Stocks to Watch: 8 अक्टूबर को इन 16 शेयरों पर रहेगी नजर, ओला इलेक्ट्रिक से टाटा पावर तक शामिल

Stocks to Watch: बुधवार 8 अक्टूबर को शेयर बाजार में 16 कंपनियों के शेयरों पर खास नजर रहेगी। इनसे राइट्स इश्यू, QIP, फंड जुटाने और कारोबार से जुड़े अहम अपडेट आए हैं। ऐसे में ओला इलेक्ट्रिक, टाटा पावर, सन फार्मा जैसे स्टॉक्स में बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है।

Ola Electric

इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर कंपनी Ola Electric के बोर्ड ने राइट्स इश्यू के जरिए 1,000 करोड़ रुपये जुटाने को मंजूरी दी है। इश्यू में शेयर का भाव 27 रुपये तय किया गया है। कंपनी 37.03 करोड़ राइट्स इक्विटी शेयर जारी करेगी।

Tata Power

टाटा ग्रुप की कंपनी Tata Power ने नॉर्वे की Ocean Sun के साथ साझेदारी की है। दोनों कंपनियां भारत में मेम्ब्रेन-बेस्ड फ्लोटिंग सोलर टेक्नोलॉजी का टेस्ट करेंगी। महाराष्ट्र के मुलशी जलाशय में करीब 300 kWp का पायलट प्रोजेक्ट लगाया जाएगा।

Sun Pharma

फार्मा कंपनी Sun Pharma के बोर्ड की 12 अक्टूबर को बैठक होगी। इसमें 15,000 करोड़ रुपये तक के NCDs जारी करने के प्रस्ताव पर फैसला होगा। ये NCDs एक या कई चरणों में प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए जारी किए जाएंगे।

Jubilant FoodWorks

क्विक सर्विस रेस्टोरेंट कंपनी Jubilant FoodWorks का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू Q2 में सालाना आधार पर 11.9% बढ़कर 2,609 करोड़ रुपये रहा। स्टैंडअलोन रेवेन्यू 11.6% बढ़कर 1,886 करोड़ रुपये रहा। Domino’s India की लाइक-फॉर-लाइक ग्रोथ 4.1% रही और भारत में 88 नए स्टोर खुले।

HCLTech

आईटी सर्विसेज कंपनी HCLTech ने दक्षिण अफ्रीका में नया हेडक्वार्टर शुरू किया है। यह जोहान्सबर्ग के सैंडटन बिजनेस डिस्ट्रिक्ट में है। नए हेडक्वार्टर में AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भी शुरू किया गया है।

Fino Payments Bank

डिजिटल बैंकिंग कंपनी Fino Payments Bank की रिन्यूअल इनकम Q2 में सालाना आधार पर 20% बढ़कर 28 करोड़ रुपये रही। बैंक के लोन डिस्बर्सल में भी तेज बढ़ोतरी हुई। सितंबर में लोन डिस्बर्सल 223% बढ़कर 278 करोड़ रुपये रहा।

Senco Gold

ज्वेलरी कंपनी Senco Gold का Q2 FY27 में कुल रेवेन्यू 31% बढ़ा। रिटेल रेवेन्यू 29% और SSSG 19% रहा। कंपनी ने कहा कि फेस्टिव डिमांड, ज्वेलरी की मजबूत खपत और हल्की ज्वेलरी की बढ़ती पसंद से ग्रोथ को सपोर्ट मिला।

PC Jeweller

ज्वेलरी कंपनी PC Jeweller का Q2 में कंसोलिडेटेड रेवेन्यू करीब 28% बढ़ा और कंपनी पूरी तरह कर्ज मुक्त हो गई। कंपनी ने तिमाही में बकाया एक्सपोर्ट देनदारों से करीब 142 करोड़ रुपये भी हासिल किए।

Gujarat Pipavav Port

पोर्ट ऑपरेटर Gujarat Pipavav Port के Q2 में लिक्विड कार्गो वॉल्यूम 0.38 MMT से घटकर 0.32 MMT रहा। ड्राई बल्क कार्गो भी 1.05 MMT से घटकर 0.94 MMT हो गया। हालांकि, कंटेनर कार्गो वॉल्यूम 1.64 लाख TEUs से बढ़कर 1.92 लाख TEUs रहा।

Godrej Properties

रियल एस्टेट कंपनी Godrej Properties ने बांद्रा बे में ‘बेसाइड प्रोमेनेड’ के पहले फेज के डेवलपमेंट के लिए BMC और RC ग्रुप के साथ डील की है। यह प्रोजेक्ट मुंबई के बांद्रा बे इलाके से जुड़ा है। कंपनी इस प्रोजेक्ट के डेवलपमेंट में शामिल होगी।

Anant Raj

रियल एस्टेट और डेटा सेंटर कंपनी Anant Raj की सब्सिडियरी ने Orange Business Singapore के साथ हरियाणा सरकार के साथ समझौता किया है। यह डील ग्लोबल क्लाउड और डेटा सेंटर सर्विस के विस्तार से जुड़ी है। इसके तहत हरियाणा में डेटा सेंटर और क्लाउड से जुड़े कारोबार को बढ़ाने पर काम होगा।

HAL

सरकारी एयरोस्पेस और डिफेंस कंपनी HAL के बोर्ड ने Anindya Biswas को नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति सरकारी नॉमिनी के तौर पर की गई है। बोर्ड ने इस नियुक्ति को मंजूरी दे दी है।

MRF

टायर बनाने वाली कंपनी MRF से जुड़े टैक्स मामले में केरल टैक्स अथॉरिटी ने डिमांड घटा दी है। FY15 से जुड़े मामले में टैक्स डिमांड 91.53 करोड़ रुपये से घटाकर 36.19 करोड़ रुपये कर दी गई है।

Allcargo Terminals

मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स कंपनी Allcargo Terminals का सितंबर में कुल वॉल्यूम 61,800 TEUs रहा। अगस्त के मुकाबले इसमें 6% की गिरावट आई। सालाना आधार पर भी कंपनी का कुल वॉल्यूम 7% घटा है।

ASK Automotive

ऑटो कंपोनेंट कंपनी ASK Automotive की राजस्थान स्थित भिवाड़ी यूनिट की GST अधिकारियों ने जांच की है। कंपनी के मुताबिक, इस जांच का उसके फाइनेंशियल या बिजनेस ऑपरेशंस पर कोई असर नहीं है।

TD Power Systems

पावर इक्विपमेंट कंपनी TD Power Systems ने QIP के जरिए फंड जुटाने की प्रक्रिया शुरू की है। कंपनी ने इश्यू के लिए 775.35 रुपये प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस तय किया है। निवेशकों को इस कीमत पर 5% तक डिस्काउंट मिल सकता है।

टाटा की कंपनी की फ्लोटिंग सोलर सेगमेंट में एंट्री, नॉर्वे की कंपनी के साथ मिलकर महाराष्ट्र में करेगी टेस्टिंग

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Best Stocks to Buy: अक्तूबर में निवेश के लिए ये हैं पांच दिग्गज स्टॉक्स, गिरते बाजार में भी करा सकते हैं कमाई

Best Stocks to Buy:  शेयर बाजार में अभी सेंटीमेंट कमजोर है। इसके बावजूद कुछ शेयरों में अच्छी संभावना दिख रही है। अभी निवेश करने पर ये शेयर अच्छी कमाई करा सकते हैं। ब्रोकरेज फर्म नुवामा वेल्थ और जेफरीज ने कुछ शेयरों को अपनी पसंद बताई है। इनमें कई सेक्टर की कंपनियां हैं।

डीएफएल में निवेश का मौका

नुवामा वेल्थ की लिस्ट का पहला स्टॉक डीएलएफ है। यह मार्केट कैपिटलाइजेशन के लिहाज से देश की सबसे बड़ी रियल एस्टेट कंपनी है। यह शेयर 1 अक्तूबर को 1.34 फीसदी गिरकर बंद हुआ। इस साल यह करीब 4 फीसदी गिरा है। डीएलएफ लग्जरी हाउसिंग प्रोजेक्ट के लिए जानी जाती है।

गिरते बाजार में भी दिखाई ताकत

नुवामा वेल्थ की लिस्ट का दूसरा स्ट़क अदाणी एनर्जी है। यह शेयर अट्रैक्टिव दिख रहा है। इस कंपनी को ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर फेज 3 का फायदा मिलेगा। यह शेयर 1 अक्तूबर को 1.17 फीसदी चढ़कर 1,330 रुपये पर बंद हुआ। इस साल जहां कई दिग्गज कंपनियों के शेयरों में गिरावट आई है, यह शेयर 27 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। इसे पावर सेक्टर पर सरकार के बढ़ते फोकस का फायदा मिलेगा।

52 हफ्ते के हाई से काफी नीचे है स्टॉक

जेफरीज ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स (HAL) के शेयरों को अपनी टॉप पिक बताया है। इस कंपनी को डिफेंस पर सरकार के बढ़ते फोकस का फायदा मिलेगा। एचएएल का शेयर 1 अक्तूबर को 1.36 फीसदी गिरकर 4,604.70 रुपये पर बंद हुआ। यह शेयर अपने 52 हफ्ते के हाई से काफी नीचे आ गया है। हालांकि, इस साल यह 4.7 फीसदी चढ़ा है।

अट्रैक्टिव लेवल पर है यह शेयर 

जेफरीज का दूसरा पंसदीदा स्टॉक आईसीआईसीआई लोंबार्ड जनरल इंश्योरेंस है। यह शेयर 1 अक्तूबर को 1.01 फीसदी गिरकर 1,574 रुपये पर बंद हुआ। यह शेयर इस साल 19 फीसदी से ज्यादा गिरा है। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि इंश्योरेंस रेगुलेटर आईआरडीईए ने इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स पर कमीशन को लेकर जो कंसल्टेशन पेपर पेश किया है, उसका फायदा आईसीआईसीआई लोंबार्ड जनरल इंश्योरेंस को मिल सकता है।

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इस ऑयल उत्पादक कंपनी में दिखेगी तेजी

ओएनजीसी जेफरीज का तीसरा पसंदीदा स्टॉक है। यह सरकारी कंपनी है जो तेल और गैस का उत्पादन करती है। क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़ने पर कंपनी को फायदा होता है। यह शेयर 1 अक्तूबर को 1.43 फीसदी गिरकर 222.58 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि, क्रूड की कीमतों में उछाल के बावजूद यह शेयर इस साल 6 फीसदी से ज्यादा गिरा है।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

Asian Games 2026: 14 घंटे इंतजार, न कमरे मिले और न ही खाना…; एशियन गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों के साथ ये कैसा व्यवहार?

Asian Games 2026: जापान के नागोया में होने वाले एशियन गेम्स 2026 से पहले भारतीय खिलाड़ियों को ठहरने की व्यवस्था को लेकर भारी अव्यवस्था का सामना करना पड़ा। ‘The New Indian Express’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कई भारतीय एथलीट वैध एक्रिडिटेशन होने के बावजूद 12 से 14 घंटे से अधिक समय तक अपने कमरों के लिए इंतजार करते रहे। इस दौरान उन्हें पर्याप्त भोजन और जरूरी सुविधाएं भी नहीं मिल सकीं। रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय खिलाड़ी जिस क्रूज शिप में ठहरने वाले थे, वहां पहुंचने के बाद उन्हें लंबे समय तक कमरों का इंतजार करना पड़ा।

स्थानीय अधिकारियों की ओर से भी उन्हें अपेक्षित मदद नहीं मिल सकी। कई खिलाड़ी घंटों तक बिना भोजन और सीमित सुविधाओं के इंतजार करते रहे। सात एथलीटों और दो कोचों वाली भारतीय वुशू टीम बुधवार दोपहर नागोया पहुंची। खबर है कि रजिस्ट्रेशन के समय अलॉट किए गए कमरों की लिस्ट में एक एथलीट और दो कोच के नाम नहीं थे।

वेन्यू पर पहुंचने के लगभग दो घंटे बाद टीम के एक सदस्य ने PTI को बताया, “छह वुशू एथलीटों को नागोया पोर्ट पर खड़े क्रूज शिप में कमरे मिले। हालांकि, एक एथलीट और दो कोच के नाम लिस्ट में नहीं थे।” इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (IOA) के एक अधिकारी ने बताया कि अब सभी एथलीटों को इटैलियन क्रूज़ शिप में कमरे मिल गए हैं। गेम्स के दौरान क्रूज़ शिप में रहने वाले भारतीय एथलीटों में वुशू और टेबल टेनिस खिलाड़ी शामिल हैं।

खिलाड़ियों को शेयर करने पड़े कमरे!

बताया जा रहा है कि जिन खिलाड़ियों को कमरे मिल भी गए, उनमें से कुछ को दूसरे एथलीटों के साथ कमरा शेयर करने के लिए कहा गया। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि आयोजन समिति ने उपलब्ध कमरों का कुछ हिस्सा दूसरे देशों की टीमों को आवंटित कर दिया। माना जा रहा है कि खिलाड़ियों की संख्या का अनुमान लगाने में गंभीर चूक के कारण यह स्थिति पैदा हुई। एमएमए एथलीट वरुण सान्याल ने भी इस स्थिति की पुष्टि की। अर्थशास्त्री संजीव सान्याल के बेटे वरुण ने गुरुवार दोपहर सोशल मीडिया पर लिखा, “मैं पुष्टि कर सकता हूं कि यह सच है। मैं अभी 7 घंटे से इंतजार कर रहा हूं और गिनती जारी है।”

दिल्ली से दो बैच में रवाना हुए थे भारतीय रोवर

भारतीय रोइंग टीम के खिलाड़ी मंगलवार को दिल्ली एयरपोर्ट से दो बैच में जापान के लिए रवाना हुए थे। दोनों बैच कुछ घंटों के अंतर से रवाना हुए। बैंकॉक में रुकने के बाद पहला दल बुधवार सुबह करीब 8 बजे जापान के स्थानीय समय के अनुसार नागोया पहुंचा। रिपोर्ट के मुताबिक, खिलाड़ी करीब एक घंटे बाद क्रूज शिप पर पहुंचे। लेकिन वहां उन्हें वादा किए गए आवास के लिए इंतजार करना पड़ा।

एक भारतीय रोवर ने ‘इंडियन एक्सप्रेस’ को बताया, “हम सुबह 9 बजे JST के आसपास यहां पहुंचे थे। अब रात के 8:30 बज चुके हैं। लेकिन हममें से केवल कुछ लोगों को ही कमरे मिले हैं। जिन्हें कमरे मिले हैं, उनसे भी दूसरे खिलाड़ियों को साथ रखने के लिए कहा गया।”

संख्या के मुताबिक कम मिले कमरे

ऐसी खबरें भी हैं कि क्रूज शिप पर भारतीय एथलीटों के लिए उपलब्ध कमरों की संख्या मूल रूप से अलॉट किए गए कमरों से कम थी। हालांकि, इसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी। होटल के कमरों की कमी के कारण फिलीपींस के कुछ अधिकारियों को Airbnb आवास में भेजा गया है। भारतीय टीम के डिप्टी शेफ डी मिशन अचंता शरथ कमल ने कहा, “भारतीय एथलीटों ने चेक-इन करना शुरू कर दिया है। अभी कोई बड़ी समस्या नहीं है।” शनिवार (19 सितंबर) से शुरू होने वाले आइची-नागोया गेम्स में भारत के कुल 501 एथलीट और 265 अधिकारी भाग लेंगे।

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भारतीय टीम के लिए रहने की व्यवस्था में कंटेनर-स्टाइल के कमरे, पोर्ट पर खड़ा क्रूज शिप और होटल शामिल हैं। लगभग 17,000 अन्य प्रतिभागियों के लिए भी रहने की ऐसी ही व्यवस्था की गई है। दक्षिण कोरियाई टीम ने कंटेनर-स्टाइल के कमरों के छोटे आकार पर आपत्ति जताई है। एशियन क्रिकेट काउंसिल के कुछ सदस्यों ने भी उपलब्ध कराए जा रहे आवास की क्वालिटी पर चिंता व्यक्त की है।

शूटरों समेत अन्य टीमों को भी परेशानी

आवास की समस्या का सामना केवल भारतीय रोवरों को ही नहीं करना पड़ा। रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय निशानेबाजों और दो अन्य टीमों के भी प्रभावित होने की बात सामने आई है। जिस जगह निशानेबाजों के ठहरने की व्यवस्था की गई थी, वह दूसरे देशों की टीमों को आवंटित कर दी गई। इसके बाद उन्हें एक अलग होटल में चेक-इन करना पड़ा।

भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) के कुछ सदस्यों को भी पास के एक होटल में शिफ्ट किया गया। एशियन गेम्स जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन से पहले सामने आई यह अव्यवस्था भारतीय दल के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। आपको बता दें कि जापान में 20वें एशियाई खेल (Asian Games 2026) 19 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होंगे।

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Aatmanirbhar Bharat: हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) कल यानी 18 सितंबर 2026 को कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में आयोजित एक कार्यक्रम में भारतीय वायुसेना (IAF) को LCA तेजस FOC ट्विन-सीटर ट्रेनर और HTT-40 बेसिक ट्रेनर एयरक्राफ्ट सौंपेगा। इसके अलावा ध्रुव नेक्स्ट जेनरेशन (NG) हेलीकॉप्टर पवन हंस लिमिटेड (PHL) को सौंपे जाएंगे। यह कार्यक्रम रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू की मौजूदगी में होगा।

HAL के अनुसार, यह हैंडओवर भारत की आत्मनिर्भरता और स्वदेशी एयरोस्पेस क्षमता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इस कार्यक्रम में HAL और उसके उद्योग साझेदारों की भूमिका को दिखाया किया जाएगा। इन्होंने देश में सैन्य और नागरिक, दोनों क्षेत्रों के लिए उन्नत एयरोस्पेस प्लेटफॉर्म के डिजाइन, विकास और निर्माण की क्षमता को मजबूत किया है।

वायुसेना और पवन हंस के लिए अहम सौंपे जाएंगे प्लेटफॉर्म

इस अवसर पर भारतीय वायुसेना को LCA तेजस के FOC ट्विन-सीटर ट्रेनर और HTT-40 बेसिक ट्रेनर एयरक्राफ्ट मिलेंगे। वहीं, ध्रुव NG हेलीकॉप्टरों की डिलीवरी पवन हंस लिमिटेड को की जाएगी। कार्यक्रम में चीफ ऑफ एयर स्टाफ एयर चीफ मार्शल एपी सिंह, रक्षा उत्पादन सचिव संजीव कुमार, नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव समीर कुमार सिन्हा, HAL के CMD रवि के. सहित रक्षा और नागरिक उड्डयन मंत्रालयों, वायुसेना, पवन हंस, नियामक एजेंसियों तथा एयरोस्पेस एवं रक्षा क्षेत्र से जुड़े अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे।

स्वदेशी रक्षा उत्पादन पर सरकार का जोर

सरकार ने एयरोस्पेस और रक्षा क्षेत्रों में स्वदेशी डिजाइन, विकास और निर्माण को बढ़ावा देने को उच्च प्राथमिकता दी है। इन प्लेटफॉर्म्स को शामिल करना स्वदेशी क्षमताओं को मजबूत करने और विदेशी स्रोतों पर निर्भरता कम करने की दिशा में एक और बड़ा कदम है।

‘भारत के विजन की आधारशिला है रक्षा क्षेत्र’

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हाल ही में कहा कि भविष्य की लड़ाई में रणनीतिक बढ़त तकनीकी नेतृत्व से तय होगी। उन्होंने कहा कि आज हम जो कल्पना करते हैं। वही कल की सैन्य क्षमता बनेगी। रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा कि 2047 तक ‘विकसित भारत’ का विजन सिर्फ आर्थिक रूप से मजबूत देश बनाने के बारे में नहीं है। बल्कि ऐसा भारत बनाने के बारे में है जो तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर, सामाजिक रूप से समावेशी, पर्यावरण की दृष्टि से टिकाऊ और रणनीतिक रूप से सुरक्षित हो।

सिंह ने रक्षा क्षेत्र को इस विज़न की नींव बताया। उन्होंने कहा, “2047 तक हमें अहम तकनीकों में आत्मनिर्भरता हासिल करनी होगी। स्वदेशी उत्पादों का इस्तेमाल काफी बढ़ाना होगा। रक्षा निर्यात कई गुना बढ़ाना होगा और ग्लोबल सप्लाई चेन में भारत की मजबूत मौजूदगी सुनिश्चित करनी होगी।” रक्षा मंत्री ने जोर दिया कि सहयोग के बिना इनमें से कुछ भी हासिल नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के सभी स्टेकहोल्डर्स के बीच मजबूत साझेदारी होनी चाहिए।

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सिंह ने कहा कि DRDO और इंडस्ट्री के बीच साझेदारी सिर्फ प्रोडक्शन तक ही सीमित नहीं होनी चाहिए। बल्कि इसे रिसर्च, डिजाइन, टेस्टिंग, सर्टिफिकेशन और पूरी मैन्युफैक्चरिंग वैल्यू चेन तक फैलाना चाहिए। रक्षा मंत्री ने कहा कि नई टेक्नोलॉजी, खासकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ड्रोन, भविष्य की लड़ाई में अहम भूमिका निभाएंगी। उन्होंने इस क्षेत्र में तेजी से तकनीकी इनोवेशन करने का आग्रह किया।

आज का एक्सप्लेनर:भारत के लिए सुखोई-57 क्यों जरूरी; वायुसेना के पास 13 स्क्वाड्रन कम, पाकिस्तान को मिलने वाला है 5वीं पीढ़ी का जेट

जुलाई 2026, भारत के रक्षा सचिव ने साफ कहा था कि सुखोई-57 खरीदने की कोई योजना नहीं है। बमुश्किल दो महीने बाद, रूसी राष्ट्रपति पुतिन के भारत दौरे पर सुखोई-57 पर डील की चर्चा जोरों पर है। रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान को दिसंबर 2026 तक पांचवीं पीढ़ी का फाइटर जेट मिल सकता है। भारत के पास फिलहाल सबसे एडवांस जेट 4.5 पीढ़ी का राफेल है। भारत घूम-फिरकर पांचवीं पीढ़ी के इसी Su-57 स्टील्थ फाइटर जेट खरीदने पर वापस क्यों आ गया, पूरी कहानी आज के एक्सप्लेनर में… सवाल-1: कभी हां-कभी न… सुखोई-57 को लेकर भारत का रुख कैसे बदलता रहा है? जवाबः भारत ने 1990 के दशक से रूस के करीब 400 सुखोई-30 और सुखोई-30MKI विमान खरीदे हैं। इनमें से करीब आधे विमान रूस के साथ मिलकर भारत की हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड, HAL के प्लांट में बने हैं… अब दोबारा पुतिन की यात्रा के दौरान चर्चा है कि भारत 75 सुखोई-57E जेट्स खरीद सकता है। सवाल-2: भारत की तलाश वापस सुखोई-57 पर क्यों टिक गई है? जवाबः 4 वजहों से भारत को सुखोई-57E जैसे एडवांस्ड फाइटर जेट्स की जरूरत है… 1. फाइटर स्क्वाड्रन की जरूरत के मुकाबले आधे रह गए 2. पाकिस्तान-चीन के पास 5वीं पीढ़ी के फाइटर जेट 3. भारत का स्वदेशी 5th जनरेशन प्रोग्राम AMCA लेट-लतीफ 4. भारत के पास दूसरा बेहतर ऑप्शन नहीं सवाल-3: इस डील से रूस को क्या फायदा होगा? जवाबः अगर भारत रूस से सुखोई-57 खरीदता है, तो रूस को कई फायदे हैं… सवाल-4: क्या इस डील से ट्रम्प नाराज हो सकते हैं, कैसे निपटेगा भारत? जवाबः अगस्त 2025 में ट्रम्प ने भारत पर 50% टैरिफ लगाया था। इसमें 25% टैरिफ के पीछे वजह थी- भारत की रूस से कच्चे तेल की खरीद। अमेरिका ये भी चाहता है कि भारत रूस के बजाय उससे तेल और हथियार खरीदे। फरवरी 2025 में पीएम मोदी की अमेरिका यात्रा के दौरान ट्रम्प ने भारत को ‘F-35 लाइटनिंग-II’ फाइटर जेट बेचने का प्रस्ताव दिया था। हालांकि भारत ने इसमें दिलचस्पी नहीं दिखाई। अमेरिका अपने CAATSA नाम के कानून के तहत रूस से हथियार खरीदने वाले देशों पर कड़े प्रतिबंध लगाता है। अब अगर रूस से सुखोई-57 की डील हुई, तो अमेरिका बैन लगाने की धमकी दे सकता है। भारत और अमेरिका के बीच MQ-9B ड्रोन और अपाचे हेलिकॉप्टर की डील और भारत के तेजस फाइटर जेट के लिए जनरल मोटर्स के इंजन की सप्लाई पर भी असर पड़ सकता है। अमेरिकी संसद में रूस से हथियार लेने वाले देशों पर टैरिफ लगाने का कानून भी पारित हुआ है। भारत पर फिलहाल 18% टैरिफ लागू है और दोनों देशों के बीच ट्रेड डील पर बातचीत जारी है। इस पर भी असर पड़ सकता है। हालांकि जब भारत ने रूस से S-400 एयर डिफेंस सिस्टम खरीदा, तो अमेरिका ने भारत पर सख्त बैन लगाने की धमकी दी थी, भारत ने इसके बावजूद ये सिस्टम खरीदा। 1990 के दशक में न्यूक्लियर टेस्ट के बाद भी अमेरिका ने भारत पर दबाव बनाया। तब भी भारत ने रूस से हथियारों की खरीद जारी रखी थी। ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन में ट्रेड रिलेशंस के एक्सपर्ट कैसर शमीम कहते हैं कि भारत अपनी सुरक्षा के मामले में किसी दूसरे देश पर निर्भर होकर फैसले नहीं लेता। भारत हमेशा से अपनी ‘सामरिक स्वायत्तता’, यानी स्ट्रैटेजिक ऑटोनोमी को अपनी विदेश नीति की सेंट्रल पॉलिसी मानता है। सवाल-5: जंग में घिरा रूस क्या समय पर सुखोई-57 की डिलीवरी कर पाएगा? जवाबः सुखोई-57 डिफेंस सिक्योरिटी एशिया की रिपोर्ट के अनुसार, रूस भारत को 36 से 60 पूरी तरह तैयार सुखोई-57 जेट की तत्काल डिलीवरी करने को तैयार है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत भी शुरुआत में कुछ ‘रेडी-टू-फ्लाई’ विमान लेना चाहता है। हालांकि रूस ये कर पाएगा, ये कहना थोड़ा मुश्किल है… —————— ये खबर भी पढ़िए… CIA डायरेक्टर से लेकर ट्रम्प के दामाद तक, मॉस्को क्यों जा रहे; क्या रूस-यूक्रेन जंग खत्म होने वाली है 25 अगस्त को अमेरिकी इंटेलिजेंस के मुखिया जॉन रैटक्लिफ ने मॉस्को की सीक्रेट विजिट की। 10 दिन बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के 2 भरोसेमंद दूत- जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ भी मॉस्को पहुंचे और रूसी राष्ट्रपति पुतिन से मिले। पूरी खबर पढ़िए…