Stock Picks : मिड और स्माल कैप में काफी अच्छा मोमेंटम, ऑटो और केमिकल स्पेस के इन दो शेयरों में हो सकती है अच्छी कमाई

Stock Picks : IT,ऑयल एंड गैस,ऑटो और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स शेयरों में खरीदारी के दम पर भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स हल्की बढ़त के साथ ट्रेड कर रहे हैं। निफ्टी 24,100 के स्तर के ऊपर कारोबार कर रहा है निफ्टी में सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयरों में HCL टेक,इंफोसिस,टेक महिंद्रा,हिंडाल्को और विप्रो शामिल हैं। जबकि शुरुआती कारोबार में SBI लाइफ इंश्योरेंस,ग्रासिम,ONGC,बजाज फिनसर्व और आयशर मोटर्स में गिरावट दिख रही है। वहीं,ब्रॉडर मार्केट में सुस्ती दिख रही है। शुरुआती कारोबार में निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में कोई खास हलचल नहीं दिखी है।

निफ्टी व्यू

ऐसे में मार्केट ट्रेंड पर बात करते हुए मंत्री फिनमार्ट के अरुण कुमार मंत्री ने कहा कि मार्केट में कोई बड़ा ब्रेकआउट या ब्रेकडाउन के लेवल्स नहीं है पर कंप्लीट कंसोलिडेशन नजर आ रहा है। निफ्टी के लिए 23800-24000 के जोन में एक स्ट्रांग सपोर्ट दिख रहा है। दूसरी तरफ देखें तो इसके लिए 24,200-24,250 पर एक स्ट्रांग रेजिस्टेंस दिख रहा। ऐसे में हम साफ तौर पर कह सकते हैं कि मार्केट कंसोलडेशन के ग्रिप में है। अगर आप निफ्टी के बाहर जाते हैं तो मिड कैप और स्माल कैप में काफी अच्छा मोमेंटम है। पिछले तीन दिनों की बात करें जो इस हफ्ते मिड और स्माल कैप में काफी अच्छा एक्शन देखने को मिला है। ऐसे में लगाता है कि आगे काफी अच्छा स्टॉक स्पेसिफिक रुझान देखने को मिल सकता है। मिड कैप अपने ऑल टाइम हाई के आसपास है। निफ्टी की बात करें तो यह हमें ऊपर में 24,200 और नीचे में 23,800 के बीच ही कंसोलीडेट होता दिख सकता है।

बैंक निफ्टी व्यू

बैंक निफ्टी की बात करें तो यह एक मेक और ब्रेक जोन के आसपास है। तीन से चार बड़े बैंक के रिजल्ट शनिवार को आने हैं। उससे पहले बैंक निफ्टी हो सकता है थोड़ा एक्शन में आता हुआ नजर आए। इसके लिए 57,200 के आसपास अच्छा सपोर्ट है। अगर बैंक निफ्टी में गिरावट मिलती है तो 57,200 के स्टॉप लॉस के साथ बैंक निफ्टी में खरीदार करनी चाहिए। इसमें हमें 58,400-58,500 के टारगेट आ सकते हैं।

अरुण कुमार मंत्री के पसंदीदा शेयर

बाजार में काफी अच्छा स्टॉक स्पेसिफिक एक्शन देखने को मिल रहा है। ऐसे में आज का पहला स्टॉक ऑटो सेक्टर से है। आइशर मोटर्स में खरीदारी की सलाह रहेगी। स्टॉक में एक एक्सीलेंट मोमेंटम है और ओवरऑल रिवर्सल के संकेत नजर आ रहे हैं। इस स्टॉक में 7400 रुपए के आसपास 7321 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ, 7576 रुपए तक के टारगेट के लिए खरीदारी की जा सकती है। दूसरा स्टॉक एक नॉन एफओ स्टॉक है। यह है आरती इंडस्ट्रीज। इसमें आगे अच्छा मोमेंटम देखने को मिल सकता है। इसमें 499 रुपए के आसपास, 487 रुपए का स्टॉप लॉस लगा कर, 528 रुपए तक के टारगेट के लिए खरीदारी की जा सकती है।

 

Market View : बाजार में कंसोलिडेशन का मूड, चार्ट पर शानदार दिख रहे इन दो शेयरों में हो सकती है बंपर कमाई

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

Eicher Motors Share Price : तेज गिरावट के बाद आयशर मोटर्स बना निफ्टी का टॉप लूजर, दिल्ली की EV पॉलिसी ने दिया जोर का झटका

Eicher Motors Share Price : आज आयशर मोटर्स में तेज गिरावट दिख रही है। निचले स्तरों से ये कुछ रिकवर हुआ है,लेकिन अभी भी यह निफ्टी का टॉप लूजर बना हुआ है। फिलहाल 12 बजे के आसपास एनएसई पर यह शेयर 290 रुपए यानी 3.91 फीसदी की गिरावट के साथ 7138 रुपए के आसपास दिख रहा था। आज का इसका दिन का हाई 7,392.50 रुपए और दिन का लो 6,942.50 रुपए है। स्टॉक का 52 वीक हाई 8,230 रुपए और 52 वीक लो 5,353 रुपए है।

निफ्टी का टॉप लूजर बना शेयर

आज यह शेयर निफ्टी का टॉप लूजर बना है। इसकी वजह पर नजर डालें तो इस स्टॉक पर दिल्ली की EV पॉलिसी का निगेटिव असर संभव है। दिल्ली में 1 अप्रैल 2028 से सिर्फ EV 2-W का रजिस्ट्रेशन होगा। 1 जनवरी 2028 से दिल्ली में ICE 2W रजिस्ट्रे्शन बंद होगा। 2 व्हीकल बिक्री में दिल्ली का 3 फीसदी हिस्सा है। FY26 में कंपनी के प्रदर्शन की बात करें तो कंपनी ने FY26 में रिकॉर्ड रेवेन्यू,EBITDA और मुनाफा दर्ज किया है।

दिल्ली की EV पॉलिसी के अनुसार,दिल्ली में सभी नए पेट्रोल और CNG टू-व्हीलर्स का रजिस्ट्रेशन 1 अप्रैल,2028 से हमेशा के लिए बंद हो जाएगा। इस तारीख से शहर में बिकने वाला हर नया कम्यूटर टू-व्हीलर इलेक्ट्रिक होना जरूरी होगा। इसके लिए कोई एक्स्ट्रा समय (ग्रेस पीरियड)या हाइब्रिड गाड़ियों के लिए कोई छूट नहीं दी जाएगी।

आयशर मोटर्स की रॉयल एनफील्ड के लिए यह बहुत बुरी खबर है। इस ब्रांड के पास अपनी लाइन-अप में सिर्फ़ एक इलेक्ट्रिक मॉडल है और दिल्ली के EV सेगमेंट में इसकी कोई खास मौजूदगी नहीं है। बताते चलें कि दिल्ली में रॉयल एनफील्ड की स्थिति बहुत मज़बूत है। सोसाइटी ऑफ़ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स’के आंकड़ों के मुताबिक,दिल्ली के कुल टू-व्हीलर मार्केट में इसकी हिस्सेदारी 3.3% है। मिड-साइज़ पेट्रोल मोटरसाइकिलों पर बनी कंपनी मजबूत फ्रैंचाइजी अब इलेक्ट्रिक पर स्विच करना जरूरी होने के बाद ज़्यादा काम नहीं आएगी।

बाजार जानकारों का कहना है कि इस पॉलिसी की वजह से जिन पुरानी कंपनियों के पास भरोसेमंद EV रेंज नहीं है,उन्हें या तो अपने नए प्रोडक्ट्स तेज़ी से लॉन्च करने होंगे या फिर दिल्ली के कम्यूटर सेगमेंट से पूरी तरह बाहर होना पड़ेगा। डेडलाइन में दो साल से भी कम समय बचा है,ऐसे में रॉयल एनफील्ड पर अपनी इलेक्ट्रिक रेंज बढ़ाने का दबाव काफी बढ़ गया है। अगर ऐसा नहीं हुआ तो कंपनी के लिए भारत के सबसे बड़े टू-व्हीलर मार्केट में से एक में अपनी पकड़ खोने का खतरा हो सकता है।

Market Insight : अच्छे शेयर और थीम्स खोजें और उनमें बने रहें, इंडेक्स में फिलहाल के लिए इंट्राडे ही रहें

दिल्ली EV पॉलिसी पर नोमूरा की राय

नोमूरा की राय है कि दिल्ली EV पॉलिसी से IGL को बड़ा झटका लगेगा। इससे लॉन्ग टर्म में CNG वॉल्यूम घटेंगे। दिल्ली में बढ़ते इलेक्ट्रिक व्हीकल्स धीरे-धीरे CNG की डिमांड कम करेंगे। हालांकि MGL पर कोई डायरेक्ट असर नहीं होगा। सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन सेगमेंट में गुजरात गैस पर सबसे कम असर होगा। घरेलू और इंडस्ट्रियल PNG अब ग्रोथ ड्राइवर बनेगा।

 

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