इस फंड हाउस ने 20% पैसा कैश में रखा है, मार्केट 5-7% गिरने पर इन शेयरों में लगाएगा

पीजीआईएम इंडिया एसेट मैनेजमेंट के सीआईओ अनिरुद्ध नाहा ने 15-20 फीसदी कैश में रखा है। उनका मानना है कि अभी देश और विदेश से आने वाली खबरों का असर मार्केट पर दिख रहा है। उन्हें मार्केट में तेज गिरावट का इंतजार है। ऐसा होने पर वह इस पैसे को इनवेस्ट करेंगे।

मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में मौकों पर नजर

नाहा ने कहा कि निफ्टी में 5-7 फीसदी करेक्शन आने पर उनका फंड हाउस निवेश के मौकों को देखना शुरू करेगा। हालांकि, फंड हाउस की पसंद लार्जकैप शेयर नहीं होंगे। अगर अर्निंग्स ग्रोथ के हिसाब से वैल्यूएशन अट्रैक्टिव दिखती है तो फंड हाउस मिडकैप और स्मॉलकैप स्टॉक्स में भी निवेश करेगा।

बीते दो सालों में फंड हाउस ने कभी इतना कैश नहीं रखा

उन्होंने कहा कि कम से कम बीते दो सालों में फंड हाउस ने कभी इतना कैश अपने पास नहीं रखा था। उन्होंने बताया कि उनका फंड हाउस बॉटम-अप एप्रोच का इस्तेमाल करता है। यह इसके लिए PEG रेशियो का इस्तेमाल करता है। प्राइस-टू-अर्निंग्स को अर्निग्स ग्रोथ से डिवाइड करने पर PEG Ratio मिलता है।

कैपिटल गुड्स कंपनियों के शेयर पीक से 30-35% नीचे

नाहा ने कैपिटल गुड्स को ऐसा सेक्टर बताया जो, फंड हाउस की स्ट्रेटेजी में फिट बैठता है। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि बाजार में बड़ी गिरावट के बाद कई कैपिटल गुड्स कंपनियों के शेयर अपने ऑल-टाइम हाई से 30-35 फीसदी तक नीचे हैं। इस सेगमेंट में उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (EMS) और बेयरिंग्स कंपनियों पर जोर दिया।

लंबी अवधि के निवेश के लिए हेल्थ केयर सेक्टर भी अट्रैक्टिव 

हेल्थकेयर दूसरा सेगमेंट है, जिस पर नाहा की नजर है। उन्होंने कहा कि इस सेक्टर के शेयरों में अगर और गिरावट आती है तो वे और अट्रैक्टिव हो जाएंगे। उनका मानना है कि लंबी अवधि के निवेश के लिए हेल्थकेयर कंपनियों के शेयरों में मौके दिख रहे हैं। इस सेक्टर की एक खास बात यह है कि इस पर मंदी का असर नहीं दिखता है।

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एसेट मैनेजमेंट कंपनियों का प्रदर्शन भी अच्छा रहेगा

नाहा की लिस्ट में एसेट मैनेजमेंट कंपनियां तीसरे पायदान पर हैं। उन्होंने कहा कि इस सेगमेंट में वैल्यूएशन काफी घटी है, जबकि अर्निंग्स में इम्प्रूवमेंट दिखा है। भारत में परिवारों की सेविंग्स अब फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स में जा रही है। इस वजह सेअगले पांच से सात सालों में इस सेक्टर का प्रदर्शन बेहतर रह सकता है। उन्होंने इंश्योरेंस सेक्टर के बारे में कहा कि लंबी अवधि के लिहाज से फंड हाउस की नजरें इस सेक्टर पर है।

बाजार में गिरावट से एसेट एलोकशन नहीं करने वाले इनवेस्टर्स को तगड़ी चोट, जानिए पूरा मामला

शेयर बाजारों में गिरावट थमने का नाम नहीं ले रही। 29 सितंबर को भी बाजार के प्रमुख सूचकांक गिरकर बंद हुए। इससे लंबी अवधि के लिए शेयरों में निवेश करने वाले लोग चिंतित हैं। खासकर ऐसे लोग ज्यादा चिंतित हैं, जिन्हें अभी पैसे की जरूरत है। अगर अभी वे शेयर या म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीम से पैसे निकालते हैं तो उन्हें बड़ा नुकसान उठाना होगा।

पूरा पैसा शेयरों में निवेश करना ठीक नहीं

एक्सपर्ट्स का कहना है कि बाजार की गिरावट ने उन लोगों को बड़ी चोट पहुंचाई है, जो अपना ज्यादातर पैसा शेयरों या म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीम में निवेश कर रहे थे। अब उन्हें एसेट एसेट ऐलोकेशन का मतलब समझ में आ रहा है। इनवेस्टमेंट एडवाइजर्स हमेशा निवेशकों को एसेट ऐलोकशन का खास ख्याल रखने की सलाह देते हैं। यह बाजार में ज्यादा गिरावट की स्थिति में इनवेस्टर के पोर्टफोलियो को सुरक्षा देता है।

पोर्टफोलियो में डेट और गोल्ड भी होने चाहिए

प्रूडेंट इनवेस्टमेंट मैनेजर्स के सीईओ प्रशांत सेठ ने कहा, “इनवेस्टर्स को करीब 65-75 फीसदी पैसा शेयरों में रखना चाहिए। 15-25 फीसदी पैसा डेट में रखा जा सकता है। 5-10 फीसदी गोल्ड में रखा जा सकता है।” उन्होंने कहा कि हालांकि यह इनवेस्टर के रिस्क लेने की कपैसिटी और इनवेस्टमेंट के गोल पर निर्भर करता है। इसका मतलब है कि अगर किसी को एक लाख रुपये का निवेश करना है तो वह 65-75 हजार शेयरों में लगा सकता है। 15-25 फीसदी डेट में लगा सकता है। बाकी गोल्ड में।

शेयरों में ज्यादा निवेश करने में खराबी नहीं 

शेयर बाजार की स्थिति बीते दो साल से डांवाडोल बनी हुई है। इस दौरान बाजार ने निवेशकों को निराश किया है। लेकिन, यह सिर्फ दो साल की बात है। लंबी अवधि में मार्केट का रिटर्न दूसरे एसेट क्लास से ज्यादा रहता है। इसलिए पोर्टफोलियो का बड़ा हिस्सा शेयरों में निवेश करने में कोई खराबी नहीं है। लेकिन, शेयरों में 100 फीसदी निवेश ठीक नहीं है। इसका मतलब है कि आपको अपना पूरा पैसा सिर्फ शेयरों या म्चूअल फंड की इक्विटी स्कीम में नहीं लगाना चाहिए।

लार्जकैप शेयरों में ज्यादा निवेश सुरक्षित

सेठ ने कहा कि इनवेस्टर 60-70 फीसदी लार्जकैप शेयरों में निवेश कर सकता है। बाकी मिडकैप और स्मॉलकैप में निवेश किया जाल सकता है। लार्जकैप शेयरों में ज्यादा निवेश से पोर्टफोलियो को सुरक्षा मिलती है। स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों के मुकाबले लार्जकैप शेयरों पर गिरावट का असर कम पड़ता है। इनवेस्टर रिस्क लेने की अपनी क्षमता के हिसाब से निवेश में संतुलन बना सकता है।

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आगे पैसे की जरूरत पड़ने वाली है तो डेट में करें निवेश

सेठ ने कहा कि अगर किसी इनवेस्टर को अगले अगले कुछ सालों के बाद पैसे की जरूरत पड़ने वाली है तो उसे ज्यादा पैसा मार्केट से जुड़े ऑप्शंस में निवेश नहीं करना चाहिए। वह डेट में अपना निवेश बढ़ा सकता है। इससे पैसे की जरूरत पड़ने पर उसे कम भाव पर अपने शेयर बेचने को मजबूर नहीं होना पड़ेगा। जहां तक गोल्ड की बात है तो यह पोर्टफोलियो के डायवर्सिफिकेशन के लिए जरूरी है। गोल्ड को दुनिया में निवेश का सबसे सुरक्षित विकल्प माना जाता है।

Market View : बाजार में चौतरफा बिकवाली, जानिए सुस्ती के इस माहौल में कहां और कैसे बन सकता है पैसा

Market View : सभी सेक्टरों में आई चौतरफा बिकवाली के कारण भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स शुरुआती कारोबार में कमजोर दिख रहे हैं और निफ्टी 22900 के नीचे आ गया है। सुबह 11 बजे के आसपास सेंसेक्स 1,030 अंक यानी 1.39 प्रतिशत गिरकर 72,865.57 पर और निफ्टी 320 अंक यानी 1.38 प्रतिशत गिरकर 22,820 पर कारोबार कर रहा था। NSE पर सबसे ज्यादा एक्टिव शेयरों में क्लीन मैक्स,एसएस रिटेल,हीरो मोटर्स, HDFC बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज शामिल थे।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटेजिस्ट वी के विजयकुमार कुमार का कहना है कि जुलाई और अगस्त में FPI का पैसा आने के बाद,इस महीने की शुरुआत में ही इसके नेगेटिव होने का ट्रेंड साफ दिखने लगा था। यह ट्रेंड जारी रहा और 25 अगस्त तक एक्सचेंजों के ज़रिए कुल इक्विटी आउटफ्लो (विदेशी पैसे का बाहर जाना) 25,682 करोड़ रुपये तक पहुच गया। साथ ही,प्राइमरी मार्केट के ज़रिए FPI निवेश का ट्रेंड भी जारी है और इस महीने की 25 तारीख तक कुल निवेश 8,551 करोड़ रुपये रहा है।

एक्सचेंज के जरिए बेचने और प्राइमरी मार्केट के ज़रिए निवेश करने के इस ट्रेंड की वजह से इस साल एक्सचेंज के जरिए कुल FPI बिक्री 2,95,971 करोड़ रुपये और इसी दौरान प्राइमरी मार्केट के ज़रिए कुल निवेश 54,398 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

US बॉन्ड यील्ड ज्यादा होने और भारत के IPO मार्केट से बेहतर रिटर्न मिलने की वजह से इस ट्रेंड के जारी रहने की संभावना है। FPI निवेश में एक और अहम ट्रेंड यह है कि भले ही वे लार्ज-कैप शेयरों में बिकवाली कर रहे हैं,लेकिन मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में लगातार खरीदारी कर रहे हैं। FPIs मार्केट के मोमेंटम (तेजी या मंदी के रुख) को भी फॉलो कर रहे हैं।

उन्होंने आगे कहा कि इकोनॉमी और मार्केट में दो ऐसी बातें दिख रही हैं जो एक-दूसरे के विपरीत हैं और इन पर ध्यान देना जरूरी है। इकोनॉमी मजबूत बनी हुई है और कंपनियों की कमाई भी बढ़ रही है,लेकिन मार्केट लगातार नीचे जा रहा है। यह घरेलू सपोर्ट के मुकाबले बाहरी मुश्किलों के हावी होने का मामला है। ब्रेंट क्रूड का $106 पर होना और US 10-ईयर बॉन्ड यील्ड का 5.2% पर होना ऐसी बड़ी मुश्किलें हैं जो मार्केट पर दबाव डाल रही हैं। जुलाई और अगस्त में खरीदार आने के बाद,FPIs सितंबर में फिर से सेलर बन गए हैं। इस स्थिति की वजह से मार्केट पर कुछ समय तक दबाव बना रहेगा।

मार्केट के नजरिए से एक अहम ट्रेंड यह है कि भले ही FPIs लार्जकैप शेयरों में बिकवाली कर रहे हैं,लेकिन वे मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों की ज्यादा कीमत (वैल्यूएशन)के बावजूद उन्हें लगातार खरीद रहे हैं। असल तेजी या मोमेंटम ब्रॉडर मार्केट में ही है। माना जा रहा है कि यह दौर कुछ समय के लिए ही रहेगा।

एक तरफ लार्जकैप और दूसरी तरफ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों की वैल्यूएशन में जो अंतर है,वह ज़्यादा समय तक नहीं रहेगा। आखिरकार वैल्यूएशन का अपने औसत स्तर पर वापस आना तय है। ऐसा तभी होगा जब कच्चे तेल की कीमतें और US बॉन्ड यील्ड में नरमी आएगी।

आज के लिए निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीति

manasjaiswal.com के मानस जायसवाल का कहना है कि निफ्टी में 23250 के ऊपर जाने पर खरीदारी करें, 23175 के स्टॉप-लॉस के साथ 23400 पर टारगेट सेट करें। वहीं, कमजोरी आने की स्थिति में 23000 के नीचे जाने पर 23100 के स्टॉप-लॉस के साथ, 22800 के टारगेट के लिए बिकवाली करें।

बैंक निफ्टी में 56000 के ऊपर जाने पर खरीदारी करें, 55700 के स्टॉप-लॉस के साथ 56600 पर टारगेट सेट करें। वहीं, कमजोरी आने की स्थिति में 55300 के नीचे जाने पर 55550 के स्टॉप-लॉस के साथ, 54750 के टारगेट के लिए बिकवाली करें।

चकाचक चार्ट वाले शेयर

चकाचक चार्ट वाले शेयर बताने के लिए हमारे साथ जुड़े हैं manasjaiswal.com के मानस जायसवाल। इनकी बैंक ऑफ महाराष्ट्रा में 83 रुपए के स्टॉप-लास के साथ, 88 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। वहीं, ब्लू स्टॉर में इनकी 1539 रुपए के स्टॉप-लास के साथ, 1625 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है।

 

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Nifty Trend : निफ्टी पिछले एक महीने में करीब 1000 अंक नीचे गिरा, जानिए आगे कैसी रह सकती है इसकी चाल

Nifty Trend : सीएनबीसी-आवाज के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल का कहना है कि बाजार इस समय मंड़ियों की पकड़ में है। निफ्टी पिछले एक महीने में करीब 1000 अंक नीचे गिरा है। यह 24,775 से धीरे-धीरे गिरकर 23,775 पर आया है। दिक्कत यह कि एक दिन की गिरावट कभी भी 0.57% से ज्यादा नहीं रही है। इस दौरान सिर्फ 6 दिन निफ्टी पॉजिटिव रहा। निफ्टी में अब ट्रेंडलाइन और ट्राइएंगल ब्रेकडाउन कन्फर्म हुआ है। कच्चा तेल अभी भी बाजार का सबसे बड़ा सिरदर्द बना हुआ है। बॉन्ड यील्ड और डॉलर इंडेक्स भी नीचे आने को तैयार नहीं हैं। एक बड़ा फैक्टर है निफ्टी IT का वापस गिरना। पिछले 1 महीने में Nifty IT 6% से ज्यादा गिर चुका है। बैंक निफ्टी फ्लैट रहा है लेकिन बार-बार 200 DMA के नीचे आ रहा है। ग्लोबल बाजार भी 11 तारीख तक शायद वेट एंड वॉच मोड में रहें।

क्रूड की तेजी बरकरार

ब्रेंट $97 के पार निकल गया है। इसमें पिछले हफ्ते से 9% की तेजी आई है। सप्लाई की चिंता से क्रूड में तेजी जारी है। US-ईरान में तनाव बढ़ने से सप्लाई की चिंता बढ़ी है।

ईरान-ओमान के बीच हॉर्मुज मैनेजमेंट डील अंतिम दौर में है। सऊदी अरामको की Jazan फैसिलिटी पर हमले की खबरें हैं। चीन की क्रूड खरीद में रिकवरी से भी कीमतों को सपोर्ट मिल रहा है।

क्रूड पर Goldman Sachs

Goldman Sachs का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट में हमले बढ़े तो कीमतों में और तेजी आएगी। हमले बढ़े तो ब्रेंट $120 तक भी जा सकता है। क्रूड पर बाजार का भरोसा बढ़ा है। हेज फंड्स मई के बाद ब्रेंट पर सबसे ज्यादा बुलिश हैं। WTI में नेट लॉन्ग पोजिशन जून के बाद सबसे ऊंचे हैं। हॉर्मुज सप्लाई रिस्क से क्रूड में तेजी की उम्मीद बढ़ी है।

अमेरिका में पेट्रोल-डीजल महंगा

US में गैसोलीन और डीजल की कीमतें रिकॉर्ड हाई पर हैं।मिडिल ईस्ट सप्लाई रिस्क से फ्यूल मार्केट पर दबाव है।

चीन की गोल्ड खरीदारी जारी

PBoC ने अगस्त में 6.5 लाख औंस सोना खरीदा है। अगस्त में हुई खरीद अक्टूबर 2023 के बाद सबसे ज्यादा रही है। PBoC लगातार 22वें महीने सोना खरीद रहा है।

शेयर बाजार क्यों चिंता में?

शेयर बाजार पर Societe Generale का कहना है कि 10-साल की US यील्ड में तेजी बाजार के लिए ठीक नहीं है। US यील्ड 5.5% पर पहुंची तो बाजार पर दबाव बढ़ेगा। 5.5% यील्ड पर अर्निंग्स ग्रोथ भी वैल्यूएशन को सपोर्ट नहीं है। बढ़ती बॉरोइंग कॉस्ट से इक्विटी वैल्यूएशन पर दबाव बढ़ेगा। फेड या ECB का दरें बढ़ाना बाजार के लिए काफी नहीं है। रेट हाइक महंगाई की चिंता दूर करने के लिए काफी नहीं है।

इक्विटी बाजार पर JPMorgan की राय है कि 10-साल की यील्ड 5% पर बाजार में तेज प्रतिक्रिया संभव है। 5% यील्ड से निवेशकों की इक्विटी को लेकर चिंता बढ़ेगी। 5% का स्तर अहम साइकोलॉजिकल थ्रेशोल्ड माना जा रहा है।

बाजार: कहां तक गिर सकता है निफ्टी?

अनुज सिंघल ने कहा कि निफ्टी में इस साल 2 बड़े बॉटम बने थे। युद्ध के तुरंत बाद 22,331 और मई में 23,123 (क्लोजिंग लेवल) देखने को मिले। क्लोजिंग के हिसाब से हम 24,774 तक चले थे। मई के स्तर से जो रैली हुई उसका हम 60% गिर चुके हैं और अगर 23,750 के नीचे बंद हुए तो 61.8% रिट्रेसमेंट होगी। ऐसे में वापस 23,100-23,200 जाने का रिस्क होगा। युद्ध के बाद वाले लो की रैली का भी हम 41% रिट्रेस हो चुके हैं और उसका 50% retracement लेवल आएगा करीब 23,550 पर। यानी कि कुल मिला कर 23,200-23,500 का रास्ता अब शायद खुल चुका है।

बाजार: आज कहां हो नजर?

अनुज सिंघल की राय है कि आज फिर से निफ्टी IT पर दबाव दिख सकता है। एक बार फिर से कोस्पी ऊपर है और बॉन्ड यील्ड्स भी। आज GE Vernova T&D हीरो हो सकता है। CNBC-आवाज ने आपको पिछले हफ्ते ही आज के लिए तैयार किया था। सिर्फ आवाज़ ने कहा था कि पावर ग्रिड का ऑर्डर GVT&D को मिलेगा। इसके अलावा बाकी पावर इक्विपमेंट शेयर भी चल सकते हैं। लग रहा है कि AI ट्रेड वापस अब दौड़ रही है। डिफेंस शेयर भी रडार पर हैं लेकिन ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली संभव है। आज कुछ मेटल शेयर चल सकते हैं। कॉपर रिकॉर्ड हाई पर है और जिंक 4 साल की ऊंचाई पर है। सोने और चांदी में भी चमक लौटी है। आज हिंद कॉपर और हिंद जिंक जैसे शेयरों पर नजर रखें। आज फार्मा शेयरों पर भी नजर रखें। बाजार में Risk Off है, ऐसे में थोड़ा फार्मा चल सकता है। निफ्टी का PCR गिरकर 0.69 पर आ चुका है। एक उम्मीद रहेगी कि एक्सपायरी की वजह से आज दूसरे हाफ में बड़ी कवरिंग आए। लेकिन ये सिर्फ उम्मीद है, स्क्रीन अभी तक रैली के लिए तैयार नहीं है।

निफ्टी पर रणनीति

अनुज सिंघल का कहना है कि निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 23,700-23,750 पर और बड़ा सपोर्ट 23,550-23,600 पर है। इसके लिए पहला रजिस्टेंस 23,800-23,850 पर और बड़ा रजिस्टेंस 23,900-23,950 पर है। बाजार में ट्रेड वहां करें जहां रिकवरी फेल हो,वहां बेचें। लेकिन आज एक्सपायरी है,एक शॉर्ट कवरिंग भी संभव है।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

इसके लिए 56,800-57,000 एक मेक ऑर ब्रेक लेवल है। इसे बचाया तो एक बार वापस 57,300-57,500 जा सकते हैं। लेकिन 56,800 टूटा तो 56,500 तक गिरने का खतरा होगा।

 

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