Tukaram Mundhe : देश के हर राज्य को तुकाराम मुंढे जैसे IAS अधिकारी की जरूरत क्यों? 21 साल में 25 तबादले, फिर भी नहीं झुके ‘सिंघम’

Tukaram Mundhe : देश के हर राज्य को तुकाराम मुंढे जैसे IAS अधिकारी की जरूरत क्यों? 21 साल में 25 तबादले, फिर भी नहीं झुके 'सिंघम'

भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी तुकाराम मुंढे एक बार फिर अपनी सख्त प्रशासनिक कार्यशैली को लेकर चर्चा में हैं। महाराष्ट्र कैडर के 2005 बैच के IAS अधिकारी मुंढे को नियमों का कड़ाई से पालन कराने और भ्रष्टाचार तथा अनियमितताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए जाना जाता है। उनके करियर में 21 साल में 25 तबादले भी चर्चा का विषय रहे हैं।

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मई 2026 में महाराष्ट्र के Food and Drug Administration (FDA) Commissioner की जिम्मेदारी संभालने के बाद मुंढे ने मिलावटखोरी और खाद्य सुरक्षा के खिलाफ कार्रवाई तेज की। दूध-पनीर में मिलावट से लेकर खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन, प्रतिबंधित तंबाकू उत्पादों और क्विक-कॉमर्स स्टोर्स तक के खिलाफ जांच और कार्रवाई की गई। कई प्रतिष्ठानों पर छापेमारी हुई, कुछ को बंद किया गया और कई को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए।

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सवाल यह है कि हर राज्य को मुंढे जैसे अधिकारी की जरूरत क्यों है?

भारत जैसे विशाल देश में प्रशासन केवल सरकारी आदेश जारी करने का नाम नहीं है। कानूनों को जमीन पर लागू कराने के लिए ऐसे अधिकारियों की जरूरत होती है जो कानून, जनहित और प्रशासनिक जवाबदेही को प्राथमिकता दें। तुकाराम मुंढे की कार्यशैली इसी सवाल को सामने लाती है। खाद्य और दवा जैसी सीधे लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ी व्यवस्था में अगर मिलावट या नियमों का उल्लंघन होता है तो उसका असर आम आदमी पर पड़ता है। ऐसे में अधिकारी की जिम्मेदारी केवल फाइलों तक सीमित नहीं रह सकती।

 

मुंढे का कहना है कि जब तक राज्य में लोगों को सुरक्षित भोजन और दवाएं सुनिश्चित नहीं हो जातीं, तब तक वह कार्रवाई से पीछे नहीं हटेंगे। हालांकि, उनकी सख्त कार्रवाई को लेकर सवाल भी उठे हैं। बॉम्बे हाई कोर्ट ने उन्हें ‘मच्छर मारने के लिए तलवार का इस्तेमाल’ करने जैसी अति से बचने की चेतावनी दी थी। इसके बावजूद उनकी कार्रवाई को कई लोगों ने सराहा है।

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गरीब किसान परिवार से निकले IAS अधिकारी

तुकाराम मुंढे का सफर भी उनकी प्रशासनिक सोच को समझने में महत्वपूर्ण है। उनका जन्म महाराष्ट्र के बीड जिले के एक गरीब कृषि परिवार में हुआ। मराठवाड़ा के सूखा प्रभावित इलाके में उन्होंने बचपन से ही खेती की मुश्किलें, पानी की कमी और आर्थिक परेशानियां देखीं।

 

वह अपने परिवार के खेत में काम करते थे और माता-पिता के साथ साप्ताहिक बाजार में सब्जियां बेचते थे। फसलों में पानी देने के लिए उन्हें रात में करीब 2 बजे उठना पड़ता था। मिट्टी के घर में पले-बढ़े मुंढे ने बारिश पर निर्भर खेती और पानी की कमी का असर करीब से देखा। वह स्थानीय जिला परिषद स्कूल तक नंगे पैर जाते थे। इन्हीं अनुभवों ने उन्हें प्रशासनिक सेवा में जाने के लिए प्रेरित किया। उनका कहना है कि वह व्यवस्था का हिस्सा बनने के लिए नहीं, बल्कि व्यवस्था को बदलने के लिए उसमें शामिल हुए।

 

बिना कोचिंग के UPSC में हासिल की 20वीं रैंक

मुंढे ने बिना किसी बड़े कोचिंग संस्थान या पारिवारिक प्रशासनिक पृष्ठभूमि के 2005 में UPSC परीक्षा पास की और देशभर में 20वीं रैंक हासिल की। इसके बाद उन्हें महाराष्ट्र कैडर आवंटित हुआ। उन्होंने 1996 में औरंगाबाद के Government College of Arts and Science से स्नातक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद 1998 में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर मराठवाड़ा विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में एमए किया। सिविल सेवा में आने के बाद भी उन्होंने वित्तीय नीति, राजस्व पूर्वानुमान, वित्तीय बाजार नियमन, मैक्रोइकोनॉमिक मैनेजमेंट और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में अध्ययन और प्रशिक्षण जारी रखा।

 

21 साल की नौकरी में 25 तबादले

 

तुकाराम मुंढे के करियर की सबसे चर्चित बातों में उनके तबादले शामिल हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, 21 साल की सेवा में उनका 25 बार तबादला हो चुका है। कई पदों पर वह निर्धारित पूर्ण कार्यकाल भी पूरा नहीं कर पाए। एक IAS अधिकारी का सामान्य कार्यकाल किसी पद पर करीब तीन साल माना जाता है, जबकि मुंढे का करियर बार-बार होने वाले तबादलों के लिए चर्चा में रहा है। कुछ मौकों पर उन्हें बिना महत्वपूर्ण पोस्टिंग के भी रखा गया। फिर भी उनके प्रशासनिक काम को कई पुरस्कार और सम्मान मिले।

 

पानी से लेकर ट्रैफिक मैनेजमेंट तक काम

 

मुंढे को जल संरक्षण, शहरी प्रशासन, सार्वजनिक स्वास्थ्य, परिवहन और सामाजिक समावेशन के क्षेत्र में काम के लिए पहचान मिली है। उन्हें 2015-16 में महाराष्ट्र सरकार का Best Collector Award दिया गया। सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला। जल संरक्षण के काम के कारण उन्हें ‘वॉटरमैन ऑफ महाराष्ट्र’ भी कहा गया। नवी मुंबई नगर निगम में उनके कार्यकाल के दौरान ई-टॉयलेट और भूकंपीय सुरक्षा से जुड़े कार्यों को SKOCH Order of Merit मिला।

 

2017 में उन्हें Best Integrated Traffic Management System के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिला। आखिर क्यों जरूरी हैं ऐसे अधिकारी?

 

तुकाराम मुंढे की कहानी सिर्फ एक अधिकारी के तबादलों या सख्त कार्रवाई की कहानी नहीं है। यह उस सवाल से भी जुड़ी है कि क्या प्रशासन में ऐसे अधिकारियों की जरूरत है जो दबाव के बावजूद कानून और जनहित को प्राथमिकता दें?

 

लोकतांत्रिक व्यवस्था में अधिकारी की सख्ती के साथ संवेदनशीलता और कानून के दायरे में रहना भी जरूरी है। लेकिन दूसरी तरफ, खाद्य सुरक्षा, मिलावट, अवैध कारोबार और जनस्वास्थ्य जैसे मामलों में कार्रवाई न होने का खामियाजा सीधे आम लोगों को भुगतना पड़ सकता है।

 

इसीलिए मुंढे की कार्यशैली देश के सामने एक बड़ा सवाल रखती है- क्या हर राज्य को ऐसे अधिकारियों की जरूरत है, जो व्यवस्था में रहकर व्यवस्था को बेहतर बनाने की कोशिश करें? शायद इसी वजह से, तबादलों और विवादों के बावजूद तुकाराम मुंढे का नाम आज भी सख्त और सक्रिय प्रशासन की बहस में बार-बार सामने आता है।

रॉयल एनफील्ड क्लासिक 350 का नया Gorkha अवतार लॉन्च, जानें इसके फीचर्स और कीमत

रॉयल एनफील्ड ने भारतीय बाजार में अपनी लोकप्रिय Classic 350 का नया Gorakha Edition लॉन्च किया है। कंपनी ने इस बाइक में कुछ नए फीचर्स भी जोड़े हैं। इसमें असिस्ट और स्लिपर क्लच और टाइप-C USB फास्ट चार्जिंग पोर्ट शामिल हैं। इसके अलावा बाइक के डिजाइन में भी गोरखा से प्रेरित कुछ बदलाव किए गए हैं, जिससे इसका लुक पहले से अलग नजर आ रहा है। रॉयल एनफील्ड क्लासिक 350 के नए गोरखा एडिशन को खास गोरखा ग्रीन रंग में पेश किया गया है। बाइक पर क्रॉस्ड खुखरी वाला खास बैज भी दिया गया है, जो इसे अलग लुक देता है। कंपनी ने बताया कि इसकी बुकिंग मंगलवार से शुरू होगी। इस बाइक की एक्स-शोरूम कीमत ₹2,10,684 रखी गई है।

जानें इसकी खासियत

क्लासिक 350 गोरखा एडिशन में कंपनी ने बाइक की मौजूदा राइडिंग पोजीशन और J-सीरीज इंजन को बरकरार रखा है। इसमें असिस्ट और स्लिपर क्लच दिया गया है, जिससे गियर बदलना आसान हो जाता है। इसके अलावा, टाइप-C USB फास्ट चार्जिंग पोर्ट भी मिलता है। बाइक को गोरखा रेजिमेंट से प्रेरित लुक देने के लिए गोरखा ग्रीन रंग और क्रॉस्ड खुखरी का खास निशान दिया गया है।

गोरखा कलेक्शन भी किया लॉन्च

रॉयल एनफील्ड ने बाइक के साथ गोरखा कलेक्शन भी लॉन्च किया है। इसमें हेलमेट, हाई-एंकल लेदर बूट, हेडगियर, कपड़े और कई दूसरी चीजें शामिल हैं। कलेक्शन के डिजाइन में मिलिट्री यूनिफॉर्म, रेजिमेंट के निशान और क्रॉस्ड खुखरी से प्रेरणा ली गई है। इसमें रेजिमेंटल क्रिमसन, ऑलिव ग्रीन, मैट ब्लैक और वार्म ब्रॉन्ज जैसे रंगों का इस्तेमाल किया गया है। क्लासिक 350 गोरखा एडिशन रॉयल एनफील्ड की मिड-साइज बाइक रेंज में शामिल किया गया है।

चीफ कमर्शियल ऑफिसर क्या कहा

लॉन्च के मौके पर रॉयल एनफील्ड के चीफ कमर्शियल ऑफिसर यदविंदर सिंह गुलेरिया ने कहा, “क्लासिक 350 गोरखा एडिशन के जरिए हम बहादुरी, वफादारी और सम्मान की पहचान रखने वाली गोरखा रेजिमेंट की सैन्य विरासत को सलाम कर रहे हैं। बाइक की हर डिटेल क्लासिक 350 के खास अंदाज को बनाए रखती है, जबकि गोरखा के खास निशान इस रेजिमेंट की पुरानी परंपराओं और मूल्यों को दर्शाते हैं।”

गोरखा रेजिमेंट की पहचान है खास

इस मौके पर गोरखा ब्रिगेड के प्रेसिडेंट लेफ्टिनेंट जनरल संजीव चौहान, AVSM, YSM ने कहा, “गोरखा रेजिमेंट की पहचान सिर्फ उसके इतिहास से नहीं, बल्कि हिम्मत, अनुशासन और सम्मान जैसी खूबियों से भी है। इन मूल्यों को कई पीढ़ियों से आगे बढ़ाया जा रहा है। रॉयल एनफील्ड क्लासिक 350 गोरखा एडिशन के जरिए इस विरासत को सम्मान मिलना हमारे लिए खुशी की बात है। यह बाइक गोरखा सैनिकों की भावना और उनकी परंपराओं को सम्मान देने का एक तरीका है।”

Dhoot Transmission IPO Allotment: 75 गुना सब्सक्राइब हुआ, जानिए लेटेस्ट GMP और अलॉटमेंट चेक करने का पूरा प्रोसेस

Dhoot Transmission IPO Allotment: धूत ट्रांसमिशन के IPO की बोली 12 अगस्त 2026 को बंद हो गई। तीन दिन की बोली में इस इश्यू को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला। IPO करीब 75 गुना सब्सक्राइब हुआ। अब निवेशकों की नजर अलॉटमेंट पर है, जो आज यानी 13 अगस्त को फाइनल हो सकता है।

GMP क्या संकेत दे रहा है?

ग्रे मार्केट में Dhoot Transmission का GMP ₹279 चल रहा है। IPO का ऊपरी प्राइस बैंड ₹871 प्रति शेयर है। यानी मौजूदा GMP के हिसाब से शेयर करीब 32% लिस्टिंग गेन का संकेत दे रहा है।

हालांकि, GMP सिर्फ बाजार का अनुमान होता है। इसकी कोई गारंटी नहीं होती।

Dhoot Transmission का बिजनेस

Dhoot Transmission ऑटोमोटिव वायरिंग हार्नेस और केबल बनाने वाली कंपनी है। यह पैसेंजर व्हीकल, कमर्शियल वहीकल, इलेक्ट्रिक वाहन और ऑफ-हाईवे सेगमेंट के लिए प्रोडक्ट्स सप्लाई करती है। कंपनी का कारोबार भारत के साथ कई विदेशी बाजारों तक फैला है। इसके ग्राहकों की लिस्ट में बजाज ऑटो, TVS मोटर और रॉयल एनफील्ड जैसे बड़े ऑटोमोबाइल निर्माता भी शामिल हैं।

अलॉटमेंट कब आएगा?

T+3 लिस्टिंग नियम के तहत IPO की लिस्टिंग बोली बंद होने के तीन वर्किंग डे के भीतर होनी होती है। ऐसे में Dhoot Transmission की लिस्टिंग 17 अगस्त तक हो सकती है। इससे पहले 13 अगस्त को अलॉटमेंट फाइनल होने की उम्मीद है।

BSE पर ऐसे चेक करें अलॉटमेंट

अगर आपने IPO में आवेदन किया है, तो BSE की वेबसाइट पर स्टेटस देख सकते हैं।

  • BSE के IPO अलॉटमेंट पेज पर जाएं।
  • Issue Type में Equity चुनें।
  • एप्लिकेशन नंबर या PAN दर्ज करें।
  • CAPTCHA भरें।
  • Submit पर क्लिक करें।
  • इसके बाद स्क्रीन पर आपका अलॉटमेंट स्टेटस दिखाई देगा।

KFin Tech पर ऐसे देखें स्टेटस

Dhoot Transmission IPO के रजिस्ट्रार KFin Technologies की वेबसाइट से भी स्टेटस चेक किया जा सकता है।

  • KFin Tech के IPO स्टेटस पेज पर जाएं।
  • Dhoot Transmission Limited चुनें।
  • एप्लिकेशन नंबर, डिमैट अकाउंट नंबर या PAN में से कोई एक दर्ज करें।
  • CAPTCHA भरें।
  • Submit पर क्लिक करें।

इसके बाद आपको पता चल जाएगा कि IPO में शेयर अलॉट हुए हैं या नहीं।

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Market Insight : RBI मॉनिटरी पॉलिसी के पहले ऑटो,बैंक,NBFC और रियल एस्टेट शेयरों पर करें फोकस, IT में करें मुनाफावसूली

Market Insight : बाजार की चाल पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि वीकेंड पर उम्मीद के मुताबिक ट्रंप फिर पीछे हटे। TACO ट्रेड अब सबसे आसान ट्रेड बन चुका है। जिस वीकेंड TACO नहीं होगा,उस सोमवार दिक्कत होगी। बता दें कि TACO ट्रेड का अर्थ है कि टैरिफ की घोषणा के बाद शेयरों की कीमत गिरने पर उन्हें सस्ते में खरीदना और फिर टैरिफ में देरी या कमी होने और बाजार के फिर से पटरी पर आने के बाद उन्हें मुनाफे पर बेचना।

अनुज सिंघल ने आगे कहा कि गुरुवार दोपहर को हमने IT में मुनाफावसूली का नजरिया लिया था। शुक्रवार दोपहर को न्यूट्रल रहने की सलाह थी। अब यहां से सबसे बड़ा फैक्टर होगा बैंक निफ्टी। आज बैंक निफ्टी में अच्छा गैपअप हुआ है। उसके बाद देखना होगा HDFC बैंक कैसे रिएक्ट करेगा। शुक्रवार को HDFC बैंक दिन के निचले स्तर पर बंद हुआ था। बैंक निफ्टी की बस दिक्कत यही है,क्योंकि यह सबसे बड़ा शेयर है। निफ्टी IT 200 DMA के करीब जाकर ठंडा पड़ा है और अब कच्चे तेल का नीचे आना और रुपये का मजबूत होना एल्गो निगेटिव है। ऐसे में शायद यहां से IT बेचें, बैंक फिर खरीदें ट्रेड वापस शुरू होगा।

बाजार: अच्छे संकेतों की भरमार

आज बाजार के पास चलने के लिए लगभग सब कुछ है। सबसे बड़ा पॉजिटिव है कच्चे तेल का नीचे आना। कच्चा तेल हमने $89 पर छोड़ा था,आज हम $84 के भी नीचे हैं। सऊदी अरब,रूस और पांच दूसरे सदस्य सितंबर उत्पादन बढ़ाएंगे। 1.88 लाख बैरल रोजाना उत्पादन बढ़ाया जाएगा। उत्पादन बढ़ाने का फैसला 2023 में हुई कटौती को खत्म करेगा।

GST का डाटा काफी मजबूत है। GST कलेक्शन 14 महीने की ऊंचाई पर है। जुलाई में GST कलेक्शन 15.4% बढ़कर 2.11 लाख करोड़ रुपए रहा है। 14 महीनों का सबसे तेज GST ग्रोथ दर्ज किया गया है। FY27 में दूसरी बार GST कलेक्शन 2 लाख करोड़ रुपए के पार रहा है। ऑटो बिक्री भी उम्मीद के मुताबिक शानदार रही है। FIIs ने काफी समय बाद लगातार खरीदारी की है।

एक बार फिर TACO से थके लोग?

ईरान पर नए हमले फिलहाल टाले गए हैं। तेहरान और वेस्ट एशिया के देशों ने जानकारी दी है। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज दोबारा खोलने पर समझौते की कोशिश चल रही है। तेजी से समझौता होने की उम्मीद में ट्रंप ने हमला रद्द किया है।

ऑटो कंपनियों के लिए शानदार रहा जुलाई

ऑटो कंपनियों के लिए जुलाई का महीना शानदार रहा है। सभी सेगमेंट में डबल डिजिट ग्रोथ दर्ज की गई है। इस साल का जुलाई इतिहास में सबसे बेहतरीन रहा है। मारुति सुजुकी ने अनुमान से बेहतर प्रदर्शन किया है। एंट्री-लेवल सेगमेंट में लगातार दूसरे महीने 90% बढ़ोतरी दर्ज की गई है। Hyundai ने 100 महीनों में सबसे ज्यादा मंथली एक्सपोर्ट दर्ज किया है। टाटा मोटर्स (PV) की बिक्री 59% बढ़ी है। M&M ने पैसेंजर व्हीकल,ट्रैक्टर और 3-व्हीलर सभी सेगमेंट में दमदार प्रदर्शन किया है। रॉयल एनफील्ड की घरेलू बिक्री मजबूत रही है।

2 व्हीलर पॉकेट अभी भी सबसे मजबूत है। हीरो मोटो,बजाज ऑटो,TVS मोटर और आयशर मोटर्स सभी में ब्रेकआउट है। पैसेंजर व्हीकल स्पेस में सबसे मजबूत Hyundai है। मारुति यहां से भी शायद Hyundai से कमजोर प्रदर्शन करेगी। मारुति की बिक्री अच्छी है लेकिन नतीजों में मार्जिन पर दबाव है और मार्जिन पर दबाव आगे भी धीरे-धीरे ही कम होगा।

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3 फैक्टर्स जो मूड बिगाड़ सकते हैं

मारुति और मुथूट के नतीजे थोड़े फीके हैं। US बॉन्ड यील्ड इस बार 4.7% की रेखा पार कर गई है। निफ्टी का PCR अब 1.39 पर काफी ओवरबॉट है।

बाजार: अब क्या हो रणनीति?

शुक्रवार को निफ्टी के ब्रेकआउट का कन्फर्मेशन मिला है। सिर्फ वीकेंड था,इसीलिए हमने मुनाफावसूली का नजरिया लिया था। अब 24,350 निफ्टी के लिए सपोर्ट का काम करेगा। अब लॉन्ग पोजिशन लें तो 24,350 का स्टॉप होगा। सब ठीक रहा तो अब निफ्टी 24,750-24,800 यानी 200 DMA टेस्ट करेगा। सबसे दिलचस्प डाटा है 3 बड़े इंडेक्स और 200 DMA। निफ्टी और 200 DMA। निफ्टी बैंक और 200 DMA। निफ्टी IT और 200 DMA। यहां से वापस अब घरेलू अर्थव्यवस्था पर फोकस करें। इस हफ्ते RBI की मॉनिटरी पॉलिसी भी आनी है। उसके पहले ऑटो, बैंक, NBFCs, रियल एस्टेट चल सकते हैं। IT में अब मुनाफावसूली करें,सिर्फ मजबूत शेयरों में रहें। वीकेंड में परसिस्टेंट ने फिर बढ़िया तिमाही दिखाई। लेकिन शेयर पहले ही काफी चल चुका है,अब नीचे मिले तभी लें। परसिस्टेंट पर हमने 4300 में कॉन्ट्रा का नजरिया लिया था और सिर्फ CNBC-आवाज़ ने शॉर्ट करने से मना किया था। अब यहां से IT में वापस सिर्फ चुनिंदा शेयरों पर फोकस करेंगे।

निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 24,550-24,650 (ऑप्शंस जोन) पर और बड़ा रजिस्टेंस 24,750-24,800 (200 DMA) पर है। सबसे अहम सपोर्ट 24,350-24,400 (न्यूट्रल जोन)पर है। खरीदारी का सबसे अच्छा जोन 24,350-24,500 है। इसके लिए SL 24,300 पर होना चाहिए। 24,550-24,600 के रिजेक्शन पर बिकवाली करें। इसके लिए SL 24,650 पर रखें।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

बैंक निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 57,450-57,500 (200 DMA)पर और बड़ा रजिस्टेंस 57,800-58,000 पर है। इसके लिए पहला सपोर्ट 57,200-57,300 पर और बड़ा सपोर्ट 56,800-57,000 पर है।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Dividend Stock: बुलेट बाइक वाली कंपनी देगी ₹82 का डिविडेंड, 31 जुलाई से पहले बन जाएं शेयरहोल्डर

बुलेट बाइक बनाने वाली रॉयल एनफील्ड ​की पेरेंट कंपनी आयशर मोटर्स (Eicher Motors) अपने शेयरहोल्डर्स को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 82 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देने जा रही है। इसकी सिफारिश कंपनी के बोर्ड ने मई महीने में की थी। डिविडेंड को लेकर शेयरहोल्डर्स की पात्रता तय करने के लिए रिकॉर्ड डेट 31 जुलाई 2026 है। इस तारीख तक जिन शेयरधारकों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में होंगे, वे डिविडेंड पाने के हकदार होंगे।

इसका मतलब यह हुआ कि अगर डिविडेंड पाना चाहते हैं लेकिन आयशर मोटर्स के शेयरहोल्डर नहीं हैं तो 30 जुलाई को ट्रेडिंग खत्म होने से पहले शेयर खरीदने होंगे। फाइनल डिविडेंड पर 20 अगस्त को कंपनी की सालाना आम बैठक में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। उसके बाद पेमेंट 30 दिनों के अंदर किया जाएगा।

आयशर मोटर्स ने वित्त वर्ष 2025 के लिए 70 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड दिया था। शेयर की फेस वैल्यू 1 रुपये है। कंपनी कमर्शियल व्हीकल्स भी बनाती है। यह वित्त वर्ष 2001-02 से लगातार डिविडेंड बांट रही है।

Eicher Motors का शेयर एक साल में 39 प्रतिशत मजबूत

आयशर मोटर्स का शेयर शुक्रवार, 24 जुलाई को BSE पर 7628.40 रुपये पर बंद हुआ। कंपनी का मार्केट कैप 2 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर BSE 100 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर एक साल में 39 प्रतिशत मजबूत हुआ है। वहीं 3 साल में 130 प्रतिशत की तेजी देख चुका है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 49.02 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

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29 जुलाई को जारी होंगे जून तिमाही के नतीजे

आयशर मोटर्स के अप्रैल-जून 2026 तिमाही के नतीजे 29 जुलाई को जारी होंगे। दिन में बोर्ड मीटिंग में इन पर चर्चा की जाएगी और मंजूरी दी जाएगी। उसके बाद वित्तीय नतीजों को रिलीज किया जाएगा। जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में आयशर मोटर्स का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 11.58 प्रतिशत बढ़कर 1,519.95 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले मुनाफा 1,362.15 करोड़ रुपये था। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 6,080.09 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जो मार्च 2025 तिमाही में 5,241.11 करोड़ रुपये था।

पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में, आयशर मोटर्स का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा 16.5 प्रतिशत बढ़कर 5,515.23 करोड़ रुपये हो गया। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 24 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 23,407.56 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Upcoming Auto Launches: नई कार या बाइक खरीदने का बना रहें प्लान? मार्केट में धमाल मचाने आ रही ये 6 नई गाड़ियां

अगर आप नई कार या बाइक खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आने वाले कुछ दिन आपके लिए खास हो सकते हैं। साल 2026 में भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में नई गाड़ियों की लॉन्चिंग का सिलसिला लगातार जारी है। कार और बाइक बनाने वाली कई कंपनियां अपने नए मॉडल पेश कर रही हैं। जुलाई के आने वाले दिनों में भी कई नई गाड़ियां बाजार में दस्तक देने वाली हैं, जिनका ऑटो सेक्टर और ग्राहकों को बेसब्री से इंतजार है। इनमें एसयूवी, इलेक्ट्रिक कार और प्रीमियम बाइक शामिल हैं।

आने वाले दिनों में ऑटो बाजार में कई नई कारें और बाइक लॉन्च होने वाली हैं। इनमें अपडेटेड मॉडल के साथ कुछ बिल्कुल नई गाड़ियां भी शामिल हैं, जिनका ग्राहकों को बेसब्री से इंतजार है। आइए जानते हैं अगले कुछ दिनों में बाजार में आने वाली बड़ी कारों और बाइक्स के बारे में।

रेनॉल्ट डस्टर एडवेंचर एडिशन

रेनॉल्ट इंडिया ने अपनी फेमस एसयूवी डस्टर का नया एडवेंचर एडिशन भारतीय बाजार में लॉन्च कर दिया है। कंपनी ने इसे डस्टर की लोकप्रियता और विरासत को ध्यान में रखते हुए पेश किया है। ये नया मॉडल निसान टेक्टन की लॉन्चिंग के बाद आया है, जिससे मिड-साइज एसयूवी सेगमेंट में मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। डस्टर एडवेंचर एडिशन तीन इंजन और ट्रांसमिशन विकल्पों में उपलब्ध है। इसकी शुरुआती कीमत टर्बो TCe 100 MT के लिए 12.99 लाख रुपये है, वहीं टर्बो TCe 160 MT की कीमत 13.99 लाख रुपये और टर्बो TCe 160 DCT की कीमत 15.39 लाख रुपये रखी गई है।

Kia Syros EV

किआ अपनी नई इलेक्ट्रिक एसयूवी Syros EV को जल्द भारतीय बाजार में लॉन्च कर सकती है। लॉन्च से पहले इस गाड़ी को कई बार टेस्टिंग के दौरान देखा गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ डीलरशिप ने इसकी अनऑफिशियल बुकिंग भी शुरू कर दी है। डिजाइन के मामले में ये पेट्रोल मॉडल से काफी मिलती-जुलती होगी, लेकिन इसमें बंद फ्रंट ग्रिल और नए डिजाइन के अलॉय व्हील्स देखने को मिल सकते हैं। इसके अलावा, कंपनी इसमें कई आधुनिक फीचर्स और बड़ा केबिन दे सकती है। वहीं अभी इसकी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। इसकी संभावित शुरुआती कीमत करीब 14 लाख रुपये मानी जा रही है।

किआ सोरेंटो

किआ जल्द ही अपनी फ्लैगशिप 7-सीटर एसयूवी सोरेंटो को भारत में लॉन्च कर सकती है। ये भारत में कंपनी की पहली हाइब्रिड एसयूवी होगी। कंपनी ने इसका टीजर भी जारी कर दिया है। उम्मीद है कि इसमें कई प्रीमियम फीचर्स मिलेंगे। साथ ही, भारतीय ग्राहकों के लिए इसमें स्थानीय जरूरतों के हिसाब से हाइब्रिड पेट्रोल पावरट्रेन दिया जा सकता है।

Maruti Suzuki Brezza Facelift

मारुति सुजुकी जल्द ही अपनी लोकप्रिय कॉम्पैक्ट एसयूवी ब्रेजा फेसलिफ्ट को नए अपडेट्स के साथ पेश कर सकती है। इस मॉडल में बदला हुआ एक्सटीरियर, नए डिजाइन के अलॉय व्हील्स और पहले से ज्यादा आधुनिक फीचर्स मिलने की उम्मीद है। इसमें बड़ी टचस्क्रीन, 360 डिग्री कैमरा, वेंटिलेटेड सीटें, एम्बिएंट लाइटिंग और वायरलेस फोन चार्जिंग जैसे फीचर्स दिए जा सकते हैं। इसके अलावा, कंपनी नए मैनुअल गियरबॉक्स और अंडरबॉडी-माउंटेड CNG टैंक का ऑप्शन भी शामिल कर सकती है।

MG स्टारलाइट 560

एमजी जल्द ही अपनी नई स्टारलाइट 560 एसयूवी को भारतीय बाजार में पेश कर सकती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसमें 1.5 लीटर पेट्रोल इंजन के साथ 20.5kWh की बैटरी मिल सकती है, जो करीब 194 bhp की पावर और 230 Nm का टॉर्क देने में सक्षम होगी। फीचर्स की बात करें तो इसमें एलईडी लाइटिंग, बड़े अलॉय व्हील्स, 12.8 इंच की टचस्क्रीन, पैनोरमिक सनरूफ और बड़ा बूट स्पेस मिलने की उम्मीद है।

रॉयल एनफील्ड शॉटगन 650

रॉयल एनफील्ड ने रफ क्राफ्ट्स के साथ मिलकर शॉटगन 650 x रफ क्राफ्ट्स का लिमिटेड एडिशन पेश किया है। ये स्पेशल बाइक कंपनी की कस्टम बाइक से प्रेरित है। भारत में इसकी सिर्फ 25 यूनिट ही बिक्री के लिए उपलब्ध होंगी। इसकी एक्स-शोरूम कीमत 5.75 लाख रुपये रखी गई है। इस लिमिटेड एडिशन की बुकिंग भारत में 30 जुलाई शाम 7 बजे (IST) से शुरू होगी।

Royal Enfield Shotgun 650 का लिमिटेड एडिशन लॉन्च, जानें कीमत और बुकिंग का तरीका

Royal Enfield ने कस्टम बाइक बनाने वाली कंपनी ‘रफ क्राफ्ट्स’ (Rough Crafts) के साथ मिलकर ‘शॉटगन 650’ का लिमिटेड-एडिशन लॉन्च किया है। इसकी कीमत 5.75 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) रखी गई है। बता दें कि दुनिया भर में इसकी सिर्फ 100 यूनिट्स बनी हैं, जिनमें से भारत के लिए सिर्फ 25 यूनिट्स ही तय की गई हैं। वहीं, स्टैंडर्ड टॉप-स्पेक शॉटगन 650 की कीमत 4.16 लाख रुपये है, यानी इस लिमिटेड-एडिशन के लिए 1.59 लाख रुपये ज्यादा देने होंगे, जबकि अंदरूनी तौर पर (मैकेनिकल रूप से) यह बाइक वैसी ही है।

यह बात इसलिए भी अहम है क्योंकि रजिस्ट्रेशन तो अभी शुरू हो रहे हैं, लेकिन भारत में सिर्फ पहले 25 खरीदारों को ही यह बाइक मिल पाएगी। इसलिए इसमें दिलचस्पी रखने वालों के लिए बजट से ज्यादा सही समय पर बुकिंग करना जरूरी है। आइए जानते हैं कि यह एडिशन किस तरह अलग है और स्लॉट खत्म होने से पहले इसे कैसे बुक किया जा सकता है।

यह इसे अलग कैसे बनाता है?

यह बाइक सीधे ‘कैलिबर रॉयल’ से प्रेरित है, जो एक खास कस्टम बाइक है। इसे सबसे पहले Rough Crafts ने EICMA 2025 में दिखाया था और बाद में भारत में Motoverse 2025 में भी पेश किया गया था। इसमें ग्लॉस जेट ब्लैक और मैट स्टील्थ ब्लैक पेंट स्कीम है, जिस पर हाथ से लगाई गई गोल्ड लीफ डिटेलिंग और ग्रे एक्सेंट हैं। साथ ही, इसमें पार्टनरशिप को दिखाने वाला कास्ट ब्रास का बैज, अलग-अलग नंबर वाली टैंक प्लेट्स, ब्लैक बार-एंड मिरर्स, क्विल्टेड लेदर सीट, कॉन्ट्रास्ट-कट अलॉय व्हील्स और गोल्ड-फिनिश वाले फोर्क ट्यूब्स भी हैं।

इन सबके अलावा, हर खरीदार को ओरिजिनल कैलिबर रॉयल स्केच का एक नंबर वाला प्रिंट भी मिलता है, जिस पर Rough Crafts के फाउंडर विंस्टन येह के साइन होते हैं।

इसे कैसे खरीदें?

रॉयल एनफील्ड ऐप और वेबसाइट के जरिए दुनिया भर में रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुके हैं, लेकिन भारत में असल बिक्री 30 जुलाई को शाम 7 बजे (IST) होगी। हालांकि, इसमें ‘पहले आओ-पहले पाओ’ का नियम लागू होगा। ध्यान दे कि भारत में रजिस्ट्रेशन पूरा करने वाले शुरुआती 25 ग्राहकों को ही यह यूनिट मिलेगी।

अगर कोई भी ग्राहक बिक्री शुरू होने के समय (ड्रॉप विंडो) तक इंतजार करता है, तो उसके हाथ से यह मौका निकल सकता है। क्योंकि रॉयल एनफील्ड के लिमिटेड कोलैबोरेशन की मांग हमेशा सप्लाई से ज्यादा रही है और पिछली बार भी ऐसे ड्रॉप्स के कुछ ही मिनटों में सारा स्टॉक बिक गया था।

क्या यह मैकेनिकल तौर पर अलग है?

नहीं। Royal Enfield Shotgun 650 x Rough Crafts Edition में स्टैंडर्ड Shotgun 650 वाला ही 648cc पैरेलल-ट्विन इंजन दिया गया है। इसमें परफॉर्मेंस, सस्पेंशन या ब्रेकिंग सिस्टम में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इस बाइक की ज्यादा कीमत सिर्फ इसके खास डिजाइन, लिमिटेड एडिशन मॉडल होने और Rough Crafts के सिग्नेचर आर्टवर्क की वजह से है। इसमें कोई अतिरिक्त मैकेनिकल फीचर या ज्यादा पावर नहीं मिलती है।

इसलिए खरीदारों को यह सोचना होगा कि क्या ₹1.59 लाख ज्यादा खर्च करना सिर्फ एक्सक्लूसिव लुक और लिमिटेड एडिशन वैल्यू के लिए सही रहेगा या फिर स्टैंडर्ड Shotgun 650 उनके लिए बेहतर विकल्प होगी।

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Eicher Motors Share Price : तेज गिरावट के बाद आयशर मोटर्स बना निफ्टी का टॉप लूजर, दिल्ली की EV पॉलिसी ने दिया जोर का झटका

Eicher Motors Share Price : आज आयशर मोटर्स में तेज गिरावट दिख रही है। निचले स्तरों से ये कुछ रिकवर हुआ है,लेकिन अभी भी यह निफ्टी का टॉप लूजर बना हुआ है। फिलहाल 12 बजे के आसपास एनएसई पर यह शेयर 290 रुपए यानी 3.91 फीसदी की गिरावट के साथ 7138 रुपए के आसपास दिख रहा था। आज का इसका दिन का हाई 7,392.50 रुपए और दिन का लो 6,942.50 रुपए है। स्टॉक का 52 वीक हाई 8,230 रुपए और 52 वीक लो 5,353 रुपए है।

निफ्टी का टॉप लूजर बना शेयर

आज यह शेयर निफ्टी का टॉप लूजर बना है। इसकी वजह पर नजर डालें तो इस स्टॉक पर दिल्ली की EV पॉलिसी का निगेटिव असर संभव है। दिल्ली में 1 अप्रैल 2028 से सिर्फ EV 2-W का रजिस्ट्रेशन होगा। 1 जनवरी 2028 से दिल्ली में ICE 2W रजिस्ट्रे्शन बंद होगा। 2 व्हीकल बिक्री में दिल्ली का 3 फीसदी हिस्सा है। FY26 में कंपनी के प्रदर्शन की बात करें तो कंपनी ने FY26 में रिकॉर्ड रेवेन्यू,EBITDA और मुनाफा दर्ज किया है।

दिल्ली की EV पॉलिसी के अनुसार,दिल्ली में सभी नए पेट्रोल और CNG टू-व्हीलर्स का रजिस्ट्रेशन 1 अप्रैल,2028 से हमेशा के लिए बंद हो जाएगा। इस तारीख से शहर में बिकने वाला हर नया कम्यूटर टू-व्हीलर इलेक्ट्रिक होना जरूरी होगा। इसके लिए कोई एक्स्ट्रा समय (ग्रेस पीरियड)या हाइब्रिड गाड़ियों के लिए कोई छूट नहीं दी जाएगी।

आयशर मोटर्स की रॉयल एनफील्ड के लिए यह बहुत बुरी खबर है। इस ब्रांड के पास अपनी लाइन-अप में सिर्फ़ एक इलेक्ट्रिक मॉडल है और दिल्ली के EV सेगमेंट में इसकी कोई खास मौजूदगी नहीं है। बताते चलें कि दिल्ली में रॉयल एनफील्ड की स्थिति बहुत मज़बूत है। सोसाइटी ऑफ़ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स’के आंकड़ों के मुताबिक,दिल्ली के कुल टू-व्हीलर मार्केट में इसकी हिस्सेदारी 3.3% है। मिड-साइज़ पेट्रोल मोटरसाइकिलों पर बनी कंपनी मजबूत फ्रैंचाइजी अब इलेक्ट्रिक पर स्विच करना जरूरी होने के बाद ज़्यादा काम नहीं आएगी।

बाजार जानकारों का कहना है कि इस पॉलिसी की वजह से जिन पुरानी कंपनियों के पास भरोसेमंद EV रेंज नहीं है,उन्हें या तो अपने नए प्रोडक्ट्स तेज़ी से लॉन्च करने होंगे या फिर दिल्ली के कम्यूटर सेगमेंट से पूरी तरह बाहर होना पड़ेगा। डेडलाइन में दो साल से भी कम समय बचा है,ऐसे में रॉयल एनफील्ड पर अपनी इलेक्ट्रिक रेंज बढ़ाने का दबाव काफी बढ़ गया है। अगर ऐसा नहीं हुआ तो कंपनी के लिए भारत के सबसे बड़े टू-व्हीलर मार्केट में से एक में अपनी पकड़ खोने का खतरा हो सकता है।

Market Insight : अच्छे शेयर और थीम्स खोजें और उनमें बने रहें, इंडेक्स में फिलहाल के लिए इंट्राडे ही रहें

दिल्ली EV पॉलिसी पर नोमूरा की राय

नोमूरा की राय है कि दिल्ली EV पॉलिसी से IGL को बड़ा झटका लगेगा। इससे लॉन्ग टर्म में CNG वॉल्यूम घटेंगे। दिल्ली में बढ़ते इलेक्ट्रिक व्हीकल्स धीरे-धीरे CNG की डिमांड कम करेंगे। हालांकि MGL पर कोई डायरेक्ट असर नहीं होगा। सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन सेगमेंट में गुजरात गैस पर सबसे कम असर होगा। घरेलू और इंडस्ट्रियल PNG अब ग्रोथ ड्राइवर बनेगा।

 

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