Market Trend : कच्चे तेल में नरमी से अच्छे हुए बाजार के सेंटिमेंट, जानिए निफ्टी और बैंक निफ्टी में क्या हो कमाई की रणनीति

Market Trend : कच्चे तेल में नरमी से बाजार के सेंटिमेंट अच्छे हुए हैं। निफ्टी 100 प्वाइंट चढ़कर 22650 के पार चला गया है। इधर कोटक और एक्सिस बैंक के दमदार बिजनेस अपडेट्स से बैंक निफ्टी का भी जोश हाई है और यह 55000 के ऊपर टिका है। मिडकैप और स्मॉलकैप में भी रौनक है। दमदार बिजनेस अपडेट से ट्रेंट 10 फीसदी के अपर सर्किट के साथ निफ्टी का टॉप गेनर बना है। साथ ही कोटक महिंद्रा बैंक भी 4 फीसदी उछला है। उधर कल्याण ज्वेलर्स चमका है,लेकिन मुथूट फिसला है।

डॉलर इंडेक्स में मजबूती के बावजूद मेटल शेयरों में तेजी है। निफ्टी मेटल इंडेक्स करीब 1 फीसदी ऊपर दिख रहा है। FMCG से भी सपोर्ट मिल रहा है। लेकिन ऑटो और IT में दबाव नजर आ रहा है।

CAS फ्रेमवर्क वापस लेने की मीडिया रिपोर्ट्स के बाद कैपिटल मार्केट शेयरों में जोश है। BSE, एंजेल वन और मोतीलाल ओसवाल में जोरदार उछाल आया है। कैपिटल मार्केट इंडेक्स करीब 1.5 फीसदी मजबूत हुआ है।

इंटरनेशनल मार्केट में चीनी की कीमतें 2 साल की ऊंचाई पर पहुंचने से शुगर शेयरों में मिठास बढ़ी है। अवध शुगर और त्रिवेणी इंजीनियरिंग में अच्छी तेजी है। उधर श्री रेणुका और बलरामपुर चीनी में भी 4 फीसदी तक की तेजी है।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट, वी के विजयकुमार का कहना है कि तेजड़ियों के लिए एक निश्चित स्तर से आगे इस तेजी को बनाए रखना मुश्किल होगा। चूंकि US 10 ईयर बॉन्ड यील्ड 5.3% के आसपास बना हुआ है, इसलिए FIIs बिकवाली जारी रखेंगे,जिससे बाजार का रुख उछाल पर बिकवाली(sell on rally) वाला हो जाएगा। इसका मतलब है कि FIIs आकर्षक वैल्यूएशन के बावजूद लार्ज-कैप शेयरों की बिकवाली जारी रखेंगे,जबकि DIIs इन शेयरों की खरीदारी जारी रखेंगे क्योंकि फंड का इनफ्लो लगातार बना हुआ है।

बाजार में लगातार तेजी बने रहने के लिए कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट की जरूरत होगी। लेकिन इस मोर्चे पर कोई स्पष्टता नहीं है। जब RBI गवर्नर कल MPC पॉलिसी के फैसले की घोषणा करेंगे तो यह अनिश्चितता सेंट्रल बैंक पर दबाव डालेगी। महंगाई की बढ़ती उम्मीदों और ज्यादातर विकसित देशों में बढ़ते बॉन्ड यील्ड को देखते हुए 25 बेसिस पॉइंट की ब्याज दर बढ़ोतरी तय लग रही है। बाजार ने पहले ही ब्याज दर में बढ़ोतरी का अनुमान लगा लिया है,इसलिए बाजार का ध्यान पॉलिसी के रुख और ग्रोथ और महंगाई पर RBI के अनुमानों पर होगा।

निवेशकों के नजरिए से यह समझना जरूरी है कि ब्याज दर में बढ़ोतरी उन बैंकों के लिए फायदेमंद होगी जिनके मार्जिन बढ़ते फ्लोटिंग रेट्स से बेहतर होंगे।

थिनक्रेडब्लू सिक्योरिटीज (Thincredblu Securities) के फाउंडर गौरव उदानी का कहना है कि आज निफ्टी की वीकली एक्सपायरी है, इसलिए बाजार में उतार-चढ़ाव (वोलैटिलिटी)ज्यादा रहने और इंट्राडे में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं।

निफ्टी के लिए सबसे पहला सपोर्ट 22,450–22,500 के आसपास है,जबकि 22,750–22,850 मेन रेजिस्टेंस जोन बना हुआ है। बाजार ने 22,500 के लेवल से कुछ रिकवरी दिखाई है,लेकिन पॉजिटिव मोमेंटम बनाए रखने के लिए 22,750 के ऊपर टिके रहना जरूरी होगा। अगर इंडेक्स सपोर्ट जोन को बनाए रखता है तो गिरावट पर खरीदारी के मौके होंगे। 22,850 के ऊपर टिके रहने से शॉर्ट-टर्म सेटअप बेहतर हो सकता है और 23,000 की ओर रास्ता खुल सकता है। जबकि 22,450 के नीचे जाने पर बिकवाली का दबाव फिर से आ सकता है। एक्सपायरी को देखते हुए,ट्रेडर्स को सेशन के दौरान ज्यादा उतार-चढ़ाव और तेजी से रिवर्सल की उम्मीद रखनी चाहिए।

निफ्टी पर अनुज सिंघल की स्ट्रैटेजी

सीएनबीसी-आवाज के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल का कहना है कि निफ्टी में ऑप्शन राइटर्स की रेंज 22,380-22,720 है। सबसे अच्छा बिकवाली जोन 22,600-22,650 है। SL 22,750 पर रखें। कल भी इसी ट्रेड ने शानदार रिवॉर्ड दिया था। वहीं, सबसे अच्छा खरीदारी का जोन 22,400-22,450 है। SL 22,300 पर रखें।

निफ्टी बैंक पर अनुज सिंघल की स्ट्रैटेजी

अनुज सिंघल का कहना है कि बैंक निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 54,900-55,100 पर और बड़ा रजिस्टेंस 55,200-55,400 पर है। इसके लिए पहला सपोर्ट 54,500-54,700 पर और बड़ा सपोर्ट 54,200-54,400 पर है। बिकवाली का जोन 54,850-55,050 है। SL 55,200 पर रखें। खरीदारी का जोन 54,300-54,500 है। SL 54,150 पर रखें।

 

 

Trading Ideas : हल्की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा बाजार, आज इन दो शेयरों में हो सकती है पैसों की बरसात

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Chartist Talk : जब तक निफ्टी 22000-22200 के ऊपर है बिकवाली करने से बचें, इस हफ्ते इन दो शेयरों में हो सकती है बंपर कमाई

Chartist Talk : निफ्टी 50 में जल्द ही टेक्निकल रिबाउंड की काफी संभावना है, भले ही बड़ा ट्रेंड न बदले। निफ्टी डेली टाइमफ्रेम पर ओवरसोल्ड है और वीकली टाइमफ्रेम पर भी ओवरसोल्ड होने की कगार पर है। ऑप्शन डेटा से पता चलता है कि 22,000-22,200 के ज़ोन में एक मज़बूत बेस है। ये बातें जेमस्टोन इक्विटी रिसर्च एंड एडवाइजरी सर्विसेज के फाउंडर मिलन वैष्णव ने मनीकंट्रोल के साथ हुए एक बातचीत में कही हैं।

उन्हों इस हफ्ते Aequs और BSE पर दांव लगाने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि जब तक Aequs अपने ब्रेकआउट पॉइंट से ऊपर बना रहता है,तब तक इसके ब्रेकआउट के आगे बढ़ाने और मौजूदा लेवल से काफी ऊपर जाने की संभावना ज़्यादा है। वहीं, BSE भी एक अच्छे टेक्निकल रिबाउंड के लिए तैयार हो रहा है, बशर्ते यह बताए गए सपोर्ट जोन से ऊपर बना रहे।

क्या आपको लगता है कि निफ़्टी 22,200–22,000 के जोन के आस-पास अपने निचले स्तर पर पहुच सकता है और फिर ऊपर की ओर अपनी नई चाल शुरू करने से पहले कुछ समय के लिए दायरे में बना रह सकता है?

हां, इस बात की काफ़ी संभावना है कि निफ्टी अपने निचले स्तर पर पहुंच जाए। शुक्रवार को ट्रेडिंग हालीडे था. इसलिए बाज़ार एक दिन के गैप के बाद सोमवार को खुला है। अब यह ग्लोबल ट्रेड सेटअप के हिसाब से खुद को एडजस्ट करेगा।

हालांकि,अगर हम मौजूदा स्थिति को टेक्निकल नज़रिए से देखें तो निफ़्टी में टेक्निकल रिबाउंड की ज़्यादा संभावना है। भले ही बड़ा ट्रेंड न बदले,फिर भी यह रिबाउंड जल्द ही हो सकता है। डेली टाइमफ़्रेम पर निफ़्टी ‘ओवरसोल्ड’ है और वीकली टाइमफ़्रेम पर भी यह ‘ओवरसोल्ड’ होने की कगार पर है।

ऑप्शंस डेटा से पता चलता है कि 22,000-22,200 के जोन में एक मज़बूत बेस है। इसलिए, अगर हम और नीचे भी जाते हैं,तो ऐसा कम से कम एक बार टेक्निकल रिबाउंड के बिना नहीं होना चाहिए।

इस हफ्ते के लिए आपकी ट्रेडिंग स्ट्रैटेजी क्या है?

ट्रेडिंग स्ट्रैटेजी आसान होगी। मैं बेसिक बातों पर ही ध्यान देने की जरूरत है। जब तक निफ्टी 22,000-22,200 जोन के ऊपर है, शॉर्टिंग करने से बचना चाहिए। शॉर्ट पोजीशन पर जो भी फायदा दिख रहा है मैं उसे सुरक्षित रखना चाहिए।

दूसरी ओर लॉन्ग पोजीशन लेने पर विचार किया जा सकता है, लेकिन केवल बहुत ही चुनिंदा बेसिस पर। वर्तमान तकनीकी स्थिति में केवल उन्हीं शेयरों में लॉन्ग पोजीशन ली जा सकती है जो स्पष्ट रूप से निचले स्तर पर पहुंच चुके हों और जिनकी रिलेटिव स्ट्रेंथ में सुधार हुआ हो।

क्या चार्ट और आपकी गट फीलिंग यह संकेत देती है कि बैंक निफ्टी पिछले हफ्ते के निचले स्तर से नीचे जा सकता है?

अगर आप एक टेक्नीशियन हैं, तो यहां भावनाओं के लिए कोई जगह नहीं है। हमारा काम भावनाओं को एक तरफ रखकर चार्ट को निष्पक्ष रूप से देखना है। तकनीकी नज़रिए से ऐसा नहीं लगता कि ऐसा होने की संभावना ज्यादा है। बैंक निफ्टी ने 53,850-54,100 के स्तरों के बीच एक मजबूत सपोर्ट बेस बनाया है। जब तक यह जोन सुरक्षित रहता है, एक तकनीकी उछाल (rebound) की उम्मीद कर सकते हैं, भले ही इससे बड़े ट्रेंड में कोई बदलाव न आए।

इस हफ़्ते के लिए आपके टॉप दो टॉप पिक क्या हैं?

Aequs

इस स्टॉक ने ₹265 के लेवल के ऊपर जाकर ब्रेकआउट करने की कोशिश की है। हालांकि,अभी यह स्टॉक अपने ब्रेकआउट लेवल के ठीक ऊपर कंसोलिडेट कर रहा है। जब तक यह स्टॉक अपने ब्रेकआउट पॉइंट के ऊपर बना रहता है, तब तक इसके ब्रेकआउट को आगे बढ़ाने और मौजूदा लेवल से काफ़ी ऊपर जाने की संभावना ज़्यादा है।

BSE

यह एक ऐसा स्टॉक है जिसने हाल के समय में ब्रॉडर मार्केट के मुकाबले कमजोर प्रदर्शन किया है। यह ₹2,850-3,000 के स्तर पर एक मज़बूत सपोर्ट जोन के करीब पहुंच रहा है। मेन इंडिकेटर्स में सकारात्मक बदलाव दिखने लगे हैं और गिरावट की रफ़्तार में भी कुछ कमी आई है। जब तक यह स्टॉक बताए गए सपोर्ट जोन के ऊपर बना रहता है,तब तक इसमें एक अच्छा टेक्निकल रिबाउंड देखने को मिल सकता है।

क्या आपको Mankind Pharma में और तेज़ी की उम्मीद है ?

Mankind Pharma में अभी भी और ऊपर जाने की गुंजाइश है। असल में सबसे नज़दीकी रेजिस्टेंस ₹2,640 पर है। अगर स्टॉक ₹2,640 के लेवल से ऊपर निकल जाता है तो इसमें फिर से तेज़ी आ सकती है। ₹2,300 और ₹2,398 के जोन में मज़बूत सपोर्ट है।

क्या आपको लॉरस लैब्स में और बढ़त की गुंजाइश दिखती है?

लॉरस लैब्स में तेजी का ट्रेंड बना हुआ है। हालांकि,यहां थोड़ी सावधानी बरतने की सलाह होगी। हाल ही में आई तेजी के दौरान लीड इंडिकेटर्स में नेगेटिव डाइवर्जेंस (negative divergence) देखा गया है। इसलिए,भले ही इससे तुरंत शेयर बेचने का संकेत नहीं मिलता,लेकिन जैसे-जैसे स्टॉक ऊपर जा रहा है,सावधानी बरतना जरूरी है। फिलहाल,इस स्टॉक में निवेश बनाए रखना ही बेहतर है। हालांकि,स्टॉप-लॉस को बढ़ाकर ₹1,870 पर ले आएं। अगर स्टॉक ₹1,870 के नीचे जाता है,तो इससे बाहर निकलने का समय होगा।

क्या टेक्निकल इंडिकेटर्स हिंडाल्को इंडस्ट्रीज में और गिरावट का संकेत दे रहे हैं?

पिछले कुछ हफ्तों से हिंडाल्को में गिरावट का दौर चल रहा है। टेक्निकल इंडिकेटर्स बताते हैं कि भले ही ट्रेंड में कोई बदलाव नहीं दिख रहा है और स्टॉक पर गिरावट का दबाव बना हुआ है,लेकिन ₹900-920 के जोन में मजबूत सपोर्ट मौजूद है। इसलिए,अगर गिरावट जारी रहती है तो यह सीमित ही होनी चाहिए।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Next Week : मिड और स्मॉल कैप्स में लगातार चौथे हफ्ते दिखी गिरावट, जानिए अगले हफ्ते कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Next Week: बाजार के एक बड़े हिस्से पर दबाव बना रहा और मिड कैप और स्मॉल कैप इंडेक्स लगातार चौथे हफ्ते भी गिरावट का शिकार रहे। इस हफ्ते निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 3.5% और निफ़्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 3.3% की गिरावट आई, जिससे इनका प्रदर्शन बेंचमार्क इंडेक्स के मुकाबले कमजोर रहा। बीते हफ्ते BSE सेंसेक्स 1,986.04 अंक या 2.68% गिरकर 71,909.70 पर बंद हुआ,जबकि निफ़्टी 50 में 3.10% या 718.55 अंकों की गिरावट आई और यह 22,421.95 पर बंद हुआ।

निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सबसे ज्यादा टूटा

सेक्टोरल इंडेक्सों पर नजर डालें तो निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में सबसे ज्यादा 6% की गिरावट आई। इसके बाद निफ्टी ऑटो में 5.8% की गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी मेटल, FMCG और PSU बैंक इंडेक्स में 4% से ज़्यादा की गिरावट हुई, जबकि निफ्टी रियल्टी, हेल्थकेयर, इंफ्रा और ऑयल एंड गैस इंडेक्स में 3% से ज़्यादा की गिरावट आई। हालांकि, निफ्टी IT में 0.5% की बढ़त हुई।

निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 3.5% की गिरावट

निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में इस हफ्ते 3.5% की गिरावट आई। इसमें लगातार चौथे हफ्ते भी इसमें गिरावट का सिलसिला जारी रहा। सबसे ज्यादा गिरावट वाले शेयरों में PB फिनटेक, पतंजलि फूड्स, वोडाफोन आइडिया, कोरोमंडल इंटरनेशनल, स्विगी, LIC हाउसिंग फाइनेंस, जुबिलेंट फूडवर्क्स, SBI कार्ड्स एंड पेमेंट सर्विसेज़, यस बैंक, कल्याण ज्वैलर्स इंडिया, हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन और रैडिको खेतान शामिल रहे।

निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में भी लगातार चौथे हफ्ते गिरावट

निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में भी लगातार चौथे हफ्ते गिरावट जारी रही। यह इस हफ्ते 3.3% गिर गया। इस गिरावट की वजह IFCI, आदित्य बिड़ला रियल एस्टेट, फ़िज़िक्सवाला, गुजरात मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन, गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स, आइनॉक्स विंड, वॉकहार्ट और वेल्सपन कॉर्प के शेयरों में आई गिरावट रही।

विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली बढ़ी

बीते हफ्ते विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने अपनी बिकवाली बढ़ा दी और लगातार छठे हफ़्ते निकासी की। उन्होंने कुल 34,966.07 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने बाज़ार को सपोर्ट करना जारी रखा और इस हफ़्ते 33,455.30 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

इस हफ्ते बाजार में आई गिरावट से BSE पर लिस्टेड कंपनियों की कुल मार्केट वैल्यू में लगभग 15 लाख करोड़ रुपये की कमी आई।

जानें आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल

कोटक सिक्योरिटीज के VP टेक्निकल रिसर्च,अमोल अठावले ने कहा कि छोटे ट्रेडिंग वीक में बेंचमार्क इंडेक्स में भारी गिरावट आई। निफ्टी 3.10 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स में लगभग 2000 अंकों की गिरावट आई। सेक्टरों की बात करें तो लगभग सभी प्रमुख सेक्टर इंडेक्स में ऊपरी स्तरों पर प्रॉफिट बुकिंग देखने को मिली। कंज्यूमर और ऑटो इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट आई। कंज्यूमर इंडेक्स 6.15 प्रतिशत और ऑटो इंडेक्स 5.85 प्रतिशत नीचे बंद हुआ।

इस हफ्ते मार्केट में ऊपरी लेवल पर लगातार बिकवाली का दबाव बना रहा। वीकली चार्ट पर एक लॉन्ग ‘बेयरिश कैंडल’ बनी। इंट्राडे चार्ट पर ‘लोअर हाई’ और ‘लोअर लो’ बनने का सिलसिला जारी रहा,जो काफी हद तक नेगेटिव ट्रेंड का संकेत है।

अमोल अठावले का मानना ​​है कि शॉर्ट-टर्म में मार्केट का मिजाज कमज़ोर रहेगा, लेकिन यह ‘ओवरसोल्ड’ स्थिति में है। इसलिए, मौजूदा लेवल से ‘पुलबैक रैली’ की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। नीचे की तरफ, 22,200/71,300 एक अहम सपोर्ट जोन है, जबकि 22,500/72,200 तत्काल रेजिस्टेंस लेवल है। अगर मार्केट 22,500/72,200 के ऊपर जाता है तो पुलबैक बढ़कर 22,700–22,800/73,000-73,200 तक जा सकता है। इसके विपरीत अगर यह 22,200/71,300 के नीचे जाता है तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और मार्केट 22,000–21,950/71,000-70,700 तक गिर सकता है।

बैंक निफ्टी पर अपनी राय साझा करते हुए अमोल अठावले ने कहा कि इसके लिए 54,000 एक अहम सपोर्ट ज़ोन है। अगर यह इस लेवल के ऊपर बना रहता है तो इंडेक्स वापस 55,000–55,500 तक जा सकता है। हालांकि, 54,000 के नीचे जाने पर बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और इसके 53,500–53,200 तक गिरने की संभावना बढ़ सकती है।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज़ के हेड ऑफ़ रिसर्च,वेल्थ मैनेजमेंट सिद्धार्थ खेमका का कहना है कि आने वाले समय में भारतीय शेयर बाजार पर दबाव बने रहने की संभावना है,क्योंकि ग्लोबल बॉन्ड मार्केट में भारी गिरावट,कच्चे तेल की कीमतों में फिर से तेजी और पिछले छह महीनों में विदेशी निवेशकों की सबसे ज्यादा बिकवाली का असर बाजार के सेंटीमेंट पर पड़ रहा है। US 10-ईयर ट्रेजरी बॉन्ड का यील्ड 2007 के अपने उच्चतम स्तर को पार करके 5.3% पर पहुंच गया है,जो अप्रैल 2002 के बाद सबसे ज्यादा है,जबकि 30-साल के बॉन्ड का यील्ड 5.6% पर है।

निफ्टी की अर्निंग यील्ड अब अमेरिकी बॉन्ड पर मिलने वाले ब्याज से कम होने हो गई है। इसके कारण,ग्लोबल यील्ड के स्थिर होने, कच्चे तेल की कीमतों में कमी आने और विदेशी निकासी में कमी आने तक बाजार में तेजी की संभावना नहीं है।

रेलिगेयर ब्रोकिंग के SVP रिसर्च अजीत मिश्रा का कहना है कि टेक्निकल नजरिए से देखें तो निफ्टी अपने अहम लॉन्ग टर्म सपोर्ट लेवल यानी 22,600 और 22,400 के आसपास 200-हफ्ते के SMA और EMA से साफ तौर पर नीचे आ गया और 22,180 के लेवल (जो अप्रैल 2026 का निचला स्तर था) की ओर बढ़ गया है। इससे बाजार में मंदी का माहौल और मज़बूत हुआ है।

निफ्टी के लिए 22,000–22,200 का जोन अगले अहम सपोर्ट के तौर पर काम कर सकता है, जबकि 22,500–22,600 का लेवल सबसे नजदीकी रेजिस्टेंस बन सकता है। इसके बाद 22,800 पर अगला बड़ा रेजिस्टेंस होगा। इंडेक्स में करेक्शन का दौर जारी रहने और उतार-चढ़ाव बढ़ने के कारण,निकट भविष्य में सतर्क रहने की जरूरत है और चुनिंदा शेयरों में ही मौके तलाशने की सलाह है।

LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि बाजार का मूड अभी भी कमजोर बना हुआ है क्योंकि कोविड के समय आई गिरावट के बाद पहली बार इंडेक्स अपने 200-हफ्ते के मूविंग एवरेज के नीचे बंद हुआ है। निचले स्तर पर,22,200 पर सपोर्ट है। अगर इंडेक्स इसके नीचे जाता है तो 22,060 तक और गिरावट आ सकती है।

ऊपर की तरफ 22,600 पर रेजिस्टेंस है। जब तक इंडेक्स 22,600 के नीचे रहेगा,तब तक उछाल पर बिकवाली का ट्रेंड बना रहेगा।

 

त्योहारी सीजन से पहले AC और TV की कीमतें 5-8% बढ़ीं, अप्लायंस बनाने वाली कंपनियों को बिक्री में डबल डिजिट ग्रोथ की उम्मीद

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Trend : निफ्टी और बैंक निफ्टी दोनों ही मंदड़ियों के पकड़ में, जानिए किन शेयरों और सेक्टरों में दिख रहे पैसे बनाने के मौके

Market Trend : भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स आज सपाट ट्रेड कर रहे हैं। निफ्टी 23,450 के आसपास है। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार, वी के विजयकुमार का कहना है कि निफ्टी के 23500 के रेजिस्टेंस लेवल से नीचे आने के कारण मार्केट की स्थिति कमजोर हो गई है। तकनीकी रूप से मार्केट में और गिरावट की आशंका है। फंडामेंटल मैक्रो ट्रेंड्स भी बिगड़ते जा रहे हैं। ब्रेंट क्रूड की कीमत $101 के पार चली गई है और अमेरिका में 10-ईयर बॉन्ड यील्ड बढ़कर 4.83% हो गई है। इस महीने फेड द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना बढ़ गई है, जिससे मार्केट में चिंताएं भी बढ़ रही हैं।

मिडिल ईस्ट में जियोपॉलिटिकल तनाव बढ़ रहा है और मार्केट ट्रंप की इस बात पर ध्यान नहीं दे रहा है कि चुनाव (US मिड-टर्म) के तुरंत बाद युद्ध खत्म हो जाएगा।

भले ही भारत का विदेशी मुद्रा भंडार (forex reserves) ठीक-ठाक है और करंट अकाउंट डेफिसिट (current account deficit) कंट्रोल में है, लेकिन अगर कच्चे तेल की कीमत लंबे समय तक $100 से ऊपर बनी रहती है, तो इसका असर इस साल भारत की GDP ग्रोथ और कॉर्पोरेट अर्निंग्स पर भी पड़ेगा।

इससे जिन सेक्टर पर असर पड़ने की संभावना है वे एनर्जी पर निर्भर सेक्टर हैं। इसमें एविएशन, पेंट्स, एडहेसिव्स, टायर्स और केमिकल्स जैसे सेक्टर शामिल हैं। ऐसे माहौल में FMCG जैसे डिफेंसिव सेक्टर और फार्मास्यूटिकल्स और हेल्थकेयर जैसे सेक्टर, जिनकी डिमांड पर कीमतों का ज़्यादा असर नहीं पड़ता मज़बूत बने रहेंगे।

डिजिटल प्लेटफॉर्म कंपनियों जैसे ग्रोथ सेक्टर मज़बूत स्थिति में बने हुए हैं। भले ही बैंकिंग स्टॉक्स, खासकर बड़े प्राइवेट सेक्टर के स्टॉक्स, तकनीकी रूप से कमज़ोर हों, लेकिन वे फंडामेंटली मज़बूत हैं। लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टर्स के लिए इस सेगमेंट में रिस्क-रिवॉर्ड रेश्यो अच्छा है।

निफ्टी व्यू

मार्केट ट्रेंड पर बात करते हुए मंत्री फिनमार्ट (Mantri FinMart) के अरुण कुमार मंत्री ने कहा कि बाजार के नजरिए से अभी तक पूरा हफ्ता काफी खराब रहा है। बाजार में कभी-कभी उछाल देखने को मिलता है लेकिन फिर यह दिन के निचले स्तर के करीब बंद होता है। 23600 के आसपास एक छोटा सपोर्ट था। इसको भी निफ्टी तोड़ चुका है। बाजार हालिया तेजी के 50% रिट्रेसमेंट रेशियो को भी तोड़ चुका है। अब निफ्टी के लिए 23,200 के आसपास के नेक्स्ट सपोर्ट है। आज या कल में निफ्टी इस सपोर्ट के पास भी आता नजर आ सकता है। आज या कल में निफ्टी में 23,150-23,200 के लेवल नजर आ सकते हैं। ओवरऑल ट्रेंड डाउन है। इसलिए जब तक 23,800 का लेवल नहीं निकलता, तब तक सेल ऑन राइस की स्ट्रेटजी रखें । नीचे में इमीडिएट तौर पर 23,200 तक के टारगेट आ सकते हैं।

बैंक निफ्टी व्यू

अरुण कुमार मंत्री का बैंक निफ्टी पर भी इसी तरह का नजरिया है। कल इसकी क्लोजिंग 56,300 के आसपास के आसपास हुई। इसमें भी ब्रेकडाउन का फ्रेश राउंड नजर आया है। इसमें आज के सत्र में 55,800 से 56,000 तक के लेवल्स देखने को मिल सकते हैं। निफ्टी और बैंक निफ्टी दोनों में ही बियरिश ट्रेंड है। पर जहां तक मिड कैप स्माल कैप की बात है वहां पर मोमेंटम अच्छा है। ऐसे में अगर कोई स्टॉक में ट्रेडिंग करता है तो उनके लिए माहौल अभी भी काफी अच्छा नजर आ रहा है। पर जो निफ्टी-बैंक निफ्टी में लॉन्ग ट्रेडर्स है उनके लिए दिक्कत लग रही है।

अरुण कुमार मंत्री के पसंदीदा शेयर

अरुण कुमार मंत्री ने कहा कि मेटल्स में काफी अच्छा मोमेंटम देखने को मिल रहा है। जिस हिसाब से डॉलर इंडेक्स गिर रहा है और मेटल्स के प्राइसेस ऊपर जा रहे हैं उसे देखते हुए हिंडाल्को में खरीदारी की सलाह रहेगी। पूरे एलुमिनियम स्टॉक्स में मोमेंटम पॉजिटिव है। हिंडाल्को में 1020 रुपए के आसपास, 1004 रुपए के स्टॉपलॉस के साथ 1049 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी करें।

इसके अलावा अदाणी ग्रुप में भी अच्छा मोमेंटम है। ऐसे में अदाणी ग्रीन में खरीदारी की सलाह होगी। इसमें 1312 रुपए के आसपास, 1294 रुपए के स्टॉपलॉस के साथ 1345 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी करें।

 

Trading Plan: निफ्टी पर दबाव बने रहने और कंसोलिडेशन की संभावना, जानिए इंडेक्स पर कमाई की रणनीति

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

निफ्टी के 10 बड़े शेयर औसतन 20% टूटे, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में अभी भी अच्छे मौके

कच्चे तेल के उबाल और ईरान-US टेंशन से बाजार पस्त नजर आ रहा है। आज लगातार तीसरे दिन गिरावट है। निफ्टी ने इंट्रा डे में 23500 का लेवल तोड़ा है। बैंक निफ्टी भी 56500 के करीब है। मिडकैप-स्मॉलकैप में भी बिकवाली है। कच्चा तेल 100 डॉलर के करीब पहुंच गया है। बाजार पर अपनी राय साझा करते हुए सीएनबीसी-आवाज के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि बाजार इस समय मंदड़ियों के कंट्रोल में है। लगातार हमारा नजरिया रहा है,बाजार में शॉर्ट रहें। कल भी 3:30 पर शॉर्ट कैरी करने का नजरिया लिया था। निफ्टी साफ दिखा रहा है कि 23,500 खतरे में है और 23,100-23,300 की भी संभावना ज्यादा है।

कच्चा तेल $100 के करीब है, लेकिन भारतीय बास्केट $106 पर है। अब भारतीय क्रूड बास्केट जुलाई के निचले स्तर से 30% ऊपर है। एक अच्छी बात ये है कि इंडेक्स खराब है,शेयर नहीं। मिडकैप इंडेक्स ऑल टाइम हाई से सिर्फ 2% नीचे है और स्मॉलकैप इंडेक्स तो लाइफ टाइम हाई पर है। इसलिए ये कहना कि बाजार खराब है, ठीक नहीं है। लार्जकैप इंडेक्स में दबाव है और इसी वजह से निफ्टी नीचे है। निफ्टी के 10 सबसे बड़े शेयरों में 1 भी तेजी में नहीं है।

बाजार: क्यों गिर रहे हैं हम?

बाजार की दिक्कत ये है कि सभी बड़े शेयर गिरावट में हैं। निफ्टी,भारत के सबसे बड़े शेयरों का सिर्फ एक झांकी भर है। सबसे बड़े 10% शेयर औसतन 20% नीचे हैं। सबसे बड़े शेयरों की जोरदार पिटाई हुई है। रिलायंस अपने हाई से 20 फीसदी नीचे है। इसी तरह HDFC बैंक 31 फीसदी, ICICI बैंक 5.5 फीसदी, SBI 18 फीसदी, TCS 33 फीसदी, L&T में 11 फीसदी और इंफोसिस में 37 फीसदी की गिरावट आई है। यही कारण है कि निफ्टी अपने हाई से 10% से ज्यादा नीचे है। इन 10 बड़े शेयरों को छोड़ दें तो बाजार खराब नहीं है।

बाजार: आज के संकेत

कच्चा तेल $100 के करीब है, लेकिन भारतीय क्रूड बास्केट $106 पर है। अब भारतीय क्रूड बास्केट जुलाई के निचले स्तर से 30% ऊपर है। US बाजार में गिरावट को हम जितना पचाकर गए थे उससे ज्यादा गिरे हैं। सेमीकंडक्टर शेयरों में खरीदारी ने नैस्डेक की गिरावट को सीमित रखा। आज फिर IT शेयरों में दबाव रह सकता है।

बाजार: कहां तक गिर सकता है निफ्टी?

निफ्टी में इस साल 2 बड़े बॉटम बने थे। युद्ध के तुरंत बाद 22,331 और मई में 23,123 (क्लोजिंग लेवल)। क्लोजिंग के हिसाब से हम 24,774 तक चले थे। मई के स्तर से जो रैली हुई उसका हम 60% गिर चुके हैं। अगर 23,750 के नीचे बंद हुए तो 61.8% रिट्रेसमेंट होगी। ऐसे में वापस 23,100-23,200 जाने का रिस्क होगा। युद्ध के बाद वाले लो की रैली का भी हम 41% रिट्रेस हो चुके हैं और उसका 50% retracement लेवल आएगा करीब 23,550 पर। यानी कि कुल मिला कर 23,200-23,500 का रास्ता अब शायद खुल चुका है।

बाजार: आज कहां हो नजर?

कल हमने हिंद जिंक, हिंद कॉपर पर पॉजिटिव नजरिया लिया। वो ट्रेड आज भी थोड़ा और चल सकती है। कॉपर और जिंक की कीमतों में आज भी तेजी है। हालांकि चांदी में गिरावट से हिंद जिंक में मुनाफावसूली संभव है। एल्यूमीनियम कीमतें भी 4 हफ्ते के उच्च स्तर पर। हैरानी की बात ये कि दरों में बढ़ोतरी की 65% संभावना पर भी मेटल शेयर चल रहे हैं। इसका मतलब है कि मेटल शायद अब एक Structural Bull Market में आ रहे हैं। IT वापस बाजार की सबसे कमजोर कड़ी बन चुका है। अपने हालिया उच्च स्तर से IT इंडेक्स 2000 अंक गिर चुका है। कैपिटल गुड्स से जुड़े कुछ शेयर आज भी चल सकते हैं। बैंक निफ्टी ने भी कल 56,800 का अहम लेवल तोड़ा है।

एक साथ 6 IPOs खुले हैं, जो 1996 के बाद पहली बार हुआ है। IPOs में जबरदस्त पैसा बन रहा है। इसलिए सेंकडरी मार्केट की काफी लिक्विडिटी वहां जा रही है। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में अभी भी अच्छे मौके हैं।

 

Trading Ideas : शुरुआती नुकसान की कुछ भरपाई के बावजूद निफ्टी 23550 के नीचे , जानिए किन शेयरों में हो सकती है कमाई

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Nifty Trend : निफ्टी पिछले एक महीने में करीब 1000 अंक नीचे गिरा, जानिए आगे कैसी रह सकती है इसकी चाल

Nifty Trend : सीएनबीसी-आवाज के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल का कहना है कि बाजार इस समय मंड़ियों की पकड़ में है। निफ्टी पिछले एक महीने में करीब 1000 अंक नीचे गिरा है। यह 24,775 से धीरे-धीरे गिरकर 23,775 पर आया है। दिक्कत यह कि एक दिन की गिरावट कभी भी 0.57% से ज्यादा नहीं रही है। इस दौरान सिर्फ 6 दिन निफ्टी पॉजिटिव रहा। निफ्टी में अब ट्रेंडलाइन और ट्राइएंगल ब्रेकडाउन कन्फर्म हुआ है। कच्चा तेल अभी भी बाजार का सबसे बड़ा सिरदर्द बना हुआ है। बॉन्ड यील्ड और डॉलर इंडेक्स भी नीचे आने को तैयार नहीं हैं। एक बड़ा फैक्टर है निफ्टी IT का वापस गिरना। पिछले 1 महीने में Nifty IT 6% से ज्यादा गिर चुका है। बैंक निफ्टी फ्लैट रहा है लेकिन बार-बार 200 DMA के नीचे आ रहा है। ग्लोबल बाजार भी 11 तारीख तक शायद वेट एंड वॉच मोड में रहें।

क्रूड की तेजी बरकरार

ब्रेंट $97 के पार निकल गया है। इसमें पिछले हफ्ते से 9% की तेजी आई है। सप्लाई की चिंता से क्रूड में तेजी जारी है। US-ईरान में तनाव बढ़ने से सप्लाई की चिंता बढ़ी है।

ईरान-ओमान के बीच हॉर्मुज मैनेजमेंट डील अंतिम दौर में है। सऊदी अरामको की Jazan फैसिलिटी पर हमले की खबरें हैं। चीन की क्रूड खरीद में रिकवरी से भी कीमतों को सपोर्ट मिल रहा है।

क्रूड पर Goldman Sachs

Goldman Sachs का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट में हमले बढ़े तो कीमतों में और तेजी आएगी। हमले बढ़े तो ब्रेंट $120 तक भी जा सकता है। क्रूड पर बाजार का भरोसा बढ़ा है। हेज फंड्स मई के बाद ब्रेंट पर सबसे ज्यादा बुलिश हैं। WTI में नेट लॉन्ग पोजिशन जून के बाद सबसे ऊंचे हैं। हॉर्मुज सप्लाई रिस्क से क्रूड में तेजी की उम्मीद बढ़ी है।

अमेरिका में पेट्रोल-डीजल महंगा

US में गैसोलीन और डीजल की कीमतें रिकॉर्ड हाई पर हैं।मिडिल ईस्ट सप्लाई रिस्क से फ्यूल मार्केट पर दबाव है।

चीन की गोल्ड खरीदारी जारी

PBoC ने अगस्त में 6.5 लाख औंस सोना खरीदा है। अगस्त में हुई खरीद अक्टूबर 2023 के बाद सबसे ज्यादा रही है। PBoC लगातार 22वें महीने सोना खरीद रहा है।

शेयर बाजार क्यों चिंता में?

शेयर बाजार पर Societe Generale का कहना है कि 10-साल की US यील्ड में तेजी बाजार के लिए ठीक नहीं है। US यील्ड 5.5% पर पहुंची तो बाजार पर दबाव बढ़ेगा। 5.5% यील्ड पर अर्निंग्स ग्रोथ भी वैल्यूएशन को सपोर्ट नहीं है। बढ़ती बॉरोइंग कॉस्ट से इक्विटी वैल्यूएशन पर दबाव बढ़ेगा। फेड या ECB का दरें बढ़ाना बाजार के लिए काफी नहीं है। रेट हाइक महंगाई की चिंता दूर करने के लिए काफी नहीं है।

इक्विटी बाजार पर JPMorgan की राय है कि 10-साल की यील्ड 5% पर बाजार में तेज प्रतिक्रिया संभव है। 5% यील्ड से निवेशकों की इक्विटी को लेकर चिंता बढ़ेगी। 5% का स्तर अहम साइकोलॉजिकल थ्रेशोल्ड माना जा रहा है।

बाजार: कहां तक गिर सकता है निफ्टी?

अनुज सिंघल ने कहा कि निफ्टी में इस साल 2 बड़े बॉटम बने थे। युद्ध के तुरंत बाद 22,331 और मई में 23,123 (क्लोजिंग लेवल) देखने को मिले। क्लोजिंग के हिसाब से हम 24,774 तक चले थे। मई के स्तर से जो रैली हुई उसका हम 60% गिर चुके हैं और अगर 23,750 के नीचे बंद हुए तो 61.8% रिट्रेसमेंट होगी। ऐसे में वापस 23,100-23,200 जाने का रिस्क होगा। युद्ध के बाद वाले लो की रैली का भी हम 41% रिट्रेस हो चुके हैं और उसका 50% retracement लेवल आएगा करीब 23,550 पर। यानी कि कुल मिला कर 23,200-23,500 का रास्ता अब शायद खुल चुका है।

बाजार: आज कहां हो नजर?

अनुज सिंघल की राय है कि आज फिर से निफ्टी IT पर दबाव दिख सकता है। एक बार फिर से कोस्पी ऊपर है और बॉन्ड यील्ड्स भी। आज GE Vernova T&D हीरो हो सकता है। CNBC-आवाज ने आपको पिछले हफ्ते ही आज के लिए तैयार किया था। सिर्फ आवाज़ ने कहा था कि पावर ग्रिड का ऑर्डर GVT&D को मिलेगा। इसके अलावा बाकी पावर इक्विपमेंट शेयर भी चल सकते हैं। लग रहा है कि AI ट्रेड वापस अब दौड़ रही है। डिफेंस शेयर भी रडार पर हैं लेकिन ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली संभव है। आज कुछ मेटल शेयर चल सकते हैं। कॉपर रिकॉर्ड हाई पर है और जिंक 4 साल की ऊंचाई पर है। सोने और चांदी में भी चमक लौटी है। आज हिंद कॉपर और हिंद जिंक जैसे शेयरों पर नजर रखें। आज फार्मा शेयरों पर भी नजर रखें। बाजार में Risk Off है, ऐसे में थोड़ा फार्मा चल सकता है। निफ्टी का PCR गिरकर 0.69 पर आ चुका है। एक उम्मीद रहेगी कि एक्सपायरी की वजह से आज दूसरे हाफ में बड़ी कवरिंग आए। लेकिन ये सिर्फ उम्मीद है, स्क्रीन अभी तक रैली के लिए तैयार नहीं है।

निफ्टी पर रणनीति

अनुज सिंघल का कहना है कि निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 23,700-23,750 पर और बड़ा सपोर्ट 23,550-23,600 पर है। इसके लिए पहला रजिस्टेंस 23,800-23,850 पर और बड़ा रजिस्टेंस 23,900-23,950 पर है। बाजार में ट्रेड वहां करें जहां रिकवरी फेल हो,वहां बेचें। लेकिन आज एक्सपायरी है,एक शॉर्ट कवरिंग भी संभव है।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

इसके लिए 56,800-57,000 एक मेक ऑर ब्रेक लेवल है। इसे बचाया तो एक बार वापस 57,300-57,500 जा सकते हैं। लेकिन 56,800 टूटा तो 56,500 तक गिरने का खतरा होगा।

 

 Market Trend : मार्केट में रिकवरी की कोशिश हो रही नाकाम, कमजोर बाजार में भी इन शेयरों में दिख रहा दम

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Trading Plan : बाजार पर कच्चे तेल में उछाल और अमेरिका में दरें बढ़ने का डर हुआ हावी, जानिए कल के लिए ट्रेडिंग प्लान

Trading Plan : बाजार पर कच्चे तेल में उछाल और अमेरिका में दरें बढ़ने का डर हावी हो गया है। निफ्टी 23750 के मेक या ब्रेक लेवल पर पहुंच गया है। एडवांस्ड-डिक्लाइन रेशियो भी कमजोर है। क्रूड 98 डॉलर के करीब है। इंडिया VIX 5 फीसदी ऊपर चला गया है। IT, मेटल, रियल्टी और बैंकों ने बनाया आज सबसे ज्यादा दबाव बनाया है। निफ्टी IT इंडेक्स 2 फीसदी से ज्यादा फिसला है। इंफोसिस, टेक महिंद्रा, विप्रो और HCL टेक वायदा के टॉप लूजर्स में शुमार हैं। हलांकि डिफेंस फार्मा और हेल्थकेयर से सपोर्ट मिल रहा है।

कमजोर बाजार में भी आज EMS सेक्टर कमाल कर रहा है। AVALON 8 परसेंट ऊपर है। नए JV और नोमुरा की बुलिश रिपोर्ट के बाद इसका जोश हाई है। साथ ही सिरमा SGS 10% उछलकर आज का हीरो बना है। KAYNES में भी खरीदारी आई है। NSE के IPO को मंजूरी से कैपिटल मार्केट स्पेस में भी मोमेंटम है। एंजेल वन करीब 2 परसेंट चढ़कर वायदा के टॉप गेनर्स में शुमार है। साथ ही MCX और BSE में भी खरीदारी आई है।

बाजार की कड़वाहट के बीच पूरे शुगर स्पेस में मिठास है। डालमिया भारत शुगर, श्री रेणुका और बलरामपुर चीनी 3-4 परसेंट उछले हैं साथ ही अवध शुगर, त्रिवेणी एंजीनियरिंग, द्वारिकेश शुगर्स में भी अच्छी बढ़त देखने को मिल रही है।

Vodafone Idea को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। GST विभाग की 360 करोड़ की डिमांड याचिका खारिज कर दी गई है। यह शेयर 52 हफ्तों की ऊंचाई पर पहुंचा है। इसमें 1 महीने में 20 परसेंट का उछाल दिखा है। साथ ही इंडस टावर्स में भी करीब 1 परसेंट की मजबूती है।

बाजार: नाजुक स्तरों पर

सीएनबीसी-आवाज के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल का कहना है कि निफ्टी 23,750 के अहम मेक ऑर ब्रेक स्तर पर है। आज निफ्टी IT और बैंक्स दोनों में गिरावट है। मेटल शेयरों में भी मुनाफावसूली आई है। फेड का रेट हाइक फीयर फैक्टर बाजार पर हावी है। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में आज भी बिकवाली है । ADVANCE/DECLINE भी कमजोर है। INDIA VIX में आज बहुत दिनों बाद तेजी देखने को मिली है। कच्चा तेल अभी भी $97 के ऊपर ही है। तेजी वाले सेक्टर्स ढूंढना बड़ा मुश्किल है। EMS और कैपिटल मार्केट जैसे कुछ ही सेक्टर्स में तेजी है। बड़ा सवाल यह है कि क्या हम 23,750 के नीचे बंद होंगे?

बाजार: अब क्या?

बाजार पर हमारा निगेटिव नजरिया रहा है और अब 23,750 का सबसे अहम स्तर है। अगर इसके नीचे बंद हुए तो ट्रेंड बड़ा निगेटिव होगा। बाजार में पैसा रैलियां फेल होने पर बेच कर बन रहा है। दिक्कत ये है कि बाजार के पास चलने का ट्रिगर नहीं है और US में दरें बढ़ने का डर अब सही में है। बाजार की दूसरी बड़ी दिक्कत है रिकॉर्ड संख्या में IPOs हैं। IPOs में पैसा बन रहा है और वो लिक्विडिटी खींच रहे हैं। इस हफ्ते 7000 करोड़ के IPOs खुल रहे हैं। दिक्कत ये कि वो 7 लाख करोड़ रुपए की लिक्विडिटी खींच लेंगे।

निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीति

अनुज सिंघल ने कहा कि निफ्टी के लिए 23,750 पर सपोर्ट है। इसके नीचे 23,500-23,600 तक सपोर्ट नहीं है। इसके लिए रेजिस्टेंस 23,850-23,900 पर है। बैंक निफ्टी के लिए 56,800-57,000 पर सपोर्ट और 57,300-57,500 पर रेजिस्टेंस है।

कल के लिए रणनीति

निफ्टी में अब पूरी तरह मंदड़ियों के कंट्रोल में हैं। वही रैलियों के फेल होने पर शॉर्ट करने की रणनीति अपनाएं। अगर 23,750 के नीचे बंद हों तो शॉर्ट्स को और जोड़ भी सकते हैं।

 

PVR Inox Share Price: PVR के शेयर में बायबैक की रिकॉर्ड डेट के बाद तेज गिरावट, जानिए स्टॉक पर ब्रोकरेज की राय

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

IT Stocks : Nvidia में आई रैली ने IT शेयरों में भरा जोश, निफ्टी के टॉप गेनरों में आईटी शेयरों का दबदबा

IT Stocks : शुक्रवार को इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT) शेयरों में तेजी आई है। TCS, Infosys, HCL Tech और दूसरी कंपनियों के शेयरों में 2-4% की बढ़त देखने को मिल रही है। Nvidia के अच्छे नतीजों और आगे के लिए अच्छे गाइडेंस के बाद इस शेयर में उछाल आया है। इससे ग्लोबल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेक्टर को लेकर उम्मीदें फिर से बढ़ गईं हैं। फिलहाल निफ्टी IT इंडेक्स 2.92 फीसदी बढ़कर 31,103.45 पर पहुंच गया है। आज यह सबसे ज्यादा बढ़त वाले सेक्टोरल इंडेक्सों में शामिल है। इसने ब्रॉडर मार्केट से कहीं बेहतर प्रदर्शन किया है। IT इंडेक्स में शामिल सभी 10 शेयरों में बढ़त देखने को मिल रही है। निफ्टी के सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयरों की लिस्ट में भी IT शेयरों का दबदबा दिख रहा है।

आईटी शेयरों की चाल पर एक नजर

TCS सबसे ज्यादा बढ़त दिख रही है। यह शेयर 3.5 प्रतिशत बढ़कर 2,327 रुपये पर दिख रहा है। इसके बाद Tech Mahindra के शेयरों में 3 प्रतिशत की बढ़त हुई है और यह 1,632 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा है। जबकि HCL Technologies के शेयरों में 2.75 प्रतिशत की बढ़त नजर आ रही है। यह शेयर 1,317 रुपये के आसपास दिख रहा है। Infosys के शेयर 2.63 प्रतिशत बढ़कर 1,140 रुपये पर और Wipro के शेयर 1.89 प्रतिशत बढ़कर 179.74 रुपये पर पहुच गए है। सुबह के कारोबार में Nifty 50 पर ये 5 IT स्टॉक्स आज के टॉप गेनर रहे।

Nvidia की तेजी ने भरा जोश

यह तेजी Nvidia के शेयरों में आई तेजी के बाद आई है। US की इस चिप बनाने वाली कंपनी के शानदार नतीजे और इसके द्वारा मजबूत गाइडेंस जारी करने के बाद कंपनी के शेयरों में लगभग 9 प्रतिशत की तेजी आई। इससे ग्लोबल AI बूम के लंबे समय तक चलने को लेकर निवेशकों का भरोसा और मज़बूत हुआ है। HDFC सिक्योरिटीज में प्राइम रिसर्च के हेड,देवर्ष वकील का कहना है कि Nvidia के नतीजों ने ग्लोबल AI बूम के लंबे समय तक चलने को लेकर निवेशकों को भरोसा बढ़ाया है जिससे टेक्नोलॉजी शेयरों में तेजी आई है।

Market cues : बाजार में कंसोलीडेशन जारी रहने की उम्मीद, मुनाफे के सौदे पकड़ने के लिए इन अहम लेवल्स पर रहे नजर

आईटी पर एक्सपर्ट्स की राय

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने भारतीय IT शेयरों के मजबूत प्रदर्शन का श्रेय ग्लोबल टेक्नोलॉजी रैली और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर नई उम्मीदों को दिया है। उनका कहना IT सेक्टर ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। ग्लोबल टेक्नोलॉजी के सपोर्टिव माहौल और Nvidia के अच्छे नतीजों व आउटलुक के बाद AI थीम को लेकर नई उम्मीदों की वजह से इसमें लगभग 3% की बढ़त आई है। दुनिया भर में आईटी को लेकर बना अच्छा माहौल भारतीय IT शेयरों को सहारा दे रहा है और पूरे सेक्टर में उत्साह देखने को मिल रहा है।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी के विजयकुमार ने कहा कि एनवीडिया (Nvidia) के शानदार नतीजों और गाइडेंस के बाद AI ट्रेड में तेजी जारी है। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड भारतीय बाजार के लिए चुनौतियां बनी रहीं हैं। उन्होंने आगे कहा कि बाजार में लगातार तेजी बनाए रखने के लिए निफ्टी की बड़ी कंपनियों,खासकर IT सेक्टर की दिग्गज कंपनियों की भागीदारी अहम होगी।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।