाकाबंदी' की घोषणा की थी। इसके बाद रियाद ने अपने जहाजों को निशाना बनाए जाने की किसी भी कोशिश के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी थी।

Tata की इलेक्ट्रिक कारों पर मिल रहा बड़ा डिस्काउंट, Curvv EV पर 3 लाख से ज्यादा का फायदा

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Tata EV Discounts August 2026: अगर आप अगस्त 2026 में नई इलेक्ट्रिक कार खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो Tata Motors की डीलरशिप पर इस महीने कई आकर्षक ऑफर्स मिल रहे हैं। कंपनी चुनिंदा EV मॉडल और वेरिएंट पर कैश डिस्काउंट, एक्सचेंज ऑफर, स्क्रैपेज बेनिफिट और लॉयल्टी इंसेंटिव दे रही है। 

हालांकि, सभी इलेक्ट्रिक कारों पर एक जैसे फायदे नहीं मिलेंगे। अगस्त 2026 के ऑफर्स में Tigor EV और Sierra EV को शामिल नहीं किया गया है। वहीं, Tata Nexon EV पर इस महीने सबसे कम बेनिफिट मिल रहा है। कंपनी के ये ऑफर्स 31 अगस्त 2026 तक लागू रहेंगे। Tata Motors के अगस्त 2026 के ये ऑफर्स 31 अगस्त 2026 तक वैध हैं।

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Curvv EV पर सबसे ज्यादा फायदा

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अगस्त 2026 में Tata Motors की इलेक्ट्रिक कारों में Curvv EV पर सबसे ज्यादा डिस्काउंट मिल रहा है। इसके कुछ वेरिएंट पर ग्राहकों को अधिकतम 3.35 रुपए लाख तक के बेनिफिट मिल सकते हैं। Tata Curvv EV के चुनिंदा वेरिएंट पर 30,000 रुपए का एक्सचेंज बेनिफिट या 35,000 रुपए का स्क्रैपेज इंसेंटिव दिया जा रहा है।

इसके अलावा, मौजूदा Tata ग्राहक अगर अपनी पुरानी Tata ICE (पेट्रोल/डीजल) या EV को बदलकर नई Curvv X Series खरीदते हैं, तो उन्हें 30,000 रुपए का लॉयल्टी बेनिफिट भी मिल सकता है। इस तरह Curvv EV के X वेरिएंट पर ग्राहक अधिकतम 65,000 रुपए तक के लाभ का फायदा उठा सकते हैं।

 

Non-X Curvv EV पर 3.35 लाख रुपए तक की बचत

अगर ग्राहक Tata Curvv EV का Non-X वेरिएंट खरीदते हैं, तो अधिकतम बेनिफिट 3.35 रुपए लाख तक पहुंच सकता है। इसमें:3 लाख रुपए कैश डिस्काउंट। 35,000 स्क्रैपेज इंसेंटिव शामिल हैं।  Curvv EV Creative वेरिएंट पर 2.50 रुपए लाख का कैश डिस्काउंट दिया जा रहा है। अगर इसमें 35,000 रुपए का स्क्रैपेज इंसेंटिव शामिल किया जाए, तो कुल फायदा 2.85 लाख रुपए तक हो सकता है।

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Tata EV पर ऑफर्स की पूरी जानकारी

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अगस्त 2026 में Tata Motors के EV ग्राहकों के लिए ऑफर्स मॉडल और वेरिएंट के आधार पर अलग-अलग हैं। कंपनी कैश डिस्काउंट के अलावा पुराने वाहन को एक्सचेंज करने, स्क्रैप करने और मौजूदा Tata ग्राहकों को लॉयल्टी बेनिफिट देने जैसे विकल्प दे रही है।

ध्यान रखें

इन ऑफर्स की वास्तविक राशि शहर, डीलरशिप, मॉडल, वेरिएंट और उपलब्ध स्टॉक के आधार पर अलग हो सकती है। इसलिए इलेक्ट्रिक कार खरीदने से पहले अपने नजदीकी Tata Motors डीलर से ऑफर की अंतिम राशि और नियमों की पुष्टि करना जरूरी है।

बिना ड्राइवर के चलेगी आपकी कार! जानिए भारत में आने वाली फ्यूचर कार टेक्नोलॉजी

भारत में कारों की दुनिया तेजी से बदल रही है। पेट्रोल, CNG और इलेक्ट्रिक कारों के बाद अब हाइब्रिड, प्लग-इन हाइब्रिड और रेंज एक्सटेंडर जैसी नई टेक्निक भी बाजार में दस्तक दे रही हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि आने वाले समय में इंडियन के लिए सबसे बेहतर और किफायती फ्यूल टेक्नोलॉजी (fuel technology) कौन-सी होगी:

Strong Hybrid Car (स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड कार)

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स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड कारों में पेट्रोल इंजन (petrol engine) और इलेक्ट्रिक मोटर दोनों साथ काम करते हैं। इसकी बैटरी को अलग से चार्ज नहीं करना पड़ता, बल्कि यह ब्रेक लगाने या इंजन के जरिए खुद चार्ज हो जाती है। शहर में कम स्पीड पर कार कुछ किलोमीटर तक केवल इलेक्ट्रिक मोड में चल सकती है, जिससे पेट्रोल की बचत होती है और माइलेज बढ़ता है। हालांकि इन कारों की कीमत सामान्य पेट्रोल कारों (petrol vehicles) से ज्यादा होती है।

 

 

Mild Hybrid Car (माइल्ड हाइब्रिड कार)

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माइल्ड हाइब्रिड टेक्निक में भी इंजन के साथ छोटी इलेक्ट्रिक मोटर होती है, लेकिन यह कार को अकेले इलेक्ट्रिक मोड (electric-only mode) में नहीं चला सकती। इसका मेन काम इंजन की मदद करना और ईंधन की थोड़ी बचत करना होता है। इस तकनीक से माइलेज में हल्का सुधार मिलता है, लेकिन स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड जितना फायदा नहीं होता।

 

Plug-in Hybrid Car (प्लग-इन हाइब्रिड कार)

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प्लग-इन हाइब्रिड कारों में बड़ी बैटरी (battery) होती है, जिसे घर या चार्जिंग स्टेशन से चार्ज किया जा सकता है। बैटरी चार्ज रहने तक कार लंबी दूरी केवल इलेक्ट्रिक मोड में चलती है। बैटरी खत्म होने पर पेट्रोल इंजन अपने आप काम शुरू कर देता है। इससे रोजाना शहर में बिना पेट्रोल खर्च किए ड्राइव करना आसान हो जाता है, जबकि लंबी यात्रा (long journey) में भी चार्जिंग की चिंता नहीं रहती।

Range Extender EV Car (रेंज एक्सटेंडर ईवी कार)

This may contain: an electric car is parked next to two charging stations

रेंज एक्सटेंडर EV पूरी तरह इलेक्ट्रिक कार होती है। इसमें लगा छोटा पेट्रोल इंजन पहियों को नहीं चलाता, बल्कि केवल बैटरी को चार्ज करने का काम करता है। कार हमेशा इलेक्ट्रिक मोटर (electric motor) से ही चलती है। बैटरी कम होने पर इंजन बिजली बनाकर बैटरी को चार्ज करता रहता है। इससे लंबी दूरी पर भी चार्जिंग स्टेशन (charging station) खोजने की परेशानी काफी कम हो जाती है।

Pure Electric Vehicle (प्योर इलेक्ट्रिक व्हीकल)

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प्योर इलेक्ट्रिक कारें (Pure electric car) केवल बैटरी और इलेक्ट्रिक मोटर से चलती हैं। इनमें पेट्रोल या डीजल इंजन नहीं होता, इसलिए पॉल्यूशन भी नहीं होता। हालांकि लंबी दूरी की जर्नी में चार्जिंग स्टेशन की अवेलेबिलिटी और चार्ज होने में लगने वाला समय अभी भी कई लोगों के लिए चुनौती बना हुआ है।

Future Technology (भविष्य की टेक्निक)

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आने वाले वर्षों में भारत में अलग-अलग जरूरतों के अनुसार कई टेक्निक साथ-साथ देखने को मिल सकती हैं। शहर में रोजाना चलने वालों के लिए इलेक्ट्रिक और प्लग-इन हाइब्रिड (plug-in hybrid) बेहतर ऑप्शन बन सकते हैं, जबकि लंबी दूरी तय करने वाले लोगों के लिए रेंज एक्सटेंडर EV और स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड ज्यादा उपयोगी साबित हो सकते हैं।

फिलहाल माना जा रहा है कि आने वाले समय में कोई एक टेक्निक सभी पर हावी नहीं होगी। लोगों की जरूरत, बजट और इस्तेमाल के हिसाब से पेट्रोल, हाइब्रिड, प्लग-इन हाइब्रिड, रेंज एक्सटेंडर और इलेक्ट्रिक कारें सभी बाजार में साथ-साथ चलती रहेंगी।

Maruti Brezza 2026 Launch: ₹7.40 लाख में नई SUV की एंट्री, टर्बो इंजन और 5-स्टार सेफ्टी के साथ Nexon-Venue को देगी टक्कर

Maruti Brezza 2026 Launch: देश की कार निर्माता कंपनी Maruti Suzuki ने भारतीय बाजार में अपनी 2026 Maruti Suzuki Brezza फेसलिफ्ट को लॉन्च कर दिया है, जिसकी शुरुआती कीमत 7.40 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) है। नई Brezza फेसलिफ्ट में आपको नया 1.0-लीटर टर्बो बूस्टरजेट पेट्रोल इंजन, नई स्टाइलिंग, दमदार फीचर्स और अतिरिक्त सुरक्षा टेक्नोलॉजी देखने को मिलेगी। इसके साथ ही मौजूदा पेट्रोल और CNG वर्जन को भी कई अपडेट के साथ पेश किया गया है।

Maruti Brezza 2026: इंजन और पावरट्रेन

Maruti Brezza 2026 की सबसे बड़ी खासियत इसका नया 1.0-लीटर टर्बो बूस्टरजेट पेट्रोल इंजन है, जो 6-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स के साथ आएगा और 110.2 PS की पावर और 170 Nm का टॉर्क जनरेट करेगा। Maruti Suzuki ने इसकी फ्यूल एफिशिएंसी 20.47 kmpl बताई है। यह नया टर्बो-पेट्रोल ऑप्शन उन ग्राहकों को ध्यान में रखकर पेश किया गया है, जो तेज़ रफ़्तार और बेहतर परफॉर्मेंस चाहते हैं।

टर्बो-पेट्रोल इंजन के अलावा Maruti Suzuki Brezza 2026 में पहले वाला 1.5-लीटर K15C Dual Jet Dual VVT पेट्रोल इंजन भी जारी रहेगा। यह इंजन 103.05 PS की पावर और 139 Nm का टॉर्क देता है। इसमें अब पुराने 5-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स की जगह नया 6-स्पीड मैनुअल ट्रांसमिशन दिया गया है। इसके साथ ही पैडल शिफ्टर्स वाला 6-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स का विकल्प भी मिलता रहेगा।

वहीं, S-CNG वर्जन (87.8 PS और 121.5 Nm) को भी नए अंडरबॉडी CNG टैंक के साथ अपडेट किया गया है, जिससे बूट स्पेस ज्यादा मिलता है। इसमें आइडल स्टार्ट-स्टॉप टेक्नोलॉजी और नया 6-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स भी दिया गया है।

Maruti Brezza 2026: डिजाइन और फीचर्स में बड़े बदलाव

2026 Brezza फेसलिफ्ट के बाहरी हिस्से में कई कॉस्मेटिक बदलाव किए गए हैं। इसमें नई स्मोक क्रोम ग्रिल, मेटैलिक ग्रे स्किड प्लेट, नए डुअल-टोन साइड क्लैडिंग और नए डिजाइन वाले प्रिसिजन-कट अलॉय व्हील्स दिए गए हैं। टर्बो वेरिएंट्स में खास ‘Turbo Boosterjet’ बैजिंग भी है, और खरीदार स्पोर्टी रेड एक्सेंट वाले खास टर्बो एक्सेसरी पैकेज का विकल्प भी चुन सकते हैं।

इंटीरियर की बात करें तो, SUV के केबिन में कई नए फीचर्स जोड़े गए हैं। Maruti Brezza 2026 में अब 10.1-इंच का SmartPlay Pro X टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम मिलता है, जिसमें इन-बिल्ट Alexa, वायरलेस Android Auto और Apple CarPlay, इंटरनेट कनेक्टिविटी, ओवर-द-एयर अपडेट्स और 35 से ज्यादा ऐप्स की सुविधा है। अन्य खासियतों में प्रीमियम Arkamys सराउंड सेंस ऑडियो सिस्टम, 64-कलर एम्बिएंट लाइटिंग, लेदरेट सीट्स, वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स, AQI डिस्प्ले वाला PM2.5 एयर प्यूरीफायर, एक्टिव कूलिंग वाला वायरलेस स्मार्टफोन चार्जर और इलेक्ट्रिक सनरूफ शामिल हैं।

Maruti Brezza 2026: सेफ्टी फीचर्स को किया गया अपग्रेड

Brezza फेसलिफ्ट के लॉन्च के साथ इसकी सुरक्षा को भी बेहतर बनाया गया है। अब इस नई SUV में ब्लाइंड स्पॉट वॉर्निंग के साथ लेन चेंज अलर्ट, रियर क्रॉस ट्रैफिक अलर्ट, सेफ एग्जिट वॉर्निंग, टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम, फ्रंट पार्किंग सेंसर और अतिरिक्त व्यूइंग मोड वाला अपग्रेडेड 360-डिग्री कैमरा जैसे फीचर्स मिलते हैं। इसके अलावा, Brezza को 5-स्टार भारत NCAP सेफ़्टी रेटिंग भी मिली है।

नई Brezza 2026 को सात एक्सीटरियर कलर ऑप्शन में पेश किया गया है, जिनमें दो नए शेड — Vivacious Orange और Lustrous Beige शामिल हैं। ग्राहक अपनी पसंद के अनुसार लुक पाने के लिए टर्बो, टेरास्केप और मेट्रोस्केप एक्सेसरी पैकेज में से भी चुन सकते हैं।

Maruti Brezza 2026: कीमत और मुकाबला

Brezza फेसलिफ्ट 2026 की शुरुआती कीमत ₹7.40 लाख (एक्स-शोरूम) है, जबकि मारुति सुज़ुकी अलग से सभी वेरिएंट्स की कीमतों की पूरी लिस्ट जारी करेगी। कंपनी के मुताबिक, अब तक 14 लाख से ज्यादा ग्राहक Brezza को अपना चुके हैं। ऐसे में मारुति को उम्मीद है कि अपडेटेड SUV भारत के तेजी से बढ़ते और प्रतिस्पर्धी कॉम्पैक्ट SUV सेगमेंट में अपनी पकड़ और मजबूत करेगी।

नई Brezza Facelift को ऐसे समय में लॉन्च किया गया है, जब कॉम्पैक्ट SUV सेगमेंट में कॉम्पिटिशन लगातार बढ़ रहा है। यह अपडेटेड SUV Tata Nexon, Hyundai Venue, Kia Sonet, Mahindra XUV 3XO and Skoda Kylaq जैसे मॉडल्स को टक्कर देगी।

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मंगलुरु के छात्रों ने बनाई AI-पावर्ड ड्राइवरलेस इलेक्ट्रिक कार, जो खुद पहचानती है रास्ता

जहां टेस्ला जैसी ग्लोबल कंपनियां ऑटोनॉमस व्हीकल टेक्नोलॉजी में भारी निवेश कर रही हैं, वहीं मंगलुरु के मुक्का में स्थित श्रीनिवास यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (SUIET) के मैकेनिकल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के स्टूडेंट्स और फैकल्टी की एक टीम ने बहुत कम लागत में अपनी AI-पावर्ड सेल्फ-ड्राइविंग इलेक्ट्रिक गाड़ी ‘श्री-वाहन’ बनाई है।

इस गाड़ी को आधिकारिक तौर पर 23 जुलाई, 2026 को पेश किया गया था। यह सिर्फ़ स्टूडेंट्स का एक प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि एक काम करने वाला प्रोटोटाइप है जिसे आगे चलकर असल दुनिया में इस्तेमाल के लिए विकसित किया जा सकता है।

टीम ने इस वाहन को पूरी तरह से नए सिरे से बनाने के बजाय एक मौजूदा कार को मॉडिफाई किया और उसे इलेक्ट्रिक और AI-आधारित ऑटोनॉमस व्हीकल में बदल दिया। इस पूरे प्रोटोटाइप को तैयार करने में टीम को करीब छह महीने लगे और इसकी लागत लगभग 4-5 लाख रुपये आई।

यह सड़क को कैसे “देखता” है

यह वाहन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के साथ-साथ LiDAR, कैमरा-बेस्ड विजन सिस्टम, GPS नेविगेशन, अल्ट्रासोनिक सेंसर, ओडोमेट्री, विजुअल SLAM और सेंसर फ्यूजन टेक्नोलॉजी से चलती है। ये सभी तकनीकें मिलकर गाड़ी को बिना ड्राइवर के पहले से तय रास्ते पर सुरक्षित रूप से चलने में मदद करते हैं।

अगर रास्ते में कोई व्यक्ति या रुकावट आती है, तो सेंसर उसे पहचान लेते हैं और गाड़ी अपने-आप रुक जाती है। ऑपरेटर गाड़ी में लगे कैमरे से उस पर नजर रख सकते हैं और जरूरत पड़ने पर उसे दूर से कंट्रोल भी कर सकते हैं। इसके अलावा, गाड़ी में AI असिस्टेंट सिस्टम भी लगा है।

स्पीड और रेंज

टेस्टिंग के दौरान सुरक्षा के लिए, ऑटोनॉमस मोड में गाड़ी की स्पीड 5 km/h तक सीमित रखी गई है। मैनुअल मोड में यह 20 से 28 किमी/घंटा की रफ्तार से चल सकता है। इसमें 5 किलोवाट की लिथियम-आयन बैटरी लगी है, जो एक बार फुल चार्ज होने पर 15 से 22 किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकती है।

यह गाड़ी लगभग 360 kg का भार उठा सकती है, यानी इसमें छह लोग बैठ सकते हैं या इतना ही वजन का सामान ले जाया जा सकता है। इसे इस तरह से डिजाइन किया गया है कि जरूरत पड़ने पर इसे एम्बुलेंस में भी बदला जा सके।

इसका इस्तेमाल कहां-कहां हो सकता है

इस गाड़ी को कई संभावित कामों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है: जैसे कि एजुकेशनल कैंपस में छात्रों को लाना-ले जाना, इंडस्ट्रियल इलाकों में स्टाफ को पहुंचाना, अस्पतालों में मरीजों को एक जगह से दूसरी जगह ले जाना, एम्बुलेंस के तौर पर इस्तेमाल होना, मिलिट्री इलाकों में ज्यादा जोखिम वाले जोन तक जरूरी सामान पहुंचाना और रिमोट-कंट्रोल से होने वाले डिफेंस ऑपरेशन में मदद करना।

आगे क्या होगा?

अभी यह गाड़ी सिर्फ पहले से मैप किए गए रास्तों पर ही चलती है। अगले चरण में, टीम का प्लान है कि इसमें बिना मैप वाले इलाकों में भी खुद चलने की क्षमता जोड़ी जाए और ज्यादा क्षमता वाली बैटरी लगाई जाए, ताकि इसे पूरी तरह काम करने वाली एम्बुलेंस बनाया जा सके।

इसके अलावा, संस्थान का मकसद भारतीय सड़कों के हिसाब से एक ऑटोनॉमस ड्राइविंग सिस्टम बनाना और आगे चलकर इस टेक्नोलॉजी को कमर्शियलाइज करना भी है।

‘श्री-वहन’ यह दिखाता है कि मौजूदा तकनीक का इस्तेमाल करके पुराने वाहनों को कम लागत वाले AI-संचालित ऑटोनॉमस वाहनों में बदला जा सकता है। यह उपलब्धि ऐसे समय में सामने आई है, जब टेस्ला जैसी वैश्विक कंपनियां भी बड़े बजट के साथ इसी तरह की तकनीक विकसित करने पर काम कर रही हैं।

इस प्रोजेटक्ट से छात्रों का क्या है फायदा?

यह प्रोजेक्ट छात्रों की रिसर्च करने की क्षमता को दिखाता है, उन्हें प्रैक्टिकल अनुभव के साथ सीखने का मौका देता है और भारतीय परिस्थितियों के हिसाब से ऑटोनॉमस टेक्नोलॉजी विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इस प्रोजेक्ट में मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर विश्वास सी. शेट्टी ने मार्गदर्शन किया, जबकि रिसर्च एसोसिएट विशाख मेनन ने रिसर्च और डेवलपमेंट का नेतृत्व किया। श्रेयस, अद्वितीय, उज्ज्वल, अक्षय, मंजूनाथ और प्रख्यात जैसे छात्रों ने इस प्रोजेक्ट में अहम योगदान दिया।

श्रीनिवास यूनिवर्सिटी के चांसलर डॉ. ए. श्रीनिवास राव के अनुसार, इस तरह के रिसर्च छात्रों को भविष्य की तकनीकी चुनौतियों का सामना करने का आत्मविश्वास देते हैं और साथ ही समाज की वास्तविक समस्याओं के समाधान खोजने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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₹7.99 लाख की शुरुआती कीमत पर लॉन्च हुई Kia Syros EV, 526km रेंज और लग्जरी फीचर के साथ

Kia Syros EV Launch: अगर आप इलेक्ट्रिक कार खरीदने की सोच रहे हैं, तो Kia आपके लिए एक नया और किफायती विकल्प लेकर आया है। दरअसल, कंपनी ने अपनी नई Syros EV को भारत में लॉन्च कर दिया है, जो न सिर्फ Kia की सबसे सस्ती इलेक्ट्रिक कार है, बल्कि इसे Battery-as-a-Service (BaaS) मॉडल के साथ भी खरीदा जा सकता है। बता दें कि इस मॉडल की शुरुआती कीमत 7.99 लाख रुपये रखी गई है, जबकि बैटरी की कीमत अलग से फाइनेंस की जाएगी, जिसके लिए ग्राहकों को 3.3 रुपये प्रति किलोमीटर की EMI देनी होगी। इसके अलावा, इस इलेक्ट्रिक SUV की डिलीवरी 30 जुलाई से शुरू होगी।

Kia Syros EV कंपनी की अब तक की सबसे किफायती इलेक्ट्रिक कार है। यह Carens Clavis EV के बाद Kia का दूसरा मास-मार्केट इलेक्ट्रिक मॉडल है। इसकी शुरुआती कीमत 13.49 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) है, जबकि टॉप-स्पेक X-Line ER वेरिएंट की कीमत 19.99 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) तक जाती है।

कंपनी ने Syros EV को अपने मजबूत K1 प्लेटफॉर्म पर तैयार किया है। यह इलेक्ट्रिक SUV ग्राहकों को दो बैटरी पैक विकल्पों के साथ मिलेगी—42 kWh और 51.4 kWh। इन बैटरी ऑप्शन के साथ Kia का लक्ष्य ज्यादा से ज्यादा ग्राहकों को इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर आकर्षित करना है।

छोटे बैटरी पैक वाला वेरिएंट ARAI-सर्टिफाइड MIDC फुल-साइकिल रेंज में 443 किलोमीटर तक चल सकता है। वहीं, बड़े 51.4 kWh बैटरी पैक वाले मॉडल की रेंज 526 किलोमीटर तक बताई गई है। इसके साथ ही Kia Syros EV अपने सेगमेंट की पहली ऐसी इलेक्ट्रिक SUV बन गई है, जिसने 500 किलोमीटर से ज्यादा की प्रमाणित रेंज का आंकड़ा पार किया है।

इसकी बड़ी बैटरी एक इलेक्ट्रिक मोटर को पावर देती है, जो 171 PS (लगभग 169 bhp) की पावर जेनरेट करती है, जिससे यह SUV 0 से 100 km/h की रफ्तार 8.1 सेकंड में पकड़ लेती है।

Syros EV में 100 kW DC फास्ट चार्जिंग की भी सुविधा है, जिससे बैटरी 39 मिनट में 10% से 80% तक चार्ज हो सकती है। इसमें 10.8 kW का ऑनबोर्ड AC चार्जर भी मिलता है।

फीचर लिस्ट

Syros EV का डिजाइन ICE-पावर्ड Syros जैसा ही है, लेकिन इसमें कुछ खास EV स्टाइलिंग एलिमेंट्स दिए गए हैं। इसके अलावा, इनमें Kia की क्लोज्ड-ऑफ Digital Tiger Face ग्रिल, Ice Cube LED हेडलैंप, Star Map LED DRLs और टेल लैंप, फ्लश-फिटिंग डोर हैंडल्स और 17-इंच के डुअल-टोन एयरो अलॉय व्हील शामिल हैं।

इंटीरियर की बात करें तो, इसके अंदर 30-इंच का पैनोरमिक डिस्प्ले है, जिसमें 12.3-इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, 12.3-इंच का डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर और 5-इंच का क्लाइमेट कंट्रोल इंटरफेस शामिल है।

Kia Syros EV के अन्य फीचर्स में डुअल-पेन पैनोरमिक सनरूफ, एम्बिएंट लाइटिंग, फोर-वे पावर ड्राइवर सीट, स्लाइडिंग और रिक्लाइनिंग रियर सीट, वेंटिलेटेड फ्रंट और रियर सीट, आठ-स्पीकर वाला Harman Kardon ऑडियो सिस्टम, वायरलेस Android Auto और Apple CarPlay, वायरलेस फोन चार्जर, 16-लीटर का फ्रंक (फ्रंट ट्रंक), स्मार्ट डैशकैम, 360-डिग्री कैमरा और 16 ऑटोनॉमस फंक्शन वाला लेवल 2 ADAS शामिल हैं।

सेफ्टी फीचर्स

Kia Syros EV में यात्रियों की सुरक्षा का भी खास ध्यान रखा गया है। इसमें 6 एयरबैग, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ESC), हिल-स्टार्ट असिस्ट, ऑटो होल्ड के साथ इलेक्ट्रॉनिक पार्किंग ब्रेक, टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम (TPMS), ISOFIX चाइल्ड सीट एंकर जैसे सेफ्टी फीचर्स दिए गए हैं।

इसके अलावा, इसमें ब्लाइंड व्यू मॉनिटर और आगे, पीछे व साइड पार्किंग सेंसर भी मिलते हैं, जो ड्राइविंग के दौरान सुरक्षा और सुविधा को बेहतर बनाते हैं।

Syros EV की कीमतें (एक्स-शोरूम):

Battery PackVariant
Price

42 kWhHTK₹13.49 lakh
42 kWhHTK+₹14.99 lakh
42 kWhHTX₹15.99 lakh
51.4 kWh (Extended Range)HTK+ ER₹16.99 lakh
51.4 kWh (Extended Range)HTX ER₹17.99 lakh
51.4 kWh (Extended Range)HTX+ ER₹19.49 lakh
51.4 kWh (Extended Range)X-Line ER₹19.99 lakh

ओनरशिप के फायदे

Kia ने Syros EV के साथ ग्राहकों के लिए कई खास फायदे भी पेश किए हैं। कंपनी पहले मालिक को हाई-वोल्टेज बैटरी पर 15 साल की अनलिमिटेड किलोमीटर वारंटी दे रही है। इसके अलावा, कंपनी ने अश्योर्ड बायबैक प्रोग्राम भी शुरू किया है, जिसके तहत तीन साल बाद कार की रीसेल वैल्यू 80% तक मिल सकती है।

वहीं, ग्राहकों को बेहतर चार्जिंग सुविधा देने के लिए Kia के K-Charge नेटवर्क के जरिए 20,300 से ज्यादा चार्जिंग पॉइंट्स तक पहुंच मिलेगी।

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Upcoming Auto Launches: नई कार या बाइक खरीदने का बना रहें प्लान? मार्केट में धमाल मचाने आ रही ये 6 नई गाड़ियां

अगर आप नई कार या बाइक खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आने वाले कुछ दिन आपके लिए खास हो सकते हैं। साल 2026 में भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में नई गाड़ियों की लॉन्चिंग का सिलसिला लगातार जारी है। कार और बाइक बनाने वाली कई कंपनियां अपने नए मॉडल पेश कर रही हैं। जुलाई के आने वाले दिनों में भी कई नई गाड़ियां बाजार में दस्तक देने वाली हैं, जिनका ऑटो सेक्टर और ग्राहकों को बेसब्री से इंतजार है। इनमें एसयूवी, इलेक्ट्रिक कार और प्रीमियम बाइक शामिल हैं।

आने वाले दिनों में ऑटो बाजार में कई नई कारें और बाइक लॉन्च होने वाली हैं। इनमें अपडेटेड मॉडल के साथ कुछ बिल्कुल नई गाड़ियां भी शामिल हैं, जिनका ग्राहकों को बेसब्री से इंतजार है। आइए जानते हैं अगले कुछ दिनों में बाजार में आने वाली बड़ी कारों और बाइक्स के बारे में।

रेनॉल्ट डस्टर एडवेंचर एडिशन

रेनॉल्ट इंडिया ने अपनी फेमस एसयूवी डस्टर का नया एडवेंचर एडिशन भारतीय बाजार में लॉन्च कर दिया है। कंपनी ने इसे डस्टर की लोकप्रियता और विरासत को ध्यान में रखते हुए पेश किया है। ये नया मॉडल निसान टेक्टन की लॉन्चिंग के बाद आया है, जिससे मिड-साइज एसयूवी सेगमेंट में मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। डस्टर एडवेंचर एडिशन तीन इंजन और ट्रांसमिशन विकल्पों में उपलब्ध है। इसकी शुरुआती कीमत टर्बो TCe 100 MT के लिए 12.99 लाख रुपये है, वहीं टर्बो TCe 160 MT की कीमत 13.99 लाख रुपये और टर्बो TCe 160 DCT की कीमत 15.39 लाख रुपये रखी गई है।

Kia Syros EV

किआ अपनी नई इलेक्ट्रिक एसयूवी Syros EV को जल्द भारतीय बाजार में लॉन्च कर सकती है। लॉन्च से पहले इस गाड़ी को कई बार टेस्टिंग के दौरान देखा गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ डीलरशिप ने इसकी अनऑफिशियल बुकिंग भी शुरू कर दी है। डिजाइन के मामले में ये पेट्रोल मॉडल से काफी मिलती-जुलती होगी, लेकिन इसमें बंद फ्रंट ग्रिल और नए डिजाइन के अलॉय व्हील्स देखने को मिल सकते हैं। इसके अलावा, कंपनी इसमें कई आधुनिक फीचर्स और बड़ा केबिन दे सकती है। वहीं अभी इसकी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। इसकी संभावित शुरुआती कीमत करीब 14 लाख रुपये मानी जा रही है।

किआ सोरेंटो

किआ जल्द ही अपनी फ्लैगशिप 7-सीटर एसयूवी सोरेंटो को भारत में लॉन्च कर सकती है। ये भारत में कंपनी की पहली हाइब्रिड एसयूवी होगी। कंपनी ने इसका टीजर भी जारी कर दिया है। उम्मीद है कि इसमें कई प्रीमियम फीचर्स मिलेंगे। साथ ही, भारतीय ग्राहकों के लिए इसमें स्थानीय जरूरतों के हिसाब से हाइब्रिड पेट्रोल पावरट्रेन दिया जा सकता है।

Maruti Suzuki Brezza Facelift

मारुति सुजुकी जल्द ही अपनी लोकप्रिय कॉम्पैक्ट एसयूवी ब्रेजा फेसलिफ्ट को नए अपडेट्स के साथ पेश कर सकती है। इस मॉडल में बदला हुआ एक्सटीरियर, नए डिजाइन के अलॉय व्हील्स और पहले से ज्यादा आधुनिक फीचर्स मिलने की उम्मीद है। इसमें बड़ी टचस्क्रीन, 360 डिग्री कैमरा, वेंटिलेटेड सीटें, एम्बिएंट लाइटिंग और वायरलेस फोन चार्जिंग जैसे फीचर्स दिए जा सकते हैं। इसके अलावा, कंपनी नए मैनुअल गियरबॉक्स और अंडरबॉडी-माउंटेड CNG टैंक का ऑप्शन भी शामिल कर सकती है।

MG स्टारलाइट 560

एमजी जल्द ही अपनी नई स्टारलाइट 560 एसयूवी को भारतीय बाजार में पेश कर सकती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसमें 1.5 लीटर पेट्रोल इंजन के साथ 20.5kWh की बैटरी मिल सकती है, जो करीब 194 bhp की पावर और 230 Nm का टॉर्क देने में सक्षम होगी। फीचर्स की बात करें तो इसमें एलईडी लाइटिंग, बड़े अलॉय व्हील्स, 12.8 इंच की टचस्क्रीन, पैनोरमिक सनरूफ और बड़ा बूट स्पेस मिलने की उम्मीद है।

रॉयल एनफील्ड शॉटगन 650

रॉयल एनफील्ड ने रफ क्राफ्ट्स के साथ मिलकर शॉटगन 650 x रफ क्राफ्ट्स का लिमिटेड एडिशन पेश किया है। ये स्पेशल बाइक कंपनी की कस्टम बाइक से प्रेरित है। भारत में इसकी सिर्फ 25 यूनिट ही बिक्री के लिए उपलब्ध होंगी। इसकी एक्स-शोरूम कीमत 5.75 लाख रुपये रखी गई है। इस लिमिटेड एडिशन की बुकिंग भारत में 30 जुलाई शाम 7 बजे (IST) से शुरू होगी।