Market Outlook : बाजार में दिखी जोरदार तेजी, जानिए 12 अक्टूबर को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market Outlook : शुक्रवार को भारतीय शेयर बाज़ार में ज़बरदस्त तेज़ी देखने को मिली है। क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) के बाद सेंसेक्स 879 अंक यानी 1.23%) बढ़कर 72,472 पर और निफ्टी 289 अंक यानी 1.30% बढ़कर 22,520 पर बंद हुआ। बाज़ार का रुख पॉजिटिव रहा। 2,344 शेयरों में बढ़त हुई जबकि 1,686 शेयरों में गिरावट आई। सेक्टर के हिसाब से देखें तो IT सेक्टर में सबसे ज़्यादा 3.02% की तेज़ी रही, जबकि FMCG में 2.25% और PSU बैंकों में 1.62% की बढ़त दर्ज की गई। मिडकैप शेयरों में 1.46% और स्मॉलकैप शेयरों में 0.55% की बढ़त हुई, वहीं इंडिया VIX में 6.09% की गिरावट आई। TCS, ITC और अपोलो हॉस्पिटल्स में से हर एक में 4% से ज़्यादा की बढ़त हुई और ये निफ्टी में सबसे ज़्यादा बढ़त वाले शेयरों में शामिल रहे।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ़ रिसर्च, विनोद नायर का कहना है कि हाल ही में आई भारी गिरावट के बाद, वैल्यू बाइंग और शॉर्ट कवरिंग के दम पर घरेलू इक्विटी मार्केट में राहत भरी रैली देखने को मिली। Q2 अर्निंग्स सीज़न की मज़बूत शुरुआत और AI-आधारित रेवेन्यू के मौकों पर बढ़ते भरोसे के कारण IT शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया। ईरान के ख़िलाफ़ किसी भी संभावित अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के मिड-टर्म चुनावों से पहले होने की संभावना कम होने के संकेतों से भू-राजनीतिक चिंताएं कम हुईं। इससे कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आई और बाज़ार के सेंटीमेंट में सुधार हुआ। हालांकि, लगातार हो रही FII की बिकवाली और ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में तेजी, रिकवरी की उम्मीदों पर दबाव बनाए हुए है। RBI के ‘कैलिब्रेटेड टाइटनिंग’ (सोच-समझकर सख्ती) के रुख के बाद, निवेशक अब ब्याज दरों की चाल के बारे में और संकेतों के लिए सोमवार को आने वाले घरेलू CPI डेटा का इंतज़ार कर रहे हैं। आगे चलकर, Q2 के नतीजे (जिसके सालाना आधार पर अच्छा रहने का अनुमान है) बाज़ार में आई तेज़ी के बने रहने के लिहाज़ से अहम होंगे।

LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि आज शुक्रवार को निफ्टी में अच्छी रिकवरी दिखी और इसमें 1% से ज़्यादा की बढ़त हुई। हालांकि, यह 22,600 के आसपास बने 50EMA के लेवल को पार नहीं कर पाया। अगर इंडेक्स 22,600–22,650 के रेजिस्टेंस ज़ोन के ऊपर जाता है तो शॉर्ट-टर्म ट्रेंड में सुधार हो सकता है और रिकवरी जारी रह सकती है। लेकिन, अगर यह इस ज़ोन को पार नहीं कर पाता है, तो बाज़ार में फिर से कमज़ोरी आ सकती है। निचले स्तर पर इसके लिए 22,450, 22,350 और 22,100 पर सपोर्ट हैं।

360 ONE वेल्थ की प्रेसिडेंट अनु जैन ने एक अहम टेक्निकल गड़बड़ी की ओर इशारा करते हुए कहा कि मार्केट अपने 200 वीक के मूविंग एवरेज (जो एक लॉन्ग-टर्म सपोर्ट लेवल है) से नीचे आ गया है। इससे पता चलता है कि एडजस्टमेंट का दौर अभी और चल सकता है। या तो कीमतें और गिर सकती हैं या फिर लंबे समय तक कंसोलिडेशन का दौर रह सकता है। इससे पता चलता है कि अभी और मुश्किल दौर आ सकता है। टेक्निकल इंडीकेटर बताते हैं कि बाजार में अभी और गिरावट की गुंजाइश है।

बजाज ऑल्ट्स की ग्रुप प्रेसिडेंट (इन्वेस्टमेंट्स) और मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO लक्ष्मी अय्यर ने हाल में आई गिरावट को मार्केट में बनी अस्वाभाविक तेजी ज़रूरी सफ़ाई बताते हुए कहा है कि मोमेंटम इंडिकेटर कमज़ोर हुए हैं और मार्केट के मज़बूत स्थिति में आने से पहले निवेशकों को और उतार-चढ़ाव के लिए तैयार रहना चाहिए। अय्यर ने मौजूदा दौर की तुलना समुद्र मंथन से करते हुए कहा क पहले ज़हर मिलेगा, लेकिन आपको अमृत का इंतज़ार करना होगा। यानी असल वैल्यू सामने आने से पहले उथल-पुथल का दौर देखने को मिलेगा।

अभी हर जगह वैल्यूएशन की स्थिति सही नहीं है। अय्यर ने कहा कि वैल्यूएशन अब धीरे-धीरे सही स्तर की ओर बढ़ रहे हैं और बाज़ार के कुछ हिस्सों में ये लंबे समय के औसत से नीचे आ गए हैं। लार्ज-कैप की वैल्यूएशन ठीक लग रही है, लेकिन कई सालों की ज़बरदस्त री-रेटिंग के बाद मिड-कैप और स्मॉल-कैप में अभी भी बहुत ज़्यादा राहत की गुंजाइश नहीं दिख रही है।

उन्होंने आगे कहा कि मिड कैप स्टॉक लार्जकैप के मुकाबले 55-60% प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे हैं और स्मॉल-कैप में भी लगभग इतना ही प्रीमियम मिल रहा है। फिर भी, उनका कहना है कि कई मिड साइज़ कंपनियों की अर्निंग में मज़बूती बनी हुई है, इसलिए यह बिना सोचे-समझे खरीदारी करने के बजाय सोच-समझकर निवेश करने वालों का बाज़ार है। यह स्टॉक पिकर्स) का बाज़ार है।

नुवामा एसेट मैनेजमेंट के प्रेसिडेंट और हेड, अंशु कपूर की राय है कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स के लिए भारत अभी भी पसंदीदा मार्केट नहीं है, क्योंकि दूसरे मार्केट में तुलनात्मक रूप से बेहतर मौके मिल रहे हैं। उनका कहना यह नहीं है कि भारत का स्ट्रक्चरल आकर्षण खत्म हो गया है, बल्कि यह है कि मार्केट में उतार-चढ़ाव की वजह से निकट भविष्य में कुछ और मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stock Market Rally: फैब फ्राइडे, सेंसेक्स 879 अंक चढ़ा; निफ्टी 22500 के पार, निवेशकों की दौलत ₹3 लाख करोड़ बढ़ी

2 दिन की गिरावट के बाद शुक्रवार, 9 अक्टूबर को भारतीय शेयर बाजारों में शानदार तेजी लौटी। सेंसेक्स 879.09 अंकों या 1.23 प्रतिशत की बढ़त के साथ 72,472.33 पर बंद हुआ। निफ्टी 288.65 अंकों या 1.3 प्रतिशत के उछाल के साथ 22,520.45 पर बंद हुआ। इस बीच BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 3 लाख करोड़ रुपये बढ़ गया। दिन में सेंसेक्स पिछली क्लोजिंग से 1,075.96 अंक तक चढ़कर 72,669.20 के हाई तक गया। इसी तरह निफ्टी भी पिछली क्लोजिंग से 348.95 अंक तक चढ़कर 22,580.75 के हाई तक गया।

गुरुवार को शेयर मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 462.33 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा रहा था। शुक्रवार को मार्केट बंद होने के बाद यह 465.33 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया। यानि कि 3 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी। IT स्टॉक्स में तेजी, कच्चे तेल की कीमत में गिरावट, रुपये में बढ़त जैसे फैक्टर्स के चलते बाजार में तेजी आई।

निफ्टी पर ऑयल एंड गैस को छोड़कर दूसरे सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए हैं। सबसे ज्यादा 3 प्रतिशत की तेजी IT इंडेक्स में दिखी। निफ्टी पर अपोलो हॉस्पिटल्स एंटरप्राइज, ITC, आयशर मोटर्स, TCS और HCL टेक्नोलॉजीस टॉप गेनर रहे। वहीं BSE, रिलायंस इंडस्ट्रीज, JSW स्टील और सिप्ला टॉप लूजर रहे।

एक दिन पहले क्या रहा था हाल

गुरुवार, 8 अक्टूबर को घरेलू शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन गिरावट रही थी। यह काफी तगड़ी थी। सेंसेक्स 1,045.46 अंक या 1.44 प्रतिशत का गोता लगाकर ढाई साल से अधिक के निचले स्तर 71,593.24 पर बंद हुआ था। कारोबार के दौरान एक समय यह 1,310.95 अंक तक लुढ़क गया था। निफ्टी 371.25 अंक या 1.64 प्रतिशत की गिरावट के साथ 21 महीने के निचले स्तर 22,231.80 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान निफ्टी 423.15 अंक तक लुढ़का था।

कच्चे तेल के दाम में तेजी और घरेलू व वैश्विक स्तर पर मौद्रिक नीति के और सख्त होने की आशंका के चलते ऐसा हुआ। भारतीय रिजर्व बैंक ने अक्टूबर की मॉनेटरी पॉलिसी रिव्यू मीटिंग में रेपो रेट को 0.25 प्रतिशत बढ़ाकर 5.50 प्रतिशत कर दिया है।

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रुपये की चाल

शुक्रवार को भारतीय करेंसी रुपये में तेजी रही। यह अमेरिकी मुद्रा डॉलर के मुकाबले 16 पैसे चढ़कर 96.72 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ। एक दिन पहले रुपया, अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 13 पैसे की गिरावट के साथ 96.88 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। वैश्विक स्तर पर डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों समेत लगातार बने व्यापक आर्थिक दबाव के कारण रुपये में गिरावट आई।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market Outlook : बाजार ने लगातार 4 दिनों की गिरावट का सिलसिला तोड़ा, जानिए 6 अक्टूबर को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market Outlook : 5 अक्टूबर को भारतीय इक्विटी इंडेक्स ने लगातार 4 दिनों की गिरावट का सिलसिला तोड़ा और निफ्टी 22,500 के ऊपर बंद होने में कामयाब रहा। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 472.77 अंक या 0.66 प्रतिशत बढ़कर 72,382.47 पर और निफ्टी 133.80 अंक या 0.60 प्रतिशत बढ़कर 22,555.75 पर बंद हुआ। आज लगभग 1991 शेयरों में बढ़त हुई, 2297 शेयरों में गिरावट आई और 216 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

आज बाजार की शुरुआत अच्छी रही,लेकिन बाद में वित्त मंत्री सीतारमण के इस बयान के बाद कि भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील की बातचीत अटक गई है, बाजार में गिरावट आई। भारत के साथ व्यापार संबंधों में अमेरिका ट्रेड डेफिसिट का सामना कर रहा है, इसलिए वह इस असंतुलन को कम करने और पिछले कई सालों के असंतुलन की भरपाई करने की पूरी कोशिश कर रहा है।

आज RBI की बैठक शुरू होने और फरवरी 2023 के बाद पहली बार ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीद के कारण VIX ऊंचे स्तर पर रहा। VIX आज 1.73% ऊपर बंद हुआ।

बैंक निफ्टी पर सबकी नजर रही क्योंकि HDFC बैंक, यस बैंक, RBL बैंक और AU बैंक समेत लगभग 11 बैंकों ने अपने Q2FY27 के प्रोविज़नल नतीजे जारी किए हैं। यह इंडेक्स 0.48% ऊपर बंद हुआ। इस तेजी में AU बैंक, फेडरल बैंक और PNB का योगदान सबसे ज़्यादा रहा। जबकि HDFC बैंक और कोटक बैंक में गिरावट रही।

Bizom के डेटा से पता चलता है कि भारत के FMCG बाज़ार में Q2FY27 के दौरान वैल्यू में 8.6% की बढ़ोतरी हुई,जो पिछले छह क्वार्टर में सबसे ज्यादा ग्रोथ रेट है (Q1 में यह 6.8% थी)। इसी वजह से आज FMCG इंडेक्स में तेजी रही। यह इंडेक्स 1.8% ऊपर बंद हुआ।

निफ्टी में सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयरों में टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स, आईटीसी, बजाज फाइनेंस, श्रीराम फाइनेंस और एनटीपीसी शामिल रहे, जबकि गिरावट वाले शेयरों में एचसीएल टेक्नोलॉजीज, मैक्स हेल्थकेयर, एचडीएफसी बैंक, एशियन पेंट्स और अपोलो हॉस्पिटल्स शामिल रहे।

फार्मा को छोड़कर अन्य सभी सेक्टर इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। इनमें कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, एफएमसीजी, मीडिया, इंफ्रा, ऑयल एंड गैस, पीएसयू बैंक, टेलीकॉम और रियल्टी में 0.5-2 प्रतिशत की बढ़त देखी गई। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी 0.5 प्रतिशत की बढ़त हुई।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च,विनोद नायर का कहना है कि अमेरिका में उम्मीद से कमजोर जॉब डेटा और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के कारण बाजार में रिकवरी देखी गई। इससे उन निवेशकों को कुछ राहत मिली जो निकट भविष्य में ब्याज दरों में बढ़त के डर से ग्रस्त थे। हालांकि,असल आर्थिक विकास और बाजार के प्रदर्शन के बीच अंतर के कारण निवेशक अब कच्चे तेल की ऊंची कीमतों, बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और करेंसी से जुड़े जोखिमों को भी ध्यान में रख रहे हैं।

अब सबकी नज़रें RBI के पॉलिसी और आने वाले अर्निंग्स सीजन पर टिकी हैं। बाजार को पहले से ही 25-bps की दर बढ़ोतरी की उम्मीद है। बाजार एक अहम मोड़ पर है। रिवर्सल की संभावना है। हालांकि,मौजूदा जोखिम से बचने का सेंटीमेंट निवेशकों को तब तक मुनाफा वसूलने के लिए प्रेरित कर सकता है जब तक कि कोई नया ट्रिगर सामने न आए।

SBI सिक्योरिटीज में वाइस प्रेसिडेंट टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च सुदीप शाह का कहना है कि सोमवार को निफ्टी मामूली गैप-अप के साथ खुला और लगभग 223 पॉइंट्स के दायरे में उतार-चढ़ाव के साथ ट्रेड किया। इससे पता चलता है कि पिछले सेशन में आई भारी गिरावट के बाद भी वोलैटिलिटी बनी हुई है। इंडेक्स हाल के दायरे के निचले स्तर के पास ही ट्रेड करता रहा। डेली चार्ट पर निफ्टी ने ऊपर और नीचे की विक्स (wicks) वाली एक छोटी बॉडी वाली कैंडल बनाई। यह बाजार में अनिश्चितता और जारी मंदी के दौर में ठहराव को दिखाती है। इंडेक्स 0.60% ऊपर बंद हुआ जो शुरुआती खरीदारी में भागीदारी का संकेत है। हालांकि,बाजार की दिशा में किसी बड़े बदलाव के लिए लगातार खरीदारी के साथ जोरदार रिकवरी की जरूरत है।

टेक्निकल नज़रिए से देखें तो निफ्टी अभी भी अपने 20-दिन और 50-दिन के EMA के नीचे ट्रेड कर रहा है। RSI 30 से नीचे बना हुआ है, जबकि MACD ज़ीरो लाइन के नीचे लगातार नीचे की ओर झुका हुआ है जो बताता है कि पुलबैक में कोई खास तेजी नहीं है। ADX लगातार बढ़ रहा है,जिससे संकेत मिलता है कि मंदी का ट्रेंड अभी भी मजबूत बना हुआ है।

आगे 22400–22380 का जोन सबसे नजदीकी सपोर्ट का काम कर सकता है। अगर यह जोन निर्णायक रूप से टूटता है,तो 22220 की तरफ बिकवाली का दबाव फिर से बढ़ सकता है। यह स्तर 1 अक्टूबर के निचले स्तर के आसपास है। ऊपर की तरफ़,22700–22720 तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। अगर इस जोन के ऊपर लगातार बढ़त बनी रहती है तो 22850 की तरफ एक रिलीफ रैली आ सकती है। हालांकि,जब तक लगातार खरीदारी का जोर नहीं दिखता तब तक बाजार का ओवरऑल स्ट्रक्चर कमजोर ही रहेगा।

बैंक निफ्टी व्यू

सुदीप शाह का कहना है कि बैंक निफ्टी 0.48% ऊपर बंद हुआ और पिछले चार ट्रेडिंग सेशन में इसने लगभग 975 अंकों की रिकवरी की है,जो निचले स्तरों पर खरीदारी आने का संकेत है। हालांकि,जब तक लगातार खरीदारी नहीं होती, तब तक बड़ा ट्रेंड सतर्क रहने का है। इंडेक्स ने डेली चार्ट पर लगातार दो न्यूट्रल कैंडल बनाई हैं। लेटेस्ट कैंडल की बॉडी छोटी है और उसमें ऊपर और नीचे विक्स (wicks) हैं,जो अनिश्चितता और जारी बिकवाली के ट्रेंड में ठहराव का संकेत हैं। आगे चलकर,54200–54100 का जोन सपोर्ट का काम कर सकता है। अगर यह जोन टूटता है तो 53600 की ओर फिर से बिकवाली शुरू हो सकती है। ऊपर की तरफ, 55200–55300 एक तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है अगर इस जोन के ऊपर लगातार मूवमेंट बना रहता है तो पुलबैक 55800 तक बढ़ सकता है।

 

 

Nykaa Share Price : शानदार अपडेट के बाद 5% भागा शेयर, ब्रोकरेज से जानिए आगे कैसी रह सकती है इसकी चाल

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

म्यूचुअल फंड्स की इन स्कीमों ने इस साल दिए 29% तक रिटर्न, जानिए लिस्ट में कौन-कौन स्कीम हैं शामिल

शेयर बाजारों में गिरावट का असर म्यूचुअल फंड्स के रिटर्न पर भी पड़ा है। इस साल ज्यादातर इक्विटी फंडों का प्रदर्शन खराब रहा है। इससे इनवेस्टर्स मायूस हैं। लेकिन, इस गिरावट के बीच भी कुछ फंडों ने निवेशकों को अच्छे रिटर्न दिए हैं। इनमें फार्मा फंड्स शामिल हैं। ऐसे फंड थिमैटिक फंड्स की कैटेगरी में आते हैं। इसका मतलब है कि ये फंड फार्मा कंपनियों के शेयरों में निवेश करते हैं।

फार्मा कैटेगरी के फंड्स का औसत रिटर्न 14 फीसदी

फार्मा फंड्स के तहत ऐसी स्कीमें आती हैं, जो कम से कम 80 फीसदी पैसा फार्मा, बायोटेक्नोलॉजी, हॉस्पिटल, डायग्नॉस्टिक्स और मेडिकल डिवाइसेज कंपनियों में लगाती हैं। इस कैटेगरी के फंडों का औसत रिटर्न इस साल सितंबर तक करीब 13.98 फीसदी रहा है। इसकी वजह फार्मा शेयरों का अच्छा प्रदर्शन है। इससे निफ्टी फार्मा इंडेक्स में इस साल अब तक करीब 16 फीसदी तेजी दिखी है।

कोटक हेल्थकेयर फंड ने दिया 29 फीसदी रिटर्न

फार्मा फंडों में सबसे ज्यादा रिटर्न कोटक हेल्थकेयर फंड ने दिया है। इसका रिटर्न इस साल 29 फीसदी रहा है। इस फंड ने सन फार्मा, डिवीज लैब, टोरेंट फार्मा, मैक्स हेल्थकेयर जैसी दिग्गज फार्मा कंपनियों और हॉस्पिटल चेंस में निवेश किया है। फार्मा सेक्टर को डिफेंसिव सेक्टर माना जाता है। इस साल फार्मा सेक्टर का प्रदर्शन दूसरे सेक्टर के मुकाबले बेहतर रहा है।

एचडीएफसी के फंड ने दिया 23 फीसदी रिटर्न

अच्छा रिटर्न देने के मामले में दूसरे नंबर पर एचडीएफसी फार्मा एंड हेल्थकेयर फंड है। इस फंड का रिटर्न इस साल 22.93 फीसदी रहा है। इस फंड ने भी डिवीज लैब, सन फार्मा, टोरेंट फार्मा, मैक्स हेल्थकेयर इंस्टीट्यूट के शेयरों में निवेश किया है। इसने सबसे ज्यादा 9.54 फीसदी का निवेश डिवीज लैब में किया है। इसने 34 फीसदी निवेश मिडकैप, 37 फीसदी स्मॉलकैप और 28 फीसदी लार्जकैप स्टॉक्स में निवेश किया है।

इस फंड ने भी निवेशकों को किया मालामाल

WhiteOak Capital Pharma and Healthcare Fund इस लिस्ट में तीसरे पायदान पर है। इस साल इसका रिटर्न 22.37 फीसदी रहा है। इस फंड ने भी सबसे ज्यादा निवेश डिवीज लैब में किया है। उसके बाद सन फार्मा, टोरेंट फार्मा, अपोलो हॉस्पिटल्स और लॉरस लैब्स में किया है। इसने सबसे ज्यादा 43 फीसदी निवेश स्मॉलकैप शेयरों में किया है।

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इस फार्मा फंड ने दिया है 21 फीसदी रिटर्न 

चौथे नंबर पर क्वांट हेल्थकेयर फंड है। इसने इस साल 21 फीसदी से ज्यादा रिटर्न है। इसने ग्लैक्सोस्मिथक्लाइन फार्मा, ग्लोनमार्क फार्मा, डिवीज लैब और जायडस लाइफसाइसेंज के शेयरों में सबसे ज्यादा निवेश किया है। इसका 55 फीसदी निवेश स्मॉलकैप स्टॉक्स में है, जबकि 44 फीसदी निवेश मिडकैप में है। इस फंड में कमजोर बाजार में भी शानदार रिटर्न दिया है।

Stocks to Buy: इन 6 हॉस्पिटल शेयरों पर बुलिश हुआ जेफरीज, मिल सकता है 46% तक का रिटर्न, क्या आप करेंगे निवेश

Stocks to Buy:  रेगुलेटरी रिस्क की आशंका से गुरुवार को हॉस्पिटल शेयरों पर भारी बिकवाली का दबाव देखने को मिला। Apollo Hospitals, Global Health और Fortis Healthcare के शेयरों में बिकवाली देखने को मिली। वहीं दूसरी और मिडिल ईस्ट में फिर से बढ़े तनाव के बीच ब्रेंट क्रूड की ऊंची कीमतें, ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी, विदेशी फंड की लगातार निकासी और रुपये की कमज़ोरी ने बाजार में लगातार आठवें हफ्ते गिरावट देखने को मिली। बाजार में गिरावट के बीच ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने 6 हॉस्पिटल शेयरों पर बुलिश नजर अपनाया है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि आगे इन शेयरों में 27% से 46% का उछाल देखने को मिल सकता है।

आइए डालते है उन सभी स्टॉक पर है एक नजर, जिन्हें जेफरीज ने अपने रडार पर रखा है।

Apollo Hospitals

जेफरीज ने अपोलो हॉस्पिटल्स के लिए Buy रेटिंग दी है और इसका टारगेट प्राइस ₹10,350 तय किया है। जेफरीज का मानना है कि आगे स्टॉक 27% की बढ़त दिखा सकता है। जेफरीज ने स्टॉक के लिए FY26E-29E EBITDA CAGR 20% रहने का अनुमान है।

Dr Agarwal’s Healthcare

वहीं जेफरीज ने डॉ. अग्रवाल हेल्थकेयर के लिए ‘Buy’ रेटिंग दी है और इसका टारगेट प्राइस ₹600 तय किया है। जेफरीज का मानना है कि आगे स्टॉक 25% की बढ़त दिखा सकता है। ब्रोकरेज फर्म ने इसके साथ ही, इसके FY26E-29E EBITDA CAGR 23% रहने का अनुमान है।

Fortis Healthcare

खरीदारी की रेटिंग के साथ जेफरीज ने इस शेयर में बुलिश राय दी है और इसके लिए टारगेट प्राइस 1125 रुपये तय किया है। जेफरीज को उम्मीद है कि शेयर आगे 46 फीसदी का उछाल दिखा सकता है। जेफरीज ने इसके लिए इसका FY26E-29E EBITDA CAGR 17% रहने का अनुमान है।

Max Healthcare

जेफरीज ने मैक्स हेल्थकेयर के लिए ‘Buy’ रेटिंग दी है और इसका टारगेट प्राइस ₹1,260 तय किया है। जेफरीज का मानना है कि आगे स्टॉक 36% की बढ़त दिखा सकता है। ब्रोकरेज फर्म ने इसके साथ ही, इसके FY26E-29E EBITDA CAGR 18% रहने का अनुमान है।

Manipal Health Enterprises

जेफरीज ने मणिपाल हेल्थ एंटरप्राइजेज के लिए ‘Buy’ रेटिंग दी है और इसका टारगेट प्राइस ₹870 तय किया है। जेफरीज का मानना है कि आगे स्टॉक 23% की बढ़त दिखा सकता है। ब्रोकरेज फर्म ने इसके साथ ही, इसके FY26E-29E EBITDA CAGR 18% रहने का अनुमान है।

Medanta

जेफरीज ने मेदांता के लिए ‘Buy’ रेटिंग दी है और इसका टारगेट प्राइस ₹1,660 तय किया है। जेफरीज का मानना है कि आगे स्टॉक 22% की बढ़त दिखा सकता है। ब्रोकरेज फर्म ने इसके साथ ही, इसके EBITDA CAGR के 22% रहने का अनुमान है।

इस हफ्ते बाजार में लगातार 8वें हफ्ते गिरावट रही जारी, रुपया 50 पैसे टूटा, अब इंडेक्स पर क्या हो रणनीति

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

Trading Ideas : NSE IPO के पूरा होने के बाद सेंकेंडरी मार्केट पर फिर बढ़ेगा फोकस, आज इन दो शेयरों में बन सकता है अच्छा पैसा

Trading Ideas : भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स ने शुरुआती बढ़त का कुछ हिस्सा गंवा दिया है। लेकिन निफ्टी 23450 पर अब भी बढ़त के साथ ट्रेड कर रहा है। सुबह 09:30 बजे के आसपास सेंसेक्स 90.69 अंक या 0.12 प्रतिशत बढ़कर 74,949.68 पर और निफ्टी 36.65 अंक या 0.16 प्रतिशत बढ़कर 23,450.95 पर था। निफ्टी पर बढ़त बनाने वाले प्रमुख शेयरों में कोल इंडिया, इंटरग्लोब एविएशन, ट्रेंट, एशियन पेंट्स और अपोलो हॉस्पिटल्स शामिल हैं। जबकि गिरावट वाले शेयरों में टेक महिंद्रा, HCL टेक, सिप्ला, TCS और मैक्स हेल्थकेयर शामिल हैं। सेक्टरों की बात करें तो IT को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर इंडेक्स बढ़त के साथ ट्रेड कर रहे है। रियल्टी इंडेक्स में 1% की बढ़त दिख रही है।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के वी के विजयकुमार का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिका के 10-साल के बॉन्ड यील्ड में थोड़ी कमी आने से यूएस इक्विटी मार्केट में रिस्क-ऑन सेंटीमेंट (जोखिम लेने का उत्साह) बढ़ा है। इस सकारात्मक बदलाव का असर दूसरे इक्विटी मार्केट पर भी दिखेगा। भारत में, NSE IPO के पूरा होने और रिफंड मिलने शुरू होने के साथ सेकेंडरी मार्केट पर फिर से फोकस होगा,जिससे मार्केट में लिक्विडिटी बढ़ेगी।

अब सही कीमत वाले लार्ज-कैप शेयरों की ओर फोकस बढ़ाने का समय आ गया है। HDFC बैंक के शेयर में मजबूती के साथ इसके शुरुआती संकेत भी मिल रहे हैं। लेकिन इसे एक ट्रेंड बनने में समय लगेगा। बेहतर ग्रोथ की संभावना और मोमेंटम SMID (स्मॉल और मिड-कैप) शेयरों के पक्ष में हैं।

कीमती धातुओं की कीमतें स्थिर होने और फिक्स्ड इनकम से मिलने वाला रिटर्न आकर्षक होने के कारण,निवेशक अब मल्टी-एसेट स्ट्रैटेजी चुन सकते हैं। यह अभी एक अच्छा विकल्प होगा क्योंकि इससे ग्रोथ की संभावनाओं और उतार-चढ़ाव से सुरक्षा के बीच संतुलन बना रहेगा,जिससे ठीक-ठाक लेकिन स्थिर रिटर्न मिलेगा।

चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट हितेश टेलर की राय है कि ग्लोबल रिस्क सेंटीमेंट में सुधार हुआ है। अमेरिकी शेयरों में अच्छी बढ़त देखी गई है और एशियाई बाजार भी ज़्यादातर पॉज़िटिव हैं। साथ ही,कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से तेल आयात करने वाली अर्थव्यवस्थाओं पर कुछ दबाव कम हुआ है। यह बाजार के लिए अच्छा संकेत है।

निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीति

सीएनबीसी-आवाज के वीरेंद्र कुमार का कहना है कि निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 23478-23517 पर और बड़ा रजिस्टेंस 23569-23607-23649 पर है। इसके लिए पहला बेस 23300-23361 पर और बड़ा बेस 23210-23256 पर है। वहीं, बैंक निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 56621-56770 पर और बड़ा रजिस्टेंस 56927-57044-57291 पर है। इसके लिए पहला बेस 56044-56209 पर और बड़ा बेस 55600-55810 पर है।

चकाचक चार्ट वाले शेयर

चकाचक चार्ट वाले शेयर बताने के लिए हमारे साथ जुड़े हैं Mantri FinMart के अरुण कुमार मंत्री। इनकी आज LAURASLAB में 2013 रुपए के आसपास, 1992 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ, 2055 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। INDIGO में भी इनकी 4940 रुपए के आसपास, 4898 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ, 5021 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है।

 

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Experts Views : बाजार के सेंटीमेंट में कमजोरी कायम, 23680 को नीचे जाने पर निफ्टी में बढ़ सकती है गिरावट

Experts Views : IT,मेटल,रियल्टी और बैंकिंग शेयरों में बिकवाली के कारण पूरे सेशन के दौरान बाजार गिरावट के साथ कारोबार करते रहे। एशियाई बाजारों से मिले-जुले संकेतों के बावजूद,US-ईरान के बीच तनाव बढ़ने की आशंकाओं के चलते घरेलू निवेशकों ने इक्विटी में अपना निवेश कम कर दिया। US बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी ने एक बार फिर घरेलू इक्विटी से विदेशी फंड की निकासी को बढ़ावा दिया है,जिससे बाजार का सेंटीमेंट खराब हुआ है। इसके चलते 7 सितंबर को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए और निफ्टी 23,800 के नीचे रहा। कारोबार के अंत में,सेंसेक्स 382.62 अंक या 0.50 प्रतिशत गिरकर 76,132.81 पर और निफ्टी 118.55 अंक या 0.50 प्रतिशत गिरकर 23,779.15 पर बंद हुआ।

SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह ने बाजार पर अपनी राय साझा करते हुए कहा कि सोमवार को निफ्टी इंडेक्स में गिरावट का सिलसिला जारी रहा और यह 0.50% की गिरावट के साथ 23779 के स्तर के पास बंद हुआ। डेली चार्ट पर इंडेक्स ने ‘बेयरिश कैंडल’ बनाई, जो बाजार के सेंटीमेंट में लगातार बनी कमजोरी को दर्शाता है।

तकनीकी नजरिए से देखें तो इंडेक्स अपने अहम मूविंग एवरेज से काफी नीचे बना हुआ है और ये सभी नीचे की ओर जा रहे हैं,जो शॉर्ट से मीडियम टर्म में नेगेटिव ट्रेंड का संकेत है। मोमेंटम इंडिकेटर भी कमजोर बने हुए हैं। डेली RSI और गिरकर 34.72 पर आ गया है और नीचे की ओर ही जा रहा है,जो बढ़ते हुए बेयरिश मोमेंटम को दिखाता है। वहीं, डेली MACD बेयरिश ज़ोन में बना हुआ है और अपनी सिग्नल लाइन और ज़ीरो लाइन,दोनों के नीचे ट्रेड कर रहा है। खास बात यह है कि MACD हिस्टोग्राम पिछले 17 ट्रेडिंग सेशन से ज़ीरो लाइन के नीचे बना हुआ है,जो मौजूदा नेगेटिव ट्रेंड को और मज़बूत करता है।

निफ़्टी में शामिल कंपनियों में अपोलो हॉस्पिटल्स और आयशर मोटर्स सबसे ज़्यादा बढ़त बनाने वाली कंपनियां रहीं। जबकि इंफ़ोसिस और SBI लाइफ़ इंश्योरेंस में सबसे ज़्यादा गिरावट नजर आई। सेक्टर के हिसाब से देखें तो निफ़्टी फार्मा और निफ़्टी हेल्थकेयर ने अच्छा प्रदर्शन किया और बढ़त के साथ बंद हुए,वहीं निफ़्टी मीडिया और निफ़्टी IT का प्रदर्शन सबसे खराब रहा।

ब्रॉडर मार्केट का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। निफ्टी मिडकैप 100 में 0.46% की गिरावट आई,जबकि निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स ने बेहतर मजबूती दिखाई और बेंचमार्क इंडेक्स के मुकाबले लगभग बिना किसी बदलाव के बंद हुआ। मार्केट ब्रेथ कमजोर रही, जिसमें एडवांस-डिक्लाइन रेश्यो गिरने वाले शेयरों के पक्ष में रहा। निफ्टी 500 यूनिवर्स में 318 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए,जो पूरे मार्केट में व्यापक बिकवाली के दबाव को दिखाता है।

निफ्टी व्यू

सुदीप शाह ने कहा कि आगे 23720-23680 का ज़ोन निफ्टी के लिए एक अहम सपोर्ट एरिया का काम कर सकता है,क्योंकि 23070 से 24774 तक की पिछली बढ़त का 61.8% फिबोनाची रिट्रेसमेंट इसी इलाके में है। अगर निफ्टी निर्णायक रूप से 23680 के नीचे टूटता है तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और इंडेक्स 23550 के अगले अहम सपोर्ट लेवल की ओर जा सकता है। ऊपर की तरफ, 23870-23900 का जोन इंडेक्स के लिए तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है।

बैंक निफ्टी व्यू

सुदीप शाह ने कहा कि सोमवार को बैंक निफ्टी गिरावट के साथ बंद हुआ और इसने एक’बेयरिश कैंडल’बनाई। हालांकि,पिछले 24 ट्रेडिंग सेशन में बैंक निफ्टी एक दायरे में ही घूमता रहा है और लगभग 1254 अंकों के दायरे में उतार-चढ़ाव दिखाता रहा है,जिससे पता चलता है कि इसमें कोई साफ दिशा वाला ट्रेंड नहीं है। मौजूदा टेक्निकल सेटअप अभी भी कंसोलिडेशन के दौर का संकेत दे रहा है और मुख्य मोमेंटम इंडिकेटर व ऑसिलेटर बाजार के’साइडवेज’ रहने की ओर इशारा कर रहे हैं। आगे 57500-57600 का जोन इंडेक्स के लिए तत्काल रेजिस्टेंस एरिया का काम कर सकता है। नीचे की तरफ, 56800-56700 का जोन एक अहम सपोर्ट बना हुआ है।

रेलिगेयर ब्रोकिंग में SVP- रिसर्च,अजीत मिश्रा ने कहा कि सोमवार को बाजार में भारी बिकवाली का दबाव बना रहा। जियोपॉलिटिकल चिंताओं और US में ब्याज दरें बढ़ने की आशंका के बीच बाजार में गिरावट का दौर जारी रहा। निफ्टी निचले स्तर पर खुला और पूरे सेशन के दौरान नेगेटिव दायरे में कारोबार करता रहा। अंत में 0.50% की गिरावट के साथ 23,779 के स्तर पर बंद हुआ। सेंसेक्स 0.50% गिरकर 76,132.81 पर बंद हुआ।

सेक्टर के हिसाब से देखें तो ज्यादातर सेक्टरों में गिरावट रही। इस गिरावट की मुख्य वजह कमजोर ग्लोबल संकेत रहो। उम्मीद से बेहतर जॉब डेटा के बाद US में ब्याज दरें बढ़ने की आशंका ने IT शेयरों और बाजार के सेंटीमेंट पर दबाव डाला। इसके अलावा,US-ईरान के बीच जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें $97 के स्तर के आसपास बनी रहीं,जिससे सेंटीमेंट और खराब हुआ।

टेक्निकल तौर पर,निफ्टी 23,800 के इमीडिएट सपोर्ट लेवल से नीचे आ गया है। आज क्लोजिंग से संकेत मिलता है कि जुलाई के स्विंग लो (23,600 के स्तर) का दोबारा टेस्ट हो सकता है,जबकि किसी भी उछाल के दौरान 23,900–24,050 का दायरा एक मज़बूत रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। मौजूदा हालात को देखते हुए,सलाह है कि निफ्टी में उछाल पर बिकवाली की रणनीति अपनाएं। साथ ही,स्टॉक-स्पेसिफिक मामलों में सावधानी बरतें और बाजार के स्थिर होने तक रिस्क मैनेजमेंट पर सख्ती से फोकस करे।

 

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।